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    iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    नई दिल्ली: हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्नोलॉजी दिग्गज ऐपल (iPhone Price Hike) को एक बार फिर निशाने पर लिया है. ट्रंप ने ऐपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर कंपनी अमेरिका में बिकने वाले iPhone का निर्माण अमेरिका में नहीं करती. यह धमकी ऐपल के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है, क्योंकि कंपनी पहले ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से भारत और अन्य देशों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में है. इस लेख में हम इस मुद्दे की गहराई से पड़ताल करेंगे और समझेंगे कि ट्रंप की इस नीति का ऐपल और iPhone यूजर्स पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.

    ट्रंप का Truth Social पर बयान- iPhone Price Hike

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में ऐपल के CEO टिम कुक को साफ शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, “मैंने टिम कुक को पहले ही बता दिया है कि अमेरिका में बिकने वाले iPhone को अमेरिका में ही बनाना होगा, न कि भारत या किसी अन्य देश में. अगर ऐसा नहीं होता, तो ऐपल को कम से कम 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.” यह बयान न केवल ऐपल के लिए बल्कि पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है. ट्रंप की यह नीति उनकी ‘मेक इन अमेरिका’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका मकसद अमेरिका में रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देना है.iPhone Price Hike

    ऐपल की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति- iPhone Price Hike

    पिछले कुछ सालों में ऐपल ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से बाहर निकालने की रणनीति पर काम शुरू किया था. इसका कारण था अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव और लागत में कमी लाने की जरूरत. भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. ऐपल ने भारत में फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर iPhone के कई मॉडल्स का उत्पादन शुरू किया है. भारत में निर्मित iPhone न केवल स्थानीय बाजार के लिए हैं, बल्कि इन्हें निर्यात भी किया जा रहा है.

    हालांकि, ट्रंप की नई धमकी ने ऐपल की इस रणनीति पर सवालिया निशान लगा दिया है. अगर ऐपल को अमेरिका में iPhone का निर्माण करना पड़ेगा, तो कंपनी को भारी निवेश और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की जरूरत होगी. इससे न केवल लागत बढ़ेगी, बल्कि कंपनी की सप्लाई चेन में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा.iPhone Price Hike

    iPhone की कीमतों पर असर

    ट्रंप के इस टैरिफ प्रस्ताव का सबसे बड़ा प्रभाव iPhone की कीमतों पर पड़ सकता है. अगर ऐपल को 25% टैरिफ देना पड़ा, तो कंपनी के पास दो विकल्प होंगे: या तो वह इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन करेगी, जिससे उसका मुनाफा कम होगा, या फिर वह इस लागत को ग्राहकों पर डालेगी, जिससे iPhone की कीमतें बढ़ जाएंगी.iPhone Price Hike

    ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन्स पहले से ही महंगे हैं, और कीमतों में और इजाफा होने से अमेरिकी बाजार में इसकी बिक्री पर असर पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, अगर iPhone 16 की कीमत $799 से शुरू होती है, तो 25% टैरिफ के बाद इसकी कीमत $1000 के करीब पहुंच सकती है. इससे न केवल आम ग्राहकों को नुकसान होगा, बल्कि ऐपल की प्रतिस्पर्धा पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि सैमसंग और गूगल जैसे प्रतिद्वंद्वी ब्रांड्स सस्ते विकल्प पेश कर सकते हैं.

    भारत और चीन पर ट्रंप का रुख- iPhone Price Hike

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐपल को भारत में मैन्युफैक्चरिंग न करने की सलाह दी है. हाल ही में दोहा में एक बिजनेस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने टिम कुक से भारत में iPhone बनाने से मना किया है. उनका मानना है कि ऐपल को अमेरिका में निवेश करना चाहिए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो.

    पिछले कुछ महीनों में जब ट्रंप ने चीन और भारत पर अलग-अलग टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, तब ऐपल ने जल्दबाजी में भारत और चीन में बने iPhone को हवाई जहाज के जरिए अमेरिका भेजा था. उस समय ट्रंप ने टैरिफ लागू करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया था, जिससे ऐपल को कुछ राहत मिली थी. लेकिन अब ट्रंप का नया बयान इस बात का संकेत है कि वह अपनी नीति पर सख्ती से अमल करने के मूड में हैं.

    ऐपल के लिए चुनौतियां

    ऐपल के सामने कई चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की लागत. अमेरिका में श्रम लागत और बुनियादी ढांचे की लागत भारत और चीन की तुलना में काफी अधिक है. दूसरी चुनौती है सप्लाई चेन का पुनर्गठन. ऐपल की सप्लाई चेन कई देशों में फैली हुई है, और इसे पूरी तरह अमेरिका में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. तीसरी चुनौती है बाजार में प्रतिस्पर्धा. अगर iPhone की कीमतें बढ़ती हैं, तो ग्राहक अन्य ब्रांड्स की ओर रुख कर सकते हैं.

    इसके अलावा, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ऐपल ने भारत सरकार के साथ कई समझौते किए हैं. भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत ऐपल को कई छूट और सुविधाएं मिल रही हैं. अगर ऐपल भारत से अपनी मैन्युफैक्चरिंग को कम करता है, तो इससे भारत में रोजगार और निवेश पर भी असर पड़ सकता है.

    भविष्य की संभावनाएं

    ऐपल के लिए यह एक जटिल स्थिति है. कंपनी को ट्रंप की नीतियों, ग्राहकों की अपेक्षाओं और अपनी व्यावसायिक रणनीति के बीच संतुलन बनाना होगा. एक संभावना यह है कि ऐपल अमेरिका में कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शुरू करे, लेकिन पूरी तरह से अपनी सप्लाई चेन को अमेरिका में शिफ्ट करना व्यावहारिक नहीं होगा. दूसरी संभावना यह है कि ऐपल टैरिफ की लागत को अपने मुनाफे से वहन करे, लेकिन इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है.

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    इटावा: बढ़ते बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामलों को लेकर सतर्क इटावा सफारी पार्क प्रशासन ने (Etawah Bird Flu) संक्रमण से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को भारत सरकार के निर्देशों पर सफारी पार्क में एक विशेष चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई. यह शिविर डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला संयुक्त चिकित्सालय के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें सफारी के 60 से अधिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य नमूने लिए गए.

    संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्ती- Etawah Bird Flu

    वन विभाग और सफारी प्रबंधन ने मिलकर पार्क में सख्त निगरानी और स्वच्छता उपाय लागू किए हैं. इसमें निम्नलिखित प्रमुख कदम शामिल हैं: Etawah Bird Flu

    • नियमित सैनिटाइजेशन: पार्क के विभिन्न क्षेत्रों और जानवरों के बाड़ों की निरंतर सफाई व कीटाणुशोधन किया जा रहा है.
    • कर्मचारियों की जांच: हर कर्मचारी की नियमित जांच हो रही है और लक्षण पाए जाने पर उन्हें वन्यजीवों के संपर्क से दूर रखा जा रहा है.
    • गहन निगरानी: पशुओं और पक्षियों की सेहत पर वन अधिकारियों की विशेष नजर बनी हुई है.

    क्या है एवियन इन्फ्लूएंजा?

    एवियन इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक वायरस जनित रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है लेकिन दुर्लभ मामलों में मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी संचारित हो सकता है. इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में निमोनिया शामिल हैं.

    डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते जांच और संक्रमण से दूरी रखने से इस वायरस से बचा जा सकता है. इसीलिए, नमूनों की रिपोर्ट आने तक सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. Etawah Bird Flu

    आगंतुकों से अपील

    सफारी प्रशासन ने आम नागरिकों और आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे सफारी पार्क में भ्रमण के दौरान सभी स्वास्थ्य नियमों का पालन करें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत वन्यजीव अधिकारियों को जानकारी दें.

    इटावा सफारी पार्क की यह पहल न केवल कर्मचारियों बल्कि पशु-पक्षियों और आगंतुकों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. अगर समय रहते सतर्कता बरती जाए, तो इस खतरनाक संक्रमण से प्रभावी रूप से बचा जा सकता है. Etawah Bird Flu

    व्यक्तिगत सुरक्षा के उपाय:

    1. कच्चे पोल्ट्री उत्पादों से दूरी:
      अधपके या कच्चे अंडे व चिकन का सेवन न करें. पूरी तरह पकाकर ही खाएं.
    2. साफ-सफाई बनाए रखें:
      हाथों को साबुन से नियमित धोएं, खासकर पक्षियों के संपर्क में आने के बाद.
    3. बीमार पक्षियों से दूरी:
      किसी भी बीमार या मरे हुए पक्षी के पास न जाएं. यदि दिखाई दें तो स्थानीय प्रशासन को सूचित करें.
    4. मास्क और दस्ताने का उपयोग:
      पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के आसपास जाते समय मास्क व दस्ताने पहनें.

    🧹 घर और आसपास की साफ-सफाई:

    1. पक्षियों के पिंजरे या क्षेत्र की नियमित सफाई करें.
    2. कचरा ढककर रखें, ताकि पक्षियों को भोजन न मिले.

    🚫 क्या न करें:

    बीमार पक्षियों को छूने से बचें.

    • खुले में पोल्ट्री उत्पाद न काटें या बेचें.
    • बिना सुरक्षा उपकरण के पोल्ट्री शेड में प्रवेश न करें.

    🏥 लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

    मुख्य लक्षण:

    • बुखार
    • गले में खराश
    • खांसी
    • सांस लेने में कठिनाई
    • शरीर में दर्द

    ये भी पढ़ें- Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    सोर्स- Mayo Clinic

  • Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    इटावा: जनपद के बकेवर क्षेत्र स्थित ग्राम व्यासपुरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक भयावह हादसा (Etawah school Bee Attack) हो गया. समर कैंप के तहत योगाभ्यास कर रहे बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों का हमला हो गया, जिससे आधा दर्जन छात्र-छात्राएं घायल हो गए. यह हादसा उस वक्त हुआ जब स्कूल परिसर में बरगद के पेड़ से मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता टूटकर नीचे गिरा.

    योगाभ्यास के दौरान टूटा छत्ता- Etawah school Bee Attack

    गर्मियों की छुट्टियों के मद्देनज़र शासन के निर्देशानुसार समर कैंप का आयोजन किया गया था. बुधवार सुबह जब प्रशिक्षक बच्चों को योग सिखा रहे थे, तभी स्कूल परिसर में स्थित एक पुराने बरगद के पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता टूटकर गिर गया. छत्ता गिरते ही सैकड़ों मधुमक्खियाँ बच्चों पर टूट पड़ीं, जिससे अफरातफरी मच गई. Etawah school Bee Attack

    खेतों की ओर भागे बच्चे, कई गंभीर घायल

    योगाभ्यास में भाग ले रहे करीब 18 बच्चों में से कई जान बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े, जबकि छात्रा अंशिका, छात्र कृष्णा, शिवम् रौबी सहित छह बच्चों को मधुमक्खियों ने डंक मारकर बुरी तरह घायल कर दिया. समर कैंप के प्रशिक्षक ललित कुमार और प्रदीप कुमार ने तत्परता दिखाते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक जितेन्द्र त्रिपाठी को सूचित किया. उन्होंने तुरंत बच्चों को निजी अस्पताल पहुंचाया.

    🏥 इलाज के बाद बच्चों को सौंपा गया परिजनों को

    प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया. घटना के बाद बच्चों में डर और भय का माहौल है. हालांकि, जैसे ही मधुमक्खियों का आवेश शांत हुआ, बाकी बच्चों को हल्का नाश्ता देकर घर भेज दिया गया. स्कूल प्रशासन ने घटना की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को भी सौंप दी है.

    📊 मधुमक्खी हमले पर जानकारी एक नजर में:

    घटनाविवरण
    घटना स्थलव्यासपुरा, बकेवर, इटावा
    समय व दिनांकबुधवार सुबह, समर कैंप का दूसरा दिन
    छात्र घायल6 छात्र-छात्राएं
    प्रमुख घायल छात्रअंशिका, कृष्णा, शिवम् रौबी
    उपचार स्थाननिजी अस्पताल, इटावा
    समर कैंप प्रशिक्षकललित कुमार, प्रदीप कुमार
    स्कूल प्रधानाध्यापकजितेन्द्र त्रिपाठी

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  • Alert on Corona: 3 एशियाई देशों में कोरोना के 47,000 से ज्यादा केस, जानिए भारत का क्या है हाल

    Alert on Corona: 3 एशियाई देशों में कोरोना के 47,000 से ज्यादा केस, जानिए भारत का क्या है हाल

    नई दिल्ली: कोरोना का खतरा फिर लौट आया है. सिंगापुर, थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और चीन जैसे एशियाई देशों में कोविड (Alert on Corona) मामलों में तेज़ बढ़त देखने को मिल रही है. सिंगापुर में 13 मई तक 14,200 नए केस दर्ज किए गए, जबकि थाईलैंड में 17 मई तक 33,030 मामले सामने आए. भारत में भी 12 मई के बाद केसों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, हालांकि यहां अभी हालात गंभीर नहीं हैं.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 257 एक्टिव केस हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में केसों की संख्या अधिक देखी जा रही है. मुंबई में दो मरीजों की मौत भी हुई है, जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां थीं. विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है. Alert on Corona

    सिंगापुर में कोविड की स्थिति- Alert on Corona

    13 मई 2025 तक सिंगापुर में कोविड के कुल 14,200 नए मामले दर्ज किए गए. पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 11,100 था. अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़कर 133 हो गई है. हालांकि, सिंगापुर की कम्युनिकेबल डिजीजेज एजेंसी (CDA) का कहना है कि यह नया वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं है और इसका असर सामान्य फ्लू जैसा है.

    डॉक्टरों का कहना है कि यह कोविड संक्रमण 3-4 दिनों के फ्लू जैसा है और डरने की जरूरत नहीं है. वैक्सीनेटेड लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है.

    थाईलैंड में केस दोगुने- Alert on Corona

    थाईलैंड में 11 से 17 मई के बीच 33,030 कोविड मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले सप्ताह के मुकाबले दोगुने हैं. पिछले सप्ताह 16,000 केस रिपोर्ट हुए थे. राजधानी बैंकॉक में अकेले 6,290 केस सामने आए हैं.

    सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1,918 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. फिर भी थाई सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार हैं.

    Alert on Corona- भारत में कोविड का ताजा हाल

    भारत में 12-18 मई के बीच 164 नए केस रिपोर्ट हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 19 मई तक भारत में कुल 257 एक्टिव केस हैं. राज्यों में महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा केस मिले हैं.

    राज्यवार कोविड की स्थिति (मई 2025):

    राज्यएक्टिव केस (19 मई 2025)अस्पताल में भर्तीमौतें
    केरल95नहीं0
    तमिलनाडु66नहीं0
    महाराष्ट्र56 (राज्य दावा: 106)162

    केरल में मई के महीने में कुल 182 केस सामने आए हैं. कोट्टायम, एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जैसे जिलों में सबसे ज्यादा संक्रमण देखा गया.

    क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?

    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि भारत में ज्यादातर लोग वैक्सीनेटेड हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, जिन लोगों में लक्षण दिखें, उन्हें आइसोलेट होना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए.

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर का कहना है कि कोविड के साथ जीने की आदत बनानी होगी. लोग घबराएं नहीं, अगर जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.

    क्या वैक्सीन की फिर जरूरत है?

    अब तक कोई नया वैक्सीन प्रोटोकॉल नहीं घोषित किया गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन लोगों ने पहले टीकाकरण करवा लिया है, उन्हें गंभीर खतरा नहीं है. हालांकि, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

    कैसे बरतें सावधानी?

    • सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें.
    • लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट कराएं.
    • खुद को आइसोलेट करें.
    • बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
    • जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें.

    भारत में अब तक कोरोना की स्थिति

    भारत में कोरोना वायरस की पहली लहर 2020 की शुरुआत में आई, जिसने देश को अचानक से लॉकडाउन की स्थिति में पहुंचा दिया. मार्च 2020 में पूरे देश में पहला पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था, जिसने वायरस के प्रसार को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस दौरान सभी सार्वजनिक स्थान, कार्यालय, स्कूल और यातायात सेवाएं बंद कर दी गई थीं.

    दूसरी लहर, जो अप्रैल-मई 2021 में आई, सबसे विनाशकारी रही. डेल्टा वैरिएंट के कारण लाखों लोग संक्रमित हुए और देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिली. इस गंभीर संकट के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने अस्थाई कोविड सेंटर बनाए, ऑक्सीजन ट्रेनों की शुरुआत की और विदेशों से मेडिकल सहायता मंगवाई.

    भारत ने चलाया सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

    भारत सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत जनवरी 2021 में की. “कोविन” पोर्टल के माध्यम से वैक्सीनेशन की निगरानी की गई और करोड़ों लोगों को कोविशील्ड, कोवैक्सिन और बाद में बूस्टर डोज भी दी गई. यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बना.

    इसके साथ ही सरकार ने मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइज़र के उपयोग को अनिवार्य किया. समय-समय पर दिशा-निर्देश और कंटेनमेंट ज़ोन नीति लागू कर संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने की कोशिश की गई. इन प्रयासों से भारत ने कोरोना पर काफी हद तक नियंत्रण पाया.

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    सोर्स- भारत में कोविड-19 की स्थिति, NBT

  • VARANASI POLICE ENCOUNTER: वाराणसी में पुलिस ने मुठभेड़ में 6 बदमाशों को दबोचा, 3 को लगी गोली

    VARANASI POLICE ENCOUNTER: वाराणसी में पुलिस ने मुठभेड़ में 6 बदमाशों को दबोचा, 3 को लगी गोली

    वाराणसी: रामनगर इलाके के डोमरी क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात (VARANASI POLICE ENCOUNTER) पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) टीम की छह बदमाशों के एक गिरोह से सीधी मुठभेड़ हो गई. बदमाशों ने पुलिस को देखते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. इस मुठभेड़ में तीन बदमाश घायल हो गए जबकि तीन अन्य को दौड़ाकर दबोच लिया गया.

    करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा- VARANASI POLICE ENCOUNTER

    पुलिस के मुताबिक, यह वही गिरोह है जिसने हाल ही में संकटमोचन मंदिर के महंत वीके मिश्रा के आवास में करोड़ों रुपये की चोरी की थी. सभी आरोपी उस चोरी के माल का बंटवारा करने के लिए रामनगर क्षेत्र में एकत्रित हुए थे. पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तुरंत डोमरी इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई.VARANASI POLICE ENCOUNTER

    डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने किया खुलासा- VARANASI POLICE ENCOUNTER

    घटना की पुष्टि करते हुए डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने बताया कि रात करीब एक बजे पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हुआ. बदमाशों ने पहले फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला. गोलीबारी में तीन बदमाशों को पैर में गोली लगी, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. तीन अन्य बदमाशों को घटनास्थल से भागने की कोशिश में दबोच लिया गया. हालांकि, एक बदमाश मौका पाकर भाग निकला जिसकी तलाश अब भी जारी है. VARANASI POLICE ENCOUNTER

    पकड़े गए बदमाश यूपी और बिहार निवासी

    पकड़े गए बदमाशों में से तीन बिहार और तीन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि सभी आरोपी पूर्व में महंत वीके मिश्रा के आवास पर कर्मचारी के रूप में काम कर चुके हैं. पुलिस ने बताया कि इनके पास से तमंचा, जिंदा कारतूस, नगदी, दस्तावेज और चोरी का करोड़ों का माल बरामद किया गया है. शेष सामान को भी जल्द ही आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया जाएगा.

    सीसीटीवी फुटेज में सभी बदमाश वारदात के दौरान कैद हुए थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिली. पुलिस और एसओजी टीम की इस सफलता के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर आमजन में भरोसा बढ़ा है.

    पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए

    मौके पर पहुंचे एडीसीपी काशी सरवणन टी. और डीसीपी गौरव बंसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए और घायल बदमाशों से पूछताछ भी की. एसओजी प्रभारी मनीष मिश्रा, रामनगर इंस्पेक्टर राजू सिंह और भेलूपुर इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाहा की टीम इस ऑपरेशन में शामिल रही.

    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फरार बदमाश को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, महंत के आवास में हुई चोरी के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें किसी और की संलिप्तता तो नहीं. इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. यह कार्रवाई यूपी पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और सूचना तंत्र की सफलता को दर्शाती है.

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    https://www.youtube.com/watch?v=pw0_xkwozgg&t=2s&ab_channel=NATIONNOWSAMACHAR

  • Gold Price Today: 21 मई को सोना-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के ताज़ा रेट

    Gold Price Today: 21 मई को सोना-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के ताज़ा रेट

    नई दिल्ली: आज सोने और चांदी की कीमत में जबरदस्त (Gold Price Today) बढ़त देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 21 मई 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹1,645 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. यह अब ₹95,452 पर पहुंच गया है. इसी प्रकार, चांदी का दाम भी ₹1,775 बढ़कर ₹97,475 प्रति किलो हो गया है.

    सोने की कीमतों में इस साल अब तक ₹19,290 की उछाल आ चुकी है, जबकि चांदी में ₹11,458 की वृद्धि दर्ज की गई है. ये आंकड़े दर्शाते हैं कि निवेशकों का रुझान फिर से कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है.

    महानगरों में सोने की कीमतें (21 मई 2025)– Gold Price Today

    शहर22 कैरेट (10 ग्राम)24 कैरेट (10 ग्राम)
    दिल्ली₹89,450₹97,570
    मुंबई₹89,300₹97,420
    कोलकाता₹89,300₹97,420
    चेन्नई₹89,300₹97,420
    भोपाल₹89,350₹97,470

    2025 में अब तक की बढ़ोतरी

    • सोना (24 कैरेट):
      • 1 जनवरी 2025: ₹76,162
      • 21 मई 2025: ₹95,452
      • वृद्धि: ₹19,290
    • चांदी:
      • 1 जनवरी 2025: ₹86,017 प्रति किलो
      • 21 मई 2025: ₹97,475 प्रति किलो
      • वृद्धि: ₹11,458

    क्या साल के अंत तक ₹1.10 लाख तक पहुंचेगा सोना?

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत तक सोना ₹1.10 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है. इंटरनेशनल मार्केट में 3,700 डॉलर प्रति औंस तक जाने का अनुमान है, जो भारत में सोने की कीमत को नए शिखर पर पहुंचा सकता है.

    गोल्डमैन सैक्स जैसे निवेश संस्थानों ने भी यही अनुमान जताया है. ऐसे में यह समय निवेश के लिहाज से बेहद उपयुक्त माना जा सकता है.

    सावधानी: सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

    • सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही लें.
    • हर हॉलमार्क सोने पर 6 अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification Number) होता है.
    • यह अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जैसे: AZ4524.
    • इससे आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि सोना कितने कैरेट का है.

    निवेशकों के लिए सलाह

    • सोने की कीमतों में जारी तेजी को देखते हुए यह दीर्घकालिक निवेश का उत्तम अवसर हो सकता है.
    • चांदी की कीमतें भी निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं.
    • कीमतें जिस तरह लगातार ऊपर जा रही हैं, विशेषज्ञों की राय में अब भी निवेश का सही समय है.

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    https://www.youtube.com/watch?v=pw0_xkwozgg&ab_channel=NATIONNOWSAMACHAR
  • MAINPURI NEWS: भाजपा समर्थित भू माफियाओं पर सपा का हल्ला बोल, दलित कार्यकर्ता की जमीन कब्जाने का आरोप

    MAINPURI NEWS: भाजपा समर्थित भू माफियाओं पर सपा का हल्ला बोल, दलित कार्यकर्ता की जमीन कब्जाने का आरोप

    मैनपुरी: जनपद मैनपुरी में समाजवादी पार्टी ने भाजपा से जुड़े कथित भू माफियाओं के (MAINPURI NEWS) खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में धरने पर बैठ गए. आरोप है कि सुमेरपुर तहसील के गांव परिगमा निवासी एक दलित कार्यकर्ता की पैतृक जमीन पर भाजपा से जुड़े दबंगों ने कब्जा कर लिया है. इस मामले को लेकर सपा नेताओं ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए.

    धरने में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक कार्यकर्ता की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही दबंग भू माफिया गरीबों और दलितों की जमीनों पर कब्जा करते रहेंगे और प्रशासन आंखें मूंदे रहेगा, तो कानून का राज कहां रह जाएगा. MAINPURI NEWS

    दलित कार्यकर्ता सत्यम कठेरिया की आपबीती

    धरने का मुख्य मुद्दा भोगांव तहसील के एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव परिगमा निवासी सत्यम कठेरिया से जुड़ा है. सत्यम समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. उनका कहना है कि उनके पिता की जमीन भांवत-कुर्रा मार्ग पर सड़क के किनारे स्थित है. यह जमीन कई सालों से उनके परिवार की मिल्कियत है, लेकिन अब गांव के ही धर्मवीर सिंह ठाकुर, ब्रजनाथ, रामकरण, सुशील कुमार और रामपाल सिंह जैसे दबंग भाजपा समर्थक व्यक्ति इस जमीन को जबरन कब्जाना चाह रहे हैं.

    प्रशासन ने की थी पैमाइश, फिर भी जारी है अवैध कब्जा

    सत्यम कठेरिया ने कई बार पुलिस और तहसील में शिकायत की. इस पर भोगांव की एसडीएम संध्या शर्मा और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश कर चिन्हांकन किया गया. बावजूद इसके, आरोपित भू माफिया लगातार इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. सत्यम ने बताया कि चिह्नित की गई जमीन पर लगाई गई सरकारी निशानियां तक उखाड़ दी गईं.

    सपा जिलाध्यक्ष ने उठाए प्रशासन पर सवाल

    धरने में मौजूद समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य ने खुलकर आरोप लगाया कि एसडीएम संध्या शर्मा भू माफियाओं से मिली हुई हैं. उन्होंने कहा, “एक ओर तो जमीन की पैमाइश करवा कर निशानदेही की जाती है और दूसरी ओर उन्हीं भू माफियाओं को जमीन पर कब्जा करने दिया जाता है. यह दोहरा रवैया दर्शाता है कि प्रशासन दबंगों की मिलीभगत से काम कर रहा है.”

    आलोक शाक्य ने कहा कि सत्यम कठेरिया एक गरीब दलित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है. अगर सत्यम मौके से बचकर नहीं भागता, तो भू माफिया उसे जान से भी मार सकते थे.

    सपा नेता बोले- सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे लड़ाई

    धरने में मौजूद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज कुमार ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “अगर हमारे कार्यकर्ता को न्याय नहीं मिला, तो हम सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। ‘जेल भरो आंदोलन’ की तैयारी की जाएगी और पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा.”

    मनोज कुमार ने यह भी कहा कि यह केवल एक जमीन का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि भाजपा राज में गरीब, दलित और पिछड़े समाज की जमीनों को कैसे दबंग लोग हड़प रहे हैं.

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    TRANSFER IN UP: CM योगी ने फिर चलाई तबादला एक्सप्रेस, 14 IAS और 6 PCS अफसरों को मिली नई तैनाती

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अफसरों के तबादलों की (TRANSFER IN UP) श्रृंखला तेजी से जारी है. मंगलवार रात शासन ने एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की जिसमें 14 आईएएस अधिकारियों और 6 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए. इन तबादलों में चार जिलों के जिलाधिकारियों को बदला गया है और कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. शासन ने साफ कर दिया है कि यह बदलाव सिर्फ शुरुआत है और तबादलों का यह दौर मई के अंत तक चल सकता है.

    TRANSFER IN UP- चार जिलों के डीएम बदले

    बलिया, हरदोई, महाराजगंज और पीलीभीत में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है.

    • मंगला प्रसाद सिंह को बलिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.
    • अनुनय झा अब हरदोई के डीएम होंगे.
    • संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है.
    • ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत का डीएम बनाया गया है.

    इन तबादलों का उद्देश्य जिलों में विकास योजनाओं को गति देना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है. (TRANSFER IN UP)

    सीनियर IAS को मिले नए प्रभार

    • वरिष्ठ आईएएस दीपक कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
    • संजय कुमार सिंह, जो पहले पीलीभीत के डीएम थे, अब विशेष सचिव संस्कृति विभाग बनाए गए हैं.
    • रविंद्र कुमार प्रथम को विशेष सचिव कृषि और कृषि विपणन का प्रभार मिला है.
    • प्रेरणा शर्मा को विशेष सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में भेजा गया है.

    नगर विकास और परियोजनाओं में बदलाव

    • जयेंद्र कुमार को अयोध्या तीर्थ विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी और नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है.
    • अपूर्वा दुबे, जो अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष थीं, अब निदेशक सूडा बनी हैं.
    • कुलदीप मीणा को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

    मुख्य विकास अधिकारियों की नई तैनाती

    • मृणाली अविनाश जोशी को सिद्धार्थनगर का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है.
    • मथुरा की संयुक्त मजिस्ट्रेट निशा को बुलंदशहर का CDO बनाया गया है.

    PCS अफसरों का भी हुआ फेरबदल

    6 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं.

    • प्रकाश चंद्र को एडीएम न्यायिक हाथरस नियुक्त किया गया है.
    • शिवनारायण अब एडीएम न्यायिक बागपत बनेंगे.
    • विनीत कुमार सिंह को एडीएम नगर गाजियाबाद के पद पर भेजा गया है.
    • हिमांशु वर्मा को एडीएम गोरखपुर नियुक्त किया गया.
    • उत्कर्ष श्रीवास्तव को नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर बनाया गया है.
    • अलंकार अग्निहोत्री को नगर मजिस्ट्रेट बरेली नियुक्त किया गया है.

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  • AURAIYA HEATWAVE: औरैया में 43 डिग्री तापमान का कहर, जिला प्रशासन ने जारी की हीट वेव एडवाइजरी

    AURAIYA HEATWAVE: औरैया में 43 डिग्री तापमान का कहर, जिला प्रशासन ने जारी की हीट वेव एडवाइजरी

    औरैया: उत्तर प्रदेश का औरैया जिला इन दिनों भीषण गर्मी (AURAIYA HEATWAVE) की चपेट में है, जहां दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. झुलसा देने वाली गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं, जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और आम जनता को राहत देने के लिए व्यापक तैयारियों के साथ मैदान में उतर आया है. प्रशासन ने आम लोगों के साथ-साथ चिकित्सा विभाग को भी 24 घंटे अलर्ट रहने की एडवाइजरी जारी की है.

    लू की लपट से बेहाल औरैया- AURAIYA HEATWAVE

    बीते कुछ दिनों से औरैया में सूरज आग उगल रहा है. सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं. लोग जरूरी कार्यों को छोड़कर घरों में ही रहने को मजबूर हैं. तपती दोपहरी में इंसान तो क्या, जानवर और पक्षी भी राहत की तलाश में दिख रहे हैं. गर्मी से बेहाल लोग ठंडे पेय पदार्थों जैसे नींबू पानी, शिकंजी और गन्ने के जूस का सहारा ले रहे हैं.

    प्रशासन की एडवाइजरी जारी- AURAIYA HEATWAVE

    जिला प्रशासन ने आमजन के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. यदि बहुत आवश्यक हो तो सिर को अंगोछे या कपड़े से ढककर निकलें. दिनभर पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें. विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को बाहर निकलने से मना किया गया है. AURAIYA HEATWAVE

    जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले में हीटवेव की स्थिति को देखते हुए जिला और स्वास्थ्य प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सकों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है. AURAIYA HEATWAVE

    हीट वेव वार्ड की व्यवस्था

    जिले के 100 शैय्या अस्पताल में विशेष रूप से हीट वेव से पीड़ित मरीजों के लिए एक अलग वार्ड स्थापित किया गया है. अधीक्षक ने जानकारी दी कि इस वार्ड में बेड, पंखा, कूलर और एयर कंडीशनर की सुविधा उपलब्ध है. साथ ही, ORS पैकेट, गर्मी से राहत देने वाली दवाइयां और आवश्यक उपकरणों को उपलब्ध कराया गया है. अस्पताल स्टाफ को विशेष निगरानी में लगाया गया है ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके.

    खाद्य सुरक्षा विभाग की चेकिंग- AURAIYA HEATWAVE

    जिलाधिकारी ने गर्मी के मौसम में जूस, शिकंजी और अन्य पेय पदार्थों की बिक्री को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए हैं. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी दुकानदार मिलावटी या दूषित पेय न बेचे. इस प्रकार की सावधानी जनता की सेहत को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा रही है.

    जनता ने राहत के इंतज़ामों की सराहना की

    गर्मी के इस विकराल दौर में प्रशासन की मुस्तैदी ने जनता को थोड़ी राहत जरूर दी है. लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह से व्यवस्थाएं बनी रहीं तो गंभीर परिस्थितियों से निपटने में काफी मदद मिलेगी. आमजन की ओर से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना की जा रही है.

    गर्मी से बचाव के लिए सुझाव

    • दिन के समय बाहर निकलने से बचें.
    • पानी, शिकंजी, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें.
    • हल्के रंग के कपड़े पहनें और सिर को ढककर निकलें.
    • लू लगने के लक्षणों जैसे चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी आदि पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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    Auraiya Crime News: औरैया में शादी समारोह में तमंचा लहराना पड़ा भारी, प्रधान पति गिरफ्तार

    औरैया: जनपद में एक बार फिर हर्ष फायरिंग और अवैध असलहों (Auraiya Crime News) की खबर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो क्षेत्र में सनसनी फैला रहा है, जिसमें एक महिला प्रधान के पति समारोह के दौरान तमंचा लहराते और लोड करते हुए नजर आ रहे हैं. यह घटना करीब 15 दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

    यह पूरा मामला औरैया जिले के एरवाकटरा थाना क्षेत्र के कुकरकाट गांव का है. यहां की महिला प्रधान के पति राजेश कुमार एक शादी समारोह में शामिल हुए थे, जहां वह खुलेआम अवैध 12 बोर के तमंचे को लोड करते दिखाई दिए. जब किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने हाथ झटकते हुए अपनी ‘हनक’ दिखाई.

    वायरल वीडियो बना गिरफ्तारी की वजह

    समारोह में मौजूद किसी व्यक्ति ने यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद कर ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी. वीडियो सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई और राजेश कुमार की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं. आरोपी को आखिरकार एरवाकटरा-किशनी मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया.

    पुलिस ने बताया कि राजेश कुमार के पास से एक 12 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया गया है, जिसे वह समारोह के दौरान लोड कर रहा था. पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है.

    पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

    डिप्टी एसपी प्रत्यूष मिश्रा ने बताया कि, “कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है. अवैध हथियारों का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग दंडनीय अपराध हैं. वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी ऐसी घटनाओं को सख्ती से रोका जाएगा.”

    बार-बार दोहराई जा रही है गलती

    औरैया में यह कोई पहली घटना नहीं है. हर्ष फायरिंग और अवैध असलहे लहराने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. लेकिन हर बार वायरल वीडियो के बाद ही पुलिस की कार्रवाई होती है. सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों लोग अब भी इस तरह की हरकतें करते हैं, जबकि सोशल मीडिया का जमाना है और किसी भी समय कोई वीडियो उन्हें मुश्किल में डाल सकता है.

    राजेश कुमार को शायद यह गुमान था कि ‘हम प्रधान पति हैं, हमें कोई नहीं छू सकता’, लेकिन इस बार यह अहंकार सलाखों के पीछे पहुंचा चुका है. अब सवाल यह भी है कि क्या इस घटना से दूसरे लोगों को सबक मिलेगा या फिर अगली वायरल क्लिप का इंतज़ार करना होगा.

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