Balrampur Illegal soil mining: बलरामपुर के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग़ालिबपुर गांव के पास अवैध मिट्टी खनन का बड़ा खुलासा हुआ है। खनन माफिया द्वारा यहां से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर खरदौरी क्षेत्र में डंप की जा रही थी। इस अवैध गतिविधि की भनक लगते ही खनन अधिकारी ने तत्काल मौके पर छापेमारी की और JCB मशीन व डंपर के साथ खनन माफिया को पकड़ा।
🔴 ब्रेकिंग | बलरामपुर में अवैध मिट्टी खनन माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई 🔸 खनन अधिकारी ने ग़ालिबपुर के पास दबिश देकर पकड़ा अवैध मिट्टी खनन 🔸 अवैध मिट्टी जेसीबी और डंपर से श्रीदत्तगंज के खरदौरी में गिराई जा रही थी 🔸 खनन माफिया द्वारा दिनदहाड़े किया जा रहा था मिट्टी खनन का काला… pic.twitter.com/qKOPAvr5CB
जानकारी के अनुसार माफिया दिनदहाड़े प्रशासन को नजरअंदाज कर मिट्टी खनन का काला कारोबार चला रहे थे। छानबीन में सामने आया कि यह कार्य लंबे समय से गुपचुप तरीके से किया जा रहा था।
खनन निरीक्षक बलरामपुर, जिनसे जवाब की अपेक्षा थी, वे मीडिया को बाइट देने से बचते नजर आए, जिससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन से आसपास की जमीनें खराब हो रही हैं और ग्रामीण मार्गों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मचा है।
Fatehpur Murder Case: फतेहपुर में सीसीटीवी कैमरे के विवाद ने एक बुज़ुर्ग कारखाना संचालक की जान ले ली। थाना जहानाबाद क्षेत्र के बिरनई गांव में अंशु अवस्थी नामक युवक ने देर रात सो रहे 62 वर्षीय कालीशंकर उत्तम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए कालीशंकर को अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
🔴 ब्रेकिंग | फतेहपुर में हत्या 🔹 सीसीटीवी कैमरे को लेकर दबंग ने की बुज़ुर्ग की हत्या 🔹 लाठी-डंडों से हमला कर कारखाना संचालक को किया घायल 🔹 रास्ते में अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत 🔹 आरोपी अंशु अवस्थी और एक अन्य के खिलाफ FIR दर्ज 🔹 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा 🔹… pic.twitter.com/5reNtp3PUe
परिजनों के अनुसार कालीशंकर ने हाल ही में अपनी सुरक्षा के लिए कारखाने में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इसी बात को लेकर गांव का दबंग अंशु अवस्थी नाराज़ था। पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था और पुलिस ने समझौता करवा दिया था। लेकिन देर रात करीब 12:25 बजे अंशु अवस्थी फिर पहुंचा और सोते हुए कालीशंकर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर बेटे शिवशंकर और परिजन मौके पर पहुंचे तो कालीशंकर लहूलुहान पड़े थे। उन्हें तत्काल अमौली अस्पताल ले जाया गया जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
शिवशंकर ने आरोपी अंशु अवस्थी और एक अज्ञात युवक के खिलाफ थाना जहानाबाद में एफआईआर दर्ज कराई है। थाना अध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
यह घटना न केवल ग्रामीण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे सुरक्षा के उपाय भी कुछ लोगों को नागवार गुजरते हैं।
PF withdrawal via ATM: जल्द ही कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों को PF का पैसा निकालने के लिए EPFO कार्यालयों या जटिल ऑनलाइन प्रोसेस की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने जानकारी दी है कि EPFO अब PF अकाउंट्स को सीधे बैंक खातों से लिंक कर रहा है, जिससे कर्मचारी सीधे ATM या UPI जैसे माध्यमों से अपने PF अकाउंट से एक निश्चित राशि निकाल सकेंगे। यह सुविधा जुलाई 2025 से शुरू होने की संभावना है। PF withdrawal via ATM
