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  • CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

    CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

    नई दिल्ली: देश में बच्चों में तेजी से बढ़ रही टाइप-2 डायबिटीज और अत्यधिक शुगर सेवन (CBSE Sugar Board) की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने एक ऐतिहासिक और जागरूकता भरा कदम उठाया है. बोर्ड ने हाल ही में देशभर के सभी संबद्ध स्कूलों को आदेश दिया है कि वे 15 जुलाई 2025 तक ‘शुगर बोर्ड’ (Sugar Boards) अनिवार्य रूप से स्थापित करें. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अत्यधिक चीनी सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में जानकारी देना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस कदम की जमकर प्रशंसा की.

    बच्चों में बढ़ती टाइप-2 डायबिटीज चिंता का विषय- CBSE Sugar Board

    पिछले एक दशक में भारत में बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और शुगर से जुड़ी बीमारियों में चिंताजनक वृद्धि हुई है. यह बीमारियाँ पहले सिर्फ वयस्कों में देखी जाती थीं, लेकिन अब बच्चों में भी इनके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण स्कूलों में उपलब्ध मिठाइयों, चॉकलेट, मीठे पेय और जंक फूड्स की भरमार मानी जा रही है. CBSE Sugar Board

    क्या है ‘शुगर बोर्ड’?

    CBSE द्वारा निर्देशित ‘शुगर बोर्ड’ एक शैक्षिक उपकरण की तरह काम करेगा. यह बोर्ड स्कूलों की दीवारों पर लगाए जाएंगे और इनमें विभिन्न खाद्य व पेय पदार्थों में मौजूद शुगर की मात्रा को स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा. CBSE Sugar Board
    इस बोर्ड में निम्न जानकारियाँ दी जाएंगी:-

    • प्रति दिन शुगर सेवन की सिफारिशित मात्रा
    • लोकप्रिय खाद्य पदार्थों और पेयों में मौजूद शुगर की मात्रा
    • अत्यधिक चीनी सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
    • स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्पों के सुझाव

    इस पहल के अंतर्गत सभी स्कूलों को छात्रों के लिए हेल्थ अवेयरनेस सेमिनार, कार्यशालाएं और पोस्टर प्रदर्शनी भी आयोजित करनी होंगी.

    पीएम मोदी ने की सराहना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड में कहा –
    “आपने स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तो देखे होंगे, लेकिन अब कुछ स्कूलों में शुगर बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं. यह एक अनूठा प्रयास है जो बच्चों को छोटी उम्र से ही हेल्दी विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करेगा.”

    उन्होंने आगे कहा,
    “स्वस्थ जीवनशैली की आदतें बचपन से डालना जरूरी है. फिट इंडिया ही मजबूत भारत की नींव है। इस पहल को सिर्फ स्कूलों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि दफ्तरों, कैंटीनों और संस्थानों में भी इसे लागू करना चाहिए।”

    CBSE और NCPCR का निर्देश

    इस निर्णय के पीछे नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) की सिफारिश थी. बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर NCPCR ने CBSE को यह निर्देश दिया कि स्कूलों में शुगर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘शुगर बोर्ड’ अनिवार्य किए जाएं.

    CBSE ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल इस निर्देश का पालन करें और 15 जुलाई 2025 तक सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी कर लें। बोर्ड के मुताबिक, “अधिकांश बच्चों को यह जानकारी ही नहीं होती कि वे रोज़ कितनी चीनी का सेवन कर रहे हैं और उससे उनके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है.”

    स्कूलों में आयोजित होंगी वर्कशॉप्स

    CBSE ने कहा है कि स्कूल केवल बोर्ड लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी वर्कशॉप्स और सेमिनार्स भी नियमित तौर पर आयोजित करें. इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

    अभिभावकों की भी मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

    कई माता-पिता ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे बच्चों की आदतों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. एक अभिभावक ने बताया,
    “हम बच्चों को मिठाई और कोल्ड ड्रिंक से कितना भी रोकें, लेकिन जब तक स्कूल का वातावरण नहीं बदलेगा, तब तक सुधार मुश्किल है। CBSE का यह कदम स्वागतयोग्य है.”

    फिट इंडिया के साथ जुड़ता नया आयाम

    प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को अब शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूती मिलती दिखाई दे रही है. शुगर बोर्ड की यह पहल न सिर्फ स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाएगी बल्कि भारत को एक फिट और स्वस्थ राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

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    सोर्स- THE HINDU

  • Mann Ki Baat का 122वां एपिसोड: PM मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया बदलते भारत की तस्वीर

    Mann Ki Baat का 122वां एपिसोड: PM मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया बदलते भारत की तस्वीर

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” (Mann Ki Baat) के 122वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत की सशक्त भूमिका और गौरवशाली सैन्य पराक्रम की सराहना की. इस दौरान उन्होंने हाल में संपन्न हुए “ऑपरेशन सिंदूर” को विशेष रूप से रेखांकित किया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और बदलते राष्ट्रीय दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर उभरा है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज हर भारतीय का संकल्प है – आतंकवाद को जड़ से खत्म करना.” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा जिस साहस और सटीकता के साथ आतंकवादी ठिकानों पर प्रहार किया गया, वह “असाधारण और प्रेरणादायक” है. उन्होंने इसे केवल एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर, संकल्प और साहस का प्रतीक बताया. Mann Ki Baat

    https://twitter.com/DDNewsHindi/status/1926529918105727233

    ऑपरेशन सिंदूर: देशभक्ति की लहर और जनसहभागिता- Mann Ki Baat

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतवासियों के दिलों में देशभक्ति की एक नई ज्वाला जलाई है. कई शहरों, कस्बों और गांवों में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं. हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए, हाथों में तिरंगा लिए, अपने वीरों को नमन करने और राष्ट्र के प्रति समर्पण व्यक्त करने. Mann Ki Baat

    इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने भावुक होते हुए बताया कि कई परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जिससे यह अभियान लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. बिहार के कटिहार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और अन्य कई क्षेत्रों में यह देशभक्ति की भावना का नया प्रतीक बन गया. Mann Ki Baat

    उन्होंने आगे कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है. इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी और मजबूत हुई है.” यह बदलते भारत की झलक है – एक ऐसा भारत जो अब आतंक के हर स्वरूप का जवाब देने में सक्षम है. Mann Ki Baat

    सीमापार कार्रवाई: सेना की सटीकता को सराहा

    पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि सेना की रणनीति और संचालन में दिखी सटीकता अद्वितीय है. सीमापार जाकर दुश्मनों के अड्डों को तबाह करना और आतंकवादियों को जवाब देना, भारत की सैन्य क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में उन्नत दृष्टिकोण का प्रतीक है.

    उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ गोलियों और बंदूकों की कहानी नहीं, बल्कि भारत के बदलते आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की कहानी है. इसके बाद भारतवासियों ने न केवल सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, बल्कि जनजागरूकता अभियानों और शांति रैलियों में भी भाग लिया.

    शेरों के संरक्षण पर भी बोले प्रधानमंत्री

    इस बार के मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी चर्चा की. उन्होंने गुजरात के गिर वन में शेरों की संख्या में वृद्धि को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की.

    प्रधानमंत्री ने कहा, “शेरों की आबादी पिछले 5 वर्षों में 674 से बढ़कर 891 हो गई है. यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रमाण है.”

    उन्होंने कहा कि भारत अब न केवल आतंक के खिलाफ एकजुट है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है. शेरों की संख्या में यह वृद्धि सामूहिक प्रयासों, वन अधिकारियों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम है.

    वन विभाग में महिलाओं की भागीदारी

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर वन विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि अब अधिक महिलाएं वन रक्षकों और पर्यावरण अधिकारियों के रूप में कार्य कर रही हैं. यह न केवल लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक कदम है, बल्कि भारत के समावेशी विकास मॉडल को भी दर्शाता है.

    मन की बात बना राष्ट्रीय प्रेरणा का माध्यम

    ‘मन की बात’ के इस संस्करण ने एक बार फिर साबित किया कि यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज को दिशा देने का एक प्रभावशाली मंच बन गया है.

    ऑपरेशन सिंदूर और शेरों के संरक्षण जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाकर प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि एकजुटता, सम्मान और आत्मगौरव की भावना को भी मजबूती प्रदान की.

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  • Alert on Corona: 3 एशियाई देशों में कोरोना के 47,000 से ज्यादा केस, जानिए भारत का क्या है हाल

    Alert on Corona: 3 एशियाई देशों में कोरोना के 47,000 से ज्यादा केस, जानिए भारत का क्या है हाल

    नई दिल्ली: कोरोना का खतरा फिर लौट आया है. सिंगापुर, थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और चीन जैसे एशियाई देशों में कोविड (Alert on Corona) मामलों में तेज़ बढ़त देखने को मिल रही है. सिंगापुर में 13 मई तक 14,200 नए केस दर्ज किए गए, जबकि थाईलैंड में 17 मई तक 33,030 मामले सामने आए. भारत में भी 12 मई के बाद केसों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, हालांकि यहां अभी हालात गंभीर नहीं हैं.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 257 एक्टिव केस हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में केसों की संख्या अधिक देखी जा रही है. मुंबई में दो मरीजों की मौत भी हुई है, जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां थीं. विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है. Alert on Corona

    सिंगापुर में कोविड की स्थिति- Alert on Corona

    13 मई 2025 तक सिंगापुर में कोविड के कुल 14,200 नए मामले दर्ज किए गए. पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 11,100 था. अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़कर 133 हो गई है. हालांकि, सिंगापुर की कम्युनिकेबल डिजीजेज एजेंसी (CDA) का कहना है कि यह नया वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं है और इसका असर सामान्य फ्लू जैसा है.

    डॉक्टरों का कहना है कि यह कोविड संक्रमण 3-4 दिनों के फ्लू जैसा है और डरने की जरूरत नहीं है. वैक्सीनेटेड लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है.

    थाईलैंड में केस दोगुने- Alert on Corona

    थाईलैंड में 11 से 17 मई के बीच 33,030 कोविड मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले सप्ताह के मुकाबले दोगुने हैं. पिछले सप्ताह 16,000 केस रिपोर्ट हुए थे. राजधानी बैंकॉक में अकेले 6,290 केस सामने आए हैं.

    सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1,918 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. फिर भी थाई सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार हैं.

