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  • Jodhpur Cancer: इंसानियत को छू लेने वाला वीडियो, कैंसर पीड़ित छात्रा के लिए स्कूल ने मुंडवाया सिर

    Jodhpur Cancer: इंसानियत को छू लेने वाला वीडियो, कैंसर पीड़ित छात्रा के लिए स्कूल ने मुंडवाया सिर

    Jodhpur Cancer : राजस्थान के जोधपुर से एक ऐसा भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों की आंखें नम कर दी हैं। यह वीडियो कैंसर से जूझ रही एक स्कूली छात्रा से जुड़ा है, जिसके इलाज के दौरान बाल झड़ गए। जब छात्रा इस स्थिति से मानसिक रूप से टूटने लगी, तब उसके स्कूल के छात्रों और शिक्षकों ने एकजुट होकर ऐसा कदम उठाया, जो इंसानियत की मिसाल बन गया।

    कैंसर पीड़ित छात्रा के बाल झड़ने के बाद स्कूल में उसे अकेलापन और आत्मग्लानि महसूस हो रही थी। लेकिन जैसे ही यह बात स्कूल प्रशासन और सहपाठियों तक पहुंची, सभी ने मिलकर छात्रा का हौसला बढ़ाने का फैसला किया। स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान छात्रों, शिक्षकों और कुछ स्टाफ सदस्यों ने अपना सिर मुंडवा लिया, ताकि छात्रा यह महसूस न करे कि वह अकेली है।

    “तुम अकेली नहीं हो” का संदेश

    इस पहल का मकसद सिर्फ बाल मुंडवाना नहीं था, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही बच्ची को यह अहसास कराना था कि पूरा स्कूल उसके साथ खड़ा है। जब छात्रा ने अपने दोस्तों और शिक्षकों को मुंडा हुआ सिर देखकर देखा, तो वह भावुक हो गई। उसकी आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार ये आंसू दर्द के नहीं, बल्कि प्यार, सहानुभूति और अपनापन महसूस करने के थे।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक-एक कर छात्र अपने बाल कटवाते हैं और छात्रा को गले लगाकर उसका हौसला बढ़ाते हैं। लोग इस वीडियो को देखकर स्कूल प्रशासन और बच्चों की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    लोगों ने की जमकर सराहना

    सोशल मीडिया यूज़र्स इस वीडियो को इंसानियत, संवेदना और सच्ची दोस्ती की मिसाल बता रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि आज के समय में जब संवेदनाएं कमजोर होती जा रही हैं, ऐसे में यह घटना उम्मीद की एक नई किरण है। कुछ यूज़र्स ने इसे “सबसे खूबसूरत सपोर्ट सिस्टम” बताया, तो कुछ ने स्कूल को सलाम किया।

    स्कूल प्रशासन का बयान

    स्कूल प्रशासन ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से बच्चों और शिक्षकों की सहमति से लिया गया। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को मानवीय मूल्य और संवेदनशीलता सिखाना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है। प्रशासन ने यह भी बताया कि छात्रा का इलाज जारी है और स्कूल उसकी हर संभव मदद कर रहा है।

    एक छोटी पहल, बड़ा संदेश

    जोधपुर की यह घटना साबित करती है कि थोड़ा सा साथ और संवेदना किसी के जीवन में बड़ी ताकत बन सकती है। कैंसर से जूझ रही इस छात्रा के लिए स्कूल का यह कदम न सिर्फ भावनात्मक सहारा बना, बल्कि समाज को भी यह संदेश दे गया कि मुश्किल समय में साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है।

  • Mahakal Mandir Ujjain:महाकाल को अर्पित हुआ 2.35 किलो चांदी का मुकुट, भस्म आरती में दिखा आस्था का अद्भुत दृश्य

    Mahakal Mandir Ujjain:महाकाल को अर्पित हुआ 2.35 किलो चांदी का मुकुट, भस्म आरती में दिखा आस्था का अद्भुत दृश्य

    Mahakal Mandir Ujjain: उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान सोमवार को आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। गुजरात के जामनगर निवासी भक्त प्रदीप गुप्ता ने भगवान महाकाल को 2 किलो 350 ग्राम वजनी चांदी का मुकुट अर्पित किया। इस विशेष मुकुट को भस्म आरती के समय विधि-विधान के साथ बाबा महाकाल को धारण कराया गया, जिससे गर्भगृह की दिव्यता और भव्यता और अधिक बढ़ गई।

    यह चांदी का मुकुट विशेष रूप से भगवान शिव के चंद्रशेखर स्वरूप को दर्शाता है। मुकुट पर उकेरा गया चंद्रमा शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का प्रतीक है, जो शांति, शक्ति और सौम्यता का संदेश देता है। जैसे ही बाबा महाकाल को यह मुकुट पहनाया गया, गर्भगृह “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।

    भक्त प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी पिछली महाकाल यात्रा के दौरान बाबा से एक विशेष मनोकामना मांगी थी। महाकाल की कृपा से मात्र तीन महीनों के भीतर उनका विंड पावर प्रोजेक्ट तय समय से पहले पूरा हो गया। इस चमत्कारी अनुभव के बाद उन्होंने अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बाबा को यह मुकुट अर्पित करने का संकल्प लिया।

    प्रदीप गुप्ता ने कहा, “महाकाल की कृपा असीम है। जो भी सच्चे मन से बाबा से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यह मुकुट मेरी श्रद्धा और धन्यवाद का प्रतीक है।”

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म आरती में सम्मिलित होने वाले भक्तों को भगवान महाकाल का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी इच्छाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोर की इस दिव्य आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंचते हैं।मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने भी इस दान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे भेंट अर्पण भक्त और भगवान के बीच अटूट आस्था के संबंध को दर्शाते हैं। यह मुकुट अब महाकाल मंदिर की अमूल्य धरोहरों में शामिल हो गया है।

  • BJPPresidentElection: नितिन नबीन बने BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, 45 साल में सबसे युवा अध्यक्ष

    BJPPresidentElection: नितिन नबीन बने BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, 45 साल में सबसे युवा अध्यक्ष

    भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। खास बात यह है कि नितिन नबीन मात्र 45 साल की उम्र में भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। वे मंगलवार, 20 जनवरी को औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    अध्यक्ष बनने से पहले धार्मिक स्थलों पर जाएंगे

    राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने से पहले नितिन नबीन धार्मिक स्थलों का दौरा करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे मंगलवार सुबह अपने दिन की शुरुआत दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में पूजा-पाठ से करेंगे। इसके बाद वे वाल्मीकि मंदिर, हनुमान मंदिर और बंगला साहेब गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेकेंगे।

    नितिन नबीन का पूरा शेड्यूल

    • सुबह 8:00 बजे – झंडेवालान मंदिर
    • सुबह 8:30 बजे – मंदिर मार्ग स्थित वाल्मीकि मंदिर
    • सुबह 9:00 बजे – कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर
    • सुबह 9:30 बजे – बंगला साहेब गुरुद्वारा

    सबसे युवा BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष

    नितिन नबीन 45 वर्ष की उम्र में यह जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। इससे पहले भाजपा में सबसे कम उम्र में अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 साल की उम्र में यह पद संभाला था। नितिन नबीन के चयन को पार्टी नेतृत्व भविष्य की रणनीति और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के संकेत के तौर पर देख रही है।

    BJP के राष्ट्रीय अध्यक्षों का इतिहास

    भाजपा के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, जिन्होंने 1980 से 1986 तक यह पद संभाला। इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, के. जना कृष्णामूर्ति, वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा पार्टी अध्यक्ष रहे।राजनाथ सिंह और अमित शाह दोनों दो-दो बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। अब नितिन नबीन के रूप में पार्टी को नया और युवा नेतृत्व मिला है, जिससे आगामी चुनावी रणनीतियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।

  • HimachalPradesh : सिस्सू लेक हादसा: जमी बर्फ टूटी, रील बनाते समय दो पर्यटक डूबने से बचे

