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  • सड़क हादसे का शिकार हुईं अभिनेत्री नोरा फतेही, कार एक्सीडेंट में आईं मामूली चोटें

    सड़क हादसे का शिकार हुईं अभिनेत्री नोरा फतेही, कार एक्सीडेंट में आईं मामूली चोटें

    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री और मशहूर डांसर नोरा फतेही देर रात एक सड़क हादसे का शिकार हो गईं। यह दुर्घटना उपनगरीय अंबोली के लिंक रोड के पास हुई, जहां उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी गई। हादसे में नोरा फतेही को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

    सनबर्न म्यूजिक फेस्टिवल के लिए जा रही थीं नोरा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, नोरा फतेही सनबर्न संगीत समारोह में हिस्सा लेने के लिए जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार उपनगरीय अंबोली के लिंक रोड से गुजर रही थी, तभी एक अन्य कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर ज्यादा तेज नहीं थी, लेकिन अचानक हुए हादसे के कारण कार में सवार सभी लोग कुछ समय के लिए घबरा गए।

    आरोपी युवक गिरफ्तार, शराब के नशे में होने का शक

    पुलिस ने इस मामले में विनय सकपाल नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में संदेह है कि आरोपी युवक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच कराई है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना का कारण बनने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

    नोरा फतेही सुरक्षित, फैंस ने ली राहत की सांस

    हादसे की खबर सामने आते ही नोरा फतेही के फैंस सोशल मीडिया पर चिंतित नजर आए। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि अभिनेत्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ समय आराम करने की सलाह दी है।नोरा फतेही की टीम की ओर से भी यह जानकारी दी गई कि अभिनेत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही अपने काम पर लौट सकती हैं।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर शराब पीकर वाहन चलाने जैसी गंभीर समस्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई जैसे महानगर में आए दिन लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हादसे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और नशे की हालत में वाहन न चलाएं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

  • टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, शुभमन गिल बाहर, अक्षर पटेल बने उपकप्तान

    टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, शुभमन गिल बाहर, अक्षर पटेल बने उपकप्तान

    नई दिल्ली। आगामी आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने टीम की घोषणा की, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले। सबसे बड़ा झटका यह रहा कि स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को टीम में जगह नहीं दी गई है। वहीं, ऑलराउंडर अक्षर पटेल को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    शुभमन गिल बाहर, चयन पर उठे सवाल

    हाल के वर्षों में सीमित ओवरों में शानदार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल को टीम से बाहर रखा जाना क्रिकेट फैंस के लिए हैरान करने वाला फैसला माना जा रहा है। चयनकर्ताओं ने टीम संयोजन और ऑलराउंड विकल्पों को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट संतुलित स्क्वॉड के साथ मैदान में उतरना चाहता है।

    अक्षर पटेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    टीम इंडिया में अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाना चयन समिति का अहम फैसला है। अक्षर ने पिछले कुछ समय में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार योगदान दिया है। उनकी निरंतरता और दबाव में प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।

    ईशान किशन और रिंकू सिंह की वापसी

    टीम में ईशान किशन और रिंकू सिंह को भी शामिल किया गया है। ईशान किशन अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, जबकि रिंकू सिंह ने सीमित मौकों में ही अपनी फिनिशिंग क्षमता से सभी को प्रभावित किया है। इन दोनों खिलाड़ियों से मध्यक्रम और निचले क्रम में टीम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन

    टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी सितारों का अच्छा संतुलन देखने को मिला है। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ियों को टी-20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल किया गया है।

  • कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात। जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर ई-रिक्शा और ई-कार्ट की गहन जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार बढ़ रही शिकायतों और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए की जा रही है।

    250 ई-रिक्शा का चालान, जांच जारी

    परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभियान शुरू होने के बाद अब तक करीब 250 ई-रिक्शा का चालान किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर देहात में कुल 2643 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनकी क्रमवार जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई ई-रिक्शा बिना वैध दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण पत्र और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के चलते पाए गए।

    HSRP और दस्तावेज अनिवार्य

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-रिक्शा भी मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इनके लिए वही नियम लागू होते हैं, जो अन्य वाहनों पर होते हैं। विभाग ने ई-रिक्शा चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में HSRP नंबर प्लेट, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र अवश्य बनवाएं और वाहन चलाते समय साथ रखें।

