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  • Ghaziabad Crime news: गाजियाबाद: किशोरी ने होटल जाने से मना किया तो डंडे से सिर फोड़ा, आरोपी गिरफ्तार

    Ghaziabad Crime news: गाजियाबाद: किशोरी ने होटल जाने से मना किया तो डंडे से सिर फोड़ा, आरोपी गिरफ्तार

    Ghaziabad Crime news: गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। एक 17 वर्षीय किशोरी को होटल जाने से मना करने पर एक युवक ने डंडे से सिर पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना 22 जून 2025 को हुई, जिसके बाद किशोरी दस दिन तक कोमा में रही। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी, असद, को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा कर दिया, और हिन्दू युवा वाहिनी ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    मंदिर में हुई थी मुलाकात, धीरे-धीरे बनाया दबाव- Ghaziabad Crime news

    17 वर्षीय किशोरी स्थानीय इंटर कॉलेज की छात्रा है। परिजनों को दिए बयान के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपी असद से एक मंदिर में हुई थी। शुरुआती दोस्ती धीरे-धीरे नजदीकियों में बदली और फिर असद ने एक दिन बहला-फुसलाकर किशोरी को होटल ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी के अनुसार, इसके बाद से आरोपी लगातार तीन वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी देता रहा।

    होटल जाने से मना करने पर हुआ हमला- Ghaziabad Crime news

    22 जून को असद ने किशोरी को फिर मिलने के लिए बुलाया और होटल चलने का दबाव बनाया। जब किशोरी ने इनकार किया, तो उसने डंडे से उसके सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से किशोरी मौके पर ही बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसे खुद ही अस्पताल में भर्ती कराया और वहां से चुपचाप फरार हो गया।

    10 दिन तक कोमा में रही किशोरी, अब किया खुलासा

    घटना के बाद किशोरी को हालत गंभीर होने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। करीब 10 दिन तक पीड़िता कोमा में रही। होश में आने के बाद जब उसने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, तो परिजनों ने थाने में तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को 3 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया है।

    दो समुदायों से जुड़ा मामला, तनाव का माहौल

    घटना के बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बन गया। हिन्दू युवा वाहिनी के नेता नीरज शर्मा ने थाने पर पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    अब उठ रहे ये सवाल

    तीन साल तक शोषण होने के बाद भी मामला उजागर क्यों नहीं हो पाया?

    • आरोपी को अस्पताल में भर्ती कर भागने के बाद भी पहचानने में कितनी देरी हुई?
    • क्या स्थानीय प्रशासन और स्कूलों को ऐसे मामलों की निगरानी नहीं करनी चाहिए?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है और कोर्ट से फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग की जाएगी।

    NNS IMPACT: औरैया में वर्दी की गुंडागर्दी! दुकानदार को थप्पड़ मारने वाले दरोगा पर गिरी गाज

  • Raj Thackeray Uddhav Rally: ‘जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिखाया’ दो दशक बाद एक मंच पर ठाकरे बंधु

    Raj Thackeray Uddhav Rally: ‘जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिखाया’ दो दशक बाद एक मंच पर ठाकरे बंधु

    Raj Thackeray Uddhav Rally: महाराष्ट्र की राजनीति ने शनिवार को एक ऐतिहासिक मोड़ लिया, जब दो दशक बाद ठाकरे परिवार के दो चचेरे भाई—राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे—एक साथ एक ही मंच पर नजर आए‘आवाज मराठीचा’ नामक यह महारैली मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मराठी अस्मिता, भाषा और संस्कृति की एकता को सशक्त बनाना था।

    ‘मराठी एकता की जीत’ बनी सरकार की यू-टर्न नीति

    इस रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि,

    “सरकार द्वारा थोपे जा रहे त्रिभाषा फॉर्मूले को वापस लेना मराठी अस्मिता की जीत है, और इसका श्रेय मराठी एकता को जाता है।”

    उन्होंने मंच से मराठी स्वाभिमान की हुंकार भरते हुए कहा कि भाषा कोई बाधा नहीं, बल्कि पहचान है, और उसे किसी सरकारी एजेंडे के तहत दबाया नहीं जा सकता।