PF निकासी होगी आसान और तेज़- PF withdrawal via ATM
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नई सुविधा के तहत कर्मचारियों को एक लिमिट तक की राशि निकालने की अनुमति होगी। इससे उन्हें इमरजेंसी के समय मदद मिलेगी और साथ ही PF अकाउंट में रिटायरमेंट के लिए आवश्यक राशि भी सुरक्षित रहेगी। अब तक PF निकासी के लिए लंबी प्रक्रिया और मैनुअल जांच की जरूरत होती थी, लेकिन यह नई तकनीक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना देगी। PF withdrawal via ATM
PF अकाउंट से 72 घंटे में निकाल सकेंगे ₹5 लाख- PF withdrawal via ATM
PF खाताधारक अब इमरजेंसी की स्थिति में 72 घंटे के भीतर ₹5 लाख तक निकाल सकेंगे। पहले यह सीमा केवल ₹1 लाख थी। यह घोषणा भी मंत्री मंडाविया द्वारा 24 जून को की गई थी। यह सुविधा मेडिकल, शिक्षा, शादी, मकान खरीदने या बनाने जैसे मामलों में विशेष रूप से लाभकारी होगी। PF withdrawal via ATM
ऑटो सेटलमेंट से प्रक्रिया और भी आसान- PF withdrawal via ATM
EPFO ने ऑटो सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है जिसमें कर्मचारी के क्लेम को सॉफ्टवेयर स्वतः प्रोसेस करता है। इसमें अफसरों के हस्तक्षेप की जरूरत लगभग नहीं होती। अगर UAN, आधार, पैन और बैंक डिटेल्स KYC के साथ पूरी तरह से लिंक हैं, तो क्लेम 3-4 दिनों में अपने आप निपट जाएगा। यह सेवा शिक्षा, विवाह, मकान खरीद, और मेडिकल इमरजेंसी जैसे मामलों में लागू की गई है। PF withdrawal via ATM
मैनुअल प्रोसेस में लगता है समय
वर्तमान में, मैनुअल प्रोसेस के तहत PF निकासी में 15 से 30 दिन लग सकते हैं। इस प्रक्रिया में EPFO कर्मचारी दस्तावेजों की जांच करते हैं और यदि कोई त्रुटि होती है तो निकासी में देरी हो सकती है। बड़ी या जटिल क्लेम, जैसे फाइनल सेटलमेंट, अक्सर मैनुअल जांच की मांग करते हैं। PF withdrawal via ATM
क्या करें कर्मचारी?
EPFO की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को अपने UAN को आधार, पैन और बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही KYC को पूरी तरह से अपडेट रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में EPFO इस नई सेवा के लिए दिशानिर्देश और तकनीकी विवरण जारी करेगा।
ATM और UPI के माध्यम से PF निकालना अब सिर्फ एक सपना नहीं रह जाएगा। EPFO की इस पहल से करोड़ों कर्मचारियों को राहत मिलेगी और निकासी प्रक्रिया पारदर्शी व त्वरित बनेगी।
BJP Janjagran Amethi: अमेठी में भारतीय जनता पार्टी द्वारा इमरजेंसी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनजागरण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर सिंह ने अमेठी स्थित भाजपा कार्यालय में जन जागरण गोष्ठी को संबोधित किया और प्रेस से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1975 में कांग्रेस द्वारा लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। BJP Janjagran Amethi
बृज बहादुर सिंह ने कहा कि “आपातकाल के दौरान लोगों की स्वतंत्रता छीन ली गई थी, लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी। निर्दोषों को जेल में डाला गया, प्रदर्शन करने वालों पर गोलियां चलाई गईं, और आम जनमानस को भय और उत्पीड़न के माहौल में जीने पर मजबूर कर दिया गया। यह कांग्रेस की तानाशाही प्रवृत्ति का प्रमाण था।” BJP Janjagran Amethi
उन्होंने आगे कहा कि आज जब इमरजेंसी के 50 साल पूरे हो रहे हैं, भाजपा पूरे देश में जनजागरण अभियान के माध्यम से यह संदेश दे रही है कि कांग्रेस की नीतियां देश विरोधी और लोकतंत्र विरोधी रही हैं। लोगों को उस समय की सच्चाई बताई जा रही है कि किस प्रकार से कांग्रेस ने केवल अपने परिवार और सत्ता को बचाने के लिए देश की जनता को कुचला। BJP Janjagran Amethi
