Nation Now Samachar

Category: Latest

Latest

  • समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति ने दिया बाल पुरस्कार, बोलीं- ये तो शुरुआत है

    समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति ने दिया बाल पुरस्कार, बोलीं- ये तो शुरुआत है

    समस्तीपुर।बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दिन गर्व और सम्मान का रहा, जब उन्हें राष्ट्रपति बाल पुरस्कार से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह के दौरान महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव सूर्यवंशी की सराहना करते हुए कहा, “यह तो केवल शुरुआत है। आने वाले समय में देश के बाकी बच्चे आपको फॉलो करेंगे।” राष्ट्रपति के इन शब्दों ने न केवल वैभव, बल्कि देशभर के बच्चों को प्रेरणा देने का काम किया।राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बच्चे ही कल का भारत हैं और उनकी प्रतिभा को पहचानकर प्रोत्साहित करना देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बच्चे यह साबित करते हैं कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

    वैभव सूर्यवंशी बाल पुरस्कार मिलने के बाद उनके परिवार, शिक्षकों और जिले के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। समस्तीपुर में लोगों ने इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैभव की सफलता अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली बच्चों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं से समाज और देश के लिए सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

    वैभव सूर्यवंशी की इस उपलब्धि को बिहार के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में यह सम्मान राज्य के बच्चों को आगे बढ़ने का हौसला देगा। राष्ट्रपति के शब्दों में कहा जाए तो यह सम्मान वैभव के लिए मंज़िल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।

  • सीतापुर के परसेंडी ब्लॉक में मनरेगा भ्रष्टाचार, 5 मजदूर मौके पर 70 कागजों में

    सीतापुर के परसेंडी ब्लॉक में मनरेगा भ्रष्टाचार, 5 मजदूर मौके पर 70 कागजों में

    संवाददाता शिवाकांत दीक्षित उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से मनरेगा में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। विकासखंड परसेंडी की ग्राम पंचायत धरनाग में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी हकीकत और सरकारी रिकॉर्ड में भारी अंतर देखने को मिल रहा है।

    मौके की स्थिति यह है कि कार्यस्थल पर केवल 5 श्रमिक काम करते हुए पाए जाते हैं, जबकि ऑनलाइन और कागजी रिकॉर्ड में 65 से 70 श्रमिकों की उपस्थिति लगातार दर्ज की जा रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सीतापुर मनरेगा भ्रष्टाचार के तहत फर्जी मजदूर दिखाकर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।

    आरोप है कि इस पूरे मामले में खंड विकास अधिकारी (BDO), ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान और डीसी मनरेगा की मिलीभगत से सरकार के साथ आंख मिचौली का खेल खेला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार केवल धरनाग पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि सीतापुर जिले के अन्य विकासखंडों में भी इसी तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं।

    जानकारी के अनुसार हरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत सिकंदरपुर में भी मनरेगा के तहत इसी तरह का भ्रष्टाचार अंजाम दिया जा रहा है। आरोप यह भी है कि जिला स्तर के कुछ सक्षम अधिकारियों की सहमति से इस पूरे सिस्टम को संरक्षण मिल रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

    जब इस मामले में विकासखंड स्तर के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। वहीं, जिला स्तरीय डीसी मनरेगा से बात करने का प्रयास भी असफल रहा। अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और आरोपों को और मजबूती देती है।

    मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में इस तरह का भ्रष्टाचार न केवल सरकार की मंशा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के हक पर भी डाका डालता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शासन स्तर पर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

  • अटल बिहारी वाजपेयी का विश्वास और सिद्धांत, जन्मदिन पर जानिए घर के पते से जुड़ा किस्सा

    अटल बिहारी वाजपेयी का विश्वास और सिद्धांत, जन्मदिन पर जानिए घर के पते से जुड़ा किस्सा

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि विश्वास, सिद्धांत और सादगी की मिसाल थे। उनके जन्मदिन के अवसर पर उनसे जुड़ा एक ऐसा किस्सा सामने आता है, जो आज भी राजनीति और समाज दोनों के लिए प्रेरणा देता है। यह कहानी उनके घर के पते से जुड़ी है, लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं।

    अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन हमेशा पारदर्शिता और ईमानदारी के लिए जाना गया। कहा जाता है कि जब वह सक्रिय राजनीति में थे, तब उनके नाम से आने वाले पत्रों और दस्तावेजों में उनके घर का पता बेहद साधारण तरीके से लिखा जाता था। एक बार अधिकारियों ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए उनके आवास का पता औपचारिक और भव्य रूप में दर्ज किया जाए। लेकिन अटल जी ने इसे विनम्रता से ठुकरा दिया।

    उन्होंने साफ कहा कि घर का पता बदलने से व्यक्ति की पहचान नहीं बदलती। उनका मानना था कि पद अस्थायी होते हैं, लेकिन सिद्धांत और विश्वास स्थायी होते हैं। यही कारण था कि उन्होंने कभी अपने पद का उपयोग व्यक्तिगत सुविधा या दिखावे के लिए नहीं किया।

    अटल बिहारी वाजपेयी जन्मदिन किस्सा यह भी बताता है कि वह सत्ता को सेवा का माध्यम मानते थे। उनके लिए राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी थी। यही वजह है कि उनके निर्णयों में व्यक्तिगत लाभ के बजाय राष्ट्रहित सर्वोपरि रहा।

    अटल जी की सादगी उनके पूरे जीवन में झलकती रही। चाहे पहनावा हो, रहन-सहन हो या फिर व्यवहार—हर जगह उनकी सरलता लोगों को प्रभावित करती थी। उनके इसी स्वभाव ने उन्हें विरोधियों के बीच भी सम्मान दिलाया।

    आज के राजनीतिक दौर में अटल बिहारी वाजपेयी का यह किस्सा हमें याद दिलाता है कि सच्चा नेता वही होता है जो सिद्धांतों से कभी समझौता न करे। उनके जन्मदिन पर यह कहानी सिर्फ स्मरण नहीं, बल्कि एक सीख है कि विश्वास और ईमानदारी ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होती है।

  • छिबरामऊ में धूमधाम से मना यूपी उद्योग व्यापार मंडल का 52वां स्थापना दिवस

    छिबरामऊ में धूमधाम से मना यूपी उद्योग व्यापार मंडल का 52वां स्थापना दिवस

    संवाददाता जय गुप्ता छिबरामऊ, कन्नौज में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का स्थापना दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। विशुनगढ़ रोड स्थित लिटिल स्टार मैरिज लॉन में आयोजित इस समारोह में संगठन के 52 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, पदाधिकारी और संगठन से जुड़े लोग मौजूद रहे।

    इस अवसर पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का 52 वर्षों का सफर संघर्ष, विश्वास और व्यापारियों के स्वाभिमान की कहानी है। उन्होंने कहा कि संगठन ने हर दौर में व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाई है।

    वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एवं खाटू श्याम सेवा समिति के अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने कहा कि यह संगठन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन और एक परिवार है, जिस पर प्रदेश के लाखों व्यापारियों का अटूट विश्वास है। उन्होंने संगठन की एकजुटता और मजबूती पर जोर दिया।

    नगर अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता लालू ने कहा कि अपनी स्थापना से लेकर अब तक संगठन ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन व्यापारियों के सम्मान और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। चाहे इंस्पेक्टर राज के खिलाफ संघर्ष हो, कर सुधारों की मांग हो या व्यापारियों पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी हो, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल हमेशा एक मजबूत ढाल बनकर खड़ा रहा है।

    किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने संगठन को प्रदेश का सबसे पुराना, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली व्यापारी संगठन बताया। उन्होंने कहा कि इसकी जड़ें प्रदेश के हर जिले, तहसील और कस्बे तक फैली हुई हैं, जिससे यह व्यापारियों की आवाज को मजबूती प्रदान करता है।

    कार्यक्रम के दौरान विधिक बाट-माप विज्ञान विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली और समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान की मांग की।

    इस अवसर पर बृजेश गुप्ता, वेद प्रकाश राठौर, सत्यनारायण वर्मा, आनंद गुप्ता, नरेश गुप्ता गोल्डी, प्रभाकर गुप्ता, अनिल यादव, अमित भारतीय, अनुपम वर्मा, प्रियांशु गुप्ता, रामू गुप्ता, दीपक किराना, इमरान खान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

  • विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का तूफानी शतक, 33 गेंदों में रचा इतिहास

    विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का तूफानी शतक, 33 गेंदों में रचा इतिहास

    विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक भारतीय घरेलू क्रिकेट में चर्चा का विषय बन गया है। झारखंड के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशन किशन ने कर्नाटक के खिलाफ मात्र 33 गेंदों में शतक जड़कर नया इतिहास रच दिया। यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, जहां किशन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

    ईशन किशन ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कर्नाटक के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए। उनकी इस पारी में चौकों और छक्कों की भरमार देखने को मिली। केवल 33 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

    विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह पारी दबाव भरे मुकाबले में आई। कर्नाटक जैसी मजबूत टीम के खिलाफ किशन ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने मैच की दिशा ही बदल दी। उनकी पारी की बदौलत झारखंड की टीम बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ी।

    नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने ईशन किशन की बल्लेबाजी का जमकर आनंद लिया। हर बाउंड्री और छक्के के साथ स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पारियां घरेलू क्रिकेट के स्तर को और ऊंचा उठाती हैं।

    इस शतक के साथ ईशन किशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह सीमित ओवरों के प्रारूप में कितने खतरनाक बल्लेबाज हैं। उनकी यह पारी आने वाले समय में चयनकर्ताओं का भी ध्यान आकर्षित कर सकती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से किशन ने अपनी दावेदारी मजबूत की है।

    कुल मिलाकर, विजय हजारे ट्रॉफी में ईशन किशन का शतक न सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए भी एक यादगार पल बन गया है।

  • चांदी के भाव में जबरदस्त उछाल, 2 लाख के पार पहुंची कीमत, सोना भी महंगा

    चांदी के भाव में जबरदस्त उछाल, 2 लाख के पार पहुंची कीमत, सोना भी महंगा

    सर्राफा बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। चांदी के भाव लगातार उछाल पर बने हुए हैं और मंगलवार 22 दिसंबर को चांदी की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलो के ऊपर बनी हुई है। चांदी की इस रिकॉर्ड तेजी ने निवेशकों और कारोबारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    बाजार जानकारों के मुताबिक औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव की वजह से कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। खासतौर पर चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में बढ़ने से इसकी मांग मजबूत बनी हुई है, जिसका सीधा असर दामों पर पड़ रहा है।

    वहीं सोने के दामों में भी आज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर सोने की मांग बढ़ने से इसकी कीमतें ऊपर की ओर गई हैं। वैश्विक बाजार में कमजोर डॉलर और ब्याज दरों को लेकर असमंजस की स्थिति भी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।

    https://nationnowsamachar.com/bollywood-news/kartik-aaryan-ananya-panday-airport-look-spotted/

    सर्राफा बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन और आने वाले त्योहारों को देखते हुए घरेलू बाजार में भी खरीदारी बढ़ी है। इसका असर सोने और चांदी दोनों की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। निवेशक भी महंगाई और बाजार की अस्थिरता से बचाव के लिए कीमती धातुओं में निवेश को सुरक्षित मान रहे हैं।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/rapid-rail-ashleel-harkat-students-identified-ghaziabad-fir/

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर आर्थिक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में चांदी के भाव और सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी माना जा रहा है।कुल मिलाकर, मौजूदा समय में सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल है और इसका सीधा फायदा उन निवेशकों को मिल रहा है, जिन्होंने पहले से ही सोने-चांदी में निवेश किया हुआ है।

    https://nationnowsamachar.com/other/amroha-hindu-sangathan-protest-bangladesh-hatya/
  • पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा गिरे और वह भी उस वक्त जब वह केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के साथ दौड़ लगा रहे थे। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे
    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    बताया जा रहा है कि पीलीभीत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने आपसी उत्साह और जोश दिखाते हुए दौड़ लगाने का फैसला किया। दौड़ शुरू होते ही दोनों तेजी से आगे बढ़े, लेकिन कुछ ही दूरी पर हेमराज वर्मा का संतुलन बिगड़ गया और वह दौड़ते हुए अचानक मुंह के बल जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग तुरंत उनकी ओर दौड़े और उन्हें उठाने में मदद की।

    गिरने के बाद हेमराज वर्मा ने खुद को संभालते हुए मुस्कुराकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम गिरते-उठते आए हैं, साजिशों से फिर जीतेंगे।” उनके इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसे उन्होंने अपने समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए संकेत माना जा रहा है।

    इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों ने इसे हेमराज वर्मा के जुझारूपन से जोड़ते हुए कहा कि गिरने के बावजूद उनका हौसला कायम है। वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इस पर तंज कसते हुए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।

