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  • Cyclone Ditwah: तमिलनाडु–पुडुचेरी तट पर हलचल, रेड-येलो अलर्ट जारी, भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

    Cyclone Ditwah : चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ (Ditwah) भारत की धरती पर दस्तक देने वाला है। भारत के तटीय राज्यों तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह तूफान शनिवार दोपहर को श्रीलंका से निकला, जिसमें कम से कम 153 लोगों की मौत हो गई और 191 लोग लापता हैं।चेन्नई समेत तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग ने कहा है कि हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली कड़कने के आसार हैं। अभी कहां है तूफान ‘दित्वाह’? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार,चक्रवाती तूफान दित्वाह पिछले 12 घंटों से 05 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है और यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है। सुबह 2 बजे तक यह भारतीय तट वेदारण्यम से 90 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, कराईकल से 90 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में था।

    मौसम विभाग के अनुसार,तूफान के नॉर्थ तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के समांतर उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। आज दोपहर और शाम तक यह तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से क्रमशः 70 किलोमीटर और 30 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी पर केंद्रित होगा। हालांकि, तूफान के लैंडफॉल (तट से टकराने) की संभावना कम है, लेकिन तट के इतना करीब से गुजरना भारी बारिश और तेज हवाओं का गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

    तूफान दित्वाह का प्रभाव तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। चेन्नई समेत तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। नागपट्टिनम जिले के वेदारण्यम के पास कोडियाकराई बीच इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। समुद्री हलचल बढ़ी बंगाल की खाड़ी में आए इस तूफान के असर से पुडुचेरी में समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगी हैं। तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। पुलिस लोगों को समुद्र के किनारे से हटा रही है और आस-पास के इलाकों में नहीं जाने की चेतावनी जारी की गई है।

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  • मंदसौर में सीएम मोहन यादव के हॉट एयर बैलून में लगी आग, बड़ा हादसा टला

    मंदसौर में सीएम मोहन यादव के हॉट एयर बैलून में लगी आग, बड़ा हादसा टला

    मंदसौर। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव आज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हॉट एयर बैलून में सवार हुए थे, तभी बैलून में अचानक आग लग गई। हादसा बेहद खतरनाक था, लेकिन समय पर सुरक्षा कर्मियों की तत्परता और पास में मौजूद लोगों की मदद से बड़ा हादसा टल गया।जानकारी के मुताबिक, सीएम मोहन यादव जैसे ही बैलून में चढ़े, तब बैलून के नीचे लगे बर्नर में तकनीकी खामी के कारण आग लग गई। आग ने तुरंत बैलून के निचले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और कार्यक्रम के आयोजक तुरंत सक्रिय हो गए

    और आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया।सुरक्षा अधिकारियों ने सीएम मोहन यादव को सुरक्षित निकालने के बाद तुरंत आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोग भी आग बुझाने में मदद करने के लिए आगे आए। अधिकारीयों के मुताबिक, यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ और सीएम मोहन यादव पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    घटना ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों को सकते में डाल दिया, लेकिन किसी को भी चोट नहीं आई। राज्य प्रशासन ने सभी सुरक्षा उपायों की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में और अधिक सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।विशेषज्ञों का कहना है कि हॉट एयर बैलून में तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं। यह घटना चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है कि उच्च पदस्थ नेताओं और जनता की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय पर किए जाएं।सीएम मोहन यादव ने इस हादसे के बाद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की तारीफ की और कहा कि उनकी त्वरित प्रतिक्रिया ने बड़ा हादसा टलवाया।

  • New GST slab 2025-आठ साल बाद बड़ा बदलाव,नई GST स्लैब 2025 लागू

    New GST slab 2025-आठ साल बाद बड़ा बदलाव,नई GST स्लैब 2025 लागू

    New GST slab 2025– देश में GST सुधारों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने 56वें GST काउंसिल की बैठक में अब तक की सबसे बड़ी GST सुधार पैकेज की घोषणा की है। जिसे 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाले इस बदलाव में चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) को सिर्फ दो मुख्य स्लैब—5% और 18%—में समाहित कर दिया गया है, आपको बता दें लग्जरी और ‘सिन’ वस्तुओं पर नई 40% स्लैब लागू की गई है। यह आठ साल बाद पहली बार ऐसा व्यापक पुनर्गठन है, और इसका असर घरेलू बजट से लेकर वैश्विक व्यापार संबंधों तक फैला है।