प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद से कोसों दूर है। “यह पार्टी केवल अपने परिवार की भलाई के लिए काम करती है। जब इनके परिवार का कोई सदस्य प्रधानमंत्री नहीं बन पाया तो उन्होंने पर्दे के पीछे से सुपर पीएम बना दिया। असल में सत्ता का संचालन वही कर रहे थे, लेकिन जनता के सामने लोकतंत्र का दिखावा किया गया।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस को लोकतंत्र के नाम पर सिर्फ दिखावा करना आता है। असली लोकतंत्र की रक्षा भाजपा ने की है, जहां आज मीडिया स्वतंत्र है, लोग खुलकर अपने विचार रख सकते हैं, और कोई भी सत्ता का गुलाम नहीं है।
लोकतंत्र के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता- BJP Janjagran Amethi
बृज बहादुर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और राष्ट्रहित में काम करना है। “1975 की इमरजेंसी हमें यह याद दिलाती है कि सत्ता की लालसा में कोई भी पार्टी कैसे देश के संवैधानिक ढांचे को तहस-नहस कर सकती है। भाजपा देश को सचेत कर रही है कि ऐसी गलती दोबारा न हो।”
उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह इस जनजागरण अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि आज की पीढ़ी भी समझ सके कि लोकतंत्र को बचाने की कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी।
Shubhanshu Shukla Astronaut: 25 जून 2025 की तारीख भारतीय अंतरिक्ष इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई, जब लखनऊ के युवा और भारतीय वायुसेना के जांबाज फाइटर पायलट शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरी। यह मिशन स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से दोपहर 12:01 बजे भारतीय समयानुसार लॉन्च किया गया। यह ऐतिहासिक मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर बढ़ते भारत के एक और कदम का प्रतीक है।
मिशन Axiom-4 की खासियत- Shubhanshu Shukla Astronaut
Axiom-4 मिशन एक प्राइवेट अंतरिक्ष उड़ान है, जो चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर ISS की ओर रवाना हुआ। शुभांशु शुक्ला इस मिशन में पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं—नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री और इस मिशन की कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कपू।
Axiom-4 मिशन को खास बनाने वाली बात यह है कि यह मिशन पूरी तरह निजी कंपनी Axiom Space द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें तकनीकी सहायता SpaceX द्वारा दी जा रही है। Shubhanshu Shukla Astronaut
A proud moment for India!
Heartiest congratulations to Group Captain Shubhanshu Shukla, the Mission Pilot of Axiom Mission 4, on this historic achievement.
xiom-4 मिशन का अवलोकन- Shubhanshu Shukla Astronaut
Axiom-4 मिशन नासा, स्पेसएक्स, और Axiom Space के सहयोग से शुरू किया गया चौथा निजी अंतरिक्ष मिशन है। इस मिशन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी प्रयोगों को बढ़ावा देना है। मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जिनमें शुभांशु शुक्ला पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। अन्य तीन यात्री हैं:
पैगी व्हिटसन: नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री और इस मिशन की कमांडर।
स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की: पोलैंड के यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के अंतरिक्ष यात्री।
टिबोर कपू: हंगरी के HUNOR प्रोग्राम के अंतरिक्ष यात्री।
