Nation Now Samachar

Category: Popular

Popular

  • बांग्लादेश में उथल-पुथल: शेख हसीना पर आज ऐतिहासिक फैसला, ढाका सैन्य छावनी में तब्दील

    बांग्लादेश में उथल-पुथल: शेख हसीना पर आज ऐतिहासिक फैसला, ढाका सैन्य छावनी में तब्दील

    बांग्लादेश इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक और संवैधानिक संकट से गुजर रहा है। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल आज पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ दर्ज देशद्रोह, सत्ता के दुरुपयोग और मानवाधिकार उल्लंघन मामलों पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने जा रहा है। अदालत द्वारा मौत की सज़ा की सिफारिश किए जाने के बाद पूरे देश में तनाव चरम पर जा पहुंचा है।

    ढाका में ‘शूट-एट-साइट’ आदेश लागू

    राजधानी ढाका को सैन्य छावनी में बदल दिया गया है। शहर की सड़कों पर सेना, RAB और पुलिस के फ्लैग मार्च जारी हैं। दंगे और बम धमाकों की वजह से सरकार ने कई इलाकों में ‘शूट एट साइट’ के आदेश जारी कर दिए हैं।रक्षा एजेंसियों के मुताबिक, फैसले के बाद हिंसा और बढ़ सकती है, इसलिए सभी संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।

    भीषण हिंसा: आगजनी, बम धमाके और सरकारी दफ्तरों पर हमले

    अदालत के फैसले से पहले ही देश भर में हिंसा भड़क उठी है।कई जिलों में सरकारी इमारतों में आग लगाई गईपुलिस पर पथराव और पेट्रोल बम से हमले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल कई शहरों में इंटरनेट बंद और बाज़ार पूरी तरह बंद ढाका के प्रमुख चौराहों पर बड़े LED स्क्रीन लगाए गए हैं, जहाँ से फैसले की लाइव स्ट्रीमिंग होगी। लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि फैसला आते ही हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

    हसीना के समर्थक और विपक्ष आमने-सामने

    शेख हसीना ने इन आरोपों को “राजनीतिक साज़िश” बताया है, जबकि विपक्ष इसे “देश को बचाने वाला कदम” कह रहा है। हिंसा के बीच हसीना समर्थक भी लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

    फैसला बदल सकता है बांग्लादेश की राजनीति

    ढाका इस वक्त किसी युद्धभूमि जैसा दिखाई दे रहा है सड़कें सुनसान, लोग घरों में कैद, सार्वजनिक परिवहन बंद और सुरक्षाबलों का भारी जमावड़ा। पूरे देश में सिर्फ एक ही चर्चा है “शेख हसीना का क्या होगा?”आज आने वाला फैसला न केवल हसीना की राजनीतिक किस्मत तय करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में बांग्लादेश की राजनीति, स्थिरता और लोकतांत्रिक ढांचे पर भी बड़ा प्रभाव डालेगा।

  • Saudi Arabia Accident: मक्का–मदीना बस टक्कर में 43 भारतीयों की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक

    Saudi Arabia Accident: मक्का–मदीना बस टक्कर में 43 भारतीयों की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक

    Saudi Arabia Accident: सऊदी अरब में सोमवार (17 नवंबर) को एक भयावह सड़क हादसा हुआ जिसमें 43 भारतीय नागरिकों की जान चली गई। हादसा मक्का से मदीना जा रही एक यात्री बस के डीजल टैंकर से टकराने के बाद आग लगने से हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में मौजूद यात्रियों को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिल सका। मृतकों में 20 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल हैं। हादसे में केवल बस चालक ही जीवित बच पाया है।

    यह दुर्घटना मदीना से लगभग 160 किलोमीटर दूर मुहरास इलाके में भारतीय समयानुसार रात लगभग 1:30 बजे हुई। हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। स्थानीय प्रशासन, रेस्क्यू टीम और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से राहत कार्य चलाया।

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा
    “मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुर्घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।”पीएम मोदी ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा के वाणिज्य दूतावास पीड़ितों की सहायता में जुटे हुए हैं। भारतीय अधिकारी लगातार सऊदी प्रशासन के संपर्क में हैं और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में मारे गए लोगों में अधिकांश हैदराबाद के निवासी थे। तेलंगाना सरकार ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राज्य सरकार रियाद में भारतीय दूतावास के संपर्क में है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली स्थित अधिकारियों को परिवारों की सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

