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  • Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि शिव भक्त पूरे वर्ष Pradosh Vrat 2026 Date And Time जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

    प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों की प्रार्थना सुनते हैं। इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। प्रदोष व्रत रखने से स्वास्थ्य, धन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही यह व्रत पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

    साल 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ेगा?

    नीचे जनवरी और फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत की तिथियां दी गई हैं जनवरी 2026 के प्रदोष व्रत 02 जनवरी 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत 16 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत,30 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत

    फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत

    • 14 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत
    • 28 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत

    हर प्रदोष व्रत का अलग-अलग फल बताया गया है। जैसे गुरु प्रदोष व्रत से ज्ञान और करियर में उन्नति होती है, शुक्र प्रदोष व्रत वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों को मजबूत करता है, जबकि शनि प्रदोष व्रत शनि दोष और आर्थिक परेशानियों से राहत दिलाता है।

    प्रदोष व्रत की पूजा विधि

    प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। अंत में आरती कर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।

    प्रदोष व्रत रखने से होने वाले लाभ

    • मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
    • धन, नौकरी और व्यापार में उन्नति
    • वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति
    • रोग, दोष और बाधाओं का नाश
  • Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में शीतलहर के साथ घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। विश्व धरोहर ताजमहल भी इस समय कोहरे की मोटी चादर में ढका नजर आ रहा है। ताज व्यू पॉइंट से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कोहरे के कारण ताजमहल धुंधला दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यटकों को इसकी पूरी खूबसूरती देखने में परेशानी हो रही है।

    पिछले कुछ दिनों से आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शीतलहर के चलते सुबह और देर रात ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं दृश्यता (विजिबिलिटी) कई इलाकों में 50 से 100 मीटर तक सिमट गई है।घना कोहरा न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। सुबह के समय सड़कें, हाईवे और रेलवे ट्रैक कोहरे की वजह से दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कई ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है।

    ताजमहल देखने पहुंचे देशी और विदेशी पर्यटकों का कहना है कि ठंड और कोहरे के बावजूद ताजमहल का आकर्षण कम नहीं होता। हालांकि, कोहरे के कारण स्मारक का पूरा दृश्य साफ नजर नहीं आ पा रहा है। कई पर्यटकों को फोटो और वीडियो लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रभाव बढ़ा है। आने वाले कुछ दिनों तक आगरा और आसपास के इलाकों में घना कोहरा बने रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही ठंड से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।

    प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए घर से बाहर कम निकलने की अपील की गई है। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और गति नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं।ठंड बढ़ने के कारण शहर में अलाव जलाने की संख्या भी बढ़ा दी गई है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें प्रमुख चौराहों और रैन बसेरों पर अलाव की व्यवस्था कर रही हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।

    ताजमहल पर छाया कोहरा एक ओर जहां सर्द मौसम की गंभीरता को दर्शा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह दृश्य पर्यटकों के लिए एक अलग ही अनुभव भी बन रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां जरूर अपनाएं।

  • औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    औरैया | रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया जनपद में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने शुक्रवार को बी. बी. एस. स्मृति विद्यापीठ, आशानगर (जालौन रोड) में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।

    बच्चों के प्रदर्शन से अभिभावकों को गर्व

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभावकों को गर्व और खुशी का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का कार्य करते हैं।

    सर्वांगीण विकास में सहायक हैं ऐसे आयोजन

    मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में होने वाले वार्षिकोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की समझ भी ऐसे आयोजनों से विकसित होती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

    होमगार्ड्स भर्ती पर स्पष्ट संदेश

    मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने होमगार्ड्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक जरूर मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    बांग्लादेश हिंसा पर मंत्री की प्रतिक्रिया

    बांग्लादेश में हालिया हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। बातचीत और शांति के रास्ते से ही किसी भी विवाद का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से केवल नुकसान होता है, चाहे वह किसी भी देश में हो।

    कार्यक्रम में दिखा उत्साह

    वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने नृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा। अभिभावकों ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

  • कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 350 किलो वजनी डॉल्फिन का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों ने डॉल्फिन के शव को रस्सियों से बांधकर करीब 10 लोगों की मदद से किनारे तक खींचा, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।

