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  • Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: मेरठ में प्रेम प्रसंग से जुड़ा सौरभ हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। जिला जज की अदालत ने सोमवार को आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए हैं। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, जब सामने आया कि पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में भरकर सीमेंट में छिपा दिया। Meerut Saurabh Murder Case

    मुस्कान और उसके प्रेमी ने की थी सौरभ की हत्या! – Meerut Saurabh Murder Case

    यह दिल दहला देने वाला मामला मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरा नगर का है। 3 मार्च की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर दी थी। दोनों ने पहले सौरभ को बेहोश किया, फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़ों को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। बाद में शव को एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से ढक दिया गया। इसके बाद दोनों घूमने निकल गए ताकि शक न हो। Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को खुला हत्या का राज- Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को जब हत्या का राज खुला तो पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट हुआ जो पॉजिटिव निकला। पुलिस ने इस हत्याकांड की गहन विवेचना कर 12 मई को अदालत में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें प्रेम प्रसंग को हत्या का मुख्य कारण बताया गया। Meerut Saurabh Murder Case

    सोमवार को गुप्त रूप से मुस्कान और साहिल को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया, ताकि कोई बाहरी हस्तक्षेप न हो। अदालत ने चार्जशीट के आधार पर हत्या और सबूत मिटाने सहित चार आरोप तय किए। अगली सुनवाई के लिए 23 जून की तारीख तय की गई है। अभियोजन पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया गया है। Meerut Saurabh Murder Case

    केस में कुल 34 गवाह बनाए गए

    डीजीसी क्राइम कृष्ण कुमार चौभे ने बताया कि इस केस में कुल 34 गवाह बनाए गए हैं। पुलिस ने घटना से संबंधित हर पहलू की गहनता से जांच की है। जैसे – बेहोश करने के लिए इस्तेमाल की गई दवाई किस मेडिकल स्टोर से खरीदी गई, सीमेंट और ड्रम कहां से खरीदे गए – इन सभी स्थानों पर पुलिस गई और फोटो दिखाकर पहचान भी करवाई गई।

    उन्होंने कहा कि यह मामला अपने आप में बहुत ही क्रूर और दुर्लभ है, जिसमें पूरी योजना बनाकर पहले बेहोश किया गया, फिर हत्या की गई और शव को सीमेंट में छिपा दिया गया। डीजीसी का कहना है कि वह इस केस में अधिकतम सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

    मृतक सौरभ के भाई को गवाह के रूप में तलब किया गया है, जिसकी पेशी 23 जून को तय है। यह केस इसलिए भी विशेष बन गया है क्योंकि इस प्रकार की हत्या जिसमें महिला आरोपी हो और इतना सोचा-समझा प्लान हो, दुर्लभ होती है।

    ये भी पढ़ें- MEERUT SAURABH MURDER CASE-सौरभ हत्याकांड की चार्जशीट पेश, 30 गवाह, स्नैपचैट-कॉल डिटेल बनीं कातिल की कब्र, TV9 HINDI

  • WhatsApp Ads: वॉट्सऐप पर अब दिखेंगे विज्ञापन: मेटा का नया अपडेट क्या बदलेगा आपका अनुभव?

    WhatsApp Ads: वॉट्सऐप पर अब दिखेंगे विज्ञापन: मेटा का नया अपडेट क्या बदलेगा आपका अनुभव?

    WhatsApp Ads: वॉट्सऐप, जिसे दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा लोग हर महीने इस्तेमाल करते हैं, अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। मेटा, जो पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था, ने हाल ही में ऐलान किया है कि वॉट्सऐप पर अब विज्ञापन (ऐड्स) दिखाई देंगे। यह खबर उन लोगों के लिए हैरान करने वाली हो सकती है, जो वॉट्सऐप को उसकी सादगी और ऐड-फ्री अनुभव के लिए पसंद करते हैं। साल 2014 में जब मेटा ने वॉट्सऐप को 19 अरब डॉलर में खरीदा था, तब से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि ऐड्स का आगमन होगा। अब, 11 साल बाद, मेटा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। लेकिन क्या यह बदलाव आपके वॉट्सऐप अनुभव को प्रभावित करेगा? आइए, इस नए अपडेट के हर पहलू को समझते हैं।

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    वॉट्सऐप के अपडेट टैब में क्या होगा नया?- WhatsApp Ads

    मेटा ने वॉट्सऐप के अपडेट टैब को पिछले कुछ सालों में पूरी तरह से बदल दिया है। पहले यह टैब सिर्फ स्टेटस अपडेट्स के लिए था, जहां यूजर्स 24 घंटे के लिए गायब होने वाली तस्वीरें, वीडियो या टेक्स्ट शेयर करते थे। अब इस टैब में चैनल्स का फीचर भी शामिल है, जिसके जरिए क्रिएटर्स, बिजनेस और संगठन अपने फॉलोअर्स को ब्रॉडकास्ट मैसेज भेज सकते हैं। मेटा अब इस अपडेट टैब को और भी आकर्षक बनाने की तैयारी में है। WhatsApp Ads

    1. विज्ञापन (ऐड्स): अब यूजर्स को अपडेट टैब के स्टेटस सेक्शन में विज्ञापन दिखाई देंगे। ये विज्ञापन इंस्टाग्राम स्टोरीज की तरह होंगे, जहां कुछ स्टेटस देखने के बाद आपको प्रचार सामग्री दिखेगी। मेटा का कहना है कि ये ऐड्स सिर्फ अपडेट टैब तक सीमित रहेंगे और आपके पर्सनल चैट्स या इनबॉक्स में नहीं दिखेंगे। यूजर्स इन ऐड्स पर क्लिक करके बिजनेस से सीधे बात कर सकते हैं और उनके प्रोडक्ट्स या सर्विसेज के बारे में जान सकते हैं।
    2. चैनल सब्सक्रिप्शन: वॉट्सऐप ने चैनल्स के लिए पेड सब्सक्रिप्शन की सुविधा शुरू की है। अब यूजर्स अपने पसंदीदा चैनल्स को मासिक शुल्क देकर सब्सक्राइब कर सकते हैं और एक्सक्लूसिव कंटेंट या अपडेट्स पा सकते हैं। यह फीचर क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए कमाई का नया जरिया बनेगा। मेटा ने कहा है कि फिलहाल वह इन सब्सक्रिप्शन्स से कोई कमीशन नहीं लेगा, लेकिन भविष्य में 10% कमीशन ले सकता है।
    3. प्रमोटेड चैनल्स: चैनल ओनर्स अब अपने चैनल्स को प्रमोट करने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। इससे उनके चैनल्स ज्यादा यूजर्स तक पहुंचेंगे और वॉट्सऐप के डिस्कवरी सेक्शन में दिखाई देंगे। यह बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए अपनी रीच बढ़ाने का एक शानदार मौका है।

    प्राइवेसी का क्या?- WhatsApp Ads

    वॉट्सऐप ने हमेशा अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नीति को अपनी ताकत बताया है। मेटा ने इस अपडेट के साथ फिर से वादा किया है कि यूजर्स के पर्सनल मैसेज, कॉल्स, ग्रुप चैट्स और स्टेटस पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड रहेंगे। इसका मतलब है कि कोई भी, मेटा या थर्ड पार्टी, आपके निजी मैसेज को नहीं देख सकता।

    विज्ञापनों को टारगेट करने के लिए मेटा सीमित डेटा का इस्तेमाल करेगा, जैसे कि आपका देश, शहर, डिवाइस की भाषा, आपके द्वारा फॉलो किए गए चैनल्स और ऐड्स के साथ आपकी इंटरैक्शन। अगर आपने अपने वॉट्सऐप अकाउंट को मेटा के अकाउंट सेंटर से लिंक किया है, तो आपके फेसबुक और इंस्टाग्राम से जुड़े ऐड प्रेफरेंस भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, मेटा ने साफ किया है कि आपका फोन नंबर एडवर्टाइजर्स के साथ शेयर नहीं होगा।

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    कुछ यूजर्स और प्राइवेसी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि यह कदम वॉट्सऐप की मूल पहचान को बदल सकता है। वॉट्सऐप के सह-संस्थापक जैन कौम और ब्रायन एक्टन हमेशा विज्ञापनों के खिलाफ थे। 2012 में जैन कौम ने एक ब्लॉग में लिखा था, “जब विज्ञापन की बात आती है, तो यूजर ही प्रोडक्ट बन जाता है।” दोनों संस्थापकों ने 2018 में मेटा के साथ मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी थी।

    वॉट्सऐप पर ऐड्स कब से दिखेंगे?- WhatsApp Ads

    मेटा ने बताया है कि ये नए फीचर्स ग्लोबल स्तर पर धीरे-धीरे रोलआउट किए जाएंगे। यह अपडेट iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि, कंपनी ने सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अगले कुछ महीनों में ये बदलाव यूजर्स को दिखने शुरू हो जाएंगे। भारत, ब्राजील और अफ्रीका जैसे देशों में, जहां वॉट्सऐप का इस्तेमाल बहुत ज्यादा है, यह अपडेट बिजनेस के लिए खासा फायदेमंद हो सकता है।

    यूजर्स और बिजनेस के लिए इसका मतलब- WhatsApp Ads

    वॉट्सऐप के इस कदम से बिजनेस और कंटेंट क्रिएटर्स को फायदा होगा। छोटे और मझोले बिजनेस, जो पहले से ही वॉट्सऐप बिजनेस ऐप का इस्तेमाल करते हैं, अब स्टेटस ऐड्स और प्रमोटेड चैनल्स के जरिए ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। भारत जैसे बाजारों में, जहां वॉट्सऐप बिजनेस के 200 मिलियन से ज्यादा मासिक यूजर्स हैं, यह अपडेट गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

    लेकिन यूजर्स के लिए यह बदलाव मिश्रित अनुभव ला सकता है। कुछ यूजर्स को स्टेटस में ऐड्स देखना परेशान कर सकता है, खासकर उन लोगों को जो वॉट्सऐप की सादगी के दीवाने हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक यूजर ने लिखा, “वॉट्सऐप को बिना ऐड्स के लिए ही पसंद किया जाता था। अब यह भी इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसा हो जाएगा।”

    भारत के लिए क्या मायने?- WhatsApp Ads

    भारत में वॉट्सऐप के 500 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, जो इसे मेटा के लिए सबसे बड़ा बाजार बनाता है। वॉट्स�water:4⁊ मेटा ने भारत में वॉट्सऐप बिजनेस यात्री जैसे प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो छोटे बिजनेस को ऐप का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने में मदद करते हैं। नए ऐड फीचर्स भारत में बिजनेस के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका देंगे, लेकिन यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी प्राइवेसी बरकरार रहे।

    ये भी पढ़ें- Iran-Israel conflict: ट्रंप का जी7 छोड़कर वॉशिंगटन लौटना, ईरान-इजरायल संघर्ष में बड़ा कदम उठाने का संकेत

    सोर्स- AAJ TAK

  • Iran-Israel conflict: ट्रंप का जी7 छोड़कर वॉशिंगटन लौटना, ईरान-इजरायल संघर्ष में बड़ा कदम उठाने का संकेत

    Iran-Israel conflict: ट्रंप का जी7 छोड़कर वॉशिंगटन लौटना, ईरान-इजरायल संघर्ष में बड़ा कदम उठाने का संकेत

    Iran-Israel conflict: कनाडा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक वॉशिंगटन लौट गए हैं। उनकी इस अप्रत्याशित वापसी ने वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कनाडा से रवाना होने से पहले एक बयान में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा और मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष को लेकर बड़ा इशारा किया।

    ट्रंप का मैक्रों पर तंज और सीजफायर से इनकार- Iran-Israel conflict

    जी7 समिट के दौरान ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधते हुए कहा, “पब्लिसिटी चाहने वाले मैक्रों ने गलती से कहा कि मैं सीजफायर के लिए वॉशिंगटन लौट रहा हूं। यह गलत है, मेरा मकसद इससे कहीं बड़ा है।” ट्रंप ने साफ किया कि उनकी वापसी का उद्देश्य इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम कराना नहीं है। उनके इस बयान ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि मैक्रों “हमेशा गलत बोलते हैं,” जिससे दोनों नेताओं के बीच तल्खी साफ झलक रही है। Iran-Israel conflict

    ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई जब मैक्रों ने दावा किया था कि ट्रंप इजरायल-ईरान युद्ध में सीजफायर के लिए प्रस्ताव लेकर आए हैं। लेकिन ट्रंप ने इसे खारिज करते हुए संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता कुछ और है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान को मेरे द्वारा सुझाए गए समझौते को स्वीकार करना चाहिए था। यह मानव जीवन की बर्बादी है। ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे।”

    जी7 में इजरायल को खुला समर्थन- Iran-Israel conflict

    जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल सभी सात देशों—अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन—ने इजरायल के पक्ष में खुलकर समर्थन जताया। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि इजरायल को अपनी आत्मरक्षा का पूरा हक है। साथ ही, उन्होंने ईरान पर दबाव बनाया कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को रोके। जी7 के बयान में साफ कहा गया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह वैश्विक मंच से इजरायल को मिला समर्थन ईरान के खिलाफ उसके रुख को और मजबूत कर सकता है। Iran-Israel conflict

    हालांकि, ट्रंप ने जी7 के इस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिससे अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग दिखाई दिया। यह कदम उनके एकतरफा फैसलों और दबाव की रणनीति को दर्शाता है, जो उनकी विदेश नीति का हिस्सा रहा है।

    ईरान-इजरायल तनाव: क्या है मौजूदा स्थिति? – Iran-Israel conflict

    पिछले कुछ दिनों से ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु सुविधाओं पर हवाई हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ट्रंप ने पहले ही ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। Iran-Israel conflict

    इजरायल ने अमेरिका से अपने सैन्य अभियानों में सीधे शामिल होने की अपील की है, खासकर उन अंडरग्राउंड परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए, जिन्हें निशाना बनाना मुश्किल है। अमेरिका के पास ऐसे विशेष हथियार हैं, जो इन सुविधाओं को नष्ट कर सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अभी तक अमेरिका ने इन हमलों में प्रत्यक्ष भागीदारी से इनकार किया है, लेकिन क्षेत्र में अपनी सेनाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। Iran-Israel conflict

    अमेरिका की अगली रणनीति क्या होगी?- Iran-Israel conflict

    ट्रंप के बयानों और जी7 समिट से अचानक लौटने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका अब ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ रहा है? उनकी टिप्पणियों से साफ है कि वे सीजफायर के पक्ष में नहीं हैं। इसके बजाय, वे ईरान पर “अधिकतम दबाव” की नीति को और सख्त करने के मूड में दिख रहे हैं। ट्रंप ने पहले भी ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने अमेरिकी हितों या ठिकानों पर हमला किया, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

    वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह रणनीति न केवल ईरान को दबाव में लाने की है, बल्कि वैश्विक मंच पर अमेरिका की ताकत को फिर से स्थापित करने की भी कोशिश है। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और इजरायल का खुला समर्थन इस बात का संकेत देता है कि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    भारत के लिए क्या मायने? – Iran-Israel conflict

    इस पूरे घटनाक्रम का भारत पर भी असर पड़ सकता है। भारत के ईरान और इजरायल दोनों के साथ मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। जहां इजरायल भारत के रक्षा क्षेत्र का अहम साझेदार है, वहीं ईरान भारत को सेंट्रल एशिया के साथ व्यापार के लिए रास्ता प्रदान करता है। ऐसे में भारत को अपनी कूटनीतिक रणनीति सावधानी से तय करनी होगी ताकि वह न तो पश्चिमी देशों को नाराज करे और न ही ईरान के साथ अपने संबंधों को कमजोर करे।

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    सोर्स- AAJ TAK

  • Jaunpur triple murder: जौनपुर तिहरे हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

    Jaunpur triple murder: जौनपुर तिहरे हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

    Jaunpur triple murder: जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा अंडरपास के पास बीते 25 मई को हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों – प्रिन्स निषाद निवासी केराकत और सौरभ बिन्द निवासी सरपतहां – को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। Jaunpur triple murder

    गौरतलब है कि इस हत्याकांड में बदमाशों ने पिता लालजी और उनके दो बेटे गुड्डू कुमार एवं यादवीर की लोहे की रॉड और हथौड़े से निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए हैं। Jaunpur triple murder

    इस मामले में पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह पुरानी जमीन से जुड़ा विवाद, मुकदमेबाजी और महिलाओं से दुर्व्यवहार को लेकर उत्पन्न नाराजगी थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की योजना और क्रियान्वयन की बात स्वीकार कर ली है। Jaunpur triple murder

    सीओ देवेश कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोच लिया। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी है ताकि अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका भी स्पष्ट की जा सके। पुलिस प्रशासन की यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।

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  • Bareilly Candle March: अहमदाबाद विमान हादसे पर फरीदपुर में कैंडल मार्च, सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि

    Bareilly Candle March: अहमदाबाद विमान हादसे पर फरीदपुर में कैंडल मार्च, सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि

    Bareilly candle march: अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस त्रासदी में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए बरेली जनपद के फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की स्थानीय इकाई ने एक भावुक कैंडल मार्च का आयोजन किया। Bareilly candle march

    यह श्रद्धांजलि मार्च भारत माता मंदिर से प्रारंभ होकर ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्तंभ तक गया। मोमबत्तियों की रौशनी में केवल प्रकाश नहीं था, उसमें उन परिवारों की पीड़ा भी झलक रही थी जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने परिजनों को खोया। Bareilly candle march

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। मौन उस पीड़ा और देशभक्ति का प्रतीक बना, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं था। Bareilly candle march

    Bareilly candle march

    इस आयोजन में फरीदपुर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद चौहान, नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता, सभासद रंजीत सिंह चौहान, संजीव सिंह, निक्की सिंह, आदित्य प्रताप सिंह समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। दर्जनों युवाओं की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और भी भावुक व प्रेरणादायी बना दिया। Bareilly candle march

    इस श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित किया कि देश जब किसी संकट से गुजरता है, तो उसकी असली ताकत जनता की एकता और जागरूकता होती है। कैंडल मार्च केवल एक कार्यक्रम नहीं था, यह एक संदेश था — कि भारत एक परिवार है और जब कोई दुःख आता है, तो हम सब एकजुट होकर खड़े होते हैं।

    जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की इस सहभागिता ने यह भी दर्शाया कि लोकतंत्र की आत्मा संवेदनशीलता और सहभागिता में निहित है। यह आयोजन एक ऐसी लौ बन गया है जो केवल मोमबत्तियों से नहीं, बल्कि आत्मीयता से जलती है।

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  • Akhilesh Yadav Farrukhabad visit: छोटे सिंह यादव को अखिलेश यादव ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, बोले– 60 साल की समाजवादी सेवा को सलाम

    Akhilesh Yadav Farrukhabad visit: छोटे सिंह यादव को अखिलेश यादव ने दी अंतिम श्रद्धांजलि, बोले– 60 साल की समाजवादी सेवा को सलाम

    Akhilesh Yadav Farrukhabad visit: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने सपा के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी। लखनऊ के मेदांता अस्पताल में शुक्रवार को उनका निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अखिलेश यादव ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।

    अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,-

    “छोटे सिंह यादव समाजवादी विचारधारा के मजबूत स्तंभ थे। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथ उनका 60 वर्षों का लंबा राजनीतिक सफर था। पार्टी को खड़ा करने और उसे जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।”
    सपा नेता छोटे सिंह यादव का निधन (फोटो- नेशन नाउ समाचार)

    परिवार को बंधाया ढांढसAkhilesh Yadav Farrukhabad visit

    अखिलेश यादव करीब एक घंटे तक फर्रुखाबाद में छोटे सिंह यादव के निवास पर रुके। इस दौरान उन्होंने उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने भरोसा जताया कि परिवार के लोग छोटे सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे।

    अहमदाबाद विमान हादसे को बताया गंभीरAkhilesh Yadav Farrukhabad visit

    हाल ही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा,

    “लोग अब हवाई यात्रा से डरने लगे हैं। इस हादसे ने कई लोगों की जान ले ली, जिनमें डॉक्टर, परिवार और चालक दल के सदस्य शामिल थे। अभी तक सच्चाई सामने नहीं आई है, लेकिन जनता जानना चाहती है कि गलती कहां हुई।”

    यूपी में बिजली और नौकरी को लेकर निशाना

    अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर बिजली संकट, बेरोजगारी और किसान समस्याओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:

    “प्रदेश की जनता बिजली की किल्लत से परेशान है। किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे और युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। सरकार जनता की समस्याओं से आंखें मूंदे हुए है।”

    ऑपरेशन सिंदूर और भ्रष्टाचार पर सवाल

    ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह जानना जरूरी है कि इतनी बड़ी चूक कहां हुई। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में पारदर्शिता की कमी स्पष्ट दिखती है और जनता जानना चाहती है कि जवाबदेही किसकी है।

    जातिगत जनगणना को बताया जरूरी

    जातिगत जनगणना पर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा:

    “समाजवादी पार्टी हमेशा से इसके पक्ष में रही है। यह सामाजिक न्याय और संसाधनों के उचित वितरण की दिशा में एक जरूरी कदम है।”

    परिवार को राजनीति में आगे लाने का संकेत

    छोटे सिंह यादव के राजनीतिक उत्तराधिकार पर उन्होंने कहा:

    “परिवार के लोग पहले से राजनीति से जुड़े हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग करें। समाजवादी पार्टी हमेशा अपने पुराने साथियों के परिवारों को सम्मान देती रही है और आगे भी देगी।”

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  • ICC New Boundary Catch Rule: बाउंड्री पर कैच का नियम बदला, जानिए कितनी बार हवा में उछाल सकेंगे बॉल

    ICC New Boundary Catch Rule: बाउंड्री पर कैच का नियम बदला, जानिए कितनी बार हवा में उछाल सकेंगे बॉल

    ICC New Boundary Catch Rule: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच को लेकर है। अब फील्डर अगर बाउंड्री के बाहर जाकर गेंद को हवा में उछालकर कैच पूरा करता है, तो वह नियमों के अनुसार आउट नहीं माना जाएगा। यह फैसला 2023 में बिग बैश लीग (BBL) के एक विवादित कैच के बाद लिया गया, जहां माइकल नेसेर के कैच पर सवाल उठे थे।

    यह नियम मेलबर्न क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा अक्टूबर 2026 में अपनाया जाएगा, लेकिन ICC ने इसे पहले ही लागू करने का निर्णय लिया है। 17 जून 2025 से श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में ये नियम प्रभावी हो जाएंगे।

    Cricket rule updates 2025

    ⚖️ क्या है नया बाउंड्री कैच नियम?

