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    FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: सड़क परिवहन मंत्रालय ने निजी वाहन चालकों के लिए टोल प्लाजाओं पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 17 जून को एक्स (X) के जरिए FASTag आधारित वार्षिक पास (Annual FASTag Pass) को लॉन्च करने की घोषणा की।

    यह नई व्यवस्था 15 अगस्त 2025 से देशभर में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य टोल पर बार-बार रिचार्ज करने के झंझट को खत्म करना, टोल लेन में भीड़ को कम करना और तेज व सुगम यात्रा को सुनिश्चित करना है। FASTag annual pass launch

    क्या है FASTag एनुअल पास?FASTag annual pass launch

    यह एक वार्षिक सब्सक्रिप्शन आधारित पास होगा जो केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (जैसे कार, वैन, जीप आदि) के लिए मान्य होगा। इसकी कीमत ₹3000 प्रति वर्ष रखी गई है।

    इस पास की प्रमुख विशेषताएं हैं:

    • 1 वर्ष या 200 ट्रिप्स तक मान्य (जो पहले पूरा हो, वही मान्य होगा)
    • एक बार भुगतान के बाद पूरे वर्ष टोल की चिंता नहीं
    • देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू
    • FASTag तकनीक आधारित लेन-देन
    FASTag annual pass launch

    📆 कब और कैसे मिलेगा पास?

    नितिन गडकरी ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से यह योजना लागू हो जाएगी। इसके लिए NHAI या MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट या राजमार्ग यात्रा ऐप पर एक विशेष लिंक जारी किया जाएगा, जहां से लोग FASTag एनुअल पास को खरीद या रिन्यू कर सकेंगे।

    🚗 किसके लिए होगा पास?FASTag annual pass launch

    यह पास केवल निम्नलिखित वाहन श्रेणियों के लिए मान्य होगा:

    • निजी उपयोग की कारें
    • वैन
    • जीप

    महत्वपूर्ण: यह सुविधा व्यावसायिक वाहनों (जैसे ट्रक, टैक्सी, बस आदि) के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

    कम होगा वेटिंग टाइम, बढ़ेगी यात्रा की सुगमता

    इस पास के आने से टोल प्लाज़ाओं पर बार-बार भुगतान की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे टोल बूथ पर वेटिंग टाइम घटेगा, जिससे ना सिर्फ यातायात तेज होगा, बल्कि टोल से जुड़ी झड़पों व विवादों में भी कमी आएगी।

    सरकार की मंशा: पारदर्शिता और सुलभता

    सरकार इस नई नीति के तहत 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा होने जैसी स्थितियों से उपजे विवादों को भी खत्म करना चाहती है। एक ही पास से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित होगा, जिससे शिकायतों की संभावना कम होगी।

    FASTag एनुअल पास के लाभ एक नजर में:

    लाभविवरण
    कीमत₹3000 प्रतिवर्ष
    वैधता1 साल या 200 यात्राएं
    वाहन श्रेणीकेवल निजी वाहन
    सुविधावेबसाइट या ऐप से सक्रिय
    असरटोल पर झंझट खत्म, यात्रा तेज़

    सोर्स- AAJ TAK

  • Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी रामलली का मंगलवार देर रात निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के थाना गाजीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम रामपुर सुकेती की रहने वाली रामलली अपने पोते का नाम हत्या मामले में आने के बाद से सदमे में थीं।

    परिजनों के अनुसार, रामलली बीते कई दिनों से टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स से मानसिक रूप से परेशान थीं। वह लगातार अपने पोते को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की जिम्मेदार सोनम को ठहराती रहीं। उन्होंने कई बार कहा कि “मेरा बेटा बेकसूर है, उसे फंसाया जा रहा है।”

    Raja Raghuwanshi murder update

    बताया गया कि राज कुशवाहा कई वर्षों पूर्व अपने पिता के साथ इंदौर मजदूरी करने गया था, जहां वह सोनम के पिता की फैक्ट्री में काम करने लगा। यहीं से सोनम और राज का प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो आगे चलकर देश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ गया। Raja Raghuwanshi murder update

    Raja Raghuwanshi murder update

    जैसे-जैसे केस में पुलिस जांच गहराती गई, वैसे-वैसे राज कुशवाहा का नाम उभरता गया। जब लोगों को पता चला कि वह फतेहपुर के रामपुर सुकेती गांव का रहने वाला है, तो गांव में सनसनी फैल गई। Raja Raghuwanshi murder update

    रामलली अपने पोते की लगातार मीडिया कवरेज देखकर आहत थीं। परिजन बताते हैं कि वह हर दिन अखबारों में राज की तस्वीर और टीवी पर खबरें देखती थीं और सदमे में चली जाती थीं। मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया।

    गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और पड़ोसी अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे हैं। वहीं परिजन अब भी दावा कर रहे हैं कि राज कुशवाहा निर्दोष है और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। Raja Raghuwanshi murder update

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  • Modi Trump phone call: ट्रंप के दावे पर पीएम मोदी का करारा जवाब, “भारत ने कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की, न करेगा”

    Modi Trump phone call: ट्रंप के दावे पर पीएम मोदी का करारा जवाब, “भारत ने कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की, न करेगा”

    Modi Trump phone call: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन बातचीत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में स्पष्टता और दृढ़ता का परिचय दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस कॉल में पीएम मोदी ने न सिर्फ भारत की स्थिति स्पष्ट की, बल्कि ट्रंप के पुराने बयानों का भी करारा जवाब दिया।

    यह फोन कॉल उस समय हुई जब जी-7 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित थी, लेकिन ट्रंप को कनाडा से जल्दी लौटना पड़ा, जिससे यह मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद ट्रंप के आग्रह पर 35 मिनट की फोन बातचीत हुई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि इस बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर की परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    पीएम मोदी का सीधा और स्पष्ट रुख- Modi Trump phone call

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से बताया कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंधों में कभी किसी बाहरी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है। भारत की नीति स्पष्ट रही है कि द्विपक्षीय मसलों को दोनों देशों के बीच आपसी संवाद के माध्यम से ही हल किया जाएगा। मोदी ने कहा कि भारत की समस्त राजनीतिक पार्टियों का इस विषय पर एकमत मत है।

    ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर का सच- Modi Trump phone call

    प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की घटनाओं को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने आतंक के खिलाफ सटीक और नियंत्रित कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई न केवल सीमित और लक्षित थी, बल्कि पूरी तरह से गैर-उकसावे वाली थी। Modi Trump phone call

    उन्होंने कहा कि भारत ने सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था और यह कार्रवाई पाकिस्तान के किसी नागरिक या सैन्य संस्थान को लक्ष्य बनाकर नहीं की गई थी। मोदी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की एक गोली का जवाब भारत ने गोले से दिया। Modi Trump phone call

    सीजफायर का असली कारण

    सीजफायर के मुद्दे पर ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने अपने व्यापारिक प्रभाव का इस्तेमाल कर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकवाया। लेकिन पीएम मोदी ने यह बात साफ कर दी कि भारत पर कोई दबाव नहीं था।

    प्रधानमंत्री ने बताया कि 9 मई की रात को अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जेडी वॉन्स ने पीएम मोदी को कॉल किया और पाकिस्तान की ओर से बड़े हमले की आशंका जताई। मोदी ने उपराष्ट्रपति वॉन्स को जवाब दिया कि अगर पाकिस्तान ने ऐसा किया, तो भारत और भी बड़ा जवाब देगा। Modi Trump phone call

    भारत की जवाबी कार्रवाई और पाकिस्तान की गुहार

    9-10 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के हमले का जोरदार जवाब दिया और पाकिस्तान की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया। पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डे काम करने लायक नहीं रहे। इसी के बाद पाकिस्तान ने सैन्य चैनल के जरिए भारत से सीजफायर की गुजारिश की।

    पीएम मोदी ने ट्रंप को साफ कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील या किसी भी तरह की मध्यस्थता की बात उस दौरान नहीं हुई थी।

    ट्रंप को करारा जवाब

    ट्रंप अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत और शांति स्थापित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन पीएम मोदी ने ट्रंप को साफ कर दिया कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को कभी नहीं स्वीकार करेगा।

  • Aligarh Factory Blast: अलीगढ़ में केमिकल फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट, एक युवक गंभीर रूप से घायल

    Aligarh Factory Blast: अलीगढ़ में केमिकल फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट, एक युवक गंभीर रूप से घायल

    Aligarh Factory Blast: अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र के नादा बाजिदपुर में एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। यह हादसा इतना भयावह था कि विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री से एक केमिकल ड्रम के टुकड़े हवा में उछलकर आसपास के क्षेत्र में बिखर गए। इनमें से कुछ टुकड़े पास के एक मकान में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की, जबकि पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह विस्फोट केमिकल ड्रम में अत्यधिक दबाव के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम जांच में जुटी है।

    यह घटना क्षेत्र में फैक्ट्रियों के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए। प्रशासन ने अब फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की गहन जांच करने का आश्वासन दिया है।

    पुलिस ने फैक्ट्री मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करने की मांग को भी तेज कर दिया है।

    आने वाले दिनों में इस जांच के नतीजे सामने आएंगे, जो इस हादसे के पीछे की वजह को स्पष्ट करेंगे। तब तक, प्रशासन और पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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  • ISRAEL IRAN WAR: इजरायली बमबारी से थर्राया तेहरान! राजधानी छोड़ रहे हजारों लोग, सड़कों पर जाम और अफरा-तफरी

    ISRAEL IRAN WAR: इजरायली बमबारी से थर्राया तेहरान! राजधानी छोड़ रहे हजारों लोग, सड़कों पर जाम और अफरा-तफरी

    ईरान की राजधानी तेहरान इस वक्त अपने सबसे डरावने दौर से गुजर रही है। इजरायली मिसाइल हमलों और हवाई बमबारी के बाद पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। आम लोग शहर से पलायन कर रहे हैं और शहर की अधिकतर सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ है।

    तेहरान में रह रहे नागरिकों के अनुसार, अब हर कोई अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहता है। खासकर उत्तर दिशा में स्थित ग्रामीण इलाकों की ओर भारी संख्या में लोग भाग रहे हैं। लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण ये रास्ते भी बंद होने की कगार पर हैं।

    CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, लोग घबराए हुए हैं और पेट्रोल पंपों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। जर्मन प्रेस एजेंसी डीपीए के रिपोर्टर ने भी कहा कि शहर में बदहवासी का माहौल है और लोग बिना योजना के बस निकल पड़ रहे हैं।

    इजरायली वायु सेना द्वारा किए गए टारगेटेड हमलों में ईरानी वैज्ञानिकों और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के आवासों को निशाना बनाया गया। कुछ तस्वीरों में देखा गया कि कैसे सटीक हमलों में आवासीय इमारतें ध्वस्त हो गईं। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल और गहरा हो गया है।

    सीएनएन से बातचीत में एक शख्स ने कहा, “मैं घर नहीं छोड़ना चाहता लेकिन अपने बच्चों की जान खतरे में नहीं डाल सकता। मुझे उम्मीद है कि अमेरिका हस्तक्षेप करेगा।”

    तेहरान में हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि सरकार को खुद सामने आकर लोगों को भरोसा देना पड़ा है। सरकारी प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने बताया कि मस्जिदों, स्कूलों और मेट्रो स्टेशनों को आपातकालीन शरण स्थलों के रूप में खोला गया है। मेट्रो सेवा अब 24 घंटे खुली रहेगी ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।

    ईरान की राजधानी में ऐसी स्थिति पहली बार नहीं बनी है, लेकिन इस बार की बमबारी और टारगेटेड हमले शहर की असुरक्षा को उजागर कर रहे हैं। इजरायल और ईरान के बीच यह संघर्ष अब सीधे नागरिकों के जीवन को प्रभावित कर रहा है।

    सरकार और सेना द्वारा किसी बड़े पलटवार की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह हमला और तेज होता है, तो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैल सकती है।

    इस तनावपूर्ण स्थिति में तेहरान की सड़कों पर फंसे लोग सरकार से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि यह युद्ध रुके और आम नागरिकों की जान बच सके।

  • JHANSI GANJA SMUGGLING: मछली दानों में छिपा था गांजा! झांसी में 90 लाख की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

    JHANSI GANJA SMUGGLING: मछली दानों में छिपा था गांजा! झांसी में 90 लाख की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

    JHANSI GANJA SMUGGLING: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मोंठ थाना पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मछली दाने के बीच छिपाकर तस्करी किया जा रहा 90 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया है। इस मामले में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गांजे की भारी खेप को डीसीएम ट्रक के जरिए राज्य से बाहर पहुंचाने की फिराक में थे।

    एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मीडिया को बताया कि पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि झांसी-कानपुर हाईवे पर एक डीसीएम ट्रक में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही मोंठ थाना पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और तलाशी ली।

    जांच के दौरान हरियाणा नंबर के डीसीएम ट्रक से 2 कुंतल 30 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसे बड़ी चालाकी से मछली के दाने के नीचे छिपाया गया था।

    गिरफ्तार हुए तस्कर

    इस मामले में पुलिस ने राहुल कुमार (36) निवासी बिजनौर और जयप्रकाश पासवान (35) निवासी दरभंगा, बिहार को मौके से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह गांजा छत्तीसगढ़ से लाया गया था, जिसे आगे किसी अन्य राज्य में सप्लाई किया जाना था।

    अंतरराज्यीय गैंग से संबंध

    गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में उनके दो और साथी शामिल हैं—यूसुफ अंसारी (बरेली निवासी) और पवन पांडेय (प्रतापगढ़ निवासी)। ये दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    कैसे छिपाया गया था गांजा?

    गांजे को इस तरह छिपाया गया था कि उसे देखना और पकड़ना आसान न हो। मछली के चारे के बोरे के बीच गांजा भरा गया था, ताकि ट्रक की तलाशी के दौरान शक न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

    नशे के खिलाफ सख्ती

    झांसी पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। आए दिन यूपी के विभिन्न जिलों में नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिस तरह यह तस्करी हो रही थी, वह बेहद शातिर तरीका था। एसएसपी ने साफ किया कि मादक पदार्थों की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।\

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  • Mirzapur Illegal sand mining: जोपा गांव में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का शिकंजा, ट्रैक्टर-ट्राली सीज

    Mirzapur Illegal sand mining: जोपा गांव में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का शिकंजा, ट्रैक्टर-ट्राली सीज

    Mirzapur Illegal sand mining: मीरजापुर (विंध्याचल) के जोपा गांव में रविवार सुबह अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्राली को सीज कर दिया। यह छापेमारी विंध्याचल थाना क्षेत्र की नदिनी चौकी अंतर्गत की गई, जिसमें एसडीएम सदर गुलाब चंद्र, खान अधिकारी जितेंद्र सिंह और नायब तहसीलदार चंद्रगुप्त सागर के नेतृत्व में पुलिस बल शामिल रहा।

    छापेमारी के दौरान बालू से लदा ट्रैक्टर-ट्राली खेत में खड़ा मिला, जिसे देखकर चालक मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से ट्रैक्टर को बाहर निकलवाया और उसे खान अधिकारी के वरिष्ठ सहायक दीपक द्वारा गैपुरा चौकी तक पहुंचाया गया।

    Mirzapur Illegal sand mining

    एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बताया कि जोपा और कछुआ सेंचुरी गोगांव क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सीज किए गए ट्रैक्टर को गैपुरा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही गोगांव क्षेत्र में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    हालांकि, अब तक गोगांव में कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिसका प्रमुख कारण पुलिस का अपर्याप्त सहयोग और कुछ स्थानीय माफियाओं को संरक्षण मिलना माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की सक्रियता को तो दर्शाया है, लेकिन खनन माफियाओं की पकड़ को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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  • Ahmedabad Plane Crash: पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA मैच, राजकोट में होगा अंतिम संस्कार

