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  • Laziness & Fatigue: क्यों आती है सुबह-सुबह नींद? डॉक्टर ने बताई इन दो विटामिन की कमी

    Laziness & Fatigue: क्यों आती है सुबह-सुबह नींद? डॉक्टर ने बताई इन दो विटामिन की कमी

    Laziness & Fatigue: आजकल अनहेल्दी लाइफस्टाइल, जंक फूड और कम सक्रिय दिनचर्या के कारण लोग अक्सर दिनभर थकान और आलस महसूस करते हैं। कई लोग रात में अच्छी नींद लेने के बावजूद सुबह उठते ही कमजोरी और सुस्ती महसूस करते हैं। आमतौर पर लोग इसे नींद पूरी न होने का कारण मान लेते हैं, लेकिन यह हर बार सही नहीं होता। कई बार शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिन की कमी भी लगातार आलस्य और थकान का कारण बनती है।

    इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. सुजॉय मुखर्जी के अनुसार, शरीर में दो मुख्य विटामिन विटामिन D और विटामिन B12 की कमी सीधे तौर पर नींद, ऊर्जा स्तर और मानसिक सक्रियता को प्रभावित करती है।


    Laziness & Fatigue: विटामिन D की कमी क्यों बढ़ाती है आलस्य?

    शरीर में विटामिन D की कमी होने पर नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे शरीर में लगातार थकान, कमजोरी और दिनभर उनींदापन बना रहता है। विटामिन D की कमी से

    • हड्डियों में दर्द
    • इम्यूनिटी कमजोर
    • मांसपेशियों में कमजोरी
    • मूड स्विंग
      जैसी समस्याएँ भी बढ़ने लगती हैं।

    Skin exposure के जरिए सूरज की रोशनी से शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन D बनाता है। इसके अलावा विटामिन D-युक्त भोजन और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सप्लीमेंट भी मदद करते हैं।

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    Laziness & Fatigue: विटामिन B12 की कमी और ज्यादा नींद का रिश्ता

    विटामिन B12 की कमी से शरीर की न्यूरोलॉजिकल क्रियाओं पर असर पड़ता है। इससे

    • लगातार नींद आना
    • ध्यान न लगना
    • शरीर में भारीपन
    • मानसिक थकान
      जैसी समस्याएँ होने लगती हैं।

    B12 की कमी लंबे समय तक रहने पर मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। यह विटामिन मुख्य रूप से नॉन-वेज, डेयरी उत्पादों और सप्लीमेंट्स में पाया जाता है।


    Laziness & Fatigue: सुबह आलस दूर करने के आसान उपाय

    • रोज 20–25 मिनट धूप लें
    • हेल्दी फूड, खासकर प्रोटीन और विटामिन-युक्त भोजन खाएँ
    • पर्याप्त पानी पीएँ
    • सुबह हल्का व्यायाम करें
    • जरूरत हो तो डॉक्टर से विटामिन D या B12 की जांच करवाएँ
    https://nationnowsamachar.com/latest/union-minister-nitin-gadkari-reached-barsana-after-serving-cows-he-visited-radharani-temple-by-ropeway/
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बरसाना पहुंचे, गौ सेवा के बाद रोप-वे से राधारानी मंदिर के किए दर्शन

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बरसाना पहुंचे, गौ सेवा के बाद रोप-वे से राधारानी मंदिर के किए दर्शन

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत हेलीकॉप्टर से बरसाना पहुंचे। हेलीकॉप्टर के माता जी गौशाला परिसर में उतरने के बाद उन्होंने सबसे पहले गौ सेवा कर अपनी परंपरागत आस्था व्यक्त की। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे कार्यक्रम को सावधानीपूर्वक संभाला।

    बरसाना की प्राचीन और पौराणिक पहचान के बीच गौ सेवा करने के बाद नितिन गडकरी रोप-वे से राधारानी मंदिर पहुंचे, जो तीर्थयात्रियों के लिए बरसाना की मुख्य धार्मिक धरोहर माना जाता है। रोप-वे से यात्रा करते हुए उन्होंने बरसाना की दिव्य परिक्रमा और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। मंदिर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री ने श्रीजी राधारानी के दर्शन किए और देश की खुशहाली, विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।

