बरेली: जिले की जनसमस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार (BAREILLY MP CHHATRAPAL GANGWAR ) ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समन्वय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित के मुद्दों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में सड़क, पुल, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था और गन्ना भुगतान सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. सांसद ने कहा कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
बैठक में सांसद के अलावा विधायक, एमएलसी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे. उन्होंने पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की और नए समाधान हेतु ठोस रणनीतियां बनाईं.
🔴 बरेली ब्रेकिंग | ▪️ बरेली सांसद छत्रपाल गंगवार ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश ▪️ जनहित के मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं – सांसद ▪️ सड़क, पुल, बिजली, गन्ना भुगतान और जलापूर्ति पर हुई समीक्षा ▪️ कलेक्ट्रेट सभागार में हुई मासिक समन्वय बैठक ▪️ प्रशासन को जनता की समस्याओं… pic.twitter.com/GyXDS6YRxU
एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने नैनीताल रोड स्थित पचदौरा रोउ से पखुर्नी तक की जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग की, जिसे आगामी वर्ष 2025-26 की योजना में शामिल किया गया है. फरीदपुर विधायक ने मुड़िया भीकमपुर व भदरखपुर-मुड़िया मार्ग के क्षतिग्रस्त पुलों की तात्कालिक मरम्मत की आवश्यकता जताई. इन प्रस्तावों को भी वित्तीय योजना में सम्मिलित किया गया है. नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य ने दलेलनगर-अधकटा मार्ग पर बार-बार दुर्घटनाओं के कारण बने ब्लैक स्पॉट पर गंभीर चिंता व्यक्त की. इसके लिए विशेष योजना बनाई जाएगी.
सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने सड़क, पुल, बिजली और गन्ना भुगतान में सुधार के दिए सख्त निर्देश (Photo- NNS)
बाढ़ कटान और सड़क दुर्घटना रोकथाम पर जोर
नवाबगंज विधायक ने अमीननगर क्षेत्र में बाढ़ के कारण भूमि कटान का स्थायी समाधान मांगा. मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने मिर्जापुर-अटामांडा मार्ग पर सड़कों की खराब स्थिति और गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए शीघ्र मरम्मत की मांग की. साथ ही ढकिया डैम पर रेगुलेटर और पैंटून पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया.
विद्युत व्यवस्था और जलापूर्ति में सुधार की मांग
बैठक में बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर की कमी और ट्यूबवेल कनेक्शन में अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई. जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों के कार्यक्षेत्रों में बदलाव करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए. जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति में आई अनियमितताओं और सड़कें खराब होने की समस्याओं पर भी तीखी नाराजगी जताई गई.
गन्ना भुगतान में देरी पर नाराजगी
नवाबगंज और बहेड़ी शुगर मिलों द्वारा गन्ना किसानों के भुगतान में देरी के मुद्दे पर विधायक नाराज नजर आए. गन्ना अधिकारी ने बताया कि बहेड़ी शुगर मिल के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति कर दी गई है, ताकि किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जा सके.
सांस्कृतिक संवर्धन के लिए कलाकारों को वाद्य यंत्र वितरित
बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने हेतु स्थानीय कलाकारों को वाद्य यंत्र वितरित किए, जो कला एवं संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के थाना फरीदपुर क्षेत्र में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई (BAREILLY CAR CLASH) जब एक मामूली सी कार टक्कर ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस संघर्ष में न केवल लाठी-डंडे और पत्थर चले, बल्कि तलवारें और फायरिंग तक की गई, जिससे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
इनोवा खड़ी कार से टकराई- BAREILLY CAR CLASH
घटना फरीदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंडांडा और हाजीपुर खजुरिया अड्डे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे की ओर जा रहे एक सरदारों के काफिले की इनोवा कार तेज़ रफ्तार में ग्राम हाजीपुर खजुरिया अड्डे पर खड़ी एक कार से टकरा गई। खड़ी कार में उस समय चालक विशाल सागर समेत कुछ लोग बैठे हुए थे, जो टक्कर से घायल हो गए। BAREILLY CAR CLASH
इस टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी- BAREILLY CAR CLASH
इस टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। शिकायतकर्ता अंकित तोमर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी कार अड्डे पर खड़ी थी। दोपहर करीब 1 बजे बीसलपुर की ओर से आ रही इनोवा कार ने उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी।
टक्कर के बाद इनोवा में सवार 5 सरदार नीचे उतरे और चालक विशाल सागर के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगे। यह देख अंकित तोमर मौके पर पहुंचे और परिजनों के साथ चालक को बचाने की कोशिश की।
लेकिन आरोप है कि इस दौरान सरदार पक्ष ने फोन करके 10 से 15 और लोगों को बुला लिया। मामला इतना बढ़ गया कि सरदार पक्ष के लोग तलवारें और अवैध असलहे लेकर सीधे अंकित तोमर के घर में घुस आए और हमला कर दिया। इस हमले में अंकित तोमर, उनका छोटा भाई अनुज तोमर और मां गीता देवी घायल हो गए।
सबसे गंभीर बात यह रही कि आरोपियों ने फायरिंग भी की, लेकिन अंकित तोमर बाल-बाल बच गए। गांव में दहशत का माहौल बन गया और पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच, BAREILLY CAR CLASH
घटना के कुछ ही समय बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इंस्पेक्टर क्राइम रविंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। वहीं, हिंदू मुन्ना वाहिनी और क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ता भी थाना पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने अंकित तोमर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, सरदार पक्ष की ओर से मिली शिकायत पर भी जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि घायलों का मेडिकल परीक्षण कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर सामने लाई जाएगी। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना दोबारा न हो। BAREILLY CAR CLASH
इस घटना से यह स्पष्ट है कि छोटी सी चिंगारी भी कैसे बड़े विवाद का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से लोगों में रोष फैल रहा है और पुलिस पर दबाव है कि वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और दोनों ही तरफ से मिले तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। बरेली पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों में भय का माहौल अभी भी बना हुआ है। BAREILLY CAR CLASH
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह (VIJAY SHAH CONTROVERSY) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. इस बार मामला भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर उनके द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान से जुड़ा है. विजय शाह ने इंदौर के महू में 12 मई 2025 को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कर्नल सोफिया को “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया था. इस बयान ने न केवल देशभर में आक्रोश पैदा किया, बल्कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर दिया.
19 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की दो सदस्यीय पीठ ने विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने शाह की माफी को खारिज करते हुए कहा, “आपने बिना सोचे-समझे आपत्तिजनक बयान दिया और अब माफी मांग रहे हैं. हमें आपकी माफी नहीं चाहिए.” कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि दोबारा माफी मांगने पर इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को लगाई फटकार (Photo- Social Media)
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख और SIT जांच के आदेश (VIJAY SHAH CONTROVERSY)
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच समिति (SIT) के गठन का आदेश दिया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि SIT में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें से एक महिला IPS अधिकारी होगी. ये अधिकारी मध्य प्रदेश कैडर के होंगे, लेकिन मध्य प्रदेश से संबंधित नहीं होने चाहिए. SIT का नेतृत्व एक IG या DGP रैंक का अधिकारी करेगा, और बाकी दो सदस्य SP या उससे ऊपर के रैंक के होंगे.
कोर्ट ने मध्य प्रदेश के DGP को 20 मई 2025 की रात 10 बजे तक SIT गठन करने का आदेश दिया. साथ ही, यह भी स्पष्ट किया कि विजय शाह को जांच में पूरा सहयोग करना होगा. हालांकि, कोर्ट ने शाह की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, लेकिन यह जोड़ा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. SIT को अपनी पहली स्थिति रिपोर्ट 28 मई 2025 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया गया है.
“घड़ियाली आंसू नहीं चाहिए” – सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी (VIJAY SHAH CONTROVERSY)
सुनवाई के दौरान विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने दलील दी कि शाह ने अपने बयान के लिए माफी मांगी है. इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “आपकी माफी कहां है? आप घड़ियाली आंसू बहाना चाहते हैं? इस तरह की भद्दी टिप्पणी करने के बाद आप माफी की बात करते हैं.” कोर्ट ने शाह के बयान को गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनशीलता की कमी वाला बताया.
