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  • Noida Engineer Death News- नोएडा इंजीनियर युवराज मेहता मौत मामला: आरोपी बिल्डर अभय सिंह गिरफ्तार, IAS लोकेश एम. हटाए गए

    Noida Engineer Death News- नोएडा इंजीनियर युवराज मेहता मौत मामला: आरोपी बिल्डर अभय सिंह गिरफ्तार, IAS लोकेश एम. हटाए गए

    Noida Engineer Death News : नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमजेड विश्टाउन के मालिक अभय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई नॉलेज पार्क थाना पुलिस द्वारा की गई है। मामले में एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर को एफआईआर में नामजद किया गया है।इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए हैं। सोमवार को आईएएस अधिकारी लोकेश एम. को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) पद से हटा दिया गया और उन्हें वेटिंग में रखा गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद लिया गया।

    सेक्टर 150 में हुआ था दर्दनाक हादसा

    यह हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुआ था, जहां भारी बारिश के बाद सड़क किनारे 20 फीट से अधिक गहरे पानी से भरे गड्ढे में युवराज मेहता की कार गिर गई थी। हादसे में युवराज की मौके पर ही मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गड्ढा लंबे समय से मौजूद था और इसकी कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे।

    तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन में मिली कार

    मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे NDRF और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। हादसे वाले दिन युवराज का शव तो बरामद हो गया था, लेकिन कार को नहीं निकाला जा सका था। नाव की मदद से गोताखोर पानी में उतरे और करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद कार को ढूंढ लिया गया। फिलहाल कार दो बेसमेंट के बीच फंसी हुई है और उसे बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है।

    परिवार और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन

    युवराज मेहता के परिवार और स्थानीय निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण और रियल एस्टेट डेवलपर्स पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत या सुरक्षा इंतजाम किए जाते, तो यह हादसा नहीं होता। घटना के विरोध में परिजनों और लोगों ने पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन भी किया।

    SIT करेगी पूरे मामले की जांच

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। SIT का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ करेंगे। टीम में मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भी शामिल किया गया है। SIT को 5 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।सरकारी सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी तय किया जाएगा कि सड़क और क्षेत्र की देखरेख किस विभाग के जिम्मे थीजलभराव और गड्ढों की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई किन अधिकारियों और संस्थाओं की लापरवाही से युवराज की जान गईइस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

  • Cold Wave : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    Cold Wave : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    Cold Wave : देशभर के कई राज्यों में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार गिरते तापमान और ठंड से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासन ने विंटर वेकेशन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

    नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। पहले यह छुट्टियां 10 जनवरी तक निर्धारित थीं, लेकिन मौसम में सुधार न होने और ठंड के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

    जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह और देर शाम अत्यधिक ठंड व कोहरे के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    दिल्ली और हरियाणा में भी बढ़ा विंटर वेकेशन

    उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और हरियाणा में भी ठंड का कहर जारी है। इन राज्यों में भी न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली और हरियाणा सरकार ने भी 15 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।

    विशेष रूप से नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के छात्रों को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कई जगहों पर पहले ही ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

    अभिभावकों ने ली राहत की सांस

    स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाए जाने के फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जोखिम भरा हो गया था, खासकर कोहरे और शीतलहर के चलते।वहीं, स्कूल प्रबंधन भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कुछ निजी स्कूलों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जा सकती हैं।

    मौसम विभाग का अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

  • नोएडा सेक्टर-104: इंडियन ऑयल अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से मौत

    नोएडा सेक्टर-104: इंडियन ऑयल अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से मौत

    नोएडा के सेक्टर-104 स्थित एक हाई-राइज सोसायटी में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद सोसायटी में हड़कंप मच गया और पुलिस मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच में जुट गई। शुरुआती जांच में पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। मामला थाना सेक्टर 39 इलाके का है।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अनिल गर्ग के रूप में हुई है। वे मूल रूप से कानपुर के निवासी थे और वर्तमान में सेक्टर-104 की एटीएस वन हेमलेट सोसाइटी में रह रहे थे। उनके पिता अजय गर्ग (55) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस को मौके से मिला सुसाइड नोट मामले को गंभीरता से जांचने का आधार बना है। सुसाइड नोट में अनिल गर्ग ने लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से परेशान थे, लेकिन अपने परिवार से बेहद प्यार करते थे। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    सोसायटी के अन्य निवासियों ने बताया कि रविवार सुबह अचानक हड़कंप मच गया और लोग बाहर निकल आए। पुलिस ने सोसायटी के सभी कैमरों की फुटेज जांच के लिए जब्त कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर 39 की टीम लगातार घटनास्थल पर मौजूद है और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है।

    अनिल गर्ग की मौत ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और नोएडा के स्थानीय समाज में शोक की लहर फैला दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है और पुलिस को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है।

    स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाई-राइज सोसायटी में रहने वालों के लिए सतर्कता बढ़ाना जरूरी है। सोसायटी प्रबंधन ने भी सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का आश्वासन दिया है।पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामला सुसाइड या अन्य कारणों से जुड़ा है या नहीं, इसकी पूरी जांच की जाएगी। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कोर्ट निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।