    “महाराष्ट्र राजनीति से बड़ा है” – राज ठाकरे

    राज ठाकरे ने अपने भाषण में इस रैली को भावनात्मक और वैचारिक एकता का प्रतीक बताया।
    उन्होंने कहा,

    “मैंने पहले ही कहा था कि मेरा महाराष्ट्र किसी भी राजनीतिक लड़ाई से बड़ा है। और आज, 20 साल बाद मैं और उद्धव साथ खड़े हैं।”

    राज ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा,

    “जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया – हम दोनों भाइयों को एक साथ लाकर।”

    इस बात पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा और मराठी मानुष में उम्मीद की एक नई लहर दिखाई दी।

    “मुंबई पर हाथ डाला तो देखो मराठी मानुष का बल”

    राज ठाकरे ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि

    “मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होगी। अगर किसी ने ऐसा करने की कोशिश की, तो मराठी समाज उसका जवाब देगा।”

    उन्होंने मराठी भाषा को दबाने की कोशिशों पर सवाल उठाए और कहा कि हिंदी थोपने की नीति नहीं चलेगी

    “ये एजेंडा है, प्रेम नहीं” – हिंदी पर टिप्पणी

    राज ठाकरे ने कहा कि

    “अचानक हिंदी को क्यों इतना बढ़ावा दिया जा रहा है? ये भाषा प्रेम नहीं, बल्कि एक एजेंडा है। हम पर हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है।”

    उन्होंने दोगली राजनीति पर भी हमला बोला,

    “जब हमारे बच्चे इंग्लिश मीडियम में पढ़ते हैं, तो मराठी संस्कृति पर सवाल उठाए जाते हैं। लेकिन जिन बीजेपी नेताओं ने मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई की, उनके हिंदुत्व पर कोई सवाल नहीं उठा। ये दोहरा रवैया अब नहीं चलेगा।”

    क्या बदलेगी ठाकरे भाइयों की ये एकता?

    विश्लेषकों के अनुसार, यह मंच केवल सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक नहीं बल्कि मुंबई की आगामी बीएमसी चुनावों में भी एक बड़ा संकेत है। सवाल यह है कि क्या यह एकता सिर्फ एक रैली तक सीमित रहेगी या आने वाले समय में यह एक नया राजनीतिक मोर्चा बन सकती है?

    SOURCE- NDTV INDIA

  • UP HEAVY RAIN ALERT: UP में मानसून की मेहरबान, 48 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    UP HEAVY RAIN ALERT: UP में मानसून की मेहरबान, 48 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    UP HEAVY RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और इस बार बरसात औसत से 14 फीसदी अधिक दर्ज की गई है। पूरे राज्य में मौसम का मिजाज नम और बदलता हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक भारी से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा, 48 जिलों में बिजली चमकने और गिरने का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 12 जिलों के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

    महोबा और हमीरपुर में आकाशीय बिजली का कहर- UP HEAVY RAIN ALERT

    बारिश जहां राहत का संकेत बनकर आई है, वहीं आकाशीय बिजली कई जिलों में जानलेवा बनती जा रही है।

    • महोबा जिले के कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार बच्चे झुलस गए, जिसमें एक मासूम की मौत हो गई जबकि तीन का इलाज चल रहा है।
    • हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के भौरा गांव में खेत में भैंस चरा रहे एक किसान की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हो गई।

    किन-किन जिलों में बिजली गिरने की आशंका है?- UP HEAVY RAIN ALERT

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जिन 48 जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं:
    बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, संत रविदास नगर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर।

    भारी वर्षा की चेतावनी इन 12 जिलों में- UP HEAVY RAIN ALERT

    भारी वर्षा की चेतावनी जिन जिलों में दी गई है, वे हैं:
    बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी।
    यहां लोगों को सलाह दी गई है कि खुले में न जाएं, बिजली से सावधान रहें और पानी से भरी जगहों से बचकर निकलें।

    राजधानी लखनऊ का मौसम

    लखनऊ में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही बनी रही, साथ ही दिनभर रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शहरवासियों ने गर्मी से राहत की सांस ली।

    मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार,

    “अगले 5 दिनों तक उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अच्छी बारिश जारी रहेगी। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष वृद्धि नहीं होगी। दक्षिण-पश्चिमी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी।”

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि

    • मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें
    • बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहें
    • बच्चों को बिना वजह घर से बाहर न निकलने दें
    • जलभराव वाली जगहों से बचें और सावधानी बरतें

    SOURCE- ETV BHARAT

  • CM YOGI GUIDES PCS TRAINEE: संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता से बनिए प्रभावी अफसर: सीएम योगी का 45 PCS प्रशिक्षुओं को मूल मंत्र

    CM YOGI GUIDES PCS TRAINEE: संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता से बनिए प्रभावी अफसर: सीएम योगी का 45 PCS प्रशिक्षुओं को मूल मंत्र

    CM YOGI GUIDES PCS TRAINEE: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों को एक प्रेरक संदेश देते हुए उन्हें एक सफल, संवेदनशील और प्रभावी अधिकारी बनने का मंत्र दिया। उन्होंने ‘संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता’ को प्रशासनिक जीवन की आधारशिला बताते हुए प्रशिक्षुओं से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। CM YOGI GUIDES PCS TRAINEE

    प्रशिक्षु अधिकारियों से सीधा संवाद- CM YOGI GUIDES PCS TRAINEE

    मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पीसीएस 2022 बैच के 07 और 2023 बैच के 38 प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश जैसा विशाल और विविधताओं से भरा राज्य चुनौतियों से भरा है और यहां काम करना आपके व्यक्तित्व और प्रशासनिक दक्षता की असली परीक्षा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा,

    “इस राज्य की सेवा करना गौरव की बात है। प्रशिक्षण के बाद के 5-6 वर्षों की कार्यशैली भविष्य के 30-35 वर्षों की दिशा तय कर देती है। ये शुरुआती वर्ष आपका मूल बनाते हैं।”

    जनता से जुड़ाव ही असली प्रशासन

    सीएम योगी ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे जनता से सीधे संवाद बनाए रखें और जनहित को सर्वोपरि मानते हुए नीतिगत फैसले लें। उन्होंने कहा कि “जनता के विश्वास को जीतना ही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।”

    सीएम ने प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करने के लिए जन-संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद, पैमाइश और मेड़बंदी जैसे राजस्व संबंधी मामलों में तेजी लाने पर ज़ोर दिया।

    “इन मामलों में देरी लोगों में निराशा लाती है। न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के बराबर होती है। इसीलिए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।”

    संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता: सीएम का प्रशासनिक मंत्र

    योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह मंत्र दिया कि अगर आप अच्छे संवाद, संवेदनशील व्यवहार और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करेंगे तो न केवल आपकी कार्यशैली प्रभावी होगी बल्कि जनता से आपका जुड़ाव भी मजबूत होगा।

    उन्होंने कहा कि एक अधिकारी को गरीब, वंचित और पीड़ित वर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखनी चाहिए। “सिर्फ आंकड़े नहीं, आमजन का जीवन स्तर उठाना ही आपकी उपलब्धि होनी चाहिए।”

    जनहित सर्वोपरि, ईमानदारी अनिवार्य

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्णय प्रक्रिया में ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है।

    “आपका एक फैसला किसी गरीब के जीवन को बदल सकता है। यह आपकी शक्ति है, लेकिन इसका प्रयोग सोच-समझकर करना होगा।”
    https://nationnowsamachar.com/politics/bihar-assembly-election-2025-aimim-offer/

    राज्य के भविष्य के निर्माता

    मुख्यमंत्री योगी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा,

    “आपका समर्पण और नवाचार उत्तर प्रदेश को नई दिशा देगा। आपकी मेहनत और सेवा से राज्य की नीति और जनता की नियति दोनों तय होंगी। काम की पारदर्शिता और निष्ठा ही आपको आगे लेकर जाएगी।”

    इस अवसर पर उप्र प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) के निदेशक व्यंकटेश्वर लू, अपर निदेशक सुनील कुमार चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • Karnataka land acquisition protest: भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 1,188 दिन से आंदोलन जारी, किसानों की हुंकार – ज़मीन नहीं देंगे, वादा निभाओ सिद्धारमैया

    Karnataka land acquisition protest: भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 1,188 दिन से आंदोलन जारी, किसानों की हुंकार – ज़मीन नहीं देंगे, वादा निभाओ सिद्धारमैया

