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  • लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, वाराणसी के IG मोहित गुप्ता बने सचिव गृह- IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, वाराणसी के IG मोहित गुप्ता बने सचिव गृह- IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर देर रात तबादला एक्सप्रेस चलाई है. इस बार कुल 24 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है, जिसमें कई ज़िलों के एसएसपी और एसपी, आईजी व डीआईजी शामिल हैं. इस तबादले में वाराणसी परिक्षेत्र के आईजी मोहित गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिली है, उन्हें उत्तर प्रदेश शासन में सचिव गृह के पद पर नियुक्त किया गया है. (IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP)

    योगी सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सहारनपुर के डीआईजी अजय कुमार साहनी को बरेली परिक्षेत्र का डीआईजी बनाया गया है, जबकि प्रयागराज में कुंभ मेले की सुरक्षा संभाल रहे वैभव कृष्ण को वाराणसी परिक्षेत्र का आईजी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक सिंह को सहारनपुर परिक्षेत्र का डीआईजी बना दिया गया है.

    जिलों के एसएसपी में बड़े बदलाव
    अयोध्या के एसएसपी राजकरण नय्यर को गोरखपुर भेजा गया है, जबकि गोरखपुर के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर अब अयोध्या के नए एसएसपी होंगे. इटावा के एसएसपी संजय कुमार को मुजफ्फरनगर का जिम्मा सौंपा गया है और पीएसी लखनऊ के सेनानायक अनूप कुमार सिंह को फतेहपुर का नया एसपी बनाया गया है.

    इसके अलावा कौशांबी के एसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव को इटावा का एसएसपी बनाया गया है और गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी राजेश कुमार द्वितीय को कौशांबी का एसपी बनाया गया है. फतेहपुर के एसपी धवल अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट में डीसीपी नियुक्त किया गया है. वहीं, संत कबीर नगर के एसपी सत्यजीत गुप्ता को कानपुर कमिश्नरेट में डीसीपी बनाया गया है.

    रेलवे, भ्रष्टाचार निवारण और टेक्निकल सेवाओं में भी तबादले
    गोरखपुर रेलवे में तैनात एसपी संदीप कुमार मीना को संत कबीर नगर का नया एसपी बनाया गया है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुख्यालय लखनऊ में तैनात एसपी लक्ष्मीनिवास मिश्र को गोरखपुर रेलवे का नया एसपी बनाया गया है.

    वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी अहम
    एडीजी स्तर के अफसरों में नीरा रावत को अब यूपी 112 की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ प्रशासन का प्रभार नहीं मिलेगा, वे सिर्फ यूपी 112 की जिम्मेदारी देखेंगी. प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी लखनऊ से हटाकर एडीजी प्रशासन, पुलिस मुख्यालय लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

    सीआईएसएफ से लौटे केएस इमैनुएल को पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध संगठन, लखनऊ बनाया गया है. उपेंद्र कुमार अग्रवाल को आईजी सुरक्षा से हटाकर आईजी लखनऊ परिक्षेत्र नियुक्त किया गया है.

    अन्य तबादले इस प्रकार हैं:
    रोहन पी कनय: आईजी टेक्निकल सर्विस से डीआईजी पीटीएस गोरखपुर
    राजीव नयन मिश्रा: डीआईजी पीएसी प्रयागराज से अपर पुलिस आयुक्त गौतम बुद्ध नगर
    शिवहरि मीणा: गौतम बुद्ध नगर से डीआईजी टेक्निकल सर्विस
    सत्येंद्र कुमार: डीआईजी प्रतीक्षारत से डीआईजी पीटीएस मेरठ
    राजेश कुमार सक्सेना: पीटीएस सुल्तानपुर से डीआईजी सुरक्षा मुख्यालय
    विकास कुमार वैद्य: डीआईजी स्थापना से उपनिदेशक, पुलिस अकादमी मुरादाबाद

  • पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (INDIA PAKISTAN TENSION) एक बार फिर चरम पर है. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर अहम मुलाकात की. केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी बीते 24 घंटों में दूसरी बार एनएसए डोभाल से मिल चुके हैं. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देशभर में 7 मई को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों को परखना है.

    हमले के बाद हाई-लेवल मीटिंग का दौर
    प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम हमले के बाद से लगातार उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ कई बार बैठकें की हैं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की रणनीति बनाना है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भारत की प्रतिक्रिया की प्रकृति, लक्ष्य और समय तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. (INDIA PAKISTAN TENSION)

    मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय सक्रिय
    देशभर में 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है. दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए. बताया जा रहा है कि यह मॉक ड्रिल 1971 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर की जा रही है. उस वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. इस बार मॉक ड्रिल में एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, आपात निकासी जैसी गतिविधियां शामिल होंगी. नागरिकों, खासकर छात्रों को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी.

