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  • सर्वदलीय बैठक में बोले रक्षा मंत्री- अभी जारी है ‘ऑपरेशन सिंदूर’, PM ने रद्द किया विदेश दौरा- INDIA PAKISTAN WAR

    सर्वदलीय बैठक में बोले रक्षा मंत्री- अभी जारी है ‘ऑपरेशन सिंदूर’, PM ने रद्द किया विदेश दौरा- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में (INDIA PAKISTAN WAR) भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस बैठक में प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए और सभी ने सरकार को आतंक के खिलाफ कार्रवाई में समर्थन देने की बात कही. हालांकि, बैठक में कुछ मुद्दों पर गोपनीयता बरती गई, जिससे कई सवाल भी उठे.

    संकट की घड़ी में एकजुटता का संदेश
    सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “संकट की इस घड़ी में हम सरकार के साथ हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विषय ऐसे थे जिन पर जानकारी गोपनीयता का हवाला देकर नहीं दी गई, लेकिन उन्होंने फिर भी सरकार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी दोहराया कि उनकी पार्टी ने सरकार को पूरा समर्थन दिया है.

    बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहे मौजूद
    इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए. विपक्ष की ओर से कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मौजूद रहे. इस बैठक में सरकार ने विपक्ष को ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई और भविष्य की तैयारियों के बारे में जानकारी दी, हालांकि, पूरी ऑपरेशनल डिटेल साझा नहीं की गई.

    कांग्रेस ने रोके अपने सभी कार्यक्रम
    सरकार और सेना के साथ एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम — जिसमें ‘संविधान बचाओ रैलियां’ भी शामिल थीं — फिलहाल रोक दिए हैं. यह विपक्ष की ओर से एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परिस्थिति में वह सरकार के निर्णयों के साथ खड़ी है.

    प्रधानमंत्री ने रद्द किया तीन देशों का दौरा
    तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 13 से 17 मई तक प्रस्तावित नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड के दौरे को रद्द कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अब देश में रहकर सुरक्षा और विदेश नीति से संबंधित निर्णयों पर सीधे नजर बनाए रखेंगे.

    LOC पर सेना का सतर्क पहरा
    ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना नियंत्रण रेखा (LOC) और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तानी सेना की हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए है. सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी लगातार स्थानीय कमांडरों से संपर्क में हैं. रक्षा अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा बल किसी भी संभावित युद्धविराम उल्लंघन या आतंकी घुसपैठ को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं.

    ऑपरेशन सिंदूर: 25 मिनट में नौ आतंकी ठिकानों का खात्मा
    6 से 7 मई की रात करीब 1:05 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर 1:30 बजे तक चला. कुल 25 मिनट के इस एयरस्ट्राइक ऑपरेशन में भारतीय सेना ने 24 मिसाइलों से नौ आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया. इनमें से पांच ठिकाने POK में और चार पाकिस्तान के भीतर स्थित थे. ये सभी ठिकाने आतंकी ट्रेनिंग और भर्ती के लिए उपयोग में लिए जाते थे.

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  • लखनऊ- UP के 21 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ- UP के 21 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता (UP WEATHER ALERT) कुछ कम हुई है, लेकिन अब राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 21 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही, अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी का अनुमान है. लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम की जानकारी देखकर ही घर से बाहर निकलें.

    🔶 21 जिलों में अलर्ट, बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, जिन जिलों में बिजली गिरने का खतरा है, उनमें प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद शामिल हैं. (UP WEATHER ALERT)

    इन जिलों में आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाएं और हल्की बारिश की भी संभावना है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. खेतों में काम कर रहे किसानों, खुले में चल रहे राहगीरों और ऊँचे स्थानों पर मौजूद लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है.

    🔶 लखनऊ का मौसम: तेज धूप, तापमान में बढ़ोतरी
    राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही तेज धूप रही और आसमान साफ नजर आया. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा.

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी आसमान साफ रहेगा और तेज धूप खिलेगी. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 40 और 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लखनऊ में अगले दो-तीन दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.

    🔶 बांदा सबसे गर्म, अमेठी सबसे ठंडा
    बांदा जिला बुधवार को यूपी का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. यह तापमान सामान्य के आसपास है. इसके विपरीत, अमेठी जिला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है.

    🔶 तापमान में वृद्धि की चेतावनी
    मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले 48 घंटों के भीतर अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में वृद्धि देखी जाएगी. उन्होंने कहा कि “पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम हो रही है, जिससे अब गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा. हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. कहीं-कहीं हल्की बारिश की भी संभावना बनी हुई है.”

    🔶 क्या करें और क्या न करें

    • बिजली गिरने के समय खुले स्थानों में जाने से बचें.
    • खेतों, नदियों, तालाबों के पास काम कर रहे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
    • मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें.
    • तेज धूप में बाहर जाते समय छाता, टोपी और पानी साथ रखें.

    🔶 मौसम से जुड़ी तैयारी
    राज्य प्रशासन ने भी संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क कर दिया है. बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए गांवों और कस्बों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है. बिजली विभाग को भी कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें अलर्ट मोड पर रहें.

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  • BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

    BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

    नई दिल्ली/लाहौर: भारत के सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में खौफ का माहौल है. भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और POK (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ आतंकी ठिकानों पर किए गए एयरस्ट्राइक के बाद अब पाकिस्तान के लाहौर शहर में लगातार धमाकों (BLASTS IN LAHORE) की आवाजें सुनाई दे रही हैं. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, लाहौर के वॉल्टन रोड, गोपाल नगर और नसीराबाद में गुरुवार सुबह जोरदार धमाके हुए. इसके बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर ‘समा टीवी’ के अनुसार, वॉल्टन एयरपोर्ट के पास सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें आईं. सायरन बजने लगे और लोग घरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े. आसपास के इलाकों में धुएं के गुब्बार उठते देखे गए, जिससे यह आशंका और तेज हो गई कि धमाके आतंकी ठिकानों पर दूसरी कार्रवाई हो सकती है.

    पुलिस सूत्रों की मानें तो वॉल्टन एयरपोर्ट के पास ड्रोन ब्लास्ट हुआ है. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि भारतीय सेना की ओर से छोड़ा गया ड्रोन वहां क्रैश हुआ या फिर उसे पाकिस्तानी जैमिंग सिस्टम द्वारा गिरा दिया गया.

    स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि लाहौर के अक्सारी-5 रोड और नेवल कॉलेज के पास भी दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई. यहां भी धुआं उठता देखा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह इलाका भी टारगेट पर था या फिर ब्लास्ट से प्रभावित हुआ है.

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से नौ आतंकी ठिकाने तबाह
    भारत ने 3 दिन पहले यानी मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK में नौ आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के इस संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया गया. इन इलाकों में बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद शामिल हैं. खास बात यह रही कि बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया.

    पीएम मोदी ने रखा “ऑपरेशन सिंदूर” नाम
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा. जानकारी के अनुसार, पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया, जिससे कई महिलाएं विधवा हो गईं. इस घटना से आहत होकर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा.

    रॉ की बड़ी भूमिका
    भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (R&AW) ने इस पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई. रॉ ने ही उन नौ आतंकी ठिकानों की पहचान की, जिन्हें बाद में एयरस्ट्राइक से तबाह किया गया. यह भारत की रणनीतिक खुफिया और सैन्य क्षमता का स्पष्ट उदाहरण है.

    दहशत में पाकिस्तान!
    एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार ने अब तक कोई ठोस बयान नहीं दिया है. लेकिन लाहौर में हुए धमाकों और ड्रोन ब्लास्ट के बाद वहां के नागरिकों में गहरा डर बैठ गया है. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी नागरिक सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर भारत की ओर से हो रही इन कार्रवाइयों को क्यों नहीं रोका जा सका.

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  • पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    नई दिल्ली: पाकिस्तान पर 7 मई 2025 को हुई भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP) पर हैं. केंद्र सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसकी शुरुआत मंगलवार को हुई, जहां युद्ध जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे युद्ध या आतंकी हमलों जैसे हालात में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें. इस आदेश के तहत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में 7 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी. राज्य के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि ड्रिल के दौरान कुछ देर के लिए बिजली की आपूर्ति और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी.

    सायरन बजते ही राहत टीमें हुईं एक्टिव
    लखनऊ की पुलिस लाइन में हुए मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही सिविल डिफेंस, एंबुलेंस, दमकल और पुलिस टीमों ने तत्काल हरकत में आकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और भीड़भाड़ वाली जगहों को खाली कराया गया. इस ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक रियल-टाइम रेस्पॉन्स सिस्टम को परखना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    ब्लैकआउट की तैयारी, 19 जिलों में रात को बिजली बंद
    डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 7 मई की रात को गोरखपुर, कानपुर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ समेत 19 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी. इन जिलों को गृह मंत्रालय ने A, B, और C कैटेगरी में बांटा है, जिसमें सुरक्षा की गंभीरता के आधार पर गतिविधियां निर्धारित की गई हैं. विशेष सतर्कता नेपाल सीमा से लगे जिलों सिद्धार्थनगर, बहराइच और महाराजगंज में बरती जा रही है. इन जिलों में मॉक ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, कैमोफ्लाज प्रोटोकॉल, नागरिकों का प्रशिक्षण और छात्र-अभियान आयोजित होंगे. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    गोरखपुर में 7 से 8 बजे होगा ब्लैकआउट
    गोरखपुर में सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन शहर के प्रमुख स्थानों पर होगा. शाम 7 से 8 बजे तक शहर में ब्लैकआउट रहेगा. सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी ने बताया कि 500 प्रशिक्षित कार्यकर्ता लोगों को युद्ध जैसी स्थिति से बचने का प्रशिक्षण देंगे. साथ ही नागरिकों को एयर रेड सायरन की पहचान, अफवाहों से बचाव और नजदीकी शरणस्थलों की जानकारी देने का भी अभ्यास कराया जाएगा.

    सोनभद्र में अधिकारियों ने बनाई रणनीति
    सोनभद्र जिले में मॉक ड्रिल को लेकर डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई. बैठक में औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा, आपातकालीन यातायात प्रबंधन, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, और धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से अलर्ट जारी करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. 7 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है.

    आगरा में 8 स्थानों पर मॉक ड्रिल, 5 मिनट का ब्लैकआउट
    आगरा के डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में 8 से 10 लोकेशन्स पर मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है. बुधवार रात 8 बजे 5 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा.
    इस दौरान सायरन बजाया जाएगा और सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पैनिक न करें और इसे युद्ध न समझें. रामकृष्णा कन्या महाविद्यालय, बल्केश्वर में माइक्रो मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें आपात स्थिति में घायलों के इलाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

    देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
    गृह मंत्रालय ने कहा है कि मॉक ड्रिल के जरिये यह देखा जाएगा कि किसी भी संभावित युद्ध या आतंकी हमले के समय प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी है. सभी राज्य, जिला और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सेक्टर में तैयारियां सुनिश्चित करें और ड्रिल को वास्तविक हालात जैसा बनाएं.

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  • युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

    युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

    मेरठ को युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन माना जाता है। क्योंकि यह देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी है। ऐसे में मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार होना पड़ेगा। पूर्व मेजर हिमांशु ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि मॉक ड्रिल और SOP लागू करना जरूरी है ।ताकि आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सके।

    आपको बता दें पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है, जिससे युद्ध की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में एतियात के तौर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। ताकि जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सके।

    वही पूर्व मेजर हिमांशु की माने तो देश की जनता का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से बड़ा खतरा है और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार रहना होगा और मॉक ड्रिल में भाग लेना होगा।

    जहां मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जनता को आपात स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही SOP लागू करने से आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

  • मेरठ: मासूम बच्चों को पाकिस्तान भेजने पर रोई भारतीय सना, अब पीएम मोदी से की ये खास अपील- MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI

    मेरठ: मासूम बच्चों को पाकिस्तान भेजने पर रोई भारतीय सना, अब पीएम मोदी से की ये खास अपील- MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI

    मेरठ: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखने को मिल रहा है. भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का फरमान (MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI) सुनाया है. इस आदेश के बाद मेरठ की बेटी और पाकिस्तान की बहू को आखिरकार अपने बच्चे पाकिस्तान भेजने पड़े. दरअसल, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ी टेंशन के बीच आफत सना के परिवार पर आ पड़ी है.

    भारतीय सना देश में रहने पर मजबूर है. वहीं, पाकिस्तानी बच्चे पाकिस्तान भेज दिए गए हैं और पति और परिवार पहले से पाकिस्तान में मौजूद है. सरहद के इस पर और उसे पर दोनों तरफ बेचैनी है यहां सना अपने परिवार के पास जाने के लिए पीएम मोदी से गुहार लगा रही है. वहीं सरहद के उस पार सना के पति और बच्चे भी उसे वापस लाने के लिए कोशिश कर रहे हैं. (MEERUT SANA APPEALS TO PM MODI)

    यह घटना मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र की है, जहां सना इन दिनों अपने मायके में रह रही हैं. सना की शादी 2020 में पाकिस्तान के कराची निवासी डॉक्टर बिलाल से हुई थी. फिलहाल उनके पति और बच्चे पाकिस्तान में हैं जबकि सना भारत में ही रह गई हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी ने इस परिवार को दो हिस्सों में बाँट दिया है.

    बच्चों को अटारी बॉर्डर से भेजना पड़ा पाकिस्तान
    हाल ही में जब सना अपने परिवार के साथ भारत आईं, तो वह अपने दो छोटे बच्चों को भी साथ लाई थीं. लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई. इसके चलते सना को अपने बच्चों को अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान भेजना पड़ा, जबकि वह खुद लौट नहीं सकीं.

    बॉर्डर पर बच्चों को विदा करते समय सना की आंखें नम थीं. कैमरे के सामने उनका दर्द छलक पड़ा. उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे वहां हैं, मेरा परिवार वहां है, लेकिन मैं यहां रह गई हूं. मेरे पास पाकिस्तान लौटने के लिए वैध दस्तावेज नहीं हैं. मैं प्रधानमंत्री मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि मुझे मेरे परिवार के पास भेजने में मदद करें.”

    परिवार का समर्थन, सरकार से गुहार
    सना के पिता मोहम्मद फेरू ने बताया कि उनका परिवार पूरी तरह हिंदुस्तान के साथ है. उन्होंने कहा, “हम भारतीय हैं, भारत का कानून मानते हैं. लेकिन एक बेटी के दर्द को समझना चाहिए. वह मां है, उसके बच्चे सरहद पार हैं, उसका दिल वहां है.” सना की यह कहानी न सिर्फ एक पारिवारिक बिछड़न की दास्तान है, बल्कि यह उन जटिलताओं को भी उजागर करती है जो दो देशों के बीच के संवेदनशील संबंधों में आम इंसान को झेलनी पड़ती हैं.

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  • लखनऊ: योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (YOGI GOVERNMENT) ने राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसके तहत सरकार ने 1600 मेगावाट की तापीय परियोजना से 1500 मेगावाट बिजली 25 वर्षों तक सस्ती दर पर खरीदने का फैसला किया है. यह निर्णय उत्तर प्रदेश को दीर्घकालिक ऊर्जा संकट से राहत देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी भारी लाभ दिलाएगा.

    निजी कंपनी से होगी बिजली की खरीद
    बिजली खरीद की यह पूरी प्रक्रिया बिडिंग के माध्यम से की गई है, जिसमें सबसे कम टैरिफ (5.38 रुपये प्रति यूनिट) देने वाली एक निजी कंपनी को चुना गया है. इस डील के तहत यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को 25 वर्षों में करीब 2958 करोड़ रुपये की बचत होगी. यह सौदा उत्तर प्रदेश में मौजूदा और प्रस्तावित तापीय परियोजनाओं की तुलना में कहीं अधिक किफायती है.

    2030-31 से मिलने लगेगी बिजली
    सरकार की योजना के मुताबिक यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 तक चालू हो जाएगी और उसी समय से 1500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. यह बिजली 6.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी, जो जवाहरपुर, ओबरा, घाटमपुर और पनकी जैसी परियोजनाओं की तुलना में काफी सस्ती होगी, जहां बिजली की दरें 6.60 रुपये से लेकर 9 रुपये प्रति यूनिट तक हैं.

    सार्वजनिक संयंत्रों से भी सस्ती बिजली
    ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि यह सौदा न केवल निजी कंपनियों की पिछली डील्स से सस्ता है, बल्कि उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक पावर प्लांट्स से खरीदी जा रही बिजली से भी किफायती है. उन्होंने बताया कि बिजली की दरें पहले की तुलना में काफी कम होंगी और यह राज्य के उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात होगी.

    DBFOO मॉडल के तहत परियोजना
    इस पूरी परियोजना को DBFOO मॉडल के तहत लागू किया जाएगा. DBFOO का मतलब है Design, Build, Finance, Own और Operate. इस मॉडल के तहत परियोजना का निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और स्वामित्व निजी कंपनी के पास रहेगा, जबकि सरकार कोयला लिंक देती है और बिजली खरीदती है. इस मॉडल से सरकारी निवेश की जरूरत नहीं होती, और राज्य को कम कीमत पर बिजली मिलती है.

    बिडिंग प्रक्रिया का विवरण
    ऊर्जा विभाग द्वारा जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें 7 कंपनियों ने भाग लिया. इसके बाद 5 कंपनियों ने फाइनेंशियल बिड में हिस्सा लिया, जिनमें से सबसे कम दर वाली कंपनी को चुना गया. इस कंपनी ने फिक्स्ड चार्ज 3.727 रुपये और फ्यूल चार्ज 1.656 रुपये प्रति यूनिट तय किया, जिससे कुल टैरिफ 5.38 रुपये प्रति यूनिट बनता है.

    2033-34 तक बढ़ेगी बिजली की मांग
    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी. इसके अलावा, 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी एक रोडमैप तैयार किया गया है.

    क्या होगा लाभ?
    इस नई नीति से उत्तर प्रदेश में उद्योगों को निर्बाध और किफायती बिजली मिल सकेगी. इससे राज्य की औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी. वहीं, आम नागरिकों को भी बिजली की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है.

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  • इटावा: हाउस टैक्स और सरकारी ब्याज दरों के खिलाफ व्यापारियों में उबाल, बनवारी लाल कंछल ने दी ये चेतावनी- ETAWAH HOUSE TAX NEWS

    इटावा: हाउस टैक्स और सरकारी ब्याज दरों के खिलाफ व्यापारियों में उबाल, बनवारी लाल कंछल ने दी ये चेतावनी- ETAWAH HOUSE TAX NEWS

    इटावा: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हाउस टैक्स में भारी वृद्धि और विभागीय जुर्मानों पर लगने वाले अत्यधिक ब्याज (ETAWAH HOUSE TAX NEWS) को लेकर प्रदेशभर के व्यापारी समुदाय में गहरी नाराजगी है. इटावा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने दो टूक शब्दों में कहा कि हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर ऐसा हुआ तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा.

    “500 से 2000 गुना हाउस टैक्स बढ़ाना अन्यायपूर्ण”
    नुमाइश चौराहा स्थित व्यापार मंडल कार्यालय में उपस्थित व्यापारियों को संबोधित करते हुए कंछल ने कहा, “प्रदेश के कई नगर निगमों और नगर निकायों ने हाउस टैक्स में 500 से 2000 गुना तक की वृद्धि कर दी है, जो सीधे-सीधे शोषण है. टैक्स में 10% से ज्यादा की वृद्धि व्यापारी वर्ग किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा.” (ETAWAH HOUSE TAX NEWS)

    उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 2 मई को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर, स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है कि कोई भी निकाय 10 प्रतिशत से अधिक हाउस टैक्स न बढ़ाए.

    18 प्रतिशत ब्याज पर भी सवाल, मांगी 6% की सीमा
    कंछल ने सरकार द्वारा बकाया टैक्स या लेट रिटर्न पर वसूले जा रहे 18% वार्षिक ब्याज को भी अनुचित बताया. उन्होंने कहा, “जब बैंकों में एफडी पर 6 प्रतिशत ब्याज ही मिलता है, तो सरकार को किस नैतिक आधार पर 18 प्रतिशत ब्याज वसूलने का अधिकार है? यह दोहरे मापदंड हैं. ब्याज दर को 6 से 8 प्रतिशत के बीच लाया जाना चाहिए.”

    सचल दल और छापों से व्यापारियों में भय का माहौल
    बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा सचल दल, अचानक सर्वे और छापेमारी जैसी कार्रवाइयों से ईमानदार व्यापारी वर्ग भय और मानसिक तनाव में जी रहा है. कंछल ने मांग की कि ऐसी कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए.

    जल्द होगा व्यापारी सम्मेलन
    जिला अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं पर केंद्रित एक विशाल व्यापारी सम्मेलन जल्द आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए प्रांतीय अध्यक्ष से समय मांगा गया है. उन्होंने कहा कि संगठन ज़मीनी स्तर पर व्यापारी हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

    GST नोटिसों के दुरुपयोग पर जताई चिंता
    शहर अध्यक्ष ओम रतन कश्यप ने कहा कि GST विभाग द्वारा ई-तमिल्याओं (अनियमितताओं) के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक रूप से नोटिस भेजे जा रहे हैं. उन्होंने इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा और इसे व्यापारियों का उत्पीड़न करार दिया.

    बैठक में दर्जनों व्यापारी नेता मौजूद
    इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. ए.के. शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष एम.पी. सिंह तोमर, महिला जिला अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा, रूबी शर्म , युवा जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता, शहर महामंत्री विवेक गुप्ता, जिला संगठन मंत्री अवधेश दुबे, जिला प्रभारी रवि पोरवाल, जिला उपाध्यक्ष मधु तोमर, उद्योग मंच अध्यक्ष मेजर पांडे, इनवर्टर बैटरी संगठन अध्यक्ष सरदार मोहन सिंह, युवा नगर अध्यक्ष मुकेश दुबे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी नेता और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे.

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  • इटावा को मिला नया कप्तान: IPS बृजेश श्रीवास्तव ने संभाली कमान, संजय कुमार को भेजा गया मुजफ्फरनगर- ETAWAH NEWS

    इटावा को मिला नया कप्तान: IPS बृजेश श्रीवास्तव ने संभाली कमान, संजय कुमार को भेजा गया मुजफ्फरनगर- ETAWAH NEWS

    इटावा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार का स्थानांतरण कर उन्हें मुजफ्फरनगर भेजा गया है. उनकी जगह कौशांबी के एसपी रहे बृजेश कुमार श्रीवास्तव अब इटावा की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे. मंगलवार को जारी आदेश के बाद उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है. (इटावा को मिला नया कप्तान: बृजेश श्रीवास्तव ने संभाली कमान, संजय कुमार को भेजा गया मुजफ्फरनगर- ETAWAH NEWS)

    बृजेश श्रीवास्तव: एक सख्त और रणनीतिक अधिकारी की छवि
    बृजेश कुमार श्रीवास्तव 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उनकी छवि एक ईमानदार, अनुशासित और कार्य के प्रति प्रतिबद्ध पुलिस अधिकारी के रूप में जानी जाती है. उन्होंने मथुरा, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कौशांबी जैसे संवेदनशील जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दी हैं. प्रतापगढ़ में गैंगस्टर नेटवर्क पर की गई सर्जिकल कार्रवाई और कौशांबी में महिला सुरक्षा के लिए ‘शक्ति अभियान’ जैसे प्रयासों को काफी सराहना मिली थी.

    उन्होंने पुलिसिंग में तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया है. उनके नेतृत्व में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस-जन संवाद को भी प्राथमिकता दी जाती रही है. उन्हें नेतृत्व क्षमता और टीम प्रबंधन में दक्ष माना जाता है.

    इटावा में नई चुनौती, जनता को नई उम्मीदें
    इटावा जैसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. हाल ही में ऊसराहार क्षेत्र में हुई आपराधिक घटना ने पूरे पुलिस प्रशासन को सक्रिय कर दिया था. ऐसे में बृजेश श्रीवास्तव से उम्मीद की जा रही है कि वे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएंगे.

    जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी- बृजेश श्रीवास्तव
    नए एसएसपी ने पदभार संभालते ही स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और विश्वास उनकी पहली प्राथमिकता है.

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  • कासगंज: साध्वी प्राची का बड़ा बयान, कहा- “अब वक्त आ गया है, पाकिस्तान को नक्शे से मिटा दिया जाए”- SADHVI PRACHI ON PAKISTAN

    कासगंज: साध्वी प्राची का बड़ा बयान, कहा- “अब वक्त आ गया है, पाकिस्तान को नक्शे से मिटा दिया जाए”- SADHVI PRACHI ON PAKISTAN

    कासगंज: हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची (SADHVI PRACHI ON PAKISTAN) एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कासगंज पहुंचीं, जहां उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. मीडिया से बातचीत में साध्वी ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि “अब वक्त आ गया है जब पाकिस्तान को नक्शे से ही मिटा देना चाहिए.” उन्होंने इस हमले को कायराना हरकत करार दिया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

    कार्यक्रम के दौरान साध्वी प्राची ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजीत डोभाल से निवेदन करती हूं कि अब पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है. इस आतंकवादी देश को नक्शे से खत्म कर देना चाहिए.” उन्होंने कहा कि भारत को अब इजरायल, जापान और वर्मा से सीखना चाहिए कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए.

    कासगंज पहुंचीं साध्वी प्राची का पाकिस्तान पर हमला. (Video- Nation Now Samachar)

    इतना ही नहीं, साध्वी प्राची ने देश के मुसलमानों को लेकर भी विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा कि “हिंदुओं को अब इन मुसलमानों से दूरी बनानी चाहिए. अपने घरों में इनसे कोई काम न लें, इनकी दुकानों से कुछ भी न खरीदें. जब तक आर्थिक रूप से इन्हें कमजोर नहीं किया जाएगा, आतंकवाद को खत्म नहीं किया जा सकता.”

    साध्वी प्राची ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा
    साध्वी प्राची ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के शासनकाल में उनके नेता आतंकवादियों से गले मिलते थे. इसीलिए देश में आतंकवाद पनपता रहा. लेकिन अब समय आ गया है कि देशहित में एकजुट होकर कठोर निर्णय लिए जाएं.”

    कार्यक्रम में साध्वी की बातें सुनकर समर्थकों ने तालियों से स्वागत किया. लेकिन उनके बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी खड़ा हो गया है. कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक भावना भड़काने वाला बयान बताया है. पुलिस प्रशासन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहा, लेकिन किसी तरह की कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी.