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  • Railway Fare May Hike: 1 जुलाई से बदल सकते हैं ट्रेन टिकटों के दाम, लंबी दूरी की यात्रा होगी महंगी!

    Railway Fare May Hike: 1 जुलाई से बदल सकते हैं ट्रेन टिकटों के दाम, लंबी दूरी की यात्रा होगी महंगी!

    Railway Fare May Hike: रेलवे से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को जल्द ही झटका लग सकता है। भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से नई फेयर पॉलिसी लागू करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत एसी और नॉन एसी कोच के किराए में प्रति किलोमीटर दर के हिसाब से इजाफा किया जाएगा। यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड द्वारा तैयार कर रेल मंत्रालय को भेजा गया है और अंतिम मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।

    क्या है प्रस्तावित बदलाव?

    नई फेयर पॉलिसी के तहत:

    • नॉन एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को प्रति किलोमीटर 1 पैसा अधिक देना होगा।
    • वहीं एसी कोच में यात्रा करने वालों को 2 पैसे प्रति किलोमीटर का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
    • सेकेंड क्लास यात्रियों को 500 किमी से अधिक की दूरी पर आधा पैसा प्रति किलोमीटर की दर से किराया देना होगा।

    500 किलोमीटर से ज्यादा सफर करने वालों पर असर

    यह बदलाव सिर्फ लंबी दूरी की यात्रा (500 किमी से अधिक) पर लागू होगा। इसका मतलब है कि रोजाना के लोकल यात्रियों या कम दूरी पर सफर करने वालों पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। यह बढ़ोतरी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी और नॉन एसी डिब्बों तक ही सीमित रहेगी।

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    कम दूरी की यात्रा अब भी किफायती

    रेलवे ने स्पष्ट किया है कि 500 किलोमीटर तक की यात्रा करने वालों के टिकट की दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इस बदलाव का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना है, लेकिन आम यात्रियों पर न्यूनतम प्रभाव डालने की कोशिश की गई है।

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    किराया कितना बढ़ेगा?

    आइए एक उदाहरण से समझते हैं –
    अगर आप 600 किलोमीटर का सफर करते हैं:

    • नॉन एसी मेल/एक्सप्रेस ट्रेन में: 600×1 पैसा = ₹6 का अतिरिक्त खर्च
    • एसी कोच में: 600×2 पैसा = ₹12 का अतिरिक्त खर्च

    हालांकि यह वृद्धि मामूली लग सकती है, लेकिन भारी संख्या में यात्रा करने वाले यात्रियों के हिसाब से यह रेलवे के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी ला सकती है।

    रेल मंत्रालय की मुहर बाकी

    यह पूरा प्रस्ताव फिलहाल रेल मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। एक बार स्वीकृति मिल जाने पर यह नई दरें 1 जुलाई 2025 से देशभर में लागू कर दी जाएंगी। मंत्रालय का कहना है कि नई नीति पारदर्शी और संतुलित होगी।

    https://nationnowsamachar.com/entertainment/panchayat-season-4-review-manjudevi-vs-kranti-election-war-review/
  • Agni-5 conventional missile: पलक झपकते ही होगा किराना हिल्स का खात्मा! ये मिसाइल तैयार कर रहा भारत, जानिए खासियत

    Agni-5 conventional missile: पलक झपकते ही होगा किराना हिल्स का खात्मा! ये मिसाइल तैयार कर रहा भारत, जानिए खासियत

    Agni-5 conventional missile: भारत अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा चुका है। अब अग्नि-V मिसाइल का एक पारंपरिक (गैर-परमाणु) संस्करण विकसित किया जा रहा है, जिसमें अत्याधुनिक एयरबर्स्ट और बंकर-बस्टर वारहेड शामिल होंगे। इस मिसाइल की रेंज 2000 से 2500 किलोमीटर तक सीमित होगी, लेकिन यह 7.5 टन के भारी वारहेड से लैस होगी, जो दुश्मन के सैन्य ढांचों को एक झटके में तबाह करने में सक्षम होगी।

    https://nationnowsamachar.com/national/india-nuclear-weapons-bharat-parmanu-shakti-pakistan-chin-takkar/

    अग्नि-V का नया पारंपरिक संस्करण: क्यों है खास?- Agni-5 conventional missile

    मौजूदा अग्नि-V मिसाइल एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जिसकी रेंज 7000 किलोमीटर से ज्यादा है और यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। लेकिन अब DRDO इसके एक पारंपरिक संस्करण पर काम कर रहा है, जो दो मुख्य प्रकार के वारहेड के साथ आएगा:

    अग्नि-V मिसाइल का एक पारंपरिक (गैर-परमाणु) संस्करण (फोटो- इंटरनेट)

    1. एयरबर्स्ट वारहेड:

    • हवा में फटने वाला यह वारहेड बड़े क्षेत्र में तबाही मचाने की क्षमता रखता है।
    • यह सैन्य ठिकानों, रनवे, रडार और एयरबेस जैसे ढांचों को निष्क्रिय कर सकता है।
    • इसका असर व्यापक होता है, जिससे दुश्मन की पूरी सैन्य संरचना अस्थिर हो सकती है।

    2. बंकर-बस्टर वारहेड:

    • यह वारहेड 80-100 मीटर गहरे भूमिगत बंकरों और परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • स्टील और कंक्रीट की मोटी दीवारों को भेदने की क्षमता रखता है।
    • यह विशेष रूप से चीन और पाकिस्तान के गुप्त ठिकानों को टारगेट करने के लिए उपयोगी होगा।

    तकनीकी विशेषताएं

    • रेंज: 2000-2500 किमी (कम रेंज का कारण भारी वारहेड पेलोड है)
    • गति: मैक 24 (लगभग 29,400 किमी/घंटा) – दुनिया की सबसे तेज़ मिसाइलों में शामिल
    • लॉन्च सिस्टम: कैनिस्टर आधारित – कहीं भी, कभी भी तैनाती योग्य
    • नेविगेशन: रिंग लेजर गायरोस्कोप, नैविक और GPS आधारित सिस्टम – 10 मीटर से कम CEP (Circular Error Probable)
    • सामग्री: हल्के कंपोजिट मैटेरियल का उपयोग – 20% वजन में कमी, प्रदर्शन में वृद्धि

    विकास की स्थिति- Agni-5 conventional missile

    DRDO ने इस पारंपरिक संस्करण के डिजाइन और इंजीनियरिंग पर कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि इसका परीक्षण अभी लंबित है। DRDO द्वारा मार्च 2024 में “मिशन दिव्यास्त्र” के तहत MIRV (Multiple Independently targetable Reentry Vehicle) अग्नि-V का सफल परीक्षण किया गया था। अब यह तकनीक पारंपरिक संस्करण में भी इस्तेमाल की जा सकती है।

    क्षेत्रीय प्रभाव: पाकिस्तान और चीन पर नजर- Agni-5 conventional missile

    पाकिस्तान:

    • रेंज में पूरा पाकिस्तान: 2000-2500 किमी की रेंज पाकिस्तान के हर कोने तक पहुंचती है।
    • बंकर टारगेटिंग: किराना हिल्स जैसे भूमिगत ठिकानों पर हमला कर उन्हें नष्ट किया जा सकता है।
    • एयरबेस टारगेटिंग: पेशावर, कराची, इस्लामाबाद जैसे सैन्य हवाई अड्डे निष्क्रिय किए जा सकते हैं।
    • रणनीतिक संदेश: भारत की नो-फर्स्ट यूज नीति मजबूत होगी, लेकिन जवाबी हमला और भी ताकतवर होगा।

    चीन:

    • हालांकि रेंज चीन के अधिकतर हिस्से को कवर नहीं करती, लेकिन तिब्बत, युन्नान और शिनजियांग जैसे बॉर्डर क्षेत्रों के मिलिट्री बेस इस मिसाइल के रडार पर होंगे।
    • चीन के बंकर आधारित कमांड सेंटरों को भी टारगेट किया जा सकता है।
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    क्या यह सैन्य रणनीति में बदलाव है?

    बिल्कुल। अब भारत केवल परमाणु हथियारों पर निर्भर नहीं है। यह पारंपरिक स्ट्राइक क्षमता न केवल दुश्मन को चेतावनी देती है, बल्कि सीमित युद्ध के परिदृश्य में भी एक निर्णायक बढ़त देती है। इस मिसाइल की मौजूदगी भारत को एक मजबूत ‘डेटरेंस’ क्षमता प्रदान करती है, जिससे बिना परमाणु हथियारों का प्रयोग किए ही प्रभावी सैन्य कार्रवाई की जा सकेगी।

    एक्सपर्ट व्यू:- Agni-5 conventional missile

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि पारंपरिक अग्नि-V का विकास भारत की “सर्जिकल स्ट्राइक से आगे” सोच को दर्शाता है। यह मिसाइल युद्ध की शुरुआत नहीं, बल्कि मजबूती से जवाब देने की तैयारी है। ट्विटर/X पर सैन्य मामलों के जानकार @InsightGL ने कहा – “यह मिसाइल किराना हिल्स के प्रवेश द्वार को नष्ट करने से आगे बढ़कर पूर्ण विनाश कर सकती है।”

    भारत की पारंपरिक अग्नि-V मिसाइल आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय रणनीतिक समीकरण को बदल सकती है। यह सैन्य शक्ति को सटीकता, गति और क्षमता से लैस करेगी। भारत अब केवल न्यूक्लियर पावर नहीं, बल्कि एक स्मार्ट स्ट्रैटेजिक फोर्स बनने की ओर बढ़ रहा है।

    https://nationnowsamachar.com/international/iran-israel-war-oil-price-impact-on-india-economy/


  • International Yoga Day 2025: 11वीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने वैश्विक संतुलन का किया आह्वान

    International Yoga Day 2025: 11वीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने वैश्विक संतुलन का किया आह्वान

    International Yoga Day 2025: 21 जून, 2025 को पूरी दुनिया ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण का उत्साहपूर्वक उत्सव मनाया। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया। अपने प्रेरणादायक भाषण में, उन्होंने योग की वैश्विक यात्रा और इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने योग को एक ऐसी शक्ति बताया, जो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि वैश्विक शांति और एकता को भी बढ़ावा देती है।

    योग की वैश्विक यात्रा- International Yoga Day 2025

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2014 में हुई, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को योग दिवस के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को 175 देशों का समर्थन मिला, जो वैश्विक एकता का प्रतीक था। पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक पल को याद करते हुए कहा, “यह केवल एक प्रस्ताव का समर्थन नहीं था, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए एक सामूहिक प्रयास था।” आज, योग दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। चाहे वह दिव्यांग व्यक्ति हों, जो योग शास्त्र पढ़ रहे हैं, या अंतरिक्ष में वैज्ञानिक, जो योग का अभ्यास कर रहे हैं, योग ने सभी सीमाओं को पार कर लिया है।

    योग: शांति और संतुलन का विज्ञान- International Yoga Day 2025

    पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत योग के वैज्ञानिक आधार को आधुनिक शोध के माध्यम से और मजबूत कर रहा है। देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान योग के लाभों पर शोध कर रहे हैं, ताकि इसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति में शामिल किया जा सके। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और आंतरिक शांति प्रदान करने में भी मदद करता है। पीएम मोदी ने कहा, “योग हमें सिखाता है कि हम अलग-थलग नहीं हैं; हम प्रकृति का अभिन्न अंग हैं।”

    योग को जन आंदोलन बनाने की अपील- International Yoga Day 2025

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 का थीम “Yoga for One Earth, One Health” वैश्विक स्वास्थ्य और सामंजस्य की दिशा में एक कदम है। पीएम मोदी ने योग को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आइए, योग को एक वैश्विक संकल्प बनाएं, जो शांति, स्वास्थ्य और समरसता की ओर ले जाए।” स्कूलों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर योग सत्रों को बढ़ावा देकर, हम इसे एक सामूहिक जिम्मेदारी बना सकते हैं।

    वैश्विक एकता के लिए योग- International Yoga Day 2025

    पीएम मोदी ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को योग की शुरुआत के रूप में मनाया जाए, जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन जाए। उन्होंने कहा, “हर देश और समाज को योग को एक साझा जिम्मेदारी बनाना चाहिए।” योग का अभ्यास न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ाता है। यह हमें “मैं” से “हम” की ओर ले जाता है, जो एकता और सह-अस्तित्व का आधार है।

    योग की सांस्कृतिक जड़ें- International Yoga Day 2025

    योग भारत की प्राचीन परंपराओं में निहित है और केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है। यह आत्म-खोज और आध्यात्मिक विकास का एक विज्ञान है। पीएम मोदी ने कहा, “योग हमें भारत की संस्कृति के मूल्यों – सेवा, समर्पण और सह-अस्तित्व – से जोड़ता है।” जब व्यक्ति अपने हितों से ऊपर उठकर समाज के लिए सोचता है, तभी मानवता का कल्याण होता है।

    योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं- International Yoga Day 2025

    पीएम मोदी ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। प्राणायाम, आसन और ध्यान जैसे सरल अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। समुदायों को स्कूलों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर योग सत्र आयोजित करने चाहिए। विश्व भर में सरकारें और संस्थान योग के लाभों को मान्यता दे रहे हैं और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में शामिल कर रहे हैं।

    एक टिकाऊ भविष्य के लिए योग- International Yoga Day 2025

    योग का प्रकृति के साथ सामंजस्य पर जोर इसे स्थिरता के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बनाता है। यह व्यक्तियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। पीएम मोदी का “Yoga for One Earth, One Health” का दृष्टिकोण व्यक्तिगत और ग्रहीय कल्याण को जोड़ता है।

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 ने योग की वैश्विक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा। विशाखापट्टनम में पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन ने योग के शांति, स्वास्थ्य और एकता को बढ़ावा देने की शक्ति को रेखांकित किया। योग को अपनाकर, हम एक ऐसी दुनिया बना सकते हैं जहां आंतरिक शांति वैश्विक सामंजस्य का मार्ग बने। आइए, हम योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ, शांतिपूर्ण और एकजुट दुनिया की दिशा में योगदान दें।

  • एक्सप्लेनर: परमाणु शक्ति में भारत का नया रिकॉर्ड! पाकिस्तान से आगे, क्या अब चीन से टक्कर लेने की तैयारी?- India nuclear weapons

    एक्सप्लेनर: परमाणु शक्ति में भारत का नया रिकॉर्ड! पाकिस्तान से आगे, क्या अब चीन से टक्कर लेने की तैयारी?- India nuclear weapons

    लेखक: संदीप कुमार
    स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की एक ताजा रिपोर्ट ने दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है।

    India nuclear weapons: हाल ही में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की एक ताजा रिपोर्ट ने दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है। जनवरी 2025 तक भारत के पास 180 परमाणु हथियार हो गए हैं, जो पाकिस्तान के 170 हथियारों से अधिक हैं। यह पहली बार है जब भारत ने परमाणु हथियारों की संख्या में अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को पीछे छोड़ा है। पिछले दो सालों में भारत ने 16 नए परमाणु बम बनाए, जबकि पाकिस्तान का परमाणु जखीरा पिछले तीन सालों से स्थिर है।

    इस बदलाव ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या भारत अब केवल पाकिस्तान को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति नहीं बना रहा? क्या इसका लक्ष्य अब चीन जैसे बड़े खिलाड़ी से टक्कर लेना है? इस लेख में हम भारत की परमाणु शक्ति में आए इस बदलाव, इसके कारणों, और भविष्य की रणनीति को विस्तार से समझेंगे।

    पिछले दो सालों में भारत की परमाणु शक्ति में क्या बदलाव आया?

    SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2023 से 2025 तक अपने परमाणु हथियारों की संख्या में लगातार इजाफा किया है। 2023 में भारत के पास 164 परमाणु हथियार थे, जो 2024 में बढ़कर 172 हो गए, और अब 2025 में यह आंकड़ा 180 तक पहुंच चुका है। लेकिन यह सिर्फ संख्या का खेल नहीं है। भारत ने अपनी परमाणु ताकत को नई तकनीकों और डिलीवरी सिस्टम के साथ और मजबूत किया है।

    1. कैनिस्टराइज्ड मिसाइलें और MIRV तकनीक: भारत ने हाल के वर्षों में कैनिस्टराइज्ड मिसाइलों पर जोर दिया है। ये मिसाइलें परमाणु हथियारों को तेजी से तैनात करने में सक्षम हैं और इन्हें आसानी से छिपाया जा सकता है। इसके अलावा, भारत की अग्नि-5 मिसाइल में मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स (MIRVs) तकनीक होने की संभावना है। यह तकनीक एक मिसाइल को कई अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता देती है, जिससे भारत की रणनीतिक ताकत कई गुना बढ़ जाती है।
    2. परमाणु पनडुब्बियां और डिलीवरी सिस्टम: भारत ने अपनी परमाणु त्रिकोणीय रणनीति (land, sea, air) को मजबूत करने के लिए INS अरिहंत और अन्य परमाणु पनडुब्बियों पर काम तेज किया है। ये पनडुब्बियां समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता रखती हैं, जो भारत को दूसरी स्ट्राइक क्षमता प्रदान करती हैं। यानी, अगर भारत पर पहला परमाणु हमला होता है, तो भी वह जवाबी हमला करने में सक्षम होगा।
    3. अग्नि-6 और लंबी दूरी की मिसाइलें: भारत अब अग्नि-6 मिसाइल पर काम कर रहा है, जिसकी रेंज 6,000 से 8,000 किलोमीटर तक हो सकती है। यह मिसाइल न केवल पाकिस्तान, बल्कि चीन के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकती है। यह भारत की रणनीति में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है, जो अब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहता है।
    INS अरिघात (INS Arighat) 29 अगस्त 2024 को भारतीय नौसेना में शामिल हुई, जो पानी के अंदर से परमाणु हथियार लॉन्च करने में सक्षम।

    दूसरी ओर, पाकिस्तान ने पिछले कुछ सालों में अपने परमाणु हथियारों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं की है। हालांकि, वह फिसाइल मटेरियल (परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी सामग्री) जमा कर रहा है और शॉर्ट-रेंज टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों पर ध्यान दे रहा है। ये हथियार छोटे क्षेत्रों में तेजी से इस्तेमाल के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, खासकर भारत के साथ सीमा पर संभावित युद्ध की स्थिति में।

    भारत ने पहले क्यों रखे कम परमाणु हथियार?

    ऐतिहासिक रूप से भारत के पास हमेशा पाकिस्तान से कम परमाणु हथियार रहे हैं। इसके पीछे कई रणनीतिक और भौगोलिक कारण थे:

    1. ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति: भारत ने 1998 के परमाणु परीक्षण के बाद ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति अपनाई, जिसका मतलब है कि भारत कभी पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। इस नीति के तहत भारत का ध्यान ‘मिनिमम क्रेडिबल डिटरेंस’ पर रहा, यानी इतने हथियार रखना कि जवाबी हमले से दुश्मन को भारी नुकसान हो। इस वजह से भारत ने कम लेकिन शक्तिशाली हथियारों पर ध्यान दिया, जबकि पाकिस्तान ने ‘फर्स्ट यूज’ नीति के तहत ज्यादा हथियार बनाए।
    2. पाकिस्तान का छोटा क्षेत्रफल: भारत का क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर है, जबकि पाकिस्तान का सिर्फ 7.96 लाख वर्ग किलोमीटर। छोटे क्षेत्रफल वाले देश को कम हथियारों से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता है, क्योंकि इसके सैन्य और आर्थिक केंद्र कम दूरी पर स्थित हैं। भारत ने इस आधार पर कम लेकिन शक्तिशाली न्यूट्रॉन, फिजन, और थर्मोन्यूक्लियर बम बनाए, जो 1.5 से 20 किलोमीटर के दायरे में तबाही मचा सकते हैं।
    3. संसाधनों का सीमित उपयोग और तकनीकी फोकस: 1990 और 2000 के दशक में भारत का परमाणु कार्यक्रम शुरुआती दौर में था। भारत ने अपने संसाधनों को न केवल परमाणु हथियारों, बल्कि आर्थिक विकास, सैन्य आधुनिकीकरण, और वैज्ञानिक अनुसंधान में भी निवेश किया। भारत ने हथियारों की संख्या से ज्यादा उनकी गुणवत्ता पर ध्यान दिया, जैसे कि अग्नि मिसाइलें, परमाणु पनडुब्बियां, और MIRV तकनीक। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों को प्राथमिकता दी और इसे अपनी रक्षा का आधार बनाया।
    4. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: 1998 के परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे, जिससे फिसाइल मटेरियल की उपलब्धता सीमित थी। वहीं, पाकिस्तान को चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों से मदद मिली। 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के बाद भारत को फिसाइल मटेरियल की आपूर्ति बढ़ी, जिसने इसके परमाणु कार्यक्रम को गति दी।
    INS अरिहंत भारत की पहली स्वदेशी परमाणु शक्ति से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) है। इसे 2016 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जो भारत की परमाणु त्रिकोण (Nuclear Triad) को पूर्ण करता है। यह पनडुब्बी गुप्त रूप से समुद्र में रहकर परमाणु जवाबी हमले की क्षमता प्रदान करती है।

    🌍 टॉप 10 परमाणु संपन्न देश और उनके लड़ाकू विमान (2025 अनुमान)

    रैंकदेशपरमाणु हथियार (बम)लड़ाकू विमान (Fighter Jets)
    1️⃣रूस5,5801,500+
    2️⃣अमेरिका5,2441,900+
    3️⃣चीन500–6001,600+
    4️⃣फ्रांस290270+
    5️⃣ब्रिटेन (UK)225130+
    6️⃣पाकिस्तान170350+
    7️⃣भारत180600+
    8️⃣इज़राइल~90 (गोपनीय)250+
    9️⃣उत्तर कोरिया50–60~40 (सक्रिय संचालन में बहुत कम)
    🔟ईरान0 (अभी परीक्षण/अविकसित)300+ (अधिकांश पुराने मॉडल)

    🔍 प्रमुख बिंदु:

    • रूस और अमेरिका के पास विश्व के कुल परमाणु हथियारों का लगभग 90% हिस्सा है।
    • चीन अपने परमाणु जखीरे को तेजी से बढ़ा रहा है, हर साल 100 तक नए हथियार जोड़ रहा है।
    • भारत और पाकिस्तान में संख्या तुलनात्मक रूप से कम है, लेकिन तकनीकी विकास जारी है (जैसे MIRV, कैनिस्टर मिसाइलें)।
    • इज़राइल अपने परमाणु कार्यक्रम की पुष्टि नहीं करता, लेकिन अनुमान है कि उसके पास 80-90 बम हैं।
    • ईरान के पास फिलहाल सक्रिय परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन उसका कार्यक्रम दुनिया के लिए चिंता का विषय है।

    भारत की परमाणु-सक्षम मिसाइलें

    – तीनों माध्यमों से परमाणु हमले की ताकत (Land, Sea, Air Launch Capable)

    मिसाइल का नामरेंजमिसाइल प्रकारपरमाणु क्षमतालॉन्च माध्यमविशेषताएं
    अग्नि-5~5,500 किमीबैलिस्टिक (ICBM)✔️भूमि (Mobile Launcher)MIRV तकनीक, पूरे चीन को कवर करता है
    अग्नि-4~4,000 किमीबैलिस्टिक✔️भूमिरणनीतिक गहराई से हमला
    अग्नि-3~3,500 किमीबैलिस्टिक✔️भूमिभारी वॉरहेड क्षमता
    अग्नि-2~2,000 किमीबैलिस्टिक✔️भूमिरेलवे प्लेटफॉर्म से तैनात
    प्रथ्वी-II~350 किमीबैलिस्टिक (SRBM)✔️भूमिकम दूरी का सामरिक उपयोग
    K-15 (सागरिका)~750 किमीSLBM (Submarine Launched)✔️INS अरिहंत (पनडुब्बी)पहले से तैनात परमाणु SLBM
    K-4~3,500 किमीSLBM✔️INS अरिघात व भविष्य की SSBNsलंबे रेंज की समुद्री परमाणु मार
    निर्भय~1,000 किमीक्रूज़ मिसाइलसंभावित ✔️भूमि / हवाई प्लेटफॉर्मरडार से बचने वाली लंबी उड़ान
    ब्रह्मोस (परमाणु नहीं)~450–800 किमीसुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल❌ (अभी नहीं)जल / भूमि / वायुभविष्य में परमाणुकरण संभव

    क्या भारत अब पाकिस्तान और चीन से एक साथ निपट सकता है?

    SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास 600 परमाणु हथियार हैं, जो भारत से तीन गुना से भी ज्यादा हैं। इसके अलावा, चीन हर साल 100 नए हथियार जोड़ रहा है और उसके पास 350 इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBMs) भी हैं, जो रेगिस्तान और पहाड़ों में तैनात हैं। अगर पाकिस्तान (170 हथियार) और चीन (600 हथियार) को जोड़ा जाए, तो यह भारत की तुलना में चार गुना ज्यादा है।

    फिर भी, भारत की रणनीति अब बदल रही है। भारत की अग्नि-6 मिसाइल और परमाणु पनडुब्बियां इसे लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता दे रही हैं। ORF के सीनियर फेलो सुशांत सरीन का कहना है कि भारत की रणनीति अब केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। भारत यह संदेश देना चाहता है कि वह पाकिस्तान और चीन के साथ दो मोर्चों पर एक साथ मुकाबला करने में सक्षम है।

    भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति इसे नैतिक रूप से मजबूत बनाती है, लेकिन जवाबी हमले की क्षमता को और बढ़ाने की जरूरत है। भारत अब अपनी परमाणु त्रिकोणीय रणनीति को मजबूत कर रहा है, जिसमें जमीन, समुद्र, और हवा से हमला करने की क्षमता शामिल है। यह रणनीति भारत को दोनों पड़ोसियों के खिलाफ मजबूत स्थिति में ला सकती है।

    भारत की भविष्य की रणनीति

    भारत का परमाणु कार्यक्रम अब क्षेत्रीय शक्ति से वैश्विक शक्ति की ओर बढ़ रहा है। अग्नि-6, MIRV तकनीक, और परमाणु पनडुब्बियों के साथ भारत न केवल पाकिस्तान, बल्कि चीन जैसे बड़े देशों को भी जवाब देने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, चीन की सैन्य और परमाणु ताकत अभी भी भारत से काफी आगे है।

    भारत को अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कूटनीतिक रणनीति पर भी ध्यान देना होगा। पाकिस्तान और चीन की बढ़ती साझेदारी भारत के लिए एक चुनौती है, लेकिन भारत की तकनीकी प्रगति और रणनीतिक नीतियां इसे इस चुनौती से निपटने में सक्षम बना रही हैं।

    भारत ने परमाणु हथियारों की संख्या में पाकिस्तान को पीछे छोड़कर एक नया इतिहास रचा है। यह बदलाव न केवल भारत की रक्षा रणनीति को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति को भी सुदृढ़ करता है। हालांकि, चीन के साथ तुलना में भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है। भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति और तकनीकी प्रगति इसे एक जिम्मेदार और शक्तिशाली परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। क्या भारत भविष्य में चीन से भी टक्कर ले पाएगा? यह समय और भारत की रणनीति पर निर्भर करता है।

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    सोर्स- BHASKER

  • FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: सड़क परिवहन मंत्रालय ने निजी वाहन चालकों के लिए टोल प्लाजाओं पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 17 जून को एक्स (X) के जरिए FASTag आधारित वार्षिक पास (Annual FASTag Pass) को लॉन्च करने की घोषणा की।

    यह नई व्यवस्था 15 अगस्त 2025 से देशभर में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य टोल पर बार-बार रिचार्ज करने के झंझट को खत्म करना, टोल लेन में भीड़ को कम करना और तेज व सुगम यात्रा को सुनिश्चित करना है। FASTag annual pass launch

    क्या है FASTag एनुअल पास?FASTag annual pass launch

    यह एक वार्षिक सब्सक्रिप्शन आधारित पास होगा जो केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (जैसे कार, वैन, जीप आदि) के लिए मान्य होगा। इसकी कीमत ₹3000 प्रति वर्ष रखी गई है।

    इस पास की प्रमुख विशेषताएं हैं:

    • 1 वर्ष या 200 ट्रिप्स तक मान्य (जो पहले पूरा हो, वही मान्य होगा)
    • एक बार भुगतान के बाद पूरे वर्ष टोल की चिंता नहीं
    • देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू
    • FASTag तकनीक आधारित लेन-देन
    FASTag annual pass launch

    📆 कब और कैसे मिलेगा पास?

    नितिन गडकरी ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से यह योजना लागू हो जाएगी। इसके लिए NHAI या MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट या राजमार्ग यात्रा ऐप पर एक विशेष लिंक जारी किया जाएगा, जहां से लोग FASTag एनुअल पास को खरीद या रिन्यू कर सकेंगे।

    🚗 किसके लिए होगा पास?FASTag annual pass launch

    यह पास केवल निम्नलिखित वाहन श्रेणियों के लिए मान्य होगा:

    • निजी उपयोग की कारें
    • वैन
    • जीप

    महत्वपूर्ण: यह सुविधा व्यावसायिक वाहनों (जैसे ट्रक, टैक्सी, बस आदि) के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

    कम होगा वेटिंग टाइम, बढ़ेगी यात्रा की सुगमता

    इस पास के आने से टोल प्लाज़ाओं पर बार-बार भुगतान की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे टोल बूथ पर वेटिंग टाइम घटेगा, जिससे ना सिर्फ यातायात तेज होगा, बल्कि टोल से जुड़ी झड़पों व विवादों में भी कमी आएगी।

    सरकार की मंशा: पारदर्शिता और सुलभता

    सरकार इस नई नीति के तहत 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा होने जैसी स्थितियों से उपजे विवादों को भी खत्म करना चाहती है। एक ही पास से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित होगा, जिससे शिकायतों की संभावना कम होगी।

    FASTag एनुअल पास के लाभ एक नजर में:

    लाभविवरण
    कीमत₹3000 प्रतिवर्ष
    वैधता1 साल या 200 यात्राएं
    वाहन श्रेणीकेवल निजी वाहन
    सुविधावेबसाइट या ऐप से सक्रिय
    असरटोल पर झंझट खत्म, यात्रा तेज़

    सोर्स- AAJ TAK

  • Ahmedabad Plane Crash: पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA मैच, राजकोट में होगा अंतिम संस्कार

    Ahmedabad Plane Crash: पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA मैच, राजकोट में होगा अंतिम संस्कार

    Ahmedabad Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI171) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघनीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 275 लोगों की जान चली गई। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। रविवार, 15 जून 2025 को अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि विजय रूपाणी के शव का DNA मैच हो गया है। अब उनका पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाएगा, और राजकोट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। Ahmedabad Plane Crash

    विजय रूपाणी: एक समर्पित राजनेता का अंत- Ahmedabad Plane Crash

    विजय रूपाणी, जो 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, इस हादसे के सबसे प्रमुख शिकार थे। 68 वर्षीय रूपाणी लंदन में अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। वह बिजनेस क्लास में सीट 2D पर यात्रा कर रहे थे। उनकी मृत्यु की खबर ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ा दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इसे पार्टी और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    रूपाणी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ था। 1976 में आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी हुई थी। राजकोट के मेयर, राज्यसभा सांसद, और गुजरात के परिवहन व जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। 2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भूपेंद्र पटेल ने उनकी जगह ली।

    DNA पहचान और शव सौंपने की प्रक्रिया- Ahmedabad Plane Crash

    हादसे की भयावहता के कारण अधिकांश शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके चलते DNA टेस्टिंग के जरिए पहचान की जा रही है। रविवार सुबह तक 248 शवों के DNA सैंपल लिए गए, जिनमें से 31 की पहचान हो चुकी है। इनमें से 20 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, और डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किए गए हैं।

    अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजनिश पटेल ने बताया, “हमने 31 शवों का DNA मिलान पूरा कर लिया है, और 12 शव परिजनों को सौंपे गए हैं। पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA भी मैच हो गया है।” शवों को उनके गृहनगर पहुंचाने के लिए 192 एम्बुलेंस और वाहनों को तैनात किया गया है। इसके लिए 230 टीमें बनाई गई हैं, जो परिजनों के साथ समन्वय कर रही हैं।

    विदेशी नागरिकों के परिजनों का अहमदाबाद आगमन- Ahmedabad Plane Crash

    विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। हादसे में मारे गए 11 विदेशी नागरिकों के परिजन रविवार को अहमदाबाद पहुंच सकते हैं। एयर इंडिया ने विदेशी नागरिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444) जारी किया है, ताकि उनके परिजनों को सहायता मिल सके। इसके अलावा, अहमदाबाद सिटी पुलिस ने भी हेल्पलाइन नंबर (079-25620359) उपलब्ध कराया है।

    ताबूतों की व्यवस्था और राहत कार्य- Ahmedabad Plane Crash

    हादसे के बाद शवों को उनके गृहनगर भेजने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 170 ताबूत बनाने का ऑर्डर दिया गया है, जिनमें से 100 ताबूत वडोदरा से अहमदाबाद लाए गए हैं। बाकी ताबूतों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राहत कार्यों में 100 फायर वाहन, 46 अर्थमूवर्स, और 591 सदस्यों की मेडिकल टीम तैनात है।

    गुजरात सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए शोक परामर्शदाताओं की नियुक्ति की है, ताकि वे इस मानसिक आघात से उबर सकें। अहमदाबाद नगर निगम ने मौके पर ही डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था की है, ताकि परिजनों को प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

    हादसे का प्रभाव और जांच- Ahmedabad Plane Crash

    इस हादसे में केवल एक यात्री, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विशवास कुमार रमेश, जीवित बचे। वे सीट 11A पर थे और आपातकालीन निकास द्वार से कूदकर बच गए। उनकी हालत स्थिर है, और वे सिविल अस्पताल में इलाजरत हैं।

    हादसे की जांच के लिए विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम सक्रिय है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जो दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद करेगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन पूर्ण जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

    राजकोट में शोक की लहर- Ahmedabad Plane Crash

    विजय रूपाणी के गृहनगर राजकोट में शोक की लहर है। शनिवार को शहर में आधे दिन का बंद रखा गया था। राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की अपील पर दुकानें, व्यवसाय, और 600 से अधिक स्कूल दोपहर तक बंद रहे। रूपाणी का अंतिम संस्कार राजकोट में होगा, जहां उनके परिवार और समर्थक उनकी अंतिम विदाई के लिए इकट्ठा होंगे।

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  • Ahmedabad plane crash: एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश में 265 की मौत, PM मोदी ने किया घटना स्थल का दौरा, जांच शुरू

    Ahmedabad plane crash: एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश में 265 की मौत, PM मोदी ने किया घटना स्थल का दौरा, जांच शुरू

    Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार, 12 जून 2025 को एक भीषण विमान हादसा हुआ, जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह विमान अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर रहा था। दोपहर करीब 1:38 बजे उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान मेघानी नगर के एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा गिरा। इस हादसे में 265 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल हैं। केवल एक यात्री, विशवासकुमार रमेश, चमत्कारिक रूप से जीवित बचे हैं।

    पीएम मोदी ने किया घटना स्थल का दौरा- Ahmedabad plane crash

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अहमदाबाद पहुंचकर घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। पीएम ने इस हादसे को “दिल दहला देने वाला” बताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुवार देर शाम क्रैश साइट का दौरा किया। उन्होंने बताया कि विमान में सवा लाख लीटर ईंधन था, जिसके कारण धमाका इतना भयंकर हुआ कि बचाव का समय ही नहीं मिला। Ahmedabad plane crash

    राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की छह टीमें, अग्निशमन विभाग, पुलिस और सेना के जवानों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। अब राहत और बचाव कार्य पूरा हो चुका है। हादसे में मारे गए लोगों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं, क्योंकि कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। सिविल अस्पताल में 265 शव रखे गए हैं, जिनमें जमीन पर मौजूद लोगों की भी मौत हुई है।

    विमान दुर्घटना की जांच दो स्तरों पर शुरू हो चुकी है। एयरक्रॉफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय समिति इसकी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पायलट ने उड़ान भरने के तुरंत बाद मेडे कॉल जारी की थी, जिसके बाद संपर्क टूट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों इंजनों में खराबी या पक्षी टकराने की घटना संभावित कारण हो सकती है। ब्लैक बॉक्स की खोज जारी है, जिससे हादसे के सटीक कारणों का पता चल सकता है। Ahmedabad plane crash

    मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये देगा टाटा ग्रुप- Ahmedabad plane crash

    इस हादसे में पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मारे गए। टाटा ग्रुप, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज का खर्च भी वहन किया जाएगा। Ahmedabad plane crash

    यह हादसा भारत के हाल के इतिहास में सबसे घातक विमान दुर्घटनाओं में से एक है। विश्व भर के नेताओं, जिसमें ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शामिल हैं, ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया है।

  • Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम रघुवंशी ने कबूली पति राजा की हत्या की साजिश!

    Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम रघुवंशी ने कबूली पति राजा की हत्या की साजिश!

    शिलांग: मेघालय में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या एक रची-बसी साजिश थी, जिसे मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर्स के साथ मिलकर अंजाम दिया। इंदौर के नवविवाहित जोड़े, राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी, अपने हनीमून के लिए मेघालय पहुंचे थे। लेकिन यह सपनों भरी यात्रा एक खौफनाक साजिश में बदल गई, जिसमें राजा की हत्या हो गई और सोनम ने इस अपराध में अपनी भूमिका कबूल कर ली। मेघालय पुलिस के ‘ऑपरेशन हनीमून’ ने इस मामले की परतें खोलकर सच को सामने लाया। आइए, इस रहस्यमयी हत्याकांड की पूरी कहानी जानते हैं।

    हनीमून से हत्या तक की कहानी- Raja Raghuvanshi Murder Case

    11 मई 2025 को इंदौर में राजा और सोनम की शादी हुई। यह एक खुशी का मौका था, जिसे दोनों परिवारों ने धूमधाम से मनाया। शादी के नौ दिन बाद, 20 मई को यह जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग रवाना हुआ। लेकिन 23 मई को सोहरा (चेरापूंजी) के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए। उनकी किराए की स्कूटी सुनसान जगह पर लावारिस मिली, जिसने पुलिस को इस मामले की गंभीरता का अहसास कराया।

    2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक खाई में राजा का शव मिला। पोस्टमॉर्टम से पता चला कि उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई थी। शव की पहचान राजा के हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू और स्मार्टवॉच से हुई। लेकिन सोनम का कोई सुराग नहीं था, जिसने जांच को और पेचीदा बना दिया।

    ऑपरेशन हनीमून: पुलिस की जांच ने खोला राज- Raja Raghuvanshi Murder Case

    मेघालय पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए ‘ऑपरेशन हनीमून’ शुरू किया। 120 पुलिसकर्मियों की एक विशेष जांच टीम (SIT) ने तीन राज्यों – मेघालय, मध्य प्रदेश, और उत्तर प्रदेश – में तफ्तीश शुरू की। पुलिस को 42 सीसीटीवी फुटेज, खून से सनी जैकेट, सोनम का रेनकोट, और हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार (खुखरी) जैसे पुख्ता सबूत मिले। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास से हथियार की बरामदगी ने जांच को नई दिशा दी।

    पुलिस ने सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। सबूतों के दबाव में सोनम टूट गई और उसने कबूल किया कि उसने राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर्स – आकाश राजपूत, विशाल उर्फ विक्की ठाकुर, और आनंद कुर्मी – के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची।

    प्रेम, धोखा, और हत्या- Raja Raghuvanshi Murder Case

    जांच में सामने आया कि सोनम का राज कुशवाह के साथ शादी से पहले से प्रेम संबंध था। परिवार के दबाव में उसने राजा से शादी की, लेकिन उसका दिल राज कुशवाह के लिए धड़कता रहा। शादी के तुरंत बाद उसने राजा को रास्ते से हटाने की साजिश शुरू कर दी। हनीमून के बहाने सोनम ने राजा को सोहरा के सुनसान इलाके में ले जाकर हत्यारों को उसकी लोकेशन भेजी।

    सोनम ने अपनी सास को फोन पर बताया कि वह अपरा एकादशी का व्रत रख रही है, लेकिन होटल रिकॉर्ड से पता चला कि उसने खाना खाया था। हत्या के बाद उसने राजा के सोशल मीडिया अकाउंट से ‘सात जन्मों का साथ है’ जैसी पोस्ट डालकर जांच को भटकाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज ने उसकी साजिश को बेनकाब कर दिया।

    9 जून को सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरेंडर कर दिया। राज कुशवाह को इंदौर से, आकाश राजपूत को ललितपुर से, विशाल ठाकुर को इंदौर से, और आनंद कुर्मी को मध्य प्रदेश के बीना से गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शिलांग लाया गया।

    राजा के भाई सचिन और पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम के लिए फांसी की सजा और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की मांग की। सचिन ने कहा, “सोनम ने हमारे भाई को धोखा दिया। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” दूसरी ओर, सोनम के भाई गोविंद ने हत्यारों के लिए फांसी की मांग की, लेकिन दावा किया कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी।

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    सोर्स- NBT

  • Raja Raghuvanshi murder case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, गाजीपुर से गिरफ्तार हुई पत्नी सोनम, सुनिए ढाबा मालिक की जुबानी

    Raja Raghuvanshi murder case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, गाजीपुर से गिरफ्तार हुई पत्नी सोनम, सुनिए ढाबा मालिक की जुबानी

    इंदौर/गाजीपुर/शिलांग: हनीमून पर गए इंदौर के नामी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi murder case) की हत्या और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी के रहस्यमयी तरीके से गायब होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। करीब दो हफ्ते से लापता सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर बदहवास हालत में मिली।

    बताया जा रहा है कि सोनम ने खुद ढाबा मालिक के फोन से अपने भाई गोविंद को कॉल किया और कहा – “मैं गाजीपुर में हूं, मुझे बचा लो।” सूचना मिलने के बाद परिजन और पुलिस हरकत में आए। फिलहाल सोनम को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। Raja Raghuvanshi murder case

    सोनम पर हत्या की साजिश का आरोप- Raja Raghuvanshi murder case

    इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेघालय पुलिस ने सोनम सहित चार लोगों को राजा की हत्या में गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि सोनम ने ही राजा की हत्या की सुपारी दी थी। मेघालय पुलिस के डीजीपी स्मति इदाशीशा नोंग्रांग ने पीटीआई के हवाले से बताया कि सोनम ने इंदौर से ही सुपारी किलर को शिलांग भेजा, जिन्होंने राजा की हत्या कर दी।

    📅 पूरी घटना की टाइमलाइन:

    • 11 मई 2025: राजा और सोनम की शादी इंदौर में हुई।
    • 21 मई: कपल शिलांग पहुंचा, बालादी गेस्ट हाउस में रुके।
    • 22 मई: दोनों कीटिंग रोड पर घूमने निकले, स्कूटर किराए पर ली।
    • 23 मई: परिवार से आखिरी बार बात हुई। इसके बाद दोनों के फोन बंद हो गए।
    • 2 जून: राजा की सड़ी-गली लाश वेई सॉडोंग वाटरफॉल के पास खाई में मिली।
    • स्कूटर लावारिस हालत में पास के सोहरारिम इलाके में मिला।
    • सोनम का कोई सुराग नहीं था, परिजनों को अपहरण या तस्करी की आशंका हुई।

    सोनम का लापता होना और परिवार की आशंका

    राजा का शव मिलने के बाद सोनम का कोई सुराग नहीं था। परिवार को आशंका थी कि सोनम का अपहरण कर लिया गया है या उसे मानव तस्करी का शिकार बनाया गया हो सकता है। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने शिलांग में सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया और पुलिस से बार-बार सीबीआई जांच की मांग की। परिवार ने मेघालय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि अगर समय पर कार्रवाई हुई होती, तो शायद सोनम सुरक्षित मिल सकती थी।

    सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय पुलिस और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में ढिलाई बरती और सबूतों को नष्ट होने दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेघालय के मुख्यमंत्री और पुलिस सोनम को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

    गाजीपुर में सोनम की गिरफ्तारी

    9 जून 2025 को इस केस में एक नाटकीय मोड़ आया, जब सोनम रघुवंशी गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र में एक ढाबे पर मिली। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सोनम बदहवास हालत में थी और उसने काले रंग की ड्रेस पहनी थी। उसने ढाबा मालिक के फोन से अपने भाई गोविंद को कॉल करके कहा, “मैं गाजीपुर के ढाबे पर हूं, मुझे बचा लो, यहां से ले जाओ।”

    गोविंद ने तुरंत इंदौर पुलिस को सूचित किया, जिसने गाजीपुर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सोनम को ढाबे से हिरासत में लिया और वन स्टॉप सेंटर में रखा। गाजीपुर पुलिस ने बताया कि सोनम से पूछताछ शुरू की गई है, लेकिन वह घबराई हुई है और ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही है।

    आधी रात काशी जायका ढाबे पर पहुंची सोनम, ढाबा मालिक से बातचीत

    मेघालय हत्याकांड में फरार चल रही सोनम रघुवंशी शनिवार रात करीब 1 बजे आकुशपुर स्थित काशी जायका ढाबा पर पहुंची। यहां ढाबा मालिक से फोन मांगकर उसने अपने परिजनों को कॉल किया और अपनी मौजूदगी की जानकारी दी। इसके बाद ढाबा मालिक ने भी पुलिस को इसकी सूचना दी। रात करीब 3-4 बजे के आसपास पुलिस मौके पर पहुंची और सोनम को जिला अस्पताल लेकर आई, जहां उसकी प्रारंभिक मेडिकल जांच की गई।

    मेघालय पुलिस का दावा: सोनम ने दी थी सुपारी

    मेघालय पुलिस ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया। मेघालय के डीजीपी स्मति इदाशीशा नोंग्रांग ने दावा किया कि सोनम ने ही अपने पति राजा की हत्या की सुपारी दी थी। उनके मुताबिक, इंदौर से सुपारी किलर शिलांग भेजे गए थे, जिन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। मेघालय पुलिस ने सोनम सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दावे ने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।

    हालांकि, सोनम के पिता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बेगुनाह है और मेघालय पुलिस उसे फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग दोहराई ताकि सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार और समाज की मांग: सीबीआई जांच

    इस मामले ने इंदौर और मेघालय में हलचल मचा दी है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने केंद्र सरकार और मेघालय प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। रघुवंशी समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की अपील की है।

  • PM Modi Kashmir visit: पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा; चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    PM Modi Kashmir visit: पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा; चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    श्रीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर (PM Modi Kashmir visit) के दौरे पर चिनाब ब्रिज और अंजनी पुल का उद्घाटन किया। दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, चिनाब ब्रिज, उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है। यह कश्मीर घाटी को साल भर शेष भारत से जोड़ेगा और कटरा-श्रीनगर की यात्रा को मात्र 3 घंटे में पूरा करेगा। इस अवसर पर पीएम ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई, जो क्षेत्र में तेज और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेगी। PM Modi Kashmir visit

    हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह पीएम का पहला कश्मीर दौरा है। उन्होंने 46 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी, जिससे जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। चिनाब ब्रिज न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि यह ‘दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी’ को भी कम करेगा। यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने में अहम भूमिका निभाएगी। PM Modi Kashmir visit

    पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि यह रेल लिंक कश्मीर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह कदम जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। PM Modi Kashmir visit