    Alert on Corona- भारत में कोविड का ताजा हाल

    भारत में 12-18 मई के बीच 164 नए केस रिपोर्ट हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 19 मई तक भारत में कुल 257 एक्टिव केस हैं. राज्यों में महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा केस मिले हैं.

    राज्यवार कोविड की स्थिति (मई 2025):

    राज्यएक्टिव केस (19 मई 2025)अस्पताल में भर्तीमौतें
    केरल95नहीं0
    तमिलनाडु66नहीं0
    महाराष्ट्र56 (राज्य दावा: 106)162

    केरल में मई के महीने में कुल 182 केस सामने आए हैं. कोट्टायम, एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जैसे जिलों में सबसे ज्यादा संक्रमण देखा गया.

    क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?

    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि भारत में ज्यादातर लोग वैक्सीनेटेड हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, जिन लोगों में लक्षण दिखें, उन्हें आइसोलेट होना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए.

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर का कहना है कि कोविड के साथ जीने की आदत बनानी होगी. लोग घबराएं नहीं, अगर जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.

    क्या वैक्सीन की फिर जरूरत है?

    अब तक कोई नया वैक्सीन प्रोटोकॉल नहीं घोषित किया गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन लोगों ने पहले टीकाकरण करवा लिया है, उन्हें गंभीर खतरा नहीं है. हालांकि, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

    कैसे बरतें सावधानी?

    • सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें.
    • लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट कराएं.
    • खुद को आइसोलेट करें.
    • बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
    • जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें.

    भारत में अब तक कोरोना की स्थिति

    भारत में कोरोना वायरस की पहली लहर 2020 की शुरुआत में आई, जिसने देश को अचानक से लॉकडाउन की स्थिति में पहुंचा दिया. मार्च 2020 में पूरे देश में पहला पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था, जिसने वायरस के प्रसार को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस दौरान सभी सार्वजनिक स्थान, कार्यालय, स्कूल और यातायात सेवाएं बंद कर दी गई थीं.

    दूसरी लहर, जो अप्रैल-मई 2021 में आई, सबसे विनाशकारी रही. डेल्टा वैरिएंट के कारण लाखों लोग संक्रमित हुए और देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिली. इस गंभीर संकट के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने अस्थाई कोविड सेंटर बनाए, ऑक्सीजन ट्रेनों की शुरुआत की और विदेशों से मेडिकल सहायता मंगवाई.

    भारत ने चलाया सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

    भारत सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत जनवरी 2021 में की. “कोविन” पोर्टल के माध्यम से वैक्सीनेशन की निगरानी की गई और करोड़ों लोगों को कोविशील्ड, कोवैक्सिन और बाद में बूस्टर डोज भी दी गई. यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बना.

    इसके साथ ही सरकार ने मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइज़र के उपयोग को अनिवार्य किया. समय-समय पर दिशा-निर्देश और कंटेनमेंट ज़ोन नीति लागू कर संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने की कोशिश की गई. इन प्रयासों से भारत ने कोरोना पर काफी हद तक नियंत्रण पाया.

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    सोर्स- भारत में कोविड-19 की स्थिति, NBT

  • Gold Price Today: 21 मई को सोना-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के ताज़ा रेट

    Gold Price Today: 21 मई को सोना-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के ताज़ा रेट

    नई दिल्ली: आज सोने और चांदी की कीमत में जबरदस्त (Gold Price Today) बढ़त देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 21 मई 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹1,645 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. यह अब ₹95,452 पर पहुंच गया है. इसी प्रकार, चांदी का दाम भी ₹1,775 बढ़कर ₹97,475 प्रति किलो हो गया है.

    सोने की कीमतों में इस साल अब तक ₹19,290 की उछाल आ चुकी है, जबकि चांदी में ₹11,458 की वृद्धि दर्ज की गई है. ये आंकड़े दर्शाते हैं कि निवेशकों का रुझान फिर से कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है.

    महानगरों में सोने की कीमतें (21 मई 2025)– Gold Price Today

    शहर22 कैरेट (10 ग्राम)24 कैरेट (10 ग्राम)
    दिल्ली₹89,450₹97,570
    मुंबई₹89,300₹97,420
    कोलकाता₹89,300₹97,420
    चेन्नई₹89,300₹97,420
    भोपाल₹89,350₹97,470

    2025 में अब तक की बढ़ोतरी

    • सोना (24 कैरेट):
      • 1 जनवरी 2025: ₹76,162
      • 21 मई 2025: ₹95,452
      • वृद्धि: ₹19,290
    • चांदी:
      • 1 जनवरी 2025: ₹86,017 प्रति किलो
      • 21 मई 2025: ₹97,475 प्रति किलो
      • वृद्धि: ₹11,458

    क्या साल के अंत तक ₹1.10 लाख तक पहुंचेगा सोना?

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के अंत तक सोना ₹1.10 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है. इंटरनेशनल मार्केट में 3,700 डॉलर प्रति औंस तक जाने का अनुमान है, जो भारत में सोने की कीमत को नए शिखर पर पहुंचा सकता है.

    गोल्डमैन सैक्स जैसे निवेश संस्थानों ने भी यही अनुमान जताया है. ऐसे में यह समय निवेश के लिहाज से बेहद उपयुक्त माना जा सकता है.

    सावधानी: सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

    • सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही लें.
    • हर हॉलमार्क सोने पर 6 अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification Number) होता है.
    • यह अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जैसे: AZ4524.
    • इससे आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि सोना कितने कैरेट का है.

    निवेशकों के लिए सलाह

    • सोने की कीमतों में जारी तेजी को देखते हुए यह दीर्घकालिक निवेश का उत्तम अवसर हो सकता है.
    • चांदी की कीमतें भी निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं.
    • कीमतें जिस तरह लगातार ऊपर जा रही हैं, विशेषज्ञों की राय में अब भी निवेश का सही समय है.

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    https://www.youtube.com/watch?v=pw0_xkwozgg&ab_channel=NATIONNOWSAMACHAR
  • VIJAY SHAH CONTROVERSY: सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को लगाई फटकार, 3 सदस्यीय SIT जांच के आदेश

    VIJAY SHAH CONTROVERSY: सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को लगाई फटकार, 3 सदस्यीय SIT जांच के आदेश

    नई दिल्ली: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह (VIJAY SHAH CONTROVERSY) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. इस बार मामला भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर उनके द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान से जुड़ा है. विजय शाह ने इंदौर के महू में 12 मई 2025 को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कर्नल सोफिया को “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया था. इस बयान ने न केवल देशभर में आक्रोश पैदा किया, बल्कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर दिया.

    19 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की दो सदस्यीय पीठ ने विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने शाह की माफी को खारिज करते हुए कहा, “आपने बिना सोचे-समझे आपत्तिजनक बयान दिया और अब माफी मांग रहे हैं. हमें आपकी माफी नहीं चाहिए.” कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि दोबारा माफी मांगने पर इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा.

    VIJAY SHAH CONTROVERSY
    सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को लगाई फटकार (Photo- Social Media)

    सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख और SIT जांच के आदेश (VIJAY SHAH CONTROVERSY)

    सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच समिति (SIT) के गठन का आदेश दिया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि SIT में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें से एक महिला IPS अधिकारी होगी. ये अधिकारी मध्य प्रदेश कैडर के होंगे, लेकिन मध्य प्रदेश से संबंधित नहीं होने चाहिए. SIT का नेतृत्व एक IG या DGP रैंक का अधिकारी करेगा, और बाकी दो सदस्य SP या उससे ऊपर के रैंक के होंगे.

    कोर्ट ने मध्य प्रदेश के DGP को 20 मई 2025 की रात 10 बजे तक SIT गठन करने का आदेश दिया. साथ ही, यह भी स्पष्ट किया कि विजय शाह को जांच में पूरा सहयोग करना होगा. हालांकि, कोर्ट ने शाह की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, लेकिन यह जोड़ा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. SIT को अपनी पहली स्थिति रिपोर्ट 28 मई 2025 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया गया है.

    “घड़ियाली आंसू नहीं चाहिए” – सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी (VIJAY SHAH CONTROVERSY)

    सुनवाई के दौरान विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने दलील दी कि शाह ने अपने बयान के लिए माफी मांगी है. इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “आपकी माफी कहां है? आप घड़ियाली आंसू बहाना चाहते हैं? इस तरह की भद्दी टिप्पणी करने के बाद आप माफी की बात करते हैं.” कोर्ट ने शाह के बयान को गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनशीलता की कमी वाला बताया.

    जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “आप एक सार्वजनिक व्यक्ति और अनुभवी राजनेता हैं. आपको अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए. यह मामला सशस्त्र बलों से जुड़ा है, और इसकी टाइमिंग बेहद संवेदनशील है. आपने पूरे देश को दुख पहुंचाया है.” कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या शाह ने अपना वीडियो देखा है, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था.

    मध्य प्रदेश पुलिस और सरकार पर भी सवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने पूछा, “हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से पहले आपने क्या किया? FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई?” कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पुलिस ने FIR में विजय शाह के नाम के आगे “श्री” लिखकर उन्हें सम्मान देने की कोशिश की, जिसे हाई कोर्ट ने पहले ही गलत ठहराया था.

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 14 मई 2025 को इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और DGP को चार घंटे के भीतर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने FIR की ड्राफ्टिंग पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें अपराध का जिक्र नहीं था. कोर्ट ने इसे “छल” करार देते हुए पुलिस को FIR में सुधार करने का निर्देश दिया था.

    कर्नल सोफिया कुरैशी और ऑपरेशन सिंदूर

    कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी. यह ऑपरेशन पाकिस्तान के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई थी, जिसने देशभर में कर्नल सोफिया को सुर्खियों में ला दिया. उनके साहस और समर्पण की देशभर में सराहना हुई, लेकिन विजय शाह के बयान ने इस उपलब्धि पर विवाद खड़ा कर दिया.

    विजय शाह ने अपने बयान में कथित तौर पर कहा था, “हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई.” यह बयान पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में था, लेकिन इसे कर्नल सोफिया से जोड़कर देखा गया. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद देशभर में विरोध शुरू हो गया.

    राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

    विजय शाह के बयान के बाद मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई. विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया और शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शाह को हटाने की अपील की. मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने भी सरकार पर निशाना साधा.

    महिला कांग्रेस ने भोपाल में विजय शाह के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की. इंदौर में एक महिला पार्षद ने शाह का मुंह काला करने वाले को 51,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की. दूसरी ओर, बीजेपी ने इस मामले में सतर्क रुख अपनाया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाह से स्पष्टीकरण मांगा, और पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत बयान करार दिया.

    विजय शाह का इतिहास और विवाद

    विजय शाह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की हरसूद विधानसभा सीट से आठ बार के विधायक हैं. वह पहली बार 1990 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे. जनजातीय कार्य मंत्री के रूप में उनकी सक्रियता के बावजूद, वह पहले भी महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए विवादों में रह चुके हैं. इस बार, हालांकि, मामला सेना और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा होने के कारण ज्यादा गंभीर हो गया है.

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    सोर्स- TV9

  • Jyoti Malhotra arrested: पाकिस्तान के लिए जासूसी में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा समेत 6 अरेस्ट, जानिए कैसे हुआ खुलासा

    Jyoti Malhotra arrested: पाकिस्तान के लिए जासूसी में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा समेत 6 अरेस्ट, जानिए कैसे हुआ खुलासा

    नई दिल्ली/हिसार: भारत में सोशल मीडिया की ताकत अब न केवल मनोरंजन और जानकारी तक सीमित रह गई है, (Jyoti Malhotra arrested) बल्कि अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही है. हरियाणा की चर्चित यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी इसी का ताजा उदाहरण है, जिसे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और भारतीय संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

    पुलिस ने उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से पांच दिन की रिमांड मिली है. इस पूरे मामले ने खुफिया एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है और सोशल मीडिया पर विदेशी एजेंटों की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

    Jyoti Malhotra arrested
    पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हुईं अरेस्ट ज्योति मल्होत्रा (Photo Social Media )

    ऐसे हुआ मामले का खुलासा- Jyoti Malhotra arrested

    जांच एजेंसियों के अनुसार, ज्योति की मुलाकात पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई थी. यह मुलाकात एक डिनर के दौरान हुई, जिसमें वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया. बाद में दानिश ने ज्योति की मुलाकात पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों (PIOs) से करवाई.

    कोड नाम ‘जट्ट रंधावा’ और एन्क्रिप्टेड चैटिंग- Jyoti Malhotra arrested

    ज्योति मल्होत्रा ने एक पाकिस्तानी एजेंट से ‘जट्ट रंधावा’ नाम से सेव कर बातचीत की, जिसका असली नाम शाकिर उर्फ राणा शाहबाज था. यह बातचीत व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर होती रही.

    किस आधार पर केस दर्ज हुआ?

    ज्योति पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धाराएं 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने उसकी लिखित स्वीकारोक्ति भी ली है और मामला हिसार की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग को सौंपा गया है.

    यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया का प्रभाव

    Travel with Jo‘ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति के चैनल पर 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं, जबकि इंस्टाग्राम हैंडल ‘travelwithjo1’ पर 1.32 लाख फॉलोअर्स हैं. उनके द्वारा दो महीने पहले पोस्ट किए गए वीडियो में पाकिस्तान के लाहौर, अनारकली बाजार, कटासराज मंदिर और अटारी-वाघा बॉर्डर को दिखाया गया था.

    पाकिस्तान यात्रा और एजेंटों से नजदीकी

    जांचकर्ताओं के अनुसार, ज्योति ने 2023 में पाकिस्तान यात्रा की थी, जिसके लिए उन्होंने कमीशन एजेंटों के जरिए वीजा प्राप्त किया. इसी यात्रा के दौरान वह दानिश के संपर्क में आई। दानिश को भारत में 13 मई, 2025 को ‘persona non grata’ घोषित कर निष्कासित कर दिया गया.

    सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी छवि सुधारने की साजिश

    एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर सकारात्मक छवि बनाने के लिए प्रभावशाली चेहरों का उपयोग किया. ज्योति को भी इसीलिए चुना गया और उनसे पाकिस्तान के पक्ष में वीडियो बनवाए गए.

    बड़ी साजिश का खुलासा: छह अन्य गिरफ्तार

    ज्योति के साथ-साथ छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है:

    • ग़ज़ाला (32) और यामीन मोहम्मद – मलेरकोटला, पंजाब से; दानिश के लिए फाइनेंशियल और वीज़ा मदद
    • देविंदर सिंह ढिल्लों – कैथल, हरियाणा से; पाकिस्तान यात्रा और सैन्य जानकारी साझा करने का आरोप

    ये गिरफ्तारियां हरियाणा के हिसार, कैथल, नूंह और पंजाब के मलेरकोटला से हुई हैं.

    जासूसी की गतिविधियां

    • सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान की सकारात्मक छवि प्रसारित करने का प्रयास
    • PIO से निकट संबंध बनाकर सूचनाएं साझा करना
    • दिल्ली स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों की जानकारी देना
    • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की पहचान का उपयोग खुफिया और प्रोपेगैंडा कार्यों में करना

    एजेंसियां अलर्ट, अन्य संभावित संपर्कों की जांच

    ज्योति की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों ने उसके मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया खातों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है. शक है कि उसके अन्य यूट्यूबर या डिजिटल पत्रकारों से भी संपर्क हो सकते हैं, जो अनजाने या जानबूझकर इस नेटवर्क का हिस्सा रहे हों.

    राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती

    इस पूरे मामले पर अभी तक किसी बड़े राजनेता की प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त संदेश दिया है कि राष्ट्रहित से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. यह गिरफ्तारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हो रहे देशद्रोही गतिविधियों को लेकर एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है.

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    SOURCE- TIMES OF INDIA, CNBC TV 18

  • MOHAN BHAGWAT ON PAKISTAN: “दुनिया आपकी ताकत देख चुकी है”: मोहन भागवत का पाकिस्तान पर दो टूक संदेश

    MOHAN BHAGWAT ON PAKISTAN: “दुनिया आपकी ताकत देख चुकी है”: मोहन भागवत का पाकिस्तान पर दो टूक संदेश

    जयपुर, राजस्थान: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (MOHAN BHAGWAT ON PAKISTAN) ने एक बार फिर भारत की शक्ति और भूमिका को वैश्विक मंच पर स्पष्ट करते हुए, पाकिस्तान पर दो टूक संदेश दिया. जयपुर के हरमाड़ा स्थित रविनाथ आश्रम में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि “दुनिया प्रेम और शांति की भाषा तभी सुनती है जब आपके पास शक्ति होती है.”

    MOHAN BHAGWAT ON PAKISTANभारत विश्व का सबसे प्राचीन राष्ट्र- भागवत

    डॉ. भागवत ने कहा कि भारत विश्व का सबसे प्राचीन राष्ट्र है, जिसकी भूमिका बड़े भाई जैसी है. उन्होंने बताया कि भारत शांति और सौहार्द का संदेश देता है लेकिन यह संदेश भी तब ही प्रभावशाली होता है जब हम शक्तिशाली हों. उन्होंने कहा “यह दुनिया का स्वभाव है, इसे बदला नहीं जा सकता.”

    धर्म आधारित जीवन शैली की सराहना

    उन्होंने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम, भामाशाह और भारतीय ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए भारत के त्याग और धर्म आधारित जीवन शैली की सराहना की. भागवत ने कहा कि भारत का कर्तव्य है कि वह दुनिया को धर्म और मानव कल्याण का मार्ग दिखाए, लेकिन इसके लिए शक्ति आवश्यक है.

    पाकिस्तान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “हम किसी से द्वेष नहीं रखते, लेकिन यदि कोई हमारी शांति को चुनौती देता है, तो हमें मुंहतोड़ जवाब देना आता है. हमारी शक्ति को अब दुनिया ने देख लिया है.”

    इस दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत को यदि वैश्विक स्तर पर मार्गदर्शक बनना है तो उसे सैन्य, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होना होगा. उनका यह बयान हाल ही में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर भारत की कड़ी कार्रवाई के संदर्भ में आया है.

    सम्मान समारोह में भावनाथ महाराज द्वारा मोहन भागवत को सम्मानित किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में RSS प्रचारक, संत समाज और श्रद्धालु उपस्थित रहे. भागवत ने रविनाथ महाराज के साथ अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा, “उनकी करुणा और मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक कार्यों की प्रेरणा मिलती है.”

    उन्होंने यह भी कहा कि “हिंदू धर्म का धर्म ही विश्व कल्याण है.” यह कार्य केवल सरकार या संगठन का नहीं, बल्कि संत समाज और जन-जन का है. उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपरा और धर्म की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया.

    मोहन भागवत का यह भाषण सिर्फ एक धार्मिक मंच से दिया गया वक्तव्य नहीं था, बल्कि भारत की बदलती रणनीतिक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण का स्पष्ट संकेत भी था. उनका संदेश यह था कि भारत अब केवल अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि शक्ति और नीति के समन्वय से विश्व नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है.

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  • JAISHANKAR MUTTAQI TALKS: जयशंकर-मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई वार्ता, वीजा और रिश्तों पर चर्चा

    JAISHANKAR MUTTAQI TALKS: जयशंकर-मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई वार्ता, वीजा और रिश्तों पर चर्चा

    नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (JAISHANKAR MUTTAQI TALKS) और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी के बीच गुरुवार रात को ऐतिहासिक फोन कॉल ने भारत और तालिबान सरकार के बीच पहली आधिकारिक मंत्रीस्तरीय बातचीत का रास्ता खोला. इस वार्ता में भारत-अफगान रिश्तों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

    जयशंकर ने इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए अफगान सरकार का धन्यवाद किया. साथ ही उन्होंने उन पाकिस्तानी आरोपों को खारिज करने के लिए भी शुक्रिया कहा, जिसमें पाकिस्तान ने यह दावा किया था कि भारतीय मिसाइलों ने अफगान क्षेत्र को टारगेट किया था.

    अफगान सरकार की वीजा और कैदियों को लेकर मांग- JAISHANKAR MUTTAQI TALKS

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान सरकार ने भारत से अफगान व्यापारियों और मरीजों के लिए वीजा देने की सुविधा की मांग की है. इसके अलावा, भारत में बंद अफगान नागरिकों को रिहा कर स्वदेश वापस भेजने का अनुरोध भी किया गया है.

