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Category: मध्य प्रदेश

  • Indore water contamination: दूषित पानी से 5 महीने के मासूम की मौत, भागीरथपुरा में अब तक 7 जानें गईं

    Indore water contamination: दूषित पानी से 5 महीने के मासूम की मौत, भागीरथपुरा में अब तक 7 जानें गईं

    Indore water contamination: दूषित पानी से 5 महीने के मासूम की मौत, भागीरथपुरा में अब तक 7 जानें गईं इंदौर, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, इन दिनों गंभीर जल संकट और दूषित पानी से हो रही मौतों को लेकर सुर्खियों में है। शहर के भागीरथपुरा इलाके से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां दूषित पानी से बने दूध को पीने से 5 महीने के मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

    कैसे हुई मासूम की मौत?

    मृतक बच्चे का नाम अव्यान बताया गया है। परिजनों के अनुसार, बच्चे की मां ने दूध अधिक गाढ़ा होने के कारण उसमें नल का पानी मिलाकर पिलाया था। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही पानी उनके बच्चे की जान ले लेगा। दूध पीने के कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, दस्त और तेज बुखार के लक्षण दिखाई दिए। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।

    इलाके में बढ़ता मौतों का आंकड़ा

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं। पानी में सीवेज मिलावट और बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका जताई जा रही है।

    प्रशासन और नगर निगम पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पानी की बदबू, रंग बदलने और पेट की बीमारियों की शिकायतें की थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब जानें जा रही हैं, तब प्रशासन हरकत में आया है।

    पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए

    नगर निगम ने प्रभावित इलाके से पानी के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजने की बात कही है। साथ ही अस्थायी रूप से टैंकरों से साफ पानी सप्लाई करने का दावा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बीमार लोगों की जांच कर रही है।

    स्थानीय लोगों में आक्रोश

    घटना के बाद भागीरथपुरा में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते पाइपलाइन की जांच और मरम्मत की जाती, तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

  • इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम ने शिलॉन्ग कोर्ट में दायर की जमानत याचिका

    इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम ने शिलॉन्ग कोर्ट में दायर की जमानत याचिका

    इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी ने शिलॉन्ग की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। जमानत अर्जी में सोनम ने खुद को निर्दोष बताते हुए हत्या के आरोपों और सह-आरोपी राज कुशवाह के साथ कथित संबंधों से साफ इनकार किया है। मामले को लेकर अब एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।

    सोनम ने अदालत में दिए गए अपने बयान में कहा कि उसका राजा रघुवंशी की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैंने राजा की हत्या नहीं की। राज कुशवाह मेरा भाई जैसा था, हमारे बीच कोई अवैध या आपत्तिजनक संबंध नहीं थे।” सोनम ने पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स में लगाए गए सभी आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है।गौरतलब है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। पुलिस जांच में सोनम और राज कुशवाह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि पति राजा की हत्या की साजिश रची गई और उसमें पत्नी की अहम भूमिका रही। इसी आधार पर सोनम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

    वहीं, मृतक राजा रघुवंशी के भाई ने सोनम की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और अगर आरोपी को जमानत मिलती है तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती है या गवाहों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि जमानत याचिका खारिज की जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए।

    अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जा रही हैं। अभियोजन पक्ष ने केस डायरी, सबूतों और कॉल डिटेल्स का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया, जबकि बचाव पक्ष ने सोनम को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया है।

    अब इस हाई-प्रोफाइल केस में शिलॉन्ग कोर्ट के फैसले का इंतजार है, जो तय करेगा कि सोनम को जमानत मिलेगी या नहीं। कोर्ट का निर्णय न सिर्फ इस केस की दिशा तय करेगा, बल्कि आगे की जांच और ट्रायल पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।

  • PannaNews – पन्ना में दो दोस्तों की खुली किस्मत, मिला 15.34 कैरेट का बेशकीमती हीरा

    PannaNews – पन्ना में दो दोस्तों की खुली किस्मत, मिला 15.34 कैरेट का बेशकीमती हीरा

    PannaNews – मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बार फिर किस्मत बदल देने वाली खबर सामने आई है। पन्ना में मिला 15.34 कैरेट हीरा दो युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र में खदान संचालन कर रहे 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद को यह बेशकीमती जेम्स क्वालिटी हीरा मिला है।

    खास बात यह है कि दोनों युवाओं ने महज 20 दिन पहले ही खदान का काम शुरू किया था। शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी सफलता मिलने से इलाके में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि यह हीरा इस साल अब तक पन्ना में मिला सबसे बड़ा और बेहद चमकदार हीरा है।

    हीरा विशेषज्ञों के अनुसार, इस 15.34 कैरेट के हीरे की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। नियमानुसार हीरे को पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया जाएगा, जहां इसकी नीलामी की प्रक्रिया पूरी होगी।

    पन्ना जिला लंबे समय से हीरा खनन के लिए जाना जाता है और समय-समय पर ऐसी घटनाएं स्थानीय युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनती हैं। पन्ना में मिला 15.34 कैरेट हीरा एक बार फिर साबित करता है कि यहां किस्मत कब बदल जाए, कहा नहीं जा सकता।

  • CM Mohan Yadav Son Wedding: MP CM मोहन यादव के डॉक्टर बेटे की शादी का कार्ड आया सामने, सामूहिक सम्मेलन में होगी सादगीपूर्ण शादी

    CM Mohan Yadav Son Wedding: MP CM मोहन यादव के डॉक्टर बेटे की शादी का कार्ड आया सामने, सामूहिक सम्मेलन में होगी सादगीपूर्ण शादी

    CM Mohan Yadav Son Wedding: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी इन दिनों चर्चा में है। वजह है—शादी का आयोजन पूरी तरह सादगीपूर्ण और जनसहभागी अंदाज़ में किया जाना। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवारिक परंपराओं और सामाजिक संदेश को ध्यान में रखते हुए बेटे की शादी 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का फैसला लिया है।

    यादव परिवार की इस पहल को एक सामाजिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उच्च राजनीतिक पद होने के बावजूद परिवार ने भव्य आयोजन के बजाय एक सामूहिक सम्मेलन को चुना है, जिससे समाज में सादगी, किफायत और सामाजिक एकजुटता का संदेश जाता है।

    शादी के लिए जो निमंत्रण पत्र सार्वजनिक हुआ है, वह भी बेहद सरल, सामान्य और बिना किसी दिखावे वाला है। कार्ड में केवल आवश्यक जानकारी दी गई है और किसी तरह की राजनीतिक या भव्य सजावट से परहेज़ किया गया है। इसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि विवाह उज्जैन में होने वाले सामूहिक सम्मेलन में सम्पन्न कराया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, विवाह समारोह में परिवार के सीमित सदस्य और कुछ विशेष अतिथि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद कई मौकों पर कहा है कि वे सामाजिक मूल्यों, परंपराओं और ‘कम खर्च, बड़ा संदेश’ के सिद्धांत को मानते हैं। उनके निर्णय से प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनता में सकारात्मक चर्चा बनी हुई है।

    उज्जैन में होने वाला सामूहिक विवाह सम्मेलन हर वर्ष बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देता है। मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी भी इसी मंच पर कराने का निर्णय लेकर समाज के लिए उदाहरण पेश किया है कि विवाह में अनावश्यक खर्च की जगह सामाजिक उपयोगिता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    राजनीतिक हलकों में इसे एक सशक्त सामाजिक संदेश माना जा रहा है और आम लोग भी इस फैसले की जमकर सराहना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम से एक बार फिर संदेश गया है कि समाज में बदलाव केवल फैसलों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत उदाहरण से भी आता है।

  • MadhyaPradesh: 6 साल की मासूम से दरिंदगी: आरोपी खुलेआम घूम रहा, MP पुलिस नाकाम?

    MadhyaPradesh: 6 साल की मासूम से दरिंदगी: आरोपी खुलेआम घूम रहा, MP पुलिस नाकाम?

    MadhyaPradesh: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गौहरगंज इलाके में 6 साल की मासूम बच्ची से हुए जघन्य दुष्कर्म ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि घटना को हुए 144 घंटे से अधिक हो चुके हैं,

    फिर भी मुख्य आरोपी सलमान उर्फ नज़र (23) पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।इस मामले में पुलिस की धीमी कार्यवाही और नाकामी को लेकर प्रदेश भर में गुस्सा है। जहां एक तरफ 300 से अधिक पुलिसकर्मी आरोपी की तलाश में दबिश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आरोपी उसी इलाके में खुलेआम घूमता दिखा, जहाँ उसने मासूम के साथ दरिंदगी की थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी की लोकेशन गौहरगंज क्षेत्र की ही बताई जा रही है।

    रायसेन पुलिस ने इस फुटेज की प्रामाणिकता की पुष्टि कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने माना है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वही आरोपी सलमान उर्फ नज़र है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।प्रदेश की जनता सवाल पूछ रही हैजब आरोपी खुलेआम घूमते वीडियो में कैद हो चुका है, तब भी पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही?क्या पुलिस के पास पर्याप्त इनपुट नहीं?या फिर खोज अभियान में खामियां हैं?घटना के बाद से गौहरगंज और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोग पुलिस की नाकामी पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है।प्रदेश सरकार और पुलिस पर अब दबाव बढ़ रहा है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाई जाए।मासूम की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।

  • IASControversy- MP में IAS का आपत्तिजनक बयान, कहा ‘ब्राह्मण बेटी दान करें तभी खत्म होगा आरक्षण’

    IASControversy- MP में IAS का आपत्तिजनक बयान, कहा ‘ब्राह्मण बेटी दान करें तभी खत्म होगा आरक्षण’

    IASControversyमध्य प्रदेश में IAS अधिकारी संतोष वर्मा अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में संतोष वर्मा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिख रहे हैं। बयान में उन्होंने कहा— “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।”इस बयान के सामने आते ही राज्यभर में बवाल खड़ा हो गया है।

    IAS संतोष वर्मा की यह टिप्पणी न केवल ब्राह्मण समाज के लोगों को आहत कर रही है, बल्कि इसे जातिगत भेदभाव और निजी आचरण पर असंवेदनशील बयान के रूप में देखा जा रहा है। कई ब्राह्मण संगठनों ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    सोशल मीडिया पर भी इस बयान के खिलाफ भारी विरोध देखने को मिल रहा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स IAS अधिकारी के निलंबन और जांच की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। विपक्ष ने इसे सरकार की ‘प्रशासनिक विफलता’ बताया है और कहा है कि ऐसे बयान समाज में जातिगत तनाव को बढ़ावा देते हैं। वहीं कुछ नेताओं ने इसे “अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय” करार दिया है।

    ब्राह्मण संगठनों का कहना है कि यह बयान केवल एक समुदाय को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। संगठन ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी टिप्पणी करने का साहस न करे।इस पूरे विवाद पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही कदम उठाए जा सकते हैं।यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि समाजिक और राजनीतिक स्तर पर इस बयान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा है।

  • ग्वालियर फूलबाग में “जय श्री राम” नारेबाज़ी: सीएसपी हिना खान और अधिवक्ता अनिल मिश्रा आमने-सामना

    ग्वालियर फूलबाग में “जय श्री राम” नारेबाज़ी: सीएसपी हिना खान और अधिवक्ता अनिल मिश्रा आमने-सामना

    ग्वालियर: सोमवार की शाम फूलबाग इलाके में सीएसपी हिना खान और अधिवक्ता अनिल मिश्रा के बीच आमना-सामना हुआ, जो देखते ही देखते नारेबाज़ी और धार्मिक नारों की टकराहट में बदल गया। अनिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ सुंदरकांड पाठ करने पहुंचे थे, लेकिन धारा 163 लागू होने और निषेधाज्ञा के चलते उन्हें सीएसपी हिना खान ने रोक दिया।

    मिश्रा ने प्रशासन पर सनातन धर्म के खिलाफ होने का आरोप लगाया और “जय श्री राम” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर हिना खान ने भी साहसिक तरीके से चार बार नारे लगाए, जिससे माहौल और गरमाया। भीड़ में मौजूद समर्थकों ने भी जोर से नारे लगाए।

    यह विवाद तब भड़का जब मिश्रा का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने बाबासाहेब की प्रतिमा को लेकर कथित अपमान का आरोप लगाया। ग्वालियर और महाराष्ट्र में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि कई संगठन जैसे भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी ने 15 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया।

    प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी: कलेक्टर रुचिका चौहान और आईजी अरविंद सक्सेना ने बताया कि 260 से ज्यादा भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट हटाई गई हैं और 700 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए। फूलबाग, लश्कर और हजीरा में सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग और पुलिस गश्त लगातार जारी है।

    इस घटना ने शहर में धर्म और प्रशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को उजागर किया। निषेधाज्ञा और कानून-व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सतर्क है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

  • भोपाल में अज्ञात युवक-युवती ने रावण दहन से पहले जला दिया रावण, शाम की भव्य तैयारी प्रभावित

    भोपाल में अज्ञात युवक-युवती ने रावण दहन से पहले जला दिया रावण, शाम की भव्य तैयारी प्रभावित

    भोपाल, बाग मुगालिया। दशहरे की सुबह राजधानी भोपाल में अजीबोगरीब घटना सामने आई, जब कुछ अज्ञात युवक-युवती ने रावण दहन से पहले सुबह 6 बजे ग्राउंड में खड़े रावण के पुतले में आग लगा दी।

    स्थानीय समिति के सदस्यों ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में थे और आग लगाते ही मौके से फरार हो गए।रावण दहन का कार्यक्रम शाम को आयोजित किया जाना था, लेकिन इस घटना से आयोजन प्रभावित हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि वे घटना की जांच के लिए पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और दोषियों को जल्द पकड़ने की उम्मीद है।

    स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के खिलाफ है। पुलिस ने फिलहाल इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।यह घटना भोपाल में दशहरे की तैयारियों को प्रभावित करने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटना के रूप में सामने आई है।

    पढ़ते रहें https://nationnowsamachar.com/other/shakuntala-has-been-a-symbol-of-womens-empowerment-for-40-years-by-creating-a-55-foot-tall-effigy-of-ravana-in-mahoba/

  • पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू की स्वस्थ नारी योजना, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

    पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू की स्वस्थ नारी योजना, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के धार से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत की. इस कैंपेन के तहत देशभर में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन हो रहा है. साथ ही 8वें राष्ट्रीय पोषणा माह का भी शुभारंभ किया गया. इन शिविरों में महिलाओं को फ्री इलाज की सुविधा मिलेगी. ये अभियान 17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक चलेगा. सभा में मौजूद लोगों को संबोधत करते हुए पीएम मोदी ने धार की धरती हमेशा से प्रेरणा की धरती रही है और आज के आयोजन में नारी शक्ति का बहुत ध्यान रखा गया है. ये कार्यक्रम तो धार में शुरू हो रहा है लेकिन ये कार्यक्रम पूरे देश के लिए हो रहा है. पूरे देश की माताओं और बहनों के लिए हो रहा है. यहां से स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का आरंभ हो रहा है. मां ठीक तो पूरा घर रहता है ठीक पीएम मोदी ने कहा कि हमारी नारी शक्ति राष्ट्र की प्रगति का मुख्य आधार है.

    हम सब देखते हैं कि घर में अगर मां ठीक रहती है तो पूरा घर ठीक रहता है. लेकिन साथियों अगर मां बीमार हो जाए तो परिवार की सारी व्यवस्थाएं चरमरा जाती है. इसलिए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान मातााओं और बहनों को समर्पित है. हमारा मकसद है कि एक भी महिला जानकारी के अभाव में गंभीर बीमारी का शिकार ना हो. पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी बहुत सारी बीमारियां होती हैं जो चुपचाप आती है और पता न चलने के कारण बहुत बड़ी बन जाती है. ऐसी बीमारियों को शुरुआती दौर में ही पकड़ना जरूरी है, इसलिए इस अभियान के तहत बीपी, डायबिटीज हो या कैंसर हो,

    इन सबकी जांच की जाएगी. देशभर की मेरी माता और बहनों ने मुझे हमेशा आशीर्वाद दिया है. आप हमारी रक्षा कवच हैं. लेकिन आज मैं आपसे कुछ मांगने आया हूं. मैं आपसे मांगता हूं कि आप संकोच किए बिना इन कैंप में जाकर जांच जरूर कराएं. उन्होंने कहा कि एक बेटे के नाते, एक भाई के नाते मैं आपसे इतना तो मांग सकता हूं. इन कैंपों में आपको एक भी पैसा नहीं देना पड़ेगा. जांच भी मुफ्त होगी और दवाई भी मुफ्त होगी. आपके उत्तम स्वास्थ्य से सरकारी तिजोरी की ज्यादा कीमत नहीं है. ये तिजोरी आपके लिए है. कहां-कहां लगेगा शिविर? इसके तहत देशभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा.

    यह गैर-संचारी रोगों, एनीमिया, सिकल सेल रोग की जांच, शीघ्र पहचान और उपचार लिंकेज को सुदृढ़ बनाएगा, साथ ही प्रसवपूर्व देखभाल, टीकाकरण, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, जीवन शैली और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकलापों के माध्यम से मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा. स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग और मनोचिकित्सा सहित विशेषज्ञ सेवाएं मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, केंद्र सरकार के संस्थानों और निजी अस्पतालों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी.

  • मंदसौर में सीएम मोहन यादव के हॉट एयर बैलून में लगी आग, बड़ा हादसा टला

    मंदसौर में सीएम मोहन यादव के हॉट एयर बैलून में लगी आग, बड़ा हादसा टला

    मंदसौर। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव आज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हॉट एयर बैलून में सवार हुए थे, तभी बैलून में अचानक आग लग गई। हादसा बेहद खतरनाक था, लेकिन समय पर सुरक्षा कर्मियों की तत्परता और पास में मौजूद लोगों की मदद से बड़ा हादसा टल गया।जानकारी के मुताबिक, सीएम मोहन यादव जैसे ही बैलून में चढ़े, तब बैलून के नीचे लगे बर्नर में तकनीकी खामी के कारण आग लग गई। आग ने तुरंत बैलून के निचले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और कार्यक्रम के आयोजक तुरंत सक्रिय हो गए

    और आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया।सुरक्षा अधिकारियों ने सीएम मोहन यादव को सुरक्षित निकालने के बाद तुरंत आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोग भी आग बुझाने में मदद करने के लिए आगे आए। अधिकारीयों के मुताबिक, यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ और सीएम मोहन यादव पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    घटना ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों को सकते में डाल दिया, लेकिन किसी को भी चोट नहीं आई। राज्य प्रशासन ने सभी सुरक्षा उपायों की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में और अधिक सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।विशेषज्ञों का कहना है कि हॉट एयर बैलून में तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं। यह घटना चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है कि उच्च पदस्थ नेताओं और जनता की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय पर किए जाएं।सीएम मोहन यादव ने इस हादसे के बाद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की तारीफ की और कहा कि उनकी त्वरित प्रतिक्रिया ने बड़ा हादसा टलवाया।