    Ahmedabad Plane Crash: पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA मैच, राजकोट में होगा अंतिम संस्कार

    Ahmedabad Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI171) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघनीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 275 लोगों की जान चली गई। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। रविवार, 15 जून 2025 को अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि विजय रूपाणी के शव का DNA मैच हो गया है। अब उनका पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाएगा, और राजकोट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। Ahmedabad Plane Crash

    विजय रूपाणी: एक समर्पित राजनेता का अंत- Ahmedabad Plane Crash

    विजय रूपाणी, जो 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, इस हादसे के सबसे प्रमुख शिकार थे। 68 वर्षीय रूपाणी लंदन में अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। वह बिजनेस क्लास में सीट 2D पर यात्रा कर रहे थे। उनकी मृत्यु की खबर ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ा दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इसे पार्टी और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    रूपाणी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ था। 1976 में आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी हुई थी। राजकोट के मेयर, राज्यसभा सांसद, और गुजरात के परिवहन व जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। 2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भूपेंद्र पटेल ने उनकी जगह ली।

    DNA पहचान और शव सौंपने की प्रक्रिया- Ahmedabad Plane Crash

    हादसे की भयावहता के कारण अधिकांश शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके चलते DNA टेस्टिंग के जरिए पहचान की जा रही है। रविवार सुबह तक 248 शवों के DNA सैंपल लिए गए, जिनमें से 31 की पहचान हो चुकी है। इनमें से 20 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, और डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किए गए हैं।

    अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजनिश पटेल ने बताया, “हमने 31 शवों का DNA मिलान पूरा कर लिया है, और 12 शव परिजनों को सौंपे गए हैं। पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA भी मैच हो गया है।” शवों को उनके गृहनगर पहुंचाने के लिए 192 एम्बुलेंस और वाहनों को तैनात किया गया है। इसके लिए 230 टीमें बनाई गई हैं, जो परिजनों के साथ समन्वय कर रही हैं।

    विदेशी नागरिकों के परिजनों का अहमदाबाद आगमन- Ahmedabad Plane Crash

    विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। हादसे में मारे गए 11 विदेशी नागरिकों के परिजन रविवार को अहमदाबाद पहुंच सकते हैं। एयर इंडिया ने विदेशी नागरिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444) जारी किया है, ताकि उनके परिजनों को सहायता मिल सके। इसके अलावा, अहमदाबाद सिटी पुलिस ने भी हेल्पलाइन नंबर (079-25620359) उपलब्ध कराया है।

    ताबूतों की व्यवस्था और राहत कार्य- Ahmedabad Plane Crash

    हादसे के बाद शवों को उनके गृहनगर भेजने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 170 ताबूत बनाने का ऑर्डर दिया गया है, जिनमें से 100 ताबूत वडोदरा से अहमदाबाद लाए गए हैं। बाकी ताबूतों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राहत कार्यों में 100 फायर वाहन, 46 अर्थमूवर्स, और 591 सदस्यों की मेडिकल टीम तैनात है।

    गुजरात सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए शोक परामर्शदाताओं की नियुक्ति की है, ताकि वे इस मानसिक आघात से उबर सकें। अहमदाबाद नगर निगम ने मौके पर ही डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था की है, ताकि परिजनों को प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

    हादसे का प्रभाव और जांच- Ahmedabad Plane Crash

    इस हादसे में केवल एक यात्री, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विशवास कुमार रमेश, जीवित बचे। वे सीट 11A पर थे और आपातकालीन निकास द्वार से कूदकर बच गए। उनकी हालत स्थिर है, और वे सिविल अस्पताल में इलाजरत हैं।

    हादसे की जांच के लिए विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम सक्रिय है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जो दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद करेगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन पूर्ण जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

    राजकोट में शोक की लहर- Ahmedabad Plane Crash

    विजय रूपाणी के गृहनगर राजकोट में शोक की लहर है। शनिवार को शहर में आधे दिन का बंद रखा गया था। राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की अपील पर दुकानें, व्यवसाय, और 600 से अधिक स्कूल दोपहर तक बंद रहे। रूपाणी का अंतिम संस्कार राजकोट में होगा, जहां उनके परिवार और समर्थक उनकी अंतिम विदाई के लिए इकट्ठा होंगे।

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  • Israel Iran War: Fordow पर नजर, Tehran पर वार! जानिए इजरायल-ईरान संघर्ष में अमेरिका की ‘नो एंट्री’ नीति

    Israel Iran War: Fordow पर नजर, Tehran पर वार! जानिए इजरायल-ईरान संघर्ष में अमेरिका की ‘नो एंट्री’ नीति

    Israel Iran War: इजरायल और ईरान के बीच तनाव ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है। दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों की तीव्रता ने स्थिति को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल के रिहायशी इलाकों, जैसे तेल अवीव और हाइफा, को तबाह कर दिया है। इस युद्ध ने न केवल मध्य पूर्व को, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने की आशंका ने तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है। इस लेख में हम इस युद्ध के विभिन्न पहलुओं, Fordow न्यूक्लियर प्लांट की खासियत, और इसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा करेंगे। Israel Iran War

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    चुनिंदा ठिकानों को बना रहे हैं निशाना– Israel Iran War

    इजरायल लगातार ईरान के न्यूक्लियर फैसिलिटी, सैन्य बेस और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को टारगेट कर रहा है। जवाब में ईरान ने इजरायली रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर आम जनता को नुकसान पहुंचाया है। इस युद्ध के केंद्र में ईरान का Fordow न्यूक्लियर प्लांट है, जिसे लेकर इजरायल ने अब अमेरिका से मदद मांगी है। Israel Iran War

    ईरान के मिसाइल हमले में इजराइल के 10 लोग मारे गए, 200 से ज्यादा लोग घायल हैं, 35 लापता हैं. (Photo Credit – X)

    Fordow प्लांट: ईरान की परमाणु ताकत का केंद्र– Israel Iran War

    Fordow न्यूक्लियर प्लांट ईरान के सबसे हाई-सिक्योरिटी यूरेनियम संवर्धन संयंत्रों में से एक है। यह Qom शहर से 32 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और पहाड़ के अंदर बना हुआ है। यह प्लांट IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स) की निगरानी में है। इसमें लगभग 2000 सेंट्रीफ्यूज हैं, जिनमें से करीब 350 उन्नत IR-6 मॉडल के हैं जो 60% शुद्धता तक यूरेनियम को संवर्धित कर सकते हैं। यही कारण है कि इजरायल इस प्लांट को ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रीढ़ मानता है।

    इजरायल ने मांगी अमेरिकी सैन्य सहायता– Israel Iran War

    ईरान के साथ जंग को 48 घंटे गुजर चुके हैं और इस बीच इजरायली सरकार ने अमेरिकी प्रशासन से अपील की है कि वह Fordow प्लांट पर हमले में इजरायल का साथ दे। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि प्लांट की अंडरग्राउंड स्थिति की वजह से उनका देश अकेले इसे नष्ट नहीं कर सकता। Israel Iran War

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    अमेरिकी रुख: सैन्य समर्थन से फिलहाल इंकार– Israel Iran War

    हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका फिलहाल इस युद्ध में सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने भी बताया है कि अमेरिका की प्राथमिकता फिलहाल मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य और राजनयिक संपत्तियों की सुरक्षा है।

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “इजरायल को फिलहाल अपने दम पर लड़ाई लड़नी होगी। हम ईरान को चेतावनी देते हैं कि वह हमारे किसी सैनिक या ठिकाने पर हमला न करे।” Israel Iran War

    जंग का विस्तार और वैश्विक खतरे

    अगर अमेरिका इजरायल का साथ देता है, तो इसके दूरगामी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं:

    1. मिडिल ईस्ट में व्यापक युद्ध: ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी देश इजरायल की मदद करेगा, उस पर हमला किया जाएगा। इससे सऊदी अरब, कतर, बहरीन जैसे अन्य देश भी युद्ध में घसीटे जा सकते हैं।
    2. अमेरिकी सैनिकों पर खतरा: मिडिल ईस्ट में 40,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इन पर मिसाइल या प्रॉक्सी हमले की आशंका है।
    3. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी: यह समुद्री मार्ग विश्व के 30% तेल व्यापार का रास्ता है। युद्ध की स्थिति में ईरान यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है, जिससे तेल कीमतें आसमान छू सकती हैं।
    4. परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकल सकता है ईरान: युद्ध बढ़ने की स्थिति में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय समझौतों से बाहर आ सकता है।

    इजरायल-ईरान युद्ध की वजह- Israel Iran War

    इजरायल और ईरान के बीच तनाव नया नहीं है। यह संघर्ष दशकों पुराना है, जो 1982 के लेबनान युद्ध से शुरू हुआ, जब ईरान ने लेबनानी शिया और फिलिस्तीनी समूहों का समर्थन किया था। हाल के वर्षों में, ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने इस तनाव को और गहरा दिया है। इजरायल का मानना है कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का इरादा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। इसीलिए, इजरायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए।

    क्या शांति की कोई गुंजाइश है?

    हालात बेशक गंभीर हैं, लेकिन अमेरिका ने यह संकेत भी दिया है कि वह चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर लौटे। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम इजरायल को रोकेंगे नहीं, लेकिन हम इस जंग का समाधान कूटनीति से चाहते हैं।”

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    सोर्स- AAJ TAK

  • NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: दरोगा का बेटा निकला हत्यारा, पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल

    NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: दरोगा का बेटा निकला हत्यारा, पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल

    NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: उत्तर प्रदेश के नोएडा में मनी एक्सचेंजर की हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सेक्टर-12 के डब्ल्यू ब्लॉक स्थित एक किराए के मकान में मनी एक्सचेंजर की लूट के बाद हत्या करने वाले दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह मुठभेड़ नोएडा के सेक्टर-54 के जंगल में हुई, जहां दोनों बदमाशों – आकाश उपाध्याय और मुकुल शर्मा – को दोनों पैरों में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ा गया। NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER

    हैरत की बात ये है कि मुख्य आरोपी आकाश एक स्वर्गीय सब इंस्पेक्टर देवदत्त उपाध्याय का बेटा है और दूसरा अभियुक्त मुकुल गाजियाबाद निवासी है। डीसीपी यमुना प्रसाद के मुताबिक, दोनों बदमाश पहले ऐसे लोगों को तलाशते थे जो आसानी से विदेशी मुद्रा देने के लिए तैयार होते थे। फिर ‘टू-लेट’ बोर्ड लगे मकानों को देखकर मालिक से संपर्क करते, टोकन अमाउंट देकर कमरा बुक करते और फिर उसी पते पर फॉरेन करेंसी एक्सचेंजर को बुलाकर लूटपाट करते थे। NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER

    पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपियों के पास से ₹4 लाख भारतीय मुद्रा, 9,900 कनाडाई डॉलर और 30 दिरहम बरामद किए हैं। कुल रकम करीब ₹10.30 लाख बताई जा रही है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और अन्य सामान भी बरामद हुए हैं।

    डीसीपी ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 260 सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और 5 पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि बदमाश हत्या के इरादे से नहीं आए थे, लेकिन लूट के समय जब मनी एक्सचेंजर ने विरोध किया, तो उन्होंने गोली मार दी। भागते समय स्कूटी स्टार्ट न होने के कारण दोनों आरोपी पैदल ही फरार हो गए और फिर दिल्ली में एक दोस्त आर्यन के फ्लैट में छिपे, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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