Nation Now Samachar

Category: Popular

Popular

  • कानपुर: रिश्वत लेते जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल, जांच के आदेश जारी

    कानपुर: रिश्वत लेते जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल, जांच के आदेश जारी

    कानपुर। जिले में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल का बताया जा रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया और यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

    वीडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली

    सूत्रों के अनुसार यह घटना कानपुर के विकास भवन कार्यालय की है, जहां वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए नजर आता है। वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ, विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई।वहीं स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भ्रष्टाचार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

    आला अधिकारियों ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश

    वायरल वीडियो के बाद जिलास्तर पर बैठे अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।जांच अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    क्या होगी सख्त कार्रवाई या मामला ठंडे बस्ते में?

    जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी कई अन्य मामलों की तरह सिर्फ जांच तक ही सीमित रह जाएगा।पहले भी कई मामलों में रिश्वतखोरी के वीडियो सामने आए, लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई अधूरी रह गई। ऐसे में लोग इस बार ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

    विकास भवन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी उठा सवाल

    इस घटना के सामने आने से कानपुर विकास भवन कार्यालय की कार्यशैली और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं होती।

  • 19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा / कानपुर देहात कानपुर देहात। कभी चंबल के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहे दस्यु सरगना मंगली केवट को आज लंबी अवधि की सजा काटने के बाद माती जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

    90 के दशक में “चंबल का शेर” कहे जाने वाले मंगली केवट की रिहाई को लेकर उनके परिजनों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा रहे और बाहर आते ही फूल–मालाओं से उनका स्वागत किया गया।

    रिहाई के बाद बदली भाषा— बोले, अब समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं

    जेल से बाहर निकलते ही मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर आगे बढ़ना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने की इच्छा भी व्यक्त की।

    कैसे बना था गैंग? मंगली का दावा पुलिस प्रताड़ना ने बनाया बागी

    मंगली केवट ने बताया कि 90 के दशक में पुलिस की कथित प्रताड़ना और कार्यशैली ने उन्हें बागी बनने पर मजबूर कर दिया। अपनी पत्नी दस्यु सुंदरी मालती केवट के साथ उन्होंने एक बड़ा गिरोह तैयार किया। इस गैंग में वही लोग शामिल थे जो पुलिस उत्पीड़न से परेशान बताए जाते थे।

    उनके अनुसार, उनके गैंग को उस समय कुख्यात निर्भय गुर्जर गिरोह से भी सहयोग मिलता था। बीहड़ों में मुखबरी, अपहरण और फिरौती वसूली उनके गैंग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल थीं।

    2006 में किया आत्मसमर्पण, तीन आजीवन कारावास की सजा

    वर्ष 2006 में मंगली केवट और उनकी पत्नी मालती दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने मंगली को तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन सजा सुनाई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उनके अच्छे आचरण की वजह से प्रशासन उनकी प्रशंसा करता रहा।वहीं मालती केवट को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी, और उनकी रिहाई सितंबर 2025 में हो चुकी है।

    जेल से बाहर अब नया अध्याय

    आज रिहाई के बाद मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ रहकर, समाज में सम्मानजनक जीवन जीते हुए खुद को एक नई शुरुआत देना चाहते हैं।

  • West Bengal Earthquake Today : भूकंप के झटकों से दहला पश्चिम बंगाल, रिक्टर स्केल पर रही 5.5 की तीव्रता | जानें क्यों आते हैं भूकंप

    West Bengal Earthquake Today : भूकंप के झटकों से दहला पश्चिम बंगाल, रिक्टर स्केल पर रही 5.5 की तीव्रता | जानें क्यों आते हैं भूकंप

    West Bengal Earthquake Today कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई जिलों में लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 10:08:26 बजे आया और इसकी गहराई 10 किलोमीटर मापी गई। सतह के पास भूकंप की इतनी कम गहराई होने के कारण झटके ज्यादा मजबूत महसूस किए गए।हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है


    आखिर क्यों आते हैं भूकंप? जानें धरती की वैज्ञानिक प्रक्रिया

    भूकंप को समझने के लिए पहले धरती की बनावट को समझना जरूरी है। धरती की बाहरी परत—जिसे क्रस्ट और ऊपरी मेंटल कहा जाता है—लगभग 15 टेक्टॉनिक प्लेटों से मिलकर बनी होती है। ये प्लेट स्थिर नहीं हैं, बल्कि धीमी गति से लगातार मूव करती रहती हैं।

    1. प्लेटों का टकराना और रगड़ खाना

    जब ये प्लेट एक-दूसरे के पास आती हैं, टकराती हैं या उलटी दिशा में रगड़ खाती हैं, तो इनके बीच पैदा होने वाला तनाव बढ़ता जाता है।

    2. फ्रिक्शन (घर्षण) के कारण प्लेटों का अटक जाना

    USGS (यूएस जियोलॉजिकल सर्वे) के अनुसार, ये प्लेटें चलते समय किनारों पर घर्षण के कारण अटक जाती हैं, जिससे तनाव जमा होता रहता है।

    3. तनाव बढ़ने पर ऊर्जा का विस्फोट

    जब यह तनाव फ्रिक्शन से ज्यादा हो जाता है, तो अचानक एनर्जी रिलीज होती है। यही ऊर्जा भूकंप तरंग बनकर धरती की सतह तक पहुँचती है और झटकों के रूप में महसूस होती है।

    4. रिक्टर स्केल पर माप

    झटकों की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है।
    आज पश्चिम बंगाल का भूकंप मध्यम स्तर (5.5) का माना जा रहा है।


    बंगाल में झटकों का प्रभाव

    • कई जिलों में लोगों ने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
    • भूकंप की गहराई कम होने से कंपन ज्यादा महसूस हुआ।
    • प्रशासन अलर्ट मोड पर है, फिलहाल कोई जनहानि या नुकसान की रिपोर्ट नहीं
  • सांसद संध्या राय का विपक्ष पर पलटवार, “मनचाहा रिज़ल्ट न आए तो बस आरोप लगाते हैं”

    सांसद संध्या राय का विपक्ष पर पलटवार, “मनचाहा रिज़ल्ट न आए तो बस आरोप लगाते हैं”

    रिपोर्टर – लोकेश मिश्रा मध्य प्रदेश के दतिया-भिंड लोकसभा क्षेत्र से सांसद संध्या राय ने बिहार चुनाव परिणामों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि NDA की बड़े अंतर से जीत जनता का भरोसा दर्शाती है, लेकिन विपक्ष चुनाव हारते ही निर्वाचन आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगता है, जो लोकतंत्र के लिए सही संदेश नहीं है।

    सांसद संध्या राय दतिया के प्रसिद्ध सूर्य नगरी बालाजी धाम निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने विकास और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट जनादेश दिया है। ऐसे में विपक्ष की ओर से लगातार आरोप-प्रत्यारोप करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर अविश्वास का माहौल पैदा करता है।

    उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और कहा कि देश में चुनाव प्रणाली दुनिया में सबसे पारदर्शी और मजबूत है। “जब जीतते हैं तो सब ठीक लगता है, और जब हारते हैं तो कमियां दिखने लगती हैं… विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए,” सांसद संध्या राय ने कहा।

    सांसद इन दिनों दतिया और भिंड क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों की समीक्षा कर रही हैं। बालाजी धाम निरीक्षण के बाद वह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगी, जहाँ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, और जलापूर्ति जैसे कई प्रोजेक्टों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि सांसद संध्या राय लगातार फील्ड में रहकर सरकारी योजनाओं की स्थिति को समझती हैं और जरूरत के मुताबिक तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कराती हैं। उनके इस सक्रिय दौरे को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

  • पटना: नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली सत्ता, शपथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी को किया अभिवादन

    पटना: नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली सत्ता, शपथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी को किया अभिवादन

    पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को आयोजित भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

    समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, मंत्रिमंडल के सदस्य और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे।

    शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने मंच पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई। यह दृश्य राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में केंद्र-बिहार संबंधों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।शपथ कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और गांधी मैदान में उत्साह का माहौल देखने को मिला। नीतीश कुमार की यह ऐतिहासिक 10वीं पारी बिहार की राजनीतिक स्थिरता और उनके लंबे अनुभव को दर्शाती है।

  • अमेरिका से भारत लाए गए अनमोल बिश्नोई को NIA ने लिया हिरासत में, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई

    अमेरिका से भारत लाए गए अनमोल बिश्नोई को NIA ने लिया हिरासत में, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई

    नई दिल्ली। अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग से भारत प्रत्यर्पित किए गए कुख्यात अपराधी अनमोल बिश्नोई को बुधवार को औपचारिक तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। अनमोल, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है और उस पर भारत में कई गंभीर मामलों का आरोप है, जिनमें रंगदारी, हथियार तस्करी और अंतरराष्ट्रीय गैंग संचालन शामिल है।

    अमेरिकी एजेंसियों के साथ संयुक्त ऑपरेशन में हुआ प्रत्यर्पण

    सूत्रों के अनुसार, अनमोल बिश्नोई लंबे समय से अमेरिका में छिपा हुआ था और वहीं से भारतीय गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रहा था। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और अमेरिकी अधिकारियों के संयुक्त प्रयास के बाद उसे हिरासत में लिया गया। कई दौर की कानूनी प्रक्रिया के बाद भारत सरकार उसे स्वदेश लाने में सफल रही।

    NIA करेगी गहन पूछताछ

    NIA अधिकारियों का मानना है कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ के दौरान कई गैंगस्टर नेटवर्क, विदेशों में बैठे शूटरों की फंडिंग और बड़े अपराध syndicates के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। माना जा रहा है कि वह कई हाई-प्रोफाइल मामलों में पर्दे के पीछे से सक्रिय रहा है।

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर कसता शिकंजा

    अनमोल की गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण को सुरक्षा एजेंसियां लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रही हैं। बीते महीनों में इस गैंग से जुड़े कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी दबाव बढ़ा है।

  • WeatherUpdate- उत्तर भारत में ठंड और कोहरा चरम पर, दक्षिण में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित; 19 नवंबर से बर्फबारी का अलर्ट

    WeatherUpdate- उत्तर भारत में ठंड और कोहरा चरम पर, दक्षिण में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित; 19 नवंबर से बर्फबारी का अलर्ट

    WeatherUpdate – देशभर में इस समय मौसम तेजी से करवट ले रहा है। उत्तर भारत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है, जबकि दक्षिण भारत भारी बारिश और आंधी-तूफान से जूझ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौती भरे रह सकते हैं। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 19 नवंबर 2025 से सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी की संभावना जताई गई है।


    उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ा

    दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और देर शाम घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम हो गई है। इससे यात्रा करने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेल और उड़ानों की आवाजाही पर भी असर देखने को मिल रहा है।मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। पहाड़ी राज्यों से आ रही उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानों में ठिठुरन बढ़ा रही हैं।


    दक्षिण भारत में भारी बारिश से बरसी आफत

    तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय हिस्सों में पिछले 48 घंटों से लगातार तेज बारिश हो रही है। कई जगहों पर जलभराव, सड़कें बंद और बिजली बाधित होने की खबरें हैं।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।


    पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अनुमान

    मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 19 नवंबर 2025 से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के उच्च पर्वतीय इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हो सकती है।इससे न केवल पहाड़ों में तापमान शून्य के नीचे जा सकता है, बल्कि ठंडी हवाओं के कारण उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में भी कड़ाके की सर्दी बढ़ेगी।यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट चेक करने और हाइवे पर संभावित बाधाओं को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।


    पूर्वोत्तर में कोहरा और जमा देने वाली ठंड

    असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नगालैंड में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की स्थिति बनी हुई है। सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम होने से स्कूलों और ऑफिस जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • सर्दियों में बढ़ती मिलावट के बीच असली गुड़ की पहचान कैसे करें? मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने बताए आसान और भरोसेमंद टिप्स

    सर्दियों में बढ़ती मिलावट के बीच असली गुड़ की पहचान कैसे करें? मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने बताए आसान और भरोसेमंद टिप्स

    सर्दी का मौसम शुरू होते ही बाजारों में गुड़ की मांग तेजी से बढ़ जाती है। स्वाद और सेहत—दोनों का खज़ाना माने जाने वाले गुड़ की खपत बढ़ने का फायदा कुछ दुकानदार मिलावट कर उठाने लगते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आम उपभोक्ता असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे करे? इसी मुद्दे पर मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने सिर्फ तीन आसान टिप्स से शुद्ध गुड़ पहचानने का तरीका बताया है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    1. रंग देखकर पहचानें
    पंकज भदौरिया के अनुसार, असली गुड़ की पहली पहचान उसका रंग है। उन्होंने बताया कि डार्क कलर का गुड़ शुद्ध और प्राकृतिक होता है। हल्का सुनहरा या सफेद रंग का गुड़ अक्सर केमिकल से साफ या ब्लीच किया जाता है, जिससे उसका प्राकृतिक रंग छुप जाता है। ऐसे गुड़ का लंबे समय तक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। वहीं गहरे भूरे रंग वाला गुड़ गन्ने के रस से बिना अधिक प्रोसेसिंग के तैयार किया जाता है, इसलिए इसकी पौष्टिकता अधिक रहती है।

    2. स्वाद में नमकीनपन हो तो समझें चेतावनी संकेत
    मास्टरशेफ कहती हैं कि गुड़ चखते समय यदि उसमें हल्का नमकीनपन महसूस हो, तो समझ लें कि वह पुराना गुड़ है। समय के साथ गुड़ के अंदर मौजूद मिनरल्स का स्वाद बदलने लगता है। ऐसा गुड़ पोषक तत्वों में कमजोर हो जाता है और सेवन के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए हमेशा ऐसा गुड़ चुनें जिसका स्वाद ताजा और मीठा हो।

    3. कठोरता से करें गुणवत्ता की जांच
    गुड़ की शुद्धता पहचानने का तीसरा और आसान तरीका उसकी कठोरता है। पंकज भदौरिया के अनुसार, असली और बिना मिलावट का गुड़ आमतौर पर सख्त होता है। अगर गुड़ बहुत नरम है या हाथ से आसानी से टूट जाता है, तो संभावना है कि उसे तैयार करने में केमिकल का इस्तेमाल किया गया है। शुद्ध गुड़ तोड़ने में थोड़ी मेहनत लगती है, लेकिन यही उसकी गुणवत्ता का संकेत भी है।

    सावधानी ही सुरक्षा
    आज के समय में मिलावटी खाद्य पदार्थों की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए ज़रूरी है कि वे खरीदारी के दौरान सतर्क रहें। खाद्य विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि थोड़ी-सी जागरूकता से आप घर में स्वास्थ्यवर्धक और शुद्ध गुड़ ला सकते हैं। यह न केवल सर्दियों में ऊर्जा देता है बल्कि शरीर को गर्माहट और कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है।

    सर्दियों में गुड़ के बढ़ते उपयोग के बीच मास्टरशेफ पंकज भदौरिया के ये टिप्स लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहे हैं। उनकी सलाह आपके घर तक शुद्ध और सेहतमंद गुड़ पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • गुवाहाटी कार्यक्रम में मोहन भागवत का बड़ा भाषण—हिंदू पहचान पर जोर

    गुवाहाटी कार्यक्रम में मोहन भागवत का बड़ा भाषण—हिंदू पहचान पर जोर

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि भारत पर गर्व करने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हिंदू’ केवल एक धार्मिक शब्द नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ी पहचान है।

    भागवत ने कहा कि भारत और हिंदू एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं और हजारों वर्षों की सांस्कृतिक परंपराओं से बनी भारतीय सभ्यता अपने आप में ‘हिंदू राष्ट्र’ की परिभाषा देती है। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए किसी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं, क्योंकि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रकृति पहले से ही इसे साबित करती है।

    RSS का उद्देश्य: चरित्र निर्माण और एकता

    भागवत ने अपने भाषण में आरएसएस के मूल कार्यक्रम—चरित्र निर्माण, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण—पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और देश के प्रति गर्व, अनुशासन और सांस्कृतिक जागरूकता ही व्यक्ति को हिंदू पहचान देता है।

    भागवत के इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने ‘हिंदू’ शब्द को धार्मिक दायरे से निकालकर एक वृहद सभ्यतागत पहचान के रूप में पेश किया।

  • UP News : मर्सिडीज से गमला चोरी पर CM योगी की टिप्पणी, अखिलेश यादव का तीखा हमला

    UP News : मर्सिडीज से गमला चोरी पर CM योगी की टिप्पणी, अखिलेश यादव का तीखा हमला

    UP News : लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हुए एक दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जी-20 शिखर सम्मेलन से जुड़ी एक रोचक और चौंकाने वाली घटना साझा की। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान शहर को सजाने के लिए लगाए गए गमलों में से कुछ गमले एक व्यक्ति मर्सिडीज कार में आकर उठा ले गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड भी हुई।

    सीएम योगी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में मौजूद मूल्यों और नैतिकता की कमी की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर अंतरराष्ट्रीय अतिथि भारत की मेहमाननवाज़ी और स्वच्छता की सराहना कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सार्वजनिक संपत्ति को अपना समझकर उठा ले जा रहे थे। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक चेतना की कमी और “व्यक्ति–प्रधान मानसिकता” का उदाहरण बताया।


    अखिलेश यादव का पलटवार: “मर्सिडीज़ वालों से बुलडोज़र डरता है क्या?”

    सीएम योगी के इस बयान के बाद सियासी माहौल भी गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए तंज कसा“मर्सिडीज़ वालों से बुलडोज़र डरता है क्या, या अमीरों को विशेष छूट?”अखिलेश का यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर हमला था, जिसमें उन्होंने कानून के समान अनुपालन पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि अगर गमला चोरी जैसी घटना किसी गरीब या आम नागरिक ने की होती, तो कार्रवाई होती, लेकिन मर्सिडीज कार से जुड़ी घटना पर सरकार की तरफ से कोई बुलडोज़र कार्रवाई नहीं हुई।


    राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा

    सीएम योगी की टिप्पणी मूल रूप से सामाजिक मूल्यों पर सवाल उठाने के लिए थी, लेकिन अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया। इससे यूपी की राजनीति में एक बार फिर “बुलडोज़र मॉडल”, “अमीर–गरीब के लिए अलग कानून” और “कानून-व्यवस्था” जैसे मुद्दे फिर से सुर्खियों में आ गए।विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी मौसम में ऐसी बयानबाज़ी सिर्फ विवाद नहीं बढ़ाती, बल्कि राजनीतिक मैदान में नए नैरेटिव भी गढ़ती है।