    Karnataka land acquisition protest: कर्नाटक के चन्नारायपटना होबली क्षेत्र के तेरह गांवों में चल रहा भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 1188 दिनों से अपने खेत-खलिहानों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे किसानों का यह संघर्ष राज्यभर के किसान, मजदूर, दलित, महिला, छात्र संगठनों और ‘संयुक्ता होराटा कर्नाटक’ के समर्थन से अब एक जनआंदोलन में बदल चुका है।

    25 जून को ‘देवनहल्ली चलो’ और पुलिसिया दमन- Karnataka land acquisition protest

    भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने 25 जून को ‘देवनहल्ली चलो’ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस की बर्बर कार्रवाई ने आंदोलन को और तेज कर दिया। किसानों पर हुए इस अत्याचार ने राज्यभर में रोष और एकजुटता को जन्म दिया।

    फ्रीडम पार्क बना संघर्ष का नया केंद्र- Karnataka land acquisition protest

    27 जून से बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो चुका है। यहां से आंदोलनकारियों ने सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाने का ऐलान किया। किसानों की प्रमुख मांग है – कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) द्वारा चन्नारायपटना और देवनहल्ली के 13 गांवों से किए जा रहे 3,077 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण को रद्द किया जाए। Karnataka land acquisition protest

    4 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ बैठक, 10 दिन की मोहलत

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 4 जुलाई को आंदोलनकारियों की प्रतिनिधि समिति के साथ बैठक की। समिति में ‘संयुक्ता होराटा कर्नाटक’, संघर्ष समिति और अन्य समान विचारधारा वाले संगठनों के सदस्य मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतिम अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है, इसलिए कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए उन्हें 10 दिन का समय चाहिए।

    हालांकि किसानों का कहना है कि यह देरी अब असहनीय होती जा रही है और सरकार को वादा निभाना ही होगा। Karnataka land acquisition protest

    ‘सिद्धारमैया सरकार किसानों की वजह से बनी है’ – डॉ. सुनीलम

    संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा,

    “सिद्धारमैया सरकार को किसानों ने बनाया था, इसलिए अब उन्हें अपना वादा निभाना चाहिए। ज़मीन वापस देना उनका कर्तव्य है।”

    टिकैत, युद्धवीर सिंह और प्रकाश राज का समर्थन

    भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और महासचिव युद्धवीर सिंह ने भी इस संघर्ष में किसानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ ज़मीन का नहीं, आत्मसम्मान और हक़ का है
    अभिनेता प्रकाश राज भी किसानों के साथ खड़े हुए और पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की।

    प्रदर्शनकारी किसानों की मांगें

    • 13 गांवों से प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को तुरंत रद्द किया जाए
    • KIADB के अधिसूचना आदेश को रद्द किया जाए।
    • पुलिस दमन की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।
    • कृषि भूमि पर औद्योगिक ज़ोन लागू न किया जाए।
    • मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया वादा सार्वजनिक रूप से दोहराया जाए।

    यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, एक चेतावनी है

    इस आंदोलन में छात्रों, महिलाओं और मजदूर संगठनों की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं है, बल्कि जनहित की रक्षा का युद्ध है।
    प्रदर्शनकारी बार-बार दोहरा रहे हैं –

    "धरती हमारी मां है, उसे हम किसी की फैक्ट्री का आंगन नहीं बनने देंगे।"

    SOURCE- THE HINDU

  • FARRUKHABAD MINING BAN: नदियों में खनन पर तीन महीने की रोक, ADM बोले- अवैध खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

    FARRUKHABAD MINING BAN: नदियों में खनन पर तीन महीने की रोक, ADM बोले- अवैध खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

    FARRUKHABAD MINING BAN: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में प्रशासन ने गंगा और अन्य नदियों में हो रहे खनन कार्यों पर पूर्ण रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। ADM अरुण कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इस अवधि में किसी भी प्रकार का खनन अवैध माना जाएगा और ऐसा करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    खनन पर पूर्ण रोक की घोषणा– FARRUKHABAD MINING BAN

