Nation Now Samachar

Category: अन्य

देश-दुनिया की खास और रोचक खबरें, जो मुख्य श्रेणियों से अलग हैं। पढ़ें समाज, तकनीक, संस्कृति और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

  • Tulsi Plant Care in Winter: सर्दियों में तुलसी का पौधा कैसे रखें हरा-भरा, जानिए सही देखभाल के तरीके

    Tulsi Plant Care in Winter: सर्दियों में तुलसी का पौधा कैसे रखें हरा-भरा, जानिए सही देखभाल के तरीके

    Tulsi Plant Care: धार्मिक मान्यता के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी का पौधा भारत के लगभग हर घर में पाया जाता है। तुलसी को “तुलसी माता” का दर्जा दिया गया है और आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान माना गया है। हालांकि, सर्दियों के मौसम में तुलसी का पौधा अक्सर सुप्तावस्था (Dormant Stage) में चला जाता है, जिससे इसके पत्ते पीले पड़ने लगते हैं या पौधा मुरझा जाता है।

    इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए, तो तुलसी का पौधा खराब भी हो सकता है। आइए जानते हैं सर्दियों में तुलसी के पौधे को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के आसान उपाय।

    ठंडी हवाओं से बचाव है सबसे जरूरी

    सर्दियों में ठंडी हवाएं तुलसी के लिए नुकसानदायक होती हैं। पौधे को खुले में रखने के बजाय धूप वाली सुरक्षित जगह पर रखें। यदि तुलसी गमले में है, तो रात के समय उसे घर के अंदर या दीवार के पास रखें।

    पानी की मात्रा रखें संतुलित

    सर्दियों में तुलसी को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती।

    • हफ्ते में 2–3 बार हल्का पानी पर्याप्त है।
    • ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं।
    • पानी तभी दें जब मिट्टी ऊपर से सूखी लगे।

    धूप है संजीवनी

    तुलसी को रोजाना कम से कम 3–4 घंटे की धूप जरूर दें। सुबह की हल्की धूप सबसे बेहतर मानी जाती है। इससे पौधे की ग्रोथ बनी रहती है और पत्तियां हरी रहती हैं।

    खाद और पोषण का ध्यान

    सर्दियों में ज्यादा खाद देने से बचें। महीने में एक बार गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट पर्याप्त है।केमिकल फर्टिलाइज़र का प्रयोग न करें।पत्तियों की छंटाई जरूरी पीली या सूखी पत्तियों को समय-समय पर हटा दें। इससे पौधे की ऊर्जा नए पत्तों के विकास में लगेगी।

    धार्मिक मान्यताओं का भी रखें ध्यान

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी को रोज सुबह जल अर्पित करें और दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और पौधा भी स्वस्थ रहता है।

  • SIR को लेकर औरैया पहुंचे पूर्व सांसद सुब्रत पाठक, सपा पर जमकर साधा निशाना

    SIR को लेकर औरैया पहुंचे पूर्व सांसद सुब्रत पाठक, सपा पर जमकर साधा निशाना

    रिपोर्ट: अमित शर्मा औरैया उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच कन्नौज लोकसभा से बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक औरैया जिले के अरवा कटरा ब्लॉक पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों को SIR प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।

    सुब्रत पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का काम हमेशा विरोध करना रहा है। उन्होंने कहा कि पहले सपा ने ईवीएम मशीनों का विरोध किया और अब SIR का कर रही है, क्योंकि इससे फर्जी और दोहरे वोटरों की पहचान हो रही है।

    पूर्व सांसद ने दावा किया कि जब मतपत्रों से चुनाव होते थे, तब सपा के गुंडे बूथों पर कब्जा कर लेते थे। ग्रामीणों को यह तक नहीं पता चलता था कि किस रंग के मतपत्र पर वोट डालना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ लूट कर कह दिया जाता था कि “वोट पड़ गया, घर जाओ।”

    उन्होंने 1995 के बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में हालात इतने खराब थे कि कहा जाता था “मतपेटियों से जिंद निकलेगी”, क्योंकि गुंडों ने वोट डाल दिए होते थे। गरीब और कमजोर वर्ग को मतदान का अधिकार नहीं मिल पाता था।

    सुब्रत पाठक ने कहा कि जब ईवीएम आई तो डकैती बंद हो गई, लेकिन जैसे ही समाजवादी पार्टी हारने लगी, उसने ईवीएम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा—

    • जहां बीजेपी जीतती है, वहां सपा कहती है “ईवीएम खराब है”
    • जहां बीजेपी हारती है, वहां “ईवीएम बिल्कुल ठीक है”

    उन्होंने 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में बीजेपी के विधानसभा चुनाव जीतते ही ईवीएम पर सवाल उठे, जबकि 2024 में सपा को सफलता मिली तो ईवीएम सही हो गई। इसे उन्होंने सपा का दोहरा आचरण बताया।

    SIR को लेकर उन्होंने बड़ा दावा किया कि कन्नौज जनपद की तीन विधानसभा सीटों में करीब 2.87 लाख वोट कट चुके हैं। अगर लोकसभा स्तर की बात की जाए तो यह आंकड़ा 4 से 5 लाख वोट तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि समाजवादी पार्टी SIR का विरोध कर रही है, क्योंकि फर्जी वोट हटने से उसकी चुनावी गणित बिगड़ जाएगी।

    पूर्व सांसद ने कहा कि SIR एक सुधारित और पारदर्शी तंत्र है, जिसमें अब मतपत्र लूट जैसी घटनाएं संभव नहीं हैं। पहले एक व्यक्ति के कई गांवों में वोट बन जाते थे, लेकिन अब यह संभव नहीं रहेगा।

    उन्होंने जनता से अपील की कि वे SIR प्रक्रिया में सहयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में भागीदार बनें

  • Road Accident in Greater Noida: दिल्ली-यूपी में कोहरे का कहर: ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे पर 12 से ज्यादा वाहन टकराए, अमरोहा में एक की मौत

    Road Accident in Greater Noida: दिल्ली-यूपी में कोहरे का कहर: ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे पर 12 से ज्यादा वाहन टकराए, अमरोहा में एक की मौत

    Road Accident in Greater Noida: दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक ठंड के साथ घने कोहरे का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कम विजिबिलिटी के चलते सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। बुधवार सुबह ग्रेटर नोएडा और अमरोहा में कोहरे की वजह से बड़े सड़क हादसे सामने आए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

    ग्रेटर नोएडा: ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा

    ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर दादरी थाना क्षेत्र के चक्रसैनपुर के पास घने कोहरे के कारण एक दर्जन से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए। हादसा इतना भीषण था कि कई कारें और ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना में कई लोग मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया।

    हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस और टोल प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहनों से बाहर निकालने में मदद की।

    अमरोहा: NH-9 पर कोहरे में भिड़ीं कई गाड़ियां, एक की मौत

    उधर, अमरोहा जिले में भी कोहरे का कहर देखने को मिला। नेशनल हाईवे-9 पर गजरौला कोतवाली क्षेत्र के शाहबाजपुर डोर गांव के पास आधा दर्जन से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के कारण NH-9 पर भी लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और जाम खुलवाया। पुलिस का कहना है कि घना कोहरा और कम दृश्यता ही हादसे की मुख्य वजह रही।

    पुलिस और प्रशासन की अपील

    पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे में धीमी गति से वाहन चलाएंफॉग लाइट और हेडलाइट का सही उपयोग करें सुरक्षित दूरी बनाए रखेंमौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी उत्तर प्रदेश में कोहरा बना रह सकता है, ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है।

  • बिहार में NDA की बंपर जीत के बाद पीएम मोदी ने सांसदों को दिया विशेष डिनर,पीएम ने साझा की तस्वीरें

    बिहार में NDA की बंपर जीत के बाद पीएम मोदी ने सांसदों को दिया विशेष डिनर,पीएम ने साझा की तस्वीरें

    बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात अपने आवास पर NDA के सभी सांसदों के लिए विशेष डिनर का आयोजन किया। यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक भोज नहीं बल्कि राजनीतिक मजबूती, टीम भावना और भविष्य की रणनीति का प्रतीक माना जा रहा है। पीएम मोदी ने स्वयं डिनर की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें सांसदों के साथ उनकी बातचीत और विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन दिखाई दे रहे हैं।

    पूरे देश की झलक दिखाता मेन्यू

    इस खास डिनर की सबसे बड़ी चर्चा इसका मेन्यू रहा, जिसमें देश के विविध राज्यों की पारंपरिक डिशें शामिल थीं।

    • आंध्र प्रदेश के मसालेदार व्यंजन,
    • बंगाल के मीठे व्यंजन,
    • कश्मीर का यखनी और दम आलू,
    • केरल का अप्पम और स्ट्यू,
    • गुजरात की खांडवी, ढोकला और हैंडवो,
    • महाराष्ट्र की पूरन पोली और मिसल,
    • साथ ही कई उत्तर भारतीय राज्यों के पारंपरिक पकवान भी मेन्यू में जोड़े गए थे।

    यह मेन्यू NDA की विविधता, समावेशिता और पूरे देश के प्रतिनिधित्व को दर्शाने का प्रतीक भी माना जा रहा है।

    पीएम मोदी और सांसदों के बीच अनौपचारिक बातचीत

    डिनर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों के साथ अनौपचारिक और सकारात्मक बातचीत की। उन्होंने बिहार में मिली जीत को जनता के विश्वास का परिणाम बताया और कहा कि यह जीत टीम NDA के एकजुट प्रयासों का नतीजा है। पीएम ने सांसदों को आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने, विकास योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने और लोगों से जुड़ाव बनाए रखने की सलाह दी।

    बिहार की जीत और आगे की रणनीति

    सूत्रों के अनुसार, डिनर के दौरान बिहार की जीत के बाद भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल, जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया।

    पीएम ने सोशल मीडिया पर शेयर कीं तस्वीरें

    पीएम मोदी द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में सांसदों के चेहरों पर उत्साह और जीत का आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। डिनर टेबल पर विभिन्न राज्यों के व्यंजनों की सजावट ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।गौरतलब है कि बिहार की इस बंपर जीत ने न सिर्फ NDA का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। यह डिनर उसी जीत का उत्सव और आगे की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

  • अनिरुद्धाचार्य पर महिलाओं को लेकर टिप्पणी का मामला, कोर्ट ने याचिका स्वीकार की

    अनिरुद्धाचार्य पर महिलाओं को लेकर टिप्पणी का मामला, कोर्ट ने याचिका स्वीकार की

    देशभर में अपनी कथाओं के लिए प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज इस समय अनिरुद्धाचार्य महाराज विवाद को लेकर चर्चा में हैं। महिलाओं और बेटियों को लेकर कथित अभद्र टिप्पणियों के एक वायरल वीडियो ने उनकी कानूनी परेशानियां बढ़ा दी हैं। इस मामले में मथुरा की अदालत ने उनके खिलाफ दायर परिवाद को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट अब 1 जनवरी को शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करेगा।

    यह पूरा विवाद अक्टूबर महीने में सामने आया, जब अनिरुद्धाचार्य महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथावाचक को महिलाओं और बेटियों के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया था। वीडियो वायरल होते ही महिला संगठनों और सामाजिक समूहों ने कड़ा विरोध जताया और इसे नारी सम्मान के खिलाफ बताया।

    मामला बढ़ने पर अनिरुद्धाचार्य महाराज को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा था कि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। हालांकि उनकी यह सफाई विरोध कर रहे संगठनों को संतुष्ट नहीं कर सकी और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज होती गई।

    अखिल भारत हिंदू महासभा, आगरा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने मामले को गंभीर बताते हुए मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में परिवाद दायर किया। सीजेएम उत्सव गौरव राज की अदालत ने परिवाद को स्वीकार कर लिया है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता मनीष गुप्ता के अनुसार, यह मामला महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है और कोर्ट द्वारा परिवाद स्वीकार किया जाना एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है।

    अनिरुद्धाचार्य महाराज विवाद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक और धार्मिक मंचों से दिए गए बयानों को लेकर समाज और न्यायपालिका दोनों गंभीर हैं। अब आने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

  • UP e-Tender Cyber Attack : 4 करोड़ के टेंडर से कंपनी बाहर , जांच में जुटी साइबर सेलन

    UP e-Tender Cyber Attack : 4 करोड़ के टेंडर से कंपनी बाहर , जांच में जुटी साइबर सेलन

    UP e-Tender Cyber Attack : उत्तर प्रदेश में पहली बार ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पर साइबर अटैक का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के लगभग चार करोड़ रुपये के टेंडर में भाग लेने वाली एक फर्म के महत्वपूर्ण दस्तावेज अचानक प्रहरी एप से गायब हो गए। मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।

    आपको बता दे की वरद इंटरप्राइजेज फर्म के प्रोपराइटर दुर्गेश सिंह चौहान ने बताया कि 28 नवंबर को घाटमपुर (कानपुर नगर) और कानपुर देहात के भोगनीपुर, सिकंदरा व रसूलाबाद क्षेत्रों में सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए करीब चार करोड़ रुपये के टेंडर जारी हुए थे। उनकी फर्म ने प्रहरी एप के माध्यम से सभी दस्तावेज अपलोड कर छह टेंडरों में भाग लिया और करीब 40 लाख रुपये की फीस भी जमा हुई। लेकिन बोली की प्रक्रिया के अंतिम चरण में अचानक एप से फर्म का पूरा डेटा गायब हो गया, जिसके चलते वरद इंटरप्राइजेज स्वतः ही ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बाहर हो गई। दुर्गेश सिंह ने इसे “सुनियोजित साइबर अटैक” बताते हुए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय और डीसीपी ईस्ट के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि किसी अराजक तत्व ने जानबूझकर दस्तावेज डिलीट किए, ताकि उनकी फर्म नीलामी प्रक्रिया से बाहर हो जाए। वही सूत्रों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने भी इस मामले को अत्यंत गंभीर माना है और शिकायत का संज्ञान लेते हुए आईटी सेल को गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। ई-टेंडरिंग सिस्टम तकनीकी रूप से बेहद सुरक्षित माना जाता है और दस्तावेजों के अचानक गायब होने की संभावना सामान्य परिस्थितियों में नहीं होती।

  • औरैया जिलाधिकारी के हाथों कान की मशीन पाकर खुशियों से चमके बधिर बच्चों के चेहरे

    औरैया जिलाधिकारी के हाथों कान की मशीन पाकर खुशियों से चमके बधिर बच्चों के चेहरे

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया: विश्व दिव्यांग सशक्तिकरण दिवस पर मंगलवार सुबह जिलाधिकारी कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने श्रवण ह्रास से ग्रसित लगभग आधा दर्जन से अधिक बधिर बच्चों को सुनने वाली अत्याधुनिक कान की मशीनें प्रदान कीं।

    कान की मशीनें मिलते ही मासूम बच्चों के चेहरे खिल उठे। परिजनों ने बताया कि अब तक उनके बच्चे केवल इशारों के सहारे ही दुनिया को समझते थे, लेकिन अब वे आवाजें सुन पाएंगे और सामान्य बच्चों की तरह सीखने-समझने की क्षमता विकसित कर सकेंगे।

    जिलाधिकारी डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाना ही मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन बच्चों का भविष्य अब और उज्ज्वल होगा।

    कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे और बच्चों की मशीनें लगवाकर उनकी कार्यक्षमता को मौके पर ही प्रदर्शित किया गया।

  • कानपुर देहात में दुष्कर्म पीड़िता ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत नाजुक

    कानपुर देहात में दुष्कर्म पीड़िता ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत नाजुक

    कानपुर देहात। रूरा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म की शिकार एक युवती ने सदमे में आत्महत्या का प्रयास कर लिया। 10 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद पीड़िता की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने आरोपी आसिफ के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

    घटना के अनुसार, पीड़िता 10 अक्टूबर को घर लौट रही थी, तभी गांव का ही रहने वाला दूसरे समुदाय का युवक आसिफ उसे रास्ते में रोककर एक बंद कमरे में ले गया और जबरन दुष्कर्म किया। घटना के सदमे में युवती ने उसी दिन फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।

    परिजन तुरंत उसे रूरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल और फिर कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार का कहना है कि पीड़िता का कई दिनों से इलाज चल रहा है, लेकिन उसकी स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं है।परिजनों का आरोप है कि आसिफ कई महीनों से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें कर रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिवार का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण बेटी मानसिक रूप से टूट गई और उसने आत्महत्या की कोशिश जैसे गंभीर कदम उठाया।परिवार ने मांग की है कि आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़िता को न्याय दिलाया जाए, क्योंकि वह इस समय जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

  • काशी तमिल संगमम् का पहला समूह काशी विश्वनाथ धाम पहुँचा, भव्य स्वागत के बीच किया दर्शन-पूजन

    काशी तमिल संगमम् का पहला समूह काशी विश्वनाथ धाम पहुँचा, भव्य स्वागत के बीच किया दर्शन-पूजन

    वाराणसी | रिपोर्ट–मनीष पटेल काशी और तमिल परंपराओं के बीच आध्यात्मिक व सांस्कृतिक सेतु माने जाने वाले काशी तमिल संगमम् के प्रथम समूह ने आज काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। आगमन पर मंदिर प्रशासन ने सभी अतिथियों का परंपरागत गरिमा के साथ स्वागत किया। पुष्प वर्षा, डमरू वादन और मंत्रोच्चार की गूँज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक आस्था से भर दिया।

    दर्शन के बाद समूह को काशी विश्वनाथ धाम के भव्य कॉरिडोर का विस्तृत भ्रमण करवाया गया। प्रशासनिक टीम ने धाम के ऐतिहासिक रूपांतरण, मंदिर परिसर की स्थापत्य कला, सुविधाओं एवं कॉरिडोर के पुनर्निर्माण के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।अतिथियों ने काशी के नव्य-भव्य स्वरूप और श्रद्धा-धारा के निरंतर विस्तार की सराहना की।

    भ्रमण के उपरांत मंदिर द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में सभी मेहमानों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई। यहां परोसे गए प्रसाद ने काशी की सेवा-परंपरा, अतिथि-नवाज़ी और आध्यात्मिक संस्कृति का गहरा अनुभव कराया।काशी तमिल संगमम् के इस प्रारंभिक समूह का आगमन और दर्शन कार्यक्रम, दोनों समुदायों के बीच सांस्कृतिक-आध्यात्मिक रिश्तों को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ। यह दिवस काशी और तमिल परंपराओं के संगम का जीवंत प्रतीक बनकर दर्ज हुआ।

  • Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर: 118 पाकिस्तानी पोस्ट और 72 आतंकवादी लॉन्च पैड नष्ट, BSF ने साझा की बड़ी सफलता

    Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर: 118 पाकिस्तानी पोस्ट और 72 आतंकवादी लॉन्च पैड नष्ट, BSF ने साझा की बड़ी सफलता

    Operation Sindoor: जम्मू: बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान 118 पाकिस्तानी पोस्ट और 72 आतंकवादी लॉन्च पैड नष्ट किए गए।

    बीएसएफ के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान सटीक और योजनाबद्ध ढंग से पाकिस्तान सीमा के पास आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और नियंत्रण करने के लिए चलाया गया। आईजी शशांक आनंद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की तत्परता और इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से सीमापार से होने वाली किसी भी घुसपैठ और आतंकवादी हमलों की संभावना को कम किया गया।

    बीएसएफ ने बताया कि 72 लॉन्च पैडों का नाश आतंकवादियों की कार्रवाई को रोकने और सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम कदम है। इसके अलावा, 118 पाकिस्तानी पोस्टों को नष्ट कर देना पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों में संभावित घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों के लिए सुरक्षा खतरे को गंभीर रूप से कम कर देता है।आईजी शशांक आनंद ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सैन्य और नागरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों की मेहनत और साहस की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा में यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

    इस ऑपरेशन से यह संदेश भी गया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क और सशक्त है। बीएसएफ की कार्रवाई ने आतंकवाद और अवैध गतिविधियों को रोकने में एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश की है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर से जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और आतंकवादियों के लिए घुसपैठ और हमला करना कठिन हो जाएगा।