    GST में क्या-क्या हुए बदलाव और नई दरें और वर्गीकरण

    दो मुख्य स्लैब 5% और 18%

    • दैनिक उपयोग की वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, लोबान, और पैकेज्ड फूड अब 5% पर आएँगी।
    • इलेक्ट्रॉनिक्स (TVs, ACs, वॉशिंग मशीनें), छोटे वाहन और अन्य मानक सामान अब 18% पर टैक्स होंगे।

    नई 40% स्लैब लग्जरी और सिन उत्पाद

    • महंगी कारें, तंबाकू उत्पाद, पैनेल्टी कार जैसे लग्जरी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुएँ अब 40% टैक्स के दायरे में आ गयी हैं।
    • 2017 में GST शुरू हुआ था, और यह सबसे बड़ा स्लैब सुधार है जिसे पिछले आठ वर्षों में देखा गया है।
    • इस कदम का उद्देश्य कर ढाँचे को सादा बनाएँ, अनुपालन बढ़ाएँ, और मध्यम वर्ग व किसानों को राहत मिले।

    घरेलू लाभ में क्या मिला जनता को

    आर्थिक हलचल में सुधार

    • यह सुधार उपभोक्ता खर्च बढ़ाने और महंगाई को लगभग 1.1% तक कम करने में मदद करेगा।
    • SBI के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांत घोष का कहना है कि GST सुधार से GDP में 60 bps तक इजाफा हो सकता है, जबकि अमेरिकी टैरिफ का गिरावट पर असर नगण्य रहेगा।

    New GST slab 2025; विभिन्न शहरों पर दिखा असर

    • गुजरात के उद्योगों में विशेषकर वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो, पैकेज्ड फूड—सभी में मांग में बढ़ोतरी और लागत में कमी की उम्मीद है।
    • फसल मशीनरी, कृषि उपकरण पर 12% से 5% की कटौती किसानों के लिए राहत लेकर आएगी।
    • Tata Motors ने वाहन कीमतों में ₹1.55 लाख तक की कटौती की घोषणा की है, जिससे लाई-फेस्टिवल-सीजन में बिक्री बढ़ने की आशा है।

    विपक्ष और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

    • कांग्रेस ने कहा कि यह बदलाव “8 साल बहुत देर से” आया है, जबकि सरकार ने इसे चुनाव से जोड़ने के आरोपों से इनकार किया।
    • पंजाब के BJP अध्यक्ष ने इसे किसानों और आम जनता के लिए “उपहार” बताया।

    New GST slab 2025; अमेरिका पर प्रभाव — व्यापार नीति पर GST का दबाव?

    अमेरिकी टैरिफ और घरेलू संरक्षण

    • अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने से घरेलू उपभोक्ता खपत में रुचि बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है।
    • विशेषज्ञों का मानना है कि यह GST सुधार अमेरिकी टैरिफ के असर को काफी हद तक जूस कर सकता है, जिससे GDP में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

    आत्मनिर्भरता और आर्थिक पुनरुद्धार

    • इस रणनीति से घरेलू खपत को बढ़ावा मिलता है, जिससे निर्यात निर्भर अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत अधिक लचीला दिखता है।
    • प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “दिवाली बोनस” बताया, जो राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण लाभ है।
    पहलुविवरण
    स्लैब बदलाव5%, 18%, 40%
    ऐन कार्यान्वयन तारीख22 सितंबर 2025 — नवरात्रि की शुरुआत से प्रभावी
    घरेलू प्रभावमहंगाई में कमी, उपभोक्ता खर्च में वृद्धि, कृषि और MSME को राहत
    अमेरिका पर प्रभावटैरिफ के असर को कम करने में घरेलू मांग की भूमिका

    New GST slab 2025; नई GST स्लैब 2025 एक ऐतिहासिक सुधार है — चार दरों से सिर्फ दो मुख्य स्लैब तक बदलाव, लग्जरी वस्तुओं पर 40%, और घरेलू मांग को तब तक बढ़ावा देना जब वैश्विक टैरिफ बाधाएँ बढ़ रही हों। यह कदम न केवल कर संरचना को सरल करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता, उपभोक्ता विश्वास, और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है। अब समय है—आप अपनी राय साझा कीजिए: यह GST सुधार आपके जीवन या व्यापार को कैसे प्रभावित कर सकता है?

  • Hurricane Kiko: आ रहा भयंकर तूफान, 215KM की रफ्तार से आएगी तबाही, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    Hurricane Kiko: आ रहा भयंकर तूफान, 215KM की रफ्तार से आएगी तबाही, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    Hurricane Kiko: प्रशांत महासागर में उठे भयंकर तूफान ने अमेरिका को चिंता में डाल दिया है। हरिकेन किको (Hurricane Kiko) तेजी पकड़ते हुए कैटेगरी-4 का खतरनाक तूफान बन चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसकी अधिकतम रफ्तार 215 किमी प्रति घंटा (130 मील प्रति घंटा) तक पहुंच गई है

    और आने वाले दिनों में इसका सीधा असर हवाई द्वीपसमूह पर पड़ सकता अगले कुछ दिनों में इसका असर हवाई द्वीपसमूह पर पड़ सकता है. वहीं, पोस्ट-ट्रॉपिकल साइक्लोन लोरेना ने मेक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप को भारी बारिश से तरबतर कर दिया है.

    मौसम केंद्र के मुताबिक, तूफान ‘किको’ की अधिकतम रफ्तार 215 किमी प्रति घंटा (130 मील प्रति घंटा) है और इसमें शुक्रवार देर रात तक और भी ताकतवर होने की संभावना है. फिलहाल यह तूफान हिलो, हवाई से 1,195 मील (1,925 किलोमीटर) पूर्व-दक्षिणपूर्व में था और पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था.

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार से ही हवाई के कुछ इलाकों में ऊंची लहरें और खतरनाक रिप करंट देखने को मिल सकते हैं. हालांकि अभी तक किसी द्वीप पर सीधी चेतावनी जारी नहीं हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

    दूसरी ओर, पोस्ट-ट्रॉपिकल साइक्लोन लोरेना (Lorena) ने मेक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप में भारी बारिश बरसाई है. शुक्रवार सुबह तक लोरेना की रफ्तार घटकर 56 किमी प्रति घंटा (35 मील प्रति घंटा) रह गई थी और यह काबो सैन लाजारो से 170 मील पश्चिम में लगभग स्थिर था.

  • lekhkon kaa virodh: जम्मू-कश्मीर में 25 किताबों पर बैन, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सवाल

    lekhkon kaa virodh: जम्मू-कश्मीर में 25 किताबों पर बैन, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सवाल

    कश्मीर में शब्दों से डरने लगी है सत्ता?

    lekhkon kaa virodh: जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में 25 किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया, इनमें बुकर पुरस्कार विजेता अरुंधति रॉय से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते सुमंत्र बोस की किताबें शामिल हैं। सरकार का तर्क है कि ये किताबें आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देती हैं, जबकि लेखक और पब्लिशर्स इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला मान रहे हैं। इस फैसले से सिर्फ कश्मीर नहीं, बल्कि पूरे देश में बौद्धिक स्वतंत्रता को लेकर बहस छिड़ गई है।


    सरकार का आदेश और उसका असर

    किन किताबों पर लगा प्रतिबंध?

    • 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर सरकार ने 25 किताबों पर बैन लगाने का आदेश जारी किया।
    • अरुंधति रॉय की ‘आजादी’, सुमंत्र बोस की किताबें, अथर ज़िया की ‘Resisting Disappearance’ और अनुराधा भसीन की ‘A Dismantled State’ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
    • कुछ किताबें 18 साल पहले पब्लिश हुई थीं।

    सरकार का पक्ष

    सरकार का कहना है कि इन किताबों में ऐसा कंटेंट है जो:

    • आतंकवाद को बढ़ावा दे सकता है।
    • अलगाववाद की मानसिकता को उकसाता है।
    • जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।

    पुलिस की कार्रवाई

    • सरकार के आदेश के तुरंत बाद पुलिस ने श्रीनगर समेत कई इलाकों में बुक स्टोर्स पर छापेमारी की।
    • जिन किताबों पर प्रतिबंध है, उनका स्टॉक जब्त किया गया।
    • दुकानदारों ने डर के कारण किताबें हटा दी हैं और कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

    lekhkon kaa virodh: “ये सिर्फ बैन नहीं, दहशत फैलाने की साजिश है”

    lekhkon kaa virodh जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में 25 किताबों पर प्रतिबंध

    सुमंत्र बोस बोले: “ब्रिटिशों जैसा कर रही है सरकार”

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते सुमंत्र बोस ने तीखी प्रतिक्रिया दी:”90 साल पहले अंग्रेजों ने नेताजी की किताब बैन की थी। अब मेरी किताब पर बैन लगाया गया है। क्या हम लोकतंत्र में सरकार की आलोचना भी नहीं कर सकते?”उनकी किताबों को लेकर सरकार की कार्रवाई उन्होंने अभिव्यक्ति की आज़ादी का दमन बताया।


    अथर ज़िया: “कश्मीर की हकीकत से डर रही सरकार”

    अथर ज़िया की किताब ‘Resisting Disappearance’ भी प्रतिबंधित पुस्तकों में है। ये किताब कश्मीर में गायब हुए लोगों की कहानियों और महिलाओं के संघर्ष पर आधारित है।”ये कोई पहली बार नहीं है। कश्मीर में पहले भी किताबों, लिटरेचर और यहां तक कि सिलेबस से किताबें हटाई गई हैं।”उनका मानना है कि ये बैन सिर्फ कंटेंट पर नहीं, बल्कि कश्मीर की सच्चाई को छिपाने की कोशिश है।

    जो अथर ज़िया ने उठाए lekhkon kaa virodh पर:

    • किताब में जिन महिलाओं की कहानियां हैं, वो सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं।
    • 2014 के बाद से कश्मीर में दबाव और सेंसरशिप बढ़ी है।
    • किताबों के बहाने लोगों में डर फैलाया जा रहा है कि अगर आपके पास कोई बैन की गई किताब मिले, तो पुलिस रेड कर सकती है।

    अनुराधा भसीन: “सरकार हर आलोचना का सबूत मिटाना चाहती है”

    अनुराधा भसीन की किताब ‘A Dismantled State’ आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में बदलावों पर आधारित है।”2019 से 2021 तक मैं कश्मीर में रही। मेरी किताब पूरी तरह तथ्यों और फील्ड रिसर्च पर आधारित है। इसमें कोई आतंकवाद को समर्थन नहीं है।”उनका कहना है कि सरकार को बताना चाहिए कि उनकी किताब आतंकवाद से कैसे जुड़ी है।

    • पब्लिशर्स किताब छापने से पहले कंटेंट की कई स्तरों पर जांच करते हैं।
    • अगर आतंकवाद खत्म हो गया है, तो किताबों से खतरा कैसे?
    • सरकार ने पहले मीडिया की आज़ादी खत्म की, अब किताबों की बारी है।
    • कश्मीर में लंबे समय से सेंसरशिप है, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ गया है।

    क्या बैन का उल्टा असर होगा?

    लेखकों का मानना है कि इस तरह के बैन किताबों को और लोकप्रिय बना सकते हैं। क्योंकि अब अधिकतर कंटेंट डिजिटल माध्यम से भी उपलब्ध है।”लोग अब इन किताबों को ऑनलाइन खोजेंगे और पढ़ेंगे। बैन लगाकर आप विचारों को नहीं रोक सकते।”


    निष्कर्ष: सवाल सिर्फ किताबों का नहीं, आज़ादी का है

    जम्मू-कश्मीर में किताबों पर लगा बैन केवल साहित्य का मुद्दा नहीं है, ये एक बड़े लोकतांत्रिक सवाल की ओर इशारा करता है—क्या सरकार आलोचना सहने को तैयार नहीं? क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब सिर्फ एक सैद्धांतिक अधिकार बनकर रह गई है? आपकी राय क्या है? क्या सरकार का फैसला सही है या ये अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है? अपनी राय नीचे कमेंट करें या इसे शेयर करें।

    SOURCES : List of books banned in India

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  • जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटा बादल, भारी तबाही की आशंका

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटा बादल, भारी तबाही की आशंका

    जम्मूः जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मचैल मट्टा यात्रा के रास्ते में पड्डेर सब डिवीजन के चिशोती गांव में बादल फटने से भारी तबाही मची है। हादसे में कई लोगों के मरने की आशंका है। प्रारंभिक तौर पर बादल फटने से 12-15 लोगों के मरने की सूचना है। डीसी किश्तवाड़ ने 12-15 लोगों के मरने की पुष्टि की है। राहत और बचाव कार्य जारी है। 

    केंद्रीय मंत्री ने डीसी से की बात ,जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटा बादल
    केंद्रीय मंत्री ने लिखा है कि अभी-अभी जम्मू-कश्मीर के लोक सभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से एक जरूरी संदेश मिलने के बाद किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की। केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि चोसिटी क्षेत्र में भीषण बादल फटने से भारी जनहानि हो सकती है। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है।

    डीसी बोले- बचाव कार्य में जुटी हैं टीमें,जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटा बादल
    केंद्रीय मंत्री के बाद करने के बाद किश्तवाड़ के डीसी पंकज शर्मा ने बताया है कि किश्तवाड़ के चशोती इलाके में अचानक बाढ़ आ गई है। यह मचैल माता यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है। बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। 2021 में भी किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना हुई थी।

  • पत्नी की सड़क हादसे में मौत, शव के लिए वाहन नहीं मिला तो बाइक पर ले गया पति | UP Viral News

    पत्नी की सड़क हादसे में मौत, शव के लिए वाहन नहीं मिला तो बाइक पर ले गया पति | UP Viral News

    महाराष्ट्र के नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां एक ट्रक के कट मारने से पति-पत्नी बाइक से गिर गए, जिसमें पत्नी की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद शव ले जाने के लिए घंटों तक कोई वाहन नहीं मिला। मजबूर होकर पति ने पत्नी के शव को बाइक पर बांधकर कई किलोमीटर का सफर तय किया।

    हादसा नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पत्नी की सड़क हादसे में मौत

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दंपति बाइक से कहीं जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक कट मार दिया। संतुलन बिगड़ने से दोनों सड़क पर गिर पड़े और पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई।

    मदद के लिए कई बार फोन, लेकिन…पत्नी की सड़क हादसे में मौत

    हादसे के बाद परिजनों ने एंबुलेंस और शव वाहन के लिए कई बार फोन किया, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कोई मदद नहीं पहुंची। आखिरकार पति ने पत्नी के शव को कपड़े और रस्सी से बाइक पर बांधा और गांव की ओर रवाना हो गया।

    वायरल हुई दर्दनाक तस्वीरें

    पति द्वारा पत्नी के शव को बाइक पर बांधकर ले जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों ने लोगों के दिल को झकझोर दिया और सिस्टम की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

    लोगों में आक्रोश पत्नी की सड़क हादसे में मौत

    स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस लापरवाही ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और शव वाहन की सुविधा को तत्काल बेहतर करने की मांग की है।

  • दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया, राहुल और प्रियंका को हिरासत में लिया गया

    दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया, राहुल और प्रियंका को हिरासत में लिया गया

    highlights

    • राहुल गांधी का लोकसभा में केंद्र पर हमला।
    • कहा—लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान बचाने की है।
    • एक व्यक्ति-एक वोट के अधिकार की रक्षा पर जोर।

    नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी ने आज सदन में केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीति की नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा की है।

    राहुल गांधी ने कहा, “हकीकत ये है कि वो बात नहीं कर सकते। सच्चाई देश के सामने है। ये लड़ाई राजनीतिक नहीं है। ये लड़ाई संविधान बचाने की है। ये लड़ाई एक व्यक्ति, एक वोट की है।” दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

    उन्होंने अपने संबोधन में यह भी संकेत दिया कि मौजूदा समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है, और सभी को मिलकर इस पर आवाज उठानी होगी। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

    राहुल और प्रियंका को हिरासत में लिया गया

    संसद से चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. यह मार्च लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में निकाला गया.दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

    इससे पहले परिवहन भवन के पास पुलिस बैरिकेडिंग के ज़रिए रोके जाने पर सभी सांसद धरने पर बैठ गए थे और नारेबाज़ी कर रहे थे.दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

    हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी  “वास्तव में हम बात नहीं कर सकते हैं, सच्चाई ये है. ये जो लड़ाई है वो राजनैतिक नहीं है. ये संविधान को बचाने की लड़ाई है. वन मैन वन वोट की लड़ाई है. इसीलिए हमें साफ वोटर लिस्ट चाहिए.”दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

    विरोध मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, डिंपल यादव, महुआ माजी, संजय राउत, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी सांसद शामिल थे.दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

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  • J&K कुलगाम एनकाउंटर: 2 जवान शहीद, 1 आतंकी ढेर – 9 दिन से जारी ऑपरेशन

    J&K कुलगाम एनकाउंटर: 2 जवान शहीद, 1 आतंकी ढेर – 9 दिन से जारी ऑपरेशन

    जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल-देवसर जंगल क्षेत्र में पिछले नौ दिनों से जारी आतंकवाद विरोधी अभियान में शनिवार को दो भारतीय जवान शहीद हो गए और एक आतंकी मारा गया।

    घटना का विवरण J&K कुलगाम एनकाउंटर

    • मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने घेराबंदी कर रहे सुरक्षाबलों पर फायरिंग की।
    • शहीद जवान: लेफ्टिनेंट नाइक प्रीतपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह
    • अब तक इस ऑपरेशन में एक आतंकी मारा गया है और कई बार गोलीबारी हुई है।

    ऑपरेशन की खास बातें J&K कुलगाम एनकाउंटर

    • सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त अभियान।
    • हाई-टेक ड्रोन, नाइट विज़न और स्पेशल फोर्सेज की मदद से घेराबंदी।
    • इलाके में छिपे बाकी आतंकियों की तलाश जारी। J&K कुलगाम एनकाउंटर

    यह ऑपरेशन 1 अगस्त को शुरू हुआ था, जब खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि इलाके में 2-3 आतंकी अब भी छिपे हो सकते हैं।

  • पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस

    पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

    84 वर्ष की उम्र में हुआ निधन पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

    सत्यपाल मलिक 84 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने के बाद RML अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।


    🏛️ लंबा राजनीतिक व प्रशासनिक करियर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

    सत्यपाल मलिक का राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन बेहद सक्रिय और प्रभावशाली रहा। वे कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं:जम्मू-कश्मीर (2018–2019) – जम्मू-कश्मीर के आखिरी राज्यपाल, जब तक यह राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित नहीं हुआ।

    • गोवा (2019–2020)
    • मेघालय (2020–2022)
    • बिहार (2017–2018)

    इसके अलावा वे लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रह चुके थे। उन्हें उनकी स्पष्टवादिता और बेबाक राजनीतिक टिप्पणियों के लिए भी जाना जाता था।


    राजनीतिक दलों ने दी श्रद्धांजलि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

    पूर्व राज्यपाल के निधन पर कई नेताओं ने शोक जताया ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “सत्यपाल मलिक जी का निधन दुखद है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी बेबाक शैली से खास पहचान बनाई।” राहुल गांधी: “सत्यपाल मलिक के निधन की खबर बेहद दुखद है। देश ने एक सच्चा और ईमानदार नेता खो दिया।”