    गंगा में डॉल्फिन की मौत से मचा हड़कंप

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉल्फिन काफी समय से मृत प्रतीत हो रही थी और उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। गंगा में डॉल्फिन का यूं मृत पाया जाना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि यह नदी की सेहत और जलीय जीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। मौके पर मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण ही डॉल्फिन की मौत हुई होगी

    10 लोगों ने मिलकर खींचा शव

    डॉल्फिन का वजन अत्यधिक होने के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इंतजाम किया और करीब 10 लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को किनारे लाया। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

    प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानपुर क्षेत्र में गंगा नदी लंबे समय से औद्योगिक और घरेलू कचरे से प्रदूषित है। चमड़ा उद्योगों, नालों और रासायनिक अपशिष्ट के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।एक स्थानीय निवासी ने कहा,“जब इंसानों के लिए गंगा का पानी सुरक्षित नहीं है, तो डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीव कैसे जिंदा रहेंगे?”

    वन विभाग और प्रशासन की जांच

    सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉल्फिन के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में उम्रदराज या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन प्रदूषण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    डॉल्फिन: गंगा की पहचान और जैव विविधता

    गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic Animal) है। यह जीव साफ और ऑक्सीजन युक्त पानी में ही जीवित रह सकती है। डॉल्फिन की मौजूदगी को नदी के स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। ऐसे में उसकी मौत यह दर्शाती है कि गंगा का इकोसिस्टम खतरे में है

  • वेनेजुएला में भीषण धमाके, अमेरिका पर सैन्य हमले का आरोप, राष्ट्रपति मादुरो ने घोषित की नेशनल इमरजेंसी

    वेनेजुएला में भीषण धमाके, अमेरिका पर सैन्य हमले का आरोप, राष्ट्रपति मादुरो ने घोषित की नेशनल इमरजेंसी

    कराकस (वेनेजुएला): दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव के केंद्र में आ गया है। वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिका पर अपने नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। राजधानी कराकस समेत कई राज्यों में हुए धमाकों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है

    कराकस समेत कई राज्यों में धमाके

    शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा राज्यों में भी बम धमाके होने की खबरें सामने आई हैं। धमाकों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों ने कराकस के ऊपर बम गिराए, जिससे इमारतें हिल गईं और आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया। राजधानी के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़े सैन्य अड्डे के आसपास धमाके के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।

    कम से कम सात धमाकों की पुष्टि

    एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, कराकस में कम से कम सात धमाके सुने गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में धमाकों के बाद उठता धुआं, दहशत में भागते लोग और आसमान में उड़ते सैन्य विमान साफ देखे जा सकते हैं। हालांकि सरकार ने अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।

    मादुरो सरकार का अमेरिका पर सीधा आरोप

    वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों को “अमेरिकी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने संबोधन में कहा,“वेनेजुएला को डराने और धमकाने के अमेरिकी प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। हमारा देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”सरकार का कहना है कि हमलों का मकसद वेनेजुएला में अस्थिरता फैलाना और सरकार को कमजोर करना है।

    नेशनल इमरजेंसी का ऐलान

    लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने देशभर में नेशनल इमरजेंसी लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके तहत सैन्य और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है सीमाओं और हवाई क्षेत्र की निगरानी कड़ी कर दी गई हैसरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    अमेरिका की ओर से चुप्पी

    इन गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका ने अब तक हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

  • दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए PWD (Public Works Department) ने एक अनोखी पहल की है। अब बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में चयनित कर्मी लंगूर की आवाज निकालकर बंदरों को भगाने का काम करेंगे।

    क्यों निकली भर्ती?

    दिल्ली के कई इलाके जैसे कि साउथ दिल्ली, रोहिणी, और पुरानी कॉलोनियों में बंदरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ये बंदर न केवल सड़क पर और पार्कों में परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों और दुकानों में भी घुसपैठ कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि खाद्य सामग्री और घरों की सुरक्षा भी खतरे में है।PWD ने टेंडर जारी करते हुए कहा कि भर्ती किए जाने वाले कर्मी 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और उनका मुख्य कार्य बंदरों को भगाना होगा। इसके लिए कर्मी को लंगूर की आवाज की नकल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस तरह की पहल पहली बार दिल्ली में लागू की जा रही है।

    भर्ती की शर्तें

    • भर्ती केवल उन लोगों के लिए है, जो लंगूर की आवाज़ की सही नकल कर सकते हैं
    • हर कर्मी को 8 घंटे की शिफ्ट में काम करना होगा।
    • कर्मी शहर के ऐसे इलाकों में तैनात किए जाएंगे, जहां बंदरों की संख्या अधिक है।
    • PWD ने इस काम के लिए विशेष टेंडर जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    क्या है उद्देश्य?

    PWD का कहना है कि बंदरों से निपटने के लिए पारंपरिक उपाय जैसे जाल और रबर की गोली पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए लंगूर की आवाज़ निकालने वाले कर्मियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है। इस तकनीक के जरिए बंदर समझेंगे कि इलाके में बड़े लंगूर मौजूद हैं और वे खुद ही जगह छोड़ देंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह इको-फ्रेंडली और मानव-सुरक्षित तरीका है, क्योंकि इसमें बंदरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके अलावा, इससे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

    दिल्ली में बंदरों की समस्या

    दिल्ली में बंदर अक्सर पेड़ों, तारों और खुले इलाकों में घूमते नजर आते हैं। लोग इनसे परेशान हैं क्योंकि बंदर खाने-पीने की वस्तुएं चोरी करते हैं और कभी-कभी झगड़े भी बढ़ा देते हैं। PWD का यह कदम शहरवासियों के लिए राहत भरा साबित होगा।

    आने वाले दिनों में क्या होगा?

    PWD जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी करके लंगूर आवाज कर्मियों की भर्ती शुरू करेगा। भर्ती के बाद ये कर्मी निर्धारित क्षेत्रों में तैनात होंगे और बंदरों को भगाने का काम करेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि शहर में बंदरों की बढ़ती दिक्कत कम होगी और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।

  • बदायूं में दुल्हन की चाह में युवक का हाईवोल्टेज ड्रामा, 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर दी जान देने की धमकी

    बदायूं में दुल्हन की चाह में युवक का हाईवोल्टेज ड्रामा, 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर दी जान देने की धमकी

    बदायूं (उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दुल्हन की चाह में एक युवक 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा। युवक की हरकत से इलाके में हड़कंप मच गया और आधे घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

    क्या है पूरा मामला?

    घटना बदायूं जिले के एक गांव की है, जहां हर प्रसाद मौर्य नामक युवक अचानक गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया। ऊपर से चिल्लाते हुए वह कह रहा था“साहब, मैं दस दिन से यही गंदे कपड़े पहने हूं, कौन धुलेगा? सबकी पत्नियां हैं, तो मुझे भी चाहिए!”युवक ने यह भी धमकी दी कि अगर उसे दूसरी पत्नी नहीं दिलाई गई, तो वह जान दे देगा। उसकी बातें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    पहली पत्नी छोड़कर जा चुकी

    परिजनों के अनुसार, हर प्रसाद की पहली पत्नी पहले ही उसे छोड़कर जा चुकी है। इसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था। युवक का कहना था कि“पहली बीबी चली गई, दूसरी दिलाओ नहीं तो मैं यहीं से कूद जाऊंगा!”उसकी हालत देखकर गांव के लोग डर गए, क्योंकि वह किसी भी समय बड़ा कदम उठा सकता था।

    आधे घंटे तक चला हंगामा

    पानी की टंकी पर चढ़े युवक ने करीब 30 मिनट तक हंगामा किया। नीचे ग्रामीण उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। आखिरकार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से युवक को समझाया गया।काफी मान‑मनौव्वल और भरोसा दिलाने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए युवक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

    मानसिक बीमारी की पुष्टि

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि हर प्रसाद मानसिक रूप से बीमार रहता है और पहले भी कई बार असामान्य व्यवहार कर चुका है। उसकी हालत को देखते हुए उसे इलाज और काउंसलिंग की जरूरत बताई जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर जरूर था, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। युवक को समझाकर नीचे उतारा गया है और परिवार को उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। समय पर इलाज और पारिवारिक सहयोग से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।

  • Late Major Bipin Chandra Bhatt -सीएम योगी की सख्ती से मेजर की बेटी को 24 घंटे में मिला अपना घर, भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    Late Major Bipin Chandra Bhatt -सीएम योगी की सख्ती से मेजर की बेटी को 24 घंटे में मिला अपना घर, भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    Late Major Bipin Chandra Bhatt-   लखनऊ – लखनऊ में नये साल का पहला दिन मेजर की बेटी अंजना के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया। अंजना के पिता स्व. मेजर बिपिन चंद्र भट्ट थे और उनके निधन के बाद अंजना अकेली रह गई थी। पिछले कुछ समय से अंजना मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों से जूझ रही थीं और उन्हें सीजोफ्रेनिया के कारण रिहैब सेंटर में रखा गया था।हाल ही में अंजना के मकान पर चंदौली के बलवंत कुमार यादव और उनके सहयोगी मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा कर लिया था।

    अंजना ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्होंने 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुरुवार दोपहर तक अंजना को उनके मकान में कब्जा दिला दिया। मकान में प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो उठीं और आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”

    अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का निधन 1994 में हुआ था। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, जिनमें से केवल अंजना जीवित रहीं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया।हाल ही में मकान पर कब्जा किए जाने के बाद अंजना ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी। उनके मकान पर बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज और बोर्ड लगा दिया था। अंजना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने दुख और समस्याओं को साझा किया, जिसके तुरंत बाद न्याय की प्रक्रिया शुरू हुई।

    पुलिस और प्रशासन की तेज कार्रवाई

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।अंजना के मकान में प्रवेश के समय पुलिस, सेना अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौजूद थे। अंजना ने हर कमरे में जाकर दीवारों को चूमा और घर के अंदर पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और आसपास की महिलाओं के साथ भावुक क्षण साझा किए।

    मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता

    इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने अंजना को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आदेश दिए कि भूमि विवाद का समाधान तुरंत किया जाए और अंजाना को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए।अंजना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार और प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता नागरिकों को न्याय दिलाने में कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • Morning Skincare Routine: सुबह उठते ही चेहरे पर क्या लगाएं ताकि पूरे दिन रहे ग्लो और फ्रेशनेस

    Morning Skincare Routine: सुबह उठते ही चेहरे पर क्या लगाएं ताकि पूरे दिन रहे ग्लो और फ्रेशनेस

    Morning Skincare Routine : हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा पूरे दिन ग्लोइंग, फ्रेश और हेल्दी दिखे। लेकिन सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से ही स्किन खूबसूरत नहीं बनती, बल्कि सही मॉर्निंग स्किनकेयर रूटीन अपनाना सबसे ज़रूरी होता है। सुबह उठते ही हम चेहरे पर क्या लगाते हैं, इसका सीधा असर हमारी स्किन की सेहत, निखार और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर पड़ता है। सही रूटीन न केवल स्किन को सॉफ्ट और चमकदार बनाता है, बल्कि झुर्रियों, पिंपल्स और दाग-धब्बों से भी बचाव करता है।आइए जानते हैं एक आसान लेकिन असरदार Morning Skincare Routine, जिसे अपनाकर आप बेदाग और निखरी हुई त्वचा पा सकते हैं।

    1. सुबह उठते ही करें क्लींजिंग

    ग्लोइंग और फ्रेश स्किन के लिए सबसे पहला कदम है क्लींजिंग। सुबह उठकर चेहरे को हल्के ठंडे पानी से धोना चाहिए। इससे रातभर जमा गंदगी, पसीना और अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है।आप चाहें तो माइल्ड फेस वॉश या क्लींजर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपकी स्किन टाइप (ड्राई, ऑयली या सेंसिटिव) के अनुसार हो। ध्यान रखें कि ज्यादा केमिकल या हार्ड फेसवॉश का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है।

    2. टोनिंग करना न भूलें

    क्लींजिंग के बाद अगला जरूरी स्टेप है टोनिंग। टोनर स्किन के पोर्स को टाइट करता है और त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।इसके लिए आप गुलाब जल (Rose Water) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक नेचुरल टोनर है। गुलाब जल से स्किन फ्रेश रहती है, दाग-धब्बे हल्के होते हैं और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।


    3. सीरम का करें इस्तेमाल

    टोनर लगाने के कुछ मिनट बाद चेहरे पर सीरम लगाएं। खासतौर पर विटामिन C सीरम मॉर्निंग रूटीन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।विटामिन C स्किन को पोषण देता है, पिग्मेंटेशन कम करता है और चेहरे पर ब्राइटनेस लाता है। नियमित इस्तेमाल से स्किन टोन भी इवन होती है।

    4. मॉइस्चराइजर है बेहद जरूरी

    सीरम के बाद मॉइस्चराइजर लगाना बिल्कुल न भूलें। चाहे आपकी स्किन ऑयली हो या ड्राई, मॉइस्चराइजर हर स्किन टाइप के लिए जरूरी है।यह स्किन को पूरे दिन हाइड्रेट रखता है और रूखापन दूर करता है। ऑयली स्किन वाले लोग जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर चुन सकते हैं।

    5. सनस्क्रीन लगाना न भूलें

    अगर आप बाहर निकलते हैं तो सनस्क्रीन मॉर्निंग स्किनकेयर का सबसे अहम हिस्सा है। SPF 30 या उससे अधिक की सनस्क्रीन लगाने से स्किन को सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाया जा सकता है। इससे टैनिंग, झुर्रियां और स्किन एजिंग की समस्या कम होती है।एक सही Morning Skincare Routine आपकी स्किन को न सिर्फ ग्लोइंग बनाता है, बल्कि उसे लंबे समय तक हेल्दी भी रखता है। अगर आप रोजाना क्लींजिंग, टोनिंग, सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो बिना ज्यादा खर्च किए भी खूबसूरत और निखरी त्वचा पा सकते हैं।

  • कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नौबस्ता इलाके में दो युवतियों के बीच जबरदस्त मारपीट देखने को मिल रही है। यह घटना न सिर्फ हिंसक है, बल्कि इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यह झगड़ा उस जगह पर हुआ जहां रात के समय पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद, घटना के वक्त मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

    कहां और कैसे हुई घटना

    मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यशोदा नगर बाईपास के पास का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद कपड़े पहने एक युवती दूसरी युवती पर अचानक हमला कर देती है। मारपीट इतनी भीषण थी कि हमलावर युवती ने दूसरी लड़की को सड़क पर पटक दिया, बाल पकड़कर घसीटा और लगातार करीब 11 थप्पड़ जड़ दिए। यही नहीं, जमीन पर गिरी युवती के सीने और सिर पर लात-घूंसे भी बरसाए गए।यह पूरी घटना रात के समय की बताई जा रही है। वीडियो में पीड़ित लड़की को मदद के लिए चीखते-चिल्लाते और राहगीरों से गुहार लगाते देखा जा सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति उसे बचाने आगे नहीं आया

    लड़ाई की वजह क्या थी

    वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से पता चलता है कि यह विवाद “अभिषेक” नाम के एक युवक को लेकर हुआ। हमलावर युवती गुस्से में चिल्लाते हुए कहती सुनाई दे रही है“अभिषेक को तूने छोड़ा था, अब जब वह मेरा हो गया है तो तू उसे बाबू बोलेगी?”वह यह भी आरोप लगाती है कि पीड़ित लड़की ने अभिषेक को स्काई लॉन में मिलने के लिए बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।

    वीडियो बनाने वाली भी हमले में शामिल

    इस घटना में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाली लड़की, जो कथित तौर पर हमलावर की दोस्त बताई जा रही है, उसने भी पीड़ित युवती को पैर से मारा। इससे यह मामला केवल दो लड़कियों के झगड़े तक सीमित न रहकर समूह हिंसा का रूप लेता नजर आ रहा है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि“मामला संज्ञान में है और वीडियो के आधार पर दोनों युवतियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें तलाश कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”हालांकि, इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान से कुछ दूरी पर ही पुलिस चौकी मौजूद है, वहां इस तरह की घटना होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

    सोशल मीडिया पर गुस्सा

    वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर पुलिस की गैरमौजूदगी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।