    गौरतलब है कि भारत ने 25 अगस्त 2021 से अफगानिस्तान के लिए वीजा सुविधा बंद कर दी थी, जब तालिबान ने देश की सत्ता अपने हाथों में ली थी। सुरक्षा कारणों के चलते भारत ने यह फैसला लिया था. जयशंकर ने मुत्ताकी को भरोसा दिलाया कि भारत इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेगा और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगा.

    पुराने संबंधों को दोहराने की कोशिश

    जयशंकर ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भारत और अफगान जनता के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से गहरे संबंध हैं. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत इन संबंधों को मजबूत करना चाहता है और अफगान जनता की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगा.

    बातचीत की शुरुआत: मिसरी और मुत्ताकी की मुलाकात

    भारत और तालिबान सरकार के बीच बातचीत की शुरुआत इस साल जनवरी में हुई थी, जब दुबई में भारत के पूर्व राजदूत विक्रम मिसरी और अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी की मुलाकात हुई थी. उस समय मुत्ताकी ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जताई थी.

    इसके बाद 28 अप्रैल को विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी आनंद प्रकाश ने मुत्ताकी से मुलाकात की थी, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग को लेकर विचार-विमर्श हुआ था. अब एस. जयशंकर और मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई सीधी बातचीत ने इन प्रयासों को एक नई दिशा दी है.

    भारत की स्थिति: अब तक कोई मान्यता नहीं

    भारत ने अभी तक तालिबान सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है. हालांकि भारत ने पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान को लगभग 25,000 करोड़ रुपये की मदद दी है.

    तालिबान सरकार ने पिछले साल नवंबर में मुंबई स्थित अफगान वाणिज्य दूतावास में अपना डिप्लोमैट नियुक्त किया था। भारत ने इस नियुक्ति को आधिकारिक मान्यता तो नहीं दी, लेकिन दूतावास को काम करने दिया गया है.

    विशेषज्ञों की राय: तालिबान को भारत की जरूरत

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और तालिबान के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे नजदीकी बढ़ रही है. भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञ राघव शर्मा के अनुसार, भारत तालिबान को अब पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि तालिबान अब पाकिस्तान पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहता और भारत जैसे देशों से संबंध बनाकर यह दिखाना चाहता है कि उनके पास और भी विकल्प हैं.

    आगे की राह

    हालांकि भारत ने अब तक तालिबान को मान्यता नहीं दी है, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण और व्यापारिक हितों के चलते दोनों देशों के बीच बातचीत की राह खुलती जा रही है. जयशंकर और मुत्ताकी की बातचीत इसका प्रमाण है. अब यह देखना होगा कि आने वाले महीनों में यह संवाद किस दिशा में बढ़ता है, और क्या भारत तालिबान को मान्यता देने की ओर कदम बढ़ाता है या अभी प्रतीक्षा की नीति अपनाए रखता है.

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  • RAJNATH SLAMS PAKISTAN: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भुज में बोले रक्षामंत्री राजनाथ, ’23 मिनट में निपटा दिए दुश्मन”

    RAJNATH SLAMS PAKISTAN: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भुज में बोले रक्षामंत्री राजनाथ, ’23 मिनट में निपटा दिए दुश्मन”

    नई दिल्ली/भुज: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज एयर फोर्स स्टेशन (RAJNATH SLAMS PAKISTAN) का दौरा कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए वायुसेना के जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन में आतंकवाद के खिलाफ इतनी तेजी और सटीकता से कार्रवाई की कि जितनी देर में आम आदमी नाश्ता करता है, उतनी ही देर में दुश्मन को ध्वस्त कर दिया गया.

    “23 मिनट में दुश्मन खत्म” – राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को खुली चेतावनी

    रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे।” उन्होंने आगे कहा, “जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.”

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया. साथ ही, पाकिस्तान की कई प्रमुख सैन्य सुविधाओं को भी गंभीर क्षति पहुंचाई गई.

    वायुसेना बनी ‘स्काइफोर्स’, छू ली आसमान की नई ऊंचाई

    राजनाथ सिंह ने वायुसेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, “आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया, बल्कि उसे पूरी तरह से डेसीमेट भी किया.” उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अब एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ बन गई है जो शौर्य, पराक्रम और तकनीकी क्षमता में विश्व में अग्रणी मानी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब केवल आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ शस्त्रों और तकनीकों से सुसज्जित हो चुका है.

    ब्रह्मोस की मार से अंधेरे में दिखा दिन का उजाला

    रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल की चर्चा करते हुए कहा, “भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया.” उन्होंने कहा कि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम में DRDO द्वारा विकसित ‘आकाश’ मिसाइल और राडार प्रणाली की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. यह पहली बार है जब भारत ने बिना सीमा पार किए, लॉन्ग रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक से पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया है.

    बदल रही है भारत की युद्ध नीति और तकनीक

    राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत की युद्ध नीति और टेक्नोलॉजी दोनों में आमूलचूल परिवर्तन आ चुका है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब भारत मूल रूप से तैयार हथियारों और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के दम पर दुश्मन को मात दे सकता है.

    इस ऑपरेशन के दौरान, हाईपरसोनिक ड्रोन्स, स्टील्थ फाइटर जेट्स, और AI-नियंत्रित मिशन मैपिंग सिस्टम का उपयोग किया गया, जिसने पूरे मिशन को विश्व स्तर पर उल्लेखनीय बना दिया.

