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  • IndianRailways Update: रेल यात्रा हुई महंगी, 215 किमी से ज्यादा दूरी पर प्रति किमी 2 पैसे किराया बढ़ा

    IndianRailways Update: रेल यात्रा हुई महंगी, 215 किमी से ज्यादा दूरी पर प्रति किमी 2 पैसे किराया बढ़ा

    IndianRailways Update: नई दिल्ली।रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आज से यात्रा महंगी हो गई है। भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर से ट्रेन टिकट के किराए में बढ़ोतरी लागू कर दी है, जिसके तहत 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 पैसे अतिरिक्त किराया देना होगा।

    नए नियम के अनुसार, यदि कोई यात्री 215 किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सफर करता है, तो उसे बढ़े हुए किराए पर ही टिकट बुक कराना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यात्री 1000 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो उसे करीब 20 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। रेलवे के इस फैसले का असर लंबी दूरी के यात्रियों पर अधिक पड़ेगा।

    हालांकि रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी राहत भी दी है। 26 दिसंबर से पहले बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। ऐसे यात्रियों के टिकट पर संशोधित किराया नहीं दिखेगा और उन्हें पुरानी दरों पर ही यात्रा करने की अनुमति होगी।रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि आज या इसके बाद ट्रेन या स्टेशन पर TTE के माध्यम से टिकट बनवाने पर बढ़ा हुआ किराया लागू होगा। यानी ऑन-स्पॉट टिकट या यात्रा के दौरान टिकट लेने वाले यात्रियों को नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

    वहीं, रेलवे ने यह भी साफ किया है कि 215 किलोमीटर से कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा, मंथली सीजन टिकट (पास) और डेली पास होल्डर्स को भी इस बढ़ोतरी से राहत दी गई है। उनके किराए में किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई है।

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस किराया वृद्धि से रेलवे को सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। रेलवे ने इस फैसले की घोषणा 21 दिसंबर को की थी, जिसे अब लागू कर दिया गया है।

    रेलवे का कहना है कि यह कदम परिचालन लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के मद्देनज़र उठाया गया है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के बीच किराया बढ़ने से आम यात्रियों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

  • अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती: PM मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, बताया राजनीति की मिसाल

    अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती: PM मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, बताया राजनीति की मिसाल

    25 दिसंबर, देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती के अवसर पर राष्ट्र ने उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचकर अटल जी को पुष्पांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का एक आदर्श स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके व्यवहार, गरिमा और राष्ट्रीय हित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने देश की राजनीति में एक ऊँची मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन आज भी देशवासियों और जनप्रतिनिधियों को निरंतर प्रेरणा देता है।

    श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भी अटल जी को याद किया। उन्होंने लिखा कि“अटल जी का जीवन यह सिखाता है कि नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि आचरण से तय होता है।”पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्र के प्रति अटल जी की निष्ठा और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।

    देशभर में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, जहां उनके विचारों, कवि व्यक्तित्व और राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान को याद किया गया।

  • सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    सिद्धार्थनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। सदर थाना क्षेत्र के परसा महापात्र गांव निवासी 15 वर्षीय शाहिद का शव हरिराम के ईंट भट्ठे के पास स्थित तालाब के नजदीक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 बजे स्थानीय लोगों ने तालाब के पास एक किशोर का शव पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान शाहिद के रूप में की। मृतक के शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि भट्ठा मालिक अनूप, प्रमोद और गांव के रहने वाले गुलबाज़ ने शाहिद की बेरहमी से हत्या की है। आरोप है कि आरोपियों ने शाहिद को मोटरसाइकिल से बांधकर कुछ दूरी तक घसीटा और फिर लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।परिजनों ने बताया कि शाहिद करीब 15 दिन पहले मुंबई से घर लौटा था और हरिराम के भट्ठे पर काम कर रहा था। बुधवार सुबह करीब 6 बजे गुलबाज़ उसे बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद शाम को उसकी हत्या की खबर आई। इस घटना से पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/chhibramau-up-udyog-vyapar-mandal-52th-foundation-day/

    घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • अमेठी में युवक की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, 6 नामजद पर FIR

    अमेठी में युवक की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, 6 नामजद पर FIR

    उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां धारदार हथियार से हमला कर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों में गहरा आक्रोश है। यह मामला अमेठी युवक हत्या के रूप में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के पिंडारा ठाकुर गांव निवासी रत्नेश मिश्र (20 वर्ष) पुत्र संतोष मिश्रा मंगलवार शाम घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान गांव के ही आधा दर्जन से अधिक लोगों ने उन पर धारदार हथियार से अचानक हमला कर दिया। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं और आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही परिजन घायल युवक को तत्काल सीएचसी मुसाफिरखाना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रत्नेश मिश्र ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने दबिश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं।

    पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे।

    इस घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • विधानसभा में रागिनी सोनकर का सवाल: ‘I Love मोहम्मद’ कहना अपराध क्यों?

    विधानसभा में रागिनी सोनकर का सवाल: ‘I Love मोहम्मद’ कहना अपराध क्यों?

