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Category: राष्ट्रीय

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  • केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, पहले दर्शन पीएम मोदी के नाम, 108 क्विंटल फूलों से सजा पावन धाम – KEDARNATH DHAM

    केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, पहले दर्शन पीएम मोदी के नाम, 108 क्विंटल फूलों से सजा पावन धाम – KEDARNATH DHAM

    रुद्रप्रयाग/उत्तराखंड– उत्तराखंड की प्रतिष्ठित चारधाम यात्रा का शानदार आगाज हो गया है. आज शुक्रवार 2 मई 2025 को रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम (KEDARNATH DHAM) के कपाट सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं. बैशाख मास, मिथुन राशि और वृष लग्न के शुभ संयोग में पूरे वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट खोले गए. इस शुभ अवसर पर लगभग 15,000 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में मौजूद रहे और बाबा केदार के जयकारों से पूरी घाटी गूंज उठी.

    इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से बाबा केदार की पहली पूजा संपन्न कराई गई, जो कि एक आध्यात्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक है.

    पंचमुखी डोली ने आगमन, मंदिर की भव्य सजावट
    1 मई की शाम को बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम () पहुंच गई थी. डोली के पहुंचने के बाद उसे मंदिर के भंडार गृह में विधिपूर्वक विराजमान किया गया. परंपरानुसार यह डोली उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई थी, और हज़ारों श्रद्धालु इस यात्रा में डोली के साथ पैदल चलते हुए केदारनाथ पहुंचे. केदारनाथ मंदिर को इस विशेष अवसर पर 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने मंदिर परिसर को एक आध्यात्मिक सौंदर्य प्रदान किया.

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    बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली 1 मई को धाम पहुंची.

    यात्रा को सरल बनाने के प्रयास- सीएम धामी
    मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा, “हमने इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर हेल्थ सुविधाओं तक हर पहलू पर काम किया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.” उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय हो. सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य संभव हो सके. आज धाम की भव्यता और सुव्यवस्था उसी संकल्प का परिणाम है.

    चारधाम यात्रा की शुरुआत
    चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट खुलने से हो चुकी है. अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से आरंभ हो जाएगी. यह यात्रा अगले छह महीनों तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के इन पवित्र धामों के दर्शन करेंगे.

    सुरक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया
    पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हाल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में हमारी सेना उचित समय पर उचित कार्रवाई करेगी. उन्होंने देश की सुरक्षा पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं.

    chardham-yatra-2025

    अगले 6 महीने तक चलेगी चारधाम यात्रा
    आपको बता दें कि चारधाम यात्रा अगले 6 महीने तक चलेगी. अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं. बदरीनाथ धाम के कपाट जब खुलेंगे तो तब चारधाम यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी. यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट 30 अप्रैल को खुल चुके हैं.

  • TRF की नई साजिश बेनकाब: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में फिर बड़े हमले की तैयारी, अलर्ट पर आर्मी – PAHALGAM ATTACK

    TRF की नई साजिश बेनकाब: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में फिर बड़े हमले की तैयारी, अलर्ट पर आर्मी – PAHALGAM ATTACK

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए हिंदू पर्यटकों के नरसंहार (PAHALGAM ATTACK) के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) एक और बड़ी आतंकी साजिश की तैयारी में है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, TRF कश्मीर घाटी में किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा है। इसके पीछे पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के इशारों पर काम करने वाले आतंकी नेटवर्क की भूमिका मानी जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है। क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    कश्मीरी पंडितों और प्रवासी मजदूरों को बनाया जा सकता है निशाना
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को मिले ताज़ा इनपुट्स से संकेत मिलते हैं कि आतंकवादी समूह कश्मीरी पंडितों, प्रवासी मजदूरों और यहां तक कि सुरक्षा बलों के जवानों को भी निशाना बना सकते हैं। इसके चलते भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है और जवानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

    TRF का भड़काऊ वीडियो और जिम्मेदारी से इनकार
    पिछले सप्ताह TRF ने एक वीडियो जारी कर भारतीय सुरक्षा बलों को धमकी दी थी। इसमें TRF ने घरों के ध्वस्तीकरण को लेकर हमलों की चेतावनी दी थी। हालांकि बाद में संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि TRF ही इस हमले के पीछे है और वह लश्कर-ए-तैयबा का ही मुखौटा संगठन है, जो पाकिस्तान की शह पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है।

    जवानों को सतर्कता के निर्देश
    इंटेलिजेंस इनपुट के बाद घाटी में तैनात सभी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी यूनिट्स को कैजुअल मूवमेंट बंद करने और ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा बलों को कहा गया है कि वे बिना पूर्व सूचना के किसी भी स्थान पर न जाएं।

    क्या है TRF : TRF (The Resistance Front) साल 2019-20 के दौरान उभरा एक आतंकी संगठन है, जो लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है। यह संगठन कई आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी ले चुका है, खासकर कश्मीर में नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए कुख्यात है।

  • पाकिस्तान ने फिर तोड़ा संघर्ष विराम, भारतीय सेना का मुंहतोड़ जवाब – FIRING AT LOC

    पाकिस्तान ने फिर तोड़ा संघर्ष विराम, भारतीय सेना का मुंहतोड़ जवाब – FIRING AT LOC

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर नियंत्रण रेखा (FIRING AT LOC) पर तनाव देखने को मिला. बीती रात पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा और पुंछ जिलों के आसपास के इलाकों में छोटे हथियारों से गोलीबारी की. भारतीय सेना ने इस उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दिया. इस घटना में किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. अधिकारियों के अनुसार यह इस सप्ताह में संघर्ष विराम उल्लंघन की पांचवीं घटना है.

    भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने 26-27 अप्रैल 2025 की रात तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर के सामने के इलाकों में बिना किसी उकसावे के फायरिंग की. भारतीय जवानों ने भी तत्काल प्रभावी प्रतिक्रिया देते हुए गोलीबारी का मजबूती से सामना किया.

    https://twitter.com/nnsdigital/status/1916398020465508443

    यह घटना ऐसे समय हुई है जब घाटी में हाल ही में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है. इसके बावजूद एलओसी पर तनाव बना हुआ है. सेना के एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने संयम और सतर्कता के साथ जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमावर्ती इलाकों में स्थिति को नियंत्रण में रखा.

    इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने कुलगाम जिले में संयुक्त अभियान के दौरान दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, कैमोह के मतलहामा चौक थोकरपोरा में स्थापित एक नियमित जांच चौकी पर तलाशी के दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया. उनकी पहचान बिलाल अहमद भट और मोहम्मद इस्माइल भट के रूप में हुई है, जो दोनों थोकरपोरा, कैमोह के निवासी हैं.

    गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से दो पिस्तौल, दो पिस्तौल मैगजीन और 25 राउंड गोला-बारूद बरामद किया गया. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आतंकी गतिविधियों में शामिल आतंकियों के सक्रिय सहयोगी थे और घाटी में आतंकवाद फैलाने की साजिश में शामिल थे.

    सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके. सुरक्षा बलों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

  • सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा कदम: अब किशनगंगा, रतले और पकाल दुल प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार- Indus Waters Treaty

    सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा कदम: अब किशनगंगा, रतले और पकाल दुल प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार- Indus Waters Treaty

    नई दिल्ली: भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को ठंडे बस्ते में डालकर पाकिस्तान पर रणनीतिक बढ़त हासिल करने का रास्ता साफ कर लिया है. इस कदम से भारत को जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा, रतले और पकाल दुल जैसे प्रमुख हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स (Hydroelectric Projects) को तेजी से आगे बढ़ाने का बड़ा मौका मिला है. इन प्रोजेक्ट्स को अब केवल ऊर्जा उत्पादन के स्रोत के तौर पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान पर दबाव बनाने के साधन के रूप में भी देखा जा रहा है.

    पाकिस्तान ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान सरकार ने इसे ‘युद्ध का ऐलान’ करार दिया है. वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो ने उग्र चेतावनी देते हुए कहा, “सिंधु नदी में या तो हमारा पानी बहेगा या भारत का खून.”

    पाकिस्तान पर भारत के कदम का असर
    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के इस निर्णय का मनोवैज्ञानिक असर पाकिस्तान में पहले से दिखने लगा है. पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियों पर नागरिकों के बढ़ते दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई है, खासकर तब जब भारत पश्चिमी नदियों के जल प्रवाह को नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इससे भारत के किशनगंगा, रतले और पकाल दुल जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय विरोध की चिंता भी कम हो गई है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीनों प्रोजेक्ट्स का सामूहिक प्रभाव भारत को पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत रणनीतिक दबाव उपकरण प्रदान करेगा. हाल ही में पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के बाद भारत ने अपने रुख को काफी सख्त कर लिया है. अब पाकिस्तान की सेना की हर हरकत का खामियाजा उसके आम नागरिकों को भुगतना पड़ सकता है.

    झेलम नदी का पानी मोड़ने में मिली सफलता
    भारत ने पहले ही किशनगंगा प्रोजेक्ट के तहत झेलम नदी का पानी 23 किलोमीटर लंबी सुरंग के जरिये मोड़ दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2018 में जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था. उसी दिन मोदी ने पकाल दुल पावर प्रोजेक्ट का भी शिलान्यास किया था, जो 1000 मेगावाट की क्षमता के साथ जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा जलविद्युत परियोजना (Hydropower Project) बनने जा रहा है. पकाल दुल प्रोजेक्ट भारत को केवल पानी के उपयोग का अधिकार नहीं देगा, बल्कि जल पर वास्तविक नियंत्रण भी प्रदान करेगा. यह प्रोजेक्ट 2026 के मध्य तक बनकर तैयार हो जाएगा.

    रतले प्रोजेक्ट से भी पाकिस्तान को चिंता
    रतले हाइड्रो प्रोजेक्ट (Ratle Hydroelectric Project) भी पाकिस्तान के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है. 850 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट में पिछले साल चेनाब नदी का पानी सुरंगों के जरिये मोड़ दिया गया, जिससे बांध निर्माण का काम शुरू हो सका. पाकिस्तान ने इसके डिजाइन, विशेषकर स्पिलवे की ऊंचाई और जल स्तर को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन मोदी सरकार ने 2021 में 5,282 करोड़ रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी.

    अब भारत इस बांध का निर्माण पाकिस्तान की आपत्तियों के बावजूद तेजी से कर सकता है, जिससे पाकिस्तान की रणनीतिक कमजोरियों को और उजागर किया जा सकेगा.

    सिंधु जल संधि अब अतीत की बात
    भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी बार सिंधु जल संधि पर सालाना बैठक जून 2023 में हुई थी, जब एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था. तब पाकिस्तान ने किशनगंगा, रतले और पकाल दुल प्रोजेक्ट्स का विरोध करते हुए इन्हें संधि का उल्लंघन बताया था. लेकिन अब 1960 में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुई वह संधि, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपति अयूब खान के बीच संपन्न हुई थी, इतिहास बन चुकी है.

    भारत ने अपनी जलसंपदा पर नियंत्रण के जरिए पाकिस्तान पर रणनीतिक दबाव बढ़ाने की नीति को स्पष्ट कर दिया है. आने वाले वर्षों में किशनगंगा, रतले और पकाल दुल जैसे प्रोजेक्ट्स भारत के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के साथ-साथ पाकिस्तान के लिए एक स्थायी चुनौती भी पेश करेंगे.

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  • सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने दी ‘पूरी ताकत से जवाब’ की चेतावनी- India Pakistan conflict 2025

    सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने दी ‘पूरी ताकत से जवाब’ की चेतावनी- India Pakistan conflict 2025

    नई दिल्लीः पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों तनाव (India Pakistan conflict 2025) बढ़ता जा रहा है. इस हमले के बाद भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को खत्म करने का ऐलान कर दिया है, जिससे पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, “हम किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। किसी को इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। यह देश 240 मिलियन लोगों का है और हम अपने बहादुर सशस्त्र बलों के पीछे खड़े हैं। हमारा संदेश पूरी तरह साफ और दो टूक होना चाहिए।”

    शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि शांति पाकिस्तान की प्राथमिकता है, लेकिन अपनी अखंडता और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम किसी भी तटस्थ और संवाद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।”

    सिंधु जल संधि पर चेतावनी
    सिंधु जल संधि को लेकर शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। उनका कहना था कि पाकिस्तान अपने जल संसाधनों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

    बिलावल भुट्टो का उग्र बयान
    इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी इस मुद्दे पर उग्र बयान दिया है। सिंधु नदी के किनारे सखर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सिंधु दरिया में या तो अब पानी बहेगा, या उनका खून बहेगा जो हमारी हिस्सेदारी छीनना चाहता है। सिंधु दरिया हमारा था, है और रहेगा।”

    बिलावल ने आगे कहा कि पाकिस्तान की जनता बहादुर और गैरतमंद है। “हमारे दुश्मन यह न सोचें कि उनकी जनसंख्या ज्यादा है तो वे पानी के अधिकार भी तय करेंगे। पाकिस्तान की फौज और अवाम हर चुनौती का डटकर मुकाबला करने को तैयार हैं,” उन्होंने कहा।

    https://twitter.com/BBhuttoZardari/status/1900510986336886960

    ‘दरिया पर डाका मंज़ूर नहीं’
    बिलावल भुट्टो ने सिंधु नदी को पूरे पाकिस्तान की सांझी विरासत बताते हुए देश की जनता से एकजुटता की अपील की। उन्होंने कहा, “दुश्मन की नजरें हमारे पानी पर हैं। पूरे पाकिस्तान को मिलकर इसका जवाब देना होगा। हम दुनिया को सिंधु दरिया का पैगाम देंगे कि दरिया पर डाका मंजूर नहीं।”

    भारत का रुख
    भारत ने पहलगाम हमले के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वह सिंधु जल संधि की समीक्षा करेगा और यदि आवश्यक हुआ तो इसे रद्द भी कर सकता है। भारत का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

    आपको बता दें कि सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता से हुई थी, जो अब तक दोनों देशों के जल बंटवारे का आधार रही है। इस संधि के तहत भारत को व्यास, रावी और सतलुज नदियों के पानी पर अधिकार मिला था, जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों का पानी मिला था। अब इस संधि पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

  • फर्रुखाबाद: पहलगाम आतंकी हमले में 26 मौतों पर व्यापारियों में आक्रोश, पाकिस्तान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन- PAHALGAM TERROR ATTACK

    फर्रुखाबाद: पहलगाम आतंकी हमले में 26 मौतों पर व्यापारियों में आक्रोश, पाकिस्तान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन- PAHALGAM TERROR ATTACK

    फर्रुखाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (PAHALGAM TERROR ATTACK) में 26 निर्दोष लोगों की मौत से पूरे देश में रोष फैला हुआ है. इस घटना के विरोध में फर्रुखाबाद के व्यापारियों ने आज बाजार बंद करके पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तान का पुतला फूंककर आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई.

    व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने इस हमले को कायराना करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन कर निर्दोषों की जान ले रहा है, जिसे भारतवासी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे और जगह-जगह पुतले फूंके गए. सभी प्रमुख बाजारों में दुकानों के शटर डाउन रहे. व्यापारियों ने रैली निकाल कर लोगों को एकजुट किया और सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता रहेगा, तब तक भारत को सख्त नीति अपनानी होगी.

    विरोध प्रदर्शन में शहर के छोटे-बड़े सभी व्यापारी संगठनों ने भाग लिया. बाजारों में ताले लटकते रहे और हर ओर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा दिखाई दिया. इस एकता ने यह साबित कर दिया कि देश की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा, “हमारा प्रदर्शन केवल संवेदना नहीं, बल्कि चेतावनी है कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो भारत की जनता चुप नहीं बैठेगी.”

    पुलिस और प्रशासन ने भी प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग दिया. पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. यह विरोध प्रदर्शन केवल फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे देश में व्याप्त जनक्रोध का प्रतीक है. भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चाहता है और यह संदेश पाकिस्तान तक पहुंच चुका है.

  • यूपी बोर्ड रिजल्ट 2025: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परिणाम आज दोपहर 12:30 बजे होगा घोषित- up board result 2025

    यूपी बोर्ड रिजल्ट 2025: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परिणाम आज दोपहर 12:30 बजे होगा घोषित- up board result 2025

    प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP BOARD) द्वारा आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 का परिणाम (up board result 2025) आज 25 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम की घोषणा प्रयागराज स्थित यूपी बोर्ड मुख्यालय से की जाएगी। इस वर्ष परीक्षा में शामिल हुए 52 लाख विद्यार्थियों को बेसब्री से अपने रिजल्ट का इंतजार है।

    ऐसे चेक करें यूपी बोर्ड का रिजल्ट
    विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर देख सकते हैं:
    www.upmsp.edu.in

    रिजल्ट जारी होने के बाद, विद्यार्थियों की डिजिटल मार्कशीट भी उपलब्ध कराई जाएगी जिसे DigiLocker के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकेगा। इसके लिए विद्यार्थियों को अपने मोबाइल नंबर से पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा और फिर लॉगइन कर डिजिटल मार्कशीट प्राप्त करनी होगी।

    इतने छात्रों ने दी परीक्षा
    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 24 फरवरी 2025 से 12 मार्च 2025 के बीच आयोजित की गई थी। इस बार कुल 54 लाख छात्रों ने फॉर्म भरा था, जिनमें से 52 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। हाईस्कूल के लिए 27,32,216 और इंटरमीडिएट के लिए 27,05,017 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3,02,508 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।

    3 करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन
    यूपी बोर्ड के सचिव भगवती प्रसाद के अनुसार, प्रदेश भर में बनाए गए 261 मूल्यांकन केंद्रों पर 19 मार्च से 3 अप्रैल तक कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। हाईस्कूल की 1,63,22,248 और इंटरमीडिएट की 1,33,71,607 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। कुल मिलाकर लगभग 2 करोड़ 96 लाख 93 हजार 855 उत्तरपुस्तिकाएं जांची गईं। इसके लिए कुल 1,48,667 परीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई थी।

    पिछले 4 सालों में कब आए रिजल्ट?

    वर्ष तिथि
    2024 20 अप्रैल
    2023 25 अप्रैल
    2022 18 जून
    2021 31 जुलाई

  • कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि- Pahalgam terrorist attack

    कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि- Pahalgam terrorist attack

    कानपुर। पहलगाम में आतंकी हमले में मृत शुभम द्विवेदी (Shubham Dwivedi) का कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ड्योढ़ी घाट पर हजारों की भीड़ मौजूद थी। इसके पहले उनके पैतृक आवास पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। इस मौके पर पाकिस्तान के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.

    सीएम योगी ने कहा कि आतंकियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देगी. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शुभम की जान चली गई. शुभम की हाल ही में दो महीने पहले शादी हुई थी.

    बाजार रहे बंद, व्यापारियों ने जताया शोक
    कानपुर के व्यापारियों ने गुरुवार को दोपहर दो बजे तक अपनी दुकानों को बंद रखकर शुभम को श्रद्धांजलि दी. नवीन मार्केट, नया गंज, बिरहाना रोड, सीसामऊ सहित पूरे शहर के कई इलाकों में बाजार पूरी तरह बंद रहे. व्यापारी नेता गुरुजिंदर सिंह और सुनील बजाज ने शुभम की मौत को व्यापार समुदाय के लिए गहरी क्षति बताया.

    राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
    महाराजपुर थाना क्षेत्र के ड्योढ़ी घाट पर शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. अंतिम संस्कार में पुलिस प्रशासन के अधिकारी, राजनीतिक नेता, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे. अंतिम यात्रा के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा.

    गुस्से और ग़म में डूबा गांव
    शुभम की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा. पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग नम आंखों से शुभम को अंतिम विदाई दे रहे थे. उनकी पत्नी ईशान्या और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा.

  • पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    कानपुर, उत्तर प्रदेश: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को शुभम का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हाथीपुर पहुंचा, जहां गम और गुस्से के माहौल में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। लोगों की भारी भीड़ ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, परिजनों को दिया भरोसा
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाथीपुर गांव पहुंचे और शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।” उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है, और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

    सीएम ने भावुक स्वर में कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर बहनों और बेटियों का सिंदूर उजाड़ दिया है। उन्होंने शुभम के पिता से फोन पर बात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया था। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का भी जिक्र किया और कहा कि भारत अब एक निर्णायक मोड़ पर है।

    शुभम की दो महीने पहले हुई थी शादी
    शुभम द्विवेदी हाल ही में शादी के बाद पत्नी ईशान्या के साथ घूमने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुभम के माता-पिता, पत्नी और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    अंतिम यात्रा में पाकिस्तान विरोधी नारे
    शुभम की अंतिम यात्रा भारी सुरक्षा के बीच निकाली गई। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और आतंकवाद के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनके गांव से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गुस्सा था।

    राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
    शुभम की शहादत को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक प्रकट किया है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर भी शुभम को श्रद्धांजलि देने वालों की बाढ़ सी आ गई।

    भारत की आतंकवाद पर नीति
    सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंक के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है और जो लोग इस घटना के पीछे हैं, उन्हें जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करना, वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना, और पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को भारत में बंद (pakistan x account) करना शामिल है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद लिया गया। बैठक का उद्देश्य पहलगाम हमले के जवाब में भारत की रणनीतिक कार्रवाई तय करना था।

    कूटनीतिक संबंधों में भारी कटौती
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार शाम एक प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायोगों में तैनात राजनयिकों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का निर्णय लिया है, जिसे 1 मई तक लागू किया जाएगा।

    भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से सभी रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को भी निष्कासित कर दिया है। इन अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करते हुए एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसी प्रकार, भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से सैन्य सलाहकारों को भी वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

    सार्क वीजा छूट योजना पर रोक
    भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके तहत जारी सभी वीजा अब रद्द कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अटारी में स्थित भारत-पाकिस्तान के बीच एकमात्र चालू भूमि सीमा क्रॉसिंग को भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

    सिंधु जल संधि का निलंबन: ऐतिहासिक कदम
    भारत का सबसे अहम फैसला 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना रहा, जो अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों के बंटवारे का आधार थी। इस संधि के तहत पाकिस्तान को झेलम, सिंधु और चेनाब नदियों पर विशेष अधिकार दिए गए थे, जबकि भारत को रावी, ब्यास और सतलुज पर नियंत्रण प्राप्त था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस संधि को निलंबित करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि वहां की कृषि और पेयजल आपूर्ति काफी हद तक इन नदियों पर निर्भर करती है।

    पाकिस्तानी नागरिकों को लौटने का निर्देश
    भारत ने स्पष्ट किया है कि जो पाकिस्तानी नागरिक वैध दस्तावेजों के साथ भारत में मौजूद हैं, वे 1 मई से पहले तक स्वदेश लौट सकते हैं। इसके बाद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक नई नीति की घोषणा नहीं होती।

    पाकिस्तान की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
    इन निर्णयों के बाद अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाक्रम भारत-पाक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जहां भारत अब और अधिक आक्रामक कूटनीति अपनाता दिखाई देगा।