    ADM ने बताया कि वर्तमान में जिले में तीन खनन पट्टे और दो भंडारण पट्टे सक्रिय हैं। लेकिन अब सभी प्रकार की खनन गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इसके साथ ही खनन टास्क फोर्स टीम का गठन कर दिया गया है, जो जिलेभर में अवैध खनन की निगरानी करेगी। FARRUKHABAD MINING BAN

    टास्क फोर्स की जिम्मेदारी और संरचना

    खनन रोकने के उद्देश्य से गठित टास्क फोर्स में शामिल किए गए हैं:-

    • खनन अधिकारी
    • एआरटीओ (प्रवर्तन)
    • सभी एसडीएम और सीओ
    • पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी

    इन सभी को उनके-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी सौंपी गई है। ADM ने कहा कि “यदि कहीं से भी खनन की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”

    ADM ने दी सख्त चेतावनी– FARRUKHABAD MINING BAN

    ADM अरुण कुमार सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि खनन पट्टेदार या भंडार पट्टेदार यदि किसी भी रूप में खनन करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ प्रशासनिक, आर्थिक और कानूनी कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश पर्यावरण संरक्षण और नदी संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है।

    पर्यावरणीय दृष्टिकोण से निर्णय जरूरी– FARRUKHABAD MINING BAN

    गंगा और अन्य नदियों में लगातार हो रहे खनन कार्यों से न केवल नदी की गहराई और प्रवाह पर असर पड़ रहा था, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रभावित हो रहा था। यही वजह है कि शासन स्तर पर जुलाई से सितंबर तक खनन पर रोक का निर्णय लिया गया है।

    भविष्य में लगातार निगरानी

    ADM ने बताया कि भविष्य में भी अवैध खनन को रोकने के लिए ड्रोन सर्विलांस, चेकिंग अभियान, और स्थानीय पुलिस की मदद से गश्त बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं खनन होता दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

    https://nationnowsamachar.com/top-news/sonbhadra-sawan-kanwar-meeting-dm-sp-action-plan/
  • NNS IMPACT: औरैया में वर्दी की गुंडागर्दी! दुकानदार को थप्पड़ मारने वाले दरोगा पर गिरी गाज

    NNS IMPACT: औरैया में वर्दी की गुंडागर्दी! दुकानदार को थप्पड़ मारने वाले दरोगा पर गिरी गाज

    NNS IMPACT: उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से सामने आए एक पुलिसिया विवाद ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। मामला अयाना थाना क्षेत्र के वबाइन चौकी से जुड़ा है, जहां चौकी इंचार्ज दरोगा अवनीश कुमार द्वारा एक दुकानदार को थप्पड़ मारने की घटना CCTV में कैद हो गई। वीडियो वायरल होने के बाद NATION NOW समाचार ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया, जिसका असर तत्काल दिखाई दिया।

    क्या है पूरा मामला?- NNS IMPACT

    सेंगनपुर निवासी हसमुल खां नामक युवक अपनी इलेक्ट्रॉनिक दुकान के बाहर अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था। इसी दौरान वबाइन चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार अपने पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और युवक को बिना किसी कारण थप्पड़ मार दिया। घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ भी नहीं पाए। NNS IMPACT

    यह पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों में आक्रोश फैल गया। पीड़ित हसमुल खां ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। NNS IMPACT

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/etah/etah-girl-murder-before-marriage-in-suspicious-condition/

    NATION NOW की खबर का असर– NNS IMPACT

    NATION NOW समाचार द्वारा इस मामले को प्राथमिकता के साथ दिखाए जाने के कुछ ही घंटों में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने दरोगा अवनीश कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि वर्दी में रहते हुए ऐसा आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्थानीय लोगों का रुख– NNS IMPACT

    घटना के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां जनता का विश्वास कायम रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। लोगों का कहना है कि अगर मीडिया इस खबर को न उठाता, तो शायद मामला दबा दिया जाता।

    क्या कहते हैं कानून के जानकार?

    कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी को और बढ़ाती हैं। वर्दी पहनने का मतलब कानून का रक्षक होना है, न कि उसका दुरुपयोग करना। दरोगा द्वारा इस प्रकार की हरकत न केवल विभाग की छवि को धूमिल करती है बल्कि समाज में भय का वातावरण भी उत्पन्न करती है।

    अब आगे क्या?

    हालांकि दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन मामले की जांच जारी है। पुलिस विभाग इस बात की तह तक जाएगा कि दरोगा द्वारा ऐसा आचरण क्यों किया गया। क्या यह अकेली घटना थी या इसके पीछे कोई लंबी पृष्ठभूमि है।

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  • Etah girl murder: डोली उठने से पहले उठी युवती की अर्थी, एटा में युवती का लहूलुहान शव मिलने से सनसनी

    Etah girl murder: डोली उठने से पहले उठी युवती की अर्थी, एटा में युवती का लहूलुहान शव मिलने से सनसनी

    Etah girl murder: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सकरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत बारा समसपुर गांव में 20 वर्षीय युवती का खून से लथपथ शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके कमरे में बेड पर पाया गया। मृतका की हाल ही में सगाई हुई थी और कुछ ही दिनों में उसकी बारात आने वाली थी। ऐसे में उसकी मौत ने परिवार के साथ पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

    कमरे में अकेली थी युवती- Etah girl murde

    स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती अपने कमरे में अकेली थी और अचानक घर में चीख-पुकार सुनाई दी। जब परिवार के सदस्य कमरे में पहुंचे, तो युवती का शव खून से सना हुआ बेड पर पड़ा था। यह नजारा देख सभी सन्न रह गए। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी जलेसर, थाना सकरौली पुलिस और अन्य दो थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने भी पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर बारीकी से जांच की।

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    पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला निर्मम हत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों और गांव वालों से पूछताछ जारी है और हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। युवती की हाल ही में हुई सगाई और शादी की तैयारियों के बीच इस घटना ने पूरे माहौल को गमगीन बना दिया है।

    गांव में मातम का माहौल है और परिजन पूरी तरह से टूट चुके हैं। शादी की तैयारियों में जुटा परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

    यह मामला न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि पुलिस प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता की भी परीक्षा है।

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  • UP CABINET MEETING: यूपी कैबिनेट की बड़ी घोषणाएं; रोजगार, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल बजट को मिली हरी झंडी

    UP CABINET MEETING: यूपी कैबिनेट की बड़ी घोषणाएं; रोजगार, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल बजट को मिली हरी झंडी

    UP CABINET MEETING: उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में 30 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिनमें सबसे प्रमुख रोजगार प्रोत्साहन नीति और यूपी रोजगार मिशन की मंजूरी रही। यह पहली बार है जब राज्य सरकार विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने की पहल करने जा रही है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे, महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास, डिजिटल फाइनेंस और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। UP CABINET MEETING

    🔹 अब विदेशों में भी मिलेगा रोजगार, बनेगा नया रोजगार मिशन- UP CABINET MEETING

    यूपी की योगी सरकार ने अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्रम और सेवायोजन विभाग के प्रस्तावों के अंतर्गत ‘यूपी रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है, जिसके तहत हर साल 30-35 हजार बेरोजगारों को विदेशों में और करीब 1 लाख युवाओं को भारत में रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

    यह पहली बार है जब राज्य सरकार विदेश में नौकरी दिलाने की ज़िम्मेदारी निभाएगी। अब तक यह सुविधा केवल निजी एजेंसियों के माध्यम से ही संभव थी। UP CABINET MEETING

    🔹 रोजगार प्रोत्साहन नीति: अलग-अलग उद्योगों को मिलेगी सब्सिडी- UP CABINET MEETING

    कैबिनेट बैठक में रोजगार बढ़ाने की दृष्टि से नई नीति लागू की गई है। इसके तहत अलग-अलग उद्योगों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुछ बड़ी कंपनियों को विशेष रियायतें दी जाएंगी ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। UP CABINET MEETING

    🔹 आगरा-लखनऊ को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा लिंक रोड

    सरकार ने 4776 करोड़ रुपए की लागत से 50 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी दी है, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यातायात और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार और उद्योग को भी फायदा मिलेगा। UP CABINET MEETING

    🔹 बुंदेलखंड को मिलेगा औद्योगिक बूस्ट

    बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को मंजूरी दी है। इसके तहत एक रेग्युलेशन पॉलिसी बनाई गई है, जिससे वहां के संसाधनों का औद्योगिक रूप से बेहतर उपयोग हो सकेगा। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिलेंगे।