    उत्तर प्रदेश विधानसभा में वंदेमातरम् पर चल रही चर्चा के दौरान उस समय सियासी माहौल गर्म हो गया, जब समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने धार्मिक अभिव्यक्ति को लेकर तीखा सवाल उठाया। रागिनी सोनकर विधानसभा बयान के दौरान उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति “I Love जय श्री कृष्ण”, “I Love जीसस” या “I Love वाहेगुरु” कह सकता है, तो फिर “I Love मोहम्मद” कहने पर बच्चों को गिरफ्तार क्यों किया जा रहा है।

    रागिनी सोनकर ने सदन में सवालिया लहजे में कहा कि क्या यही वंदेमातरम् की भावना है, जिसमें समानता और सम्मान की बात की जाती है। उन्होंने इस मुद्दे को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपने विचार और आस्था प्रकट करने का अधिकार होना चाहिए।

    विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कुछ मामलों में धार्मिक पहचान के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई न केवल चिंताजनक है, बल्कि भविष्य के लिए भी गलत संदेश देती है।

    रागिनी सोनकर विधानसभा बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया, जबकि विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। धार्मिक सहिष्णुता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के दायरे को लेकर यह मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।

    फिलहाल, रागिनी सोनकर के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थक इसे साहसिक सवाल बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे अनावश्यक विवाद करार दे रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।

  • अमरोहा में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, बांग्लादेश हत्या मामले में चेतावनी

    अमरोहा में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, बांग्लादेश हत्या मामले में चेतावनी

    उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मंगलवार को हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में कथित रूप से हिंदू युवक दीपू दास की हत्या के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। अमरोहा हिंदू संगठन प्रदर्शन के दौरान गजरौला स्थित इंदिरा चौक पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और सड़क जाम कर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका।

    प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा में वहां की सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उनका कहना था कि दीपू दास की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नेताओं ने मांग की कि बांग्लादेश सरकार इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं ने चेतावनी भरे बयान भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि दीपू दास हत्या मामले में न्याय नहीं मिला तो इसका विरोध और व्यापक स्तर पर किया जाएगा। साथ ही भारत सरकार से मांग की गई कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाए, ताकि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    अमरोहा हिंदू संगठन प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-बांग्लादेश के बीच ऐसे मामलों में संवेदनशील कूटनीतिक संतुलन की आवश्यकता होती है, ताकि दोनों देशों के संबंधों पर असर न पड़े और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

  • Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में दिए गए अपने बयान में सीएम योगी ने साफ कहा कि यूपी के भीतर कोडीन कफ सिरप से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर NDPS एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी सरकार इस पूरे मामले में कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी और सरकार को पूरा विश्वास है कि वह इसे जीतेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता, बल्कि इसका निर्माण मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में किया जाता है। यूपी में केवल इसके स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं।

    नकली दवाओं के आरोप खारिज

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उठाए जा रहे नकली दवाओं से मौत के आरोपों पर सीएम योगी ने कहा कि शासन के संज्ञान में अब तक नकली दवाओं से हुई किसी भी मौत की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जिन मौतों की बात की जा रही है, वे अन्य राज्यों से संबंधित हैं, न कि उत्तर प्रदेश से।

    एसटीएफ की कार्रवाई और लाइसेंस विवाद

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में सबसे बड़े होलसेलर को सबसे पहले एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में उस होलसेलर को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लाइसेंस जारी किया गया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “देश के अंदर दो नमूने हैं—एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है, तो वे तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।” उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि यूपी सरकार कानून के तहत सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

  • T20 World Cup 2026 Team India में रिंकू सिंह का चयन, बहन का भावुक वीडियो वायरल

    T20 World Cup 2026 Team India में रिंकू सिंह का चयन, बहन का भावुक वीडियो वायरल

    T20 World Cup 2026 Team India का ऐलान होते ही क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह का माहौल बन गया है। इस टीम में युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह के चयन ने खास तौर पर सुर्खियां बटोरी हैं। चयन की खबर सामने आते ही रिंकू सिंह के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और इसी से जुड़ा एक भावुक पल अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सपना होता है। रिंकू सिंह ने घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि वह बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं। चयन की आधिकारिक पुष्टि होते ही रिंकू की बहन ने उन्हें वीडियो कॉल कर बधाई दी। इस दौरान दोनों की आंखें नम हो गईं और यह पल कैमरे में कैद हो गया।

    भावुक पल का वीडियो हुआ वायरल

    वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही बहन रिंकू सिंह को टीम इंडिया में चयन की बधाई देती हैं, उनकी आवाज भर्रा जाती है। रिंकू भी भावुक नजर आते हैं और यह पल दर्शकों के दिल को छू रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं और रिंकू सिंह की मेहनत की सराहना कर रहे हैं।

