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  • कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात कानपुर देहात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम बम निरोधक दस्ता और औरैया पुलिस के साथ जिले में दाखिल हुई। टीम ने कानपुर–झांसी हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह पेट्रोल पंप कमलकांत वर्मा का बताया जा रहा है, जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप और पुराने मामले दर्ज हैं।

    सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंची NIA की टीम

    सुबह करीब 7 बजे NIA की टीम अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते ने पेट्रोल पंप के हर हिस्से की गहन जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और मैनेजर को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद NIA टीम पेट्रोल पंप मैनेजर को अपने साथ ले गई।

    औरैया व कानपुर देहात में 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कमलकांत वर्मा के औरैया तथा कानपुर देहात में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। औरैया के स्थानीय प्रतिष्ठानों पर भी NIA की टीमें सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कमलकांत वर्मा पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में जेल भी जा चुका है।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के तहत की जा रही है। NIA को संदेह है कि कुछ नए इनपुट मिलने के बाद कमलकांत वर्मा की गतिविधियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया था।

    हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला होने की आशंका

    बम निरोधक दस्ता की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेट्रोल पंप के एक-एक कोने की तलाशी ली, CCTV फुटेज की जांच की और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले।

    कमलकांत वर्मा का इतिहास भी NIA की रडार को और मजबूत करता है। वह पहले भी पंजाब की जेल में हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है। अब दोबारा उसके ठिकानों पर कार्रवाई होने से यह साफ है कि उसके खिलाफ गंभीर सबूत मिले हैं।

    फिलहाल जांच जारी

    NIA की कार्रवाई देर रात से लगातार जारी है और अभी और ठिकानों पर भी दस्तक दी जा सकती है। टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर यह साफ माना जा रहा है कि मामला हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

  • अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    कानपुर देहात। अकबरपुर रनिया में आयोजित दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्ययुवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देना था।

    प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

    गोला फेंक में समीर, अजीत और सौरभ कुमार प्रथम स्थान पर रहे।
    भाला फेंक में अमन ने बाजी मारी।
    बालिका वर्ग में अर्शी, तानी और मयंक पाल प्रथम स्थान पर रहीं।
    कबड्डी प्रतियोगिता में माती की टीम ने खिताब जीता
    वॉलीबॉल में ककरदही टीम विजेता बनी।

    मंत्री प्रतिभा शुक्ला का संबोधन

    पुरस्कार वितरण के दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा“खेल चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और अनुशासन सिखाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में खेल सुविधाओं और संसाधनों को और अधिक मजबूत किया जाएगा।मंत्री ने भरोसा जताया कि अकबरपुर रनिया के खिलाड़ी जल्द ही जोन, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाएँगे।

    कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित रहे

    इस अवसर पर ग्राम प्रधान किरण देवी, जिला युवा कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार, व्यायाम प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी हिमेंद्र गौतम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

  • IND vs SA: ऋतुराज गायकवाड़ का पहला वनडे शतक, 77 गेंदों में खेली करारी पारी, आलोचकों को दिया जवाब

    IND vs SA: ऋतुराज गायकवाड़ का पहला वनडे शतक, 77 गेंदों में खेली करारी पारी, आलोचकों को दिया जवाब

    रायपुर। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाज़ ऋतुराज गायकवाड़ ने शानदार शतक जड़कर मैच की तस्वीर ही बदल दी। उन्होंने सिर्फ 77 गेंदों में 12 चौकों और 2 छक्कों की मदद से अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया।

    यह पारी उनके लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि वनडे फॉर्मेट में उनके पिछले आंकड़े संतोषजनक नहीं थे। आलोचकों द्वारा लगातार सवाल उठाए जाने के बीच गायकवाड़ ने नंबर 4 पर आकर बेहद दमदार प्रदर्शन करते हुए अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया।

    रोहित शर्मा और जायसवाल फ्लॉप, गायकवाड़ टॉप

    मैच में टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही।

    • कप्तान रोहित शर्मा बड़ी पारी नहीं खेल सके
    • यशस्वी जायसवाल भी जल्दी आउट होकर पवेलियन लौटे

    लेकिन गायकवाड़ ने एक छोर संभाले रखा और अटैक करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    उनके इस शतक की बदौलत भारत ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की और गायकवाड़ के रूप में टीम इंडिया को एक भरोसेमंद नंबर 4 बल्लेबाज का विकल्प मिल गया है।

  • सहारनपुर में शादी में हंगामा , दूल्हे की कथित प्रेमिका स्टेज पर पहुंची, बारातियों ने की पिटाई

    सहारनपुर में शादी में हंगामा , दूल्हे की कथित प्रेमिका स्टेज पर पहुंची, बारातियों ने की पिटाई

    सहारनपुर: एक शादी समारोह उस समय रणक्षेत्र बन गया जब दूल्हे की कथित प्रेमिका पूनम अचानक स्टेज पर पहुंच गई और शादी रुकवाने का प्रयास किया। इसके बाद बारातियों और महिला के बीच तीखी झड़प हो गई और मामला मारपीट में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला के स्टेज पर पहुंचने से समारोह में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि 40–50 लोगों ने मिलकर पूनम पर हमला किया, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई और महिलाओं समेत कई लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया।

    पूनम का आरोप है कि दूल्हे से उसका संबंध था और वह शादी रुकवाने के लिए आई थी, लेकिन बारातियों ने उस पर बर्बर हमला कर दिया। उसके साथ आई एक अन्य महिला को भी धक्का-मुक्की व चोटें आने की बात सामने आई है।

    हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत शादी रुकवा दी। पुलिस ने पीड़िता और उसकी साथी को अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया और मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है और स्टेज पर हुई मारपीट का वीडियो व गवाहों के बयान भी इकट्ठा किए जा रहे हैं।

  • Chhattisgarh Naxal News : बटालियन-1 का हेड देवा भी सरेंडर ,अब छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक शीर्ष माओवादी बचा

    Chhattisgarh Naxal News : बटालियन-1 का हेड देवा भी सरेंडर ,अब छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक शीर्ष माओवादी बचा

    Chhattisgarh Naxal News : छत्तीसगढ़ में माओवाद का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाने वाला पीएलजीए बटालियन–1 अब लगभग ढह चुका है। हिडमा की मौत के बाद उसके सबसे करीबी और उसी गांव के रहने वाले बारसे देवा के भी सरेंडर करने की खबरों ने पूरे माओवादी नेटवर्क को हिला दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो देवा ने सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क किया है और जंगल से बाहर आने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।देवा पर 50 लाख रुपये का इनाम था और हिडमा की मौत के बाद उसे माओवादी संगठन की सबसे खतरनाक बटालियन–1 का मिलिट्री कमीशन हेड बनाया गया था। सूत्र बताते हैं कि जिम्मेदारी बढ़ने के बाद से ही देवा घबराया हुआ था और कई दिनों से आत्मसमर्पण के विकल्प पर विचार कर रहा था।

    सिर्फ पापा राव और लगभग 100 माओवादी जंगल में सक्रिय

    देवा के सरेंडर की पुष्टि होते ही छत्तीसगढ़ में सक्रिय शीर्ष कमांडरों में सिर्फ पापा राव ही बच जाएगा। उसके साथ भी मुश्किल से सौ के करीब हथियारबंद माओवादी सक्रिय बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पापा राव की गिरफ्तारी या मौत के बाद छत्तीसगढ़ में माओवाद लगभग समाप्त मान लिया जाएगा।

    सुरक्षित कॉरिडोर तैयार, जल्द हो सकती है आधिकारिक पुष्टि

    सूत्रों के मुताबिक देवा ने बस्तर IG से फोन पर संपर्क कर सरेंडर की जानकारी दी है। उसके लिए सुकमा इलाके में सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि उसके साथ एक दर्जन से अधिक माओवादी भी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में शामिल हैं।

    क्यों डरा हुआ था देवा?