    🔹 महिला श्रमिकों को मिला अधिकार, 29 फैक्ट्रियों से हटा प्रतिबंध

    अब महिलाएं उन 29 प्रकार की फैक्ट्रियों में भी काम कर सकेंगी, जहां पहले उनके काम करने पर रोक थी। राज्य सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में केवल 5% महिलाएं ही कारखानों में काम कर रही हैं। यह संख्या अब बढ़ने की उम्मीद है।

    🔹 NSG को दी जाएगी अयोध्या में भूमि- UP CABINET MEETING

    कैबिनेट ने अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को 99 वर्षों की लीज पर भूमि देने की मंजूरी दी है। यह जमीन अयोध्या कैंट के पास नजूल भूमि के अंतर्गत आती है और इसका कुल क्षेत्रफल 8 एकड़ है।

    🔹 JPNIC की जिम्मेदारी अब LDA के पास- UP CABINET MEETING

    जेपी सेंटर (JPNIC) की जिम्मेदारी अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपी गई है। इसके संचालन और मरम्मत के लिए अगले 30 वर्षों में 821 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले इसकी जिम्मेदारी एक सोसायटी के पास थी, जिसे अब भंग कर दिया गया है।

    🔹 यूपी बजट व्यवस्था अब डिजिटल- UP CABINET MEETING

    उत्तर प्रदेश में अब पूरा बजट प्रबंधन सिस्टम ऑनलाइन किया जाएगा। इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के माध्यम से सरकार की वित्तीय पारदर्शिता और कार्यप्रणाली और मजबूत होगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए वन टाइम टैक्स (2.5%) की नई व्यवस्था लागू की गई है।

    🔹 शिक्षा और विश्वविद्यालय में बदलाव

    • भाषा संस्थान के कार्मिकों की सेवानिवृत्ति आयु अब 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है।
    • मोदीनगर में एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
    • राजकीय विद्यालयों में अब सहायक प्रवक्ताओं की नियुक्ति लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के माध्यम से होगी, पहले केवल इंटरव्यू होता था।
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  • Pilibhit School Merger: पीलीभीत में विद्यालय समायोजन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, बच्चों को स्कूल भेजने से किया इनकार

    Pilibhit School Merger: पीलीभीत में विद्यालय समायोजन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, बच्चों को स्कूल भेजने से किया इनकार

    Pilibhit School Merger: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विद्यालय समायोजन अभियान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। जनपद के बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पस्तोर कुइया के मजरा फिरसाह में ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय के समायोजन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया Pilibhit School Merger

    समायोजन का विरोध क्यों?- Pilibhit School Merger

    ग्रामीणों का आरोप है कि फिरसाह गांव के विद्यालय में फिलहाल 40 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग ने स्कूल को पास के पस्तोर गांव में समायोजित करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां समायोजन किया जा रहा है, उस स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हालत में है और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। Pilibhit School Merger

    बच्चों को स्कूल न भेजने की चेतावनी- Pilibhit School Merger

    गांव वालों ने साफ कहा है कि वे अपने बच्चों को अन्य गांव के स्कूल में नहीं भेजेंगे। उन्होंने अपने बच्चों को फिलहाल घर पर ही बैठाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि अच्छी इमारत और सुविधा होने के बावजूद उनके स्कूल को बंद कर देना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।

    सरकार पर लगाए गंभीर आरोप- Pilibhit School Merger

    प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सरकार पर शिक्षा विरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा गरीबों के बच्चों को पढ़ाई से दूर रखने की है। एक ग्रामीण का कहना था, “हमारे स्कूल की इमारत पक्की और सुरक्षित है, फिर भी बच्चों को जर्जर स्कूल में क्यों भेजा जा रहा है?”

    अधिकारी कैमरे पर खामोश- Pilibhit School Merger

    मामले में बिलसंडा के खंड शिक्षा अधिकारी शिव शंकर मौर्य ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं शिक्षा विभाग का आदेश है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का निकटतम स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। बिलसंडा ब्लॉक में कुल 220 विद्यालय हैं, जिनमें से कई की छात्र संख्या कम है।

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