    HimachalPradesh : सिस्सू लेक हादसा: जमी बर्फ टूटी, रील बनाते समय दो पर्यटक डूबने से बचे

    HimachalPradesh : हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति ज़िले में भारी बर्फबारी के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बर्फ से ढके पहाड़, जमी झीलें और खूबसूरत नज़ारे सोशल मीडिया यूजर्स को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इसी बीच सिस्सू लेक हादसा सामने आया है, जिसने पर्यटकों की लापरवाही और प्राकृतिक खतरों को उजागर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, सिस्सू लेक की जमी हुई झील की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे। इन्हीं नजारों को करीब से कैमरे में कैद करने के लिए दो पर्यटक रील बनाते समय झील की जमी बर्फ पर उतर गए। शुरुआत में बर्फ मजबूत दिख रही थी, लेकिन कुछ ही पलों में झील की सतह का एक हिस्सा अचानक टूट गया। इससे दोनों पर्यटक संतुलन खो बैठे और बर्फीले पानी में डूबने लगे।

    घटना के वक्त वहां मौजूद अन्य पर्यटकों ने शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। सिस्सू लेक हादसा गंभीर रूप ले सकता था, लेकिन समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दोनों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी हालत स्थिर है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि सर्दियों में झील की सतह जमी हुई जरूर दिखाई देती है, लेकिन अंदर की बर्फ कमजोर होती है। ऐसे में झील पर चलना या फोटो और रील बनाने के लिए जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। सिस्सू लेक हादसा इसी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।

    घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर सावधानी बरतें और चेतावनी बोर्डों का पालन करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सिस्सू लेक और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है।

    पर्यटन विभाग ने भी साफ किया है कि बर्फबारी के बाद झीलों और ऊंचाई वाले इलाकों में खतरा बना रहता है। सिस्सू लेक हादसा पर्यटकों के लिए एक चेतावनी है कि प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

  • देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार पर चला बुलडोजर, मेन गेट–गुंबद ध्वस्त, सोमवार को फिर होगा बड़ा एक्शन

    देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार पर चला बुलडोजर, मेन गेट–गुंबद ध्वस्त, सोमवार को फिर होगा बड़ा एक्शन

    देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 साल पुरानी एक अवैध मजार पर बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के बाद की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।रविवार को शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई में मजार का मेन गेट, बाउंड्री वॉल, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद पूरी तरह तोड़ दिए गए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है और सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद फिर से बुलडोजर चलाया जाएगा, जिसमें मजार के बेसमेंट की छत और हॉल को ध्वस्त किया जाएगा।

    नगर पालिका ने पहले दिया था नोटिस

    नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस अवैध निर्माण को लेकर शुक्रवार को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट कहा गया था कि संबंधित मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई है और यदि स्वयं इसे नहीं हटाया गया, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद रविवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।

    भारी पुलिस बल रहा तैनात

    कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए कार्रवाई की निगरानी की गई ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

    अवैध दुकानें भी तोड़ी गईं

    प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मजार परिसर में बनी तीन दुकानें भी पूरी तरह अवैध थीं, जिन्हें ध्वस्तीकरण के दौरान गिरा दिया गया। इन दुकानों से लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जबकि इनके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।

    सोमवार को होगा दूसरा चरण

    नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सिर्फ ऊपरी ढांचे को गिराया गया है। सोमवार को दूसरे चरण में बेसमेंट की छत और हॉल को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया जाएगा।

    प्रशासन का बयान

    प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत की जा रही है। जिले में जितने भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, उन सभी के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

    इलाके में चर्चा का विषय

    50 साल पुरानी मजार पर हुई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे देर से उठाया गया कदम बता रहे हैं, तो कुछ प्रशासन की सख्ती की सराहना कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।

  • PM Modi Somnath Visit : पीएम मोदी—सोमनाथ का इतिहास विनाश नहीं, विजय और पुनर्निमाण का प्रतीक

    PM Modi Somnath Visit : पीएम मोदी—सोमनाथ का इतिहास विनाश नहीं, विजय और पुनर्निमाण का प्रतीक

