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  • कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बुधवार सुबह कानपुर के नरवल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने आसपास के कई गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। मॉर्निंग वॉक के दौरान उनका एक देसी और सरल अंदाज देखने को मिला, जिसकी अब क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

    किसान को दूध दुहते देख रुके सतीश महाना

    नरवल क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सतीश महाना की नजर किसान राम सिंह यादव पर पड़ी, जो अपनी भैंस का दूध दुह रहे थे। यह दृश्य देखकर विधानसभा अध्यक्ष खुद को रोक नहीं सके और मजाकिया अंदाज में बोले “लाओ, आज मैं दूध दुहता हूं।”उनकी यह बात सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और अधिकारी हंस पड़े।

    भैंस बिदकी, लेकिन महाना ने प्यार से दुहा दूध

    जब सतीश महाना बाल्टी लेकर दूध दुहने बैठे, तो भैंस थोड़ी बिदक गई। लेकिन उन्होंने उसे प्यार से पुचकारा और फिर आराम से दूध दुहा। इसके बाद उन्होंने उसी दूध को गिलास में लेकर खुद पीया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाईं और माहौल पूरी तरह आत्मीय हो गया।

    ग्रामीणों ने सराहा सादगी भरा अंदाज

    विधानसभा अध्यक्ष का यह सादगी भरा और जमीन से जुड़ा अंदाज ग्रामीणों को बेहद पसंद आया। लोगों ने कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद सतीश महाना का आम लोगों के बीच इस तरह घुलना-मिलना नेतृत्व की मिसाल है।

    कई गांवों का किया दौरा

    इस दौरान सतीश महाना ने सलेमपुर,मंगत खेड़ा,नारायणपुर,कोडर,गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं, साथ ही चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

    जनसंपर्क और जमीनी राजनीति की मिसाल

    सतीश महाना का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि यह जनसंपर्क, संवेदनशीलता और जमीनी राजनीति की एक सशक्त तस्वीर पेश करता है। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो सकता है।

  • कानपुर गैंगरेप केस: पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, DCP वेस्ट हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

    कानपुर गैंगरेप केस: पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, DCP वेस्ट हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

    KanpurGangrape: कानपुर में नाबालिग से गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कड़ा कदम उठाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है।मामले में लापरवाही और गंभीर आरोपों के बाद DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटाकर DCP हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया है, जबकि सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।

    पुलिस जांच में तेजी लाते हुए पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पत्रकार शिव बरन को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मामले का दूसरा आरोपी दारोगा अमित मौर्य अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    पीड़िता के परिवार को धमकी का आरोप

    पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वारदात के बाद उन्हें आरोपियों के परिजनों की ओर से जान से मारने की धमकी मिल रही है। पुलिस ने इस शिकायत को भी संज्ञान में लिया है और सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश

    पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि“दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा।”पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की मल्टी एंगल जांच की जा रही है और जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

  • कानपुर देहात: अकबरपुर में मिशन शक्ति केंद्र का भव्य उद्घाटन, महिलाओं को 17 स्कूटी दी गईं

    कानपुर देहात: अकबरपुर में मिशन शक्ति केंद्र का भव्य उद्घाटन, महिलाओं को 17 स्कूटी दी गईं

    कानपुर देहात। अकबरपुर थाना परिसर में सोमवार को मिशन शक्ति केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस मौके पर एडीजी कानपुर जोन विशेष रूप से उपस्थित रहे और केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

    इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी, सुरक्षा उपाय, और आपातकालीन सहायता तुरंत उपलब्ध होगी। मिशन शक्ति के तहत तैनात महिला पुलिसकर्मियों को केंद्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे महिलाओं को संवेदनशील मामलों में मार्गदर्शन दे सकें।

    उद्घाटन समारोह के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को 17 स्कूटी वितरित की गईं, जिससे उनका रोजमर्रा का सेवा कार्य और महिलाओं तक त्वरित पहुँच आसान हो सके। एडीजी कानपुर जोन ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र का संचालन प्रभावी ढंग से किया जाएगा और समय-समय पर केंद्र की गतिविधियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों और स्थानीय महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या असुरक्षा की स्थिति में केंद्र का उपयोग करें। पुलिस अधीक्षक ने भी केंद्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल कानपुर देहात में महिलाओं के लिए सुरक्षा की नई मिसाल स्थापित करेगी।

    कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने मिशन शक्ति केंद्र के संचालन, प्रशिक्षण और आपातकालीन सहायता के लिए आवश्यक संसाधनों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के साथ बैठक कर सुझाव भी लिए। इस पहल से महिलाओं को कानून और सुरक्षा से संबंधित मार्गदर्शन प्राप्त करने में आसानी होगी।

    स्थानीय लोगों और महिलाओं ने इस केंद्र की स्थापना पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब किसी भी महिला को किसी भी असुरक्षा की स्थिति में मदद लेने के लिए एक विश्वसनीय और त्वरित माध्यम मिलेगा। स्कूटी वितरण के साथ महिला पुलिसकर्मी अधिक तेजी से अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग और सुरक्षा जांच कर पाएंगी।मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य न केवल महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। इस केंद्र के जरिए महिलाओं के प्रति जागरूकता फैलाना, शिकायत निवारण करना और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य रहेगा।

  • यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    लखनऊ | उत्तर प्रदेश नए साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब राज्य में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा। इसके तहत जहां पहले स्मार्ट मीटर के लिए 2800 रुपये चुकाने पड़ते थे, अब उपभोक्ताओं को केवल 1900 रुपये देने होंगे।

    थ्री फेज मीटर पर भी मिलेगा लाभ

    सिर्फ स्मार्ट मीटर ही नहीं, बल्कि4100 रुपये की कीमत वाले थ्री फेज मीटर पर भी 900 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगीयह राहत केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत दी जा रही है।

    बिजली अधिनियम 2003 का हवाला

    उपभोक्ता परिषद के अनुसार, बिजली अधिनियम 2003 में स्पष्ट प्रावधान है किसरकार से मिलने वाली सब्सिडी का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए।इसी आधार पर स्मार्ट मीटर पर मिलने वाली केंद्रीय सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।

    RDSS की अवधि बढ़ी

    कंज्यूमर काउंसिल के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि RDSS योजना पहले 31 दिसंबर 2026 तक लागू थीअब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हर स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर 900 रुपये का अनुदान दे रही है।

    स्लैब सिस्टम से मिलेगा छुटकारा

    अवधेश वर्मा के अनुसार,40 मीटर से कम दूरी पर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को पहले स्लैब सिस्टम के कारण नुकसान हो रहा था अब इस व्यवस्था में बदलाव से छोटे उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  21वीं सदी में जब देश और दुनिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात कर रही है, उसी दौर में आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटे की चाह से बाहर नहीं निकल पाया है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आया है, जहां एक परिवार में बेटे की उम्मीद में 10 बेटियां पैदा हुईं और 11वीं संतान के रूप में जाकर बेटा हुआ।

    यह मामला फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज गांव का है। गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है। घर-घर लड्डू और मिठाइयां बांटी जा रही हैं, क्योंकि संजय और सुनीता के घर बेटे का जन्म हुआ है। बेटे के जन्म पर खुशी स्वाभाविक है, लेकिन यह खुशी तब सवाल खड़े करती है, जब पता चलता है कि इस बेटे से पहले परिवार में 10 बेटियां हैं।

    संजय की पत्नी सुनीता ने अपनी शादी के 19 सालों में 11 बार गर्भधारण किया। हर बार नॉर्मल डिलीवरी हुई। पहली 10 बार बेटियां पैदा हुईं और अब 11वीं डिलीवरी में बेटा हुआ है। मां और नवजात बेटा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह कहानी भारतीय समाज की उस सोच को उजागर करती है, जो आज भी बेटे को वंश का वाहक मानती है।

    परिवार के मुखिया संजय का कहना है कि उन्होंने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, “बेटियां भगवान की देन हैं, लक्ष्मी का रूप हैं। मैंने उन्हें हमेशा बेटों की तरह पाला है।” संजय बताते हैं कि उनकी सबसे बड़ी बेटी अब 18 साल की हो चुकी है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। बाकी बेटियां भी स्कूल जा रही हैं और सबसे छोटी बेटी का हाल ही में स्कूल में दाखिला हुआ है।

    हालांकि संजय यह भी स्वीकार करते हैं कि बेटे के न होने पर उन्हें समाज के ताने सुनने पड़े। गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें होती थीं, जिससे वह और उनकी पत्नी मानसिक दबाव में रहते थे। यही सामाजिक दबाव बेटे की चाह को और मजबूत करता गया।

    यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी समाज में बेटा-बेटी का भेद खत्म नहीं हुआ है? क्या वंश आगे बढ़ाने की सोच के आगे महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया जा सकता है?

    यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता की तस्वीर है, जिसे बदलने की आज भी सख्त जरूरत है। बेटियां किसी से कम नहीं हैं—यह साबित वे हर क्षेत्र में कर चुकी हैं। अब जरूरत है कि समाज इस सच्चाई को दिल से स्वीकार करे।

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • “बहुत आगे तक जाएंगे…” सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद, बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

    “बहुत आगे तक जाएंगे…” सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद, बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

    बिहार की राजनीति में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुले मंच से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की जमकर सराहना की। मौका था बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन का, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उनके आवास पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।इस दौरान नीतीश कुमार ने न सिर्फ शकुनी चौधरी के राजनीतिक योगदान को याद किया, बल्कि उनकी मौजूदगी में सम्राट चौधरी के कामकाज की भी तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट चौधरी मेहनती नेता हैं और “बहुत आगे तक जाएंगे”, यह कहते हुए उन्होंने उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद भी दिया।

    सम्राट चौधरी के लिए खास रहा यह पल

    डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के लिए यह मौका बेहद खास माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार के इस बयान को सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार का इस तरह खुले मंच से सम्राट चौधरी का समर्थन करना आने वाले समय में बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

    शकुनी चौधरी के आवास पर जुटे दिग्गज

    पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन पर कई वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शकुनी चौधरी का सामाजिक और राजनीतिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

    सियासी मायने क्या हैं?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह बयान केवल औपचारिक नहीं है। सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद ऐसे समय पर आया है जब बिहार में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। यह बयान यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भूमिका और नेतृत्व क्षमता को लेकर आश्वस्त हैं।

    विपक्ष की भी बढ़ी नजर

    इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों की नजर भी इस बयान पर टिक गई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कई लोग इसे भविष्य की राजनीति का संकेत मान रहे हैं।कुल मिलाकर, शकुनी चौधरी के जन्मदिन समारोह में नीतीश कुमार द्वारा दिया गया यह बयान बिहार की राजनीति में एक नया संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस आशीर्वाद का राजनीतिक असर कितना गहरा पड़ता है।