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  • उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, कई पदों पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं

    उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, कई पदों पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं

    संवाददाता जय गुप्ता कन्नौज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक शहर के मुंशीफ रोड स्थित जिला कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने की। इस दौरान उन्होंने संगठन के उद्देश्य, विस्तार और व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।जिला अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभानी होती है। ऐसे में उनके हितों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर के व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा और हर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता से कराया जाएगा।

    बैठक में संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियाँ की गईं।
    नए पदाधिकारी इस प्रकार हैं प्रवीण गुप्ता (एडवोकेट) – जीएसटी सलाहकार पवन चौहान – नगर उपाध्यक्ष (युवा)पंकज तोमर – विधि सलाहकार सुमित – नगर मंत्री शिवम गुप्ता – नगर उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता – नगर उपाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार – नगर मंत्री इन नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने और व्यापारियों की आवाज को प्रभावी रूप से आगे रखने का संकल्प लिया गया।

    बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष अतुल वर्मा ने किया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक आशीष वर्मा, जिला महामंत्री रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष (युवा) गौरव गोयल, डॉ. आदित्य श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा, मनोज दीक्षित, अंकित तिवारी, रोहित गुप्ता, अवनीश गुप्ता, राघवेंद्र शर्मा, आकाश गुप्ता, सौरभ श्रीवास्तव, उमेश राठौर, अमित गुप्ता, जय किशन गुप्ता, शरद गुप्ता, पवन चौहान, गौरव यादव सहित कई व्यापारी शामिल थे।

    बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को गति देना था। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि नई टीम के साथ कार्यों में और तेजी आएगी तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा और भी प्रभावी ढंग से हो सकेगी।

  • UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: साल का आखिरी महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह-सुबह घना कोहरा प्रदेश के ज्यादातर जिलों में छाया हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद ठंड से हल्की राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पिछले 24 घंटे में तापमान में गिरावट

    IMD के अनुसार, बीते 24 घंटों में पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई अधिकतम तापमान में 2.5°C की गिरावट न्यूनतम तापमान में लगभग 2°C की गिरावट कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कई जिलों में 100 मीटर से कम रिकॉर्ड की गई, जिससे यातायात और आवागमन पर भी असर पड़ा।

    कानपुर रहा सबसे ठंडा जिला

    प्रदेश में सबसे अधिक ठंड कानपुर में देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान 6°C दर्ज किया गया।
    अन्य प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान:

    • बरेली: 7.2°C
    • इटावा: 7.2°C
    • अयोध्या: 7.5°C
    • सहारनपुर: 7.7°C

    तापमान में लगातार गिरावट ने लोगों को सुबह-शाम अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।

    झांसी सबसे गर्म जिला, यहां दर्ज हुआ सबसे अधिक तापमान

    अधिकतम तापमान की बात करें तो झांसी सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ दिन का तापमान 28.4°C दर्ज किया गया।
    अन्य जिलों का अधिकतम तापमान:

    • कानपुर: 28.3°C
    • प्रयागराज: 27.4°C
    • हमीरपुर: 26.6°C
    • फुरसतगंज: 26.5°C

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों तक लगभग स्थिर रहेगा।


    13 दिसंबर से बदलेगा मौसम, मिलेगी हल्की राहत

    IMD के अनुसार, 13 दिसंबर से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे 3–4 दिनों तक पुरवा हवाएं चलेंगी, जिसके चलते ठंड में हल्की कमी आएगी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है सुबह की गलन में भी कमी महसूस होगी फिलहाल, अगले 24 घंटे तक मौसम में किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा।

  • अमरोहा में बांग्लादेशी महिला और उसके पति हिरासत में, IB भी हुई जांच में शामिल

    अमरोहा में बांग्लादेशी महिला और उसके पति हिरासत में, IB भी हुई जांच में शामिल

    अमरोहा जिले के मंडी धनौरा कस्बे से पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला रीना बेगम और उसके पति राशिद अली को हिरासत में लिया है। दोनों को संदिग्ध रूप से इलाके में रह रहे होने की सूचना पर पुलिस और खुफिया एजेंसी IB ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच में खुलासा हुआ कि रीना बेगम अवैध तरीके से नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुई थी और पिछले लगभग दो महीनों से मंडी धनौरा क्षेत्र में रह रही थी।

    सऊदी में हुई मुलाकात और निकाह से शुरू हुआ संबंध

    सूत्रों के अनुसार, रीना बेगम और राशिद अली की मुलाकात कुछ साल पहले सऊदी अरब में नौकरी के दौरान हुई। दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और वहीं पर निकाह भी कर लिया। रिश्ते के बाद रीना ने अवैध तरीके से भारत आने की योजना बनाई। वह नेपाल टूरिस्ट वीज़ा पर पहुंची और अक्टूबर 2025 में भारत–नेपाल बॉर्डर से बिना अनुमति भारत में दाखिल हो गई।

    वायरल वीडियो से खुला राज

    पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब सोशल मीडिया पर रीना के दो वीडियो वायरल हुए।एक वीडियो में रीना विमान में बैठकर “बाय बाय बांग्लादेश” कहते दिख रही है।दूसरे वीडियो में वह बांग्लादेश एयरलाइंस के विमान के पास बंगला भाषा में बात करती नजर आती है।इन वीडियो ने खुफिया एजेंसी को शक की दिशा दी, जिसके बाद दोनों पर नजर रखी गई और आखिरकार पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    पूछताछ में स्वीकार किया सच

    शुरुआती पूछताछ में रीना ने खुद को पश्चिम बंगाल की रहने वाली बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब वीडियो सामने रखे गए और सबूत दिखाए गए, तो पति राशिद अली ने स्वीकार कर लिया कि रीना वास्तव में बांग्लादेश की नागरिक है।करीब 8 घंटे चली पूछताछ में पुलिस और IB को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।

    विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने रीना बेगम पर Foreigners Act के तहत केस दर्ज कर लिया है।वहीं, उसके पति राशिद अली पर एक विदेशी को अवैध रूप से शरण देने का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है किदोनों भारत में किस उद्देश्य से आए?क्या उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क है?भारत में रहते हुए दोनों की गतिविधियां क्या थीं?जल्द ही पुलिस इस मामले में और खुलासे कर सकती है।

  • वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर मोहल्ले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल (35) की सिलबट्टे से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुबह जब परिजन और पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो कमरे की कुंडी बाहर से बंद मिली। अंदर पहुंचते ही खून से लथपथ अनुपमा का शव देखकर लोगों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


    सुबह-सुबह हुई हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    घटना शुक्रवार सुबह की है। मृतका अनुपमा पटेल के पति शैलेश कुमार दूध सप्लाई का काम करते हैं। वे रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे दूध लेने घर से निकले थे। उस वक्त अनुपमा घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और पति को बाहर तक छोड़ने आई थीं।शैलेश जब सुबह 8 बजे दूध लेकर वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का मेन गेट खुला है, लेकिन पत्नी कहीं दिखाई नहीं दे रही। संदेह होने पर उन्होंने कमरे की कुंडी चेक की, जो बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर जैसे ही अंदर गए, वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए—अनुपमा खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं। उनके सिर पर सिलबट्टे से कई बार वार किया गया था।

    चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी, शक गहराया

    स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह किसी ने भी किसी तरह की चीख, शोर या विवाद की आवाज नहीं सुनी। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्यारे ने पहले महिला के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि आवाज बाहर न जा सके।
    कमरे को बाहर से बंद करने से साफ है कि आरोपी घटना को अंजाम देकर आराम से निकल गया और शक को भटकाने की कोशिश भी की।

    फोरेंसिक, SOG और पुलिस अधिकारियों ने संभाली जांच

    सूचना मिलते ही शिवपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसीपी कैंट नितिन तनेजा, SOG टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। कमरे से खून के नमूने, हथियार (सिलबट्टा) और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
    फोरेंसिक टीम यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय कमरे में एक से अधिक लोग थे या नहीं, और कहीं जबरन प्रवेश के निशान तो नहीं हैं।मृतका अनुपमा खजूरी में आंगनवाड़ी वर्कर थीं। उनका मायका भी खजूरी में ही है। पति-पत्नी की शादी को 10 वर्ष हो चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। घटना के बाद मायके और ससुराल दोनों पक्ष के लोग सदमे में हैं।

    हत्या की वजह पर पुलिस जांच जारी

    फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, घरेलू विवाद, लूट की कोशिश और अन्य आपराधिक कोणों से भी जांच कर रही है।सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और पिछले दिनों के विवादों की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/yogi-government-hi-tech-intruder-detection-detention-model-up/
  • Sardiyon Me Amrud Khane Ke Fayde: सर्दियों में अमरूद खाने के 10 बड़े फायदे जो सेहत के लिए वरदान हैं

    Sardiyon Me Amrud Khane Ke Fayde: सर्दियों में अमरूद खाने के 10 बड़े फायदे जो सेहत के लिए वरदान हैं

    Sardiyon Me Amrud Khane Ke Fayde:सर्दियों का मौसम आते ही बाज़ार में एक खास फल की भरमार हो जाती है, और वो है अमरूद (Guava). यह स्वादिष्ट और कुरकुरा फल न केवल खाने में मज़ेदार होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. हालांकि अमरूद पूरे साल मिलता है, लेकिन सर्दियों में आने वाला अमरूद स्वाद और गुणों में लाजवाब होता है. अगर आप जानना चाहते हैं कि ठंड के मौसम में अमरूद क्यों खाना चाहिए और इसके क्या-क्या फायदे हैं, तो यह लेख आपके लिए है. हम आसान और बोलचाल की भाषा में अमरूद खाने के फ़ायदों (Amrud Khane Ke Fayde) के बारे में बात करेंगे.

    1. इम्यूनिटी को बनाता है सुपर स्ट्रॉन्ग

    अमरूद विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है। मज़े की बात यह है कि एक अमरूद में संतरे से भी 4 गुना ज़्यादा विटामिन C पाया जाता है। यह सर्दियों में होने वाले सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन और फ्लू से बचाने में बेहद मददगार है। रोज़ाना एक अमरूद खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है।

    2. पाचन और कब्ज़ की समस्या में बेहद फायदेमंद

    सर्दियों में ज्यादातर लोगों का पाचन धीमा हो जाता है। अमरूद में मौजूद डाइटरी फाइबर पेट को साफ रखता है, कब्ज़ दूर करता है और पाचन बेहतर बनाता है। गैस, एसिडिटी, अपच जैसी समस्याओं में यह बेहद लाभकारी है।

    3. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करे

    अमरूद डायबिटीज़ रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्राकृतिक फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। सर्दियों में मीठा खाने का मन ज़्यादा करता है, ऐसे में अमरूद एक हेल्दी विकल्प है।

    4. वजन घटाने में मदद

    अमरूद कैलोरी में कम और पोषण में ज़्यादा होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत को कम करता है। इसलिए सर्दियों में वजन घटाने के लिए यह एक बेहतरीन फल है।

    5. त्वचा और चेहरे पर ग्लो लाए

    अमरूद में मौजूद विटामिन C, A और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री-रैडिकल्स से बचाते हैं। यह स्किन को टाइट करता है, झुर्रियां कम करता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो लाता है। ठंड में रूखी त्वचा से राहत पाने के लिए इसका सेवन बेहद लाभकारी है।

    6. दिल को स्वस्थ रखे

    अमरूद में लाइकोपीन, पोटेशियम और फाइबर दिल की सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह कोलेस्ट्रॉल कम करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करता है।

    7. एनीमिया से बचाए

    अमरूद में आयरन और फोलेट की मात्रा भी अच्छी होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। सर्दियों में थकान और कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए यह पौष्टिक फल वरदान है।

    8. आंखों की रोशनी बढ़ाए

    अमरूद में विटामिन A पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी बरकरार रखने में मदद करता है। यह रात में दिखने में आने वाली समस्या (Night Blindness) से भी बचाता है।

    9. मेटाबॉलिज़्म को तेज करे

    सर्दियों में शरीर का मेटाबॉलिज़्म थोड़ा धीमा पड़ जाता है। अमरूद में मौजूद पोषक तत्व मेटाबॉलिज़्म को एक्टिव और तेज रखते हैं।

    10. कैंसर से बचाने में सहायक

    अमरूद में एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे लाइकोपीन और विटामिन C कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं। यह शरीर को हाई ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी बचाता है।

  • कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। इन परीक्षाओं में जिलेभर से करीब 1.29 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

    बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की सीलबंदी तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रश्नपत्रों के बंडल पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं।

    निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें

    परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए

    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

    जिले में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पेयजल, बिजली, बैठने और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जा सकें।

  • बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी जिले में बुधवार दोपहर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुबेहा थाना क्षेत्र के कुड़वां गांव के पास माइलस्टोन 51.6 पर दो तेज़ रफ्तार कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों में तुरंत आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद कारों में बैठे लोग उछलकर करीब 15 से 20 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। आग की लपटों और धुएं के कारण हालात बेहद भयावह हो गए।

    स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

    हादसे के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए कुछ घायलों को जलती कारों से बाहर खींचा। सूचना पर पहुंची पुलिस और यूपीडा टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। कई गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल बाराबंकी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    दमकल की गाड़ी ने पाया आग पर काबू

    सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों कारें पूरी तरह जल चुकी थीं। हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना कैसे हुई टक्कर के बाद आग किन परिस्थितियों में लगी मृतक और घायल किस जिले/राज्य के रहने वाले हैंइन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है।यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की गंभीर याद दिलाता है।

  • PannaNews – पन्ना में दो दोस्तों की खुली किस्मत, मिला 15.34 कैरेट का बेशकीमती हीरा

    PannaNews – पन्ना में दो दोस्तों की खुली किस्मत, मिला 15.34 कैरेट का बेशकीमती हीरा

    PannaNews – मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बार फिर किस्मत बदल देने वाली खबर सामने आई है। पन्ना में मिला 15.34 कैरेट हीरा दो युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र में खदान संचालन कर रहे 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद को यह बेशकीमती जेम्स क्वालिटी हीरा मिला है।

    खास बात यह है कि दोनों युवाओं ने महज 20 दिन पहले ही खदान का काम शुरू किया था। शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी सफलता मिलने से इलाके में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि यह हीरा इस साल अब तक पन्ना में मिला सबसे बड़ा और बेहद चमकदार हीरा है।

    हीरा विशेषज्ञों के अनुसार, इस 15.34 कैरेट के हीरे की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। नियमानुसार हीरे को पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया जाएगा, जहां इसकी नीलामी की प्रक्रिया पूरी होगी।

    पन्ना जिला लंबे समय से हीरा खनन के लिए जाना जाता है और समय-समय पर ऐसी घटनाएं स्थानीय युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनती हैं। पन्ना में मिला 15.34 कैरेट हीरा एक बार फिर साबित करता है कि यहां किस्मत कब बदल जाए, कहा नहीं जा सकता।

  • WeatherAlert: दिल्ली में कड़ाके की ठंड कब पड़ेगी? अगले हफ्ते का मौसम अलर्ट जारी

    WeatherAlert: दिल्ली में कड़ाके की ठंड कब पड़ेगी? अगले हफ्ते का मौसम अलर्ट जारी

    WeatherAlert: दिसंबर के 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राजधानी में अभी तक कड़ाके की ठंड ने दस्तक नहीं दी है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि दिल्ली में ठंड कब पड़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले हफ्ते से दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। इसके साथ ही कई इलाकों में घना कोहरा छाने का अनुमान है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सप्ताह के मध्य तक तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है। दिल्ली में ठंड कब पड़ेगी—इसका जवाब अगले कुछ दिनों में साफ होता नजर आएगा।

  • दतिया में अवैध रेत ट्रैक्टर ने महिला को मारी टक्कर, हंगामा

    दतिया में अवैध रेत ट्रैक्टर ने महिला को मारी टक्कर, हंगामा

    दतिया मप्र रिपोर्ट लोकेश मिश्रा। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अवैध रेत परिवहन एक बार फिर बड़ी घटना का कारण बन गया। भाण्डेर थाना क्षेत्र की बिछौदना चौकी अंतर्गत गुरुवार सुबह अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर ने एक महिला को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत ट्रैक्टर व चालक को मौके पर घेर लिया और हादसे की सूचना पुलिस व खनिज विभाग को दी।

    घायल महिला की पहचान सुकोरती देवी, पति दुर्गा प्रसाद दौरे, निवासी बिछौदना के रूप में हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों द्वारा रोके गए ट्रैक्टर की जांच में बड़ा खुलासा हुआ—ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी के चल रहा था और अवैध रूप से रेत ढोने का कार्य लगातार कर रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, ट्रैक्टर कथित रूप से पुष्पेन्द्र रजक का बताया जा रहा है, जो सालोन और खिरिया क्षेत्र से रेत भरकर अवैध परिवहन करता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है, और इसके पीछे पुलिस व रेत माफिया की मिलीभगत भी शामिल बताई जा रही है।

    मौके पर दतिया खनिज विभाग की टीम, भाण्डेर थाना पुलिस और बिछौदना चौकी पुलिस पहुंची तथा ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर स्थानीय पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया। मामला सामने आने के बाद रेत माफिया पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रेत परिवहन के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पहले इसी तरह की घटना में एक बच्ची की मौत हुई थी, लेकिन इसके बावजूद रेत माफिया बेखौफ तरीके से सक्रिय हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस सख्ती करती तो आज यह हादसा नहीं होता।

    हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
    अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है—क्या रेत माफिया पर कड़ी कार्रवाई होगी या फिर अवैध ट्रैक्टर यूँ ही सड़कों पर दौड़ते रहेंगे।