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  • Barabanki Police Encounter: बाराबंकी में मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की नकदी और पान मसाला बरामद

    Barabanki Police Encounter: बाराबंकी में मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की नकदी और पान मसाला बरामद

    Barabanki Police Encounter: बाराबंकी जिले की पुलिस और स्वाट टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं और लखनऊ व बाराबंकी में कई आपराधिक मामलों में वांछित थे।

    पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान फतेहपुर पुलिस को सूचना मिली कि ताल गांव नहर पटरी पुलिया पर दो संदिग्ध व्यक्ति खड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दोनों को रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया और दूसरा भी पकड़ लिया गया।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंकज उर्फ भागी निवासी मोहम्मदपुर खाला और समर सिंह उर्फ पपली निवासी जलालपुर थाना रामनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से ₹10,000 नकद, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और चोरी किया गया पान मसाला बरामद किया है।

    पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने 3-4 जून की रात फतेहपुर के बेहटी गांव में एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात और महंगा पान मसाला भी चोरी किया गया था। ये दोनों अपराधी पहले से ही लखनऊ और बाराबंकी में कई आपराधिक वारदातों में संलिप्त रहे हैं। मामले में अभी भी दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि दोनों अपराधी बेहद शातिर हैं और लंबे समय से पुलिस के रडार पर थे। इनकी गिरफ्तारी से फतेहपुर क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद है।

  • Sonbhadra Doda Posta: सोनभद्र में 1.80 करोड़ कीमत का डोडा पोस्त बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

    Sonbhadra Doda Posta: सोनभद्र में 1.80 करोड़ कीमत का डोडा पोस्त बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

    Sonbhadra Doda Posta: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने नशीले पदार्थों की तस्करी का एक बड़ा मामला उजागर किया है। बीती रात करीब 01:25 बजे, राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हिन्दुआरी तिराहा पर चेकिंग के दौरान एक मिनी ट्रक से 1806.56 किलोग्राम डोडा पोस्ता बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹1.80 करोड़ आंकी गई है।

    गश्त कर रही STF और राबर्ट्सगंज पुलिस को एक संदिग्ध ट्रक देखकर उसे जांच के लिए रोका गया। जब ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्ता मिला। मौके से दो तस्करों – अकरम खां और मोहम्मद आरिफ (दोनों बरेली निवासी) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे रांची (झारखंड) से यह मादक पदार्थ लेकर बरेली जा रहे थे और इसके एवज में उन्हें मोटी रकम मिलने वाली थी।

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में एक और व्यक्ति, अनिस अंसारी, भी संलिप्त है जिसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 8/18/25/29/60 NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

    अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने बताया कि “इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन हैं, उनकी तलाश जारी है। पुलिस की टीम अन्य वांछित तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।” यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों के लिए बड़ा झटका है और पुलिस के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।

  • Iran-Israel Conflict: नौवें दिन तेल अवीव और हाइफा पर हमले, ईरानी यूएवी कमांडर मारा गया

    Iran-Israel Conflict: नौवें दिन तेल अवीव और हाइफा पर हमले, ईरानी यूएवी कमांडर मारा गया

    Iran-Israel Conflict: 21 जून, 2025 को ईरान और इजरायल के बीच युद्ध अपने नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है, और शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। ईरान ने तेल अवीव और हाइफा पर मिसाइल हमले किए, जबकि इजरायल ने ईरान के एक यूएवी कमांडर को मार गिराया और इस्फहान के परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हमला किया।

    तेल अवीव पर ईरानी हमला- Iran-Israel Conflict

    20 जून, 2025 को ईरान ने तेल अवीव, बीरशेबा और हाइफा पर करीब 20 बैलिस्टिक मिसाइलें और रॉकेट्स दागे। तेल अवीव में सायरन बजने से लोग आश्रयों की ओर भागे। इजरायल के आयरन डोम और एरो मिसाइल रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को रोका, लेकिन कुछ रक्षा तंत्र को भेदने में सफल रहीं। तेल अवीव में एक आवासीय इमारत की छत पर आग लग गई, जिसे अग्निशमन दल ने नियंत्रित किया। रमात गान में एक सरकारी कार्यालय वाली इमारत को नुकसान पहुंचा, और 15 लोग मामूली रूप से घायल हुए।

