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Category: रहस्य एवं कहानियां

  • भगवान शिव और दक्ष प्रजापति की कहानी, अहंकार से सीख

    भगवान शिव और दक्ष प्रजापति की कहानी, अहंकार से सीख

    भगवान शिव और दक्ष प्रजापति की यह कथा हमें अहंकार और सम्मान की महत्वता समझाती है। एक दिन दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया और सभी देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और विद्वानों को बुलाया। यज्ञ स्थल पर सभी देवताओं ने उनके सम्मान में खड़े होकर आदर व्यक्त किया। लेकिन दक्ष के मन में अहंकार ने जन्म लिया। उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि कितने लोग उनके सम्मान में खड़े हैं, बल्कि यह देखने लगे कि कौन खड़ा नहीं हुआ।

    भगवान शिव, जो दक्ष के दामाद थे, ध्यानमग्न बैठे रहे और किसी के आने-जाने पर ध्यान नहीं दिया। दक्ष को यह अपमानजनक लगा और उन्होंने कटु वचन कहे। उनके अहंकार ने यज्ञ स्थल की शांति को भंग कर दिया। शिव जी ने शांत रहकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उनके वाहन नंदी ने क्रोध में दक्ष को शाप दिया। देखते ही देखते यज्ञ स्थल शापों का रणक्षेत्र बन गया और अंततः शिव जी अपने गणों के साथ यज्ञ स्थल से चले गए। आगे चलकर यही घटना सती के आत्मदाह और दक्ष यज्ञ के विनाश का कारण बनी।

    कहानी से सीख

    1. अहंकार की पहचान करें: जब आप दूसरों के व्यवहार से अधिक अपने सम्मान की चिंता करने लगते हैं, तो समझें कि अहंकार ने प्रवेश कर लिया है।
    2. पद बड़ा नहीं, व्यवहार बड़ा होता है: सम्मान पद से नहीं, अच्छे व्यवहार और विनम्रता से मिलता है।
    3. मौन से टल सकता विवाद: मुश्किल स्थिति में शांत रहना और तुरंत प्रतिक्रिया न देना, विवाद टाल सकता है।
    4. क्रोध में शब्दों का चयन: क्रोध में बोले गए शब्द रिश्तों को तोड़ सकते हैं। सोच-विचार के बाद ही बोलें।
    5. शांति बनाए रखें: कठिन समय में शांत रहने वाला व्यक्ति समाधान खोज लेता है और सम्मान अर्जित करता है।

    यह कथा हमें याद दिलाती है कि अहंकार अच्छे कामों को भी बर्बाद कर सकता है, इसलिए विनम्रता, शांति और सम्मान का मार्ग हमेशा अपनाना चाहिए।

  • दुनिया के 6 रहस्यमय दरवाजे जिन्हें आज तक नहीं खोला गया पढ़िये इसके पीछे छिपे रहस्य की कहानी

    दुनिया के 6 रहस्यमय दरवाजे जिन्हें आज तक नहीं खोला गया पढ़िये इसके पीछे छिपे रहस्य की कहानी

    आज तक हम सब ने काफी दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं जिनके रहस्य और कहानियां लोगों को हमेशा आकर्षित करती रही हैं। इनमें कुछ मंदिर और ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं, जहां के रहस्य आज तक अनसुलझे हैं। खासकर छह दरवाजे ऐसे हैं जिन्हें आज तक कोई नहीं खोल पाया। इनके पीछे छुपा खजाना, प्राचीन पांडुलिपियां या अन्य रहस्य लोगों की कल्पना को चुनौती देते हैं।

    1. पद्मभस्वामी मंदिर, केरल
    केरल के इस प्रसिद्ध मंदिर में सात दरवाजे हैं, जिनमें से एक दरवाजा “वॉल्ट बी” आज तक नहीं खोला गया। माना जाता है कि इसे सांपों की शक्ति या नाग बंधन से सील किया गया है। इसके पीछे समुद्र की आवाज और अनहोनी होने की मान्यताएं जुड़ी हैं।

    2. वेटिकन अभिलेखागार तिजोरी
    वेटिकन सिटी में यह तिजोरी दरवाजा केवल चुनिंदा लोगों के लिए खुलता है। इसमें निषिद्ध पांडुलिपियां और ज्ञान छुपा होने की बातें हैं। इसके पीछे का रहस्य केवल कुछ विशेष लोग ही जानते हैं।

    3. किन शी हुआंग मकबरा, चीन
    सम्राट किन शी हुआंग का मकबरा हमेशा बंद रहता है। कहा जाता है कि इसमें सम्राट का छुपा हुआ खजाना और प्राचीन दुनिया के कई रहस्य संरक्षित हैं।

    4. पोग्वेलिया द्वीप का दरवाजा, इटली
    इटली के पास स्थित इस द्वीप पर पुराना जंग लगा दरवाजा है। यह अपने अंधेरे अतीत, संगरोध और मानसिक अस्पताल के रहस्यों को छुपाए हुए है।

    5. मनी पीट का गेट, ओक आईलैंड, कनाडा
    ओक आईलैंड के नीचे छिपे खजाने की सुरक्षा यह रहस्यमय जाल वाला दरवाजा करता है। खोजकर्ताओं ने इसे खोलने की कई कोशिशें की, लेकिन यह मजबूत तरीके से बंद है।

    6. ग्लोबल सीप वॉल्ट, स्वालबार्ड
    इस तकनीकी रूप से बनाए गए दरवाजे के आंतरिक हिस्से आज भी अछुए हैं। इसे दुनिया के दुर्लभ बीजों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।

    इन दरवाजों से जुड़ी मान्यताएं बेहद रोमांचक हैं। कहा जाता है कि अगर इन्हें खोला गया तो कई रहस्य सामने आ सकते हैं और अनहोनी भी हो सकती है।