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Category: राजनीति

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  • 5 लाख हादसे, युद्ध से ज्यादा सड़कों पर मर रहे…रोड एक्सिडेंट से मौतों पर संसद में नितिन गडकरी का छलक गया दर्द

    5 लाख हादसे, युद्ध से ज्यादा सड़कों पर मर रहे…रोड एक्सिडेंट से मौतों पर संसद में नितिन गडकरी का छलक गया दर्द

    भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन चुकी हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि हर साल देश में करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1 लाख 80 हजार लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 67 प्रतिशत मृतक 18 से 34 वर्ष की उम्र के युवा होते हैं, जो देश की सबसे सक्रिय और उत्पादक आबादी माने जाते हैं।

    नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या कम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने एम्स (AIIMS) की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अगर दुर्घटना के शिकार लोगों को समय पर इलाज मिल जाए, तो हर साल करीब 50 हजार जानें बचाई जा सकती हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग अक्सर घायल की मदद करने से हिचकिचाते हैं।

    मदद करने से डरते हैं लोग

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आम लोगों को डर रहता है कि अगर वे घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाएंगे, तो उन्हें पुलिस और कानूनी झंझटों में फंसना पड़ सकता है। इसी डर के कारण कई बार घायल व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उसकी जान चली जाती है।

    ‘राहवीर’ योजना: मदद पर इनाम

    इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। नितिन गडकरी ने बताया कि अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को डरने की नहीं, बल्कि आगे आने की जरूरत है। ऐसे मददगार लोगों को सरकार ने ‘राहवीर’ की संज्ञा दी है।उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य लोगों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे बिना किसी भय के मानवता का परिचय देते हुए घायलों की मदद कर सकें।

    युवाओं की मौत सबसे बड़ी चिंता

    गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में युवाओं की बड़ी संख्या में मौत देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकार सड़क सुरक्षा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज इलाज व्यवस्था और जनजागरूकता के जरिए इन आंकड़ों को कम करने की दिशा में काम कर रही है।सरकार को उम्मीद है कि ‘राहवीर योजना’ से न सिर्फ घायलों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों की जान भी बचाई जा सकेगी

  • Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    लातूर/नई दिल्ली। Former Home Minister Shivraj Patel Death: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन हो गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पाटिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उनका देहांत हुआ।

    कौन थे शिवराज पाटिल?

    शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति का एक बड़ा और सम्मानित नाम रहे हैं। उनका करियर चार दशक से भी अधिक लंबा रहा। वह 1973 से 1980 तक लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रहे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे कई बार लोकसभा के सदस्य रहे और यूपीए सरकार में 2004 से 2008 तक भारत के केंद्रीय गृह मंत्री रहे।संसद, विधानसभा और केंद्रीय मंत्रालय में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनकी सादगी, विनम्रता और साफ-सुथरी छवि के लिए उन्हें अलग पहचान मिली।

    Former Home Minister Shivraj Patel Death लातूर में अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक

    निधन की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के लातूर में उनके निवास पर लोगों का आना शुरू हो गया है। स्थानीय नेताओं ने बताया कि अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे जीवन की लड़ाई हार गए।

    राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान

    • शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
    • 26/11 मुंबई हमले के समय देश के गृह मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सबसे अधिक चर्चित रहा।
    • वे लोकसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं और संसदीय मर्यादाओं को लेकर हमेशा संवेदनशील रहे।
    • भारतीय राजनीति में उन्होंने संयम, शालीनता और संतुलन को प्राथमिकता दी, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।

    श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी

    कांग्रेस अध्यक्ष, कई वर्तमान और पूर्व मंत्रियों, सांसदों व विधायकों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है। कई नेताओं ने कहा कि पाटिल का जाना भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ राजनीतिक चेहरे लातूर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर सकते हैं।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अंतिम संस्कार की तैयारी लातूर में की जा रही है। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार शाम तक किया जा सकता है। पूरे लातूर जिले में उनके समर्थक गहरे शोक में डूबे हैं।

  • गांधी जी के तीन बंदर , पप्पू, टप्पू और अप्पू” : दरभंगा में बोले CM योगी आदित्यनाथ

    गांधी जी के तीन बंदर , पप्पू, टप्पू और अप्पू” : दरभंगा में बोले CM योगी आदित्यनाथ

    दरभंगा बिहार के दरभंगा में जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जो मां जानकी का विरोधी है, वह हमारा भी विरोधी है।” सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर बन गया है, अब सीतामढ़ी में मां जानकी का मंदिर भी तैयार हो रहा है, और दोनों को जोड़ने के लिए राम-जानकी मार्ग का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मखाना बोर्ड के गठन, लाख की चूड़ियों को पहचान दिलाने और सड़क से लेकर वायु व जलमार्ग तक हुए कार्यों का जिक्र किया।

    विपक्षी गठबंधन पर हमला बोलते हुए योगी ने कहा, “आरजेडी और कांग्रेस वाले हिंदू द्रोही और राम द्रोही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा“आपने गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में सुना होगा, आज इंडी गठबंधन के तीन बंदर आ गए हैं — पप्पू, टप्पू और अप्पू। पप्पू सच बोल नहीं सकता, टप्पू सच देख नहीं सकता और अप्पू सच सुन नहीं सकता।”सीएम योगी ने कहा कि आरजेडी के शासन में बिहार में 70 से अधिक नरसंहार हुए थे, जबकि अब बिहार शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से एनडीए उम्मीदवारों को जिताने की अपील करते हुए कहा कि “घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों को अब जगह नहीं मिलेगी। अगर एक रहेंगे, तो सेफ रहेंगे।”

    यह वीडियो भी देखे.

  • बिहार चुनाव 2025: पीएम मोदी का ‘मिशन बिहार’ तेज, 2 नवंबर को पटना में रोड शो और दो बड़ी रैलियां

    बिहार चुनाव 2025: पीएम मोदी का ‘मिशन बिहार’ तेज, 2 नवंबर को पटना में रोड शो और दो बड़ी रैलियां

    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण (6 नवंबर) से पहले एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘ग्रैंड मिशन प्लान’ को अमल में लाना शुरू कर दिया है। भाजपा और सहयोगी दलों का फोकस अब राज्य की हर सीट तक मोदी का संदेश पहुंचाने पर है।


    पीएम मोदी का प्रचार अभियान — मिशन बिहार की शुरुआत

    24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की धरती समस्तीपुर से ‘मिशन बिहार’ का आगाज़ किया था। इसके बाद उन्होंने बेगूसराय में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।अब 30 अक्टूबर को मोदी एक बार फिर बिहार आ रहे हैं मुजफ्फरपुर (मोतीपुर) और छपरा में उनकी बड़ी रैलियां होंगी।प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सांसद संजय जायसवाल ने बताया कि दोनों जिलों में रैली स्थलों की तैयारियां जोरों पर हैं।


    2 नवंबर को पटना में भव्य रोड शो

    पीएम मोदी 2 नवंबर को पटना में मेगा रोड शो करेंगे।भाजपा ने इसका रूट प्लान तैयार कर लिया है, जिसमें राजधानी की सभी 14 विधानसभा सीटें शामिल होंगी बांकीपुर, पटना साहिब, दीघा, कुम्हरार, मनेर, बिक्रम, बाढ़, बख्तियारपुर, मोकामा, फतुहां, फुलवारी, मसौढ़ी, दानापुर और पालीगंज।यह रोड शो मोदी की जनसंपर्क रणनीति का केंद्रबिंदु माना जा रहा है, जिसके जरिए वे सीधे जनता से संवाद करेंगे।


    धर्मेंद्र प्रधान ने लिया तैयारियों का जायजा

    भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ रोड शो की तैयारियों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा “2 नवंबर को बिहार इतिहास देखेगा। पीएम मोदी का रोड शो और रैलियां जनता के उत्साह को नई ऊंचाई देंगी।”


    आरा और नवादा में भी दो बड़ी रैलियां

    2 नवंबर को ही पीएम मोदी नवादा और आरा में दो विशाल रैलियों को संबोधित करेंगे।
    भाजपा का दावा है कि इस बार एनडीए 20 साल का रिकॉर्ड तोड़कर दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगा।


    ‘मन की बात’ से जोड़ा बिहार का रिश्ता

    हाल ही में प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में बिहार के महापर्व छठ का विशेष उल्लेख किया था। उन्होंने कहा “छठ पर्व भारत की प्रकृति, संस्कृति और एकता का प्रतीक है।”

  • पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस

    पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

    84 वर्ष की उम्र में हुआ निधन पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

    सत्यपाल मलिक 84 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने के बाद RML अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।


    🏛️ लंबा राजनीतिक व प्रशासनिक करियर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

    सत्यपाल मलिक का राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन बेहद सक्रिय और प्रभावशाली रहा। वे कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं:जम्मू-कश्मीर (2018–2019) – जम्मू-कश्मीर के आखिरी राज्यपाल, जब तक यह राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित नहीं हुआ।

    • गोवा (2019–2020)
    • मेघालय (2020–2022)
    • बिहार (2017–2018)

    इसके अलावा वे लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रह चुके थे। उन्हें उनकी स्पष्टवादिता और बेबाक राजनीतिक टिप्पणियों के लिए भी जाना जाता था।


    राजनीतिक दलों ने दी श्रद्धांजलि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

    पूर्व राज्यपाल के निधन पर कई नेताओं ने शोक जताया ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “सत्यपाल मलिक जी का निधन दुखद है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी बेबाक शैली से खास पहचान बनाई।” राहुल गांधी: “सत्यपाल मलिक के निधन की खबर बेहद दुखद है। देश ने एक सच्चा और ईमानदार नेता खो दिया।”

  • Akhilesh Yadav Parliament News: संसद में बहस से पहले अखिलेश यादव का बड़ा सवाल –”पहलगाम हमले के आतंकवादी कहां गए?”

    Akhilesh Yadav Parliament News: संसद में बहस से पहले अखिलेश यादव का बड़ा सवाल –”पहलगाम हमले के आतंकवादी कहां गए?”

    नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025– संसद के मॉनसून सत्र में चर्चा की शुरुआत से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा सवाल दागा है। उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुद्दा उठाते हुए पूछा –”सरकार बताए कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी अब तक कहां हैं? क्या उन्हें पकड़ा गया? अगर नहीं, तो क्यों?”

    🔴 क्या है पहलगाम हमला? Akhilesh Yadav Parliament News

    हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में तीर्थयात्रियों पर हुए हमले में कई निर्दोष श्रद्धालु घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, और जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।

    अखिलेश यादव का आरोप Akhilesh Yadav Parliament News

    अखिलेश यादव का कहना है कि सरकार देश की सुरक्षा को लेकर केवल दावे कर रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है।उन्होंने पूछा –”जब इतना बड़ा हमला हुआ है, तो अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? सरकार को जवाब देना होगा।”संसद में विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। संभावना है कि आज की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा चूक, राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर तीखी बहस हो सकती है।

    Akhilesh Yadav Parliament News

  • Bareilly BJP controversy: भाजपा युवा मोर्चा में अनुशासन की दरार, वायरल ऑडियो से खुली सत्ता-प्रशासन की साजिश, जिम्मेदार चुप

    Bareilly BJP controversy: भाजपा युवा मोर्चा में अनुशासन की दरार, वायरल ऑडियो से खुली सत्ता-प्रशासन की साजिश, जिम्मेदार चुप

    Bareilly BJP controversy: भारतीय जनता पार्टी को हमेशा उसकी संगठित कार्यप्रणाली, अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन बरेली जिले के फरीदपुर में युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव से जुड़ा एक मामला इन तमाम दावों पर सवालिया निशान खड़े करता है।

    वायरल ऑडियो और सत्ता-प्रशासन की सांठगांठ– Bareilly BJP controversy

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें प्रदीप यादव कहते सुने जा रहे हैं—

    “अध्यक्ष जी, विधायक जी, सीओ, पुलिस अफसर सबको एक-एक लाख देने होंगे।”

    इस क्लिप ने सत्ता और प्रशासनिक तंत्र की संभावित सांठगांठ को बेनकाब कर दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की आवाज नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना है जहां राजनीतिक रसूख, पैसे और दबाव की त्रिकोणीय ताकत लोकतंत्र की नींव को खोखला कर रही है।- Bareilly BJP controversy

    अनुशासनहीनता पर संगठन की सख्ती, लेकिन सवाल बाकी

    भाजपा आंवला के जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने इस प्रकरण के बाद तत्काल प्रभाव से प्रदीप यादव को पद से हटाने की घोषणा की। यह कदम प्रशंसनीय है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसे व्यक्ति को संगठन में पद क्यों और कैसे मिला? क्या यह चयन प्रक्रिया की चूक थी या फिर जानबूझकर की गई अनदेखी?

    पीड़िता के आरोपों से और गहराया मामला– Bareilly BJP controversy

    इस मामले में सबसे चिंता का विषय पीड़िता नीतू यादव के गंभीर आरोप हैं, जिनमें अपहरण, मारपीट और यौन उत्पीड़न के प्रयास का उल्लेख है। लेकिन दर्ज की गई एफआईआर में इन धाराओं का उल्लेख नहीं है। उलटे पीड़िता को लगातार धमकियाँ मिलती रहीं और आरोपी राजनीतिक रसूख का खुलेआम प्रदर्शन करता रहा।

    यह दर्शाता है कि प्रशासन कितना निष्क्रिय या दबाव में है। क्या यह केवल एक व्यक्ति की मनमानी थी, या फिर पूरी व्यवस्था की मौन सहमति?

    मीडिया पर भी हमलावर हुआ आरोपी– Bareilly BJP controversy

    प्रदीप यादव ने वायरल ऑडियो में पत्रकारों को लेकर अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है। यह न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के उस स्तंभ की अवमानना है जो सत्ता को जवाबदेह बनाने का कार्य करता है।

    पत्रकार किसी दल या विचारधारा के नहीं, समाज के प्रहरी होते हैं। यदि उन्हें डराने और धमकाने की भाषा में बात की जाती है, तो यह संविधान और सामाजिक चेतना दोनों के लिए खतरे की घंटी है।

    भाजपा और प्रशासन की चुप्पी – रणनीति या सहमति?

    अब तक भाजपा के शीर्ष नेतृत्व या प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस बयान नहीं आया है। यह चुप्पी जनता के बीच अनेक संदेह खड़े कर रही है। क्या यह रणनीतिक चुप्पी है या फिर सत्ताधारी दल द्वारा अपने कार्यकर्ता को बचाने की कोशिश?

    जनता के विश्वास और लोकतंत्र की परीक्षा– Bareilly BJP controversy

    यह घटना महज एक अनुशासनहीन नेता का मामला नहीं, बल्कि एक महिला की अस्मिता, पत्रकारों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की गरिमा की परीक्षा है। भाजपा और प्रशासन के पास अब मौका है कि वे इसे व्यक्तिगत गलती न मानते हुए इसे एक संस्थागत संकट की तरह लें और पारदर्शी व कठोर कार्रवाई करें। Bareilly BJP controversy

    यदि ऐसा नहीं होता, तो यह केवल एक महिला या कुछ पत्रकारों का अपमान नहीं होगा, बल्कि पूरे समाज की चेतना और लोकतंत्र की आत्मा का अपहरण कहलाएगा।

  • Bharat Bandh Live Updates: बिहार में कई जगहों पर चक्का जाम, पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर तक राहुल-तेजस्वी का मोर्चा

    Bharat Bandh Live Updates: बिहार में कई जगहों पर चक्का जाम, पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर तक राहुल-तेजस्वी का मोर्चा

    Bharat Bandh Live Updates: भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों और श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत इस बंद में आज देशभर के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इस बंद का मुख्य विरोध चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (Voter List Revision) के खिलाफ है, जिसमें विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है।

    सड़कों पर राहुल-तेजस्वी – Bharat Bandh Live Updates

    भारत बंद का सबसे अधिक प्रभाव बिहार में देखा गया, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने पटना में मोर्चा संभाल लिया। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क से लेकर आयोग के दफ्तर तक पैदल मार्च किया।

    सैकड़ों कांग्रेस और महागठबंधन के कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए। पटना के डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, और कारगिल चौक पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।

    वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, EC पर विपक्षी हमलावर– Bharat Bandh Live Updates

    विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल के पक्ष में फर्जी नाम जोड़े गए हैं। राहुल गांधी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

    "यह लोकतंत्र की हत्या है। चुनाव आयोग को जवाब देना होगा कि किसके इशारे पर यह सब हो रहा है।"

    वहीं तेजस्वी यादव ने कहा,

    "हम बिहार की जनता का अपमान नहीं होने देंगे। यह बंद बिहारियों की आवाज़ है।"

    कई जिलों में चक्का जाम, रेल और सड़क सेवाएं प्रभावित– Bharat Bandh Live Updates

    बिहार के हाजीपुर, दानापुर, समस्तीपुर, दरभंगा, आरा, अररिया, छपरा और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सुबह से ही चक्का जाम किया गया। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर आवागमन रोक दिया। कुछ स्थानों पर ट्रेनों को भी रोका गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्कूल, बैंक, बीमा कार्यालय, और डाकघर जैसे कई संस्थान बंद रहे। कोयला खनन, निर्माण, और परिवहन सेवाओं में भी कामकाज ठप रहा।

    ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बंद का असर

    बिहार के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। कोलकाता, भुवनेश्वर, कटक और पुरुलिया में कई ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन किए।

    सरकार ने कहा – देश को रोकना गलत, विपक्ष का एजेंडा बेनकाब

    केंद्र सरकार ने भारत बंद को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन जनता को परेशान करना अनुचित है।
    सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बयान में कहा,

    "ये बंद जनता की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार चुनाव प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है।"

    भारत बंद का देशव्यापी असर- Bharat Bandh Live Updates

    भारत बंद का असर न केवल बिहार, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार की “श्रमिक विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों” के खिलाफ इस हड़ताल का आह्वान किया है। देशभर में बैंकिंग, बीमा, कोयला खनन, डाक सेवाएं, और निर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में सड़कों पर प्रदर्शनकारी उतरे, जबकि ओडिशा में कुछ स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ। श्रमिक संगठनों की मांगों में न्यूनतम वेतन, श्रम सुधार और निजीकरण के खिलाफ नीतियां शामिल हैं।

  • CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 35% आरक्षण, नीतीश कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

    CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 35% आरक्षण, नीतीश कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

    CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसमें कुल 43 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस फैसले को महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। CM Nitish Cabinet Meeting

    इससे पहले भी बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा था, लेकिन वह सभी महिलाओं के लिए था—चाहे वे राज्य की निवासी हों या बाहर की। अब केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा।

    💬 राजनीतिक पृष्ठभूमि और तेजस्वी की मांगCM Nitish Cabinet Meeting

    विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार बिहार की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण की मांग करते रहे हैं। इस मांग को नीतीश सरकार ने अब पूरा करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यह आरक्षण केवल स्थानीय महिलाओं के लिए होगा। यह निर्णय प्रदेश की बेटियों को नौकरी में प्राथमिकता देगा और बाहरी प्रतिस्पर्धा से राहत मिलेगी। CM Nitish Cabinet Meeting

    📜 अन्य महत्वपूर्ण फैसले जो कैबिनेट में हुए पासCM Nitish Cabinet Meeting

    1. डीजल अनुदान योजना पर 100 करोड़ की मंजूरी:
    कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2025-26 के लिए डीजल अनुदान योजना को 100 करोड़ रुपये की आर्थिक स्वीकृति दी गई है। इससे सूखा प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी।

    2. गेहूं बीज योजना में वृद्धि:
    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है ताकि गेहूं बीज विस्थापन दर में सुधार किया जा सके।

    3. दिव्यांग छात्रों को मुख्य परीक्षा के लिए प्रोत्साहन:
    मुख्यमंत्री दिव्यांग सशक्तिकरण योजना के तहत बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफल दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50,000 से 1 लाख रुपए तक की राशि मिलेगी।

    4. युवा आयोग की स्थापना:
    राज्य में युवा आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। यह आयोग 45 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शामिल करेगा।

    5. सैनिक स्कूलों के लिए सहायता:
    नालंदा और गोपालगंज के सैनिक स्कूलों में पोषाहार की व्यवस्था और नए सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    👩‍💼 महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    यह फैसला बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। नीतीश कुमार की सरकार ने पहले भी महिलाओं को पंचायती राज में 50% आरक्षण दिया था और अब सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण की पुष्टि से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार बेटियों को बराबरी का मंच देना चाहती है।

    🧑‍🏫 क्या बदलेगा इस फैसले से?

    रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी

    • स्थानीय महिलाओं को अधिक अवसर मिलेंगे
    • बेरोजगारी दर में कमी आ सकती है
    • नौकरी में बाहरी प्रतिस्पर्धा से राहत
    • महिला सशक्तिकरण को वास्तविक धरातल पर मजबूती
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    PM Modi Bihar visit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई को करेंगे मोतिहारी से विकास योजनाओं की सौगात

    पटना/मोतिहारी | संदीप कुमार (मैनेजिंग ए़डिटर)
    PM Modi Bihar visit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई को बिहार के मोतिहारी जिले के दौरे पर आने वाले हैं। यह उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद राज्य का 53वां दौरा होगा। इस दौरान वे राज्य को अरबों रुपये की सौगात देंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने सोमवार को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इस दौरे से बिहार को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लाभ मिलेगा।

    विकास की योजनाओं का पैकेज

    प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान वह स्वास्थ्य, सड़क, जलापूर्ति और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। जानकारी के अनुसार, ये योजनाएं पूर्वी चंपारण सहित अन्य जिलों में आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्रोत्साहित करेंगी।

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    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया –

    "प्रधानमंत्री मोदी का हर दौरा बिहार के लिए ऐतिहासिक होता है। इस बार भी वह राज्य के लिए कई नई योजनाएं लेकर आ रहे हैं जो बिहार के विकास की गति को नई दिशा देंगी।"

    🎤 विशाल जनसभा को करेंगे संबोधित

    मोतिहारी में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी आम जनता से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देंगे। यह जनसभा आगामी लोकसभा चुनाव की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां पीएम मोदी राज्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएंगे।

    🔍 प्रशासन तैयार, सुरक्षा चाक-चौबंद

    पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों में तेजी आ गई है। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिले की सीमाओं पर कड़ी चौकसी के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस, एसपीजी और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

    🗳️ चुनाव आयोग के कार्य की सराहना

    मीडिया से बातचीत में दिलीप जायसवाल ने मतदाता सत्यापन अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता से की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र मतदाता बिना किसी समस्या के अपने दस्तावेज़ अपडेट करवा पा रहे हैं।

    ⚖️ कानून व्यवस्था पर बयान

    गोपाल खेमका हत्याकांड पर पूछे गए सवाल पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य में कानून का राज है और पुलिस प्रशासन लगातार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा –

    “जो भी कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। राज्य में अराजकता फैलाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।”

    दौरे के राजनीतिक मायने

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में पीएम मोदी का यह दौरा विकास के एजेंडे को मज़बूत करने के साथ-साथ आगामी चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से भी अहम माना जा रहा है। मोतिहारी, चंपारण और आसपास के क्षेत्रों में प्रधानमंत्री की उपस्थिति भाजपा के लिए एक सशक्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।

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