    हाइफा, जो एक प्रमुख बंदरगाह और नौसैनिक अड्डा है, में एक ऐतिहासिक मस्जिद को नुकसान पहुंचा। विदेश मंत्री गिदोन सार ने ईरान पर हमले का आरोप लगाते हुए कहा, “ईरान की आक्रामकता उनकी कूटनीति की कमी को दर्शाती है।” ईरानी मीडिया ने दावा किया कि हमले इजरायल के सैन्य ठिकानों और कमांड सेंटरों पर केंद्रित थे।

    इजरायल का जवाबी हमला

    इजरायल ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और खुजस्तान में हवाई रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया। इस्फहान में, जहां ईरान का प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र है, विस्फोटों की खबरें आईं, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई। इजरायल ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के ड्रोन कमांडर रजा मूसवी को मार गिराया, जो अहवाज से हमलों के लिए जिम्मेदार था।

    प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “हम ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देंगे।” इजरायल का लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को नष्ट करना है।

    परमाणु विवाद

    ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस संघर्ष का केंद्र है। इजरायल का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है, जबकि तेहरान इसे शांतिपूर्ण बताता है। एक ईरानी अधिकारी ने यूरेनियम संवर्धन की सीमा पर चर्चा की इच्छा जताई, लेकिन इसे पूरी तरह बंद करने से इनकार किया। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल ने चेतावनी दी कि वह तब तक हमले जारी रखेगा जब तक परमाणु खतरा खत्म नहीं हो जाता। ईरान ने अमेरिका की संभावित भागीदारी पर चिंता जताई, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने दो हफ्तों में निर्णय लेने की बात कही।

    इन हमलों से दोनों देशों में नुकसान हुआ है। इजरायल में दर्जनों लोग घायल हुए, और स्कूल व अस्पताल बंद हुए। ईरान में नागरिक हताहत हुए, जिससे तनाव बढ़ा। ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों ने इजरायल की रक्षा प्रणालियों पर दबाव डाला है। क्षेत्रीय देशों जैसे कतर और जॉर्डन की भागीदारी ने स्थिति को जटिल किया है।

    यह संघर्ष अभी थमने के आसार नहीं दिखाता। कूटनीतिक प्रयास विफल रहे हैं, और दोनों देश अपनी सैन्य रणनीतियों पर अड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने युद्ध को रोकने और परमाणु विवाद को सुलझाने की चुनौती है। तेल अवीव और तेहरान में तनाव बना हुआ है, और दुनिया इस संकट पर नजर रखे हुए है।

  • International Yoga Day 2025: 11वीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने वैश्विक संतुलन का किया आह्वान

    International Yoga Day 2025: 11वीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने वैश्विक संतुलन का किया आह्वान

    International Yoga Day 2025: 21 जून, 2025 को पूरी दुनिया ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण का उत्साहपूर्वक उत्सव मनाया। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया। अपने प्रेरणादायक भाषण में, उन्होंने योग की वैश्विक यात्रा और इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने योग को एक ऐसी शक्ति बताया, जो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि वैश्विक शांति और एकता को भी बढ़ावा देती है।

    योग की वैश्विक यात्रा- International Yoga Day 2025

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2014 में हुई, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को योग दिवस के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को 175 देशों का समर्थन मिला, जो वैश्विक एकता का प्रतीक था। पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक पल को याद करते हुए कहा, “यह केवल एक प्रस्ताव का समर्थन नहीं था, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए एक सामूहिक प्रयास था।” आज, योग दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। चाहे वह दिव्यांग व्यक्ति हों, जो योग शास्त्र पढ़ रहे हैं, या अंतरिक्ष में वैज्ञानिक, जो योग का अभ्यास कर रहे हैं, योग ने सभी सीमाओं को पार कर लिया है।

    योग: शांति और संतुलन का विज्ञान- International Yoga Day 2025

    पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत योग के वैज्ञानिक आधार को आधुनिक शोध के माध्यम से और मजबूत कर रहा है। देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान योग के लाभों पर शोध कर रहे हैं, ताकि इसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति में शामिल किया जा सके। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और आंतरिक शांति प्रदान करने में भी मदद करता है। पीएम मोदी ने कहा, “योग हमें सिखाता है कि हम अलग-थलग नहीं हैं; हम प्रकृति का अभिन्न अंग हैं।”

    योग को जन आंदोलन बनाने की अपील- International Yoga Day 2025

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 का थीम “Yoga for One Earth, One Health” वैश्विक स्वास्थ्य और सामंजस्य की दिशा में एक कदम है। पीएम मोदी ने योग को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आइए, योग को एक वैश्विक संकल्प बनाएं, जो शांति, स्वास्थ्य और समरसता की ओर ले जाए।” स्कूलों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर योग सत्रों को बढ़ावा देकर, हम इसे एक सामूहिक जिम्मेदारी बना सकते हैं।

    वैश्विक एकता के लिए योग- International Yoga Day 2025

    पीएम मोदी ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को योग की शुरुआत के रूप में मनाया जाए, जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन जाए। उन्होंने कहा, “हर देश और समाज को योग को एक साझा जिम्मेदारी बनाना चाहिए।” योग का अभ्यास न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ाता है। यह हमें “मैं” से “हम” की ओर ले जाता है, जो एकता और सह-अस्तित्व का आधार है।

    योग की सांस्कृतिक जड़ें- International Yoga Day 2025

    योग भारत की प्राचीन परंपराओं में निहित है और केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है। यह आत्म-खोज और आध्यात्मिक विकास का एक विज्ञान है। पीएम मोदी ने कहा, “योग हमें भारत की संस्कृति के मूल्यों – सेवा, समर्पण और सह-अस्तित्व – से जोड़ता है।” जब व्यक्ति अपने हितों से ऊपर उठकर समाज के लिए सोचता है, तभी मानवता का कल्याण होता है।

    योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं- International Yoga Day 2025

    पीएम मोदी ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। प्राणायाम, आसन और ध्यान जैसे सरल अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। समुदायों को स्कूलों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर योग सत्र आयोजित करने चाहिए। विश्व भर में सरकारें और संस्थान योग के लाभों को मान्यता दे रहे हैं और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में शामिल कर रहे हैं।

    एक टिकाऊ भविष्य के लिए योग- International Yoga Day 2025

    योग का प्रकृति के साथ सामंजस्य पर जोर इसे स्थिरता के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बनाता है। यह व्यक्तियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। पीएम मोदी का “Yoga for One Earth, One Health” का दृष्टिकोण व्यक्तिगत और ग्रहीय कल्याण को जोड़ता है।

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 ने योग की वैश्विक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा। विशाखापट्टनम में पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन ने योग के शांति, स्वास्थ्य और एकता को बढ़ावा देने की शक्ति को रेखांकित किया। योग को अपनाकर, हम एक ऐसी दुनिया बना सकते हैं जहां आंतरिक शांति वैश्विक सामंजस्य का मार्ग बने। आइए, हम योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ, शांतिपूर्ण और एकजुट दुनिया की दिशा में योगदान दें।

  • INTERNATIONAL WAR LAW: क्या ट्रंप ईरान पर बंकर बस्टर बम से हमला करेंगे? जानें अंतरराष्ट्रीय नियम और चुनौतियां

    INTERNATIONAL WAR LAW: क्या ट्रंप ईरान पर बंकर बस्टर बम से हमला करेंगे? जानें अंतरराष्ट्रीय नियम और चुनौतियां

