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F-35B fighter breakdown: केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ब्रिटिश रॉयल नेवी के अत्याधुनिक F-35B फाइटर जेट की 14 जून को आपातकालीन लैंडिंग हुई थी। लैंडिंग के 19 दिन बाद भी जेट को फिर से उड़ान भरने लायक नहीं बनाया जा सका है। अब ब्रिटिश नौसेना इस फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ जेट को टुकड़ों में खोलकर सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से वापस ले जाने की योजना पर काम कर रही है। F-35B fighter breakdown
Lightning ⚡ Fast Facts: The F-35B is a Short Takeoff & Vertical Landing (STOVL) Fifth-Generation Fighter Jet pic.twitter.com/aAUm5XMXmZ
— F-35 Lightning II Joint Program Office (@theF35JPO) May 12, 2022
🔧 तकनीकी खराबी बनी मुश्किल, उड़ान की उम्मीद टूटी– F-35B fighter breakdown
ब्रिटेन की एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा यह F-35B विमान केरल के तट से करीब 100 समुद्री मील दूर ऑपरेशन कर रहा था, जब अचानक खराब मौसम और ईंधन की कमी के चलते उसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।
विमान की लैंडिंग के बाद जब उसे एयरक्राफ्ट कैरियर पर लौटाने की तैयारी हो रही थी, हाइड्रोलिक सिस्टम फेलियर सामने आया। इस तरह की खराबी बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि यह फाइटर जेट की टेकऑफ और लैंडिंग क्षमता को सीधे प्रभावित करती है।
🧑🔧 रॉयल नेवी की टीम भी रही असफल– F-35B fighter breakdown
शुरुआत में तीन टेक्नीशियन की रॉयल नेवी टीम ने विमान की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन खराबी इतनी गंभीर थी कि वह इसे ठीक नहीं कर सके। 19 दिन बीत जाने के बाद भी यूके से इंजीनियरों की मुख्य टीम भारत नहीं पहुंच सकी, जिससे अब इसकी वापसी को लेकर वैकल्पिक योजना बनाई जा रही है।
🛫 अब टुकड़ों में ले जाया जाएगा F-35B
जानकारी के मुताबिक, जेट को आंशिक रूप से डिसमेंटल (टुकड़ों में विभाजित) कर, उसके कलपुर्जों को सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के ज़रिए ब्रिटेन भेजा जाएगा। इससे पहले इस तरह की स्थिति बहुत ही कम देखने को मिली है, जब एक ऑपरेशनल फाइटर जेट को उड़ाने की बजाय वापस ले जाना पड़े। F-35B fighter breakdown
🛬 भारतीय वायुसेना और CISF की भूमिका सराहनीय
आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तत्परता से F-35B की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी। इसके बाद CISF ने जेट को एयरपोर्ट के बे-4 में सुरक्षा प्रदान की। शुरुआत में ब्रिटिश टीम ने एयर इंडिया के हैंगर में विमान रखने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में लगातार बारिश के कारण उन्होंने अपनी सहमति दी।
🔍 फाइटर जेट के लिए हैंगर में स्थानांतरण की स्वीकृति
केरल में मॉनसून की तेज बारिश और उपकरणों की सुरक्षा के मद्देनज़र, एयरपोर्ट प्रशासन और एयर इंडिया ने रॉयल नेवी को जेट को हैंगर में रखने का प्रस्ताव दिया था। पहले तो इसे ठुकरा दिया गया, लेकिन बाद में रॉयल नेवी को जेट को हैंगर में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
Bihar Assembly Election 2025: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन इससे पहले INDIA ब्लॉक के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है। झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कड़े तेवर अपनाए हैं। JMM ने साफ कर दिया है कि वह इस बार बिहार में ‘मेहमान’ की भूमिका में नहीं, बल्कि एक मजबूत ‘भागीदार’ के रूप में उतरना चाहती है। पार्टी ने INDIA ब्लॉक से बिहार में कम से कम 12-13 सीटों की मांग की है, लेकिन गठबंधन के नेतृत्व, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस, ने अभी तक इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया है। इससे JMM के नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नाराज हैं, जिसने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी: बिहार में ‘सम्मान’ की मांग- Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी का कारण सिर्फ सीटों की संख्या नहीं, बल्कि INDIA ब्लॉक की ‘एकतरफा’ कार्यशैली भी है। JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने स्पष्ट कहा, “हम किसी के मोहताज नहीं हैं। अगर गठबंधन हमें सम्मानजनक स्थान नहीं देता, तो हम बिहार में अकेले चुनाव लड़ने को तैयार हैं।” JMM का मानना है कि बिहार के झारखंड से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों, जैसे झाझा, चकाई, कटोरिया, और बनमनखी में उसका जनाधार है। इन क्षेत्रों में आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के मतदाता JMM के लिए संभावनाएं बढ़ाते हैं। पार्टी ने इन सीटों पर बूथ मैनेजमेंट और उम्मीदवारों की स्क्रूटनी भी शुरू कर दी है, जो उसकी गंभीरता को दर्शाता है।
झारखंड में गठबंधन, बिहार में उपेक्षा?- Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी की एक बड़ी वजह यह है कि झारखंड में उसने RJD और कांग्रेस को सम्मानजनक सीटें दी थीं। 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM ने 34 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 16 और RJD ने 4 सीटें हासिल की थीं। झारखंड के संथाल परगना और कोल्हान जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में INDIA ब्लॉक ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें संथाल की 18 में से 17 सीटें गठबंधन के खाते में गईं। लेकिन बिहार में JMM को गठबंधन की बैठकों में शामिल नहीं किया गया, जिसे पार्टी ‘अपमान’ के रूप में देख रही है।
JMM को यह भी शिकायत है कि कांग्रेस ने झारखंड में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। संथाल और कोल्हान में कांग्रेस की पदयात्राएं और पंचायत सम्मेलन JMM को यह संदेश दे रहे हैं कि सहयोगी दल उसकी जमीन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। JMM को डर है कि यह रणनीति बिहार की तरह झारखंड में भी सीटों की मांग को बढ़ा सकती है।
RJD की अगुवाई और सीट बंटवारे की चुनौती- Bihar Assembly Election 2025
बिहार में INDIA ब्लॉक की अगुवाई RJD कर रही है, जो गठबंधन के सबसे बड़े दल के रूप में 144 सीटों पर अपनी दावेदारी रख चुकी है। कांग्रेस ने 70 सीटों की मांग की है, जबकि वाम दलों ने 30 और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने 18 सीटों का दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक, अगर पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) गठबंधन में शामिल होती है, तो उसे 3 सीटें दी जा सकती हैं। इस फॉर्मूले में JMM के लिए कोई जगह नहीं दिख रही, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया है। Bihar Assembly Election 2025
RJD ने अब तक चार बार सीट बंटवारे पर बैठकें की हैं, लेकिन JMM को इनमें शामिल नहीं किया गया। 5 जुलाई 2025 को RJD का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसके बाद सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला संभव है। लेकिन RJD के झारखंड महासचिव कैलाश यादव ने JMM को नसीहत दी है कि वह ‘अहंकार’ में न बोले और सही मंच पर अपनी बात रखे। उन्होंने तेजस्वी यादव की लोकप्रियता का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में RJD का ‘तूफान’ है, जिसे कोई कम नहीं आंक सकता।
कांग्रेस की कूटनीति और तटस्थ रुख- Bihar Assembly Election 2025
कांग्रेस इस विवाद में कूटनीति का रास्ता अपना रही है। झारखंड कांग्रेस के नेता केशव महतो कमलेश ने कहा, “जैसे झारखंड में हमने आपसी सहमति से फैसला लिया, वैसे ही बिहार में भी सहयोगी दल मिलकर समाधान निकालेंगे।” लेकिन कांग्रेस की यह नरम भाषा JMM की नाराजगी को शांत करने में कितनी कारगर होगी, यह देखना बाकी है। कांग्रेस ने बिहार में 40-50 सीटों की मांग की है, लेकिन 2020 में 70 सीटों पर केवल 19 जीतने के कारण RJD उसकी मांग को कम करने पर विचार कर रही है।
JMM का बिहार में प्रदर्शन: अतीत और संभावनाएं- Bihar Assembly Election 2025
JMM का बिहार में चुनावी इतिहास मिला-जुला रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में JMM ने 5 सीटों पर चुनाव लड़ा और 25,213 वोट हासिल किए। 2015 में उसने 32 सीटों पर 1,03,940 वोट और 2010 में 41 सीटों पर 1,76,400 वोट प्राप्त किए थे। साल 2000 में JMM ने 85 सीटों पर चुनाव लड़ा और 13,06,152 वोट हासिल किए, जो उसका अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में JMM ने बिहार में उम्मीदवार नहीं उतारे और INDIA ब्लॉक का समर्थन किया था।
JMM का मानना है कि झारखंड से सटे बिहार के क्षेत्रों में उसका प्रभाव है, खासकर आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के बीच। पार्टी ने झाझा, चकाई, कटोरिया, धमदाहा, और पीरपैंती जैसी सीटों पर दावेदारी ठोकी है। अगर गठबंधन में जगह नहीं मिली, तो JMM इन सीटों पर अकेले उतरने की तैयारी कर रही है, जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है।
BJP का तंज और संभावित प्रभाव- Bihar Assembly Election 2025
बीजेपी इस विवाद को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। बीजेपी नेता आदित्य साहू ने कहा, “RJD और कांग्रेस कभी JMM को तवज्जो नहीं देंगे। वे झारखंड की सत्ता का इस्तेमाल कर रहे हैं।” बीजेपी का दावा है कि गठबंधन की यह अंतर्कलह NDA को फायदा पहुंचाएगी, जो पहले से ही बिहार में अपनी रणनीति को मजबूत कर रहा है।
झारखंड सरकार पर खतरे के बादल?- Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी का असर सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रह सकता। झारखंड में JMM के 34 विधायकों के साथ सरकार चल रही है, लेकिन बहुमत के लिए 41 विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के 16 और RJD के 4 विधायक गठबंधन का हिस्सा हैं। अगर JMM की नाराजगी बढ़ती है, तो झारखंड में गठबंधन की एकता पर सवाल उठ सकते हैं, जिसका असर सरकार की स्थिरता पर पड़ सकता है। Bihar Assembly Election 2025
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन INDIA ब्लॉक के भीतर सीट बंटवारे का विवाद गठबंधन की राह में रोड़ा बन रहा है। JMM की 12-13 सीटों की मांग और हेमंत सोरेन की नाराजगी ने RJD और कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। 5 जुलाई को RJD के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अगर JMM अकेले चुनाव लड़ती है, तो कई सीटों पर वोटों का बंटवारा NDA को फायदा पहुंचा सकता है। दूसरी ओर, अगर गठबंधन में सहमति बनती है, तो INDIA ब्लॉक NDA को कड़ी टक्कर दे सकता है। फिलहाल, सियासी गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि क्या JMM बिहार में अपनी जमीन मजबूत कर पाएगी, या गठबंधन की खींचतान उसकी राह में बाधा बनेगी?
Kanpur Dehat News: कानपुर देहात की भोगनीपुर तहसील के टोडरपुर गांव में शिक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां के सरकारी स्कूलों की इमारत इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि बच्चों और शिक्षकों की जान जोखिम में है। बच्चों को खस्ताहाल कक्षाओं में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कई बार तो एक ही कक्षा में दो से तीन कक्षाओं के छात्र साथ पढ़ते हैं।
स्थानीय शिक्षक और प्रिंसिपल लगातार उच्चाधिकारियों को इस स्थिति से अवगत करा चुके हैं। बीईओ स्तर तक पत्राचार और मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
🔴 कानपुर देहात ब्रेकिंग | टोडरपुर के जर्जर स्कूल 🚨 भोगनीपुर तहसील के टोडरपुर गांव में जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ रहे हैं बच्चे 🚸 पुरानी और असुरक्षित इमारतों में रोज़ाना जान जोखिम में डाल रहे छात्र और शिक्षक 📚 एक ही कमरे में चल रही हैं कई कक्षाएं, पढ़ाई पर पड़ रहा असर 🧱… pic.twitter.com/vizo5jnlyT
सहायक इंचार्ज ने बताई ज़मीनी हकीकत– Kanpur Dehat News
विद्यालय की सहायक इंचार्ज गीता सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले भवन की मरम्मत के लिए ₹61,000 की राशि भेजी गई थी, लेकिन इतनी कम राशि में कोई भी ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हुआ। परिणामस्वरूप यह बजट सरकार को वापस चला गया।
बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा खतरे में– Kanpur Dehat News
स्कूल की छतें टपकती हैं, दीवारों में दरारें हैं और फर्श पूरी तरह से टूटा हुआ है। इस खतरनाक माहौल में शिक्षक भी डर के साये में पढ़ा रहे हैं, वहीं बच्चे असहज और डरे हुए रहते हैं। ऐसे में पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है और अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचा रहे हैं।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल– Kanpur Dehat News
प्रिंसिपल और बीईओ द्वारा कई बार अनुरोध के बावजूद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अफसरों की ओर से गंभीर पहल नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन निर्माण की पहल नहीं हुई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
PM Modi Foreign Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से 8 दिवसीय पांच देशों की विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं, जिसका उद्देश्य अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। इस दौरे की शुरुआत पश्चिम अफ्रीकी देश घाना से हुई, जहां पीएम मोदी का यह पहला दौरा है और पिछले तीन दशकों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा है।
घाना के बाद प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और अंत में नामीबिया की यात्रा करेंगे। इस यात्रा को वैश्विक कूटनीति की दृष्टि से भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
🔴 ब्रेकिंग | PM मोदी का कूटनीतिक मिशन | एक्स पोस्ट फॉर्मेट 🚨 PM मोदी 5 देशों के दौरे पर रवाना 🌍 अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में बढ़ेगा भारत का प्रभाव 🇬🇭 घाना में 30 वर्षों बाद किसी PM की पहली यात्रा 🤝 राष्ट्रपति महामा से द्विपक्षीय बैठकें और प्रेस वार्ता 🌐 ब्राजील में… pic.twitter.com/iQrUluz4pJ
घाना की राजधानी अकरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोटोका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर IST अनुसार सुबह 8 बजे भव्य स्वागत हुआ। वे जुबली हाउस में घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से मुलाकात करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय वार्ताएं और एक संयुक्त प्रेस वार्ता भी शामिल है।
यह दौरा न केवल आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, विकास सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं को भी खोलेगा।
घाना के राष्ट्रपति द्वारा पीएम मोदी के सम्मान में एक भव्य राजकीय रात्रिभोज का आयोजन किया गया है। भारत की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में निवेश और सहयोग की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया जाएगा।
कैरिबियन से दक्षिण अमेरिका तक बढ़ेगा प्रभाव– PM Modi Foreign Visit
घाना के बाद प्रधानमंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा करेंगे, जो भारतवंशियों की भारी आबादी वाला देश है। यहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से होगी, जिसमें भारतीय मूल के नागरिकों को जोड़ने और निवेश बढ़ाने पर जोर रहेगा।
इसके बाद पीएम मोदी अर्जेंटीना जाएंगे, जो दक्षिण अमेरिका का एक प्रमुख देश है। यहां दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मा और अंतरिक्ष सहयोग पर बातचीत होगी। PM Modi Foreign Visit
ब्राजील में BRICS शिखर सम्मेलनब्राजील की राजधानी में 17वां BRICS सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पीएम मोदी की सक्रिय भागीदारी तय है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख नेता भाग लेंगे। यह मंच वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर समन्वय और रणनीति साझा करने का अवसर प्रदान करता है।
नामीबिया में अंतिम पड़ाव– PM Modi Foreign Visit
दौरे का अंतिम पड़ाव नामीबिया होगा, जहां भारत वन्यजीव संरक्षण, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और शिक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाएगा। नामीबिया के साथ भारत की ऐतिहासिक ‘चीता वापसी योजना’ पहले से ही चर्चित रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा एक व्यापक कूटनीतिक प्रयास है, जो भारत को ग्लोबल साउथ के अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। इससे भारत की बहुपक्षीय भागीदारी, व्यापार और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी।
Tamilnadu Factory Blast: तमिलनाडु और तेलंगाना में हुए दो भयावह फैक्ट्री हादसों ने देश को हिलाकर रख दिया है। तमिलनाडु के शिवकाशी में मंगलवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई जबकि 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे के बाद धुएं के गुबार और लगातार पटाखों के फटने की आवाजें सुनाई दीं।
विरुधुनगर के एसपी कन्नन ने जानकारी दी कि यह घटना शिवकाशी के पास चिन्नाकामनपट्टी गांव में स्थित एक फैक्ट्री में हुई। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आशंका जताई जा रही है कि अंदर और लोग फंसे हो सकते हैं। घायलों को विरुधुनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक धमाके की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन फैक्ट्री के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संगारेड्डी जिले में दवा फैक्ट्री में विस्फोट- Telangana pharma factory explosion
दूसरी ओर, तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में दवा बनाने वाली सिगाची इंडस्ट्रीज फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या 34 पहुंच गई है। यह हादसा 30 जून को पाशमिलारम इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक रिएक्टर यूनिट में सुबह 8:15 से 9:30 के बीच हुआ था। SP परितोष पंकज ने बताया कि फैक्ट्री से अब तक 31 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अस्पताल में इलाज के दौरान 3 लोगों की मौत हुई। Tamilnadu Factory Blast
इस घटना में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल को सील कर लिया गया है और फॉरेंसिक व एनडीआरएफ टीमें मौके पर जांच में जुटी हैं।
दोनों हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस हद तक जानलेवा साबित हो सकती है। इन घटनाओं से राज्य प्रशासन के साथ-साथ केंद्र सरकार के औद्योगिक सुरक्षा विभाग पर भी जवाबदेही बनती है।
Himachal Flood News: हिमाचल प्रदेश में मानसून तबाही लेकर आया है। बीते दो दिनों में लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों को बेहाल कर दिया है। मनाली में ब्यास नदी उफान पर है, मंडी में बादल फटने से तबाही मच गई है और शिमला में लैंडस्लाइड की घटनाएं लोगों के दिलों में डर बैठा रही हैं। पूरे राज्य में हालात भयावह होते जा रहे हैं।
🔴 ब्रेकिंग न्यूज – हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर ▪️ मनाली में ब्यास नदी उफान पर, मंडी में फटा बादल, शिमला में लैंडस्लाइड ▪️ कुल्लू में बादल फटने के बाद सैलाब, शिमला में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिरी ▪️ मंडी के पंडोह डैम से छोड़ा गया 1.5 लाख क्यूसेक पानी, बाजारों में मचा हड़कंप… pic.twitter.com/rdlb1mlpyM
कुल्लू जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ की तस्वीरें अभी तक लोगों के जेहन में थीं कि शिमला में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। इमारत पहले से ही क्षतिग्रस्त थी और प्रशासन ने समय रहते उसे खाली करवा लिया था। हालांकि जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है।
6 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्ट– Himachal Flood News
शिमला में रिज क्षेत्र में पूरी तरह से धुंध छाई हुई है और मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं जिससे कई मार्ग बाधित हो चुके हैं। Himachal Flood News
मंडी जिले के पंडोह डैम से अचानक 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पंडोह बाजार में बाढ़ जैसे हालात बन गए। लोग रातोंरात घरों से बाहर निकलकर ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचने लगे। मंडी में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। जिले के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र थुनाग, करसोग और कुकलाह रहे, जहां सड़कों के बह जाने और नदी-नालों में अचानक बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। Himachal Flood News
सोलन जिले में चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे-5 के चक्की मोड़ पर पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण बार-बार ट्रैफिक बाधित हो रहा है। हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा है और वाहन चालकों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। Himachal Flood News
राज्य में अब तक मानसून से जुड़े हादसों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, और सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में 37% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अनियंत्रित वर्षा ने राज्य में कई स्तरों पर संकट पैदा कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही –
करसोग इलाके में 2 जगह बादल फटा। 1 व्यक्ति की मौत हुई, 7 लोग लापता हैं। कुछ गाड़ियां बह गईं। बाखलीखड्ड पर 16 मेगावाट का पॉवर प्रोजेक्ट तबाह हुआ। ब्यास नदी में भयंकर बाढ़ है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं। पूरे राज्य में अलर्ट है। pic.twitter.com/P4cZDY25px
130 इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है, कई जगहों पर पानी की सप्लाई भी बंद कर दी गई है। अब तक 259 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे हजारों लोग फंसे हुए हैं। राहत कार्य जारी हैं लेकिन लगातार बारिश से उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के ऊना, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे पहाड़ी या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
हिमाचल में बारिश अब केवल मौसम नहीं, एक आपदा का रूप ले चुकी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल पूरी मुस्तैदी से राहत कार्य में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश की वजह से उन्हें भी समय पर राहत पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए और मुश्किल हो सकते हैं।
स्टोरी: संदीप कुमार India defense satellite launch:भारत के सैन्य इतिहास में “ऑपरेशन सिंदूर” (7 से 10 मई 2025) एक ऐसा अभियान साबित हुआ जिसने न केवल पाकिस्तान को चौंकाया बल्कि आधुनिक युद्ध में भारत की अंतरिक्ष शक्ति को भी प्रमाणित किया। भारतीय वायुसेना ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को ठप कर दिया और सटीक निशानों पर प्रहार कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। ये सफलता संभव हुई भारत की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW), सिग्नल जैमिंग, और उपग्रह आधारित सर्विलांस तकनीकों के कुशल प्रयोग से।
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और 22 मिनट का खौफ-India defense satellite launch
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के सैन्य रेडार और कम्युनिकेशन नेटवर्क को 22 मिनट के लिए पूरी तरह जैम कर दिया। इस जैमिंग ऑपरेशन की मदद से वायुसेना के फाइटर जेट्स ने सटीकता से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर हमला किया।
इसमें भारत ने स्वदेशी कार्टोसैट सैटेलाइट और विदेशी कमर्शियल उपग्रहों की मदद ली, जिनसे मिली रियल टाइम इमेज और पोजिशनिंग ने यह सुनिश्चित किया कि हर बम अपने लक्ष्य पर गिरे।
भारत की भविष्य की सैटेलाइट रणनीति- India defense satellite launch
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने निर्णय लिया कि अंतरिक्ष निगरानी को और अधिक मज़बूत किया जाए। इसी के तहत रक्षा मंत्रालय ने अक्टूबर 2024 में ₹26,968 करोड़ के बजट को मंज़ूरी दी। इसके अंतर्गत कुल 52 रक्षा निगरानी उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे:
ISRO बनाएगा और लॉन्च करेगा: 21 उपग्रह
तीन निजी कंपनियां करेंगी निर्माण व प्रक्षेपण: 31 उपग्रह
पहला लॉन्च अप्रैल 2026 तक, पूरा नेटवर्क 2029 के अंत तक तैयार
इन उपग्रहों की मदद से भारत पाकिस्तान, चीन और हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर निगरानी कर सकेगा।
HAPS: उपग्रहों के बाद की अगली क्रांति- India defense satellite launch
भारतीय वायुसेना ने अब “हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स (HAPS)” की ओर भी कदम बढ़ा लिया है। ये UAV जैसे दिखने वाले यान 18–22 किमी की ऊँचाई पर उड़ते हैं और लंबे समय तक वहीं रह सकते हैं। इनमें हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, इंफ्रारेड और रडार लगे होते हैं, जो नीचे की ज़मीन की सटीक निगरानी करते हैं।
HAPS की खासियत:
कम लागत, तेज तैनाती
स्थिर डेटा स्ट्रीमिंग
सटीक निगरानी और मिशन नियंत्रण
सैटेलाइट सर्विलांस से बदले युद्ध के नियम- India defense satellite launch
भारत ने इस ऑपरेशन में जो उपग्रह डेटा इस्तेमाल किया, उसने कई मोर्चों पर निर्णय को आसान किया:
सटीक लक्ष्य निर्धारण: आतंकी शिविरों की पिन-पॉइंट लोकेशन
डैमेज कंट्रोल: बमबारी के बाद प्राप्त तस्वीरों से मूल्यांकन
दुष्प्रचार की धज्जियाँ: पाकिस्तान के झूठे दावों को उपग्रह तस्वीरों से झुठलाया गया
इन तस्वीरों और वीडियो से भारतीय एजेंसियों को रणनीतिक बढ़त मिली और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने अपने दावे सिद्ध किए।
ऑपरेशन सिंदूर ने यह प्रमाणित कर दिया कि भारत अब स्पेस वॉरफेयर में निर्णायक क्षमता हासिल कर चुका है।
चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खिलाफ भारत को टैक्टिकल एडवांटेज मिला है।
यह अंतरिक्ष-आधारित तकनीकें अब भारत की थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों को सपोर्ट कर रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सफल सैन्य अभियान था, बल्कि भारत की तकनीकी और अंतरिक्ष शक्ति का प्रदर्शन भी था। जिस तरह से भारत ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, रडार जैमिंग, और उपग्रह निगरानी को एकीकृत किया, वह आने वाले वर्षों में मॉडर्न वॉरफेयर की नई दिशा तय करेगा।
Delhi NCR rain: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई हिस्सों में शनिवार को झमाझम बारिश देखने को मिली। भारत मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष इलाकों में येलो अलर्ट जारी है।
बारिश से दिल्ली के कई इलाके प्रभावित-Delhi NCR rain
शनिवार दोपहर हुई बारिश से दिल्ली के जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, पालम, आईजीआई एयरपोर्ट, वसंत विहार, वसंत कुंज, हौज़ खास, कालकाजी, महरौली और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो घंटों में यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30–50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
NCR और आसपास के राज्यों में भी बारिश और तेज हवाएं- Delhi NCR rain
एनसीआर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर, बल्लभगढ़ समेत कई इलाकों में बारिश हुई और मौसम ठंडा हुआ। हरियाणा के हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, चरखी दादरी और कोसली में तेज हवाएं चलीं।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश- Delhi NCR rain
यूपी के वाराणसी, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, खुर्जा, फिरोजाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, जाजऊ समेत दर्जनों जिलों में शनिवार को झमाझम बारिश हुई। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आईं।
राजस्थान भी बारिश की चपेट में- Delhi NCR rain
राजस्थान के अलवर, भरतपुर, भिवाड़ी, तिजारा और कोटपुतली जैसे शहरों में बादल छाए रहे और बौछारें देखने को मिलीं। किसानों और आम जनजीवन पर इसका असर पड़ा।
मौसम विभाग ने अगले 24–48 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे आवश्यक सुरक्षा बरतें और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
Shefali Jariwala death: ‘कांटा लगा’ गाने से मशहूर हुईं अभिनेत्री शेफाली जरीवाला का शुक्रवार देर रात 42 साल की उम्र में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। बेहोशी की हालत में उन्हें उनके पति पराग त्यागी और तीन अन्य लोग मुंबई के अंधेरी स्थित बेलेव्यू अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अंबोली थाने में घर की मेड और कुक से पूछताछ की गई है और फॉरेंसिक टीम उनके घर से सबूत जुटा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया है। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। शेफाली के निधन से उनके फैंस और परिजन बेहद दुखी हैं।
शेफाली जरीवाला: एक चमकता सितारा- Shefali Jariwala death
शेफाली जरीवाला ने 2002 में रिलीज हुए म्यूजिक वीडियो ‘कांटा लगा’ से रातोंरात शोहरत हासिल की थी। इस गाने ने उन्हें ‘कांटा लगा गर्ल’ की पहचान दी और हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में रीमिक्स गानों का ट्रेंड शुरू किया। उनके बोल्ड लुक और शानदार डांस मूव्स ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था। इसके बाद, शेफाली ने बॉलीवुड में कदम रखा और फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ में सलमान खान और अक्षय कुमार के साथ ‘लाल दुपट्टा’ गाने में नजर आईं।
शेफाली ने टेलीविजन पर भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने रियलिटी शो ‘नच बलिए 5’ में अपने पति पराग त्यागी के साथ हिस्सा लिया और दर्शकों का प्यार बटोरा। 2019 में ‘बिग बॉस 13’ में उनकी एंट्री ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया। शो में उनकी दोस्ती, खासकर दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ, खूब चर्चा में रही। हाल ही में, वह स्टार भारत के शो ‘शैतानी रस्में’ में नजर आई थीं, जहां उनकी एक्टिंग को काफी सराहा गया।
मिली जानकारी के अनुसार, 27 जून 2025 की रात शेफाली को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। उनके पति पराग त्यागी, जो उस समय उनके साथ थे, उन्हें तुरंत मुंबई के एक निजी अस्पताल ले गए। लेकिन डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद शेफाली को बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक जांच में उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।
शेफाली का शव रात करीब 1 बजे अंधेरी के कूपर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि शव को किसी अन्य अस्पताल से लाया गया था, और मृत्यु के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा। यह खबर प्रशंसकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी।
पुलिस और फॉरेंसिक जांच- Shefali Jariwala death
शेफाली के निधन की खबर मिलते ही मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने उनके अंधेरी स्थित घर पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने शेफाली के पति पराग त्यागी, उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों सहित चार लोगों के बयान दर्ज किए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक जांच में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है, लेकिन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि शेफाली का शव उनके घर पर रात 1 बजे के आसपास मिला था। फॉरेंसिक टीम ने घर से कुछ नमूने एकत्र किए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। प्रशंसकों और परिवार की मांग है कि शेफाली की मृत्यु के कारणों का पूरी तरह से पता लगाया जाए।
परिवार और प्रशंसकों का दुख- Shefali Jariwala death
शेफाली के निधन ने उनके परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। उनके पति पराग त्यागी को अस्पताल के बाहर टूटा हुआ और भावुक देखा गया। शेफाली की मां, जो अपनी इकलौती बेटी को आखिरी बार देखने अस्पताल पहुंची थीं, की हालत देखकर वहां मौजूद लोग भी रो पड़े। पराग ने शेफाली के निधन से कुछ घंटे पहले अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक जिम वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह मुस्कुराते हुए नजर आ रहे थे। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और प्रशंसकों को रुला रहा है।
शेफाली की आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट- Shefali Jariwala death
शेफाली सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और अक्सर अपनी ग्लैमरस तस्वीरें और फिटनेस वीडियो शेयर करती थीं। उनकी मृत्यु से तीन दिन पहले, 24 जून 2025 को, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक शानदार फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट की थीं। इन तस्वीरों में वह एक चमकीले गाउन में आत्मविश्वास और खूबसूरती की मिसाल लग रही थीं। उनके कैप्शन में लिखा था, “शाइन लाइक ए स्टार!” यह पोस्ट अब उनके प्रशंसकों के लिए उनकी आखिरी याद बन गई है।
इसके अलावा, शेफाली ने 2 सितंबर 2024 को अपनी आखिरी एक्स पोस्ट में ‘बिग बॉस 13’ के सह-प्रतियोगी सिद्धार्थ शुक्ला को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगे, सिड।” यह देखकर प्रशंसक और भी भावुक हो गए, क्योंकि सिद्धार्थ का निधन भी कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।
मनोरंजन जगत में शोक की लहर- Shefali Jariwala death
शेफाली के निधन ने मनोरंजन उद्योग को गहरा आघात पहुंचाया है। कई सेलेब्रिटीज ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। टीवी अभिनेता अली गोनी ने एक्स पर लिखा, “शेफाली की खबर ने मुझे हिलाकर रख दिया। जिंदगी इतनी अनिश्चित है।” गायक टोनी कक्कड़ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “हमने एक खूबसूरत आत्मा खो दी। शेफाली, तुम हमेशा याद रहोगी।”
‘बिग बॉस 13’ की उनकी दोस्त रश्मि देसाई ने एक लंबा नोट लिखा, जिसमें उन्होंने शेफाली के साथ अपनी यादों को साझा किया। रश्मि ने लिखा, “तुम्हारी हंसी और पॉजिटिव एनर्जी को कोई नहीं भूल सकता। यह विश्वास करना मुश्किल है कि तुम अब नहीं हो।” अभिनेत्री माही विज, जो शेफाली की करीबी दोस्त थीं, ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
शेफाली की निजी जिंदगी और सपने
शेफाली की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही। उन्होंने 2004 में संगीतकार हरमीत सिंह से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता 2009 में तलाक के साथ खत्म हो गया। 2014 में, उन्होंने अभिनेता पराग त्यागी से शादी की, जिनके साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया। एक पॉडकास्ट में शेफाली ने बताया था कि वह और पराग माता-पिता बनना चाहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी।
शेफाली ने एक बार यह भी खुलासा किया था कि बचपन में उन्हें मिर्गी की बीमारी थी, जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक इलाज करवाना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपनी फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली से इस बीमारी को नियंत्रित कर लिया था।
‘कांटा लगा’ की विरासत
‘कांटा लगा’ गाना शेफाली की पहचान बन गया। एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस टैग से थक गई हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “नहीं, मुझे गर्व है कि मैं कांटा लगा गर्ल हूं। यह मेरी जिंदगी का हिस्सा है, और मैं इसे हमेशा सेलिब्रेट करूंगी।” उनकी यह बात आज भी उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंज रही है।
प्रशंसकों का दर्द और सवाल
शेफाली के निधन ने उनके प्रशंसकों को गहरे दुख में डुबो दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक प्रशंसक ने लिखा, “वह इतनी फिट थीं, फिर भी कार्डियक अरेस्ट? यह समझ से परे है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “शेफाली की हंसी और एनर्जी को कोई नहीं भूल सकता। उनकी मौत की पूरी जांच होनी चाहिए।”
शेफाली जरीवाला का यूं अचानक चले जाना मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनकी चमक, उनका आत्मविश्वास और उनकी मुस्कान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। ‘कांटा लगा’ गर्ल की विरासत कभी फीकी नहीं पड़ेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उनकी मृत्यु के कारणों का खुलासा होगा, लेकिन तब तक उनके प्रशंसक और परिवार उन्हें याद करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। शेफाली, तुम हमेशा हमारे दिलों में रहोगी।
"मैं बंगाल के लोगों से कहना चाहूंगा कि बहुत सावधान रहिए बीजेपी से। यूपी में तो आय दिन बलात्कार हो रहा है, महिलाओं की छेड़खानी में सबसे आगे उत्तर प्रदेश है, सरकार कानून व्यवस्था के अलावा सब पर ध्यान दे रही है।"
Jagannath Rath Yatra 2025: हर साल ओडिशा के पुरी शहर में आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा विश्व भर में आध्यात्मिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक है। यह पवित्र यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को समर्पित है, जो विशाल रथों पर सवार होकर पुरी के जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं। इस साल 2025 में यह यात्रा 27 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक चलेगी। 12 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। आइए, इस लेख में हम इस पवित्र यात्रा के इतिहास, महत्व, रथों की बनावट और कुछ अनोखे तथ्यों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथ! pic.twitter.com/vj8K6a0XKM
रथ यात्रा की शुरुआत और शुभ मुहूर्त- Jagannath Rath Yatra 2025
जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, यानी 27 जून को शुरू होगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन सुबह 5:25 से 7:22 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इसके बाद पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस दिन का सबसे शुभ समय दोपहर 11:56 से 12:52 तक है, जिसे अभिजीत मुहूर्त कहा जाता है। इसी समय भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों की यात्रा शुरू होती है।
जय श्री जगन्नाथ!
भगवान श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा के शुभारंभ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
यह मंगलमयी रथ यात्रा सभी के जीवन में सुख- शांति, समृद्धि, सेवा और सद्भाव का संचार करे, भगवान श्री जगन्नाथ जी से यही प्रार्थना है। pic.twitter.com/zSKnPvTMZ2
पुरी के इस पवित्र आयोजन में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। रथों को खींचने का अवसर पाने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं। यह यात्रा न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह मानवता और समानता का भी संदेश देती है।
रथ यात्रा की प्रमुख रस्में- Jagannath Rath Yatra 2025
रथ यात्रा का पहला दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस दिन पुरी के राजा स्वयं छेरा पन्हारा रस्म निभाते हैं। इस रस्म में राजा सोने की झाड़ू से रथ के नीचे की जगह साफ करते हैं, जो विनम्रता और सेवा भाव का प्रतीक है। यह परंपरा पुरी के गजपति राजवंश की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाती है। Jagannath Rath Yatra 2025
इसके अलावा, हेरा पंचमी का दिन भी खास होता है। इस दिन देवी लक्ष्मी गुंडिचा मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ से नाराजगी जताती हैं, क्योंकि वे उन्हें छोड़कर यात्रा पर निकल गए। यह रस्म यात्रा को और भी रोचक और जीवंत बनाती है। Jagannath Rath Yatra 2025
रथों और रस्सियों का अनोखा महत्व- Jagannath Rath Yatra 2025
पुरी रथ यात्रा की एक खास बात यह है कि तीनों रथों और उनकी रस्सियों के अपने विशेष नाम हैं। ये रथ हर साल नई लकड़ी से बनाए जाते हैं और इनकी बनावट भी अनोखी होती है। आइए, तीनों रथों और उनकी रस्सियों के बारे में जानते हैं: Jagannath Rath Yatra 2025
नंदीघोष (जगन्नाथ जी का रथ):
ऊंचाई: 45 फीट
पहिए: 16
रस्सी का नाम: शंखाचुड़ा नाड़ी
रंग: लाल और पीला यह रथ भगवान जगन्नाथ का प्रतीक है और इसे सबसे भव्य माना जाता है।
तालध्वज (बलभद्र जी का रथ):
ऊंचाई: 43 फीट
पहिए: 14
रस्सी का नाम: बासुकी नाड़ी
रंग: लाल और हरा यह रथ बलभद्र जी को समर्पित है और इसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
दर्पदलन (सुभद्रा जी का रथ):
ऊंचाई: 42 फीट
पहिए: 12
रस्सी का नाम: स्वर्णचूड़ा नाड़ी
रंग: लाल और काला यह रथ देवी सुभद्रा को समर्पित है और इसे भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
इन रस्सियों को छूना या रथ खींचना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। Jagannath Rath Yatra 2025
कौन खींच सकता है रथ?- Jagannath Rath Yatra 2025
जगन्नाथ रथ यात्रा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। चाहे कोई किसी भी धर्म, जाति, लिंग या देश से हो, वह रथ खींच सकता है। बस उसका मन सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भरा होना चाहिए। हालांकि, एक व्यक्ति को ज्यादा देर तक रथ खींचने की अनुमति नहीं होती, ताकि सभी भक्तों को यह अवसर मिल सके।
यहां तक कि अगर कोई रथ न खींच पाए, तो भी इस यात्रा में शामिल होना ही पुण्यकारी माना जाता है। कहा जाता है कि रथ यात्रा में भाग लेने से सौ यज्ञों के बराबर फल मिलता है।
रथ यात्रा का इतिहास और पौराणिक कथा- Jagannath Rath Yatra 2025
पुरी रथ यात्रा का इतिहास स्कंद पुराण से जुड़ा है। कथा के अनुसार, एक बार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने पुरी नगर देखने की इच्छा जताई। तब भगवान जगन्नाथ और बलभद्र ने उन्हें रथ पर बिठाकर नगर भ्रमण करवाया। इस दौरान वे अपनी मौसी गुंडिचा के घर गए और वहां सात दिन ठहरे। तभी से यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी हर साल निभाई जाती है।
🕉️ जय जगन्नाथ 🚩
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया अर्थात 27 जून 2025 को पुरी धाम में श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा निकलने जा रही है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी विशाल रथों पर सवार होकर भक्तों के बीच आएंगे। पुरी नगरी भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर है। लाखों… pic.twitter.com/Rtit1D9sPe
यह यात्रा भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए उनके साथ सीधा संबंध जोड़ने का अवसर है। गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर माना जाता है, जहां वे अपनी यात्रा के दौरान विश्राम करते हैं।
भगवान जगन्नाथ की मूर्ति का रहस्य- Jagannath Rath Yatra 2025
जगन्नाथ रथ यात्रा की एक और खास बात भगवान की मूर्ति से जुड़ा रहस्य है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का हृदय, जो उनकी मृत्यु के बाद भी नहीं जला, समुद्र तट पर लकड़ी के रूप में मिला। उड़ीसा के राजा इंद्रद्युम्न को स्वप्न में इस लकड़ी का पता चला, और उन्होंने इसे भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में स्थापित किया।
यह लकड़ी आज भी मूर्ति के अंदर मौजूद है और इसे ब्रह्म पदार्थ कहा जाता है। हर 12 साल में भगवान की मूर्ति को बदला जाता है, जिसे नव कलेवर की प्रक्रिया कहते हैं। इस दौरान पूरे शहर की बिजली बंद कर दी जाती है, और पुजारी आंखों पर पट्टी बांधकर मूर्ति बदलते हैं। कहा जाता है कि इस लकड़ी को देखने वाले की मृत्यु निश्चित है।
रथ यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व- Jagannath Rath Yatra 2025
जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भक्तों को एकजुट करती है और सभी के बीच समानता का संदेश देती है। मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने से पुराने कर्मों का बोझ हल्का होता है और मन को शांति मिलती है।
इसके अलावा, यह यात्रा भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को भी दर्शाती है। पुरी का यह उत्सव विश्व भर में प्रसिद्ध है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की मांग भी उठती रही है।
रथ यात्रा में शामिल होने के लाभ- Jagannath Rath Yatra 2025
आध्यात्मिक शांति: रथ यात्रा में भाग लेने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
पुण्य की प्राप्ति: रथ खींचने या यात्रा में शामिल होने से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है।
सामाजिक एकता: यह यात्रा सभी धर्मों और समुदायों को एक मंच पर लाती है।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 एक ऐसा पवित्र अवसर है, जो भक्तों को भगवान जगन्नाथ के करीब लाता है। यह यात्रा न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक है, बल्कि यह हमें विनम्रता, सेवा और समानता का पाठ भी पढ़ाती है। यदि आप इस साल पुरी की इस पवित्र यात्रा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो अपने मन को भक्ति और श्रद्धा से भर लें। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की यह यात्रा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए।