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  • GST घटने से सस्ती हुईं बाइकें,Royal Enfield से Hero और Bajaj तक, देखें नई कीमतें

    GST घटने से सस्ती हुईं बाइकें,Royal Enfield से Hero और Bajaj तक, देखें नई कीमतें

    देशभर के बाइक प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने GST दरों में कटौती की घोषणा की है, जिसका सीधा असर टू-व्हीलर इंडस्ट्री पर देखने को मिला है। मोटरसाइकिल कंपनियों ने तुरंत नई कीमतों का ऐलान किया है और ग्राहकों को अब बाइक खरीदने के लिए ज्यादा रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी।

    Royal Enfield कितनी सस्ती हुई

    Royal Enfield के शौकीनों के लिए यह राहत की खबर है। कंपनी की Classic 350, Bullet और Hunter जैसी लोकप्रिय बाइक्स पर हजारों रुपये तक की कटौती हुई है। उदाहरण के तौर पर, Classic 350 की कीमत 5,000 से 7,000 रुपये तक घटी है। Royal Enfield का कहना है कि अब एंट्री लेवल मॉडल भी ग्राहकों के लिए और किफायती हो गए हैं।

    Hero MotoCorp की लोकप्रिय रेंज

    देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp ने भी तुरंत दाम घटा दिए हैं। Splendor, HF Deluxe, Passion Plus और Glamour जैसी बाइक्स अब पहले से 2,000 से 4,000 रुपये तक सस्ती हो चुकी हैं। वहीं Hero Xtreme और XPulse मॉडल्स पर भी कीमतों में कमी आई है।

    Bajaj Auto की बाइक्स कितनी सस्ती हुई

    Bajaj की स्पोर्ट्स और कम्यूटर सेगमेंट दोनों बाइक्स की कीमतें कम हो गई हैं। Pulsar 150, Pulsar N160 और Platina की कीमतें 3,000–6,000 रुपये तक घटी हैं। Dominar और Avenger सीरीज पर भी ग्राहकों को बचत का फायदा मिलेगा।

    Entry-Level से Premium तक असर

    GST घटने का फायदा सिर्फ एंट्री-लेवल कम्यूटर बाइक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रीमियम सेगमेंट पर भी असर पड़ा है। KTM, Jawa और TVS जैसी कंपनियों ने भी अपने-अपने मॉडल्स की नई प्राइस लिस्ट जारी की है। इसका असर खासकर उन युवाओं पर पड़ेगा, जो स्पोर्ट्स बाइक खरीदने का सपना देखते हैं। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला ऑटो सेक्टर में मांग को बढ़ावा देगा। पिछले कुछ महीनों से बिक्री में गिरावट देखने को मिल रही थी। अब कीमतें कम होने से ग्राहकों का झुकाव बाइक खरीदने की ओर बढ़ सकता है। खासकर त्योहारी सीजन में डीलर्स को बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।

    कितनी सस्ती हुई कौन सी बाइक?

    • Royal Enfield Classic 350 – ₹5,000–₹7,000 सस्ती
    • Hero Splendor Plus – ₹2,500 सस्ती
    • Hero Glamour – ₹3,000 सस्ती
    • Bajaj Pulsar 150 – ₹4,500 सस्ती
    • Bajaj Platina 100 – ₹2,000 सस्ती
    • Royal Enfield Hunter 350 – ₹5,000 सस्ती

    ऑटो इंडस्ट्री में आई इस राहत से आम ग्राहकों को सीधा फायदा हो रहा है। यदि आप इस समय नई बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह सही मौका है। कंपनियों ने न केवल कीमतें घटाई हैं बल्कि कई जगह फेस्टिव ऑफर्स और फाइनेंस स्कीम्स भी शुरू कर दी हैं।

  • Jharkhand Naxal Encounter: मुठभेड़ में ढेर 10 लाख का इनामी नक्सली अपटन, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