    हादसे की जांच सऊदी पुलिस और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। मृतकों के शवों की पहचान, पोस्टमार्टम और भारत लाने की प्रक्रिया दूतावास की निगरानी में तेज़ी से की जा रही है। यह घटना सऊदी अरब में भारतीय श्रमिकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • हरिद्वार जूनियर राष्ट्रीय ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड का दबदबा

    हरिद्वार जूनियर राष्ट्रीय ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड का दबदबा

    हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित रोशनाबाद इनडोर स्टेडियम में 14 से 16 नवंबर तक आयोजित 18वीं जूनियर ग्रेपलिंग राष्ट्रीय प्रतियोगिता का शानदार समापन हुआ। तीन दिनों तक चली इस राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में देशभर से आए करीब 650 खिलाड़ियों ने अपने कौशल, दमखम और फाइटिंग स्पिरिट से दर्शकों का दिल जीत लिया।

    समापन समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, आईपीएस तृप्ति भट्ट, तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा के महामंत्री मुलायम सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ग्रेपलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तराखंड ग्रेपलिंग संघ ने सभी अतिथियों का फूल-माला, बुके और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।
    कार्यक्रम में बलविंदर सिंह, सुबोध यादव, अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मुल्तान सिंह राणा, नवीन रयाल और राजस्थान के महासचिव महेश कायथ भी मौजूद रहे।

    650 खिलाड़ियों ने दिखाया दम

    प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट ग्रेपलिंग तकनीक और फ़ुर्ती का प्रदर्शन किया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और फेडरेशन के निर्णायकों को भी सम्मानित किया गया।

    ट्रॉफी पर तीन राज्यों का कब्जा

    प्रतियोगिता में टीम प्रदर्शन के आधार पर

    • प्रथम स्थान – हरियाणा
    • द्वितीय स्थान – महाराष्ट्र
    • तृतीय स्थान – उत्तराखंड
      रहा। तीनों टीमों ने शानदार फाइट और स्कोरिंग से ट्रॉफी अपने नाम की।

    नेताओं और अधिकारियों ने खिलाड़ियों की सराहना की

    पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि ग्रेपलिंग जैसे खेल युवाओं को अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। उत्तराखंड हमेशा से खेल आयोजनों के लिए अग्रणी रहा है।आईपीएस तृप्ति भट्ट ने खिलाड़ियों को “भविष्य के चैंपियंस” बताते हुए कहा कि जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण खेल की भावना और साहस है।

    मुलायम सिंह रावत ने कहा कि 650 खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत का युवा खेल में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।कार्यक्रम में पार्थों सारथी सरकार, लोको सोनो, संजय पंवार, जितेन्द्र पांचाल, दीपिका मान, सुप्रिया सामंत, सीमा सिंह राणा और सुनील चतुर्वेदी की उपस्थिति कार्यक्रम में ऊर्जा का केंद्र रही। संरक्षक शिवकुमार पांचाल और अध्यक्ष आईपीएस ओपी नरवाल ने प्रतियोगिता के उत्कृष्ट आयोजन पर फेडरेशन को शुभकामनाएँ दीं।

  • Saudi Arabia Accident Live: सऊदी अरब में दर्दनाक सड़क हादसा, मक्का से मदीना जा रहे 42 भारतीयों की मौत

    Saudi Arabia Accident Live: सऊदी अरब में दर्दनाक सड़क हादसा, मक्का से मदीना जा रहे 42 भारतीयों की मौत

    Saudi Arabia Accident Live: सऊदी अरब में मक्का से मदीना जा रहे भारतीय नागरिकों से भरी एक बस के सड़क हादसे का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में 42 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं। घटना ने भारत समेत पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ा दी है।

    रविवार देर शाम यह हादसा तब हुआ जब यात्रियों से भरी बस तेज रफ्तार के कारण अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से नीचे उतरकर पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस और रेस्क्यू टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

    घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सऊदी प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

    भारत सरकार ने सऊदी अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मृतकों के अंतिम संस्कार और घायलों के उपचार में हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। भारतीय दूतावास भी अस्पतालों और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।यह हादसा उन भारतीय तीर्थ यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका है जो उमरा या धार्मिक यात्रा पर मक्का-मदीना पहुंचे थे। परिवारों में मातम पसरा हुआ है और सरकार सभी प्रभावित परिवारों की सहायता की तैयारी कर रही है।

  • IND vs SA: साउथ अफ्रीका ने भारत को 30 रनों से हराया, सीरीज में 1-0 की बढ़त

    IND vs SA: साउथ अफ्रीका ने भारत को 30 रनों से हराया, सीरीज में 1-0 की बढ़त

    IND vs SA: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए पहले टेस्ट मैच में मेजबान टीम ने 30 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। यह मैच शुरू से अंत तक उतार-चढ़ाव वाला रहा, लेकिन दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज़ों का संघर्ष टीम इंडिया को हार की ओर ले गया।

    भारत ने पहली पारी में 271 रन बनाए थे, जिसमें कुछ अहम साझेदारियों ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 304 रन बनाकर 33 रनों की बढ़त हासिल कर ली। मेजबान टीम की ओर से कप्तान टेंबा बावुमा ने शानदार नाबाद 55 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में साइमन हार्मर ने 4 महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत को दबाव में रखा।

    दूसरी पारी में भारतीय टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम इंडिया साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों की बेहतरीन लाइन और लेंथ के सामने टिक नहीं सकी। 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत सिर्फ 93/9 पर सिमट गया।
    शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण बल्लेबाजी करने नहीं उतर सके, जिससे भारतीय टीम एक प्रमुख बल्लेबाज़ के योगदान से वंचित रह गई।

    भारत की ओर से वाशिंगटन सुंदर ने 31 रन और अक्षर पटेल ने 26 रन बनाकर कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ बिखरते चले गए। साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाते हुए भारतीय बल्लेबाज़ों को किसी भी मोर्चे पर लंबी साझेदारी नहीं करने दी।

    इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने टेस्ट सीरीज में 1-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। अगले मैच में भारत के लिए सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरना एक बड़ी चुनौती होगी। टीम को बल्लेबाज़ी में मजबूती और बेहतर शुरुआत की जरूरत होगी।

  • UP SeniorCitizenPension News: फैमिली ID से बुजुर्गों को बिना आवेदन मिलेगी पेंशन, कैबिनेट की मंजूरी

    UP SeniorCitizenPension News: फैमिली ID से बुजुर्गों को बिना आवेदन मिलेगी पेंशन, कैबिनेट की मंजूरी

    UP SeniorCitizenPension News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब सीनियर सिटीजन पेंशन पाने के लिए न तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही लंबी आवेदन प्रक्रिया से गुजरना होगा। फैमिली आईडी एक परिवार एक पहचान प्रणाली के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान स्वतः हो जाएगी, और जिस माह व्यक्ति 60 वर्ष का होगा, उसी महीने उसकी पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी।

    शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रदेश के सवा आठ लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और सरकार लगभग 990 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करेगी।समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि नेशनल सीनियर सिटीजन पेंशन योजना का लाभ लाखों लोग उठा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या ऐसे पात्र बुजुर्गों की है जो आवेदन प्रक्रिया पूरी न कर पाने की वजह से योजना से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए फैमिली आईडी के डेटा को सीधे समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल से जोड़ा गया है।

    फैमिली आईडी से ऐसे सभी लोगों की पहचान स्वतः की जाएगी, जिनकी उम्र अग‍ले 90 दिनों में 60 वर्ष होने जा रही है। इन्हें पेंशन पोर्टल पर एपीआई के माध्यम से ‘पुश’ किया जाएगा ताकि समय से पेंशन स्वीकृत हो सके।पेंशन शुरू करने के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों से डिजिटल सहमति (SMS, फोन कॉल, व्हाट्सऐप) के माध्यम से संपर्क किया जाएगा। यदि कोई स्वयं यह प्रक्रिया नहीं कर पाता, तो ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर या डोर-टू-डोर सेवा के माध्यम से उनकी सहमति और बायोमेट्रिक लिए जाएंगे। 15 दिनों के भीतर सभी पात्र आवेदनों पर डिजिटल सिग्नेचर के साथ स्वीकृति दी जाएगी और पेंशन सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।सरकार ने लाभार्थियों के लिए एक मोबाइल एप भी तैयार किया है जिसमें पासबुक की तरह सभी भुगतान विवरण उपलब्ध रहेंगे।

  • UP: अखलाक हत्याकांड में योगी सरकार ने आरोपियों पर से केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

    UP: अखलाक हत्याकांड में योगी सरकार ने आरोपियों पर से केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। अखलाक हत्याकांड मामले में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में ग्रेटर नोएडा जिला अदालत में औपचारिक अर्जी दाखिल की गई है।

    सरकारी वकील की ओर से अदालत में दी गई इस अर्जी में कहा गया है कि राज्य सरकार मामले की परिस्थितियों, साक्ष्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद आरोपियों पर से मुकदमों को वापस लेने पर विचार कर रही है। अदालत ने मामले को स्वीकार करते हुए 12 दिसंबर 2025 की तारीख सुनवाई के लिए तय की है।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर अब चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। अखलाक हत्याकांड 2015 में दादरी के बिसाहड़ा गाँव में सामने आया था, जब बीफ़ रखने की अफवाह के बाद मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई स्थानीय लोगों को आरोपी बनाया गया था।

    सरकार द्वारा केस वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद एक ओर जहां आरोपियों के परिवारों ने राहत की उम्मीद जताई है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस कदम पर सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की निगाहें 12 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत राज्य सरकार की अर्जी पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।

  • दिल्ली ब्लास्ट: 6 राज्यों में फैला डॉक्टरों का टेरर नेटवर्क, NIA की बड़ी कार्रवाई

    दिल्ली ब्लास्ट: 6 राज्यों में फैला डॉक्टरों का टेरर नेटवर्क, NIA की बड़ी कार्रवाई

    दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इस दौरान देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी NIA को एक बड़ा नेटवर्क हाथ लगा है। जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट से जुड़ा हुआ एक संगठित ‘डॉक्टरों का टेरर नेटवर्क’ छह राज्यों तक फैला हुआ है। इसके बाद NIA ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और बुधवार से कई राज्यों में एक साथ छापेमारी जारी है।

    सूत्रों के अनुसार, NIA की टीमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में समन्वित कार्रवाई कर रही हैं। अब तक कई महत्वपूर्ण स्थानों पर दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध संपर्कों का रिकॉर्ड बरामद हुआ है। इस नेटवर्क के पीछे किस तरह की साजिश थी, इसकी परतें अब खुलने लगी हैं।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में शामिल कई आरोपी डॉक्टर हैं, जो अपने पेशे की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। श्रीनगर में बैठकर NIA की विशेष टीम इस नेटवर्क के मुख्य आरोपियों—डॉ. आदिल, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

    सूत्रों का कहना है कि कुछ डॉक्टरों के विदेश संपर्क भी मिले हैं और इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं इसका इस्तेमाल फंडिंग या आतंकी सहायता के लिए तो नहीं हो रहा था। जांच एजेंसी इस बात का भी पता लगा रही है कि दिल्ली ब्लास्ट की योजना किस स्तर से बनाई गई और नेटवर्क के किस हिस्से में कौन भूमिका निभा रहा था।

    दिल्ली ब्लास्ट की जांच को गंभीरता से लेते हुए NIA के डीजी सदानंद दाते खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। दाते फिलहाल श्रीनगर में मौजूद हैं और पूरी केस डायरेक्शन वह खुद देख रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार और NIA इस मामले को गैर-जरूरी देरी के बिना जल्द से जल्द सुलझाने के लिए आक्रामक मोड में है।

    फिलहाल NIA की छापेमारी जारी है और निकट भविष्य में और बड़े खुलासे संभव हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। दिल्ली ब्लास्ट के पीछे छिपी साजिश और इसके तार कहां तक फैले हैं, इसकी पूरी तस्वीर जल्द सामने आ सकती है।

  • महोबा तहसील में रात के अंधेरे में दस्तावेज जलाए जाने का वीडियो वायरल

    महोबा तहसील में रात के अंधेरे में दस्तावेज जलाए जाने का वीडियो वायरल

    महोबा REPORT: चंद्रशेखर नामदेव यूपी के महोबा जिले में स्थित सदर तहसील परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से रात के अंधेरे में सरकारी अभिलेखों को जलाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो उस समय सामने आया है जब अगले ही दिन राजस्व परिषद सचिव का जनपद दौरा प्रस्तावित था। घटना के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।

    वीडियो में दिखाई दे रहा है कि तहसील परिसर के भीतर कुछ लोग आग के पास खड़े हैं और वहां पुराने दस्तावेज़ जैसे कागज जलते नजर आ रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दस्तावेज़ सरकारी अभिलेख हैं या कचरा। इसी अस्पष्टता को लेकर जनता में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

    वायरल वीडियो ने विवाद को और हवा तब दी, जब यह जानकारी सामने आई कि घटना राजस्व परिषद सचिव के आगमन से ठीक कुछ घंटे पहले की है। लोगों का कहना है कि दौरे से पहले जांच या निरीक्षण से बचने के लिए दस्तावेज़ नष्ट किए जा सकते हैं, जबकि कुछ लोग इसे तहसील में व्याप्त अव्यवस्था से जोड़कर देख रहे हैं।

    उधर, प्रशासनिक अधिकारी बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में जलाए जा रहे दस्तावेज़ सरकारी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि खराब फाइल कवर, बासी कागज और अन्य बेकार कचरा है, जिसे नियमित रूप से नष्ट किया जाता है। अधिकारियों ने दावा किया कि किसी भी तरह का संवेदनशील या महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नहीं जलाया गया है।फिलहाल वीडियो की सत्यता और दस्तावेजों की प्रकृति को लेकर जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर के अंदर रात में इस तरह आग जलाए जाने की घटना अपने आप में संदेह पैदा करती है।प्रशासन अब इस मामले को लेकर सतर्क हो गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या जल्द ही कोई आधिकारिक जांच सामने आएगी या मामला सफाई के भरोसे ही दबा दिया जाएगा।

  • Rohini Acharya onTejashwi Yadav: बिहार चुनाव हार के बाद लालू परिवार में बड़ी कलह, रोहिणी ने राजनीति छोड़ी, तेजस्वी पर गंभीर आरोप

    Rohini Acharya onTejashwi Yadav: बिहार चुनाव हार के बाद लालू परिवार में बड़ी कलह, रोहिणी ने राजनीति छोड़ी, तेजस्वी पर गंभीर आरोप

    Rohini Acharya onTejashwi Yadav: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। शनिवार को लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति से संन्यास लेने और परिवार से पूरी तरह नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया। यह वही रोहिणी हैं, जिन्होंने अपने पिता को किडनी दान करके देशभर में चर्चा बटोरी थी। उनका यह फैसला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि लालू परिवार में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह का नया अध्याय भी है।

    लालू परिवार में सत्ता और विरासत को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। 2017 में लालू यादव की गिरफ्तारी के बाद जब पार्टी की कमान तेजस्वी यादव को सौंपी गई, तभी से बड़े बेटे तेज प्रताप यादव असहज महसूस करने लगे थे। यहीं से दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की खींचतान शुरू हुई। तेज प्रताप खुद को कई बार “लालू प्रसाद का असली वारिस” भी बता चुके हैं।

    2018–19 में तेज प्रताप का निजी और राजनीतिक विद्रोह और उफान पर पहुंच गया था। शादी के कुछ ही महीनों बाद तलाक की अर्जी, परिवार पर अनसुनी करने के आरोप और फिर “लालू-राबड़ी मोर्चा” बनाकर पार्टी के खिलाफ बगावत—इन घटनाओं ने कलह को सार्वजनिक कर दिया। इस दौरान तेज प्रताप ने तेजस्वी के करीबी संजय यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए।

    2021 में तेज प्रताप ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से खुलेआम टकराव किया। 2022–25 के बीच भी उन्होंने बार-बार दावा किया कि उन्हें हाशिये पर धकेला जा रहा है। मई 2025 में विवादित पोस्ट के बाद लालू यादव ने उन्हें छह साल के लिए RJD से निष्कासित कर दिया।

    अब 2025 में रोहिणी आचार्य का विद्रोह नए संकट का संकेत है। तेजस्वी के सहयोगी संजय यादव और रमीज नेमत पर आरोप लगाते हुए रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परिवार ने उन्हें अलग-थलग कर दिया है, इसलिए वह राजनीति और परिवार दोनों से दूरी बना रही हैं।बिहार चुनाव हार के बाद सामने आया यह विवाद RJD और लालू परिवार के भीतर गहरी उठा-पटक की ओर इशारा करता है।