    हिडमा की मौत के बाद संगठन में देवा की स्थिति तो मजबूत हुई, लेकिन उसी के साथ उस पर दबाव और खतरा भी बढ़ गया।
    उसके गांव के लोग, महिला डीके सदस्य और स्थानीय कैडर भी उसे लगातार सरेंडर करने की सलाह दे रहे थे। मानसिक दबाव, सुरक्षा बलों का दबदबा और जंगल में कमज़ोर होती पकड़ उसके सरेंडर की बड़ी वजह मानी जा रही है।

    छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण की लहर

    साल 2025 माओवादियों के लिए सबसे भारी साबित हुआ है।केवल जुलाई 2025 में 66 और अक्टूबर 2025 में 210 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डाल दिए।हिडमा और बसवराजू की मौत के बाद सिर्फ 10 दिनों में 209 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। जिनमें कई करोड़ों के इनामी और टॉप कमांडर शामिल हैं।

    2021 टेकुलगुड़ेम हमले के बाद शुरू हुई निर्णायक लड़ाई

    3 अप्रैल 2021 को टेकुलगुड़ेम हमले में 21 जवानों के बलिदान के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पहुंचकर माओवादी हिंसा के पूर्ण सफाए का संकल्प लिया था।पहली समयसीमा 2023 थी, जिसे बढ़ाकर 30 मार्च 2026 किया गया।
    लेकिन मौजूदा हालात देखते हुए सुरक्षित एजेंसियां मान रही हैं कि माओवाद का अंत समयसीमा से पहले ही संभव है।

    2025: माओवाद के पतन का साल

    इस वर्ष कई बड़े नाम या तो मारे गए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं—

    • चलपति (गरियाबंद)
    • बसवराजू
    • भूपति (CRB प्रमुख)
    • रूपेश
    • मुचाकी एर्रा
    • जी. पवनदम रेड्डी उर्फ श्याम दादा
    • अनंत नागपुरे

    अब देवा के सरेंडर की खबर ने माओवादी ढांचे को झकझोर दिया है।
    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है“बस पापा राव की गिरफ्तारी वह बिंदु होगी जब बस्तर को औपचारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकेगा।”

  • कानपुर देहात: 6 महीने से गायब नवजात, बेबस मां दर–दर भटक रही… पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    कानपुर देहात: 6 महीने से गायब नवजात, बेबस मां दर–दर भटक रही… पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    कानपुर देहात से पुलिसिया लापरवाही का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक मां अपनी नवजात बच्ची की तलाश में 6 महीने से थाना–चौकी से लेकर SP ऑफिस तक चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे अपनी बच्ची की एक झलक भी नसीब नहीं हुई।

    जन्म लेते ही गायब कर दी गई बच्ची

    डेरापुर थाना क्षेत्र के कपासी गांव की पीड़ित महिला का आरोप है कि जैसे ही उसने बच्ची को जन्म दिया—उसी समय उसकी नवजात को गायब करा दिया गया। महिला को शक है कि बच्ची को उसी आरोपी ने गायब किया है जिसने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया।महिला का दर्द “6 महीने हो गए… कोई नहीं बता रहा कि मेरी बच्ची कहां है… मुझे डर है कि वह उसे मार न दे…”

    शादी का झांसा, शोषण और फिर नवजात को गायब करने का आरोप

    पीड़ित महिला का दावा:आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गर्भवती होने पर भी आरोपी ने कोई जिम्मेदारी नहीं लीबच्ची जन्म लेते ही आरोपी बच्ची को उठाकर ले गया छह महीने तक पुलिस ने न तो बच्ची बरामद की, न आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की

    पुलिस पर सुस्ती का आरोप – 6 महीने बाद भी नहीं मिली बच्ची

    महिला का कहना है कि पुलिस से लेकर SP ऑफिस तक उसने बार–बार गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई बेहद धीमी रही।पीड़ित मां का आरोप:“मैं SP ऑफिस पहुंची थी, लेकिन पुलिसवालों ने अंदर ही नहीं जाने दिया…”

    गांव में सनसनी, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

    कपासी गांव में लोग कह रहे हैं कि6 महीने तक एक नवजात बच्ची का कोई सुराग न लग पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    सबसे बड़ा सवाल कब भरेगी मां की गोद?

    मामला डेरापुर पुलिस के पास है, लेकिन अब सवाल यह है कब बरामद होगी नवजात?कब मिलेगी इस बेबस मां को इंसाफ?कब समझेगी पुलिस एक मां का दर्द?पीड़ित महिला आज भी अधिकारियों की चौखट पर खड़ी हैबस अपनी बच्ची की एक झलक के इंतजार में…

  • 200 साल बाद 19 वर्षीय वेदमूर्ति ने रचा इतिहास, शुक्ल यजुर्वेद के 2000 मंत्रों का दंडाक्रमा पारायण; PM मोदी ने की सराहना

    200 साल बाद 19 वर्षीय वेदमूर्ति ने रचा इतिहास, शुक्ल यजुर्वेद के 2000 मंत्रों का दंडाक्रमा पारायण; PM मोदी ने की सराहना

    वाराणसी। भारत की प्राचीन वैदिक परंपरा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, महाराष्ट्र के 19 वर्षीय वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिनी शाखा के लगभग 2,000 मंत्रों वाले ‘दंडाक्रमा पारायण’ को सफलतापूर्वक पूरा किया। वैदिक परंपरा में यह पारायण लगभग 200 वर्षों के बाद पहली बार शुद्ध शास्त्रीय शैली में संपन्न किया गया, जिसे विद्वानों ने अत्यंत कठिन आध्यात्मिक और शास्त्रीय साधना माना है।देवव्रत रेखे ने यह कठिन पारायण लगातार 50 दिनों तक बिना किसी रुकावट के पूरा किया। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित इस अनुष्ठान को देखने के लिए कई विद्वान, संत और वैदिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


    PM मोदी ने की भूरि-भूरि प्रशंसा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर ‘एक्स’ (Twitter) के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा:“19 साल के वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे ने जो किया है उसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी! भारतीय संस्कृति से प्रेम करने वाले हर व्यक्ति को उन पर गर्व है। उन्होंने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिनी शाखा के 2000 मंत्रों वाले दंडक्रम पारायण को 50 दिनों में बिना रुकावट पूरा किया—यह अद्भुत है।”प्रधानमंत्री ने आगे लिखा:“काशी से सांसद होने के नाते मुझे विशेष खुशी है कि यह अनोखा आध्यात्मिक कार्य काशी की पवित्र धरती पर पूरा हुआ। मैं उनके परिवार, संतों, ऋषि-विद्वानों और उन सभी संगठनों को प्रणाम करता हूँ जिन्होंने उनका मार्गदर्शन किया।”


    विशेष सम्मान – स्वर्ण कंगन और नकद राशि

    देवव्रत रेखे को इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए 5 लाख रुपए मूल्य का स्वर्ण कंगन ₹1,11,116 की सम्मान राशि प्रदान की गई।यह सम्मान दक्षिणामनया श्री शृंगेरी शारदा पीठम के जगद्गुरु शंकराचार्यों के आशीर्वाद के साथ प्रदान किया गया, जिसे वैदिक जगत में सर्वोच्च आध्यात्मिक सम्मान माना जाता है।


    वेदिक परंपरा में एक नया अध्याय

    विद्वानों के अनुसार, शास्त्रीय तरीके से दंडाक्रमा पारायण उच्चारण की शुद्धता स्वर संयोजन बिना रुके निरंतर 50 दिन की साधना अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।देवव्रत रेखे की यह उपलब्धि न केवल वैदिक परंपरा के पुनर्जागरण की मिसाल है, बल्कि युवाओं के बीच वैदिक अध्ययन के प्रति बढ़ती रुचि को भी दर्शाती है।

  • UP Cabinet Meeting 2025: योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक: अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय और सभी मंडल मुख्यालयों पर DDRC केंद्र को मंजूरी

    UP Cabinet Meeting 2025: योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक: अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय और सभी मंडल मुख्यालयों पर DDRC केंद्र को मंजूरी

    UP Cabinet Meeting 2025 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, खेल, स्वास्थ्य, पेयजल, दिव्यांग कल्याण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में रखे गए 21 प्रस्तावों में से 20 को मंजूरी दे दी गई। निर्णयों में अयोध्या के लिए विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय, कानपुर में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, सिगरा स्टेडियम का कायाकल्प और हर मंडल मुख्यालय पर दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ शामिल हैं।


    अयोध्या में बनेगा विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय

    कैबिनेट ने अयोध्या में प्रस्तावित टेंपल म्यूजियम परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है।

    • टाटा एंड संस को पूर्व में दी गई 25 एकड़ जमीन के अतिरिक्त
    • कुल 52.102 एकड़ नजूल भूमि अब हस्तांतरित की जाएगी।

    यह संग्रहालय अयोध्या के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा।


    कानपुर में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल को मंजूरी

    स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने कानपुर में नजूल भूमि पर 45,000 वर्ग मीटर क्षेत्र को कानपुर विकास प्राधिकरण को मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल निर्माण हेतु हस्तांतरित करने का निर्णय लिया।


    वाराणसी के सिगरा स्टेडियम को मिलेगा हाई-टेक स्वरूप

    वाराणसी स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम (सिगरा) को उच्च स्तरीय बनाने के लिएएमओयू प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।इसके बाद स्टेडियम में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


    हर मंडल मुख्यालय पर बनेगा दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC)

    राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए UP के सभी 18 मंडलों में DDRC केंद्र बनाने इनके संचालन के लिए राजकीय संसाधनों का उपयोग करने की मंजूरी दी है। यह केंद्र दिव्यांग जनों के कौशल, शिक्षा, उपकरण वितरण और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


    कानपुर–बरेली में पेयजल परियोजनाओं को आर्थिक स्वीकृति

    AMRUT योजना के तहत दो बड़े शहरों को राहत मिली कानपुर में अमृत पेयजल योजना चरण-2 को वित्तीय स्वीकृति बरेली में AMRUT 2.0 पेयजल परियोजना को मंजूरी दोनों निर्णय पेयजल आपूर्ति और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगे।


    औद्योगिक निवेश को बढ़ावा—दिए जाएंगे प्रोत्साहन

    • शाहजहांपुर की केय पल्प एंड पेपर्स लिमिटेड
    • मथुरा की वृंदावन एग्रो को 2017 औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सुधारों पर भी मुहर

    • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर घाघरा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत व सुरक्षा कार्य की मंजूरी इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति (2005 व 2014) के अंतर्गत निष्क्रिय परियोजनाओं के निरस्तीकरण और सक्रिय योजनाओं को पूरा कराने के लिए नई नीति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली 2025 के प्रख्यापन को हरी झंडी योगी सरकार की यह बैठक विकास परियोजनाओं, खेल अवसंरचना, दिव्यांगजन कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन फैसलों का असर आगामी वर्षों में यूपी की विकास गति पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।
  • काशी तमिल संगमम् का पहला समूह काशी विश्वनाथ धाम पहुँचा, भव्य स्वागत के बीच किया दर्शन-पूजन

    काशी तमिल संगमम् का पहला समूह काशी विश्वनाथ धाम पहुँचा, भव्य स्वागत के बीच किया दर्शन-पूजन

    वाराणसी | रिपोर्ट–मनीष पटेल काशी और तमिल परंपराओं के बीच आध्यात्मिक व सांस्कृतिक सेतु माने जाने वाले काशी तमिल संगमम् के प्रथम समूह ने आज काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। आगमन पर मंदिर प्रशासन ने सभी अतिथियों का परंपरागत गरिमा के साथ स्वागत किया। पुष्प वर्षा, डमरू वादन और मंत्रोच्चार की गूँज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक आस्था से भर दिया।

    दर्शन के बाद समूह को काशी विश्वनाथ धाम के भव्य कॉरिडोर का विस्तृत भ्रमण करवाया गया। प्रशासनिक टीम ने धाम के ऐतिहासिक रूपांतरण, मंदिर परिसर की स्थापत्य कला, सुविधाओं एवं कॉरिडोर के पुनर्निर्माण के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।अतिथियों ने काशी के नव्य-भव्य स्वरूप और श्रद्धा-धारा के निरंतर विस्तार की सराहना की।

    भ्रमण के उपरांत मंदिर द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में सभी मेहमानों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई। यहां परोसे गए प्रसाद ने काशी की सेवा-परंपरा, अतिथि-नवाज़ी और आध्यात्मिक संस्कृति का गहरा अनुभव कराया।काशी तमिल संगमम् के इस प्रारंभिक समूह का आगमन और दर्शन कार्यक्रम, दोनों समुदायों के बीच सांस्कृतिक-आध्यात्मिक रिश्तों को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ। यह दिवस काशी और तमिल परंपराओं के संगम का जीवंत प्रतीक बनकर दर्ज हुआ।

  • LiceTreatment : सिर की जूं से छुटकारा पाने के 3 असरदार घरेलू नुस्खे, योग गुरु ने बताए आसान उपाय

    LiceTreatment : सिर की जूं से छुटकारा पाने के 3 असरदार घरेलू नुस्खे, योग गुरु ने बताए आसान उपाय

    नई दिल्ली: सिर में जूं (Lice) होना सिर्फ बच्चों में ही नहीं, बल्कि बड़ों में भी परेशानी का कारण बन सकता है। इससे स्कैल्प में खुजली, इरिटेशन और बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। बाजार में मिलने वाले एंटी-लाइस प्रोडक्ट्स तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय तक असर नहीं करते। ऐसे में घरेलू नुस्खे बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। योग गुरु और लेखिका हंसाजी योगेन्द्र ने अपने यूट्यूब चैनल पर 3 ऐसे प्राकृतिक उपाय बताए हैं, जिनसे जूं और उनके अंडों को प्रभावी रूप से हटाया जा सकता है।

    1. नीम के पत्तों से हेयर रिन्स (Neem Water Hair Rinse)

    नीम अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटीपैरासिटिक गुणों के लिए जाना जाता है। यह जूं को खत्म करने का एक प्राकृतिक उपाय है।
    इसके लिए कुछ ताजे नीम के पत्तों को पानी में उबाल लें। पानी ठंडा होने के बाद इससे बालों को धोएं।
    नीम से जूं ढीली पड़ जाती हैं और स्कैल्प की गंदगी भी साफ होती है। यह बालों को मजबूत और हेल्दी बनाने में भी मदद करता है।

    2. लहसुन और नींबू का हेयर पैक (Garlic & Lemon Hair Pack)

    लहसुन में प्राकृतिक कीटनाशक गुण पाए जाते हैं, जो जूं को मारने में असरदार होते हैं।
    कुछ लहसुन की कलियों को पीसकर उसका पेस्ट तैयार करें और इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं।
    इस मिश्रण को स्कैल्प पर लगाकर 30 मिनट तक छोड़ दें, फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें।
    हंसाजी के अनुसार, यह पैक जूं को कमजोर कर बालों से हटाने में काफी लाभदायक है।

    3. कंडीशनिंग और कॉम्बिंग (Conditioning & Combing Method)

    यह तरीका जूं और उनके अंडों को फिजिकल तरीके से हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।पहले बालों को गीला करें और कंडीशनर लगाएं। इसके बाद एक बारीक दांतों वाली कंघी से जड़ों से लेकर बालों के सिरों तक कंघी करें।कंडीशनर जूं को स्लिपरी बनाता है, जिससे वे आसानी से बाहर निकल जाती हैं।यह तरीका खासकर बच्चों में बेहद प्रभावी माना जाता है।विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्राकृतिक उपायों का नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर जूं पूरी तरह खत्म हो सकती हैं और बालों की सेहत भी बेहतर होती है।