रायबरेली– रायबरेली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। यह घटना उस समय हुई जब राहुल गांधी जिले के दौरे पर आए थे और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता से संवाद कर रहे थे।
मामला तब गर्मा गया जब यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि रायबरेली में वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद यहां पर्याप्त विकास क्यों नहीं हो पाया।इसके जवाब में राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि आज भी रायबरेली में बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं जस की तस हैं। उन्होंने मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता सिर्फ सवाल उठाते हैं, उन्हें जनता को यह भी बताना चाहिए कि वर्तमान सरकार ने पिछले 7 सालों में क्या बदलाव किए।
बहस के दौरान दोनों नेताओं के समर्थकों में भी नारेबाजी देखने को मिली। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।गौरतलब है कि रायबरेली कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बीजेपी ने यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश तेज कर दी है। राहुल गांधी और दिनेश प्रताप सिंह के बीच हुई यह बहस अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
वाराणसी/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान आयोजित रोड शो में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग सुबह से ही अपने-अपने स्थानों पर जमा होकर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार थे। सड़क किनारे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी मोदी की झलक पाने के लिए उत्साहित दिखाई दिए।
रोड शो की शुरुआत और माहौल
प्रधानमंत्री मोदी ने शहर के प्रमुख मार्गों से होकर रोड शो किया। रास्ते में उन्हें पुष्पवृष्टि, नारियल और नारेबाजी के साथ स्वागत किया गया। रोड शो के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, बावजूद इसके लोग उत्साह और जोश के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहे थे।
जनता ने मोदी के नेतृत्व, उनके विकास कार्यों और शहर में किए गए सुधारों की सराहना की। युवा वर्ग विशेष रूप से रोड शो में उत्साहित था और मोदी के नाम के नारे लगाते रहे। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए शहर को सजाया और स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की।
सुरक्षा और प्रशासन
सुरक्षा बलों ने रोड शो के मार्ग को व्यवस्थित किया और भीड़ नियंत्रण के लिए सभी उपाय किए। प्रशासन ने यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए मार्गों पर विशेष निगरानी रखी।
रायबरेली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के रायबरेली दौरे से जिले का सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है। उनके स्वागत की तैयारियों के बीच शहर में जगह-जगह चस्पा किए गए पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों में राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की तस्वीरें लगी हैं।
इन पोस्टरों पर लिखा गया है –“इंडिया की अंतिम आशा… कलयुग के ब्रह्मा, विष्णु, महेश।”यह पोस्टर सपा के स्थानीय नेताओं द्वारा लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों पर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।
पोस्टरों से बढ़ी हलचल
रायबरेली कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है और यहां राहुल गांधी का दौरा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक मायनों में अहम है। लेकिन अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के साथ लगाए गए पोस्टरों ने इस दौरे को और खास बना दिया है।
पोस्टरों में तीनों नेताओं को विपक्षी गठबंधन इंडिया के “नए चेहरे” के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी के दौरे से आगामी चुनावों में विपक्षी एकजुटता और मजबूत होगी। दूसरी ओर, भाजपा इसे मात्र राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि जनता अब वास्तविक विकल्प चाहती है और यही संदेश इन पोस्टरों के जरिए दिया गया है।
न्यूज़ डेस्क | अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ताना रिश्तों की चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में है। ट्रम्प ने हाल ही में बयान दिया कि “मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, मैं उनसे जल्द ही ट्रेड बैरियर पर बात करूंगा।” वहीं, पीएम मोदी ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया- “मैं इंतजार कर रहा हूं।” इस बयानबाजी ने वैश्विक राजनीति और आर्थिक संबंधों को लेकर हलचल बढ़ा दी है।ट्रम्प ने अमेरिकी इंडस्ट्री इवेंट में भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा साझेदार है और पीएम मोदी उनके “गुड फ्रेंड” हैं।ट्रम्प ने संकेत दिए कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो भारत से “फेयर ट्रेड” पर गहन बातचीत करेंगे।जवाब में पीएम मोदी ने भी ट्रम्प के प्रति दोस्ताना रुख दिखाया और कहा कि “मैं बातचीत के लिए इंतजार कर रहा हूं।”
भारत-अमेरिका रिश्तों में अहम मुद्दे India-US Relationship:
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से व्यापारिक असमानता और शुल्क (Tariff) को लेकर तनाव रहा है।
ट्रेड बैरियर: अमेरिका का आरोप रहा है कि भारत कई अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे टैक्स लगाता है।
आईटी और टेक्नोलॉजी: भारत की सॉफ्टवेयर कंपनियों को अमेरिकी वीज़ा पॉलिसी प्रभावित करती रही है।
डिफेंस और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों में तेजी आई है।
ग्लोबल पॉलिटिक्स: चीन को काउंटर करने के लिए अमेरिका और भारत की साझेदारी अहम मानी जाती है।
मोदी-ट्रम्प दोस्ती क्यों है खास? India-US Relationship
ट्रम्प और मोदी की मुलाकातें पहले भी कई बार चर्चा में रही हैं।
हाउडी मोदी इवेंट (2019, ह्यूस्टन) और मोटेरा स्टेडियम (2020, अहमदाबाद) में दोनों नेताओं की दोस्ताना कैमिस्ट्री दुनिया ने देखी थी।
दोनों एक-दूसरे की तारीफ करने में पीछे नहीं रहते।
ट्रम्प के बयान ने यह साफ कर दिया है कि भारत-अमेरिका रिश्तों में दोस्ती और व्यापार दोनों ही साथ-साथ चलेंगे। आने वाले दिनों में यदि ट्रम्प की सत्ता में वापसी होती है तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक डील्स और मजबूत हो सकती हैं।
ट्रम्प और मोदी के बीच संवाद ने यह दिखा दिया है कि वैश्विक राजनीति में व्यक्तिगत रिश्तों का भी बड़ा महत्व होता है। भारत और अमेरिका की दोस्ती न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा रणनीति के लिए अहम है। India-US Relationship
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर आज मतदान हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह संसद भवन पहुंचे और वोट डाला। इस दौरान मीडिया से बातचीत में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्ण (CP Radhakrishnan) ने कहा कि उनकी जीत तय है और एनडीए पूरी मजबूती के साथ मैदान में है।
CP राधाकृष्ण का आत्मविश्वास
सीपी राधाकृष्ण ने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि जनता और प्रतिनिधि हमारे साथ हैं। एनडीए की नीतियां और प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को नई दिशा दे रहा है। इस चुनाव में हमारी जीत निश्चित है।”उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पीएम मोदी ने किया मतदान Vice President Election LIVE Updates
प्रधानमंत्री मोदी सुबह मतदान केंद्र पहुंचे और उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना वोट डाला। मतदान के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।संसद भवन में NDA और विपक्षी सांसदों की मौजूदगी देखने को मिली।
विपक्ष का दावा भी मजबूत
जहां NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्ण अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखे, वहीं विपक्षी उम्मीदवारों ने भी दावा किया है कि इस बार मुकाबला कड़ा रहेगा।सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की जीत तय है।कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी अपनी एकजुटता दिखाई।
क्यों अहम है यह चुनाव? Vice President Election LIVE Updates
उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद होता है और राज्यसभा का सभापति भी।इस चुनाव में जीत हासिल करना किसी भी दल के लिए प्रतिष्ठा की बात है।भाजपा और एनडीए जहां लगातार जीत दर्ज करने का आत्मविश्वास जता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस बार नए समीकरण बनाने की कोशिश में है।
राजनीतिक हलचल तेज Vice President Election LIVE Updates
जैसे-जैसे वोटिंग पूरी हुई, राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।अब सबकी निगाहें मतगणना पर टिकी हैं।नतीजे यह तय करेंगे कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की ताकत में किसका पलड़ा भारी रहेगा। उपराष्ट्रपति चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी का मतदान और सीपी राधाकृष्ण का आत्मविश्वास इस बात की ओर इशारा करता है कि NDA जीत के लिए पूरी तरह से आश्वस्त है। लेकिन विपक्ष की चुनौती को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
नेपाल इन दिनों डिजिटल क्रांति (Digital Revolution) की आंच में तप रहा है। सरकार द्वारा फेसबुक और यूट्यूब जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के बाद देश में खासकर Gen-Z युवाओं के बीच भारी नाराज़गी फैल गई है। यह पीढ़ी, जो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाती है, इसे अपनी स्वतंत्रता और आवाज़ पर हमला मान रही है।
सरकार ने क्यों लगाया बैन? Nepal Protest News
नेपाल सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में फेसबुक और यूट्यूब पर फेक न्यूज़, भड़काऊ वीडियो और राजनीतिक अफवाहों की भरमार हो गई थी। इन प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए समाज में नफरत और अस्थिरता फैलाने वाली सामग्री को बढ़ावा मिल रहा था। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स पर अस्थायी रोक लगाने का ऐलान किया।सरकार का तर्क है कि जब तक इन कंपनियों द्वारा लोकल कानून और रेगुलेशन का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक यह रोक जारी रह सकती है।
Gen-Z का गुस्सा और डिजिटल विद्रोह Nepal Protest News
नेपाल का युवा वर्ग, खासकर Gen-Z, इस फैसले से भड़क उठा है। इस पीढ़ी का जीवन और करियर सोशल मीडिया से गहराई से जुड़ा हुआ है। कंटेंट क्रिएटर, व्लॉगर, स्टूडेंट और प्रोफेशनल्स का कहना है कि यह बैन सीधे-सीधे उनकी रोज़गार, आज़ादी और ग्लोबल कनेक्टिविटी पर प्रहार है।काठमांडू, पोखरा और अन्य शहरों में युवाओं ने सड़क पर उतरकर #GenZRevolution और #SaveOurInternet जैसे नारे लगाए। ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर नेपाल ट्रेंड कर रहा है। एक छात्रा ने कहा:“फेसबुक और यूट्यूब सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि हमारी पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट का ज़रिया है। सरकार का यह कदम हमें पीछे धकेल देगा।”Nepal Protest News
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और क्रिएटर्स का नुकसान Nepal Protest News
नेपाल में हजारों कंटेंट क्रिएटर्स हैं जो यूट्यूब और फेसबुक पर अपनी कमाई का ज़रिया बना चुके हैं। बैन के बाद उनकी कमाई पूरी तरह से रुक गई है। कई छोटे बिज़नेस भी सोशल मीडिया मार्केटिंग पर निर्भर थे, जिन पर अब संकट मंडरा रहा है।इन्फ्लुएंसर कम्युनिटी का कहना है कि यह सिर्फ एक बैन नहीं बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था पर हमला है।
अंतरराष्ट्रीय बहस और पड़ोसी देशों की नज़र Nepal Protest News
नेपाल के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। कई संगठन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression) के खिलाफ मान रहे हैं। भारत और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश भी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं, क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग सीमाओं के आर-पार संवाद और कारोबार के लिए भी होता है। फेसबुक और यूट्यूब बंद होने के बाद नेपाल के युवाओं ने तुरंत VPN (Virtual Private Network) का सहारा लिया। डाउनलोडिंग और VPN यूज़ अचानक कई गुना बढ़ गया। यह साफ दिखाता है कि नई पीढ़ी अपनी डिजिटल स्वतंत्रता से समझौता करने के लिए तैयार नहीं है। टेक विशेषज्ञों का कहना है कि बैन समाधान नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह कंपनियों से बातचीत करे और गलत कंटेंट पर सख्त मॉनिटरिंग करे। लंबे समय तक बैन से देश की डिजिटल प्रगति और युवाओं के करियर को नुकसान होगा। Nepal Protest News
कटिहार, बिहार – राज्य के कई जिलों में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और प्रभावित इलाकों में जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक नेताओं की सक्रियता लोगों के लिए राहत का कारण बनती है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर कटिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे और उनका तरीका लोगों के लिए काफी आकर्षक और चर्चा का विषय बन गया।सांसद अनवर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते समय ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर क्षेत्र का जायजा लिया।
इस दौरान वे कीचड़ और जलभराव से भरे रास्तों से गुज़रते हुए लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझते दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार, सांसद ने खुद ग्रामीणों की मदद से इलाके में पैदल यात्रा की और हर घर तक पहुंचकर बाढ़ की गंभीर स्थिति का अवलोकन किया।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की गहराई अधिक थी और कई घरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सांसद अनवर ने यह दिखाया कि जनसेवा और नेतृत्व सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रयासों से भी प्रभाव डाल सकता है। ग्रामीणों ने इस कदम की जमकर सराहना की और सांसद के इस कार्य को एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।कटिहार में बाढ़ के कारण कई फसलें जलमग्न हो गई हैं और ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सांसद अनवर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से तुरंत राहत सामग्री वितरण और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उनके साथ स्वास्थ्य, पानी और भोजन जैसी आपातकालीन जरूरतों का ध्यान रखने वाली टीम भी मौजूद थी।
इस मौके पर सांसद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ मिलकर निरीक्षण करना ही हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह देखना है कि ग्रामीणों को समय पर राहत और आवश्यक सुविधाएँ मिलें।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, नेताओं को स्वयं现场 जाकर लोगों की स्थिति समझनी चाहिए।
ग्रामीणों ने सांसद की इस पहल को लेकर अपनी खुशी जताई और कहा कि सांसद ने सिर्फ निरीक्षण नहीं किया, बल्कि उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया। कई बुजुर्ग और महिलाएं सांसद के पास आईं और उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर अपनी परेशानियों को साझा किया। सांसद ने प्रत्येक समस्या पर ध्यान दिया और स्थानीय प्रशासन को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।
बाढ़ निरीक्षण के दौरान सांसद ने जलभराव और कीचड़ में फंसे पशु-पक्षियों की भी चिंता जताई और स्थानीय प्रशासन से उनकी देखभाल के लिए भी कदम उठाने का आग्रह किया। इसके अलावा, ग्रामीणों के साथ बैठकर उन्होंने यह योजना बनाई कि आने वाले दिनों में यदि बाढ़ बढ़ती है तो राहत कार्यों के लिए स्थानीय स्वयंसेवक और प्रशासन मिलकर तुरंत कार्रवाई करें।यह घटना यह दर्शाती है कि राजनीतिक नेतृत्व केवल घोषणा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब नेता स्वयं ग्रामीणों के बीच जाकर उनके कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तब ही लोगों में भरोसा और राहत का भाव उत्पन्न होता है।
कटिहार की बाढ़ प्रभावित जनता ने इस पहल को काफी सराहा और सांसद तारिक अनवर को धन्यवाद दिया। इस दौरान मीडिया ने भी उनके प्रयासों को कवर किया और सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया।
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अर्पित सिंह नाम के एक्स-रे टेक्नीशियन को लेकर जांच में खुलासा हुआ कि वह एक ही नाम और पिता के नाम से छह अलग-अलग जिलों में नौकरी कर रहा था। यह मामला विभाग और मीडिया में सुर्खियों में छा गया है। Farrukhabad Health Department Scam
जानकारी के अनुसार, अर्पित सिंह, पुत्र अनिल कुमार सिंह, निवासी सी-22 प्रतापनगर, शाहगंज, 25 मई 2016 को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्त हुए थे। उनकी मूल तैनाती सीएचसी मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद में हुई थी। लेकिन जांच में पता चला कि वही व्यक्ति हाथरस, रामपुर, बांदा, बदायूं और बलरामपुर जिलों में भी तैनात था। Farrukhabad Health Department Scam
#_उत्तर_प्रदेश exclusive के #_फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग मे करोड़ों का फर्जीवाड़ा @myogiadityanath 1 नाम से 6 जिलों में अर्पित सिंह को मिली नौकरी छह जिलों के अर्पित सिंह ने 4 करोड़ 50 लाख की नौ वर्षों में ली सैलरी
सीएचसी शमसाबाद में तैनात प्रभारी डॉ. सरवर इकबाल सिद्दीकी ने बताया कि अर्पित सिंह वहां एक साल पहले अटैच किया गया था, लेकिन वह 24 अगस्त से लगातार अनुपस्थित है। इसकी सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन मामला अब बड़े रूप में सामने आया है। मीडिया में खबर आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में शामिल हैं: Farrukhabad Health Department Scam
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी: डॉ. सर्वेश कुमार यादव
उपमुख्य चिकित्साधिकारी: डॉ. आरसी माथुर
डॉ. दीपक कटारिया
समिति को तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी Farrukhabad Health Department Scam
मुंबई। गणेश चतुर्थी की धूम-धाम के बाद रविवार को मुंबई में गणेश विसर्जन का नजारा देखने को मिला। सड़कों और घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ा। हर तरफ “बप्पा अगले बरस तुम जल्दी आना” की गूंज सुनाई दी।भक्तों ने अपने प्रिय भगवान गणेश को विदाई दी और विसर्जन के दौरान भक्ति और उमंग का अद्भुत मिश्रण देखा गया। गणेश विसर्जन 2025
सोशल मीडिया पर इस विसर्जन के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।मुंबई पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए।गणेश विसर्जन 2025
SRPF की 14 कंपनियां, CAPF की 4 कंपनियां इस दौरान तैनात रहेंगी. खतरे से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ते भी तैनात किए गए हैं. 24×7 कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग होगी और शहरभर में 400 पेट्रोलिंग वाहन गश्त पर होंगे. गणेश विसर्जन 2025
जॉइंट कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर सत्यनारायण चौधरी ने कहा, विसर्जन का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इस बार मुंबई पुलिस ने हर स्तर पर बड़ी तैयारी की है. भक्तों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए जो प्लान बनाया गया है, उससे उम्मीद है कि गणपति विसर्जन शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न होगा. चौधरी ने यह भी कहा कि गणेशोत्सव के दौरान अब तक पुलिस ने अच्छा काम किया है और विसर्जन के दिन भी वही प्रतिबद्धता जारी रहेगी.गणेश विसर्जन 2025
कानपुर, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को आईआईटी कानपुर के ‘समन्वय’ से उद्योग-अकादमिक जुड़ाव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इंडस्ट्री और अकादमिक संस्थानों के सहयोग का मुद्दा केवल शोध और नवाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे-सीधे आम नागरिक के जीवन स्तर, वैश्विक चुनौतियों और सतत विकास से जुड़ा हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर मंथन भारत को न केवल आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाएगा, बल्कि तकनीक और विकास का वैश्विक केंद्र स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इंडस्ट्री–एकेडमिया सहयोग से वैश्विक चुनौतियों का समाधान IIT कानपुर में बोले सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिस विषय पर एकत्र हुए हैं, वह केवल इंडस्ट्री–एकेडमिया सहयोग का ‘समन्वय’ ही नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों से जुड़ा हुआ है। ये चुनौतियां सीधे-सीधे आम नागरिक के जीवन स्तर को प्रभावित करती हैं। इसीलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) जैसे तीन महत्त्वपूर्ण स्तंभों पर तकनीकी सत्र होंगे और चर्चा होगी। कभी 17वीं शताब्दी तक भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। वैश्विक जीडीपी में हमारा योगदान 25 प्रतिशत तक था। लेकिन 150-200 वर्षों में ऐसा क्या कुछ हुआ कि यह लगातार गिरता गया और 1947 तक आते-आते भारत का योगदान केवल 2 प्रतिशत रह गया। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते हुए देखा है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले दो वर्षों में तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। आगे चलकर हमें दूसरी अर्थव्यवस्था बनने का अवसर भी मिलेगा। यह यात्रा केवल आर्थिक विकास की नहीं है, बल्कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में है।
हर अक्षर, हर वनस्पति और हर मनुष्य में कुछ बनने की क्षमता IIT कानपुर में बोले सीएम योगी आईआईटी कानपुर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी कानपुर का गौरवशाली इतिहास है। पिछले छह दशकों में इस संस्थान ने देश को तकनीक की दिशा में बहुत कुछ दिया है। हाल ही में मैंने नोएडा में ड्रोन टेक्नोलॉजी केंद्र का दौरा किया। वहां आईआईटी कानपुर से जुड़े लोग भी मिले। मैंने देखा कि हमारे युवा नई सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए कैसे तैयार हो रहे हैं। आईआईटी कानपुर भी उसमें अपना योगदान दे रहा है। हमें हमेशा यह विश्वास रखना चाहिए कि हम कर सकते हैं। दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय तक्षशिला भी भारत में था। वहीं से चरक और सुश्रुत जैसे आयुर्वेदाचार्य निकले। यही हमारी परंपरा है कि हर अक्षर, हर वनस्पति और हर मनुष्य में कुछ बनने की क्षमता होती है। बस एक जोड़ने वाले की आवश्यकता होती है। मुझे विश्वास है कि आईआईटी जैसे संस्थान वही जोड़ने का काम कर रहे हैं।
हर क्षेत्र में यूपी ने स्थापित किए नए मानक IIT कानपुर में बोले सीएम योगी उन्होंने कहा कि 1947 में उत्तर प्रदेश का योगदान राष्ट्रीय जीडीपी में 14 प्रतिशत तक था। लेकिन 2017 तक यह घटकर केवल 7-8 प्रतिशत रह गया। निराशा का माहौल था, उद्योग निवेश नहीं करना चाहते थे, युवा पलायन कर रहे थे। कभी समृद्ध रहा प्रदेश बीमारू कहलाने लगा। पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। बेहतर सुरक्षा, निवेश, बुनियादी ढांचा और सुशासन के साथ यूपी ने नए मानक स्थापित किए हैं। हर क्षेत्र में परिवर्तन दिखाई दे रहा है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नेतृत्व किया है। प्रदेश की विधान सभा देश की पहली विधान सभा है, जिसने लगातार 36 घंटे चर्चा कर यह तय किया कि कैसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पूरे किए जा सकते हैं। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन हर क्षेत्र में ठोस काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी यह इलाका सूखे, पलायन और डकैतों की समस्या से जूझता था। आज यहां हर घर नल से जल पहुंच रहा है, खेतों तक सिंचाई हो रही है और डिफेंस कॉरिडोर के दो महत्वपूर्ण नोड (चित्रकूट और झांसी) में निवेश आ रहा है। पहले जहां किसान सालाना ₹5000 कमाता था, आज वही किसान ₹50,000 तक कमा रहा है।
साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करना बाकी IIT कानपुर में बोले सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की दिशा में भी प्रदेश ने मिसाल कायम की है। पिछले आठ वर्षों में 240 करोड़ पौधरोपण कर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया है। फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट भी मान चुका है कि उत्तर प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ा है। यही सतत विकास की ओर हमारे प्रयासों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा आज की सबसे बड़ी चुनौती है। 2017 में केवल दो साइबर थाने थे, वह भी सक्रिय नहीं थे। आज प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने हैं, 1500 से अधिक थानों में साइबर डेस्क है और राज्य साइबर एवं फॉरेंसिक संस्थान की स्थापना भी हो चुकी है। लेकिन अभी और बहुत कुछ करना बाकी है। इसी दिशा में हम आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर कार्य करना चाहते हैं। मेरा मानना है कि भारत का पहला डीप-टेक भारत 2025 मॉडल तैयार करने में आईआईटी कानपुर इसका केंद्र बने। गौतमबुद्धनगर में हमने इसके लिए कुछ भूमि भी अलॉट की है।
समन्वय से आगे बढ़ें तो भारत फिर से अपना गौरव हासिल कर सकता है IIT कानपुर में बोले सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत से भी मेरा आग्रह है कि केवल लाभ कमाने की मानसिकता से आगे न बढ़ें। लाभ का एक बड़ा हिस्सा नवाचार और अनुसंधान में लगाएं। आईआईटी कानपुर इस दिशा में एक मॉडल स्टडी बन सकता है जो इंस्टीट्यूशन को इस बारे में अवगत करा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2017 से पहले देखा कि हमारी अकादमिक संस्थाएं कहीं-कहीं टॉपू की तरह हो गई थीं। माहौल न मिलने के कारण उनका आपसी संवाद और समन्वय न के बराबर था। यह पेंडुलम बनकर झूलते रहते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हमने इन्हें जोड़ा है।
कोविड के दौरान आईआईटी कानपुर का सहयोग हमारे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण रहा। आज डिफेंस कॉरिडोर और मेड-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भी आईआईटी कानपुर की बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री बोले कि मनुष्य की चेतना के तीन स्तर होते हैं—चेतन मन मॉडल स्टडी का माध्यम बन सकता है। अवचेतन मन इनोवेशन का माध्यम बन सकता है और गहन चेतन आरएंडडी का बहुत बड़ा थिंक टैंक बन सकता है। अगर हम इन्हें समन्वय से आगे बढ़ाएं तो भारत फिर से वही स्थान प्राप्त कर सकता है, जो कभी था। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां से होने वाला यह मंथन एक ठोस निष्कर्ष तक पहुंचेगा और भारत तथा उत्तर प्रदेश को नई दिशा देगा।इस अवसर पर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान,आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणींद्र अग्रवाल, चीफ टेक्नोलॉजी अफसर टीसीएस डॉ. हैरी क्वीन, डिप्टी डायरेक्टर आईआईटी कानपुर प्रो. ब्रजभूषण मौजूद रहे।
#कौशाम्बी दलित बस्ती के लोग मूल भूत सुविधाओं से वंचित। बूंद बूंद पानी के लिए लगाती हैं महिलाएं लम्बी कतारें। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत। हैंड पम्प बनवाने के लिए ग्रामीण लगाते हैं चंदा। सरकारी हैंडपंप मरम्मत पर खर्च हुए धन का कोई असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आता। कौशाम्बी… pic.twitter.com/iqQWhlysxq