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “आप एक सार्वजनिक व्यक्ति और अनुभवी राजनेता हैं. आपको अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए. यह मामला सशस्त्र बलों से जुड़ा है, और इसकी टाइमिंग बेहद संवेदनशील है. आपने पूरे देश को दुख पहुंचाया है.” कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या शाह ने अपना वीडियो देखा है, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था.
🟥 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ में सपा का पोस्टरवार जारी 🔸 कर्नल सोफिया के अपमान पर समाजवादी पार्टी का पोस्टर 🔸 बीजेपी मंत्री विजय शाह के बयान पर विरोध 🔸 पोस्टर में लिखा: "हिंदू-मुस्लिम के नाम पर न बटेंगे, न बाँट सकोगे" 🔸 "हर हिंदुस्तानी का हौसला, नफ़रत की सियासत के खिलाफ" 🔸 सपा… pic.twitter.com/hrvyTCzr00
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने पूछा, “हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से पहले आपने क्या किया? FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई?” कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पुलिस ने FIR में विजय शाह के नाम के आगे “श्री” लिखकर उन्हें सम्मान देने की कोशिश की, जिसे हाई कोर्ट ने पहले ही गलत ठहराया था.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 14 मई 2025 को इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और DGP को चार घंटे के भीतर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने FIR की ड्राफ्टिंग पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें अपराध का जिक्र नहीं था. कोर्ट ने इसे “छल” करार देते हुए पुलिस को FIR में सुधार करने का निर्देश दिया था.
कर्नल सोफिया कुरैशी और ऑपरेशन सिंदूर
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी. यह ऑपरेशन पाकिस्तान के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई थी, जिसने देशभर में कर्नल सोफिया को सुर्खियों में ला दिया. उनके साहस और समर्पण की देशभर में सराहना हुई, लेकिन विजय शाह के बयान ने इस उपलब्धि पर विवाद खड़ा कर दिया.
विजय शाह ने अपने बयान में कथित तौर पर कहा था, “हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई.” यह बयान पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में था, लेकिन इसे कर्नल सोफिया से जोड़कर देखा गया. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद देशभर में विरोध शुरू हो गया.
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
विजय शाह के बयान के बाद मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई. विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया और शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शाह को हटाने की अपील की. मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने भी सरकार पर निशाना साधा.
जीरन में देवड़ा और शाह का पुतला दहन :
भारतीय सेना का अपमान करने वाले उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री विजय शाह का ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जीरन (नीमच) द्वारा पुतला दहन किया गया। pic.twitter.com/1QpWKrnowQ
महिला कांग्रेस ने भोपाल में विजय शाह के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की. इंदौर में एक महिला पार्षद ने शाह का मुंह काला करने वाले को 51,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की. दूसरी ओर, बीजेपी ने इस मामले में सतर्क रुख अपनाया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाह से स्पष्टीकरण मांगा, और पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत बयान करार दिया.
विजय शाह का इतिहास और विवाद
विजय शाह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की हरसूद विधानसभा सीट से आठ बार के विधायक हैं. वह पहली बार 1990 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे. जनजातीय कार्य मंत्री के रूप में उनकी सक्रियता के बावजूद, वह पहले भी महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए विवादों में रह चुके हैं. इस बार, हालांकि, मामला सेना और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा होने के कारण ज्यादा गंभीर हो गया है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए (High Salary Jobs in UP) एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. 2024 में पेश की गई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के माध्यम से अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 2 लाख से अधिक उच्च वेतन वाली नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. यह नीति राज्य को वैश्विक कारोबार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
High Salary Jobs in UP- यूपी की GCC नीति का उद्देश्य
इस नीति का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यवसाय के नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाना है. नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तकनीकी और डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके तहत विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार के आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं ताकि राज्य में आर्थिक समृद्धि और विकास को बढ़ावा मिले.
🔴 लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज | उत्तर प्रदेश में नौकरियों की बहार! 📌 उत्तर प्रदेश सरकार ने GCC नीति के तहत बड़ा ऐलान 📌 2024 में पेश की गई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति को मिला विस्तार 📌 अगले 5 वर्षों में 2 लाख से अधिक उच्च वेतन वाली नौकरियों का लक्ष्य 📌 राज्य को वैश्विक कारोबार… pic.twitter.com/mjPjwL7k3l
योगी सरकार ने निवेशकों के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहन योजना घोषित की हैं, जिसमें भूमि पर 30-50% की सब्सिडी, 100% स्टांप ड्यूटी छूट, 25% पूंजीगत सब्सिडी, 5% ब्याज सब्सिडी, और परिचालन सब्सिडी शामिल हैं. इसके अलावा, प्रति कर्मचारी पेट्रोल सब्सिडी भी उपलब्ध है, जो 1.8 लाख रुपये तक हो सकती है. ये सभी प्रोत्साहन निवेश लागत को कम करने और निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने में मदद करेंगे.
स्पष्ट मानदंड और व्यापक निवेश अवसर
इस नीति में लेवल-1 और एडवांस्ड GCC के लिए स्पष्ट निवेश मानदंड तय किए गए हैं. लेवल-1 GCC के लिए 15 करोड़ रुपये निवेश या 500 कर्मचारियों की भर्ती जरूरी है, जबकि एडवांस्ड GCC के लिए 50 करोड़ रुपये निवेश या 1,000 कर्मचारियों की शर्त है. इससे न केवल बड़े निवेशकों को बल्कि छोटे और मध्यम निवेशकों को भी समान अवसर मिलेंगे.
फॉर्च्यून 500 कंपनियों और विदेशी निवेश पर विशेष ध्यान
यूपी सरकार फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और इंडिया 500 कंपनियों के साथ-साथ 100 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर खास ध्यान दे रही है. इस नीति के तहत इन्हें अनुकूल प्रोत्साहन पैकेज भी दिए जा रहे हैं, जो वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा.
नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा
यूपी सरकार ने इस नीति में नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए हैं. स्टार्टअप्स के लिए 50% लागत प्रतिपूर्ति, पेटेंट के लिए आईपीआर सब्सिडी, और उत्कृष्टता केंद्रों के लिए वित्तीय अनुदान शामिल हैं. इससे राज्य में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और युवा उद्यमी नई खोज कर सकेंगे.
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति से यूपी में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा. नोएडा और लखनऊ जैसे शहर तकनीकी सेवाओं के हब के रूप में विकसित होंगे, जबकि कानपुर और वाराणसी जैसे शहर डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे. यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि सामाजिक समृद्धि और युवाओं के कौशल विकास में भी मददगार साबित होगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम की उठापटक ने लोगों की दिनचर्या को (UP WEATHER UPDATE) बुरी तरह प्रभावित किया है. राज्य के कई जिलों में लू (हीट वेव) की चपेट है, तो वहीं कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न मौसम परिस्थितियों की चेतावनी दी गई है.
UP WEATHER UPDATE- इन जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने झांसी, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर आदि जिलों में लू की स्थिति की चेतावनी दी है. शनिवार को झांसी राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है.
इस लू के कारण दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आईं और स्कूलों में भी उपस्थिति कम रही. स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
बिजली-गर्जन और तेज हवाएं: तराई क्षेत्र में बदलेगा मौसम का मिजाज
पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई जिलों — मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी — में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन/बिजली गिरने की संभावना है.
Realised Maximum/Minimum Temperature and Departure from Normal (In Last 24 Hours) pic.twitter.com/QH1fEjCjSH
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि 19 मई से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी. इससे तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है.
लखनऊ में साफ आसमान, लेकिन तापमान चढ़ा
राजधानी लखनऊ में शनिवार को सुबह बादल जरूर छाए रहे, लेकिन दोपहर में आसमान साफ हो गया और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. रविवार को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है.
कहां मिलेगी राहत और कब
मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 मई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में राहत मिल सकती है. पश्चिमी यूपी में 20 मई से मौसम बदलने लगेगा और बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. जबकि पूर्वी यूपी में 19 से 23 मई तक बिजली चमकने और हल्की बारिश की गतिविधियों के साथ मौसम में ठंडक आ सकती है.
हालांकि, वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे तापमान 2 से 4 डिग्री तक कम हो सकता है. न्यूनतम तापमान में खास परिवर्तन नहीं देखा जाएगा.
जयपुर, राजस्थान: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (MOHAN BHAGWAT ON PAKISTAN) ने एक बार फिर भारत की शक्ति और भूमिका को वैश्विक मंच पर स्पष्ट करते हुए, पाकिस्तान पर दो टूक संदेश दिया. जयपुर के हरमाड़ा स्थित रविनाथ आश्रम में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि “दुनिया प्रेम और शांति की भाषा तभी सुनती है जब आपके पास शक्ति होती है.”
MOHAN BHAGWAT ON PAKISTAN– भारत विश्व का सबसे प्राचीन राष्ट्र- भागवत
डॉ. भागवत ने कहा कि भारत विश्व का सबसे प्राचीन राष्ट्र है, जिसकी भूमिका बड़े भाई जैसी है. उन्होंने बताया कि भारत शांति और सौहार्द का संदेश देता है लेकिन यह संदेश भी तब ही प्रभावशाली होता है जब हम शक्तिशाली हों. उन्होंने कहा “यह दुनिया का स्वभाव है, इसे बदला नहीं जा सकता.”
धर्म आधारित जीवन शैली की सराहना
उन्होंने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम, भामाशाह और भारतीय ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए भारत के त्याग और धर्म आधारित जीवन शैली की सराहना की. भागवत ने कहा कि भारत का कर्तव्य है कि वह दुनिया को धर्म और मानव कल्याण का मार्ग दिखाए, लेकिन इसके लिए शक्ति आवश्यक है.
पाकिस्तान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “हम किसी से द्वेष नहीं रखते, लेकिन यदि कोई हमारी शांति को चुनौती देता है, तो हमें मुंहतोड़ जवाब देना आता है. हमारी शक्ति को अब दुनिया ने देख लिया है.”
इस दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत को यदि वैश्विक स्तर पर मार्गदर्शक बनना है तो उसे सैन्य, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होना होगा. उनका यह बयान हाल ही में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर भारत की कड़ी कार्रवाई के संदर्भ में आया है.
सम्मान समारोह में भावनाथ महाराज द्वारा मोहन भागवत को सम्मानित किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में RSS प्रचारक, संत समाज और श्रद्धालु उपस्थित रहे. भागवत ने रविनाथ महाराज के साथ अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा, “उनकी करुणा और मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक कार्यों की प्रेरणा मिलती है.”
उन्होंने यह भी कहा कि “हिंदू धर्म का धर्म ही विश्व कल्याण है.” यह कार्य केवल सरकार या संगठन का नहीं, बल्कि संत समाज और जन-जन का है. उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपरा और धर्म की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया.
मोहन भागवत का यह भाषण सिर्फ एक धार्मिक मंच से दिया गया वक्तव्य नहीं था, बल्कि भारत की बदलती रणनीतिक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण का स्पष्ट संकेत भी था. उनका संदेश यह था कि भारत अब केवल अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि शक्ति और नीति के समन्वय से विश्व नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है.
लखनऊ: बीबीडी क्षेत्र में इंदिरा डैम के पास शुक्रवार रात एक चौंकाने वाली घटना (Lucknow lawyer suicide) सामने आई, जब एक एडवोकेट ने पारिवारिक विवाद के बाद इंदिरा नहर में छलांग लगा दी. उसे बचाने गए रिश्तेदार ने भी नदी में छलांग लगा दी. नदी के तेज बहाव के कारण दोनों नहर में गायब हो गए.
आपको बता दें कि बीबीडी थाना क्षेत्र के इंदिरा डैम के पास शुक्रवार रात लगभग 12 बजे के करीब पारिवारिक कहासुनी के बाद एडवोकेट अनुपम तिवारी (37 वर्ष) ने इंदिरा नहर में छलांग लगा दी. पीछे से उसे समझाने पहुंचे उनके फुफेरे भाई शिवम उपाध्याय भी उन्हें बचाने नहर में कूद पड़े. दोनों ही नहर के तेज बहाव में बह गए. देर रात पुलिस और SDRF को इसकी सूचना दी गई. शनिवार दोपहर तक शिवम का शव मिल गया, जबकि वकील की तलाश अभी भी जारी है.
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ इंदिरा नहर में हाईकोर्ट वकील और रिश्तेदार ने लगाई छलांग 🔴9 घंटे से SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी ▪️ देर रात पारिवारिक विवाद के बाद हाईकोर्ट अधिवक्ता अनुपम तिवारी (37) ने इंदिरा नहर में लगाई छलांग ▪️ वकील को बचाने के लिए उनके रिश्तेदार शिवम् उपाध्याय (20)… pic.twitter.com/yAzgbHnigx
पत्नी से कहासुनी के बाद घर से निकले थे वकील– LUCKNOW LAWYER SUICIDE
मधुबन मऊ निवासी अभिषेक सिंह ने पुलिस को बताया कि एडवोकेट अनुपम तिवारी अपने परिवार के साथ घर के पास ही रहते हैं. शुक्रवार रात उनका पत्नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद वे घर से नाराज होकर निकल गए. वे सीधे इंदिरा डैम की ओर गए और गुस्से में आकर नहर में छलांग लगा दी.
उनके साथ मौजूद शिवम उपाध्याय ने जब यह देखा तो उन्हें बचाने के लिए नहर में कूद पड़े लेकिन दोनों ही नहर के तेज बहाव में बहते चले गए.
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ 🔴 इंदिरा डैम में देर रात बड़ा हादसा, दो लोग नहर में कूदे! ▪️ पत्नी से विवाद के बाद अधिवक्ता अनुपम तिवारी (37) ने लगाई नहर में छलांग ▪️ बचाने के लिए रिश्तेदार शिवम उपाध्याय (20) भी कूदा, दोनों लापता ▪️ रात करीब 11:45 बजे की है घटना — इंदिरा डैम, लखनऊ ▪️… pic.twitter.com/kaVVryrYdV
सूचना मिलते ही बीबीडी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और SDRF को सूचना दी गई. SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शिवम उपाध्याय का शव बरामद कर लिया गया. वहीं, एडवोकेट अनुपम तिवारी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. एसडीआरएफ टीम का कहना है कि सर्च ऑपरेशन को 5 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है और लगातार खोजबीन जारी है.
घटना के दो विपरीत संस्करण
जहां एक ओर पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे खुदकुशी का मामला मान रही है, वहीं परिवार और एडवोकेट के साथी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. वकील के साथी एडवोकेट देवमणि मिश्रा का कहना है कि अनुपम खाना खाने के बाद अक्सर टहलने निकलते थे. शुक्रवार रात भी वे टहलने गए थे और नहर किनारे उनका पैर फिसलने से वे गिर पड़े. हालांकि, पुलिस सूत्रों और रिश्तेदारों की मानें तो यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है क्योंकि अनुपम और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था.
तीन बच्चों के पिता थे एडवोकेट
परिवार के अनुसार अनुपम तिवारी के दो बेटे और एक बेटी हैं. पत्नी हाउसवाइफ हैं. पारिवारिक माहौल सामान्य बताया गया, लेकिन देर रात हुए झगड़े के बाद यह बड़ा कदम उन्होंने क्यों उठाया, यह रहस्य बना हुआ है.
पुलिस का बयान
घटनास्थल पर पहुंचे एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया, “हमें शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि दो लोग इंदिरा नहर में डूब गए हैं. SDRF को तत्काल मौके पर बुलाकर खोज अभियान शुरू किया गया. अभी तक एक शव मिल चुका है और दूसरे की तलाश की जा रही है.”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग (YOGI GOVERNMENT) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि विरोधी, इसलिए नीतियों को इस भावना के साथ तैयार किया जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक तरक्की प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दृष्टिकोण के संतुलन से ही सम्भव है. श्रम कानूनों को इस प्रकार सरल बनाया जाए जिससे उद्योगों को सुगमता हो, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिकों का किसी भी प्रकार से शोषण न हो.
बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सर्ड स्कीम्स से जोड़ते हुए उनके पुनर्वासन की दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जाए।
यह न केवल सामाजिक दायित्व है, बल्कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने का दायित्व भी है: मुख्यमंत्री श्री… pic.twitter.com/i6bsZBcPc0
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) May 16, 2025
उद्योग विस्तार-रोजगार सृजन- YOGI GOVERNMENT
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि “हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त बनाना होगा.” औद्योगिक विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार निर्माण का माध्यम है. उन्होंने कहा कि यदि उद्योग बंद होंगे तो कोई भी रोजगार सृजित नहीं हो सकेगा.
साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि दुर्घटनाओं की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय के साथ बीमा सुरक्षा दी जाए. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे श्रमिक हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बने.
बाल श्रमिकों का पुनर्वासन और उज्जवल भविष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रमिकों को आजीविका, शिक्षा और पुनर्वासन के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ और अन्य प्रायोजित योजनाओं से जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि यह केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है. उन्होंने अटल आवासीय विद्यालयों को देश में मॉडल के रूप में उभरने की बात कही और इनकी गुणवत्ता की मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा.
श्रमिक अड्डों को बनाएं मॉडल हब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया. इन स्थानों पर डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. कैंटीन में चाय-नाश्ता और भोजन 5-10 रुपये में मिलना सुनिश्चित किया जाए.
साथ ही उन्होंने कहा कि असंगठित श्रमिकों की स्किल मैपिंग कर न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाए, ताकि यह कार्यबल संगठित श्रम शक्ति में परिवर्तित हो सके.
विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए विशेष योजना
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले निर्माण श्रमिकों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए. यह उनकी कार्यक्षमता के साथ सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी जरूरी है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) से जोड़ा जाए ताकि संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.
उत्तर प्रदेश बना ‘अचीवर स्टेट’
बैठक में जानकारी दी गई कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है. यह लगभग 99% की वृद्धि को दर्शाता है. भारत सरकार के BRAP (Business Reforms Action Plan) रिकमेंडेशन में श्रम विभाग को ‘अचीवर स्टेट’ का दर्जा मिला है, जिसकी सराहना मुख्यमंत्री ने की.
नई दिल्ली/भुज: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज एयर फोर्स स्टेशन (RAJNATH SLAMS PAKISTAN) का दौरा कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए वायुसेना के जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन में आतंकवाद के खिलाफ इतनी तेजी और सटीकता से कार्रवाई की कि जितनी देर में आम आदमी नाश्ता करता है, उतनी ही देर में दुश्मन को ध्वस्त कर दिया गया.
“23 मिनट में दुश्मन खत्म” – राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को खुली चेतावनी
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे।” उन्होंने आगे कहा, “जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया. साथ ही, पाकिस्तान की कई प्रमुख सैन्य सुविधाओं को भी गंभीर क्षति पहुंचाई गई.
ऑपरेशन सिंदूर अभी ख़त्म नहीं हुआ है, जो कुछ भी हुआ वह सिर्फ़ एक ट्रेलर मात्र था, जब सही समय आएगा, हम पूरी पिक्चर भी दुनिया को दिखला देंगे: रक्षा मंत्री @rajnathsingh
वायुसेना बनी ‘स्काइफोर्स’, छू ली आसमान की नई ऊंचाई
राजनाथ सिंह ने वायुसेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, “आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया, बल्कि उसे पूरी तरह से डेसीमेट भी किया.” उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अब एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ बन गई है जो शौर्य, पराक्रम और तकनीकी क्षमता में विश्व में अग्रणी मानी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब केवल आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ शस्त्रों और तकनीकों से सुसज्जित हो चुका है.
ब्रह्मोस की मार से अंधेरे में दिखा दिन का उजाला
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल की चर्चा करते हुए कहा, “भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया.” उन्होंने कहा कि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम में DRDO द्वारा विकसित ‘आकाश’ मिसाइल और राडार प्रणाली की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. यह पहली बार है जब भारत ने बिना सीमा पार किए, लॉन्ग रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक से पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया है.
बदल रही है भारत की युद्ध नीति और तकनीक
राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत की युद्ध नीति और टेक्नोलॉजी दोनों में आमूलचूल परिवर्तन आ चुका है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब भारत मूल रूप से तैयार हथियारों और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के दम पर दुश्मन को मात दे सकता है.
इस ऑपरेशन के दौरान, हाईपरसोनिक ड्रोन्स, स्टील्थ फाइटर जेट्स, और AI-नियंत्रित मिशन मैपिंग सिस्टम का उपयोग किया गया, जिसने पूरे मिशन को विश्व स्तर पर उल्लेखनीय बना दिया.
पाकिस्तान को ‘शेर’ के जरिए चेताया
अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने उर्दू शायर बशीर बद्र की एक प्रसिद्ध पंक्ति के जरिए पाकिस्तान को चेतावनी दी:
“कागज़ का है लिबास, चराग़ों का शहर है; संभल-संभल के चलना, क्योंकि तुम नशे में हो.”
यह शेर न केवल पाकिस्तान के खोखले आतंकी तंत्र पर चोट करता है, बल्कि भारत के बदले हुए रुख की झलक भी देता है.
पाकिस्तान की जनता का टैक्स जा रहा आतंकवादियों की जेब में
रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार आम नागरिकों से वसूले गए कर (टैक्स) का पैसा आतंकी संगठनों को दे रही है. उन्होंने बताया कि ‘जैश-ए-मुहम्मद’ के मुखिया मसूद अजहर, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है, को पाकिस्तान सरकार द्वारा 14 करोड़ रुपए की मदद दी गई. उन्होंने कहा कि ये स्थिति बेहद चिंताजनक है और पाकिस्तान को अब यह समझना होगा कि आतंक का कोई भविष्य नहीं है.
दोनों मोर्चों पर भारतीय फौज सजग
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में श्रीनगर में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और अब देश के पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना कर्मियों से संवाद कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को हर स्थिति में सुरक्षित रखेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि भारत न केवल जवाब दे, बल्कि ऐसा जवाब दे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बने.
जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कोंच कोतवाली क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले बाजार में (ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN) उस समय सनसनी फैल गई जब आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने एक ज्वैलरी शॉप पर दिनदहाड़े धावा बोल दिया. बदमाशों ने अवैध तमंचों से लैस होकर नवीन ज्वैलरी शॉप में घुसकर लूटपाट की कोशिश की। दुकान के मालिक संजीव कुमार की सूझबूझ से एक बड़ी वारदात टल गई.
पूरा घटनाक्रम- ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN
यह वारदात दोपहर के समय घटी जब बाजार में खासी भीड़ थी. संजीव कुमार, जो नवीन ज्वैलर्स के मालिक हैं, अपनी दुकान में मौजूद थे तभी छह नकाबपोश बदमाश अंदर घुसे. सभी हथियारों से लैस थे और सीधे लूट की मंशा से दुकान में घुसे. लेकिन संजीव कुमार ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत दुकान की शटर गिरा दिया और खुद को अंदर बंद कर लिया. हालांकि, दुकानदार जब तक किसी को खबर करता, तब तक सभी बदमाश मौका पाकर फरार हो गये.
घटना की जानकारी मिलते ही कोंच क्षेत्राधिकारी और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने ज्वैलरी शॉप में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके. संजीव कुमार ने बताया, “मुझे अपनी जान बचानी थी, इसलिए सबसे पहले शटर गिराया. अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बदमाश क्या-क्या सामान ले गए हैं, जांच के बाद ही साफ होगा.”
घटना के बाद एसपी जालौन ने जानकारी दी है कि पीड़ित दुकानदार ने पूछताछ में बताया है कि बदमाश कोई भी सामान नहीं ले जा पाए हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस कार्रवाई में जुटी है.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस घटना के बाद नगर में दहशत का माहौल है. आम जनता और व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है. आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं से यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.