    INTERNATIONAL WAR LAW: ईरान और इजराइल के बीच तनाव अपने चरम पर है। इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार किया। इस बीच, एक बड़ा सवाल विश्व मंच पर उभर रहा है: क्या अमेरिका ईरान पर सीधा सैन्य हमला करेगा? और अगर हां, तो क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हमले का नेतृत्व करेंगे? चर्चा है कि अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों को बंकर बस्टर बम से निशाना बना सकता है, जो केवल अमेरिका के B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ही गिरा सकते हैं। लेकिन यह इतना सरल नहीं है। अंतरराष्ट्रीय नियम, सहयोगी देशों की मंजूरी, और वैधानिक प्रक्रियाएं इस फैसले को जटिल बनाती हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

    अमेरिका का सैन्य विकल्प: बंकर बस्टर बम और B-2 बॉम्बर्स- INTERNATIONAL WAR LAW

    अमेरिका के पास GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर, जिसे बंकर बस्टर बम के नाम से जाना जाता है, एक ऐसा हथियार है जो गहरे भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम है। यह 30,000 पाउंड का बम विशेष रूप से ईरान के फोर्डो परमाणु संयंत्र जैसे मजबूत ठिकानों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पहाड़ों के नीचे बना है। इस बम को केवल B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ही ले जा सकते हैं, जो अमेरिका के सैन्य शस्त्रागार का हिस्सा हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह बम वाकई फोर्डो जैसे ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर सकता है? कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस बम की प्रभावशीलता पर सवाल हैं, और अगर यह नाकाम रहा, तो अमेरिका एक लंबे युद्ध में फंस सकता है।

    ट्रंप की दुविधा: हमला करें या कूटनीति अपनाएं?- INTERNATIONAL WAR LAW

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि वह अगले दो हफ्तों में ईरान पर हमले का फैसला लेंगे। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की योजना को मंजूरी दी है, लेकिन अंतिम आदेश देने से पहले वह यह देखना चाहते हैं कि क्या ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए तैयार है। ट्रंप की यह रणनीति दबाव बनाकर कूटनीति को बढ़ावा देने की हो सकती है, लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने साफ कर दिया है कि वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” नहीं करेंगे। ऐसे में ट्रंप के सामने दो रास्ते हैं: या तो वह सैन्य कार्रवाई का जोखिम उठाएं या कूटनीतिक रास्ता अपनाएं।

    अंतरराष्ट्रीय नियम: हमले की वैधानिकता पर सवाल- INTERNATIONAL WAR LAW

    संयुक्त राष्ट्र (UN) के नियमों के अनुसार, किसी देश पर हमला केवल तीन परिस्थितियों में वैध माना जाता है:

    1. आत्म-रक्षा: इसके लिए यह साबित करना होगा कि ईरान से तत्काल और स्पष्ट खतरा था।
    2. मानवीय संकट को रोकना: बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन को रोकने के लिए।
    3. यूएन सुरक्षा परिषद की मंजूरी: बिना इसकी अनुमति के हमला गैरकानूनी माना जा सकता है।

    इजराइल और अमेरिका दावा कर सकते हैं कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उनके लिए खतरा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफाएल ग्रोसी ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। बिना ठोस सबूत के हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों की वैश्विक छवि को नुकसान हो सकता है।

    ब्रिटेन की भूमिका: डिएगो गार्सिया का महत्व- INTERNATIONAL WAR LAW

    अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए डिएगो गार्सिया जैसे सैन्य अड्डों का उपयोग करना पड़ सकता है, जो हिंद महासागर में स्थित है। यह अड्डा भले ही अमेरिका संचालित करता हो, लेकिन इसका स्वामित्व ब्रिटेन के पास है। इसलिए, ट्रंप को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मंजूरी लेनी होगी। स्टारमर, जो 2003 के इराक युद्ध के खिलाफ थे, ने उस समय इसे गैरकानूनी बताया था। उनकी राय है कि आत्म-रक्षा का दावा तभी मान्य है, जब खतरा तत्काल और स्पष्ट हो। अगर ब्रिटेन इस हमले को मंजूरी देता है और यह गैरकानूनी साबित होता है, तो ब्रिटेन को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है। INTERNATIONAL WAR LAW

    ट्रंप की चुनौतियां: सहयोगियों का समर्थन और कानूनी बाधाएं

    ट्रंप के सामने कई चुनौतियां हैं:INTERNATIONAL WAR LAW

    1. सहयोगी देशों की मंजूरी: नाटो और अन्य सहयोगी देशों का समर्थन हासिल करना जरूरी है। बिना उनके समर्थन के युद्ध वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर सकता है।
    2. अनुपातिक जवाबी कार्रवाई: अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, जवाबी कार्रवाई खतरे के अनुपात में होनी चाहिए। अगर अमेरिका ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला करता है, तो इसे गैरकानूनी माना जा सकता है।
    3. ईरान का पलटवार: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ, तो वह इजराइल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा। इससे युद्ध क्षेत्रीय स्तर पर फैल सकता है।

    वैश्विक प्रभाव: क्या यह विश्व युद्ध की शुरुआत होगी?-

    ईरान-इजराइल तनाव में अगर अमेरिका शामिल होता है, तो रूस और चीन जैसे देशों की प्रतिक्रिया अहम होगी। अगर ये देश ईरान का सैन्य समर्थन करते हैं, तो यह संघर्ष नाटो के साथ बड़े टकराव में बदल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्ते इस क्षेत्र की दिशा तय करेंगे। शांति की कोशिशें जारी हैं, लेकिन तनाव कम होने के आसार कम हैं।

    ट्रंप के सामने एक कठिन विकल्प है: या तो वह सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करें और ईरान पर हमला करें, या फिर कूटनीति के रास्ते पर चलें। अंतरराष्ट्रीय नियम, सहयोगी देशों की मंजूरी, और वैधानिक प्रक्रियाएं इस फैसले को जटिल बनाती हैं। अगर ट्रंप हमले का रास्ता चुनते हैं, तो उन्हें न केवल इजराइल बल्कि पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का भरोसा जीतना होगा। क्या ट्रंप इतिहास में शांतिदूत के रूप में याद किए जाएंगे या युद्ध शुरू करने वाले नेता के रूप में? यह उनके अगले कदम पर निर्भर करता है।

    https://nationnowsamachar.com/national/india-nuclear-weapons-bharat-parmanu-shakti-pakistan-chin-takkar/

    सोर्स- tv9hindi

  • Ghaziabad murder: गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Ghaziabad murder: गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Ghaziabad murder: गाजियाबाद के मुरादनगर थाने के बाहर बुधवार रात जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गांव मिल्क रावली निवासी 35 वर्षीय रवि शर्मा की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह अपने भाई के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। चार गोलियां लगने से रवि की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। Ghaziabad murder

    बताया जा रहा है कि गांव में कार निकालने को लेकर अजय चौधरी और मोंटी से रवि का विवाद हो गया था। विवाद के बाद अजय अपने साथियों के साथ पहले रवि के घर पहुंचा और मारपीट की। रवि ने इस घटना की शिकायत के लिए थाने का रुख किया, लेकिन थाने के गेट पर पहले से मौजूद अजय और मोंटी ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी की है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    रवि के भाई विकास शर्मा ने बताया कि हमलावरों के बारे में पहले ही पुलिस को जानकारी दे दी गई थी, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए।

    पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अजय चौधरी हाल ही में जेल से बाहर आया था और पहले भी एक बलात्कार के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज व चश्मदीद गवाहों की मदद से हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

    ये भी पढ़ें- Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान-इजरायल जंग में तीसरे विश्व युद्ध की आहट! ट्रंप ने दी ईरान पर सैन्य हमले की योजना को मंजूरी

  • Mainpuri Bulldozer Action: दलित किसान के पट्टे वाले मकान पर चला बुलडोजर, आखिर कहाँ हुई चूक?

    Mainpuri Bulldozer Action: दलित किसान के पट्टे वाले मकान पर चला बुलडोजर, आखिर कहाँ हुई चूक?

    Mainpuri Bulldozer Action: कहते हैं, गरीब का सपना पूरा होने से पहले टूट जाता है। मैनपुरी के अकबरपुर गांव में कुछ ऐसा ही हुआ। ओम शरण कठेरिया, एक दलित किसान, जिन्हें 2003 में एसडीएम ने मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिया था। उस वक्त उनकी जेब खाली थी, मकान बनाने का सपना सिर्फ सपना ही रहा। सालों की मेहनत के बाद, जब ओम शरण ने अपने परिवार के लिए पट्टे की जमीन पर छत डालनी शुरू की, तो अचानक बुलडोजर आ गया। एसडीएम घिरोर प्रसून कश्यप, पुलिस और राजस्व टीम के साथ पहुंचे और उनके आधे बने मकान को अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया। Mainpuri Bulldozer Action

    जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि ओम शरण की जमीन की पैमाइश नहीं हुई थी। पट्टे में दी गई जमीन का सही चिन्हांकन न होने से वह जिस जगह मकान बना रहे थे, वह गलत निकली। सुनकर मन सवाल उठाता है—जब पट्टा दिया था, तो जमीन की निशानदेही क्यों नहीं की गई? गरीब को घर का हक देकर उसका सपना तोड़ा क्यों? जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर आगे भी चलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सरकारी या ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा न करें, वरना कानूनी कार्रवाई होगी। Mainpuri Bulldozer Action

    यह सिर्फ ओम शरण की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम गरीबों की है, जिन्हें सिस्टम के चक्कर में उलझा दिया जाता है। मैनपुरी में अतिक्रमण रोकना जरूरी है, लेकिन क्या प्रशासन पहले सही नक्शा और पट्टे की जमीन का ब्योरा सुनिश्चित नहीं कर सकता? ओम शरण जैसे लोग अब क्या करें? उनका हक कौन देगा? यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि गरीबों के लिए न्याय का रास्ता इतना मुश्किल क्यों है? Mainpuri Bulldozer Action

    ये भी पढ़ें- Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

  • Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान-इजरायल जंग में तीसरे विश्व युद्ध की आहट! ट्रंप ने दी ईरान पर सैन्य हमले की योजना को मंजूरी

    Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान-इजरायल जंग में तीसरे विश्व युद्ध की आहट! ट्रंप ने दी ईरान पर सैन्य हमले की योजना को मंजूरी

    Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान और इजरायल के बीच सैन्य संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। वहीं, अमेरिका भी इस संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमला करने की योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन अंतिम आदेश परमाणु गतिविधियों की अगली रिपोर्ट के बाद देने की बात कही है।

    इजरायल ने अराक रिएक्टर इलाके के आसपास की बमबारी- Israel-Iran War

    इस बीच इजरायल ने ईरान के अराक रिएक्टर और उसके आसपास के इलाकों में भारी बमबारी की है। इस कार्रवाई में 40 इजरायली फाइटर जेट्स ने हिस्सा लिया और 100 से अधिक मिसाइलें दागी गईं।

    अराक रिएक्टर बना टारगेट– Israel-Iran War

    इजरायली रक्षा बल (IDF) ने जानकारी दी कि अराक रिएक्टर को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वहां प्लूटोनियम उत्पादन के संकेत मिले थे। इस ऑपरेशन के दौरान रिएक्टर को सील करने वाली संरचना भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इजरायल ने इस इलाके के नागरिकों से पहले ही इलाका खाली करने की अपील की थी।

    ईरान का पलटवार – मिसाइल से हमला– Israel-Iran War

    अराक पर हमले के जवाब में ईरान ने तेल अवीव, बीर्शेबा, रमतगन और होलोन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल तेल अवीव के एक अस्पताल पर गिरी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए।

    सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने इससे पहले ड्रोन हमले के जरिए भी इजरायल के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। फार्स न्यूज एजेंसी ने पुष्टि की कि ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है। Israel-Iran War

    ट्रंप का ‘लास्ट चांस’ और बंकर बस्टर प्लान– Israel-Iran War

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर ईरान की फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर 30,000 पाउंड वजनी बंकर बस्टर बम के इस्तेमाल की संभावना पर चर्चा की है।
    सूत्रों की मानें तो ट्रंप की योजना फाइनल वारंट देने की कगार पर है, लेकिन अंतिम निर्णय ईरान के परमाणु गतिविधियों की पुष्टि के आधार पर लिया जाएगा।

    जानमाल की भारी हानि

    अब तक की जानकारी के मुताबिक, ईरान में 450 और इजरायल में 24 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के कई शहरों में इमरजेंसी हालात बना दिए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं।

    संभावित बातचीत की उम्मीद

    एक तरफ जहां जंग जारी है, वहीं अमेरिकी मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए तैयार हो सकता है। यह बात तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तैनाती को काफी बढ़ा दिया है।

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    सोर्स- AAJ TAK

  • Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के रायपुर भसरौल गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन किसानों की मिट्टी के टीले के नीचे दबकर मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब तीनों किसान भैंसें चरा रहे थे और तेज धूप से बचने के लिए एक टीले की छांव में बैठ गए। अचानक टीला धंस गया और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

    भैंसों को पानी पिलाने ले गए थे किसान- Fatehpur farmers death

    मृतकों की पहचान रायपुर भसरौल गांव के मजरे चंदवाइन डेरा निवासी दुलारे पासवान (60), शिवमोहन यादव (65) और तरह मड़ौली गांव निवासी रमेश निर्मल (55) के रूप में हुई है। यह तीनों सुबह जंगल की ओर भैंस चराने निकले थे। दोपहर के समय जब गर्मी तेज हो गई तो वे यमुना नदी किनारे भैंसों को पानी पिलाने ले गए। इस दौरान तीनों चरवाहे नदी किनारे बने मिट्टी के एक टीले की छांव में आराम कर रहे थे, तभी टीला अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। Fatehpur farmers death

    टीला धंसने से तीन किसानों की मौत (फोटो क्रेडिट- नेशन नाव समाचार)

    हादसे के वक्त थोड़ी दूरी पर बैठा एक अन्य चरवाहा घटनास्थल की ओर दौड़ा और ग्रामीणों को सूचना दी। गांव वालों ने मौके पर पहुंच कर टीले को हटाने की कोशिश की और तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। Fatehpur farmers death

    सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची- Fatehpur farmers death

    सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी खागा बृजमोहन राय ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। किशनपुर थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। Fatehpur farmers death

    तीनों किसानों की एक साथ मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

  • Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में 19 नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल राज्य में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 257 तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को छह नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है, जिनमें दो बुजुर्ग और एक युवा डॉक्टर शामिल हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कार्यरत 27 वर्षीय डॉक्टर की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। उन्हें बीते तीन दिन से बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण थे, जिसके बाद उन्होंने कोरोना जांच कराई थी। फिलहाल डॉक्टर होम आइसोलेशन में ही उपचार ले रहे हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    75 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई- Lucknow Corona Cases Rise

    वहीं, हजरतगंज स्थित एक प्रसिद्ध रेमंड शोरूम के 75 वर्षीय मालिक की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें 15 जून से हल्का बुखार और सर्दी की शिकायत रही। स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर उन्होंने भी खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। Lucknow Corona Cases Rise

    इसके अलावा आशियाना इलाके के 81 वर्षीय बुजुर्ग भी संक्रमित पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। बीते 15 दिनों से वह बीमार चल रहे थे और पहले टायफाइड की पुष्टि हुई थी, लेकिन साथ ही उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है। अब उनका इलाज घर पर ही चल रहा है।

    राजधानी में अब तक इस सीजन में कुल 44 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

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    सोर्स- ETV BHARAT