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📍 कोल्हापुर, महाराष्ट्र | रिपोर्ट – Nation Now Samachar–महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के शिरोल तालुका स्थित नांदनी जैन मठ की हथिनी ‘माधुरी’ उर्फ ‘महादेवी’ को वापस लाने की मांग को लेकर जनआक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को नांदनी से कोल्हापुर जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक शांतिपूर्ण मूक पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।
प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व सांसद राजू शेट्टी मठ से ‘माधुरी’ हथिनी को वनतारा भेजने का भारी विरोध
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के प्रमुख और पूर्व सांसद राजू शेट्टी भी इस आंदोलन में शामिल हुए। जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:“महादेवी केवल एक हथिनी नहीं है, वह हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। 700 वर्षों से मठ ने हाथियों की सेवा की है, और अब उस पर संगीन आरोप लगाकर हमारी आस्था को तोड़ा जा रहा है। ये अन्याय है!”राजू शेट्टी ने यह भी कहा कि जब महादेवी गांव छोड़ रही थी, “उसकी आंखों में आंसू थे, उसने मंदिर को प्रणाम किया और गांव को अलविदा कहा। ये दृश्य हर कोल्हापुरवासी की आत्मा को झकझोरने वाला था।”
कोर्ट के आदेश पर महादेवी को भेजा गया ‘वनतारा’ मठ से ‘माधुरी’ हथिनी को वनतारा भेजने का भारी विरोध
बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महादेवी को गुजरात के जामनगर स्थित अंबानी परिवार के वन्यजीव संरक्षण केंद्र ‘वनतारा’ में स्थानांतरित किया गया। इस फैसले का स्थानीय स्तर पर जबरदस्त विरोध हुआ।
भावुक विदाई, पथराव और बहिष्कार मठ से ‘माधुरी’ हथिनी को वनतारा भेजने का भारी विरोध
महादेवी की विदाई के समय ग्रामीणों की आंखें नम थीं। पुलिस के काफिले पर पथराव भी हुआ। स्थानीय लोगों ने ‘जियो’ के बहिष्कार का आह्वान किया और हथिनी की वापसी के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया।
‘वनतारा’ संस्था पर राजू शेट्टी के गंभीर आरोप मठ से ‘माधुरी’ हथिनी को वनतारा भेजने का भारी विरोध
राजू शेट्टी ने ‘वनतारा’ को फर्जी संस्था बताया और कहा कि—“ऐसा लगने लगा है कि देश और महाराष्ट्र मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी के गुलाम बन गए हैं।”उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि ‘वनतारा’ एक दिखावटी संस्था है और इसमें जानवरों की ‘तस्करी’ जैसे गंभीर मुद्दे छिपे हो सकते हैं।
मांग: ‘महादेवी’ को वापस लाओ मठ से ‘माधुरी’ हथिनी को वनतारा भेजने का भारी विरोध
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि महादेवी को उसके मूल स्थान नांदनी जैन मठ में वापस लाया जाए और हजारों वर्षों की परंपरा व आस्था का सम्मान किया जाए।
नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली आगामी क्रिकेट सीरीज़ से पहले टीम इंडिया को एक बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को चोट के चलते कम से कम छह सप्ताह के आराम की सलाह दी गई है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, पंत को फिटनेस बनाए रखने के लिए रिहैबिलिटेशन की जरूरत है और इस दौरान वह किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहेंगे।
क्या है ऋषभ पंत की समस्या?Rishabh Pant को छह सप्ताह आराम की दी सलाह
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में पंत को अभ्यास के दौरान घुटने और पीठ में तकलीफ की शिकायत थी। मेडिकल टीम द्वारा की गई जाँच के बाद उन्हें रिकवरी और मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए आराम की सलाह दी गई है।
🧢 टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन Rishabh Pant को छह सप्ताह आराम की दी सलाह
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण सीरीज़ खेलनी है, जिसमें पंत की आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग अहम भूमिका निभा सकती थी।
यदि उनकी रिकवरी में देरी होती है, तो उनकी अनुपस्थिति से मिडिल ऑर्डर और विकेटकीपिंग दोनों पर असर पड़ेगा।
संभावित रिप्लेसमेंट के तौर पर केएल राहुल या ईशान किशन के नाम चर्चा में हैं।
ऋषभ पंत की हालिया वापसी Rishabh Pant को छह सप्ताह आराम की दी सलाह
पंत ने कुछ महीने पहले ही सड़क दुर्घटना से उबरकर वापसी की थी और IPL 2025 में धमाकेदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में उनका फिर से चोटिल होना फैंस के लिए निराशाजनक खबर है।
📢 BCCI और फैंस की नजरें फिटनेस रिपोर्ट परRishabh Pant को छह सप्ताह आराम की दी सलाह
BCCI की मेडिकल टीम लगातार पंत की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आने वाले हफ्तों में उनकी रिकवरी को लेकर अपडेट दिया जाएगा।
Paras Hospital Murder: बिहार (Bihar) में अभी कुछ ही समय में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले हर कुछ दिनों में वहां आपराधिक घटनाएं घट रही इसी बीच पटना में हैरान कर देने वाली एक और घटना घट गई है। आज ही पटना के पारस अस्पताल में एक कैदी की हत्या कर दी गई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें नजर आता है कि कैसे शूटरों ने उस कैदी की हत्या की।
पारस अस्पताल (Paras Hospital Murder) में लगे CCTV कैमरे में यह पूरी घटना कैद हो गई जिसमें नजर आता है कि कैसे एक साथ 5-5 शूटर उस अस्पताल के कमरा नबंर 209 के अंदर पहुंचते हैं। उस वीडियो दिखता है कि सभी के पास एक-एक पिसतल थी जिसे वो कमरे में घुसने से पहले बाहर निकालते हैं और बारी-बारी करके वो सभी कमरे के अंदर घुसते हैं। कमरे में घुसते ही वो सभी फायरिंग करने लगते हैं और उस कैदी की हत्या कर देते हैं। उसकी हत्या करने के तुरंत बाद सभी शूटर से फरार हो जाते हैं। यह पूरी घटना उस कैमरे में कैद हो गई।
आपको बता दें कि चंदन मिश्रा नाम का एक आरोपी इलाज के लिए पारस अस्पताल (Paras Hospital ) में लाया गया था। चंदन मिश्रा मूल रूप से बक्सर का रहने वाला है और वो वहां के केसरी हत्याकांड में नामजद आरोपी था। वो अभी बेउर जेल में बंद था और इलाज के लिए पैरोल पर उसे पारस अस्पताल लाया गया था, जहां पर 5 शूटरों ने उसकी हत्या कर दी। इसके तुरंत बाद वो सभी शूटर वहां से भाग गए। इसके घटना बाद पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।
नई दिल्ली/पटना, 17 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली के बाद अब चुनाव बिहार में हैं। जिसको लेकर सभी पार्टियां जोर -शोर से तैयारियां में लग गई हैं।वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाए कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर वोट की चोरी हो रही है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा पोस्ट, बिहार में चुनाव आयोग एसआईआर के नाम पर रंगे हाथ वोट चोरी करता पकड़ा गया। काम सिर्फ चोरी, नाम एसआईआर और पर्दाफाश करने वाले पर होगी एफआईआर।
एक रिपोर्ट में एसआईआर के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के बारे में बताया गया। दावा किया गया कि कथित तौर पर बीएलओ ही वोटर्स के फॉर्म भर रहे हैं और उनके दस्तखत कर रहे हैं।
इसी रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने सवाल उठाए हुए पूछा, ईसी अब भी इलेक्शन कमीशन है या पूरी तरह भाजपा की इलेक्शन चोरी शाखा बन चुका है?
असम का मुख्यमंत्री भारत का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री है – और, कुछ ही समय में कांग्रेस के बब्बर शेर उसे जेल पहुंचाएंगे।
इसका डर उसकी आंखों में साफ दिख रहा है – क्योंकि उसे अब न मोदी बचा पाएंगे और न ही शाह! pic.twitter.com/vpk78BU8Tr
इससे पहले भी राहुल गांधी ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए बड़ी संख्या में लोगों के वोट काटने के आरोप लगाए थे। बुधवार को असम की एक रैली में राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा, महाराष्ट्र का चुनाव भाजपा और चुनाव आयोग ने चोरी किया है। वही काम अब बिहार में भी करने की कोशिश की जा रही है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर हमलावर हैं। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, तानाशाही भाजपा और नीतीश सरकार द्वारा बिहारवासियों की जागरूकता पर चोट की जा रही है, उनकी आवाज को बंद किया जा रहा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को बहाना बनाकर गरीबों से उनकी वोट की ताकत को छीना जा रहा है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने कई बार विपक्ष के दावों को खारिज किया है। पिछले दिन चुनाव आयोग ने यह भी जानकारी दी कि राज्यभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 88.65 मतदाताओं के प्रपत्र फॉर्म भरे जा चुके हैं।
NNS Exclusive: देश की सर्वोच्च न्यायपालिका, सुप्रीम कोर्ट, इन दिनों एक फैसले को लेकर सुर्खियों में है—और यह कोई कानूनी फैसला नहीं बल्कि एक भौतिक बदलाव है, जो अब चर्चा और सवालों के घेरे में आ गया है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट परिसर में वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के निर्देश पर पांच ऐतिहासिक अदालतों के बाहर कांच की दीवारें लगाई गई थीं। दावा था कि यह आधुनिकीकरण और एयर कंडीशनिंग के लिए आवश्यक है। लेकिन यह दीवारें न तो विचारधारा में फिट बैठीं और न ही व्यवहार में। नतीजा—सालभर बाद ही इन्हें हटाने का फैसला ले लिया गया, और इस पूरी कवायद में करोड़ों रुपये खर्च हो गए। Supreme Court Glass Wall
💰 कांच लगाने और फिर हटाने में खर्च हुए 2.68 करोड़ रुपये- Supreme Court Glass Wall
RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, इन कांच की दीवारों को लगाने में कुल ₹2.59 करोड़ का खर्च आया। यह कार्य M/s बीएम गुप्ता एंड सन्स द्वारा CPWD के ई-टेंडर के माध्यम से करवाया गया था। जब इन्हें हटाने की बारी आई तो उस पर ₹8.63 लाख का अतिरिक्त खर्च हुआ। इस प्रकार कुल ₹2.68 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि एक साल के भीतर ही पानी की तरह बहा दी गई।
🛑 बार संघों का विरोध और बढ़ती अव्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने इस फैसले का खुला विरोध किया था। उनके अनुसार,
कांच की दीवारों से गलियारों की चौड़ाई घट गई।
वकीलों और आमजनों के लिए एक कोर्ट से दूसरी कोर्ट पहुंचना मुश्किल हो गया।
फैसले में कोई परामर्श नहीं लिया गया, जिससे न्यायिक भागीदारी पर भी सवाल खड़े हुए।
🔁 बदलाव पलटा, पुरानी पहचान लौटी
CJI डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के बाद, उनके उत्तराधिकारियों CJI संजीव खन्ना और वर्तमान CJI बीआर गवई के सामने बार एसोसिएशन ने दीवारें हटाने की मांग रखी। जून 2025 में फुल कोर्ट (सभी जजों की बैठक) ने सर्वसम्मति से तय किया कि कांच की दीवारें हटाई जाएं और सुप्रीम कोर्ट को उसके “मूल स्वरूप” में लौटाया जाए।
🇮🇳 लोगो भी वापस पुराने स्वरूप में- Supreme Court Glass Wall
सिर्फ दीवारें ही नहीं, पूर्व CJI चंद्रचूड़ द्वारा बदला गया सुप्रीम कोर्ट का लोगो भी पलटा गया है। अब फिर से केंद्र में भारत का राजचिह्न वाला पुराना लोगो बहाल कर दिया गया है।
Shubhanshu Shukla Return: भारत के लिए 15 जुलाई 2025 का दिन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की। Axiom-4 मिशन के तहत यह यात्रा न केवल भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत भी बन गया है। शुभांशु शुक्ला, जो भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने ISS पर कदम रखा, ने 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए और कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। उनकी इस उपलब्धि ने भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की नींव को और मजबूत किया है।
Axiom-4 मिशन: भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय- Shubhanshu Shukla Return
Axiom-4 मिशन एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जिसे अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स और Axiom Space ने संयुक्त रूप से संचालित किया। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जिनमें शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट की भूमिका में थे। उनके साथ थे कमांडर पैगी व्हिटसन (अमेरिका), मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की (पोलैंड), और टिबोर कापु (हंगरी)। यह मिशन भारत, पोलैंड, और हंगरी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि इन देशों ने चार दशकों बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपनी उपस्थिति दर्ज की।
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 15, 2025
25 जून 2025 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च हुआ ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट 26 जून को ISS के हार्मनी मॉड्यूल से जुड़ा। इस मिशन के दौरान शुभांशु और उनकी टीम ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें भारत के सात प्रयोग शामिल थे। इन प्रयोगों में माइक्रोग्रैविटी में मेथी और मूंग के बीज उगाने से लेकर सूक्ष्म शैवाल (माइक्रोएल्गी) पर शोध शामिल था, जो भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए खाद्य स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण हो सकता है।
पृथ्वी पर वापसी: एक रोमांचक यात्रा- Shubhanshu Shukla Return
14 जुलाई 2025 को, भारतीय समयानुसार दोपहर 2:50 बजे, ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट का हैच बंद हुआ, और शाम 4:45 बजे यह ISS से अनडॉक हुआ। लगभग 22.5 घंटे की यात्रा के बाद, 15 जुलाई को दोपहर 3:02 बजे, स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन किया। इस प्रक्रिया में 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर ड्रोग पैराशूट और 2 किलोमीटर की ऊंचाई पर मेन पैराशूट्स ने स्पेसक्राफ्ट को सुरक्षित रूप से समुद्र में उतारा। Shubhanshu Shukla Return
🚨 ब्रेकिंग एक्स पोस्ट 🚨 🔴 भारत के पहले IASS यात्री शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन से धरती पर की वापसी! 🔴 स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट कैलिफ़ोर्निया तट पर सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन 🔴 क्रू में शामिल रहे पैगी व्हिट्सन, स्लावोश, टिबोर कापु और भारत के शुभांशु शुक्ला 🔴… pic.twitter.com/leh3X5JdMf
वापसी की प्रक्रिया अत्यंत जटिल थी। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कई डिपार्चर बर्न्स किए, जिससे इसकी कक्षा को धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर समायोजित किया गया। डी-ऑर्बिट बर्न ने स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के लिए तैयार किया, और हीट शील्ड ने हजारों डिग्री के तापमान को सहन करते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखा। स्प्लैशडाउन के बाद, सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों को रिकवरी टीम ने सुरक्षित निकाला, और उन्हें सात से दस दिनों के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर में भेजा गया, ताकि वे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में फिर से ढल सकें। Shubhanshu Shukla Return
शुभांशु शुक्ला: भारत का गर्व- Shubhanshu Shukla Return
लखनऊ में जन्मे 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी टेस्ट पायलट हैं। वे ISRO के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार गगनयात्रियों में से एक हैं। उनकी इस उपलब्धि ने 1984 में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा के बाद भारत को फिर से वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर स्थापित किया। ISS पर अपने प्रवास के दौरान, शुभांशु ने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में प्रयोग किए, जैसे कि पानी के व्यवहार का अध्ययन और शून्य-गुरुत्वाकर्षण में भौतिकी के प्रभावों का प्रदर्शन।
Splashdown of Dragon confirmed – welcome back to Earth, @AstroPeggy, Shux, @astro_slawosz, and Tibi!
उन्होंने अपने पहले संदेश में कहा, “नमस्कार दोस्तों, मैं अंतरिक्ष से बोल रहा हूँ। अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे कंधे पर तिरंगा है, जो मुझे याद दिलाता है कि मैं अकेला नहीं हूँ, बल्कि पूरे भारत के साथ हूँ।” उनकी यह बात देशवासियों के दिलों को छू गई। Shubhanshu Shukla Return
Watch 📹: Visuals show IAF Group Captain Shubhanshu Shukla and the entire crew returned safely with a splashdown off the coast of California after an 18-day stay aboard the International Space Station (#ISS).#ShubhanshuShukla | #AxiomMission4 | #Axiompic.twitter.com/Wv1uRWcKYu
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 15, 2025
भारत के लिए महत्व- Shubhanshu Shukla Return
Axiom-4 मिशन न केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी क्षमता का प्रतीक भी है। इस मिशन में NASA, ISRO, और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग देखने को मिला। शुभांशु की यात्रा ने भारत के गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किया, जो 2027 में लॉन्च होने की संभावना है। यह मिशन भारत को स्वदेशी तकनीक से अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश बना सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु की वापसी पर उन्हें बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि हमारे गगनयान मिशन की दिशा में एक और मील का पत्थर है। शुभांशु ने अपने साहस और समर्पण से अरबों सपनों को प्रेरित किया है।” उनकी इस यात्रा ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को प्रेरित किया, बल्कि देश के युवाओं को यह विश्वास दिलाया कि मेहनत और लगन से कोई भी सपना असंभव नहीं है।
वापसी की टाइमलाइन (सारणी)
तारीख
समय (IST)
इवेंट
14 जुलाई 2025
2:50 PM
ड्रैगन हैच बंद हुआ
14 जुलाई 2025
4:45 PM
ISS से स्वचालित अनडॉकिंग
14 जुलाई 2025
4:40 PM
डिपार्चर बर्न 1
14 जुलाई 2025
5:28 PM
डिपार्चर बर्न 2
14 जुलाई 2025
6:15 PM
डिपार्चर बर्न 3
15 जुलाई 2025
2:07 PM
डी-ऑर्बिट बर्न
15 जुलाई 2025
2:57 PM
ड्रोग पैराशूट डिप्लॉय
15 जुलाई 2025
2:58 PM
मेन पैराशूट डिप्लॉय
15 जुलाई 2025
3:02 PM
सैन डिएगो तट पर स्प्लैशडाउन
भविष्य की संभावनाएँ
शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए एक नया द्वार खोलती है। उनके द्वारा किए गए प्रयोग, जैसे माइक्रोएल्गी पर शोध, भविष्य में चंद्रमा या मंगल की यात्राओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, इस मिशन ने निजी अंतरिक्ष यात्रा को बढ़ावा देने में भी योगदान दिया है। Axiom Space की योजना भविष्य में एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की है, जिसमें भारत जैसे देशों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
GURU PURNIMA 2025: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज रात आसमान एक विशेष खगोलीय घटना का गवाह बनेगा। यह घटना है — ‘बक मून’, यानी जुलाई माह की पूर्णिमा को दिखाई देने वाला विशेष और बड़ा चंद्रमा, जो आम दिनों की तुलना में अधिक चमकीला और विशाल नजर आता है। GURU PURNIMA 2025
गुरु पूर्णिमा पर आज रात दिखेगा अद्भुत 'बक मून'
10 जुलाई की रात उदय, 11 जुलाई को सुबह 2:08 पर होगा चरम पर
चंद्रमा दिखेगा बड़ा और चमकीला, नंगी आंखों से देखें
अमेरिका में Thunder Moon, भारत में Guru Purnima Moon के नाम से प्रसिद्ध
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर के खगोल वैज्ञानिक अमर पाल सिंह के अनुसार, जुलाई महीने में दिखाई देने वाले इस पूर्ण चंद्रमा को ‘बक मून’ कहा जाता है। यह नाम नेटिव अमेरिकन परंपरा से लिया गया है, जहां ‘बक’ शब्द का अर्थ है नर हिरण। यह वह समय होता है जब नर हिरणों की नई सींगें पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं, और इस प्राकृतिक घटना से जुड़ाव के चलते इस चंद्रमा को बक मून कहा जाता है।
🌠 गुरु पूर्णिमा पर खगोलीय संयोग– GURU PURNIMA 2025
इस वर्ष, बक मून का उदय 10 जुलाई की रात को होगा और यह पूरी रात आसमान में अपनी अद्भुत छटा बिखेरता रहेगा। भारतीय समयानुसार, यह चंद्रमा 11 जुलाई की सुबह 2:08 AM IST पर अपने चरम बिंदु पर होगा।
खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा क्षितिज के करीब रहेगा, जिससे उसका आकार काफी बड़ा नजर आएगा। स्पष्ट आसमान और कम रोशनी वाले क्षेत्रों से इसे नंगी आंखों से ही देखा जा सकता है। GURU PURNIMA 2025
Bharat Bandh Live Updates: भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों और श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत इस बंद में आज देशभर के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इस बंद का मुख्य विरोध चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (Voter List Revision) के खिलाफ है, जिसमें विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है।
सड़कों परराहुल-तेजस्वी – Bharat Bandh Live Updates
भारत बंद का सबसे अधिक प्रभाव बिहार में देखा गया, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने पटना में मोर्चा संभाल लिया। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क से लेकर आयोग के दफ्तर तक पैदल मार्च किया।
सैकड़ों कांग्रेस और महागठबंधन के कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए। पटना के डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, और कारगिल चौक पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, EC पर विपक्षी हमलावर– Bharat Bandh Live Updates
विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल के पक्ष में फर्जी नाम जोड़े गए हैं। राहुल गांधी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
"यह लोकतंत्र की हत्या है। चुनाव आयोग को जवाब देना होगा कि किसके इशारे पर यह सब हो रहा है।"
वहीं तेजस्वी यादव ने कहा,
"हम बिहार की जनता का अपमान नहीं होने देंगे। यह बंद बिहारियों की आवाज़ है।"
कई जिलों में चक्का जाम, रेल और सड़क सेवाएं प्रभावित– Bharat Bandh Live Updates
बिहार के हाजीपुर, दानापुर, समस्तीपुर, दरभंगा, आरा, अररिया, छपरा और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सुबह से ही चक्का जाम किया गया। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर आवागमन रोक दिया। कुछ स्थानों पर ट्रेनों को भी रोका गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल, बैंक, बीमा कार्यालय, और डाकघर जैसे कई संस्थान बंद रहे। कोयला खनन, निर्माण, और परिवहन सेवाओं में भी कामकाज ठप रहा।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बंद का असर
बिहार के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। कोलकाता, भुवनेश्वर, कटक और पुरुलिया में कई ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन किए।
सरकार ने कहा – देश को रोकना गलत, विपक्ष का एजेंडा बेनकाब
केंद्र सरकार ने भारत बंद को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन जनता को परेशान करना अनुचित है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बयान में कहा,
"ये बंद जनता की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार चुनाव प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है।"
भारत बंद का देशव्यापी असर- Bharat Bandh Live Updates
भारत बंद का असर न केवल बिहार, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार की “श्रमिक विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों” के खिलाफ इस हड़ताल का आह्वान किया है। देशभर में बैंकिंग, बीमा, कोयला खनन, डाक सेवाएं, और निर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में सड़कों पर प्रदर्शनकारी उतरे, जबकि ओडिशा में कुछ स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ। श्रमिक संगठनों की मांगों में न्यूनतम वेतन, श्रम सुधार और निजीकरण के खिलाफ नीतियां शामिल हैं।
CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसमें कुल 43 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस फैसले को महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। CM Nitish Cabinet Meeting
इससे पहले भी बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा था, लेकिन वह सभी महिलाओं के लिए था—चाहे वे राज्य की निवासी हों या बाहर की। अब केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा।
💬 राजनीतिक पृष्ठभूमि और तेजस्वी की मांग– CM Nitish Cabinet Meeting
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार बिहार की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण की मांग करते रहे हैं। इस मांग को नीतीश सरकार ने अब पूरा करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यह आरक्षण केवल स्थानीय महिलाओं के लिए होगा। यह निर्णय प्रदेश की बेटियों को नौकरी में प्राथमिकता देगा और बाहरी प्रतिस्पर्धा से राहत मिलेगी। CM Nitish Cabinet Meeting
📜 अन्य महत्वपूर्ण फैसले जो कैबिनेट में हुए पास– CM Nitish Cabinet Meeting
1. डीजल अनुदान योजना पर 100 करोड़ की मंजूरी: कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2025-26 के लिए डीजल अनुदान योजना को 100 करोड़ रुपये की आर्थिक स्वीकृति दी गई है। इससे सूखा प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी।
2. गेहूं बीज योजना में वृद्धि: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है ताकि गेहूं बीज विस्थापन दर में सुधार किया जा सके।
3. दिव्यांग छात्रों को मुख्य परीक्षा के लिए प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री दिव्यांग सशक्तिकरण योजना के तहत बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफल दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50,000 से 1 लाख रुपए तक की राशि मिलेगी।
4. युवा आयोग की स्थापना: राज्य में युवा आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। यह आयोग 45 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शामिल करेगा।
5. सैनिक स्कूलों के लिए सहायता: नालंदा और गोपालगंज के सैनिक स्कूलों में पोषाहार की व्यवस्था और नए सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
👩💼 महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
यह फैसला बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। नीतीश कुमार की सरकार ने पहले भी महिलाओं को पंचायती राज में 50% आरक्षण दिया था और अब सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण की पुष्टि से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार बेटियों को बराबरी का मंच देना चाहती है।
Karnataka land acquisition protest: कर्नाटक के चन्नारायपटना होबली क्षेत्र के तेरह गांवों में चल रहा भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 1188 दिनों से अपने खेत-खलिहानों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे किसानों का यह संघर्ष राज्यभर के किसान, मजदूर, दलित, महिला, छात्र संगठनों और ‘संयुक्ता होराटा कर्नाटक’ के समर्थन से अब एक जनआंदोलन में बदल चुका है।
25 जून को ‘देवनहल्ली चलो’ और पुलिसिया दमन- Karnataka land acquisition protest
भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने 25 जून को ‘देवनहल्ली चलो’ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस की बर्बर कार्रवाई ने आंदोलन को और तेज कर दिया। किसानों पर हुए इस अत्याचार ने राज्यभर में रोष और एकजुटता को जन्म दिया।
फ्रीडम पार्क बना संघर्ष का नया केंद्र- Karnataka land acquisition protest
27 जून से बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो चुका है। यहां से आंदोलनकारियों ने सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाने का ऐलान किया। किसानों की प्रमुख मांग है – कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) द्वारा चन्नारायपटना और देवनहल्ली के 13 गांवों से किए जा रहे 3,077 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण को रद्द किया जाए। Karnataka land acquisition protest
4 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ बैठक, 10 दिन की मोहलत
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 4 जुलाई को आंदोलनकारियों की प्रतिनिधि समिति के साथ बैठक की। समिति में ‘संयुक्ता होराटा कर्नाटक’, संघर्ष समिति और अन्य समान विचारधारा वाले संगठनों के सदस्य मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतिम अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है, इसलिए कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए उन्हें 10 दिन का समय चाहिए।
हालांकि किसानों का कहना है कि यह देरी अब असहनीय होती जा रही है और सरकार को वादा निभाना ही होगा। Karnataka land acquisition protest
‘सिद्धारमैया सरकार किसानों की वजह से बनी है’ – डॉ. सुनीलम
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा,
“सिद्धारमैया सरकार को किसानों ने बनाया था, इसलिए अब उन्हें अपना वादा निभाना चाहिए। ज़मीन वापस देना उनका कर्तव्य है।”
टिकैत, युद्धवीर सिंह और प्रकाश राज का समर्थन
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और महासचिव युद्धवीर सिंह ने भी इस संघर्ष में किसानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ ज़मीन का नहीं, आत्मसम्मान और हक़ का है। अभिनेता प्रकाश राज भी किसानों के साथ खड़े हुए और पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की।
प्रदर्शनकारी किसानों की मांगें
13 गांवों से प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को तुरंत रद्द किया जाए।
KIADB के अधिसूचना आदेश को रद्द किया जाए।
पुलिस दमन की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।
कृषि भूमि पर औद्योगिक ज़ोन लागू न किया जाए।
मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया वादा सार्वजनिक रूप से दोहराया जाए।
यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, एक चेतावनी है
इस आंदोलन में छात्रों, महिलाओं और मजदूर संगठनों की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं है, बल्कि जनहित की रक्षा का युद्ध है। प्रदर्शनकारी बार-बार दोहरा रहे हैं –
"धरती हमारी मां है, उसे हम किसी की फैक्ट्री का आंगन नहीं बनने देंगे।"