    मेहनत और संघर्ष की कहानी

    रिंकू सिंह का सफर आसान नहीं रहा है। सीमित संसाधनों से निकलकर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई। आईपीएल में लगातार दमदार प्रदर्शन और दबाव में मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें T20 World Cup 2026 Team India तक पहुंचाया है।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रिंकू सिंह का चयन टीम को मध्यक्रम में मजबूती देगा। वहीं, उनका यह भावुक पारिवारिक पल साबित करता है कि सफलता के पीछे संघर्ष और परिवार का समर्थन कितना अहम होता है।

  • Railway Group D Vacancy 2025: रेलवे में 22,000 पदों पर बंपर भर्ती, जानें आवेदन तिथि, योग्यता और चयन प्रक्रिया

    Railway Group D Vacancy 2025: रेलवे में 22,000 पदों पर बंपर भर्ती, जानें आवेदन तिथि, योग्यता और चयन प्रक्रिया

    Railway Group D Vacancy 2025: नई दिल्ली। रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेल मंत्रालय ने रेलवे ग्रुप D (लेवल-1) के तहत 22,000 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस भर्ती में ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्समैन, असिस्टेंट (ब्रिज), असिस्टेंट (TRD) सहित कई अहम पद शामिल हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा इसका नोटिफिकेशन 12 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है।

    कब शुरू होगा आवेदन?

    रेलवे ग्रुप D भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते या जनवरी 2026 के पहले हफ्ते से शुरू होने की संभावना है। इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। अंतिम तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है, इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करने की सलाह दी गई है।

    Railway Group D Vacancy: कौन कर सकता है आवेदन?

    इस भर्ती में आवेदन के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 10वीं पास होना अनिवार्य है।

    • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 36 वर्ष
    • आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/EWS) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।
    • आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जा सकती है।

    आवेदन शुल्क कितना लगेगा?

    • जनरल / OBC / EWS: ₹500
    • SC / ST / EBC / महिला / ट्रांसजेंडर: ₹250

    किस भाषा में होगी परीक्षा?

    रेलवे ग्रुप D परीक्षा असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित कई भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी।

    चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

    उम्मीदवारों का चयन चार चरणों में किया जाएगा—

    1. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)
    2. फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET)
    3. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
    4. मेडिकल एग्जामिनेशन

    कितनी वैकेंसी और कौन-कौन से पद?

    इस भर्ती में कुल 22,000 पद शामिल हैं, जिनमें प्रमुख पद इस प्रकार हैं—

    • ट्रैक मेंटेनर ग्रेड IV – 11,000 पद
    • पॉइंट्समैन-B – 5,000 पद
    • असिस्टेंट (S & T) – 1,500 पद
    • असिस्टेंट (C & W) – 1,000 पद
    • असिस्टेंट (TRD) – 800 पद
    • असिस्टेंट (ब्रिज) – 600 पद
    • असिस्टेंट (ट्रैक मशीन) – 600 पद

    निष्कर्ष

    Railway Group D Vacancy 2025 देश की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। 10वीं पास युवाओं के लिए यह रेलवे में स्थायी सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते तैयारी शुरू करें और ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अपडेट पर नजर बनाए रखें।

  • 5 लाख हादसे, युद्ध से ज्यादा सड़कों पर मर रहे…रोड एक्सिडेंट से मौतों पर संसद में नितिन गडकरी का छलक गया दर्द

    5 लाख हादसे, युद्ध से ज्यादा सड़कों पर मर रहे…रोड एक्सिडेंट से मौतों पर संसद में नितिन गडकरी का छलक गया दर्द

    भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन चुकी हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि हर साल देश में करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1 लाख 80 हजार लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 67 प्रतिशत मृतक 18 से 34 वर्ष की उम्र के युवा होते हैं, जो देश की सबसे सक्रिय और उत्पादक आबादी माने जाते हैं।

    नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या कम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने एम्स (AIIMS) की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अगर दुर्घटना के शिकार लोगों को समय पर इलाज मिल जाए, तो हर साल करीब 50 हजार जानें बचाई जा सकती हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग अक्सर घायल की मदद करने से हिचकिचाते हैं।

    मदद करने से डरते हैं लोग

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आम लोगों को डर रहता है कि अगर वे घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाएंगे, तो उन्हें पुलिस और कानूनी झंझटों में फंसना पड़ सकता है। इसी डर के कारण कई बार घायल व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उसकी जान चली जाती है।

    ‘राहवीर’ योजना: मदद पर इनाम

    इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। नितिन गडकरी ने बताया कि अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को डरने की नहीं, बल्कि आगे आने की जरूरत है। ऐसे मददगार लोगों को सरकार ने ‘राहवीर’ की संज्ञा दी है।उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य लोगों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे बिना किसी भय के मानवता का परिचय देते हुए घायलों की मदद कर सकें।

    युवाओं की मौत सबसे बड़ी चिंता

    गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में युवाओं की बड़ी संख्या में मौत देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकार सड़क सुरक्षा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज इलाज व्यवस्था और जनजागरूकता के जरिए इन आंकड़ों को कम करने की दिशा में काम कर रही है।सरकार को उम्मीद है कि ‘राहवीर योजना’ से न सिर्फ घायलों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों की जान भी बचाई जा सकेगी