यह मिशन स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान के जरिए ISS तक पहुंचेगा। लॉन्च के लगभग 28 घंटे बाद, यानी 26 जून 2025 को शाम 4:30 बजे (IST), यह यान ISS के साथ डॉक करने वाला है।
30 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान- Shubhanshu Shukla Astronaut
फाल्कन-9 रॉकेट की मदद से लॉन्च हुए इस मिशन ने लगभग 30,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी। उम्मीद की जा रही है कि यह यान भारतीय समयानुसार गुरुवार शाम 4:30 बजे ISS पर डॉक करेगा। नासा, स्पेसएक्स और Axiom Space की साझा निगरानी में यह मिशन पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से संचालित हो रहा है। Shubhanshu Shukla Astronaut
शानदार ! Axiom 4 मिशन लांच । भारत के शुभांशु शुक्ला मिशन का हिस्सा हैं। चार एस्ट्रोनॉट स्पेस जा रहे हैं । ऐसा दृश्य हर किसी को बचपन में एस्ट्रोनॉट बनने का सपना देती है । pic.twitter.com/dh4QlarSo4
— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) June 25, 2025
शुभांशु शुक्ला: एक प्रेरणादायक सफर- Shubhanshu Shukla Astronaut
लखनऊ में जन्मे शुभांशु शुक्ला की शुरुआती शिक्षा सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एम.टेक किया। साल 2006 में वह भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और एक कुशल फाइटर पायलट के रूप में Su-30 MKI, मिग-21, मिग-29, जगुआर, डोनियर और हॉक जैसे विमानों को उड़ाया। उन्हें 2,000 घंटे से अधिक का फ्लाइंग अनुभव है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतराराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन-आईएसएस के लिए #AxiomMission4 अब कल प्रक्षेपित किया जाना तय किया गया है। नासा, एक्सिओम स्पेस और स्पेस एक्स की आईएसएस के लिए चौथे निजी अंतरिक्ष यात्री अभियान की शुरूआत कल दोपहर 12.01 पर करने की योजना है। pic.twitter.com/NpAq1UK6aN
2019 में शुभांशु ने ISRO के गगनयान मिशन के लिए आवेदन किया था, और चार अधिकारियों में से एक के रूप में चयनित हुए। उन्होंने रूस और बेंगलुरु में कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे उनकी अंतरिक्ष यात्रा की नींव मजबूत हुई। Shubhanshu Shukla Astronaut
लॉन्चिंग में देरी के पीछे कारण- Shubhanshu Shukla Astronaut
Axiom-4 मिशन को लॉन्च किए जाने में कई बार देरी हुई। पहले खराब मौसम, फिर फाल्कन-9 रॉकेट की तकनीकी समीक्षा और अंत में ISS के रूसी मॉड्यूल में रिसाव के कारण इस मिशन को कई बार टालना पड़ा। पहले यह मिशन 29 मई को लॉन्च होना था, फिर 8 जून, 10 जून और 11 जून को संभावित तारीखें आईं, लेकिन अंततः 25 जून को लॉन्च सफल हुआ। Shubhanshu Shukla Astronaut
अंतरिक्ष मिशन का भारत पर प्रभाव- Shubhanshu Shukla Astronaut
शुभांशु की उड़ान भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता और वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग में उसकी भागीदारी का प्रमाण है। ISRO पहले ही गगनयान मिशन की दिशा में काम कर रहा है और ऐसे निजी अंतरिक्ष उड़ान अभियानों में भारतीय भागीदारी भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक- Shubhanshu Shukla Astronaut
Axiom-4 मिशन इस बात का प्रमाण है कि आज की दुनिया में अंतरिक्ष अन्वेषण सिर्फ सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रह गया है। निजी कंपनियों के सहयोग से अंतरिक्ष अनुसंधान और यात्राएं अब तेजी से संभव हो रही हैं। Axiom Space, SpaceX और NASA का यह साझेदारी मॉडल आने वाले वर्षों में और भी अधिक निजी अंतरिक्ष मिशनों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
शुभांशु के मिशन से क्या उम्मीदें हैं?
इस मिशन में वैज्ञानिक प्रयोगों से लेकर जीवन-सम्बंधी तकनीकी परीक्षण तक कई कार्य होंगे। अंतरिक्ष में 28 घंटे की यात्रा के बाद शुभांशु और उनका दल ISS में प्रवेश करेंगे, जहां वे कुछ दिन रहकर विभिन्न मिशनों को अंजाम देंगे। यह मिशन आने वाले भारतीय गगनयान मिशन के लिए भी उपयोगी अनुभव साबित होगा।
Moradabad girl request Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में सोमवार को भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब मुरादाबाद की एक मासूम बच्ची ने शिक्षा के अधिकार की गुहार लगाई। बच्ची ने खुद मुख्यमंत्री से कहा, “मुझे स्कूल में दाखिला दिला दीजिए, पढ़ना है बाबा।” बच्ची की मासूम अपील सुनकर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए और पूरा प्रशासन हरकत में आ गया।
🔴 ब्रेकिंग मुरादाबाद | 📍 मुख्यमंत्री दरबार में मासूम की गुहार से हिला पूरा सिस्टम ▪️ मुरादाबाद की बच्ची ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पढ़ाई के लिए लगाई गुहार ▪️ जनता दरबार में बच्ची के शब्द सुनते ही प्रशासन में मची हलचल ▪️ वायरल वीडियो के बाद सरकार ने दिखाई त्वरित कार्रवाई… pic.twitter.com/bkB2s02IdZ
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों के दिलों को छू लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह ने केवल कुछ घंटों में बच्ची का नामांकन शहर के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल सी. एल. गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में नि:शुल्क करा दिया।
शिक्षा के अधिकार की गूंज मुख्यमंत्री दरबार तक
बच्ची की यह अपील न केवल प्रशासन को जगा गई, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि यदि सही मंच और नीयत हो, तो शिक्षा जैसे मौलिक अधिकार को हर बच्चा पा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह त्वरित एक्शन उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही का उदाहरण बन गया है।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिलाधिकारी अनुज सिंह खुद इस मामले में जुटे और कुछ ही घंटों में बच्ची का एडमिशन पूरा करवा दिया गया। अब यह बच्ची शिक्षा के एक बेहतर मंच पर अपना भविष्य संवार सकेगी।
Amit Shah in Varanasi: धार्मिक, सांस्कृतिक और अब राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन चुकी काशी (वाराणसी) में 24 जून 2025 को मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 25वीं बैठक का आयोजन होने जा रहा है। ताज होटल में आयोजित होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।
बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, संबंधित राज्यों के वरिष्ठ मंत्री और मुख्य सचिवों के साथ-साथ केंद्र सरकार के उच्च अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य केंद्र व राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत बनाना, सीमावर्ती समन्वय बढ़ाना और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर मंथन करना है।
बैठक से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान शिव की नगरी में ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। काल भैरव मंदिर में दर्शन कर अमित शाह ने काशीवासियों की सुख-समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। उनके स्वागत में पूरे मार्ग पर भव्य सजावट, पुष्प वर्षा और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने काशी की धार्मिक गरिमा को और भी उजागर कर दिया।
रिपोर्ट: अशोक चौहान Kanpur Dehat News: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अपने एक दिवसीय दौरे पर कानपुर देहात पहुंचे, जहां उन्होंने नगर पंचायत अकबरपुर में नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | कानपुर देहात 📍 परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का दौरा, कई कार्यक्रमों में हुए शामिल, सपा पर बोला तीखा हमला ▪️ एक दिवसीय दौरे पर कानपुर देहात पहुंचे यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ▪️ अकबरपुर कस्बे में नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का किया लोकार्पण ▪️ अखिलेश यादव… pic.twitter.com/4boGwQoYGU
🏗️ कार्यक्रमों में शिरकत, विकास कार्यों का लोकार्पण– Kanpur Dehat News
दयाशंकर सिंह ने अकबरपुर नगर पंचायत में बनकर तैयार हुए नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद गांव-गांव तक यातायात और परिवहन की सुविधाएं बेहतर करना है।
🗣️ सपा प्रमुख पर निशाना– Kanpur Dehat News
अखिलेश यादव के 2027 में महिलाओं को टिकट और रोजगार देने के वादे पर कटाक्ष करते हुए मंत्री ने कहा:
“अखिलेश यादव को सबसे पहले परिवार से बाहर निकलना चाहिए। सपा में 24 सीटें परिवार के लिए रिजर्व हैं। अगर कोई और राजनीति करना चाहता है, तो 25वें नंबर से शुरुआत करनी होगी।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पहले दो दर्जन सीटों के भीतर भी महिलाओं को टिकट देने की हिम्मत करनी चाहिए।
कानपुर देहात पहुंचे यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह (फोटो- नेशन नाउ समाचार)
तीन विधायकों के निष्कासन पर प्रतिक्रिया– Kanpur Dehat News
समाजवादी पार्टी द्वारा तीन विधायकों के निष्कासन पर परिवहन मंत्री ने कहा कि सपा अब सिमटती जा रही है।
“जो लोग मुलायम सिंह यादव के साथ संघर्ष करते हुए पार्टी में आए थे, वे अब दूसरे दलों में शामिल हो रहे हैं। यह दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी अंदर से बिखर रही है।”
सपा में टूट की ओर इशारा– Kanpur Dehat News
दयाशंकर सिंह ने आगे कहा कि सपा अब वैचारिक रूप से कमजोर हो चुकी है। पार्टी में संघर्ष करने वाले नेताओं की जगह वंशवाद हावी हो गया है, यही वजह है कि लगातार सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक पार्टी को छोड़ रहे हैं।
अकबरपुर कस्बे में नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का किया लोकार्पण (फोटो- नेशन नाउ समाचार)
परिवहन विभाग की उपलब्धियां- Kanpur Dehat News
दयाशंकर सिंह ने अपने विभाग की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है और विभाग को लाभकारी बनाया है। ओवरलोडिंग और डग्गामारी जैसे मुद्दों पर सख्ती बरतने से विभाग ने अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। इसके अलावा, पीपीपी मॉडल के तहत बस स्टेशनों के कायाकल्प की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
कानपुर देहात के लिए भविष्य की योजनाएं- Kanpur Dehat News
मंत्री ने कानपुर देहात के लिए भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में और अधिक परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें सड़क, परिवहन और बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।
स्थानीय लोगों ने परिवहन मंत्री के दौरे और परियोजनाओं के उद्घाटन का स्वागत किया। अकबरपुर के निवासियों का कहना है कि नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड के शुरू होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार होगा। एक स्थानीय निवासी, रमेश कुमार, ने कहा, “हमारे क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं, यह देखकर खुशी होती है। मंत्री जी का दौरा और उनकी सक्रियता हमें भरोसा देती है कि सरकार हमारे साथ है।”
Akhilesh Yadav action: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने तीन प्रमुख विधायकों – अमेठी की गौरीगंज सीट से राकेश प्रताप सिंह, रायबरेली की ऊंचाहार सीट से मनोज पांडेय और अयोध्या की गोसाईगंज सीट से अभय सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिया, जिन्होंने इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ नजदीकी बढ़ाने का आरोप लगाया। यह कदम सपा की विचारधारा और अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
समाजवादी सौहार्दपूर्ण सकारात्मक विचारधारा की राजनीति के विपरीत साम्प्रदायिक विभाजनकारी नकारात्मकता व किसान, महिला, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा और ‘पीडीए विरोधी’ विचारधारा का साथ देने के कारण, समाजवादी पार्टी जनहित में निम्नांकित विधायकों को पार्टी से निष्कासित करती है:
बागी विधायकों की बीजेपी से बढ़ती नजदीकी- Akhilesh Yadav action
पिछले कुछ समय से ये तीनों विधायक सपा की विचारधारा से हटकर काम कर रहे थे। विशेष रूप से, 2024 के राज्यसभा चुनाव में इन विधायकों ने सपा के प्रत्याशियों के बजाय बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों को वोट दिया था। इस क्रॉस वोटिंग ने सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन की हार का कारण बना, जबकि बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ को जीत मिली। इस घटना ने सपा के भीतर गहरी नाराजगी पैदा की थी।
इसके अलावा, हाल ही में इन तीनों विधायकों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। यह मुलाकात उस समय हुई जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की रणनीति बना रही थी। सपा ने इसे पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ माना और इन विधायकों को निष्कासित करने का फैसला लिया।
सपा का सख्त रुख: विचारधारा से कोई समझौता नहीं- Akhilesh Yadav action
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा कि इन विधायकों ने “सांप्रदायिक, विभाजनकारी और नकारात्मक विचारधारा” का समर्थन किया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि ये विधायक किसान, महिला, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा और सपा की ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) विचारधारा के खिलाफ काम कर रहे थे।
सपा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन विधायकों को सुधार का मौका दिया गया था, लेकिन उनकी ‘अनुग्रह अवधि’ अब समाप्त हो चुकी है। पार्टी ने यह भी कहा कि भविष्य में भी जन-विरोधी और पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सात बागी विधायकों में से तीन पर कार्रवाई- Akhilesh Yadav action
2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इनमें राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या शामिल थे। हालांकि, सपा ने अभी केवल तीन विधायकों को निष्कासित किया है। शेष चार विधायकों – राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या को सपा ने उनके हाल के व्यवहार में सुधार के आधार पर अभी और समय दिया है।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि बाकी विधायकों ने पीडीए के प्रति अपनी आस्था दिखाई है, जिसके कारण उन्हें अभी पार्टी में रखा गया है। यह कदम सपा के रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वह अपनी विचारधारा को बनाए रखने के साथ-साथ पार्टी के भीतर एकता को भी प्राथमिकता दे रही है।
बीजेपी के साथ नजदीकी: क्या होगा अगला कदम?- Akhilesh Yadav action
इन तीनों विधायकों की बीजेपी के साथ बढ़ती नजदीकी ने सवाल उठाए हैं कि क्या ये विधायक अब बीजेपी में शामिल होंगे। मनोज पांडेय पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं, और राकेश प्रताप सिंह व अभय सिंह भी बीजेपी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में थे। हालांकि, बीजेपी ने अभी तक इन विधायकों को कोई बड़ा ऑफर नहीं दिया है, और लोकसभा चुनाव में इन विधायकों की सीटों पर बीजेपी को कोई खास फायदा भी नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इन विधायकों को विधान परिषद या अन्य छोटे पदों पर समायोजित करने पर विचार कर सकती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ये विधायक अपनी सीटों पर फिर से जीत हासिल कर पाएंगे। अगर इनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होती है, तो उपचुनाव की स्थिति बन सकती है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
सपा की रणनीति और भविष्य- Akhilesh Yadav action
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपनी विचारधारा और अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। 2027 के विधानसभा चुनाव और 2026 के पंचायत चुनाव को देखते हुए सपा ने संगठन में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। हाल ही में कुशीनगर को छोड़कर सभी जिलों की कार्यकारिणी भंग की गई है, ताकि एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत को लागू किया जा सके।
यह कदम सपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह अपनी छवि को और मजबूत करना चाहती है। अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है कि सपा सामाजिक न्याय, समानता और पीडीए की विचारधारा पर आधारित है। इस निष्कासन के जरिए सपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो भी इस विचारधारा के खिलाफ जाएगा, उसे पार्टी में जगह नहीं मिलेगी।
समाजवादी पार्टी का यह सख्त कदम न केवल बागी विधायकों के लिए एक सबक है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी हो सकता है। राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय और अभय सिंह का निष्कासन सपा की विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना यह होगा कि ये विधायक बीजेपी के साथ अपनी सियासी राह कैसे बनाते हैं और सपा इस स्थिति का फायदा उठाकर अपनी स्थिति को और मजबूत करने में कितनी सफल होती है।
Noida Share Market Fraud: शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर नोएडा निवासी से ₹33,92,161 की धोखाधड़ी करने वाले तीन साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये ठग लोगों को शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर फंसा रहे थे और फिर लाखों रुपये की ठगी कर फरार हो जाते थे।
📍नोएडा ब्रेकिंग | 💰 शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 33.92 लाख की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार
सेक्टर-45, नोएडा निवासी से की गई ₹33,92,161 की ठगी
शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ दिलाने का झांसा देकर ट्रांजैक्शन कराए गए कई बैंक खातों में
इस मामले में थाना साइबर क्राइम, नोएडा में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद एडीसीपी साइबर क्राइम मनीषा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि पीड़ित से झूठे प्रलोभन देकर करीब 34 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए थे। पुलिस ने राजस्थान से तीन साइबर अपराधियों – महेन्द्र, दिनेश और विकास – को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दिनेश एक फर्जी कंपनी का प्रोपराइटर था, जिसे ठगी के पैसे को ‘डायल्यूट’ करने के लिए खोला गया था। वहीं महेन्द्र कंपनी का मेंडेट सिग्नेचर अथॉरिटी था और विकास इस गिरोह में पैसे की सेटिंग का काम करता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने अपनी कंपनी में 4.20 लाख रुपये की साइबर ठगी से प्राप्त राशि जमा की थी। इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जांच के दौरान एनसीआरपी पोर्टल पर देशभर से कुल 11 शिकायतें सामने आई हैं। इनमें कर्नाटक (4), महाराष्ट्र (3), तमिलनाडु (2), उत्तर प्रदेश (1), और पश्चिम बंगाल से भी शिकायतें मिली हैं।
एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खातों को फ्रीज कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लुभावने प्रस्तावों से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक या इन्वेस्टमेंट से जुड़ी जानकारी न दें।