    PM Modi Somnath Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ धाम में आयोजित ‘स्वाभिमान पर्व’ में भाग लिया। शौर्य यात्रा में शामिल होने और भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शन-पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निमाण का इतिहास है। यह हमारे पूर्वजों के पराक्रम, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आक्रांताओं ने बार-बार इस पवित्र धाम को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ

    पीएम मोदी ने कहा,“आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो बार-बार मन में यह प्रश्न उठता है कि ठीक 1000 वर्ष पहले इसी स्थान पर क्या माहौल रहा होगा। अपनी आस्था, अपने विश्वास और अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।”प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 1000 साल पहले आक्रांताओं को लगा था कि उन्होंने सब कुछ नष्ट कर दिया, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर पर लहराती ध्वजा पूरी दुनिया को भारत की शक्ति और सामर्थ्य का संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का कण-कण वीरता, साहस और आत्मबल का साक्षी है

    पीएम मोदी ने इस आयोजन को गर्व, गरिमा और गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें भारत की वैभवशाली विरासत, अध्यात्म की अनुभूति और महादेव का आशीर्वाद समाहित है। यह आयोजन न केवल इतिहास को स्मरण करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वाभिमान और आत्मगौरव का संदेश भी देता है।

  • Hijab Controversy India: “हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी, ये दिवास्वप्न है”, ओवैसी की बेटी पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का तीखा बयान

    Hijab Controversy India: “हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी, ये दिवास्वप्न है”, ओवैसी की बेटी पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का तीखा बयान

    Hijab Controversy India : देश के प्रसिद्ध कथावाचक और संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बेटी को लेकर दिए गए एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ओवैसी की हिजाब पहनने वाली बेटी के भविष्य में देश की प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को “दिवास्वप्न” करार दिया है। उनका यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं और सामाजिक चेतना बिल्कुल स्पष्ट हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर भविष्य में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनने वाली भारतीय महिला होगी। उनके इस बयान को सीधे तौर पर हिजाब और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है।

    बयान से मचा राजनीतिक घमासान

    रामभद्राचार्य के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। कुछ लोग इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे व्यक्तिगत आस्था और पहनावे पर टिप्पणी मानकर आलोचना कर रहे हैं।जगद्गुरु रामभद्राचार्य का कहना है कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है और देश का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को उसी परंपरा का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में महिला सशक्तिकरण का रास्ता परंपरा और आधुनिकता के संतुलन से होकर गुजरता है।

    ओवैसी परिवार पर टिप्पणी

    AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बेटी को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में राजनीतिक उत्तराधिकार, अल्पसंख्यक राजनीति और महिला नेतृत्व को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही हैं। हालांकि ओवैसी या उनकी पार्टी की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है।

    सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

    जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लोग दो धड़ों में बंट गए हैं। एक वर्ग जहां इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान की बात बता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे महिला की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देख रहा है।कुछ यूज़र्स का कहना है कि प्रधानमंत्री बनने की योग्यता पहनावे से नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता से तय होती है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि भारत की परंपराओं का सम्मान करना भी नेतृत्व का अहम हिस्सा है।

  • Somnath Shaurya Yatra: गुजरात दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी शिव भक्ति में लीन, डमरू बजाते दिखे

    Somnath Shaurya Yatra: गुजरात दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी शिव भक्ति में लीन, डमरू बजाते दिखे

    Somnath Shaurya Yatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शुक्रवार को उनकी यात्रा का दूसरा दिन है, जिसकी शुरुआत उन्होंने पवित्र तीर्थ स्थल सोमनाथ से की। सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में शामिल होकर पीएम मोदी ने उन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।यह शौर्य यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित की गई थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर 108 घोड़ों के साथ एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति और श्रद्धा से भर दिया। पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान पूरी तरह शिव भक्ति में लीन नजर आए।

    डमरू बजाते दिखे पीएम मोदी

    शौर्य यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग ही स्वरूप देखने को मिला। उन्होंने अपने दोनों हाथों में डमरू थाम रखा था और हाथ ऊपर उठाकर पूरे जोश के साथ डमरू बजाते दिखाई दिए। इस दौरान उनके चेहरे पर भक्ति और गर्व का भाव साफ झलक रहा था। पीएम मोदी का यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

    स्वाभिमान पर्व पर जनसभा को करेंगे संबोधित

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर पीएम मोदी कुछ देर में जनसभा को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस संबोधन में वे सोमनाथ के ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान पर प्रकाश डालेंगे। साथ ही गुजरात के विकास को लेकर भी बड़ा संदेश दे सकते हैं।

    पीएम मोदी का आज का पूरा शेड्यूल

    सोमनाथ कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। वे सोमनाथ से सीधे राजकोट के लिए रवाना होंगे। राजकोट में पीएम मोदी मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस, ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।इसके अलावा पीएम मोदी कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का भी उद्घाटन करेंगे और उद्योगपतियों, निवेशकों व उद्यमियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GIDC) के तहत 14 ग्रीनफील्ड स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट की घोषणा करेंगे, जो राज्य में निवेश और रोजगार को नई दिशा देंगे।

    मेडिकल डिवाइस पार्क और मेट्रो उद्घाटन

    राजकोट दौरे के दौरान पीएम मोदी GIDC के मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। यह पार्क हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में गुजरात को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगा।

    इसके बाद शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंचेंगे, जहां वे अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन करेंगे। यह मेट्रो लाइन सेक्टर-10A से महात्मा मंदिर तक चलेगी, जिससे शहरी परिवहन को बड़ी राहत मिलेगी।पीएम मोदी का यह दौरा एक बार फिर यह संदेश देता है कि उनकी सरकार के लिए धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और विकास तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सोमनाथ की धरती से शिव भक्ति और शौर्य की भावना को नमन करते हुए पीएम मोदी ने दिनभर के कार्यक्रमों में गुजरात के औद्योगिक और शहरी विकास को भी नई गति देने की तैयारी की है।

  • तलाक के 11 महीने बाद साथ दिख सकते हैं युजवेंद्र चहल  और Dhanashree! स्क्रीन शेयर करने की चर्चा तेज

    तलाक के 11 महीने बाद साथ दिख सकते हैं युजवेंद्र चहल और Dhanashree! स्क्रीन शेयर करने की चर्चा तेज

    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर-इन्फ्लुएंसर धनश्री वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह न तो क्रिकेट है और न ही कोई विवाद, बल्कि दोनों के एक साथ स्क्रीन शेयर करने की चर्चाएं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलाक के करीब 11 महीने बाद चहल और धनश्री अपने आपसी मतभेद भुलाकर किसी प्रोजेक्ट में साथ नजर आ सकते हैं।

    तलाक के बाद पहली बार साथ आने की अटकलें

    युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का तलाक पिछले साल काफी चर्चा में रहा था। दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया था, जिसके बाद वे अपनी-अपनी जिंदगी और करियर में आगे बढ़ते नजर आए। तलाक के बाद दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर कोई टिप्पणी नहीं की और अपनी पर्सनल लाइफ को निजी ही रखा।अब अचानक दोनों के एक ही स्क्रीन पर दिखने की खबरों ने फैंस को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि दोनों किसी एड, म्यूजिक वीडियो या डिजिटल प्रोजेक्ट में साथ नजर आ सकते हैं।

    फैंस में बढ़ी उत्सुकता

    जैसे ही यह खबर सामने आई, फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ गई। कुछ लोग इसे पेशेवर समझदारी का उदाहरण बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे नई शुरुआत से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, अभी तक चहल या धनश्री की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    फैंस का मानना है कि अगर यह सच होता है, तो यह दोनों के लिए एक मैच्योर और प्रोफेशनल कदम होगा, क्योंकि एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में इस तरह के उदाहरण कम देखने को मिलते हैं।

    प्रोफेशनल कारण हो सकता है वजह

    इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों की मानें तो यह साथ आना पूरी तरह से प्रोफेशनल कमिटमेंट हो सकता है। धनश्री वर्मा एक जानी-मानी डांसर और कंटेंट क्रिएटर हैं, जबकि युजवेंद्र चहल की लोकप्रियता क्रिकेट के साथ-साथ ब्रांड एंडोर्समेंट्स में भी काफी है।ऐसे में दोनों का किसी ब्रांड या डिजिटल कैंपेन के लिए साथ आना असामान्य नहीं माना जा रहा।

    सोशल मीडिया पर चर्चा का बाजार गर्म

    सोशल मीडिया पर #Chahal, #Dhanashree और #ChahalDhanashree जैसे कीवर्ड ट्रेंड करने लगे हैं। कुछ यूजर्स इसे फेक न्यूज बता रहे हैं, जबकि कई लोग आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहे हैं।

  • Call Forwarding Scam Alert: मोबाइल के इस फीचर से हो रही है बड़ी साइबर ठगी, I4C ने जारी किया अलर्ट

    Call Forwarding Scam Alert: मोबाइल के इस फीचर से हो रही है बड़ी साइबर ठगी, I4C ने जारी किया अलर्ट

    Call Forwarding Scam Alert : देश में साइबर ठगी के तरीके जिस तेजी से बदल रहे हैं, उसी रफ्तार से आम मोबाइल यूज़र्स की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। अब साइबर अपराधी फर्जी लिंक, नकली ऐप या OTP के जरिए नहीं, बल्कि मोबाइल के एक बेहद सामान्य और भरोसेमंद फीचर का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे हैं। इस नए खतरे को लेकर गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है।

    क्या है Call Forwarding Scam?

    I4C के मुताबिक, साइबर ठग अब मोबाइल के Call Forwarding फीचर का दुरुपयोग कर रहे हैं। आमतौर पर इस फीचर का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कोई व्यक्ति चाहता है कि उसकी कॉल किसी दूसरे नंबर पर ट्रांसफर हो जाए। लेकिन ठग इसी फीचर को अपने जाल में फंसाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

    इस ठगी की शुरुआत अक्सर एक सामान्य कॉल या मैसेज से होती है। कई मामलों में ठग खुद को कूरियर कंपनी, डिलीवरी एजेंट या बैंक प्रतिनिधि बताकर संपर्क करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपके नाम से कोई पार्सल आया है, जो किसी तकनीकी या कानूनी समस्या के कारण डिलीवर नहीं हो पा रहा।

    कैसे फंसते हैं लोग?

    ठग बातचीत को भरोसेमंद बनाने के लिए पीड़ित को एक SMS भेजते हैं। इस मैसेज में लिखा होता है कि समस्या सुलझाने के लिए आपको एक **USSD कोड (जैसे 401# या 21# जैसे नंबर) डायल करना होगा। जैसे ही यूज़र यह कोड डायल करता है, उसके मोबाइल की सभी कॉल्स ठगों के नंबर पर Call Forward हो जाती हैं।

    इसके बाद ठग बैंक, UPI या अन्य सेवाओं से आने वाली जरूरी कॉल्स को खुद रिसीव कर लेते हैं। कई मामलों में इसी प्रक्रिया के जरिए वे OTP हासिल कर लेते हैं और पीड़ित के बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

    क्यों है यह स्कैम ज्यादा खतरनाक?

    इस साइबर फ्रॉड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न तो किसी लिंक पर क्लिक करना होता है और न ही कोई ऐप डाउनलोड करना पड़ता है। इसलिए आम यूज़र को शक भी नहीं होता कि वह ठगी का शिकार हो रहा है। Call Forwarding एक वैध और भरोसेमंद फीचर है, इसी वजह से लोग आसानी से ठगों की बातों में आ जाते हैं।

    I4C की चेतावनी और बचाव के उपाय

    I4C ने साफ कहा है कि कोई भी कूरियर कंपनी, बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर USSD कोड डायल करने के लिए नहीं कहती।

    सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

    • अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
    • किसी के कहने पर USSD कोड डायल न करें
    • मोबाइल की Call Forwarding सेटिंग समय-समय पर चेक करें
    • संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
    • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें