Nation Now Samachar

Category: Popular

Popular

  • F-35B fighter breakdown: केरल में फंसा ब्रिटेन का F-35B फाइटर जेट, उड़ नहीं सका तो टुकड़ों में जाएगा वापस

    F-35B fighter breakdown: केरल में फंसा ब्रिटेन का F-35B फाइटर जेट, उड़ नहीं सका तो टुकड़ों में जाएगा वापस

    F-35B fighter breakdown: केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ब्रिटिश रॉयल नेवी के अत्याधुनिक F-35B फाइटर जेट की 14 जून को आपातकालीन लैंडिंग हुई थी। लैंडिंग के 19 दिन बाद भी जेट को फिर से उड़ान भरने लायक नहीं बनाया जा सका है। अब ब्रिटिश नौसेना इस फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ जेट को टुकड़ों में खोलकर सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से वापस ले जाने की योजना पर काम कर रही है। F-35B fighter breakdown

    🔧 तकनीकी खराबी बनी मुश्किल, उड़ान की उम्मीद टूटी– F-35B fighter breakdown

    ब्रिटेन की एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा यह F-35B विमान केरल के तट से करीब 100 समुद्री मील दूर ऑपरेशन कर रहा था, जब अचानक खराब मौसम और ईंधन की कमी के चलते उसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।

    विमान की लैंडिंग के बाद जब उसे एयरक्राफ्ट कैरियर पर लौटाने की तैयारी हो रही थी, हाइड्रोलिक सिस्टम फेलियर सामने आया। इस तरह की खराबी बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि यह फाइटर जेट की टेकऑफ और लैंडिंग क्षमता को सीधे प्रभावित करती है।

    🧑‍🔧 रॉयल नेवी की टीम भी रही असफल– F-35B fighter breakdown

    शुरुआत में तीन टेक्नीशियन की रॉयल नेवी टीम ने विमान की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन खराबी इतनी गंभीर थी कि वह इसे ठीक नहीं कर सके। 19 दिन बीत जाने के बाद भी यूके से इंजीनियरों की मुख्य टीम भारत नहीं पहुंच सकी, जिससे अब इसकी वापसी को लेकर वैकल्पिक योजना बनाई जा रही है।

    🛫 अब टुकड़ों में ले जाया जाएगा F-35B

    जानकारी के मुताबिक, जेट को आंशिक रूप से डिसमेंटल (टुकड़ों में विभाजित) कर, उसके कलपुर्जों को सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के ज़रिए ब्रिटेन भेजा जाएगा। इससे पहले इस तरह की स्थिति बहुत ही कम देखने को मिली है, जब एक ऑपरेशनल फाइटर जेट को उड़ाने की बजाय वापस ले जाना पड़े। F-35B fighter breakdown

    🛬 भारतीय वायुसेना और CISF की भूमिका सराहनीय

    आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तत्परता से F-35B की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी। इसके बाद CISF ने जेट को एयरपोर्ट के बे-4 में सुरक्षा प्रदान की। शुरुआत में ब्रिटिश टीम ने एयर इंडिया के हैंगर में विमान रखने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में लगातार बारिश के कारण उन्होंने अपनी सहमति दी।

    🔍 फाइटर जेट के लिए हैंगर में स्थानांतरण की स्वीकृति

    केरल में मॉनसून की तेज बारिश और उपकरणों की सुरक्षा के मद्देनज़र, एयरपोर्ट प्रशासन और एयर इंडिया ने रॉयल नेवी को जेट को हैंगर में रखने का प्रस्ताव दिया था। पहले तो इसे ठुकरा दिया गया, लेकिन बाद में रॉयल नेवी को जेट को हैंगर में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/banda/banda-congress-protest-against-bjp-policy-schools-closure/
  • “विद्यालय बंद, ठेके चालू?”—यूपी सरकार के फैसले पर कांग्रेस का तीखा हमला- BANDA CONGRESS PROTEST

    “विद्यालय बंद, ठेके चालू?”—यूपी सरकार के फैसले पर कांग्रेस का तीखा हमला- BANDA CONGRESS PROTEST

    BANDA CONGRESS PROTEST: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में 5000 प्राइमरी विद्यालय बंद करने के आदेश के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने इस फैसले को “शिक्षा विरोधी नीति” बताते हुए जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। बांदा जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और इसे संविधान व बच्चों के भविष्य के खिलाफ बताया।

    🔴 कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप– BANDA CONGRESS PROTEST

    बांदा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब, वंचित और मजलूम तबके के बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है, लेकिन सरकार विद्यालयों को बंद करके उस अधिकार का उल्लंघन कर रही है।

    राजेश दीक्षित का आरोप है कि,

    "जहां एक ओर सरकार बच्चों की शिक्षा के द्वार बंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर शराब के ठेकों की संख्या में इजाफा कर रही है। यह नीति नवनिहाल पीढ़ी को गर्त में ले जाने वाली है।"

    📌 ‘शिक्षा नहीं, शराब नीति’ का विरोध– BANDA CONGRESS PROTEST

    कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार शिक्षा पर ध्यान देने के बजाय राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की दुकानों को बढ़ावा दे रही है। यह फैसला खासतौर पर गांवों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब बच्चों के खिलाफ है, जिनकी शिक्षा का एकमात्र सहारा ये प्राइमरी स्कूल थे। BANDA CONGRESS PROTEST

    🏫 कांग्रेस की पुरानी नीति का हवाला

    कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि जब उनकी सरकार थी, तो उन्होंने शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और स्कूलों की संख्या बढ़ाने का काम किया था। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शिक्षा सुविधाएं नहीं थीं। अब भाजपा सरकार वही स्कूल बंद करके शिक्षा को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

    🔖 बाइट:

    राजेश दीक्षित, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस, बांदा

    "सरकार शिक्षा को नजरअंदाज कर रही है और शराब को बढ़ावा दे रही है। ये संविधान और समाज दोनों के खिलाफ है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।"
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/lucknow/up-cabinet-meeting-30-proposals-job-promotion/
  • फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पर, तीन तहसीलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा- Ganga water level Farrukhabad

    फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पर, तीन तहसीलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा- Ganga water level Farrukhabad

    Ganga water level Farrukhabad: पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर अब गंगा और रामगंगा नदी के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। जिले में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 137.10 सेंटीमीटर है। तेजी से बढ़ता पानी अब तटवर्ती इलाकों में प्रवेश करने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।

    तीनों तहसीलों में पानी का खतरा– Ganga water level Farrukhabad

    फर्रुखाबाद जिले की तीनों तहसीलें—फर्रुखाबाद, कायमगंज और अमृतपुर—गंगा और रामगंगा के किनारे बसी हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण इन इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और रास्तों में पानी भरना शुरू हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।

    बांधों से छोड़ा जा रहा है पानी– Ganga water level Farrukhabad

    प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरौरा बांध से 42160 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1840 क्यूसेक और हरेली बैराज से 1600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर और भी तेजी से बढ़ रहा है।

    प्रशासन ने जारी किया अलर्ट– Ganga water level Farrukhabad

    बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वह सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें। Ganga water level Farrukhabad

    PM Modi Ghana visit: PM मोदी को मिला घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत-घाना संबंधों में नई ऊर्जा

    जल्द राहत कार्य शुरू होने की उम्मीद

    बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से नाव, राहत सामग्री और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/vindhyachal-temple-dispute-president-avneesh-mishra-controversy/
  • Vindhyachal Temple Dispute: विंध्याचल धाम में कार्यवाहक अध्यक्ष की तैनाती पर घमासान, जिला प्रशासन और पंडा समाज आमने-सामने

    Vindhyachal Temple Dispute: विंध्याचल धाम में कार्यवाहक अध्यक्ष की तैनाती पर घमासान, जिला प्रशासन और पंडा समाज आमने-सामने

    Vindhyachal Temple Dispute: विंध्याचल धाम में श्रीविंध्य पंडा समाज के 61 दिन के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में अवनीश मिश्रा के मनोनयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन ने इस तैनाती को नियमावली के विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई है, वहीं श्रीविंध्य पंडा समाज ने आम बैठक कर सर्वसम्मति से अवनीश मिश्रा को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में स्वीकृति दी है। इस मुद्दे को लेकर धाम का माहौल गर्म है, और प्रशासन व पंडा समाज आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

    प्रशासन की आपत्ति और पंडा समाज की प्रतिक्रिया- Vindhyachal Temple Dispute

    नगर मजिस्ट्रेट द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कार्यवाहक अध्यक्ष की तैनाती नियमविरुद्ध है और इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसके बावजूद मंदिर परिसर में आयोजित आम बैठक में पंडा समाज के सदस्यों ने अवनीश मिश्रा को विधिवत कार्यवाहक अध्यक्ष घोषित कर दिया। बैठक के दौरान “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” जैसे नारों के बीच समाज ने अपना निर्णय स्पष्ट कर दिया। Vindhyachal Temple Dispute

    चुनाव आठ साल से लंबित, अब मिला वादा- Vindhyachal Temple Dispute

    श्रीविंध्य पंडा समाज का चुनाव हर दो वर्ष में होना तय है, लेकिन पिछले आठ वर्षों से यह प्रक्रिया लंबित है। अब कार्यवाहक अध्यक्ष बने अवनीश मिश्रा ने इस कार्यकाल के दौरान चुनाव कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वे समाज और भक्तों की सेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे, चाहे जिला प्रशासन माने या नहीं। Vindhyachal Temple Dispute

    मंदिर व्यवस्था और सुरक्षा पर दिया जोर- Vindhyachal Temple Dispute

    अवनीश मिश्रा ने बताया कि पंडा समाज की व्यवस्थापिका समिति के भीतर ही पदाधिकारी चुने जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में दायित्व निभाने में विफल रहे लोगों को हटाया गया है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भोग और व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि चेकिंग प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। सभी जांचकर्ताओं को आई कार्ड पहनना अनिवार्य किया जाए जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लग सके। Vindhyachal Temple Dispute

    https://nationnowsamachar.com/international/pm-modi-ghana-visit-honoured-in-ghana-national-award/

    हाईकोर्ट में विचाराधीन मामला और समाज की नीयत

    अवनीश मिश्रा ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ एक मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, परंतु समाज की ओर से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने प्रशासनिक हस्तक्षेप को अनुचित बताया और कहा कि विंध्य कॉरिडोर परियोजना में पंडा समाज ने निस्वार्थ योगदान दिया है। कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। Vindhyachal Temple Dispute

    भारी पुलिस बल की तैनाती

    बैठक के दौरान विंध्याचल धाम में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके बावजूद पंडा समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से बैठक की और माता विंध्यवासिनी की परिक्रमा कर मन्नतें मांगी।

    https://nationnowsamachar.com/international/bilawal-bhutto-india-statement-india-peace-terror-contradiction/
  • Bilawal Bhutto India statement: आतंक फैलाने के बाद पाकिस्तान का शांति का ढोंग, बिलावल भुट्टो ने कहा- भारत साझेदारी करे

    Bilawal Bhutto India statement: आतंक फैलाने के बाद पाकिस्तान का शांति का ढोंग, बिलावल भुट्टो ने कहा- भारत साझेदारी करे

    Bilawal Bhutto India statement: आतंकवाद को खुलेआम समर्थन देने वाला पाकिस्तान एक बार फिर शांति की दुहाई देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को ‘संजीदा’ दिखाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने बुधवार को एक बार फिर भारत की ओर कथित ‘शांति’ का हाथ बढ़ाया है। लेकिन भारत ने हमेशा की तरह साफ किया है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। Bilawal Bhutto India statement

    🗣️ क्या बोले बिलावल भुट्टो?

    बिलावल भुट्टो ने इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा,

    "पाकिस्तान भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ अभूतपूर्व साझेदारी के लिए तैयार है। हम दुश्मन नहीं हैं बल्कि ऐसे पड़ोसी हैं जो आतंक की महामारी से लोगों को बचाने की नैतिक जिम्मेदारी साझा करते हैं।"

    बिलावल ने आगे कहा कि भारत को अपने “अहंकार” को छोड़कर पाकिस्तान के साथ शांति कायम करनी चाहिए।

    https://nationnowsamachar.com/national/pm-modi-foreign-visit-africa-latin-america-brics-summit-2025/

    🔥 पहलगाम हमला: पाकिस्तान की सच्चाई- Bilawal Bhutto India statement

    यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत अभी भी 22 अप्रैल के पाक प्रायोजित पहलगाम हमले की त्रासदी से उबर रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले का सीधा दोष पाकिस्तान पर मढ़ा और इसके बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया।

    🚀 ऑपरेशन सिंदूर: भारत का जवाब- Bilawal Bhutto India statement

    पाकिस्तान के आतंकी रवैये पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में की गई, जिसमें सैकड़ों आतंकियों को ढेर किया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन की सीमावर्ती झड़पें भी हुईं।

    https://nationnowsamachar.com/national/pm-modi-holds-second-meeting-with-nsa-ajit-doval-india-pakistan-tension/

    🎭 पाकिस्तान का दोहरा चरित्र- Bilawal Bhutto India statement

    भारत बार-बार यह साफ कर चुका है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ संभव नहीं। जबकि पाकिस्तान बार-बार शांति का मुखौटा पहनता है लेकिन सीमा पार से आतंकियों को समर्थन और शरण देना बंद नहीं करता।

    बिलावल भुट्टो खुद एक बयान में यह स्वीकार कर चुके हैं कि

    "आतंकवाद को समर्थन देना पाकिस्तान के इतिहास का काला अध्याय रहा है।"

    फिर भी, वही नेता भारत से ‘साझेदारी’ की बात कर रहे हैं।

    भारत की स्पष्ट नीति- Bilawal Bhutto India statement

    भारत सरकार का रुख शुरू से स्पष्ट है – “No talks until terror stops”। जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को संरक्षण और समर्थन देता रहेगा, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं।

    🤝 बातचीत का बहाना या कूटनीतिक चाल?- Bilawal Bhutto India statement

    विश्लेषकों का मानना है कि बिलावल भुट्टो का यह बयान केवल एक कूटनीतिक स्टंट है। पाकिस्तान FATF और अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए इस तरह के दिखावटी बयानों का सहारा लेता है।

    सोर्स- AAJ TAK

  • Himachal Flood News: मनाली में ब्यास नदी उफान पर, मंडी में फटा बादल, शिमला में लैंडस्लाइड, 259 सड़कें बंद

    Himachal Flood News: मनाली में ब्यास नदी उफान पर, मंडी में फटा बादल, शिमला में लैंडस्लाइड, 259 सड़कें बंद

    Himachal Flood News: हिमाचल प्रदेश में मानसून तबाही लेकर आया है। बीते दो दिनों में लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों को बेहाल कर दिया है। मनाली में ब्यास नदी उफान पर है, मंडी में बादल फटने से तबाही मच गई है और शिमला में लैंडस्लाइड की घटनाएं लोगों के दिलों में डर बैठा रही हैं। पूरे राज्य में हालात भयावह होते जा रहे हैं।

    पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिरी- Himachal Flood News

    कुल्लू जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ की तस्वीरें अभी तक लोगों के जेहन में थीं कि शिमला में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। इमारत पहले से ही क्षतिग्रस्त थी और प्रशासन ने समय रहते उसे खाली करवा लिया था। हालांकि जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है।

    6 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्टHimachal Flood News

    शिमला में रिज क्षेत्र में पूरी तरह से धुंध छाई हुई है और मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं जिससे कई मार्ग बाधित हो चुके हैं। Himachal Flood News

    मंडी जिले के पंडोह डैम से अचानक 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पंडोह बाजार में बाढ़ जैसे हालात बन गए। लोग रातोंरात घरों से बाहर निकलकर ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचने लगे। मंडी में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। जिले के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र थुनाग, करसोग और कुकलाह रहे, जहां सड़कों के बह जाने और नदी-नालों में अचानक बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। Himachal Flood News

    सोलन जिले में चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे-5 के चक्की मोड़ पर पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण बार-बार ट्रैफिक बाधित हो रहा है। हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा है और वाहन चालकों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। Himachal Flood News

    राज्य में अब तक मानसून से जुड़े हादसों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, और सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में 37% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अनियंत्रित वर्षा ने राज्य में कई स्तरों पर संकट पैदा कर दिया है।

    130 इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है, कई जगहों पर पानी की सप्लाई भी बंद कर दी गई है। अब तक 259 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे हजारों लोग फंसे हुए हैं। राहत कार्य जारी हैं लेकिन लगातार बारिश से उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    राज्य के ऊना, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे पहाड़ी या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

    हिमाचल में बारिश अब केवल मौसम नहीं, एक आपदा का रूप ले चुकी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल पूरी मुस्तैदी से राहत कार्य में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश की वजह से उन्हें भी समय पर राहत पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए और मुश्किल हो सकते हैं।

    Omprakash Rajbhar Jaunpur visit: ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश को बताया ‘मुसलमानों का मालिक’, बोले- अहीर रेजीमेंट बनाकर चाहते हैं दंगा

    https://nationnowsamachar.com/national/india-defense-satellite-launch-operation-sindoor/
  • IVRI Convocation 2025 Bareilly: इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    IVRI Convocation 2025 Bareilly: इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा
    IVRI Convocation 2025 Bareilly: सोमवार की सुबह बरेलीवासियों के लिए गौरव और गर्व का क्षण लेकर आई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगमन त्रिशूल एयरबेस पर हुआ। सुबह 9:50 बजे जैसे ही उनका विशेष वायुयान एयरबेस पर उतरा, उनका राजकीय स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अत्यंत गरिमापूर्ण ढंग से किया। राष्ट्रपति मुर्मु करीब 1 घंटे 40 मिनट तक बरेली में रहीं और इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। कार्यक्रम के बाद वे सुबह 11:30 बजे गोरखपुर के लिए रवाना हो गईं।

    पहली बार बरेली पहुंचीं राष्ट्रपति का सीएम योगी ने किया जोरदार स्वागत

    स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था रही विशेषIVRI Convocation 2025 Bareilly

    एफएसडीए की टीम ने राष्ट्रपति के लिए परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की बारीकी से जांच की। साफ-सफाई, ट्रैफिक रूट, आयोजन स्थल की व्यवस्थाएं पूरी तरह नियंत्रित रहीं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि रूट रिहर्सल से लेकर हर तैयारी समय से पहले पूरी कर ली गई थी। IVRI Convocation 2025 Bareilly

    शहरवासियों के लिए स्वर्णिम पलIVRI Convocation 2025 Bareilly

    शहरभर में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा गया। नागरिकों ने इस मौके को बरेली के इतिहास का स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला दिन बताया। कई स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज और स्वागत बैनर के माध्यम से आम जनता ने भी अपनी श्रद्धा प्रकट की।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने अपनी यात्रा के दौरान शांति, सम्मान और गरिमा का परिचय दिया और उनके आगमन ने बरेली को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना दिया।

    अभेद सुरक्षा व्यवस्था बनी चर्चा का विषय

    राष्ट्रपति की यात्रा के चलते बरेली छावनी में तब्दील हो गया। त्रिशूल एयरबेस से लेकर IVRI तक के पूरे मार्ग पर सुरक्षा के अभेद इंतजाम किए गए।
    🔹 5 पुलिस अधीक्षक,
    🔹 9 अपर पुलिस अधीक्षक,
    🔹 18 क्षेत्राधिकारी,
    🔹 250 दरोगा,
    🔹 300 महिला कांस्टेबल,
    🔹 700 पुरुष कांस्टेबल,
    🔹 PAC की 4 कंपनियां,
    🔹 61 मजिस्ट्रेट,
    🔹 बम और डॉग स्क्वॉड
    तैनात रहे।

    ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई और हर गतिविधि पर एजेंसियों की पैनी नजर बनी रही। यह बरेली के लिए अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती मानी जा रही है।

  • Shefali Jariwala death: ‘कांटा लगा’ फेम शेफाली जरीवाला का निधन, कार्डियक अरेस्ट बना मौत की वजह, बॉलीवुड जगत में शोक की लहर

    Shefali Jariwala death: ‘कांटा लगा’ फेम शेफाली जरीवाला का निधन, कार्डियक अरेस्ट बना मौत की वजह, बॉलीवुड जगत में शोक की लहर

    Shefali Jariwala death: ‘कांटा लगा’ गाने से मशहूर हुईं अभिनेत्री शेफाली जरीवाला का शुक्रवार देर रात 42 साल की उम्र में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। बेहोशी की हालत में उन्हें उनके पति पराग त्यागी और तीन अन्य लोग मुंबई के अंधेरी स्थित बेलेव्यू अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अंबोली थाने में घर की मेड और कुक से पूछताछ की गई है और फॉरेंसिक टीम उनके घर से सबूत जुटा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया है। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। शेफाली के निधन से उनके फैंस और परिजन बेहद दुखी हैं।

    शेफाली जरीवाला: एक चमकता सितारा- Shefali Jariwala death

    शेफाली जरीवाला ने 2002 में रिलीज हुए म्यूजिक वीडियो ‘कांटा लगा’ से रातोंरात शोहरत हासिल की थी। इस गाने ने उन्हें ‘कांटा लगा गर्ल’ की पहचान दी और हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में रीमिक्स गानों का ट्रेंड शुरू किया। उनके बोल्ड लुक और शानदार डांस मूव्स ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था। इसके बाद, शेफाली ने बॉलीवुड में कदम रखा और फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ में सलमान खान और अक्षय कुमार के साथ ‘लाल दुपट्टा’ गाने में नजर आईं।

    शेफाली ने टेलीविजन पर भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने रियलिटी शो ‘नच बलिए 5’ में अपने पति पराग त्यागी के साथ हिस्सा लिया और दर्शकों का प्यार बटोरा। 2019 में ‘बिग बॉस 13’ में उनकी एंट्री ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया। शो में उनकी दोस्ती, खासकर दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ, खूब चर्चा में रही। हाल ही में, वह स्टार भारत के शो ‘शैतानी रस्में’ में नजर आई थीं, जहां उनकी एक्टिंग को काफी सराहा गया।

    कैसे हुआ शेफाली का निधन?- Shefali Jariwala death

    मिली जानकारी के अनुसार, 27 जून 2025 की रात शेफाली को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। उनके पति पराग त्यागी, जो उस समय उनके साथ थे, उन्हें तुरंत मुंबई के एक निजी अस्पताल ले गए। लेकिन डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद शेफाली को बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक जांच में उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।

    शेफाली का शव रात करीब 1 बजे अंधेरी के कूपर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि शव को किसी अन्य अस्पताल से लाया गया था, और मृत्यु के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा। यह खबर प्रशंसकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी।

    पुलिस और फॉरेंसिक जांच- Shefali Jariwala death

    शेफाली के निधन की खबर मिलते ही मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने उनके अंधेरी स्थित घर पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने शेफाली के पति पराग त्यागी, उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों सहित चार लोगों के बयान दर्ज किए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक जांच में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है, लेकिन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

    पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि शेफाली का शव उनके घर पर रात 1 बजे के आसपास मिला था। फॉरेंसिक टीम ने घर से कुछ नमूने एकत्र किए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। प्रशंसकों और परिवार की मांग है कि शेफाली की मृत्यु के कारणों का पूरी तरह से पता लगाया जाए।

    परिवार और प्रशंसकों का दुख- Shefali Jariwala death

    शेफाली के निधन ने उनके परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। उनके पति पराग त्यागी को अस्पताल के बाहर टूटा हुआ और भावुक देखा गया। शेफाली की मां, जो अपनी इकलौती बेटी को आखिरी बार देखने अस्पताल पहुंची थीं, की हालत देखकर वहां मौजूद लोग भी रो पड़े। पराग ने शेफाली के निधन से कुछ घंटे पहले अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक जिम वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह मुस्कुराते हुए नजर आ रहे थे। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और प्रशंसकों को रुला रहा है।

    शेफाली की आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट- Shefali Jariwala death

    शेफाली सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और अक्सर अपनी ग्लैमरस तस्वीरें और फिटनेस वीडियो शेयर करती थीं। उनकी मृत्यु से तीन दिन पहले, 24 जून 2025 को, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक शानदार फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट की थीं। इन तस्वीरों में वह एक चमकीले गाउन में आत्मविश्वास और खूबसूरती की मिसाल लग रही थीं। उनके कैप्शन में लिखा था, “शाइन लाइक ए स्टार!” यह पोस्ट अब उनके प्रशंसकों के लिए उनकी आखिरी याद बन गई है।

    इसके अलावा, शेफाली ने 2 सितंबर 2024 को अपनी आखिरी एक्स पोस्ट में ‘बिग बॉस 13’ के सह-प्रतियोगी सिद्धार्थ शुक्ला को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगे, सिड।” यह देखकर प्रशंसक और भी भावुक हो गए, क्योंकि सिद्धार्थ का निधन भी कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।

    मनोरंजन जगत में शोक की लहर- Shefali Jariwala death

    शेफाली के निधन ने मनोरंजन उद्योग को गहरा आघात पहुंचाया है। कई सेलेब्रिटीज ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। टीवी अभिनेता अली गोनी ने एक्स पर लिखा, “शेफाली की खबर ने मुझे हिलाकर रख दिया। जिंदगी इतनी अनिश्चित है।” गायक टोनी कक्कड़ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “हमने एक खूबसूरत आत्मा खो दी। शेफाली, तुम हमेशा याद रहोगी।”

    ‘बिग बॉस 13’ की उनकी दोस्त रश्मि देसाई ने एक लंबा नोट लिखा, जिसमें उन्होंने शेफाली के साथ अपनी यादों को साझा किया। रश्मि ने लिखा, “तुम्हारी हंसी और पॉजिटिव एनर्जी को कोई नहीं भूल सकता। यह विश्वास करना मुश्किल है कि तुम अब नहीं हो।” अभिनेत्री माही विज, जो शेफाली की करीबी दोस्त थीं, ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

    शेफाली की निजी जिंदगी और सपने

    शेफाली की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही। उन्होंने 2004 में संगीतकार हरमीत सिंह से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता 2009 में तलाक के साथ खत्म हो गया। 2014 में, उन्होंने अभिनेता पराग त्यागी से शादी की, जिनके साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया। एक पॉडकास्ट में शेफाली ने बताया था कि वह और पराग माता-पिता बनना चाहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी।

    शेफाली ने एक बार यह भी खुलासा किया था कि बचपन में उन्हें मिर्गी की बीमारी थी, जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक इलाज करवाना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपनी फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली से इस बीमारी को नियंत्रित कर लिया था।

    ‘कांटा लगा’ की विरासत

    ‘कांटा लगा’ गाना शेफाली की पहचान बन गया। एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस टैग से थक गई हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “नहीं, मुझे गर्व है कि मैं कांटा लगा गर्ल हूं। यह मेरी जिंदगी का हिस्सा है, और मैं इसे हमेशा सेलिब्रेट करूंगी।” उनकी यह बात आज भी उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंज रही है।

    प्रशंसकों का दर्द और सवाल

    शेफाली के निधन ने उनके प्रशंसकों को गहरे दुख में डुबो दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक प्रशंसक ने लिखा, “वह इतनी फिट थीं, फिर भी कार्डियक अरेस्ट? यह समझ से परे है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “शेफाली की हंसी और एनर्जी को कोई नहीं भूल सकता। उनकी मौत की पूरी जांच होनी चाहिए।”

    शेफाली जरीवाला का यूं अचानक चले जाना मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनकी चमक, उनका आत्मविश्वास और उनकी मुस्कान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। ‘कांटा लगा’ गर्ल की विरासत कभी फीकी नहीं पड़ेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उनकी मृत्यु के कारणों का खुलासा होगा, लेकिन तब तक उनके प्रशंसक और परिवार उन्हें याद करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। शेफाली, तुम हमेशा हमारे दिलों में रहोगी।

  • Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा का आगाज, जानिए पुरी की पवित्र यात्रा का महत्व, इतिहास और रोचक तथ्य

    Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा का आगाज, जानिए पुरी की पवित्र यात्रा का महत्व, इतिहास और रोचक तथ्य

    Jagannath Rath Yatra 2025: हर साल ओडिशा के पुरी शहर में आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा विश्व भर में आध्यात्मिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक है। यह पवित्र यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को समर्पित है, जो विशाल रथों पर सवार होकर पुरी के जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं। इस साल 2025 में यह यात्रा 27 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक चलेगी। 12 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। आइए, इस लेख में हम इस पवित्र यात्रा के इतिहास, महत्व, रथों की बनावट और कुछ अनोखे तथ्यों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

    रथ यात्रा की शुरुआत और शुभ मुहूर्त- Jagannath Rath Yatra 2025

    जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, यानी 27 जून को शुरू होगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन सुबह 5:25 से 7:22 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इसके बाद पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस दिन का सबसे शुभ समय दोपहर 11:56 से 12:52 तक है, जिसे अभिजीत मुहूर्त कहा जाता है। इसी समय भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों की यात्रा शुरू होती है।

    पुरी के इस पवित्र आयोजन में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। रथों को खींचने का अवसर पाने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं। यह यात्रा न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह मानवता और समानता का भी संदेश देती है।

    रथ यात्रा की प्रमुख रस्में- Jagannath Rath Yatra 2025

    रथ यात्रा का पहला दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस दिन पुरी के राजा स्वयं छेरा पन्हारा रस्म निभाते हैं। इस रस्म में राजा सोने की झाड़ू से रथ के नीचे की जगह साफ करते हैं, जो विनम्रता और सेवा भाव का प्रतीक है। यह परंपरा पुरी के गजपति राजवंश की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाती है। Jagannath Rath Yatra 2025

    इसके अलावा, हेरा पंचमी का दिन भी खास होता है। इस दिन देवी लक्ष्मी गुंडिचा मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ से नाराजगी जताती हैं, क्योंकि वे उन्हें छोड़कर यात्रा पर निकल गए। यह रस्म यात्रा को और भी रोचक और जीवंत बनाती है। Jagannath Rath Yatra 2025

    रथों और रस्सियों का अनोखा महत्व- Jagannath Rath Yatra 2025

    पुरी रथ यात्रा की एक खास बात यह है कि तीनों रथों और उनकी रस्सियों के अपने विशेष नाम हैं। ये रथ हर साल नई लकड़ी से बनाए जाते हैं और इनकी बनावट भी अनोखी होती है। आइए, तीनों रथों और उनकी रस्सियों के बारे में जानते हैं: Jagannath Rath Yatra 2025

    1. नंदीघोष (जगन्नाथ जी का रथ):
      • ऊंचाई: 45 फीट
      • पहिए: 16
      • रस्सी का नाम: शंखाचुड़ा नाड़ी
      • रंग: लाल और पीला
        यह रथ भगवान जगन्नाथ का प्रतीक है और इसे सबसे भव्य माना जाता है।
    2. तालध्वज (बलभद्र जी का रथ):
      • ऊंचाई: 43 फीट
      • पहिए: 14
      • रस्सी का नाम: बासुकी नाड़ी
      • रंग: लाल और हरा
        यह रथ बलभद्र जी को समर्पित है और इसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
    3. दर्पदलन (सुभद्रा जी का रथ):
      • ऊंचाई: 42 फीट
      • पहिए: 12
      • रस्सी का नाम: स्वर्णचूड़ा नाड़ी
      • रंग: लाल और काला
        यह रथ देवी सुभद्रा को समर्पित है और इसे भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

    इन रस्सियों को छूना या रथ खींचना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। Jagannath Rath Yatra 2025

    कौन खींच सकता है रथ?- Jagannath Rath Yatra 2025

    जगन्नाथ रथ यात्रा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। चाहे कोई किसी भी धर्म, जाति, लिंग या देश से हो, वह रथ खींच सकता है। बस उसका मन सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भरा होना चाहिए। हालांकि, एक व्यक्ति को ज्यादा देर तक रथ खींचने की अनुमति नहीं होती, ताकि सभी भक्तों को यह अवसर मिल सके।

    यहां तक कि अगर कोई रथ न खींच पाए, तो भी इस यात्रा में शामिल होना ही पुण्यकारी माना जाता है। कहा जाता है कि रथ यात्रा में भाग लेने से सौ यज्ञों के बराबर फल मिलता है।

    रथ यात्रा का इतिहास और पौराणिक कथा- Jagannath Rath Yatra 2025

    पुरी रथ यात्रा का इतिहास स्कंद पुराण से जुड़ा है। कथा के अनुसार, एक बार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने पुरी नगर देखने की इच्छा जताई। तब भगवान जगन्नाथ और बलभद्र ने उन्हें रथ पर बिठाकर नगर भ्रमण करवाया। इस दौरान वे अपनी मौसी गुंडिचा के घर गए और वहां सात दिन ठहरे। तभी से यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी हर साल निभाई जाती है।

    यह यात्रा भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए उनके साथ सीधा संबंध जोड़ने का अवसर है। गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर माना जाता है, जहां वे अपनी यात्रा के दौरान विश्राम करते हैं।

    भगवान जगन्नाथ की मूर्ति का रहस्य- Jagannath Rath Yatra 2025

    जगन्नाथ रथ यात्रा की एक और खास बात भगवान की मूर्ति से जुड़ा रहस्य है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का हृदय, जो उनकी मृत्यु के बाद भी नहीं जला, समुद्र तट पर लकड़ी के रूप में मिला। उड़ीसा के राजा इंद्रद्युम्न को स्वप्न में इस लकड़ी का पता चला, और उन्होंने इसे भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में स्थापित किया।

    यह लकड़ी आज भी मूर्ति के अंदर मौजूद है और इसे ब्रह्म पदार्थ कहा जाता है। हर 12 साल में भगवान की मूर्ति को बदला जाता है, जिसे नव कलेवर की प्रक्रिया कहते हैं। इस दौरान पूरे शहर की बिजली बंद कर दी जाती है, और पुजारी आंखों पर पट्टी बांधकर मूर्ति बदलते हैं। कहा जाता है कि इस लकड़ी को देखने वाले की मृत्यु निश्चित है।

    रथ यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व- Jagannath Rath Yatra 2025

    जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भक्तों को एकजुट करती है और सभी के बीच समानता का संदेश देती है। मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने से पुराने कर्मों का बोझ हल्का होता है और मन को शांति मिलती है।

    इसके अलावा, यह यात्रा भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को भी दर्शाती है। पुरी का यह उत्सव विश्व भर में प्रसिद्ध है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की मांग भी उठती रही है।

    रथ यात्रा में शामिल होने के लाभ- Jagannath Rath Yatra 2025

    1. आध्यात्मिक शांति: रथ यात्रा में भाग लेने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
    2. पुण्य की प्राप्ति: रथ खींचने या यात्रा में शामिल होने से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है।
    3. सामाजिक एकता: यह यात्रा सभी धर्मों और समुदायों को एक मंच पर लाती है।

    जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 एक ऐसा पवित्र अवसर है, जो भक्तों को भगवान जगन्नाथ के करीब लाता है। यह यात्रा न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक है, बल्कि यह हमें विनम्रता, सेवा और समानता का पाठ भी पढ़ाती है। यदि आप इस साल पुरी की इस पवित्र यात्रा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो अपने मन को भक्ति और श्रद्धा से भर लें। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की यह यात्रा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए।

    Kolkata Law College gangrape: साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा से दरिंदगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

    POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP: उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ 4 घंटे में होगा पोस्टमार्टम; डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर नई गाइडलाइन जारी

    BRITISH F-35 FIGHTER PLANE: केरल में फंसा 9 अरब का ब्रिटिश स्टील्थ फाइटर F-35, उड़ान के लिए पहुंची इंजीनियरों की 40 सदस्यीय टीम

    SOURCE- MINT

  • Rinku Singh BSA post: रिंकू सिंह को BSA पद का ऑफर, जानिए बेसिक शिक्षा अधिकारी कैसे बनते हैं और क्या होती है सैलरी?

    Rinku Singh BSA post: रिंकू सिंह को BSA पद का ऑफर, जानिए बेसिक शिक्षा अधिकारी कैसे बनते हैं और क्या होती है सैलरी?

    Rinku Singh BSA post: क्रिकेटर रिंकू सिंह को योगी सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) का पद ऑफर किया गया है, जिससे यह पद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बीएसए यानी बेसिक शिक्षा अधिकारी का कार्य शिक्षा व्यवस्था के संचालन से जुड़ा होता है, और यह सरकारी सेवा का एक प्रतिष्ठित पद है। आइए जानते हैं इस पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया, योग्यता, सैलरी और इससे जुड़े तमाम पहलुओं के बारे में। Rinku Singh BSA post

    🏛️ BSA पद की नियुक्ति प्रक्रिया– Rinku Singh BSA post

    उत्तर प्रदेश में BSA की नियुक्ति दो माध्यमों से होती है:-

    1. यूपीपीएससी परीक्षा (सीधी भर्ती):
      लोक सेवा आयोग (UPPSC) हर वर्ष PCS परीक्षा के माध्यम से BSA पद के लिए चयन करता है। इसमें सफल अभ्यर्थी बीएसए के लिए चयनित होते हैं। पद के लिए न्यूनतम योग्यता पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और B.Ed. होती है।
    2. प्रमोशन से नियुक्ति:
      बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) या अन्य संबंधित पदों से वरिष्ठता के आधार पर अधिकारियों को प्रमोट कर बीएसए बनाया जाता है। यह प्रक्रिया विभागीय सेवा नियमों के अनुसार होती है।
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/lucknow/postmortem-new-guidelines-in-up/

    📋 भर्ती के चरण:– Rinku Singh BSA post

    बीएसए की सीधी भर्ती यूपीपीएससी तीन चरणों में करता है:

    • प्रारंभिक परीक्षा
    • मुख्य परीक्षा
    • साक्षात्कार (इंटरव्यू)

    तीनों चरणों में मिले अंकों के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होती है।

    💰 बीएसए की सैलरी और सुविधाएं– Rinku Singh BSA post

    • प्रारंभिक ग्रेड पे 5400 के साथ सैलरी ₹85,000 से शुरू होती है।
    • सेवा अनुभव और पदोन्नति के साथ यह सैलरी बढ़ते-बढ़ते ₹2,75,000 प्रतिमाह तक पहुंच सकती है।
    • बीएसए को अन्य राजपत्रित अधिकारियों के समान सुविधाएं मिलती हैं जैसे सरकारी वाहन, आवास, मेडिकल सुविधा आदि।
    https://nationnowsamachar.com/national/british-f-35-fighter-plane-uk-engineers-arrived/

    👨‍🏫 बीएसए के मुख्य कार्य:– Rinku Singh BSA post

    • जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का प्रशासनिक कार्य
    • शिक्षक भर्ती, प्रशिक्षण, ट्रांसफर और अनुशासन
    • सरकारी योजनाओं जैसे मिड डे मील, यूनिफॉर्म, पोषाहार का क्रियान्वयन
    • समग्र शिक्षा अभियान की मॉनिटरिंग
    • शिक्षा की गुणवत्ता पर निगरानी और सुधार की पहल

    🏏 खेल कोटा से BSA पद कैसे मिलता है?

    रिंकू सिंह को जो बीएसए पद ऑफर किया गया है, वह खेल कोटा के तहत है। इस कोटे के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है। खेल कोटा के तहत कुछ प्रमुख छूटें मिलती हैं:

    • आयु सीमा में छूट
    • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में रियायत
    • विशेष चयन प्रक्रिया

    खेल कोटा के तहत चयन, खेल विभाग की सिफारिश और शासन के अनुमोदन से होता है।

    🧾 BSA बनने के लिए जरूरी योग्यता:– Rinku Singh BSA post

    • पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री
    • B.Ed. या समकक्ष डिग्री
    • कम से कम 3 वर्ष का अध्यापन अनुभव
    • PCS परीक्षा पास करना (यदि प्रमोशन से नहीं हुआ है)
    https://nationnowsamachar.com/national/rajnath-singh-china-visit-sco-2025/

    SOURCE- ABP LIVE