    पहलगाम आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया
    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले की भयावहता की याद दिला दी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है. हमले के बाद से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है.

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  • कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

    कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

    कानपुर: ज़िंदगी कब करवट बदल ले और मौत सामने आ खड़ी हो, कोई नहीं जानता. कुछ ऐसा ही दर्दनाक मंजर रविवार रात को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के चमनगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रेमनगर में सामने आया, जहां पांच मंजिला इमारत में भीषण आग (KANPUR FIRE INCIDENT) लगने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जलकर मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब एक इलेक्ट्रिशियन घर की लाइट ठीक कर रहा था और अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. मरने वालों में मोहम्मद दानिश खान, उनकी पत्नी नाजमी, और तीन बेटियां—सारा, सिमरा और इनाया शामिल हैं. इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया.

    दानिश ने पहले पिता को बचाया, फिर खुद जिंदगी गंवा दी
    पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दानिश के भाई कासिफ के मित्र आसिफ ने बताया कि जब आग लगी, उस वक्त दानिश खान नीचे अपने ऑफिस में बैठे थे. आग की खबर मिलते ही उन्होंने तुरंत 80 साल से अधिक उम्र के अपने पिता अकील को सुरक्षित बाहर निकाला. लेकिन जब वे तीसरी मंज़िल पर पत्नी और बच्चों को बचाने दोबारा गए, तो वापसी नहीं हो सकी. आग और धुएं की चपेट में आकर वे अपने पूरे परिवार के साथ जिंदा जल गए.

    10 घंटे तक नहीं बुझी आग, राहत कार्यों में देरी
    इस भयावह अग्निकांड को करीब 10 घंटे बीत चुके थे, लेकिन इमारत से अब भी धुआं और गर्म लपटें निकल रही थीं. एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर आग बुझाने की कोशिश में लगी थी. मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया. बिल्डिंग के आसपास के मकानों को तत्काल खाली कराया गया और अधिकारियों ने मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया है.

    शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह
    दानिश के परिजनों ने बताया कि उस रात लाइट में दिक्कत आ रही थी, इसलिए दानिश ने इलेक्ट्रिशियन को बुलाया था. जैसे ही लाइट सुधारने का प्रयास शुरू हुआ, शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. बिल्डिंग में पुराने जूते और कबाड़ रखा हुआ था, जिससे आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया. हादसे के समय दानिश, उनकी पत्नी और तीनों बेटियां घर में मौजूद थीं. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू भी पा लिया गया है.

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  • अमरोहा: सिंगर पवनदीप राजन की कार हादसे का शिकार, हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती- PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT

    अमरोहा: सिंगर पवनदीप राजन की कार हादसे का शिकार, हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती- PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT

    नई दिल्ली/अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में सोमवार तड़के दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में इंडियन आइडल-12 के विजेता और उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर सिंगर पवनदीप राजन (PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT) गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में उनके दो साथी – अजय महर और कार चालक राहुल सिंह – भी घायल हुए हैं. तीनों को शुरुआती इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए नोएडा रेफर कर दिया गया है.

    डॉक्टरों के मुताबिक, पवनदीप के दोनों पैरों में फैक्चर हुआ है और उनके सिर पर भी गंभीर चोटें आई हैं. हादसा उस समय हुआ जब पवनदीप अपने साथियों के साथ चंपावत (उत्तराखंड) से नोएडा के लिए निकले थे.

    कैसे हुआ हादसा?
    रविवार की रात करीब 2:30 बजे, पवनदीप अपने दोस्त अजय महर और ड्राइवर राहुल सिंह के साथ एक कार से दिल्ली-नोएडा जा रहे थे. जब उनकी कार अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में चौपला चौराहा ओवरब्रिज से नीचे उतरी, तभी सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में तेज़ रफ्तार कार पीछे से जा घुसी. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हादसे की वजह कार चालक को आई नींद की झपकी मानी जा रही है. इस टक्कर में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

    मौके पर मची अफरा-तफरी
    हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को कार से बाहर निकालकर पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीनों को हाईवे पर स्थित डिडौली के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया. कुछ घंटों बाद, सिंगर पवनदीप राजन के परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें और उनके दोनों साथियों को नोएडा स्थित एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया.

    जानकारी के मुताबिक पवनदीप के दोनों पैरों में फ्रैक्चर है और उनके सिर में भी चोट लगी है. उनकी हालत फिलहाल स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है. वहीं, उनके साथी अजय महर और चालक राहुल सिंह को भी काफी चोटें आई हैं.

    प्रशासन की ओर से पुष्टि
    सीओ श्वेताभ भास्कर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और ट्रक को भी कब्जे में ले लिया गया है. प्रथम दृष्टया हादसे की वजह चालक को आई नींद की झपकी प्रतीत हो रही है. पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

    कौन हैं पवनदीप राजन?
    पवनदीप राजन उत्तराखंड के चंपावत जिले के सिलेन टॉक गांव के रहने वाले हैं. वह 2021 में इंडियन आइडल सीजन-12 के विजेता रहे और इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने उन्हें राज्य का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया था. उनके गानों की लोकप्रियता देशभर में है, और वे कई लाइव कॉन्सर्ट और शो में हिस्सा लेते रहते हैं.

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  • अमेठी: युवक का शव पेड़ से लटका मिला, गले में चप्पलों की माला; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका- AMETHI CRIME NEWS

    अमेठी: युवक का शव पेड़ से लटका मिला, गले में चप्पलों की माला; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका- AMETHI CRIME NEWS

    अमेठी: जिले के जामो थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव ( AMETHI CRIME NEWS) जंगल में पेड़ से लटका मिला. मृतक के गले में चप्पलों की माला पड़ी हुई थी, जिससे घटना और भी रहस्यमय बन गई है. परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

    रविवार शाम को घर से निकता था गया प्रसाद
    आपको बता दें कि घटना सोमवार सुबह जामो थाना क्षेत्र के मझगांव देव नगर चौराहा के पास की है. मृतक की पहचान 25 वर्षीय गया प्रसाद पासी पुत्र मातादीन, निवासी जागेशरगंज के रूप में हुई है. परिजनों का कहना है कि गया प्रसाद रविवार की शाम घर से निकला था और सोमवार सुबह उसका शव जंगल में पेड़ से लटका मिला.

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तुरंत पेड़ से नीचे उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. हालांकि शव भेजे जाने के काफी देर बाद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए. परिजनों और पुलिस के बीच शव को तुरंत हटाने को लेकर कहासुनी भी हुई.

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
    मृतक के चाचा सियाराम ने पुलिस को बताया कि उनके भतीजे की हत्या कर शव को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है. उन्होंने कहा, “गया प्रसाद कभी आत्महत्या नहीं कर सकता. उसके गले में चप्पलों की माला साफ तौर पर किसी के द्वारा अपमानित कर मारने की ओर इशारा करती है. हम मांग करते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए.”

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. जामो थाना प्रभारी विनोद सिंह ने बताया, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी.” फिलहाल पुलिस मृतक युवक की कॉल डिटेल्स और सोशल कनेक्शन खंगाल रही है. आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना के समय कोई संदिग्ध गतिविधि पकड़ी जा सके.

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  • कानपुर देहात: जिला अस्पताल में भर्ती के नाम पर 1.5 लाख की ठगी, पीड़ित का वीडियो वायरल- KANPUR DEHAT HOSPITAL JOB SCAM

    कानपुर देहात: जिला अस्पताल में भर्ती के नाम पर 1.5 लाख की ठगी, पीड़ित का वीडियो वायरल- KANPUR DEHAT HOSPITAL JOB SCAM

    कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों पर नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी (KANPUR DEHAT JOB SCAM) का आरोप लगा है. यह मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित शख्स ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह राज्य सरकार की मंत्री प्रतिभा शुक्ला से मिलकर अपनी आपबीती बताते नजर आ रहा है.

    वीडियो में पीड़ित शख्स ने खुलासा किया कि साल 2024 में उसे जिला अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ अधिकारियों ने ₹1.50 लाख रुपये की मांग की थी. मजबूरी में उसने रकम अदा कर दी लेकिन उसके बाद न तो उसे नौकरी मिली और न ही उसका पैसा वापस किया गया. अब वह पिछले कई महीनों से अपने पैसे और न्याय की गुहार लगाते हुए इधर-उधर भटक रहा है.

    जिला अस्पताल में नौकरी के नाम पर ठगी. (Video- Nation Now Samachar)

    पीड़ित ने राज्य मंत्री से लगाई गुहार
    पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला पूरी संवेदनशीलता से पीड़ित की बात सुनती नजर आईं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी. यह घटना न केवल सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करती है. (KANPUR DEHAT JOB SCAM)

    स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. लोगों का कहना है कि जब सरकारी संस्थानों में ही इस प्रकार की ठगी हो रही है, तो आम आदमी कहां जाए? पीड़ित व्यक्ति का अब यही कहना है कि या तो उसे उसकी नौकरी दी जाए या उसका पैसा वापस किया जाए. यह मामला स्वास्थ्य महकमे में भ्रष्टाचार की बुनियाद को और मजबूत करता नजर आ रहा है. देखना होगा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस पर कितनी त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं.

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  • सीएम योगी ने कृषि और डेयरी विकास को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मौजूद- UP GOVERNMENT

    सीएम योगी ने कृषि और डेयरी विकास को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मौजूद- UP GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास (UP GOVERNMENT) पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि विभाग और प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि विकास, किसानों की भागीदारी और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना था. बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

    मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि, “उत्तर प्रदेश के किसान प्रदेश के विकास के सशक्त भागीदार हैं. प्रदेश ने बीते 8 वर्षों में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. हमें इस प्रगति को और मजबूती देनी होगी.” उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में राज्य में खाद्यान्न उत्पादन में 167.66 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि देशभर में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है.

    बीजों की रणनीति जलवायु आधारित होसीएम
    सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीजों की उपलब्धता और वितरण को जलवायु के अनुरूप तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की भिन्नता को देखते हुए बीजों की आपूर्ति रणनीति तैयार होनी चाहिए, जिससे किसानों को ज्यादा उपज मिल सके.

    श्री अन्न और प्राकृतिक खेती को मिले प्रोत्साहन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाज और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन विषयों को शामिल किया जाए और जन-जागरूकता के माध्यम से लोगों को भी इसके लाभ बताए जाएं.

    चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना जल्द
    बैठक में मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह पार्क बीजों की गुणवत्ता सुधार और वैज्ञानिक तरीके से बीज उत्पादन के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

    कृषि यंत्रों पर सब्सिडी योजना को पारदर्शी बनाने का निर्देश
    सीएम योगी ने कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी योजना की पारदर्शिता पर बल देते हुए कहा कि लाभार्थियों को सही समय पर और सटीक जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि पोर्टल आधारित प्रणाली के माध्यम से आवेदन और वितरण की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाया जाए.

    डेयरी सेक्टर को भी मिलेगा बढ़ावा
    मुख्यमंत्री ने प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई योजनाएं तैयार की जाएं.

    मुख्यमंत्री की इस बैठक से स्पष्ट है कि राज्य सरकार किसानों के हित में ठोस और दूरदर्शी निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है. खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि, जलवायु अनुकूल बीज रणनीति, प्राकृतिक खेती और डेयरी क्षेत्र में विस्तार जैसे कदम किसानों की समृद्धि और प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में सहायक सिद्ध होंगे.

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  • मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

    मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

    मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया सेंधमारी करने वाले मास्टरमाइंड (CRPF JAWAN ARRESTED) को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी जम्मू-कश्मीर में एएसआई के पद पर तैनात है और छुट्टियों पर मेरठ आया था. पुलिस ने आरोपी को शनिवार को मेरठ की सिविल लाइन थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया.

    राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह मेडिकल टेस्ट में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 21 हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था. जांच में सामने आया कि राजेंद्र और उसका सहयोगी सागर कुमार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. कुछ दिन पहले पुलिस ने सागर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजेंद्र का नाम सामने आया.

    खाकी पैंट और लाल जूते में आया ‘फर्ज़ी दारोगा’
    इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सिंहपुर निवासी अरुण कुमार, अपने भाई अनुभव का मेडिकल टेस्ट कराने मेरठ पुलिस लाइन पहुंचा था. तभी एक युवक, जिसने खाकी पैंट और लाल जूते पहन रखे थे, खुद को क्राइम ब्रांच का दारोगा बताकर मेडिकल में पास कराने का दावा करने लगा. बदले में उसने 21 हजार रुपये की मांग की. उसने यह भी दावा किया कि वह पहले भी दो अभ्यर्थियों को पास करवा चुका है.

    अरुण कुमार ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी और आरोपी सागर को पकड़वाया. सागर को जेल भेजने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो सीआरपीएफ जवान राजेंद्र कुमार का नाम सामने आया.

    सीआरपीएफ जवान से वसूली गई थी डेढ़ लाख की रकम
    सागर ने पूछताछ में बताया कि राजेंद्र के खाते में अभ्यर्थियों से वसूली गई डेढ़ लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी. हालांकि, राजेंद्र ने सफाई दी कि सागर पर उसका 2 लाख रुपये बकाया था और यह रकम उसी उधारी में दी गई है. पुलिस ने जब दोनों की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच की तो इस गोरखधंधे की पुष्टि हुई.

    आरोपी की पूरी कुंडली
    राजेंद्र कुमार मूल रूप से बड़ौत (बावली), जिला बागपत का निवासी है और फिलहाल बलराम नगर, लोनी, गाजियाबाद में रहता है. वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात है और छुट्टी लेकर मेरठ आया था. पुलिस का दावा है कि वह इसी प्रकार के कामों में शामिल रहा है.

    थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस पूरे मामले में अभियोग संख्या 98/2025 को धारा 61(2), 308(2), 318(4), 351(2), 309(4), 317(2) बीएनएस व पुलिस परीक्षा अधिनियम की धारा 13(2) के तहत दर्ज किया है. गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सिविल लाइन के उपनिरीक्षक सौरभ तिवारी, उपनिरीक्षक शुभम पचौरी और हेड कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे.

    पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई
    सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है. ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश कर रही है.

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  • विश्व तेंदुआ दिवस: इटावा सफारी पार्क में 20 तेंदुए मौजूद, रोमांच और संरक्षण का अद्भुत संगम- ETAWAH SAFARI LEOPARDS

    विश्व तेंदुआ दिवस: इटावा सफारी पार्क में 20 तेंदुए मौजूद, रोमांच और संरक्षण का अद्भुत संगम- ETAWAH SAFARI LEOPARDS

    इटावा: विश्व तेंदुआ दिवस के मौके पर इटावा सफारी पार्क (ETAWAH SAFARI LEOPARDS) एक बार फिर चर्चा में है. एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध यह पार्क अब तेंदुओं के संरक्षण और पुनर्वास के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभा रहा है. इस समय सफारी पार्क में कुल 20 तेंदुए हैं, जिनमें से 5 व्यस्क तेंदुए सफारी क्षेत्र में पर्यटकों को रोमांचकारी अनुभव दे रहे हैं, जबकि शेष शावकों की विशेष देखरेख की जा रही है.

    मां के त्यागे शावकों को नया जीवन
    सफारी निदेशक डॉ. अनिल पटेल के अनुसार, इटावा सफारी पार्क (ETAWAH SAFARI LEOPARDS) में मौजूद कई तेंदुए उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बचाकर लाए गए हैं. इनमें से कई ऐसे शावक हैं, जिन्हें जन्म के बाद ही मां ने त्याग दिया था. ऐसे में सफारी के वन्यजीव विशेषज्ञों ने इन शावकों की हाथों से परवरिश की, जो पहले लगभग असंभव माना जाता था. आज ये शावक स्वस्थ हैं और उन्हें एक सुरक्षित व प्राकृतिक माहौल में पाला जा रहा है.

    डॉ. पटेल बताते हैं कि सफारी में तेंदुओं को पास से देखने का अनुभव न सिर्फ पर्यटकों के लिए रोमांचकारी होता है, बल्कि इससे वन्यजीवों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है. लोगों को यह समझ में आता है कि तेंदुआ जैसे जीव केवल शिकारी नहीं, बल्कि पारिस्थितिक तंत्र का अहम हिस्सा हैं.

    तेंदुए की खासियतें
    वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आर.के. सिंह का कहना है कि तेंदुआ बेहद चपल और फुर्तीला शिकारी होता है. उसकी रहस्यमयी उपस्थिति, तेज नजर, प्राकृतिक छलावरण और पेड़ों पर चढ़ने की अनोखी क्षमता उसे जंगल का एक अद्वितीय प्राणी बनाते हैं. इटावा सफारी में पर्यटक इन गुणों का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं, जो किताबों और टीवी स्क्रीन से कहीं अधिक प्रभावी होता है.

    इटावा सफाई पार्क (Photo- Nation Now Samachar )

    संरक्षण के सफल प्रयास
    तेंदुओं को लेकर चल रही सरकारी संरक्षण योजनाएं अब असर दिखा रही हैं. पहले तेंदुए मानव बस्तियों के पास देखे जाते थे, जिससे टकराव की घटनाएं बढ़ती थीं. लेकिन अब इन्हें इटावा सफारी जैसे संरक्षित क्षेत्रों में लाकर एक सुरक्षित जीवन देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इससे न केवल तेंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आई है.

    प्रेरणा बनता इटावा सफारी
    इटावा सफारी पार्क अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं रह गया, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण बन चुका है. यहां रोमांच, शिक्षा और संवेदनशीलता का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो न केवल बच्चों और युवाओं को बल्कि सभी पीढ़ियों को प्रकृति और जैव विविधता के प्रति जागरूक करता है.

    यह सफारी आने वाले समय में तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों के लिए भी एक प्रमुख सुरक्षित आश्रयस्थल के रूप में विकसित होगा. पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है.

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