    हालांकि, हेमराज वर्मा गिरे इस घटना में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने बाकी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। यह घटना फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया चर्चाओं का विषय बनी हुई है।

  • Kanpur Dehat Weather: ठंड-कोहरे का असर, रबी फसलों को फायदा, पाले का खतरा

    Kanpur Dehat Weather: ठंड-कोहरे का असर, रबी फसलों को फायदा, पाले का खतरा

    Kanpur Dehat Weather इन दिनों किसानों के लिए मिला-जुला असर लेकर सामने आया है। जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा रबी फसलों के लिए जहां फायदेमंद साबित हो रहा है, वहीं आलू और सरसों जैसी संवेदनशील फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण किसान मौसम को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

    रबी फसलों को मिला फायदा

    कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, Kanpur Dehat Weather में आई ठंड गेहूं, चना, मटर और मसूर जैसी रबी फसलों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। ठंडा मौसम फसलों की बढ़वार को बेहतर बनाता है और दानों की गुणवत्ता में सुधार करता है। कोहरे की वजह से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता भी कुछ हद तक कम हुई है। इससे किसानों को लागत में राहत मिलने की उम्मीद है।

    आलू और सरसों पर पाले की आशंका

    हालांकि, मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आलू और सरसों की फसलों के लिए चिंता का कारण बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान और गिरता है, तो पाले की स्थिति बन सकती है। पाला पड़ने से आलू की पत्तियां झुलस सकती हैं और सरसों की फलियों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

    किसानों को दी गई सलाह

    कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें। पाले से बचाव के लिए रात के समय हल्की सिंचाई करने, खेतों में धुआं करने और जैविक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। Kanpur Dehat Weather को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कुल मिलाकर, ठंड और कोहरा रबी फसलों के लिए लाभकारी है, लेकिन आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों को आने वाले दिनों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

  • Pilibhit News: गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की मौत

    Pilibhit News: गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की मौत

    Pilibhit News के तहत एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पीलीभीत में एक सरकारी कर्मचारी और उसकी पत्नी की गैस गीजर से दम घुटने के कारण मौत हो गई। यह घटना उस समय सामने आई जब काफी देर तक घर से कोई हलचल नहीं दिखी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान हरिंदर के रूप में हुई है, जो एक सरकारी कर्मचारी थे। वह अपनी पत्नी रेनू सक्सेना के साथ पीलीभीत में किराए के मकान में रहते थे। दोनों बाथरूम में गए थे, जहां गैस गीजर चालू होने के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई और दम घुटने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस ने तोड़ा बाथरूम का दरवाजा

    जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। दोनों पति-पत्नी अचेत अवस्था में पड़े मिले। पुलिस ने तुरंत शवों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    किराए के मकान में रहते थे दंपती

    बताया जा रहा है कि हरिंदर और रेनू सक्सेना कुछ समय से इस मकान में किराए पर रह रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाथरूम में वेंटिलेशन की कमी और गैस गीजर का लंबे समय तक चालू रहना हादसे की मुख्य वजह हो सकता है।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले में किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं और इसे दुर्घटना माना जा रहा है।

  • Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में दिए गए अपने बयान में सीएम योगी ने साफ कहा कि यूपी के भीतर कोडीन कफ सिरप से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर NDPS एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी सरकार इस पूरे मामले में कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी और सरकार को पूरा विश्वास है कि वह इसे जीतेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता, बल्कि इसका निर्माण मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में किया जाता है। यूपी में केवल इसके स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं।

    नकली दवाओं के आरोप खारिज

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उठाए जा रहे नकली दवाओं से मौत के आरोपों पर सीएम योगी ने कहा कि शासन के संज्ञान में अब तक नकली दवाओं से हुई किसी भी मौत की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जिन मौतों की बात की जा रही है, वे अन्य राज्यों से संबंधित हैं, न कि उत्तर प्रदेश से।

    एसटीएफ की कार्रवाई और लाइसेंस विवाद

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में सबसे बड़े होलसेलर को सबसे पहले एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में उस होलसेलर को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लाइसेंस जारी किया गया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “देश के अंदर दो नमूने हैं—एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है, तो वे तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।” उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि यूपी सरकार कानून के तहत सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।