    अधिकारियों ने बताया कि कई चालकों में यह गलतफहमी पाई जा रही है कि ई-रिक्शा के लिए कम दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। नियमों की अनदेखी करने पर चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम

    परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। बिना फिटनेस और बीमा वाले ई-रिक्शा यात्रियों के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    चालकों से अपील

    विभाग ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे कराएं और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। इससे न केवल कार्रवाई से बचा जा सकेगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

  • Railway Group D Vacancy 2025: रेलवे में 22,000 पदों पर बंपर भर्ती, जानें आवेदन तिथि, योग्यता और चयन प्रक्रिया

    Railway Group D Vacancy 2025: रेलवे में 22,000 पदों पर बंपर भर्ती, जानें आवेदन तिथि, योग्यता और चयन प्रक्रिया

    Railway Group D Vacancy 2025: नई दिल्ली। रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेल मंत्रालय ने रेलवे ग्रुप D (लेवल-1) के तहत 22,000 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस भर्ती में ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्समैन, असिस्टेंट (ब्रिज), असिस्टेंट (TRD) सहित कई अहम पद शामिल हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा इसका नोटिफिकेशन 12 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है।

    कब शुरू होगा आवेदन?

    रेलवे ग्रुप D भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते या जनवरी 2026 के पहले हफ्ते से शुरू होने की संभावना है। इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। अंतिम तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है, इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करने की सलाह दी गई है।

    Railway Group D Vacancy: कौन कर सकता है आवेदन?

    इस भर्ती में आवेदन के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 10वीं पास होना अनिवार्य है।

    • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 36 वर्ष
    • आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/EWS) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।
    • आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जा सकती है।

    आवेदन शुल्क कितना लगेगा?

    • जनरल / OBC / EWS: ₹500
    • SC / ST / EBC / महिला / ट्रांसजेंडर: ₹250

    किस भाषा में होगी परीक्षा?

    रेलवे ग्रुप D परीक्षा असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित कई भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी।

    चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

    उम्मीदवारों का चयन चार चरणों में किया जाएगा—

    1. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)
    2. फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET)
    3. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
    4. मेडिकल एग्जामिनेशन

    कितनी वैकेंसी और कौन-कौन से पद?

    इस भर्ती में कुल 22,000 पद शामिल हैं, जिनमें प्रमुख पद इस प्रकार हैं—

    • ट्रैक मेंटेनर ग्रेड IV – 11,000 पद
    • पॉइंट्समैन-B – 5,000 पद
    • असिस्टेंट (S & T) – 1,500 पद
    • असिस्टेंट (C & W) – 1,000 पद
    • असिस्टेंट (TRD) – 800 पद
    • असिस्टेंट (ब्रिज) – 600 पद
    • असिस्टेंट (ट्रैक मशीन) – 600 पद

    निष्कर्ष

    Railway Group D Vacancy 2025 देश की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। 10वीं पास युवाओं के लिए यह रेलवे में स्थायी सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते तैयारी शुरू करें और ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अपडेट पर नजर बनाए रखें।

  • यूपी में 2 दिन भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट: धूप को तरसे लोग, दिन में छाया अंधेरा; 10 शहरों में स्कूल बंद

    यूपी में 2 दिन भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट: धूप को तरसे लोग, दिन में छाया अंधेरा; 10 शहरों में स्कूल बंद

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना हुआ है और लोग धूप निकलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर जनजीवन, यातायात और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है।

    घना कोहरा और शीतलहर से बढ़ी परेशानी

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है। सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में सुबह 10–11 बजे तक धूप नहीं निकल रही, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस की जा रही है।

    तापमान में तेज गिरावट

    प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। खासकर तराई और मध्य यूपी के जिलों में शीतलहर का प्रकोप ज्यादा रहेगा। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    10 शहरों में स्कूल बंद

    भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने 10 शहरों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। इन शहरों में प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 या 12 तक के विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। कुछ जिलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    यातायात पर असर, सतर्कता की अपील

    घने कोहरे के कारण हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। प्रशासन और यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से धीमी गति, फॉग लाइट और संकेतकों का प्रयोग करने की अपील की है।

    आगे क्या कहता है मौसम पूर्वानुमान

    मौसम विभाग के मुताबिक, दो दिन बाद कोहरे की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन ठंड का असर फिलहाल बना रहेगा। जनवरी के अंत तक शीतलहर के कई और दौर आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

    प्रदेश में बढ़ती ठंड और कोहरे ने फिलहाल लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और सभी की नजरें मौसम के अगले अपडेट पर टिकी हैं।

  • अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जनपद अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाहीपुर गांव में सार्वजनिक रास्ता बंद किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। रास्ता बंद होने से परेशान पीड़ित परिजनों ने तहसील दिवस के मौके पर पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने जबरन सार्वजनिक रास्ते को घूर-गोबर डालकर बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    दबंगों पर जबरन रास्ता बंद करने का आरोप

    पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव में वर्षों से उपयोग में आ रहा यह रास्ता सार्वजनिक है, जिसका इस्तेमाल कई परिवार रोजमर्रा के आवागमन के लिए करते हैं। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इस रास्ते पर घूर और गोबर डालकर उसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे न सिर्फ पैदल चलने वालों, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    पुलिस से शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

    पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले पीपरपुर थाना पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो रास्ता खुलवाया गया और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लगातार अनदेखी से आहत पीड़ित परिवारों ने आखिरकार तहसील दिवस में प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का फैसला किया।

    तहसील दिवस में सीडीओ से शिकायत

    मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में पीड़ित परिजन बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे और सीडीओ को लिखित शिकायत सौंपते हुए रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च अधिकारियों और न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

    प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

    सीडीओ ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक रास्तों को अवैध रूप से बंद करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों में आक्रोश

    गांव में इस मामले को लेकर अन्य ग्रामीणों में भी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक रास्ते इस तरह बंद किए जाते रहे तो आम जनजीवन प्रभावित होगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक रास्ता खुलवाकर उन्हें राहत दी जाती है।

  • बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी। त्रिवेदीगंज क्षेत्र में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन (रामसिंह वर्मा) के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

    शुक्रवार को त्रिवेदीगंज पहुंचने पर भाजपा नेता अरुण शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह और प्रधान ककरी सचिन के नेतृत्व में मां पीताम्बरा मैरिज लॉन में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं के हित में लगातार काम करने का संकल्प दोहराया।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पार्टी को आने वाले चुनावों में और बड़ी सफलता दिलाई जा सकती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।

    सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

    इस अवसर पर स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में शिवनाम प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा मन्ना, सुशील पटेल लंबरदार, तेजबहादुर सिंह, अवधेश सिंह चंदेल, रणविजय सिंह पिंकू, राजकुमार सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), कृष्ण कुमार मुन्नू (मंडल अध्यक्ष), सचिन वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने तथा भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर, त्रिवेदीगंज में हुआ यह भव्य स्वागत समारोह भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

  • Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव में एक महिला ने अपने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। करीब 50 दिन बाद जंगल से कंकाल मिलने के बाद इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गोरेलाल के रूप में हुई है, जिसका गांव की ही रहने वाली महिला से बीते चार वर्षों से प्रेम संबंध था। महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसके चार बेटियां व एक बेटा हैं। गोरेलाल का महिला के घर आना-जाना था और कई बार वह रात में भी वहीं रुकता था। धीरे-धीरे महिला के बच्चे भी उसे परिवार का सहारा मानने लगे थे।

    लेकिन यह रिश्ता तब डरावना मोड़ ले गया, जब गोरेलाल की नियत महिला की 13 वर्षीय बेटी पर खराब हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोरेलाल ने महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह बेटी से संबंध बनाने दे। इतना ही नहीं, उसने महिला को धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह उसके बेटे की हत्या कर देगा। इस धमकी से महिला बुरी तरह डर गई और उसने गोरेलाल को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। महिला ने गोरेलाल को शादी का झांसा देकर अपने मायके बुलाया। वहां उसे जमकर शराब पिलाई गई। नशे की हालत में महिला और उसके भतीजे ने मिलकर गोरेलाल का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए महिला के भतीजे ने अपने एक दोस्त को बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए जंगल में ले जाकर गड्ढा खोदा और उसे दफना दिया। घटना के बाद गोरेलाल के लापता होने की शिकायत भी सामने आई थी।

    करीब 50 दिन बाद पुलिस को जंगल से एक कंकाल बरामद हुआ, जिसके बाद जांच तेज हुई। साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाला तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

  • मनरेगा की जगह लेने वाला ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पास, विपक्ष का जोरदार हंगामा

    मनरेगा की जगह लेने वाला ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पास, विपक्ष का जोरदार हंगामा

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाने वाला ‘जी राम जी’ बिल आज सुबह लोकसभा में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित कर दिया गया। बिल के पास होते ही संसद का माहौल गरमा गया और विपक्षी सांसदों ने वेल में उतरकर जमकर हंगामा किया।

    विपक्ष की मांग थी कि इस अहम बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए ताकि इसके हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हो सके। विरोध के दौरान कई सांसदों ने बिल की कॉपियां फाड़ दीं, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “कानून पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है। जनता आपको कागज फाड़ने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने के लिए भेजती है।” अब यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा

    विपक्ष ने क्यों किया विरोध?

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके सांसद टीआर बालू और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने बिल को गरीब-विरोधी बताया। विपक्ष का कहना है कि इस कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना राष्ट्रपिता का अपमान है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि नया कानून राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालता है, जबकि कई राज्य पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

    सरकार का जवाब क्या रहा?

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक योजनाओं के नाम केवल नेहरू-गांधी परिवार से जोड़े और अब नाम बदलने पर सवाल उठा रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि MGNREGA भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था और नया कानून सभी स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद लाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार नाम नहीं, काम की राजनीति करती है।

    प्रियंका गांधी का तीखा बयान

    सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से कहा कि यह बिल ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को धीरे-धीरे खत्म कर देगा। उन्होंने कहा, “यह योजना सबसे गरीब लोगों का सहारा है। राज्यों के पास फंड नहीं है और सरकार उन पर बोझ डाल रही है। यह बिल साफ तौर पर गरीब विरोधी है।”

    कागज फाड़ने पर सरकार की आपत्ति

    केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने संसद के भीतर कागज फाड़ने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल पर देर रात तक चर्चा की और यह कानून जनहित में है।

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    Rupee Future: SBI रिसर्च ने किया बड़ा दावा, 6 महीने में आ सकती तेजी

    Rupee Future: नई दिल्ली: भारतीय रुपये (INR) की लगातार गिरावट ने निवेशकों और आम जनता के बीच चिंता बढ़ा दी है। इस बीच SBI रिसर्च ने एक नई रिपोर्ट में भविष्य को लेकर अहम अनुमान पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपया फिलहाल डीवैल्यूएशन के तीसरे चरण से गुजर रहा है, लेकिन अगले 6 महीनों में इसमें तेजी देखने को मिल सकती है।

    डॉलर की मजबूती और रुपया कमजोर

    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर (USD) की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आयातित दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई है। SBI रिसर्च ने बताया कि वैश्विक तेल की कीमतें और अन्य कमोडिटी दरें भी रुपये पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, अगले छह महीनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नीतियों के चलते रुपये में स्थिरता और सुधार देखने को मिल सकता है।

    डीवैल्यूएशन के तीसरे चरण का असर

    SBI रिसर्च के मुताबिक, रुपये का तीसरा चरण डीवैल्यूएशन वह समय है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले INR की कमजोरी बढ़ती है, लेकिन इसमें अगले 6 महीनों में निवेशकों को वापसी की संभावना बनी रहती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय धैर्य और सही रणनीति अपनाना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।

    निवेशकों के लिए संदेश

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय फॉरेक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हड़बड़ी न करें, बल्कि बाजार के संकेतकों का अध्ययन करें। SBI रिसर्च ने सुझाव दिया है कि रुपये की गिरावट अस्थायी हो सकती है और नियंत्रित निवेश और सुनियोजित बचत से भविष्य में लाभ कमाया जा सकता है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट में साफ किया गया है कि रुपये की गिरावट फिलहाल चिंता का विषय है, लेकिन अगले छह महीनों में भले ही डॉलर मजबूत रहे, INR में सुधार की उम्मीद है। निवेशकों और व्यापारियों को इसे ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी चाहिए।