    राधारानी मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया और उन्हें मंदिर की परंपराओं तथा धार्मिक विरासत की जानकारी दी। दर्शन के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जिन्होंने मंत्री के आगमन पर खुशी जताई।

    बरसाना में इन दिनों रोप-वे व्यवस्था ने श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाया है, और नितिन गडकरी के आज के कार्यक्रम ने इसे एक बार फिर चर्चा में ला दिया। दर्शन के बाद उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने तथा तीर्थस्थल विकास को बढ़ावा देने पर बातचीत भी की।

    नितिन गडकरी का बरसाना दौरा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री का बरसाना आना इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।

  • राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई NDA सरकार ने कामकाज संभालते ही प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में भवन निर्माण विभाग ने मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनका सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस जारी कर दिया। अब विभाग ने उन्हें नया आवास 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया है, जो आगे चलकर उनका आधिकारिक सरकारी निवास होगा।

    क्यों खाली कराना पड़ रहा है बंगला?

    राबड़ी देवी का बंगला खाली कराए जाने की वजह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं है। इसकी जड़ें 2017 की उस कानूनी लड़ाई से जुड़ी हैं, जिसने बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया था। यह मामला तेजस्वी यादव की याचिका से शुरू हुआ था।

    तेजस्वी बनाम सरकार – 2017 का विवाद

    2017 में जब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद से हटे, तो उन्हें आवंटित सरकारी आवास 5, देशरत्न मार्ग खाली करने का नोटिस मिला। तेजस्वी इस बंगले को विपक्ष के नेता रहते हुए भी रखना चाहते थे। उन्होंने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, लेकिन अदालत ने न केवल तेजस्वी की याचिका खारिज की बल्कि उससे भी बड़ा फैसला सुनाया।

    हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला, सुरक्षा और अन्य विशेष सुविधाएं देने की व्यवस्था समाप्त की जाए। यही अदालत का आदेश अब 2025 में प्रभावी हुआ है। यदि तेजस्वी 2017 में अदालत न जाते, तो राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते 10 सर्कुलर रोड में बनी रह सकती थीं।

    लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र रहा है यह बंगला

    लालू-राबड़ी परिवार वर्षों से इस बंगले में रह रहा है। 10 सर्कुलर रोड प्रेस कॉन्फ्रेंस, नेताओं की बैठकें और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब सरकार के नए आदेश के बाद यह ऐतिहासिक पता बदलने जा रहा है।

    रोहिणी आचार्य का हमला

    बंगला खाली करने का नोटिस जारी होते ही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा– “सुशासन बाबू का मॉडल… लालू प्रसाद यादव का अपमान पहली प्राथमिकता। घर से निकाल दीजिए, जनता के दिल से कैसे निकालेंगे?”परिवार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहा है, जबकि सरकार इसे अदालत के आदेशों का अनुपालन बता रही है।नई आवासीय व्यवस्था के साथ बिहार की राजनीति में एक अध्याय समाप्त होता दिख रहा है, और लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना अब इतिहास बनने की कगार पर है।

  • ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ हैः सीएम योगी

    ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ हैः सीएम योगी

    अयोध्या धाम, । श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज आरोहण समारोह एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का ध्वजारोहण केवल यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि एक नए युग का शुभारंभ है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया, भारत माता की जय और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ की, जिससे पूरा मंदिर परिसर गूँज उठा।

    सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है। मंदिर के शिखर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म की उस अनंत परंपरा का प्रतीक है, जिसने सदियों से इस राष्ट्र को मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने इस दिव्य अवसर पर उन संतों, रामभक्तों, आंदोलनकारियों और कर्मयोगियों का अभिनंदन किया, जिन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन समर्पित किया।

    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सीएम योगी और सभी सम्मानित अतिथियों ने झुककर भगवा ध्वज को प्रणाम अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और सरसंघचालक जी को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया।

    सीएम योगी ने कहा कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व संभालने के साथ ही भारतवासियों के मन में नए संकल्प और विश्वास का उदय हुआ था, जो आज भव्य राम मंदिर के रूप में साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज का ध्वजारोहण विकसित भारत के संकल्प का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता। पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास और विरासत का अभूतपूर्व समन्वय देखा है। 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास—ये सब रामराज्य की उसी अवधारणा के प्रतीक हैं, जिसका आधार न्याय और समानता है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या अब उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है। संघर्ष और बदहाली के वर्षों के बाद आज अयोध्या धाम नई आस्था, नई ऊर्जा और नई अर्थव्यवस्था का केंद्र बन चुका है। धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ से लेकर 84 कोसी परिक्रमा तक—अयोध्या हर दिशा में दिव्य और भव्य परिवर्तन का अनुभव करा रही है।

    कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी गोविंद देव गिरी सहित अनेक संत-महंत शामिल रहे। समारोह का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने किया।

  • UP Education News- हर बच्चे को आत्मविश्वास और तैयारी के साथ स्कूल भेजने का लक्ष्य : संदीप सिंह

    UP Education News- हर बच्चे को आत्मविश्वास और तैयारी के साथ स्कूल भेजने का लक्ष्य : संदीप सिंह

    UP Education News –लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक और फाउंडेशनल शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की पहल पर पूरे राज्य में ‘स्कूल रेडीनेस मूवमेंट’ का व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य 5 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी (बालवाटिका) केंद्रों में ही इतनी तैयारी दे देना है कि वे ग्रेड-1 में आत्मविश्वास, कौशल और उत्साह के साथ प्रवेश कर सकें।

    इस पहल के विषय में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी बच्चा सीखने की दौड़ में पीछे न रहे। इस अभियान का मूल उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान अवसर, मजबूत शुरुआत और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कराने का है।

    बालवाटिकाओं में पढ़ाई को मिला नया ढांचा
    स्कूल रेडीनेस मूवमेंट के अंतर्गत बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई शिक्षण गतिविधियों की शुरुआत की गई है। इसमें प्रारंभिक भाषा एवं संख्यात्मक कौशल, समस्या समाधान क्षमता, मोटर स्किल एवं रचनात्मकता, सामाजिक व्यवहार एवं आत्मविश्वास और खेल आधारित शिक्षण जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों को नियमित करने के लिए टीचर हैंडबुक, स्टूडेंट एक्टिविटी शीट्स और दैनिक पाठ योजना जैसी सामग्रियां पूरे राज्य में सभी शिक्षकों तक पहुंचा दी गई हैं।

    राज्यभर के शिक्षकों का प्रशिक्षण
    संदीप सिंह की निगरानी में पूरे प्रदेश में ECCE इजुकेटर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों को बड़े पैमाने पर उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षणों में कक्षा प्रबंधन, खेल आधारित शिक्षण, कहानी सुनाना, फाउंडेशनल साक्षरता-अंकज्ञान पद्धतियां, व्यवहारिक सीखने के मॉडल जैसे विषयों पर विशेष फोकस है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि प्रशिक्षित शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव होते हैं। इसी सोच के तहत हम कक्षा 1 में प्रवेश से पहले बच्चों के सीखने के स्तर को पूरी तरह मजबूत कर रहे हैं।

    आंगनबाड़ी है बच्चे के सीखने की पहली पाठशाला
    बेसिक शिक्षा विभाग ने यह विशेष रूप से रेखांकित किया है कि आंगनबाड़ी ही वह स्थान हैं जहां आदतें बनती हैं, जिज्ञासा पनपती है, आत्मविश्वास विकसित होता है और सीखने का पहला अनुभव मिलता है। इसलिए आंगनबाड़ी स्तर पर कक्षाओं को मजबूत करना आने वाले वर्षों में बच्चों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक परिणामों में बड़ा बदलाव लाएगा।

    दो बड़े बदलाव लाएगा ‘स्कूल रेडीनेस मूवमेंट’
    स्कूल रेडीनेस मूवमेंट से दो महत्वपूर्ण बदलाव होगा। पहला, सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा। आंगनबाड़ी से ग्रेड-1 में सुगम परिवर्तन सुनिश्चित होने से सरकारी स्कूलों में प्रवेश दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। दूसरा, फाउंडेशनल शिक्षा मजबूत होगी जैसे बेहतर प्रारंभिक तैयारी से बच्चे कक्षा 1 में तेजी से सीखेंगे। साथ ही आगे की कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और पढ़ाई में आत्मविश्वास विकसित करेंगे। यह भविष्य में सीखने की हर चुनौती के लिए उन्हें सक्षम बनाएगा।

    हर बच्चे को मजबूत मजबूत देना हमारा लक्ष्य: डीजी स्कूल एजुकेशन मोनिका रानी UP Education News
    डीजी स्कूल एजुकेशन मोनिका रानी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ही बच्चे के सीखने की वास्तविक शुरुआत हैं। हम शिक्षकों को प्रशिक्षण और उपकरण देकर सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर बच्चा मजबूत आधार के साथ आगे बढ़े।

  • अयोध्या में पीएम मोदी ने किया धर्म ध्वजारोहण | Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update

    अयोध्या में पीएम मोदी ने किया धर्म ध्वजारोहण | Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update

    Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update -अयोध्या का दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण कर देशवासियों को संबोधित किया। इस भव्य समारोह के दौरान उपस्थित हजारों राम भक्तों और पूरे विश्व में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक उल्लास और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज संपूर्ण भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व राममय हो उठा है। सदियों की पीड़ा, संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हो रहा है। उन्होंने कहा कि “500 साल पहले जो अग्नि प्रज्वलित हुई थी, आज उसकी पूर्णाहुति है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धर्म ध्वज आने वाली सदियों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों—सत्य, मर्यादा, पराक्रम और धर्म—का उद्घोष करता रहेगा।

    पीएम मोदी ने कहा कि मंदिर का यह ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राम राज्य की मूल भावना का प्रतिनिधित्व करता है। जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं पहुंच पाते, वे भी दूर से ध्वज को देखकर नमन करते हैं, और उन्हें उतना ही पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यह धर्म ध्वज युगों-युगों तक रामलला की जन्मभूमि की पहचान का प्रतीक रहेगा और हर भक्त को प्रेरित करता रहेगा।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास के एजेंडे पर जोर देते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में महिलाओं, युवाओं, किसानों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समाज को विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने दोहराया कि 2027 तक आजादी के 100 वर्ष पूरे होने से पहले विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘सबका प्रयास’ आवश्यक है।

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    उन्होंने कहा, “हमें केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, आने वाली कई सदियों के लिए काम करना है। प्रभु श्रीराम हमें आदर्श, मर्यादा, सत्य और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं।”प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश का अस्तित्व हमसे पहले भी था और हमारे बाद भी रहेगा, इसलिए राष्ट्र निर्माण में दीर्घकालिक सोच अपनाना आवश्यक है।अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण का यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक बन गया है।

  • ElectionCommission : 23 साल बाद ECI की बड़ी कार्रवाई, सीमा से लगे जिलों में 66% तक बढ़े मतदाता,बंगाल चुनाव में ‘घुसपैठ’ बना मुख्य मुद्दा

    ElectionCommission : 23 साल बाद ECI की बड़ी कार्रवाई, सीमा से लगे जिलों में 66% तक बढ़े मतदाता,बंगाल चुनाव में ‘घुसपैठ’ बना मुख्य मुद्दा

    ElectionCommission -चुनाव आयोग ने 23 साल बाद पहली बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई थी और अब यह पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में जारी है। SIR का उद्देश्य—फर्जी नाम हटाना, वास्तविक पात्र मतदाताओं को जोड़ना और वोटर लिस्ट को सटीक बनाना है। लेकिन पश्चिम बंगाल में सामने आए ताज़ा आंकड़ों ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है।

    2002 से 2025 के बीच 66% बढ़े मतदाता,9 में से 10 जिले बांग्लादेश सीमा से सटे

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पिछले 23 वर्षों में मतदाताओं की संख्या में 66% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

    • 2002 में मतदाता: 4.58 करोड़
    • 2025 में मतदाता: 7.63 करोड़

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि मतदाता संख्या बढ़ने वाले शीर्ष 10 जिलों में से 9 जिले बांग्लादेश से सटे हुए हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

    मतदाता वृद्धि वाले शीर्ष जिले (ECI डेटा)

    सीमा से लगे 9 जिले

    • उत्तर दिनाजपुर — 105.49%
    • मालदा — 94.58%
    • मुर्शिदाबाद — 87.65%
    • दक्षिण 24 परगना — 83.30%
    • जलपाईगुड़ी — 82.30%
    • कूच बिहार — 76.52%
    • उत्तर 24 परगना — 72.18%
    • नदिया — 71.46%
    • दक्षिण दिनाजपुर — 70.94%

    एकमात्र गैर-सीमावर्ती जिला

    • बीरभूम — 73.44% इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह वृद्धि जनसंख्या के वास्तविक पैटर्न के अनुरूप है या फिर बाहरी घुसपैठ का असर।

    राजनीतिक टकराव—TMC का विरोध, BJP का हमला तेज

    SIR अभियान शुरू होने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की “टार्गेटेड कार्रवाई” बता रही है। TMC का आरोप है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दावा है कि बंगाल की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर घुसपैठियों के नाम शामिल हैं, और SIR से यह खुलकर सामने आएगा।प्रदेश में तेजी से उभरता यह विवाद साफ संकेत देता है कि आगामी चुनाव में ‘घुसपैठ’ और ‘वोटर लिस्ट विसंगति’ प्रमुख मुद्दे बनने वाले हैं।

  • UP Weather Alert- यूपी वाले हो जाएं सावधान! पड़ने वाली है भयंकर ठंड, IMD ने जारी किया अलर्ट

    UP Weather Alert- यूपी वाले हो जाएं सावधान! पड़ने वाली है भयंकर ठंड, IMD ने जारी किया अलर्ट

    UP Weather Alert- उत्तर भारत में मौसम तेजी से करवट ले रहा है और इसी के साथ उत्तर प्रदेश भर में कड़ाके की ठंड का असर और बढ़ने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए शीतलहर (Cold Wave) और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगले एक सप्ताह तक तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी।

    UP Weather Alert : तेज सर्दी और शीतलहर की चेतावनी

    IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और तराई क्षेत्रों में तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। हवा की रफ्तार में बदलाव और पश्चिमी disturbance के बाद मौसम अचानक ठंडा हो गया है।

    • लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना।
    • अयोध्या, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और बहराइच में शीतलहर चलने की चेतावनी।
    • सुबह और रात के समय विजिबिलिटी 50 मीटर तक पहुंच सकती है।

    मौसम विभाग का कहना है कि रात का तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री कम दर्ज होगा, जबकि दिन का तापमान भी तेजी से गिरने की संभावना है।

    UP Weather Alert ट्रैफिक व स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर

    कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर सीधे आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ेगा।हाईवे और मुख्य मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा, इसलिए वाहन चलाते समय स्पीड कम रखें।कोहरे के कारण रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।बुजुर्ग, बच्चे और सांस व हार्ट संबंधी मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    UP Weather Alert लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

    • सुबह-शाम बाहर निकलते समय गरम कपड़े, टोपी और मफलर जरूर पहनें।
    • हीटर का इस्तेमाल करते समय कमरे में वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
    • फुटपाथों या खुले में रहने वाले लोगों के लिए शासन ने रैन बसेरों की सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
    • IMD के अलर्ट के बाद यूपी में आने वाले दिन और भी ठंडे होंगे।
    • लोगों को सावधान रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की जरूरत है ताकि किसी भी स्थिति से सुरक्षित रहा जा सके।
  • Canada citizenship new rules- भारतीय मूल के परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी: कनाडा में आसान हुए नागरिकता नियम, जानिए क्या है Bill C-3

    Canada citizenship new rules- भारतीय मूल के परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी: कनाडा में आसान हुए नागरिकता नियम, जानिए क्या है Bill C-3

    Canada citizenship new rules – कनाडा ने विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने नागरिकता नियमों को आसान कर दिया है। हाल ही में कनाडा सरकार ने Bill C-3 पेश किया है, जिसे प्रवासी समुदाय के लिए “ऐतिहासिक बदलाव” माना जा रहा है। नए नियमों से उन हजारों भारतीय परिवारों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से कनाडाई नागरिकता पाने की प्रक्रिया में अटके हुए थे।

    क्या है Bill C-3?

    Bill C-3 कनाडा की नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act) में किया गया एक महत्वपूर्ण संशोधन है। इसके तहत विदेश में जन्मे बच्चों के लिए नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पहले, विदेश में जन्मे कनाडाई नागरिकों के बच्चों के लिए नागरिकता पाना मुश्किल होता था, क्योंकि नियम काफी सख्त थे और कई बच्चों को “नागरिकता से बाहर” माना जाता था।

    अब Bill C-3 के तहत

    • विदेश में जन्मे बच्चों को स्वचालित रूप से कनाडाई नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है, यदि उनके माता-पिता में से कोई एक कनाडाई नागरिक है।
    • माता-पिता के कनाडा में “फिजिकल प्रेजेंस” (निवास अवधि) को साबित करने की प्रक्रिया भी आसान की गई है।
    • भारतीय परिवारों को अब अपने बच्चों के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

    भारतीय समुदाय को कैसे मिलेगा फायदा?

    कनाडा में लगभग 18 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो देश की सबसे तेजी से बढ़ती प्रवासी आबादी में शामिल हैं। ऐसे में नागरिकता नियमों में ढील भारतीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है।

    • ऐसे भारतीय दंपतियों के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा, जो कनाडा में रहते हैं लेकिन किसी कारणवश विदेश में बच्चे का जन्म होता है।
    • स्टूडेंट्स, आईटी प्रोफेशनल्स और प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम (PNP) के तहत पहुंचे परिवार भी अब आसानी से नागरिकता विकल्प चुन सकेंगे।
    • इससे कनाडा में भारतीय समुदाय की दूसरे और तीसरे जेनरेशन की स्थिति अधिक मजबूत होगी।

    कनाडाई सरकार ने क्या कहा?

    कनाडा सरकार का कहना है कि Bill C-3 का उद्देश्य “परिवारों को सुरक्षित करना” और “प्रवासी समुदाय को मजबूत बनाना” है। सरकार का मानना है कि बदलते वैश्विक वातावरण में नागरिकता का अधिकार और भी समावेशी होना चाहिए। Bill C-3 भारतीय मूल के परिवारों के लिए कनाडा में बेहतर भविष्य की बड़ी उम्मीद लेकर आया है। आसान नागरिकता प्रक्रिया न केवल प्रवासी भारतीयों को राहत देगी, बल्कि उनके बच्चों के लिए शिक्षा, नौकरी और सुरक्षा के नए अवसर भी खोलेगी।

    https://nationnowsamachar.com/headlines/flag-hoisting-is-not-the-completion-of-a-yagya-but-the-beginning-of-a-new-era-cm-yogi/
  • Dharmendra death news – PM मोदी ने धर्मेंद्र के निधन पर जताया दुख, कहा -Indian Cinema का एक युग समाप्त

    Dharmendra death news – PM मोदी ने धर्मेंद्र के निधन पर जताया दुख, कहा -Indian Cinema का एक युग समाप्त

    Dharmendra death news – बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक, हर किसी ने बॉलीवुड के ‘हीमैन’ को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी धर्मेंद्र के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि धर्मेंद्र के जाने से भारतीय सिनेमा ने एक स्वर्णिम अध्याय खो दिया है। उन्होंने लिखा “धर्मेंद्र जी के जाने से इंडियन सिनेमा में एक युग का अंत हो गया है। वह एक आइकॉनिक फिल्म पर्सनैलिटी थे, एक ज़बरदस्त एक्टर थे जो अपने हर रोल में चार्म और गहराई लाते थे। जिस तरह से उन्होंने अलग-अलग रोल किए, उसने अनगिनत लोगों के दिलों को छुआ। धर्मेंद्र जी अपनी सादगी, विनम्रता और प्यार के लिए भी उतने ही जाने जाते थे। इस दुख की घड़ी में, मेरी दुआएं उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत फैंस के साथ हैं। ओम शांति।”

    धर्मेंद्र का फिल्मी सफर छह दशकों से अधिक का रहा और इस दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। एक्शन, रोमांस और कॉमेडी—हर किरदार में उन्होंने अपनी पहचान छोड़ी। उनकी लोकप्रियता सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके सहज स्वभाव ने उन्हें देशभर के दर्शकों का प्रिय बनाया।धर्मेंद्र के निधन के बाद लगातार फिल्मी सितारे, राजनेता, निर्देशकों और करोड़ों फैंस की श्रद्धांजलि सोशल मीडिया पर उमड़ रही है। उनकी विरासत हमेशा भारतीय सिनेमा को प्रेरित करती रहेगी।