    नए नियम के अनुसार, अब दो विशेष स्थितियों में बाउंड्री कैच मान्य या अमान्य माने जाएंगे:

    1. खुद को गेंद से इन-आउट करने वाला फील्डर:– Cricket rule updates 2025

    अगर कोई खिलाड़ी बाउंड्री के अंदर रहते हुए हवा में गेंद को उछालता है और फिर बाउंड्री पार करके उसे दोबारा हवा में उछालता है तथा अंत में बाउंड्री के अंदर आकर कैच पूरा करता है — तो अब ऐसा कैच अमान्य होगा। बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा, और उसे रन मिलेगा।

    2. दो फील्डरों के बीच कैच:– Cricket rule updates 2025

    अगर एक फील्डर बाउंड्री के बाहर जाकर गेंद को हवा में अंदर की ओर फेंकता है और दूसरा फील्डर कैच लेता है — तो यह तभी वैध माना जाएगा, जब पहला फील्डर गेंद छोड़ते समय भी बाउंड्री के अंदर मौजूद हो। Cricket rule updates 2025

    BBL के दो चर्चित मामले, जिसने नियम बदलवा दिए

    1. माइकल नेसेर का बाउंड्री कैच (2023):

    BBL 2023 में माइकल नेसेर ने एक ऐसा कैच पकड़ा था, जिसमें उन्होंने गेंद को कई बार हवा में उछालते हुए कैच को पूरा किया। तकनीकी रूप से यह नियमों के अनुरूप था, लेकिन MCC ने माना कि यह क्रिकेट की “भावना” के खिलाफ था।

    2. मैथ्यू वेड का कैच (2020):

    2020 में मैट रैनशॉ ने बाउंड्री के बाहर से गेंद को अंदर फेंका और टॉम बंटन ने कैच पूरा किया। वेड आउट करार दिए गए, लेकिन इस कैच को लेकर भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी असंतोष देखने को मिला।

    अन्य बदलाव जो लागू होंगे

    1. वनडे में दो नई गेंदों का प्रयोग:

    ICC ने वनडे फॉर्मेट में दो नई गेंदों के इस्तेमाल को लेकर भी नया नियम लागू किया है।

    • पहले 34 ओवर तक दोनों छोर से दो अलग-अलग गेंदों का प्रयोग होगा।
    • 35वें ओवर से 50वें ओवर तक सिर्फ एक ही गेंद का प्रयोग होगा।
    • बारिश या अन्य कारणों से 25 ओवर से कम का खेल होने पर दोनों पारियों में सिर्फ एक-एक गेंद का प्रयोग होगा।

    2. कन्कशन रिप्लेसमेंट नियम में बदलाव:

    अब टीमें मैच से पहले ही पांच संभावित कन्कशन सब्स्टीट्यूट के नाम रेफरी को देंगी। ये खिलाड़ी होंगे — एक बल्लेबाज, एक तेज गेंदबाज, एक स्पिनर, एक ऑलराउंडर और एक विकेटकीपर। इससे चोट लगने पर तुरंत विकल्प उपलब्ध रहेगा।

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    सोर्स- BHASKAR

  • IRAN ISRAEL WAR: ईरान का इजराइल पर पलटवार, Tel Aviv समेत अन्य शहरों पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें

    IRAN ISRAEL WAR: ईरान का इजराइल पर पलटवार, Tel Aviv समेत अन्य शहरों पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें

    IRAN ISRAEL WAR: इजराइल ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ की शुरुआत करते हुए कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। इजराइली सेना का दावा है कि इन हमलों में ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई वैज्ञानिकों तथा सैन्य अधिकारियों की मौत हुई है। इस आक्रामक कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान ने अपने जवाबी हमले को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया है। इस ऑपरेशन के तहत ईरान ने इजराइल के कई शहरों पर एक साथ 150 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इन मिसाइलों से यरुशलम, तेल अवीव और हाइफा जैसे प्रमुख शहरों में धमाके हुए, जिससे पूरे देश में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। IRAN ISRAEL WAR

    सायरनों के बीच अफरा-तफरी- IRAN ISRAEL WAR

    ईरानी हमले के बाद इजराइल में सायरन बजने लगे, जिससे लोग जान बचाने के लिए शेल्टर की ओर भागते नजर आए। इजराइली सेना (IDF) ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम बार-बार ट्वीट नहीं करना चाहते, लेकिन सच्चाई यही है कि लाखों इजराइली नागरिक बंकरों में भाग रहे हैं।”

    अमेरिका की सक्रिय भागीदारी- IRAN ISRAEL WAR

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका इजराइल की खुलकर मदद कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि अमेरिका, ईरान की मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में इजराइली सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर रहा है। अमेरिका ने यह भी कहा कि वह इजराइल में रह रहे लाखों अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

    ईरान का इजराइन पर बड़ा हमला (फोटो- X)

    युद्ध से हिला मिडिल ईस्ट- IRAN ISRAEL WAR

    इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि ईरान ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर “रेड लाइन” पार कर दी है। उन्होंने ऐलान किया कि ईरान को इसके लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी और इजराइल किसी भी परिस्थिति में अपने नागरिकों की रक्षा करेगा।

    ईरान ने मिसाईल के जरिए इजराइल के Tel Aviv शहर को बनाया निशाना (फोटो- X)

    वहीं, ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह हमला इजराइल के उकसावे और क्षेत्रीय सुरक्षा में दखल देने का जवाब है। ईरान का दावा है कि अगर हमला जारी रहता है तो वे और बड़ा जवाब देने को तैयार हैं।

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • Middle East crisis update: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

    Middle East crisis update: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

    Middle East crisis update: मिडिल ईस्ट एक बार फिर दुनिया की सबसे खतरनाक जंग के मुहाने पर खड़ा है। इस क्षेत्र की अस्थिरता ने वैश्विक राजनीति को हिला कर रख दिया है। इजरायल और ईरान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देश युद्ध की कगार पर पहुंच चुके हैं। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने इस तनाव में एक नया मोड़ जोड़ दिया है। Middle East crisis update

    ट्रंप का खुला संदेश: “अब भी वक्त है, बातचीत की टेबल पर लौटे ईरान”

    डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेताया है। उन्होंने कहा, “अब भी देर नहीं हुई है। ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर पुनर्विचार कर वार्ता की मेज पर लौटना चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका को पहले से इन हमलों की जानकारी थी और उन्होंने ईरान को “शर्म और मौत” से बचाने की पूरी कोशिश की। Middle East crisis update

    ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दो महीने पहले ईरान को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन 61वें दिन तक भी ईरान ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि शायद ईरान के पास अब भी “सेकंड चांस” है, लेकिन यह आखिरी मौका हो सकता है। Middle East crisis update

    इजरायल का ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ और अमेरिका की सैन्य भूमिका

    इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक ईरान का परमाणु खतरा खत्म नहीं होता, यह सैन्य अभियान जारी रहेगा। इस ऑपरेशन के तहत इजरायल ने ईरान के कई परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

    Middle East crisis update
    इजराइल के Tel Aviv शहर की तस्वीरें (फोटो- सोशल मीडिया)

    इस बीच अमेरिका ने खुलकर इजरायल का साथ दिया है। अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान मिसाइल सुरक्षा में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईरान से दागी जा रही मिसाइलों को अमेरिका रोकने में मदद कर रहा है।

    इस स्थिति में इजरायल में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और नागरिकों को बंकरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    ईरान का जवाबी हमला और बढ़ती बैलिस्टिक तैयारी

    ईरान ने इजरायल की कार्रवाई को “युद्ध की घोषणा” बताया है और जवाबी हमले की चेतावनी दी है। ईरानी रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ईरान अब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली को और उन्नत करने में लगा है। साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को पूर्ण युद्ध की तैयारी के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

    Middle East crisis update

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने कहा, “हम जवाब देंगे और वह भी ऐसा कि दुनिया देखेगी कि ईरान की ताकत क्या है।”

    क्या है अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता (JCPOA)?

    अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 2015 का परमाणु समझौता, जिसे जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) कहा जाता है, का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था। इसके बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया गया था।

    लेकिन 2018 में, ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते से अमेरिका को बाहर निकाल लिया। इस फैसले के बाद ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर फिर से तेजी से काम करना शुरू किया। अब ट्रंप दोबारा इस डील को नए स्वरूप में करना चाहते हैं, लेकिन ईरान की सर्वोच्च सत्ता फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं है।

    मिडिल ईस्ट में शांति की राह कठिन

    मिडिल ईस्ट की वर्तमान स्थिति बेहद नाजुक है। न सिर्फ इजरायल और ईरान, बल्कि लेबनान की हिजबुल्लाह और सीरिया की स्थिति भी इस जंग से प्रभावित हो सकती है। ईरान के सहयोगी गुट सक्रिय हो सकते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी समाधान सामने नहीं आया है।

    भविष्य की संभावनाएं

    वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, मध्य पूर्व में स्थिरता की राह मुश्किल लग रही है। यदि ईरान और इजरायल के बीच युद्ध छिड़ता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैश्विक बाजार में उथल-पुथल मच सकती है।

    दूसरी ओर, यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई नया समझौता हो पाता है, तो यह क्षेत्र में तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी साफ दिखाई देती है। ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को नहीं रोकेगा, जबकि इजरायल और अमेरिका इसे रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाने को तैयार हैं।

    सोर्स- AAJ TAK

  • Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest: गौतम गंभीर की मां को कार्डियक अरेस्ट: इंग्लैंड सीरीज से पहले भारत लौटे कोच

    Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest: गौतम गंभीर की मां को कार्डियक अरेस्ट: इंग्लैंड सीरीज से पहले भारत लौटे कोच

    Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest: भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए दुखद खबर है। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को अपनी मां सीमा गंभीर के स्वास्थ्य के कारण इंग्लैंड से भारत वापस लौटना पड़ा। सीमा गंभीर को 11 जून, 2025 की रात कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती किया गया। इस खबर ने न केवल क्रिकेट प्रशंसकों को चिंतित किया, बल्कि गंभीर के लिए महत्वपूर्ण इंग्लैंड टेस्ट सीरीज की तैयारियों पर भी असर डाला। Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर, जो हाल ही में इंग्लैंड पहुंचे थे, को इस आपात स्थिति की जानकारी मिलते ही तुरंत भारत के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, उनकी मां की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। गंभीर 17 जून को इंग्लैंड वापस लौटकर भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे, जो 20 जून से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए तैयारियां कर रही है। Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर का दूसरा आपातकालीन वापसी- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    यह पहला मौका नहीं है जब गंभीर को पारिवारिक आपातकाल के कारण विदेशी दौरे को बीच में छोड़ना पड़ा। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भी वह एक पारिवारिक आपात स्थिति के कारण भारत लौटे थे। उस समय भी उनकी अनुपस्थिति में सहायक कोचों ने जिम्मेदारी संभाली थी। इस बार, गंभीर की गैरमौजूदगी में सहायक कोच रेयान टेन डोएशे 13 जून से शुरू होने वाले भारत और भारत-ए के बीच चार दिवसीय अभ्यास मैच की कमान संभालेंगे। उन्हें गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक का साथ मिलेगा।

    गंभीर के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-3 की हार और ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी न जीत पाने के बाद उनकी कोचिंग की आलोचना हुई थी। इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए एक मौका है कि वह अपनी रणनीति और नेतृत्व को साबित कर सकें।

    गंभीर का क्रिकेट करियर- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टीम के हेड कोच का पद संभाला। इससे पहले, उन्होंने 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। गंभीर का क्रिकेट करियर शानदार रहा। उन्होंने 58 टेस्ट मैचों में 41.95 की औसत से 4154 रन बनाए, जिसमें 9 शतक शामिल हैं। उनका आखिरी टेस्ट 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में था।

    वनडे क्रिकेट में गंभीर का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने 147 वनडे में 39.68 की औसत से 5238 रन बनाए, जिसमें 11 शतक शामिल हैं। 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उनकी 97 रनों की पारी ने भारत को दूसरा वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने 37 मैचों में 27.41 की औसत से 932 रन बनाए, जिसमें 7 अर्धशतक शामिल हैं।

    आईपीएल में गंभीर ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को दो बार (2012 और 2014) चैंपियन बनाया। 2024 में केकेआर के मेंटर के रूप में उन्होंने तीसरी बार खिताब जीता। उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच ने उन्हें कोच के रूप में भी लोकप्रिय बनाया।

    भारत बनाम इंग्लैंड: ऐतिहासिक टक्कर- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास रोमांचक रहा है। दोनों टीमों ने अब तक 136 टेस्ट खेले हैं, जिसमें इंग्लैंड ने 51 और भारत ने 35 जीते हैं, जबकि 50 ड्रॉ रहे। इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड कमजोर रहा है। 67 टेस्ट में भारत ने केवल 9 जीते, जबकि इंग्लैंड ने 36 में जीत हासिल की। भारत में खेले गए 69 टेस्ट में भारत ने 26 और इंग्लैंड ने 15 जीते।

    आखिरी बार भारत ने 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी। 2021 में भारत 2-1 से आगे था, लेकिन कोविड-19 के कारण आखिरी टेस्ट रद्द हो गया। इस बार शुभमन गिल की कप्तानी में भारत नया इतिहास रचने की कोशिश करेगा।

    टेस्ट सीरीज का शेड्यूल और टीमें-

    पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स
    दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम
    तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन
    चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर
    पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन

    भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव।

    इंग्लैंड टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स।

    गंभीर की अनुपस्थिति का प्रभाव- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर की अनुपस्थिति में भारतीय टीम की तैयारियों पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन सहायक कोचों की मौजूदगी इसे कम करने में मदद करेगी। गंभीर ने पहले ही करुण नायर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को मौका देने की वकालत की है, जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में उपयोगी हो सकते हैं। उनकी रणनीति में तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह पर खास ध्यान है।

    प्रशंसकों की शुभकामनाएं- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर की मां के स्वास्थ्य के लिए क्रिकेट प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी हैं। एक प्रशंसक ने लिखा, “गौतम गंभीर की मां के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। परिवार पहले है।” एक अन्य ने कहा, “गंभीर के लिए यह मुश्किल समय है, लेकिन वह मजबूत हैं। इंग्लैंड में शानदार वापसी करेंगे।”