    पाकिस्तान को ‘शेर’ के जरिए चेताया

    अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने उर्दू शायर बशीर बद्र की एक प्रसिद्ध पंक्ति के जरिए पाकिस्तान को चेतावनी दी:

    “कागज़ का है लिबास, चराग़ों का शहर है;
    संभल-संभल के चलना, क्योंकि तुम नशे में हो.”

    यह शेर न केवल पाकिस्तान के खोखले आतंकी तंत्र पर चोट करता है, बल्कि भारत के बदले हुए रुख की झलक भी देता है.

    पाकिस्तान की जनता का टैक्स जा रहा आतंकवादियों की जेब में

    रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार आम नागरिकों से वसूले गए कर (टैक्स) का पैसा आतंकी संगठनों को दे रही है. उन्होंने बताया कि ‘जैश-ए-मुहम्मद’ के मुखिया मसूद अजहर, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है, को पाकिस्तान सरकार द्वारा 14 करोड़ रुपए की मदद दी गई. उन्होंने कहा कि ये स्थिति बेहद चिंताजनक है और पाकिस्तान को अब यह समझना होगा कि आतंक का कोई भविष्य नहीं है.

    दोनों मोर्चों पर भारतीय फौज सजग

    राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में श्रीनगर में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और अब देश के पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना कर्मियों से संवाद कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को हर स्थिति में सुरक्षित रखेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि भारत न केवल जवाब दे, बल्कि ऐसा जवाब दे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बने.

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    SOURCE- BHASKAR, AMAR UJALA

  • RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के कुछ ही दिन बाद, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT) का श्रीनगर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा. गुरुवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे राजनाथ सिंह का स्वागत जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया. यह दौरा तब हुआ है जब जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकी हमलों और सैन्य अभियानों के कारण सुर्खियों में है.

    बादामी बाग छावनी में पाकिस्तान को चेतावनी- RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT

    रक्षा मंत्री ने बादामी बाग छावनी पहुंचकर हाल ही में गिराए गए पाकिस्तानी मोर्टार शेल का निरीक्षण किया. वहां उन्होंने शहीद हुए जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी. सिंह ने कहा, “मैं उन बहादुर सैनिकों को नमन करता हूं जो आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हो गए. मैं पहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

    उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों द्वारा पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ जताया गया आक्रोश एक प्रेरणा है. उन्होंने कहा. “आपने जो जोश और साहस दिखाया है, उससे दुश्मन बुरी तरह हिल गया है. पाकिस्तानी चौकियों को जिस तरह तबाह किया गया है, वह पाकिस्तान के लिए चेतावनी है,”

    पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे. इस घटना ने घाटी की स्थिति को अस्थिर कर दिया. इसके जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें सीमापार स्थित आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई की गई. इसके बाद घाटी में तनाव और भी बढ़ गया. रक्षा मंत्री का यह दौरा इन परिस्थितियों में सेना और आम जनता के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है.

    स्कूलों के फिर से खुलने की घोषणा

    संघर्षविराम के बाद एक सकारात्मक संकेत के रूप में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में 15 मई से स्कूल खोलने की घोषणा की गई है. यह निर्णय जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में लागू होगा, जहां हाल के तनाव के कारण स्कूल बंद कर दिए गए थे.

    स्कूलों के खुलने से न केवल शिक्षा की बहाली होगी, बल्कि आम जनजीवन में सामान्य स्थिति की वापसी भी देखी जाएगी. जिन क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे उनमें शामिल हैं:

    • जम्मू: चौकी चौरा, भलवाल, डंसाल, गांधी नगर
    • कठुआ: बरनोटी, लखनपुर, सलान, घगवाल
    • राजौरी: पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल, दरहल
    • पुंछ: सुरनकोट, बफलियाज़

    यह निर्णय दर्शाता है कि प्रशासन अब आम नागरिकों के जीवन को सामान्य करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है.

    हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर शुरू

    कटरा से श्री माता वैष्णो देवी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी एक सप्ताह के निलंबन के बाद फिर शुरू कर दी गई है. यह सेवा सुरक्षा कारणों से बंद की गई थी, जिससे तीर्थयात्रियों को असुविधा हो रही थी. अब सेवाएं बहाल होने से न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी बल्कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है.

    आतंकियों पर भारतीय सेना की सख्त कार्रवाई

    भारतीय सेना ने हाल के हमलों का जवाब देते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया है. मंगलवार को शोपियां जिले में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LET) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. इनमें से एक शाहिद कुट्टे था, जो 8 अप्रैल को श्रीनगर के डेनिश रिसॉर्ट पर हुए हमले में शामिल था. उस हमले में दो जर्मन पर्यटक और एक स्थानीय ड्राइवर घायल हो गए थे.

    सेना की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

    सरकार और सेना का साझा संकल्प

    राजनाथ सिंह का दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है. सेना, सरकार और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से घाटी में शांति की संभावना मजबूत हुई है.

    ऑपरेशन सद्भावना‘ जैसी पहलें भी राज्य में सामाजिक समरसता और विश्वास की भावना को प्रोत्साहित कर रही हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं धीरे-धीरे ज़मीन पर उतर रही हैं.

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    SOURCE- JAGRAN , NDTV INDIA