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  • “मांग का सिंदूर उजाड़ने वालों की खोपड़ी पर चढ़ेगा सिंदूर”: पाकिस्तान पर हमले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान- SHANKARACHARYA ON PAKISTAN ATTACK

    “मांग का सिंदूर उजाड़ने वालों की खोपड़ी पर चढ़ेगा सिंदूर”: पाकिस्तान पर हमले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान- SHANKARACHARYA ON PAKISTAN ATTACK

    मेरठ: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के खिलाफ एयरस्ट्राइक की है. भारत की इस हमले में में 90 आतंकी ढेर हो गए हैं. ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अवीमुक्तेश्वरानंद ने (SHANKARACHARYA ON PAKISTAN ATTACK) पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ भारत के हमले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह एक साहसिक कदम है, लेकिन अभी और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है. उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि आगे की रणनीति ऐसी होनी चाहिए जिससे पाकिस्तान 100 साल पीछे चला जाए.

    आतंकियों पनाह देता है पाकिस्तान- शंकराचार्य
    शंकराचार्य ने नेशनल नाउ समाचार से बातचीत में कहा, “आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान खुद भी गुनहगार है. ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि दुबारा कोई भारत के खिलाफ साजिश करने की हिम्मत न कर सके.”

    आतंकियों की खोपड़ी पर चढ़ेगा सिंदूर- शंकराचार्य
    उन्होंने कहा कि जो लोग मांग का सिंदूर उजाड़ते हैं, अब उनकी खोपड़ी पर सिंदूर चढ़ेगा. यह वाक्य उनके बयान का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है. उन्होंने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम सोच-समझकर दिया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य भावनात्मक और राष्ट्रीय दोनों दृष्टिकोण से मजबूत है.

    शंकराचार्य अवीमुक्तेश्वरानंद का मानना है कि भारत के नागरिक लंबे समय से ऐसी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे थे. “अब समय आ गया है कि सरकार आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को ऐसा सबक सिखाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें,” उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार की रणनीतिक सोच की सराहना की और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने यह भी कहा कि इस समय देश को एकजुट रहने और सरकार का साथ देने की जरूरत है.

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  • पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    नई दिल्ली: पाकिस्तान पर 7 मई 2025 को हुई भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP) पर हैं. केंद्र सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसकी शुरुआत मंगलवार को हुई, जहां युद्ध जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे युद्ध या आतंकी हमलों जैसे हालात में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें. इस आदेश के तहत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में 7 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी. राज्य के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि ड्रिल के दौरान कुछ देर के लिए बिजली की आपूर्ति और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी.

    सायरन बजते ही राहत टीमें हुईं एक्टिव
    लखनऊ की पुलिस लाइन में हुए मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही सिविल डिफेंस, एंबुलेंस, दमकल और पुलिस टीमों ने तत्काल हरकत में आकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और भीड़भाड़ वाली जगहों को खाली कराया गया. इस ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक रियल-टाइम रेस्पॉन्स सिस्टम को परखना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    ब्लैकआउट की तैयारी, 19 जिलों में रात को बिजली बंद
    डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 7 मई की रात को गोरखपुर, कानपुर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ समेत 19 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी. इन जिलों को गृह मंत्रालय ने A, B, और C कैटेगरी में बांटा है, जिसमें सुरक्षा की गंभीरता के आधार पर गतिविधियां निर्धारित की गई हैं. विशेष सतर्कता नेपाल सीमा से लगे जिलों सिद्धार्थनगर, बहराइच और महाराजगंज में बरती जा रही है. इन जिलों में मॉक ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, कैमोफ्लाज प्रोटोकॉल, नागरिकों का प्रशिक्षण और छात्र-अभियान आयोजित होंगे. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    गोरखपुर में 7 से 8 बजे होगा ब्लैकआउट
    गोरखपुर में सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन शहर के प्रमुख स्थानों पर होगा. शाम 7 से 8 बजे तक शहर में ब्लैकआउट रहेगा. सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी ने बताया कि 500 प्रशिक्षित कार्यकर्ता लोगों को युद्ध जैसी स्थिति से बचने का प्रशिक्षण देंगे. साथ ही नागरिकों को एयर रेड सायरन की पहचान, अफवाहों से बचाव और नजदीकी शरणस्थलों की जानकारी देने का भी अभ्यास कराया जाएगा.

    सोनभद्र में अधिकारियों ने बनाई रणनीति
    सोनभद्र जिले में मॉक ड्रिल को लेकर डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई. बैठक में औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा, आपातकालीन यातायात प्रबंधन, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, और धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से अलर्ट जारी करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. 7 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है.

    आगरा में 8 स्थानों पर मॉक ड्रिल, 5 मिनट का ब्लैकआउट
    आगरा के डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में 8 से 10 लोकेशन्स पर मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है. बुधवार रात 8 बजे 5 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा.
    इस दौरान सायरन बजाया जाएगा और सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पैनिक न करें और इसे युद्ध न समझें. रामकृष्णा कन्या महाविद्यालय, बल्केश्वर में माइक्रो मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें आपात स्थिति में घायलों के इलाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

    देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
    गृह मंत्रालय ने कहा है कि मॉक ड्रिल के जरिये यह देखा जाएगा कि किसी भी संभावित युद्ध या आतंकी हमले के समय प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी है. सभी राज्य, जिला और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सेक्टर में तैयारियां सुनिश्चित करें और ड्रिल को वास्तविक हालात जैसा बनाएं.

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  • भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15वें दिन भारत ने जवाबी कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. भारत की यह सैन्य कार्रवाई इजरायल की सैन्य रणनीति की तरह मानी जा रही है, जिसमें सीमित लेकिन घातक हमलों के जरिए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जाता है.

    पहलगाम हमले के बाद भारत की आक्रामक रणनीति
    पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले में कई सुरक्षाबलों की शहादत के बाद देश में रोष फैल गया था. भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान के भीतर बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर नौ अलग-अलग लोकेशनों पर मिसाइल स्ट्राइक की. इन हमलों को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया, जो भारत की बदलती सैन्य नीति का प्रतीक है. (INDIA PAKISTAN WAR)

    इजरायली रणनीति से प्रेरित भारत की स्ट्राइक
    भारत की इस कार्रवाई की तुलना इजरायल की सैन्य रणनीति से की जा रही है. इजरायल वर्षों से सीमित, सटीक और खुफिया-आधारित हमलों के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े युद्ध की स्थिति टलती है, लेकिन दुश्मन को गहरा झटका मिलता है. भारत ने भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी शैली का पालन किया था.

    कैसे हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
    भारत ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया. सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन, और नेट्रा AWACS जैसी प्रणाली से दुश्मन के ठिकानों को पहले लॉक किया गया, फिर सुपरसोनिक ब्रह्मोस और रुद्रम-1 मिसाइलों से हमला किया गया. RISAT-2BR1 सैटेलाइट और अन्य निगरानी प्रणालियों ने टारगेट की स्थिति और गतिविधियों पर निगरानी रखी. यह पूरी तरह से इजरायल की टारगेट लॉकिंग और प्री-स्ट्राइक इंटेलिजेंस मॉडल से मेल खाता है.

    पाकिस्तान का HQ-9 एयर डिफेंस हुआ फेल
    भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के आधुनिक माने जाने वाले चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अपने टारगेट पर सटीक वार कर पाईं. HQ-9 भले ही 100 टारगेट को ट्रैक करने और 6 को एकसाथ नष्ट करने की क्षमता रखता है, लेकिन ब्रह्मोस की तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान के चलते यह उसे रोक नहीं सका. HQ-9 की रडार क्षमताएं भारत के S-400 सिस्टम के मुकाबले कमजोर हैं. यही कारण था कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था इन हमलों को रोकने में असफल रही.

    SEAD रणनीति का इस्तेमाल
    भारत ने SEAD (Suppression of Enemy Air Defenses) रणनीति का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस को निष्क्रिय किया. सुखोई-30 MKI विमानों से Kh-31P और रुद्रम-1 मिसाइलों का इस्तेमाल कर रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पहले नष्ट किया गया. भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे. यह भी इजरायली शैली की खासियत है कि हमले सटीक और सीमित होते हैं.

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  • भारतीय सेना ने लिया पहलगाम का बदला! POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले, 90 से ज्यादा आतंकवादी ढेर- INDIA PAKISTAN WAR

    भारतीय सेना ने लिया पहलगाम का बदला! POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले, 90 से ज्यादा आतंकवादी ढेर- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: भारत ने बुधवार तड़के आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकवादी संगठनों के (INDIA PAKISTAN WAR) नौ ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य अड्डा बहावलपुर भी शामिल था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में 90 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है.

    खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय वायुसेना ने इन हमलों को अंजाम दिया. रक्षा सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के चार, लश्कर-ए-तैयबा के20तीन और हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. मुरीदके में करीब 30 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि अन्य ठिकानों पर भी दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की जा रही है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

    इस ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत माता की जय”, जो इस ऑपरेशन की सफलता और उसके संदेश को दर्शाता है.

    इस बीच, पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भारी गोलाबारी की. रक्षा सूत्रों ने बताया कि मंगलवार रात को पाकिस्तान की तरफ से तोपों और छोटे हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भय का माहौल बन गया है और वहां से बड़े पैमाने पर लोगों के पलायन की खबरें भी सामने आ रही हैं.

    हमलों और सीमा पर तनाव के चलते हवाई क्षेत्र में भी असर पड़ा है. स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और चंडीगढ़ जाने वाली कई उड़ानों को रद्द कर दिया है. स्पाइसजेट ने एक्स पर लिखा, “अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली डायवर्ट किया गया है. इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए खेद है.”

    इंडिगो ने कहा कि उत्तर भारत में हवाई क्षेत्र की स्थिति लगातार बदल रही है, जिससे कई उड़ानों पर असर पड़ा है. एयर इंडिया ने भी स्थिति को देखते हुए दोपहर तक जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है.

    सरकार और सेना की तरफ से इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑपरेशन भारतीय नीति में एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है, जिसमें अब सीमापार बैठकर भारत पर हमले की साजिश रचने वालों को उनकी जमीन पर ही निशाना बनाया जा रहा है.

  • युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

    युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन में मेरठ,देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी मेरठ

    मेरठ को युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन माना जाता है। क्योंकि यह देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी है। ऐसे में मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार होना पड़ेगा। पूर्व मेजर हिमांशु ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि मॉक ड्रिल और SOP लागू करना जरूरी है ।ताकि आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सके।

    आपको बता दें पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है, जिससे युद्ध की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में एतियात के तौर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। ताकि जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सके।

    वही पूर्व मेजर हिमांशु की माने तो देश की जनता का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से बड़ा खतरा है और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार रहना होगा और मॉक ड्रिल में भाग लेना होगा।

    जहां मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जनता को आपात स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही SOP लागू करने से आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

  • पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (INDIA PAKISTAN TENSION) एक बार फिर चरम पर है. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर अहम मुलाकात की. केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी बीते 24 घंटों में दूसरी बार एनएसए डोभाल से मिल चुके हैं. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देशभर में 7 मई को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों को परखना है.

    हमले के बाद हाई-लेवल मीटिंग का दौर
    प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम हमले के बाद से लगातार उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ कई बार बैठकें की हैं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की रणनीति बनाना है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भारत की प्रतिक्रिया की प्रकृति, लक्ष्य और समय तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. (INDIA PAKISTAN TENSION)

    मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय सक्रिय
    देशभर में 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है. दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए. बताया जा रहा है कि यह मॉक ड्रिल 1971 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर की जा रही है. उस वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. इस बार मॉक ड्रिल में एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, आपात निकासी जैसी गतिविधियां शामिल होंगी. नागरिकों, खासकर छात्रों को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी.

    पहलगाम आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया
    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले की भयावहता की याद दिला दी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है. हमले के बाद से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है.

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  • अमरोहा: सिंगर पवनदीप राजन की कार हादसे का शिकार, हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती- PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT

    अमरोहा: सिंगर पवनदीप राजन की कार हादसे का शिकार, हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती- PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT

    नई दिल्ली/अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में सोमवार तड़के दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में इंडियन आइडल-12 के विजेता और उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर सिंगर पवनदीप राजन (PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT) गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में उनके दो साथी – अजय महर और कार चालक राहुल सिंह – भी घायल हुए हैं. तीनों को शुरुआती इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए नोएडा रेफर कर दिया गया है.

    डॉक्टरों के मुताबिक, पवनदीप के दोनों पैरों में फैक्चर हुआ है और उनके सिर पर भी गंभीर चोटें आई हैं. हादसा उस समय हुआ जब पवनदीप अपने साथियों के साथ चंपावत (उत्तराखंड) से नोएडा के लिए निकले थे.

    कैसे हुआ हादसा?
    रविवार की रात करीब 2:30 बजे, पवनदीप अपने दोस्त अजय महर और ड्राइवर राहुल सिंह के साथ एक कार से दिल्ली-नोएडा जा रहे थे. जब उनकी कार अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में चौपला चौराहा ओवरब्रिज से नीचे उतरी, तभी सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में तेज़ रफ्तार कार पीछे से जा घुसी. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हादसे की वजह कार चालक को आई नींद की झपकी मानी जा रही है. इस टक्कर में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

    मौके पर मची अफरा-तफरी
    हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को कार से बाहर निकालकर पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीनों को हाईवे पर स्थित डिडौली के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया. कुछ घंटों बाद, सिंगर पवनदीप राजन के परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें और उनके दोनों साथियों को नोएडा स्थित एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया.

    जानकारी के मुताबिक पवनदीप के दोनों पैरों में फ्रैक्चर है और उनके सिर में भी चोट लगी है. उनकी हालत फिलहाल स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है. वहीं, उनके साथी अजय महर और चालक राहुल सिंह को भी काफी चोटें आई हैं.

    प्रशासन की ओर से पुष्टि
    सीओ श्वेताभ भास्कर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और ट्रक को भी कब्जे में ले लिया गया है. प्रथम दृष्टया हादसे की वजह चालक को आई नींद की झपकी प्रतीत हो रही है. पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

    कौन हैं पवनदीप राजन?
    पवनदीप राजन उत्तराखंड के चंपावत जिले के सिलेन टॉक गांव के रहने वाले हैं. वह 2021 में इंडियन आइडल सीजन-12 के विजेता रहे और इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने उन्हें राज्य का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया था. उनके गानों की लोकप्रियता देशभर में है, और वे कई लाइव कॉन्सर्ट और शो में हिस्सा लेते रहते हैं.

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  • पाकिस्तान भी गजब है! यूक्रेन को बेच दिए हथियार, गोदाम हो गए खाली; अब भारत से कैसे लड़ेगा युद्ध?- PAHALGAM TERROR ATTACK

    पाकिस्तान भी गजब है! यूक्रेन को बेच दिए हथियार, गोदाम हो गए खाली; अब भारत से कैसे लड़ेगा युद्ध?- PAHALGAM TERROR ATTACK

    नई दिल्ली/लखनऊ: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (PAHALGAM TERROR ATTACK) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं. भारत में आतंकवाद पर सख्त प्रतिक्रिया की संभावनाओं के चलते पाकिस्तान की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हालांकि, चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है, तो पाकिस्तान मात्र चार दिन तक ही मैदान में टिक पाएगा. इसका बड़ा कारण यूक्रेन को बेचे गए हथियार बताए जा रहे हैं.

    पाकिस्तान ने यूक्रेन को बेच दिया गोला-बारूद
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने रणनीतिक सैन्य भंडार से बड़े पैमाने पर गोला-बारूद यूक्रेन को बेच दिया है. नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने युद्ध में इस्तेमाल होने वाले 155 मिमी गोले और BM-21 रॉकेट सिस्टम के लिए 122 मिमी रॉकेट भी यूक्रेन को बेच दिए हैं. इस वजह से अब पाकिस्तान के पास युद्ध के लिए आवश्यक सैन्य संसाधनों की भारी कमी हो गई है. (PAHALGAM TERROR ATTACK)

    POF की उत्पादन क्षमता बेहद कमजोर
    सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान की आर्टिलरी-आधारित सैन्य रणनीति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद नहीं है. पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की उत्पादन क्षमता बेहद कमजोर है, जिससे नए गोला-बारूद का निर्माण बेहद धीमा हो रहा है. इस स्थिति को गंभीर मानते हुए 2 मई को पाकिस्तान की कोर कमांडर्स की एक विशेष बैठक भी हुई, जिसमें यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है.

    बाजवा की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है
    पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने एक बार कहा था कि पाकिस्तान के पास लंबे युद्ध के लिए न तो गोला-बारूद है और न ही आर्थिक ताकत. मौजूदा हालात उनके उसी बयान की पुष्टि करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को अब सैन्य अभ्यासों को रद्द करना पड़ रहा है और ईंधन की कमी के चलते राशन में भी कटौती करनी पड़ रही है.

    भारत ने सिंधु जल संधि पर लिया ऐतिहासिक फैसला
    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 16 लोग घायल हुए थे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया. यह पहला मौका है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता.

    भारत तैयार, खौफ में पाकिस्तान
    भारत की सैन्य तैयारी को देखते हुए पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में गोला-बारूद के डिपो बनाए जा रहे हैं. लेकिन आर्थिक हालात ऐसे हैं कि यह तैयारी बेहद सीमित और दिखावटी साबित हो रही है. पाकिस्तान की महंगाई चरम पर है, विदेशी मुद्रा भंडार न्यूनतम स्तर पर है और जीडीपी के मुकाबले कर्ज का बोझ भारी हो चुका है.

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  • जय बदरी विशाल: विधि-विधान से खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी- CHARDHAM YATRA 2025

    जय बदरी विशाल: विधि-विधान से खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी- CHARDHAM YATRA 2025

    चमोली/उत्तराखंड़: चारधामों में से एक भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम के कपाट (CHARDHAM YATRA 2025) आज प्रातः 6 बजे विधिपूर्वक आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. कपाट खुलते ही बदरीनाथ धाम की यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया. वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और आर्मी बैंड की मधुर धुनों के बीच मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा. बदरीनाथ मंदिर को करीब 15 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे इसकी दिव्यता और भव्यता और भी निखर उठी. कपाट खुलने के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिसने इस क्षण को और भी ऐतिहासिक और अद्भुत बना दिया.

    वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले कपाट
    सुबह शुभ मुहूर्त में तीर्थ पुरोहितों द्वारा वेद मंत्रों के साथ बदरीनाथ मंदिर के कपाट (CHARDHAM YATRA 2025) खोले गए. इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल), धर्माधिकारी, वेदपाठी और अन्य धार्मिक आचार्यों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई. श्रद्धालु “जय बदरी विशाल” और “बदरीनाथ भगवान की जय” के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर रहे थे.

    विधिविधान से माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकालकर परिक्रमा के पश्चात लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया. इसके पश्चात भगवान कुबेर और उद्धव जी को श्री बदरी विशाल मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया. शुभ घड़ी में भगवान विष्णु की चतुर्भुज मूर्ति को घृत कंबल से हटाकर उनका विधिवत अभिषेक (स्नान) किया गया और श्रृंगार के साथ दर्शन हेतु प्रस्तुत किया गया.

    badrinath dham kapaat open
    श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा (फोटो- Nation Now Samachar)

    अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के साथ-साथ उद्धव, कुबेर, नारद और नर-नारायण के दिव्य दर्शन कर सकेंगे. इसके साथ ही मुख्य मंदिर के साथ गणेश मंदिर, घंटाकर्ण मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस शुभ अवसर का हिस्सा बनने पहुंचे. तीर्थ यात्रियों ने मंदिर की दिव्यता और सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात किया.

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  • नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल समेत 5 को भेजा नोटिस, 8 मई को होगी अगली सुनवाई- NATIONAL HERALD CASE

    नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल समेत 5 को भेजा नोटिस, 8 मई को होगी अगली सुनवाई- NATIONAL HERALD CASE

    नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (NATIONAL HERALD CASE) में अहम सुनवाई हुई. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य दो व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है. इस चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं. कोर्ट ने यह नोटिस इसलिए जारी किया है ताकि यह तय किया जा सके कि चार्जशीट को स्वीकार किया जाए या नहीं.

    अधिकारियों को सुनना जरूरी: कोर्ट
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले आरोपियों का पक्ष सुनना जरूरी है. कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को अपना पक्ष रखने का अधिकार छीना नहीं जा सकता.

    ED ने जताई सहमति
    प्रवर्तन निदेशालय ने भी अदालत के इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. ईडी ने बताया कि वह चाहती है कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष रूप से हो. एजेंसी ने उदाहरण के रूप में कोयला घोटाले का मामला भी पेश किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को सुने बिना समन जारी करने पर निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी.

    8 मई को अगली सुनवाई
    अब कोर्ट 8 मई को अगली सुनवाई में तय करेगा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया जाए या नहीं. इस सुनवाई में सिर्फ नोटिस का जवाब और वकीलों की दलीलें सुनी जाएंगी, मामले की मेरिट्स पर अभी बहस नहीं होगी.

    क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
    यह मामला कांग्रेस पार्टी से जुड़ी एक पुरानी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिक है. प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एक निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ के जरिए AJL की 99 फीसदी हिस्सेदारी केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर ली, जबकि उस कंपनी की संपत्ति करीब 2000 करोड़ रुपये की थी.

    ED का दावा है कि इस सौदे के पीछे साजिश रची गई थी ताकि AJL की संपत्ति का लाभ निजी तौर पर उठाया जा सके. एजेंसी का यह भी कहना है कि यंग इंडियन कंपनी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नियंत्रण में है और इसका मकसद सिर्फ संपत्ति हड़पना था.

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