    Jharkhand Naxal Encounter: मुठभेड़ में ढेर 10 लाख का इनामी नक्सली अपटन, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

    सूत्र झारखंड, – गोइलकेरा थाना क्षेत्र आराहासा पंचायत के रेला गांव स्थित बुरजूवा पहाड़ी के पास रविवार के अहले सुबह पुलिस और माकपा माओवादियों नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

    चाईबासा पुलिस कप्तान को गुप्त सूचना मिली थी कि गोइलकेरा थाना क्षेत्र में रेला पराल क्षेत्र में नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य मौजूद हैं। जिसके बाद पुलिस व सीआरपीएफ टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया।पुलिस की सर्च के दौरान नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। Jharkhand Naxal Encounter

    सुरक्षाबलों ने पूरे पहाड़ी क्षेत्र को घेर कर नक्सलियों के भागने के रास्ते बंद करने की कोशिश की जा रही है। चाईबासा एसपी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं । क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल को भी इलाके में भेजा गया है।Jharkhand Naxal Encounter

    मुठभेड़ में एक नक्सली को मारे जाने एवं एक एसएलआर बरामदगी की सूचना मिली है। लेकिन अभी तक उसकी पुष्टि नहीं हुआ। मुठभेड़ की खबर को जिला के एसपी राकेश रंजन ने पुष्टि की। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है। Jharkhand Naxal Encounter

    मारा गया नक्सली जोनल कमांडर अमित हांसदा उर्फ अपटन है। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एसपी राकेश रंजन ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। मुठभेड़ आज सुबह हुई। Jharkhand Naxal Encounter

  • Hurricane Kiko: आ रहा भयंकर तूफान, 215KM की रफ्तार से आएगी तबाही, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    Hurricane Kiko: आ रहा भयंकर तूफान, 215KM की रफ्तार से आएगी तबाही, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    Hurricane Kiko: प्रशांत महासागर में उठे भयंकर तूफान ने अमेरिका को चिंता में डाल दिया है। हरिकेन किको (Hurricane Kiko) तेजी पकड़ते हुए कैटेगरी-4 का खतरनाक तूफान बन चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसकी अधिकतम रफ्तार 215 किमी प्रति घंटा (130 मील प्रति घंटा) तक पहुंच गई है

    और आने वाले दिनों में इसका सीधा असर हवाई द्वीपसमूह पर पड़ सकता अगले कुछ दिनों में इसका असर हवाई द्वीपसमूह पर पड़ सकता है. वहीं, पोस्ट-ट्रॉपिकल साइक्लोन लोरेना ने मेक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप को भारी बारिश से तरबतर कर दिया है.

    मौसम केंद्र के मुताबिक, तूफान ‘किको’ की अधिकतम रफ्तार 215 किमी प्रति घंटा (130 मील प्रति घंटा) है और इसमें शुक्रवार देर रात तक और भी ताकतवर होने की संभावना है. फिलहाल यह तूफान हिलो, हवाई से 1,195 मील (1,925 किलोमीटर) पूर्व-दक्षिणपूर्व में था और पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था.

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार से ही हवाई के कुछ इलाकों में ऊंची लहरें और खतरनाक रिप करंट देखने को मिल सकते हैं. हालांकि अभी तक किसी द्वीप पर सीधी चेतावनी जारी नहीं हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

    दूसरी ओर, पोस्ट-ट्रॉपिकल साइक्लोन लोरेना (Lorena) ने मेक्सिको के बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप में भारी बारिश बरसाई है. शुक्रवार सुबह तक लोरेना की रफ्तार घटकर 56 किमी प्रति घंटा (35 मील प्रति घंटा) रह गई थी और यह काबो सैन लाजारो से 170 मील पश्चिम में लगभग स्थिर था.

  • Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA ; 4 सितंबर 2025 को बिहार में एनडीए (NDA) ने पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया। यह विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता के खिलाफ महागठबंधन के किसी मंच पर कही गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ था। इस बंद का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा और एनडीए की अन्य समर्थक महिलाओं ने किया। इसमें मुख्य भूमिका भाजपा नेता एवं केंद्रीय सांसद रविशंकर प्रसाद ने निभाई, जिन्होंने प्रतिरोध के स्वर में तीखी टिप्पणियाँ कीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे—बंद का असर, प्रशासनिक प्रतिबिंब, रविशंकर प्रसाद का बयान, और राजनीतिक पटल पर इसकी गूंज।

    1. बंद का ऐलान और उद्देश्य

    • एनडीए ने 4 सितंबर 2025, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक का बिहार बंद बुलाया। इसका उद्देश्य था—प्रमोद की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर विरोध जताना।
    • बंद के नेतृत्व में शामिल थे—भाजपा महिला मोर्चा, जदयू महिला मोर्चा, लोजपा (रा.), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा की महिलाएं।

    2. बंद के दौरान क्या खुला और बंद रहा

    • आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाएं नियमित रहीं; परंतु स्कूल, कार्यालय और परिवहन सेवाओं में व्यापक व्यवधान रहा।

    3. बंद का प्रभाव और प्रदर्शन

    “बिहार बंद आज NDA ;

    • पटना, गया जैसे प्रमुख शहरों में सड़क जाम और प्रदर्शन देखे गए। कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई, शॉपिंग और सार्वजनिक गतिविधियाँ ठप रहीं।
    • दानापुर में आगजनी की घटनाएं हुईं; बाजार और चौराहों पर उसका असर रहा।

    4. रविशंकर प्रसाद का तीखा बयान

    Bihar band aaj NDA
    • भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस बंद के माध्यम से विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है।
    • उनका सवाल था—“जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब विपक्ष क्यों प्रदर्शन कर रहा है? क्या उनका उद्देश्य अवैध मतदाताओं को वोटर लिस्ट में बनाए रखना है?”
    • उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता की बात की और कहा कि अधिकांश लोग स्वयं मतदाता सूची में अपना विवरण अपडेट कर चुके हैं।
    • एक अन्य मौके पर उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि क्या वे चाहते हैं “घुसपैठिए” मतदाता सूची में बने रहें—जिससे यह सवाल राजनीति निर्माण का हिस्सा है।

    5. प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया और बयानबाजी

    • तेजस्वी यादव ने इस घटना की निंदा की, कहा कि मां के खिलाफ अपमान अस्वीकार्य है और व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक परिधि पर हावी नहीं होने चाहिए।
    • हालांकि उनका बयान सीधे इस बंद के संदर्भ में नहीं था, लेकिन भावनात्मक और राजनीतिक प्रतिवाद का हिस्सा बना।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

    बंद का महत्व:

    • लोकतांत्रिक चेतना और सम्मान की राजनीति;
    • मुखर विरोध का प्रदर्शन: महिलाएं प्रमुख भूमिका में;
    • आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के प्रक्षेपवक्र पर असर।

    प्रशासनिक चुनौतियां:

    • स्कूल, कार्यालय और परिवहन बाधित;
    • लेकिन सेवाओं में चुस्त कार्यक्रम को रक्षा मिली।

    राजनीतिक संदेश:

    • रविशंकर प्रसाद का बयान सुप्रीम कोर्ट और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के संदेह को रेखांकित करता है;
    • बंद ने विपक्ष के राजनीतिक रणनीतियों पर सवाल खड़े किए।

    निष्कर्ष

    आज का बिहार बंद एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश था—यह मजबूत, सुनियोजित और NDA का विपक्ष विरोधी प्रदर्शन था। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दा विचाराधीन होने के बावजूद सड़क राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने विरोध को असंवेदनशील और अपमानजनक घटना के खिलाफ मानवीय और संवैधानिक प्रतिक्रिया बताया।

    भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को कैसे प्रभावित करती है—क्या यह NDA को गति देगी, या विपक्ष के लिए प्रतिक्रिया का मंच बनेगी? आपकी राय या प्रतिक्रिया इस विषय पर क्या है? कृपया नीचे टिप्पणी करके साझा करें।

    Read more: Ramswaroop Memorial University में छात्रों पर लाठीचार्ज, प्रशासनिक गाज और राजनीतिक विडंबना

  • Bigg Boss 19 Tanya Mittal ladai; Bigg Boss 19 में Tanya Mittal का ग्लैमर और विवाद

    Bigg Boss 19 Tanya Mittal ladai; Bigg Boss 19 में Tanya Mittal का ग्लैमर और विवाद

    Bigg Boss 19 Tanya Mittal ladai; Bigg Boss 19 की शुरुआत ही जोरदार हुई है, जब Tanya Mittal ने अपनी ग्लैमरस उपस्थिति और आत्म‑विश्वास के साथ घर में प्रवेश किया। उन्होंने ना केवल 800 से भी अधिक साड़ियाँ लेकर आने का दावा किया, बल्कि अपनी ‘बॉस’ कहलाने की चाहत, सुरक्षा व्यवस्था और स्पिरिचुअल पहचान ने घर में और सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया। इस लेख में हम उनके सफर, विवादों और दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को विस्तार से और सटीक तथ्यों के आधार पर उजागर करें

    Tanya Mittal कौन हैं?

    Bigg Boss 19 Tanya Mittal ladai

    Tanya Mittal, एक स्टाइलिश सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, उद्यमी और स्पिरिचुअल स्टोरीटेलर हैं। उन्होंने Gwalior से शुरुआत करते हुए केवल ₹500 में हैंडबैक और ऐक्सेसरी का ब्रांड खड़ा किया। उन्हें 2018 में “Miss Asia Tourism Universe” का प्रतियोगिता खिताब भी मिला। उनकी इंस्टाग्राम पर 2.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं, और वे अपना स्टार्ट‑अप, पेजेंटिंग और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं।

    बिग बॉस 19 में प्रवेश और पहले प्रभाव

    उन्होंने बिग बॉस 19 में प्रवेश करते वक्त Salman Khan से सवाल किया—उनकी निजी ज़िंदगी पर। Salman ने मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया कि “सच्चा प्यार अभी तक नहीं हुआ” और Tanya ने इसे “अधूरा प्यार” ठहराया, जो दर्शकों के बीच चर्चा का हिस्सा बन गया।

    800+ साड़ियाँ, बॉस कहलाना और सुरक्षा‑दावे

    Tanya ने दावा किया कि उन्होंने 800 से अधिक साड़ियाँ घर के अंदर ली हैं और वे दिन में तीन बार आउटफिट बदलने की योजना बना रही हैं। यह उनका फैशन स्टेटमेंट और पारंपरिक पर आधुनिक टच दोनों ही दर्शाता है।

    साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी उन्हें “बॉस” कहें जैसे उनके परिवार में होता है, और उन्होंने सुरक्षा गार्ड्स का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे कुंभ मेले में लोगों की जान बचा चुके हैं।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और ट्रोलिंग

    उनके आपत्तिजनक बयान—“बॉस” कहलाने की चाह, सुरक्षा दर्शाना और साड़ियाँ लेकर आने की लिस्ट—सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आलोचना का विषय बने। कई लोग उन्हें “घमंडी”, “क्रिंग” और “स्पॉइलब्रैट” कहने लगे।

    झगड़े और टकराव

    Nehal Chudasama के साथ पोहे पर विवाद

    1 सितंबर के एपिसोड में, Nehal ने Tanya से कहा, “आपके मुंह से बदबू आ रही है!”—जो Tanya के लिए काफी आक्रामक था और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    Ashnoor Kaur के साथ उम्र‑शेमिंग

    एक बातचीत के दौरान Tanya ने मजाकिया अंदाज़ में कहा: “Side hato, bacche hain idhar।” जवाब में Ashnoor ने पलटकर कहा: “Bacha koi nahi hai yahan।”

    भावनात्मक खुलासे और दर्शकों की प्रतिक्रिया

    Tanya ने बताया कि उनका एक पूर्व प्रेमी उन्हें छोड़ गया क्योंकि वह उन्हें सुंदर नहीं पाता था। इस घटना ने उन्हें आत्म‑संवर्धन की राह पर प्रेरित किया, जहाँ उन्होंने खुद को रूपांतरित किया और खुद पर काम किया।

    महाकुंभ में पुलिसकर्मियों की जान बचाई?

    उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ के दौरान उनके सुरक्षा गार्ड्स ने पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की जान बचाई है—इसने शो में एक सेंसेशन पैदा कर दी।

    शो में रणनीतिक स्थिति और नामांकन

    इस सप्ताह की नामांकन में Tanya Mittal भी नॉमिनेट की गईं—उनके साथ Gaurav Khanna, Neelam Giri, Natalia Janoszek, Abhishek Bajaj, Zeeshan Quadri और Pranit More भी थे।


    निष्कर्ष

    Tanya Mittal का बिग बॉस 19 में प्रवेश ग्लैमर से भरा और विवाद से घिरा रहा। उनके फैशन चॉइस (800+ साड़ियाँ), आत्म-विश्वास, कथित सुरक्षा गार्ड्स, और घर के भीतर उनके बयान—सभी ने उन्हें एक विवादास्पद लेकिन आकर्षक व्यक्ति बना दिया। उनकी व्यक्तिगत कहानी, जैसे कि पूर्व प्रेमी द्वारा ‘सुंदर नहीं’ कहा जाना और महाकुंभ में बचाव का दावा, उनका चरित्र और परिपक्वता दर्शाती है। उनके टकरावों ने रियलिटी शो को और दिलचस्प बना दिया है।

    Visit tanya instagram: tanya mittal

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    read more from us: बड़े मंगल को क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल

  • Bada Mangal 2025: बड़े मंगल को क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल, रामायण और महाभारत से क्या है संबंध

    Bada Mangal 2025: बड़े मंगल को क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल, रामायण और महाभारत से क्या है संबंध

    Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल हिंदू पंचांग में एक विशेष दिन माना जाता है। यह दिन हर साल श्रावण महीने में आता है और इसे मंगल ग्रह (मंगल) के प्रभाव से जोड़ा जाता है। इसे शुभ माना जाता है और लोग इस दिन विशेष पूजा और व्रत करते हैं।

    क्यों कहते हैं इसे ‘बुढ़वा मंगल’?

    इस दिन को ‘बुढ़वा मंगल’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह महीने के पांचवें मंगल को विशेष महत्व देता है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस दिन का योग और समय अत्यंत शुभ होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।

    रामायण और महाभारत से संबंध

    पुराणों में बृहस्पति और मंगल ग्रह का उल्लेख कई घटनाओं में मिलता है।

    • रामायण में: भगवान राम के जीवन में मंगल ग्रह की स्थिति और समय का विशेष महत्व बताया गया है।
    • महाभारत में: युद्ध और पात्रों के जीवन में मंगल ग्रह की दशा से निर्णय और सफलता से संबंधित घटनाओं का उल्लेख मिलता है।
      इस कारण से धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बुढ़वा मंगल को खास माना जाता है।

    कैसे मनाते हैं बड़ा मंगल?

    • सुबह-सुबह भगवान हनुमान और गणेश की पूजा करना
    • मंदिर जाकर विशेष भजन और आरती में शामिल होना
    • भक्तजन व्रत रखते हैं और दान-पुण्य करते हैं
    • बुढ़वा मंगल पर विशेष आयोजन और मेले भी लगाए जाते हैं

    5वां बड़ा मंगल 2025 श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और पुण्य का दिन है। रामायण और महाभारत की कथाओं के अनुसार, मंगल ग्रह की शुभ स्थिति इस दिन को और भी महत्व देती है। इस दिन पूजा, व्रत और भक्ति से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

  • बिहार राजनीति: लालू-नीतीश पर ही निर्भर कांग्रेस और भाजपा, नया चेहरा क्यों नहीं?

    बिहार राजनीति: लालू-नीतीश पर ही निर्भर कांग्रेस और भाजपा, नया चेहरा क्यों नहीं?

    पटना। बिहार की राजनीति में लगभग तीन दशकों से चेहरों का खेल दो नेताओं—लालू प्रसाद यादव और नीतिश कुमार—तक ही सीमित है। आज भी कांग्रेस और भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टियां राज्य में इन्हीं चेहरों पर निर्भर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति बिहार की लोकतांत्रिक राजनीति की सबसे बड़ी कमजोरी है। बिहार राजनीति

    लालू-नीतिश के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति
    लालू यादव के उभार के बाद से ही उनके विरोध में नीतिश कुमार का चेहरा सामने आया। इसके बाद से अब तक बिहार की राजनीति इन्हीं दो ध्रुवों पर टिकी है। विरोध करने वाले नेता या तो नीतिश के साथ हो जाते हैं या फिर लालू परिवार के खिलाफ खड़े होते हैं। बिहार राजनीति

    स्थानीय लोगों की राय
    बक्सर के किसान राम भूवन कहते हैं, “यहां राजनीति का हाल यह है कि या तो कोई लालू का समर्थक होता है या विरोधी। विरोधियों का रास्ता सीधा नीतिश तक ही जाता है। कांग्रेस और भाजपा के पास भी कोई चर्चित चेहरा नहीं है।”बिहार राजनीति

    विश्लेषकों का नजरिया क्या कहता है

    • नई दुनिया के संपादक सतीश श्रीवास्तव कहते हैं, “यह बिहार की राजनीति का दुर्भाग्य है कि यहां बड़े जनआंदोलन हुए, पर आज प्रमुख पार्टियों के पास अपना चेहरा नहीं है। राजनीति अब सिर्फ लालू और नीतिश पर सिमट गई है।”
    • शिक्षक रविकांत के अनुसार, “जातीय समीकरणों में बंटे बिहार में कोई ऐसा नेता नहीं आया जो युवाओं को आकर्षित कर सके। इस कारण राजनीति लालू और नीतिश तक सीमित हो गई है।”
    • समाजशास्त्री प्रो. राम विलास का मानना है, “बिहार की राजनीति में संकीर्णता अधिक है, इसलिए नए चेहरे उभर नहीं पाते। आने वाले दशक में कोई नया नेतृत्व उभर सकता है, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना कम है।”

    विश्लेषकों का मानना है कि हाल में कुछ नए नेता जैसे प्रशांत कुमार या कन्हैया कुमार अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन वे भी कांग्रेस और लालू परिवार की राजनीति में दबकर रह गए। इससे साफ है कि बिहार की राजनीति में नया चेहरा उभरना अभी आसान नहीं है। बिहार राजनीति

  • पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा, ग्रामीण दहशत में माहौल

    पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा, ग्रामीण दहशत में माहौल

    पीलीभीत- पीलीभीत के थाना सेहरामऊ क्षेत्र में हाल ही में जंगल से एक बाघ खेतों में टहलते हुए दिखाई दिया। यह घटना ग्राम गदिहर फतेहपुर रोड के आसपास हुई, जहां राहगीरों ने बाघ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

    ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बाघ की दहशत में जीने को मजबूर हैं। खेतों में पैदावार और घरों की सुरक्षा को लेकर लोगों में भारी चिंता व्याप्त है। कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद भी बाघ को पकड़ने की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

    वन विभाग ने कहा है कि वे लगातार निगरानी कर रहे हैं और बाघ को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को किसी भी स्थिति में बाघ के पास जाने से बचना चाहिए और तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

    यह मामला वन्य जीवों और मानव बस्ती के समीप रहने की समस्याओं पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को जल्द से जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पीलीभीत -जंगल से बाघ निकलकर खेतों में टहलता दिखा

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  • परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा बनेंगे पेरेंट्स, इंस्टाग्राम पर दी गुड न्यूज  लिखा- 1+1=3

    परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा बनेंगे पेरेंट्स, इंस्टाग्राम पर दी गुड न्यूज लिखा- 1+1=3

    नई दिल्ली:बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा और आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद-पति राघव चड्ढा अपने पहले बच्चे के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसकी घोषणा परिणीति और राघव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए की है. कपल ने एक कोलाब पोस्ट शेयर करते हुए एक गोल केक की एक प्यारी सी तस्वीर शेयर की, जिसमें  “1 + 1 = 3” लिखा था और उसके नीचे दो छोटे सुनहरे पैरों के निशान थे. उन्होंने एक पार्क में हाथ पकड़े टहलते हुए एक वीडियो भी शेयर किया, जिसे देखते ही फैंस ने बधाईयां देना शुरु कर दिया है. वहीं इस पोस्ट पर बॉलीवुड सेलेब्स और राजनीति से जुड़े दिग्गज भी बधाई देते हुए नजर आ रहे हैं. 

    इंस्टाग्राम पर फैंस को दी खुशखबरी,परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा बनेंगे पेरेंट्स

    उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा, “हमारा छोटा सा ब्रह्मांड…आगे बढ़ रहा है.ढेर सारा आशीर्वाद.” पोस्ट शेयर करते ही एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने लिखा- बधाई हो. सोनम कपूर ने लिखा, बधाई हो डार्लिंग. भूमि पेडनेकर ने लिखा बधाई.

    जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा ने 2023 में डेटिंग शुरू की थी, हालांकि कपल ने अपने रिश्ते पर कभी पब्लिकली बात नहीं की. वहीं मई 2023 में नई दिल्ली के कपूरथला हाउस में उन्होंने सगाई करके इस रिश्ते को ऑफिशियल किया. इसके बाद उन्होंने सितंबर 2023 में राजस्थान के उदयपुर में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज से शादी की गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से परिणीति चोपड़ा के प्रेग्नेंसी की खबरें सामने आई थीं. वहीं  “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” में जब कपल नजर आया तो राघव चड्ढा ने कहा था कि जल्दी ही खुशखबरी देंगे, जिसे सुन परिणीति भी हैरान रह गई थीं.परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा बनेंगे पेरेंट्स

  • बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, एक ही परिवार पर लाठी-डंडों से हमला, 4 घायल

    बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, एक ही परिवार पर लाठी-डंडों से हमला, 4 घायल

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा
    लोकेशन – बरेली फरीदपुर (बरेली)। जमीन की लड़ाई ने एक बार फिर खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। थाना फरीदपुर क्षेत्र के मोहल्ला परा में दबंग पड़ोसियों ने एक ही परिवार पर लाठी-डंडों और वाकाओं से हमला बोल दिया। घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    पीड़ित मनोज उर्फ़ पप्पू पुत्र बाबूराम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके चाचा की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्ज़े की साजिश रची जा रही थी। इसी रंजिश के चलते 24 जुलाई की शाम करीब 7 बजे पड़ोसी सर्वेश पुत्र रामदास अपने साथियों के साथ अचानक हमला कर दिया।हमले में पप्पू, उनकी पत्नी राधा, बेटे अंकित और आयुष गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल जानलेवा हमला किया बल्कि पूरे परिवार को खुलेआम मौत की धमकी दी। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष

    सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सर्वेश सहित सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक को सौंपी है। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष

    हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय हमलावरों को बचा रही है। बुधवार शाम पीड़ित की पत्नी राधा कोतवाली पहुंचीं और कोतवाल राधेश्याम से मिलकर पुलिस पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए। उनका कहना है कि—
    “हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय बचा रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम थाने के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।” बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष