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  • Pilibhit Nari Shakti Club: पीलीभीत में नारी शक्ति क्लब का दसवां स्थापना दिवस, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

    Pilibhit Nari Shakti Club: पीलीभीत में नारी शक्ति क्लब का दसवां स्थापना दिवस, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

    Pilibhit Nari Shakti Club: पीलीभीत के पूरनपुर में गुरुवार को नारी शक्ति क्लब ने अपने दसवें स्थापना दिवस को भव्य समारोह के साथ मनाया। यह आयोजन नगर के प्रसिद्ध राम होटल में आयोजित किया गया, जहां क्लब की सदस्यों ने केक काटकर उत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर क्लब की उपलब्धियों को साझा किया गया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई।

    मोनिका होड़ा और सलोनी गुप्ता ने आयोजन की व्यवस्था को बखूबी संभाला, जबकि पूर्व अध्यक्ष अर्चना सिंघल ने अपनी मधुर आवाज में कार्यक्रम की मेजबानी की। क्लब की अध्यक्ष रानो माटा ने वर्ष भर में किए गए सामाजिक कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति क्लब ने हमेशा समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता का सहयोग सराहनीय रहा है।

    नई कार्यकारिणी का गठन- Pilibhit Nari Shakti Club

    इस समारोह में नई कार्यकारिणी का चयन भी किया गया। अंजली गुप्ता को अध्यक्ष, स्मिता गुप्ता को सचिव और मोनिका होड़ा को कोषाध्यक्ष चुना गया। पूर्व अध्यक्ष सविता खंडेलवाल ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके दायित्वों की शपथ दिलाई। पूर्व अध्यक्ष मिट्टी मंडेर ने क्लब की भविष्य की दिशा और सामाजिक योगदान पर अपने विचार साझा किए, जो सभी के लिए प्रेरणादायक रहे।

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक कार्य- Pilibhit Nari Shakti Club

    कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। डॉ. नीता सुशील अग्रवाल ने अपनी रचना “नारी शक्ति क्लब तो अपना बेमिसाल है…” गीत के रूप में प्रस्तुत की। प्रभा गुप्ता और अनुराधा गुप्ता ने नारी सशक्तिकरण पर कविताएं सुनाकर उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा, स्मिता गुप्ता, सुधा गुप्ता और संगीता गुप्ता ने मजेदार और शिक्षाप्रद खेलों का आयोजन किया, जिसमें मिंटी मंडेर, मोनिका गुप्ता, नीता अग्रवाल सहित कई सदस्य विजेता रहीं।

    सामाजिक योगदान की झलक- Pilibhit Nari Shakti Club

    नारी शक्ति क्लब ने वर्ष 2024-25 में कई उल्लेखनीय कार्य किए। क्लब ने कान्हा गौशाला में गायों के लिए कंबल और गुड़ वितरित किया। नगर निगम के नए हॉल में बच्चियों के लिए मुफ्त कंप्यूटर और पार्लर कोर्स शुरू किए गए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। चंडी अस्पताल में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें रंजीत कौर चंडी का विशेष सहयोग रहा। इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस, तीज महोत्सव और रंगोत्सव जैसे आयोजन भी धूमधाम से मनाए गए।

    भविष्य की योजनाएं- Pilibhit Nari Shakti Club

    क्लब ने भविष्य में बच्चियों के लिए सिलाई प्रशिक्षण और अन्य कौशल विकास कक्षाओं को शुरू करने का संकल्प लिया है। यह कदम युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा।

    नारी शक्ति क्लब की प्रेरणा- Pilibhit Nari Shakti Club

    नारी शक्ति क्लब न केवल पीलीभीत बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह क्लब महिलाओं को एक मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देती हैं। इस दसवें स्थापना दिवस के अवसर पर क्लब ने एक बार फिर सिद्ध किया कि संगठित प्रयासों से समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।

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  • Mainpuri Dowry Death:10 लाख दहेज की मांग, 6 महीने बाद विवाहिता की हत्या – ससुरालवालों ने पीट-पीटकर ली जान!

    Mainpuri Dowry Death:10 लाख दहेज की मांग, 6 महीने बाद विवाहिता की हत्या – ससुरालवालों ने पीट-पीटकर ली जान!

    मैनपुरी: दहेज के दानव फिर एक मासूम बेटी की जिंदगी लील गए। मैनपुरी जनपद के बेवर थाना क्षेत्र (Mainpuri Dowry Death) अंतर्गत ग्राम सैदपुर में एक 20 वर्षीय विवाहिता की ससुराल वालों ने पीट-पीटकर और गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी। आरोप है कि विवाह के कुछ ही महीनों बाद से लगातार 10 लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। Mainpuri Dowry Death

    मृतका की पहचान स्वार्थी देवी पुत्री बाबूलाल निवासी ग्राम चुनूपुर, थाना मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। स्वार्थी की शादी 14 नवंबर 2024 को मुनीष कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज को लेकर स्वार्थी पर अत्याचार शुरू हो गया था। ससुरालवालों की लालच भरी मांगें कभी थमती नहीं थीं। Mainpuri Dowry Death

    ❝11 दिन पहले लौटी थी ससुराल❞

    पीड़िता के भाई सुनील कुमार के अनुसार, “स्वार्थी हमेशा मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत करती थी। कई बार वापस मायके आ जाती थी। परिजनों ने सामाजिक दबाव में समझौता भी करवाया, लेकिन ससुरालवालों का व्यवहार नहीं बदला।” 11 दिन पहले ही वह मायके से ससुराल गई थी और अब उसकी लाश लौटी। Mainpuri Dowry Death

    ❝घटना रात में हुई, सुबह पता चला❞

    पीड़िता की मां सरस्वती देवी ने बताया, “रात को अचानक ससुराल से फोन आया कि स्वार्थी की तबीयत बिगड़ गई है। जब हम पहुंचे तो उसकी लाश बिस्तर पर पड़ी थी और शरीर पर चोट के निशान थे।” Mainpuri Dowry Death

    ❝पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा❞

    सूचना मिलते ही बेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसएचओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दहेज हत्या का लग रहा है। मृतका के परिवार की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष पर IPC की धारा 304B और 498A समेत दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। Mainpuri Dowry Death

    ❝अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द❞

    पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। वीडियो फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।

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  • Maulana Shahabuddin Rajvi: मोदी सरकार के 11 साल होने पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने दी बधाई

    Maulana Shahabuddin Rajvi: मोदी सरकार के 11 साल होने पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने दी बधाई

    बरेली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Rajvi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र सरकार में 11 वर्ष पूर्ण करने पर मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कई योजनाएं शुरू हुईं, जिनका लाभ सभी समुदायों को मिला, और इन योजनाओं में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया।Maulana Shahabuddin Rajvi

    मौलाना रजवी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है, जिससे भारत की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में हिन्दू-मुस्लिम तनाव में गिरावट देखी गई, लेकिन तीसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में नफरत का माहौल दोबारा पनप रहा है, जो चिंताजनक है। Maulana Shahabuddin Rajvi

    उन्होंने साफ किया कि इस तरह की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी को सीधे दोष देना उचित नहीं है, क्योंकि ये घटनाएं छोटे संगठनों और कट्टर सोच के लोगों की वजह से हो रही हैं, जो समाज में नफरत और अस्थिरता फैलाना चाहते हैं। Maulana Shahabuddin Rajvi

    मौलाना रजवी ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद की प्रक्रिया दोबारा शुरू करें, जो पिछले कुछ वर्षों से थमी हुई है। उन्होंने कहा कि संवाद की कमी ने सरकार और मुस्लिम समाज के बीच अविश्वास पैदा किया है।

    उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे अपने दरवाजे मुसलमानों के लिए खोलें और उन्हें विश्वास में लेकर बात करें, ताकि एकजुट भारत की तस्वीर उभर सके।”

    मौलाना रजवी ने मुस्लिम समुदाय से भी आग्रह किया कि वे टकराव की नीति छोड़कर मेल-जोल और सौहार्द का रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक टकराव किसी भी समाज के लिए घातक होता है और यह विकास में बाधा बनता है। उन्होंने सभी समुदायों से आग्रह किया कि वे मिल-जुलकर देश की तरक्की और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाएं।

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  • Etah crime news: संत का बेटा बना दबंगों का निशाना, मंदिर के बाहर जानलेवा हमला

    Etah crime news: संत का बेटा बना दबंगों का निशाना, मंदिर के बाहर जानलेवा हमला

    एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद से सनसनीखेज (Etah crime news) मामला सामने आया है, जहां एक संत के बेटे पर दबंगों ने सरेराह जानलेवा हमला कर दिया। यह वारदात कोतवाली नगर क्षेत्र के अलीगंज रोड मोड़ स्थित सैयद मंदिर की है।

    घायल गोकुल चंद्र, जो संत प्रेम नारायण के पुत्र हैं, पर शीतलपुर के दबंगों ने उस समय हमला कर दिया जब वह मंदिर में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले मंदिर में आयोजित भागवत कथा के दौरान दबंगों ने महिलाओं के साथ अभद्रता की थी, जिसका विरोध संत ने किया था। तभी से रंजिश चल रही थी।

    इस पुरानी दुश्मनी के चलते आज दबंगों ने गोकुल चंद्र पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घायल को तत्काल एटा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

    पिता प्रेम नारायण का कहना है कि दबंगों ने पहले भी धमकी दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

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  • GONDA WEDDING UP STF: गोंडा में यूपी STF और पुलिस बनी घराती, जानिए उदयकुमारी की ऐतिहासिक शादी की कहानी

    GONDA WEDDING UP STF: गोंडा में यूपी STF और पुलिस बनी घराती, जानिए उदयकुमारी की ऐतिहासिक शादी की कहानी

    गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के धन्नीपुरवा गांव में 5 जून 2025 को एक ऐसी शादी (GONDA WEDDING UP STF) हुई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि पूरे प्रदेश में मिसाल कायम की। यह शादी थी उदयकुमारी की, जिसके भाई शिवदीन की बीते 24 अप्रैल 2025 की रात चोरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दुखद घटना ने उदयकुमारी की 5 मई को होने वाली शादी को स्थगित कर दिया था, क्योंकि बदमाशों ने शादी के लिए रखे गहने, नकदी और अन्य सामान लूट लिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और भाई की हत्या के सदमे ने उदयकुमारी की मां शकुंतला और पूरे परिवार को तोड़ दिया था। लेकिन यूपी STF, गोंडा पुलिस और यूपी राज्य महिला आयोग ने इस परिवार को सहारा देकर एक ऐतिहासिक शादी का आयोजन किया। GONDA WEDDING UP STF

    भाई की मौत से टूटा परिवार, पुलिस बनी सहारा- GONDA WEDDING UP STF

    घटना की जानकारी मिलते ही गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया और दो इनामी अपराधियों, सोनू पासी और ज्ञानचंद्र पासी, को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। सोनू पासी पर हत्या, लूट और डकैती जैसे 48 से अधिक मामले दर्ज थे। इस कार्रवाई ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया, लेकिन शादी की आर्थिक तंगी अभी भी एक चुनौती थी। GONDA WEDDING UP STF

    इसी बीच, यूपी STF चीफ अमिताभ यश के निर्देश पर STF के सीओ डीके शाही और उनकी पत्नी, यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही, ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने उदयकुमारी की शादी की पूरी जिम्मेदारी लेने का फैसला किया। गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की पत्नी डॉ. तन्वी जायसवाल ने परिवार को 1.51 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान देकर सहायता प्रदान की। शादी के लिए टेंट, जयमाल स्टेज, सजावट और भोजन की व्यवस्था भी पुलिस और STF ने की। GONDA WEDDING UP STF

    UP STF और पुलिस बनीं ‘घराती’– GONDA WEDDING UP STF

    5 जून को जब दूल्हा प्रदीप कुमार बारात लेकर धन्नीपुरवा पहुंचा, तो गोंडा पुलिस और STF ने घराती की भूमिका निभाई। SP विनीत जायसवाल, डॉ. तन्वी जायसवाल, डीके शाही और ऋतु शाही ने बारात का स्वागत किया और द्वार पूजा जैसे रीति-रिवाज पूरे किए। स्थानीय तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय और जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस समारोह में शामिल हुए। महिला पुलिसकर्मियों ने बहन की भूमिका निभाई, जबकि पुरुष पुलिसकर्मियों ने भाई और परिजनों का रोल अदा किया। GONDA WEDDING UP STF

    यह शादी न केवल उदयकुमारी और उनके परिवार के लिए एक नई शुरुआत थी, बल्कि यह पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक भी बनी। स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। शकुंतला ने भावुक होकर कहा, “पुलिस ने हमारे लिए वह किया, जो कोई अपना भी शायद न कर पाता।” डीके शाही ने बताया कि यह कदम न केवल परिवार की मदद के लिए था, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करने के लिए भी था। GONDA WEDDING UP STF

    यह घटना दर्शाती है कि पुलिस न केवल अपराध से लड़ती है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाती है। गोंडा की इस शादी ने यूपी पुलिस को “मित्र पुलिस” का असली चेहरा बना दिया। यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो मानवता और एकजुटता में विश्वास रखता है। GONDA WEDDING UP STF

  • Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में दूसरी बार मृत्युदंड, 6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी

    Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में दूसरी बार मृत्युदंड, 6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी

    कानपुर देहात: यूपी के कानपुर देहात की जिला एवं सत्र न्यायालय (Kanpur Dehat News) ने एक जघन्य अपराध के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 6 वर्षीय मासूम काव्या की हत्या और परिवार के छह लोगों पर जानलेवा हमले के दोषी दीपू को मृत्युदंड और 15 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह उत्तर प्रदेश में नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दूसरी मृत्युदंड की सजा है, जिसने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। Kanpur Dehat News

    Kanpur Dehat News
    6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    23 जुलाई 2024 की दिल दहलाने वाली घटना- Kanpur Dehat News

    घटना 23 जुलाई 2024 की है, जब औरैया जिले के मुरलीपुर गांव निवासी अभियुक्त दीपू ने पिपरी गांव में एक घर में घुसकर परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में 6 साल की मासूम काव्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला पीड़िता पूजा के दूसरे पति द्वारा किया गया था, जिसने पारिवारिक विवाद के चलते इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही भोगनीपुर थाने की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और अभियुक्त दीपू को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पूछताछ और साक्ष्य संकलन के बाद दीपू को जेल भेज दिया। विवेचक ने निष्पक्ष जांच के साथ सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।

    कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- Kanpur Dehat News

    एडीजे-6 और स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने 10 महीने 13 दिन की सुनवाई के बाद 64 पेज के विस्तृत फैसले में दीपू को दोषी ठहराया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर उसे मृत्युदंड और 15 लाख 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। परिवार ने कहा, “हमें अब न्याय मिला है।”

    कानपुर देहात में दूसरी मृत्युदंड सजाज- Kanpur Dehat News

    यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में BNS के तहत दूसरी मृत्युदंड की सजा है। कोर्ट के इस कठोर निर्णय ने समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश दिया है। कानपुर देहात पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले में न्याय सुनिश्चित किया। Kanpur Dehat News

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  • Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

    Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

    नई दिल्ली: 4 जून 2025 की शाम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर एक पर मची भगदड़ (Chinnaswamy Stadium Stampede) में 11 लोगों की जान चली गई और 33 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब RCB की टीम कर्नाटक विधानसभा भवन में सम्मान समारोह में हिस्सा ले रही थी। इस त्रासदी ने न केवल बेंगलुरु को झकझोर दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए। आखिर इस भगदड़ का जिम्मेदार कौन है? क्या इस हादसे को रोका जा सकता था? आइए, इस हादसे की तह तक जाते हैं और उन कारणों को समझते हैं, जिन्होंने एक खुशी के मौके को मातम में बदल दिया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    क्या हुआ उस दिन?

    3 जून 2025 को RCB ने IPL 2025 का खिताब जीतकर 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। बेंगलुरु में इस जीत का जश्न मनाने के लिए प्रशंसकों का उत्साह चरम पर था। RCB मैनेजमेंट ने 4 जून की सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक विक्ट्री परेड की घोषणा की, जो विधानसभा भवन से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जानी थी। दोपहर 3:15 बजे, उन्होंने एक्स पर परेड के टिकटों का विज्ञापन भी पोस्ट किया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    लेकिन इस घोषणा के साथ ही भ्रम की स्थिति शुरू हो गई। बेंगलुरु पुलिस ने दावा किया कि कोई ओपन-टॉप बस परेड नहीं होगी, बल्कि स्टेडियम के अंदर एक समारोह आयोजित किया जाएगा। फिर भी, लाखों प्रशंसक परेड की उम्मीद में स्टेडियम के आसपास जमा होने लगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बाद में बताया कि स्टेडियम के बाहर 2-3 लाख लोग जमा थे, जबकि इसकी क्षमता केवल 35-40 हजार है। Chinnaswamy Stadium Stampede

    शाम को, जब RCB की टीम विधानसभा में सम्मान समारोह में व्यस्त थी, चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर एक पर भीड़ बेकाबू हो गई। प्रशंसक बिना टिकट के स्टेडियम में घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान एक अस्थायी संरचना भीड़ के दबाव में ढह गई, जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिसने हालात को और बिगाड़ दिया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    लापरवाही के कई चेहरे

    इस हादसे ने पुलिस, प्रशासन, RCB मैनेजमेंट, और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आइए, इनकी भूमिका को समझते हैं:-

    1. पुलिस की नाकामी:
      बेंगलुरु सेंट्रल के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) शेखर एच. टेकान्नवर पर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, और रूट प्लानिंग की जिम्मेदारी थी। लेकिन, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या परेड को अनुमति दी गई थी। अगर अनुमति थी, तो इतनी बड़ी भीड़ को संभालने की क्या व्यवस्था थी? और अगर अनुमति नहीं थी, तो यह जानकारी प्रशंसकों तक क्यों नहीं पहुंचाई गई? स्टेडियम के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। न ही बैरिकेडिंग की गई और न ही ड्रोन या CCTV का उपयोग किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे भगदड़ और बिगड़ गई।
    2. RCB मैनेजमेंट की गलती:
      RCB ने सुबह परेड की घोषणा की, लेकिन दोपहर तक यह साफ नहीं हुआ कि परेड होगी या नहीं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स ने प्रशंसकों में उत्साह तो बढ़ाया, लेकिन भ्रम भी पैदा किया। अगर परेड रद्द हो चुकी थी, तो इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई? RCB ने बाद में हादसे पर दुख जताया, लेकिन उनकी खराब योजना ने इस त्रासदी को जन्म देने में अहम भूमिका निभाई।
    3. प्रशासन और KSCA की चूक:
      कर्नाटक सरकार और KSCA ने इस आयोजन को भव्य बनाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, RCB की जीत के बाद शहर में फैली दीवानगी को देखते हुए क्या इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता था? जिला सूचना विभाग ने परेड रद्द होने की जानकारी समय पर नहीं दी। अगर यह स्पष्ट कर दिया जाता कि परेड नहीं होगी, तो शायद लाखों लोग स्टेडियम के बाहर नहीं जमा होते।

    हादसे के कारण – Chinnaswamy Stadium Stampede

    इस त्रासदी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:-

    • सूचना का अभाव: परेड के बारे में बार-बार बदलती जानकारी ने प्रशंसकों में भ्रम पैदा किया।
    • भीड़ प्रबंधन की कमी: स्टेडियम की सीमित क्षमता के बावजूद लाखों लोगों को जमा होने दिया गया।
    • खराब योजना: RCB मैनेजमेंट और KSCA ने आयोजन का रूट मैप या समय सारिणी पहले से तैयार नहीं की।
    • पुलिस की गलतियां: लाठीचार्ज और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था ने स्थिति को और खराब किया।

    प्रशासन और RCB का रुख

    हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए, जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों में जमा करने को कहा गया है। Chinnaswamy Stadium Stampede

    भगदड़ के दौरान बेहोश बच्चे को उठाकर भीड़ से दूर ले जाता पुलिसकर्मी. (फोटो- सोशल मीडिया)

    RCB और KSCA ने संयुक्त बयान में हादसे पर दुख जताया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। RCB के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा, “यह हादसा बेहद दुखद है। मेरे पास शब्द नहीं हैं।” लेकिन, कई प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि जब बाहर भगदड़ में लोग मर रहे थे, तब स्टेडियम के अंदर समारोह क्यों जारी रहा?

    अनुत्तरित सवाल

    1. अनियंत्रित भीड़: जब स्टेडियम की क्षमता 35-40 हजार थी, तो 2-3 लाख लोगों को जमा होने की अनुमति कैसे दी गई?
    2. पूर्वानुमान की कमी: RCB की जीत के बाद प्रशंसकों का उत्साह देखते हुए भीड़ का अंदाजा क्यों नहीं लगाया गया?
    3. प्रबंधन की कमी: बैरिकेडिंग, ड्रोन, या CCTV का उपयोग क्यों नहीं किया गया?
    4. सूचना में देरी: परेड रद्द होने की जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई?

    क्या यह हादसा टाला जा सकता था?

    हां, यह हादसा टाला जा सकता था। अगर पुलिस, RCB मैनेजमेंट, और KSCA ने मिलकर एक ठोस योजना बनाई होती, तो यह त्रासदी शायद न होती। एक स्पष्ट रूट मैप, समय सारिणी, और भीड़ प्रबंधन की रणनीति तैयार की जा सकती थी। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर दी जा सकती थी।

  • KALPVRIKSHA TREE IN INDIA: औरैया के भूरेपुर खुर्द में मौजूद देववृक्ष से जुड़ी पौराणिक और वैज्ञानिक मान्यताएं

    KALPVRIKSHA TREE IN INDIA: औरैया के भूरेपुर खुर्द में मौजूद देववृक्ष से जुड़ी पौराणिक और वैज्ञानिक मान्यताएं

    औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की ग्राम पंचायत अयाना में बसा भूरेपुर खुर्द गांव यमुना नदी के किनारे अपनी (KALPVRIKSHA TREE IN INDIA) ऐतिहासिक और पौराणिक कहानियों के लिए जाना जाता है. इस छोटे से गांव में प्रकृति का एक अनमोल रत्न छिपा है—कल्पवृक्ष, जो न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अद्वितीय है. गांव के निवासियों का कहना है कि औरैया में शायद ही कहीं और ऐसा वृक्ष देखने को मिले. उत्तर प्रदेश में यह पेड़ कुछ ही स्थानों जैसे प्रयागराज, हमीरपुर, और बाराबंकी में पाया जाता है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है. आइए, इस लेख में हम इस रहस्यमयी वृक्ष की कहानी, इसके पौराणिक महत्व, वैज्ञानिक पहलुओं, और औषधीय गुणों को विस्तार से जानते हैं. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    Kalpvriksha tree in India
    यमुना नदी के किनारे बसे भूरेपुर खुर्द गांव में कल्पवृक्ष का रहस्य. (Photo Credit- Nation Now Samachar)

    कल्पवृक्ष का पौराणिक महत्व- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    हिंदू धर्म में कल्पवृक्ष को स्वर्ग का विशेष वृक्ष माना जाता है. पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्नों में से एक के रूप में कल्पवृक्ष की उत्पत्ति हुई थी. इसे देवराज इंद्र को भेंट किया गया था, जिन्होंने इसे हिमालय के उत्तरी क्षेत्र में ‘सुरकानन वन’ में स्थापित किया. पद्मपुराण में इसे परिजात वृक्ष के रूप में भी पहचाना गया है. मान्यता है कि इस वृक्ष के नीचे सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, क्योंकि यह अपार सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    स्थानीय लोग बताते हैं कि भूरेपुर खुर्द का यह कल्पवृक्ष न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी हिस्सा है. श्रद्धालु इसकी छाया में बैठकर प्रार्थना करते हैं और अपनी इच्छाओं को पूर्ण होने की उम्मीद रखते हैं. इसकी शाखाएं और पत्तियां भी लोगों के लिए पवित्र मानी जाती हैं.

    वैज्ञानिक पहलू: ओलिया कस्पिडाटा और बंबोकेसी- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष का वैज्ञानिक नाम ओलिया कस्पिडाटा (Adansonia digitata) है, और यह ओलिएसी कुल का हिस्सा है. भारत में इसे वानस्पतिक रूप से बंबोकेसी के नाम से जाना जाता है. इस वृक्ष को पहली बार 1775 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक माइकल अडनसन ने अफ्रीका के सेनेगल में खोजा था, जिसके बाद इसका नाम अडनसोनिया टेटा रखा गया. इसे बाओबाब वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है. यह पेड़ यूरोप के फ्रांस और इटली, दक्षिण अफ्रीका, और ऑस्ट्रेलिया में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    KALPVRIKSHA TREE IN INDIA
    भूरेपुर खुर्द गांव में कल्पवृक्ष आकर्षण का केंद्र बना. (Photo Credit – Nation Now Samachar)

    भारत में यह वृक्ष दुर्लभ है और केवल कुछ चुनिंदा स्थानों जैसे रांची, अल्मोड़ा, काशी, नर्मदा नदी के किनारे, कर्नाटक, और उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, हमीरपुर और अब औरैया में देखने को मिलता है. भूरेपुर खुर्द का यह वृक्ष अपनी विशालता और लंबी आयु के लिए प्रसिद्ध है. कार्बन डेटिंग के अनुसार, इस तरह के वृक्षों की आयु 2,000 से 6,000 वर्ष तक हो सकती है. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष की अनोखी विशेषताएं- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष की संरचना इसे अन्य वृक्षों से अलग बनाती है. इसकी लकड़ी में पानी की मात्रा लगभग 79% होती है, जिसके कारण यह सीधा और मजबूत रहता है. इसका तना मोटा और खोखला होता है, जो इसे 1 लाख लीटर से अधिक पानी संग्रह करने की क्षमता देता है. यही कारण है कि इसे ‘जीवन का वृक्ष’ भी कहा जाता है. इसकी छाल से रंगरेज रंजक (डाई) बनाते हैं, और इसका उपयोग चीजों को सघन करने में भी किया जाता है.

    इसके अलावा, यह वृक्ष औषधीय गुणों से भरपूर है. इसकी पत्तियों को धोकर या उबालकर खाया जा सकता है, जबकि छाल, फल, और फूलों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में होता है. इसमें संतरे से छह गुना अधिक विटामिन सी और गाय के दूध से दोगुना कैल्शियम पाया जाता है, जो इसे एक औषधीय खजाना बनाता है.

    भूरेपुर खुर्द में कल्पवृक्ष का महत्व- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    भूरेपुर खुर्द के निवासियों के लिए यह वृक्ष केवल एक पेड़ नहीं बल्कि उनकी आस्था और गर्व का प्रतीक है. गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस वृक्ष की मौजूदगी ने गांव को एक विशेष पहचान दी है. यमुना नदी के किनारे बसे इस गांव में आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु इस वृक्ष को देखने और इसके नीचे ध्यान लगाने के लिए आते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि इसकी सकारात्मक ऊर्जा न केवल मन को शांति देती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है.

    संरक्षण की जरूरत- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष जैसी दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण आज के समय में अत्यंत आवश्यक है. भूरेपुर खुर्द का यह वृक्ष न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण है. वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसके संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए. अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से इस प्रजाति को अन्य क्षेत्रों में भी रोपित करने की पहल होनी चाहिए, ताकि यह विलुप्त होने से बचे.

    अन्य क्षेत्रों में कल्पवृक्ष

    उत्तर प्रदेश के अलावा, भारत में यह वृक्ष रांची के दोरांडा क्षेत्र, ग्वालियर के कोलारस, और राजस्थान के मांगलियावास जैसे स्थानों पर पाया जाता है। बाराबंकी के बोरोलिया में मौजूद परिजात वृक्ष को भी कल्पवृक्ष माना जाता है, जिसकी आयु 5,000 वर्ष से अधिक बताई गई है। इन सभी स्थानों पर यह वृक्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

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    सोर्स- कल्पवृक्ष का पौराणिक महत्व

  • UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. गर्मी की तपिश से (UP WEATHER ALERT) परेशान लोगों को बारिश और तेज हवाओं ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार, 25 मई 2025 को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इस अलर्ट में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. आइए, जानते हैं इस मौसम परिवर्तन के बारे में विस्तार से.

    मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और आंधी की संभावना- UP WEATHER ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा. खास तौर पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है. इन जिलों में शामिल हैं: UP WEATHER ALERT.

    • पूर्वी उत्तर प्रदेश: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं.
    • मध्य उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर.

    इन जिलों में बारिश के साथ-साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा, मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. UP WEATHER ALERT

    गर्मी से राहत, लेकिन बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका- UP WEATHER ALERT

    पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप था. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग परेशान थे. लेकिन अब बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बारिश ने किसानों को भी राहत दी है. हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा दिया है. पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और बिजली गिरने की घटनाएं कुछ इलाकों में सामने आई हैं.

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंची जगहों पर न रहें. बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जरूरी है. इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

    मौसम परिवर्तन के कारण- UP WEATHER ALERT

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवातीय गतिविधियों का परिणाम है. बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिसके कारण बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन रही है. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर गर्मी और नमी के मिश्रण से आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है. यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.

    सावधानियां और सुझाव- UP WEATHER ALERT

    मौसम विभाग ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

    1. बिजली गिरने से बचाव: बारिश के दौरान खुले मैदानों में न रहें। अगर बाहर हैं, तो किसी सुरक्षित इमारत या गाड़ी में शरण लें.
    2. तेज हवाओं से सतर्कता: कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें.
    3. यात्रा में सावधानी: बारिश और आंधी के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है। ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें.
    4. किसानों के लिए सलाह: फसलों को तेज हवाओं और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंधन करें.

    मौसम का असर और भविष्य की संभावना

    मौसम के इस बदलाव का असर न केवल आम लोगों पर, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है. बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ी है, वहीं बिजली गिरने और आंधी से नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24-48 घंटों में मौसम का यह मिजाज बना रहेगा. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.

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    सोर्स- ETV BHARAT , JAGRAN

  • WEEKLY RASHIFAL: जानिए इस हफ्ते कैसा रहेगा आपके सितारों का साथ?

    WEEKLY RASHIFAL: जानिए इस हफ्ते कैसा रहेगा आपके सितारों का साथ?

    इस सप्ताह का राशिफल जानें- सभी 12 राशियों के लिए प्रेम, करियर, स्वास्थ्य (WEEKLY RASHIFAL) और वित्त से जुड़ी भविष्यवाणिया. जानिए शुभ अंक, शुभ रंग और किस अक्षर से शुरू होने वाले नाम वालों के लिए क्या रहेगा खास.

    ♈ मेष (Aries)
    (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
    यह सप्ताह आपके आत्मबल और दृढ़ संकल्प को मजबूती देगा। करियर में उत्साहजनक मौके मिल सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात आनंददायक रहेगी। छात्रों को मेहनत के अनुरूप सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ समय बिताने से रिश्ते और गहरे होंगे। पेट संबंधी कष्टों से बचने के लिए खानपान पर ध्यान दें।
    शुभ अंक: 9
    शुभ रंग: लाल

    ♉ वृषभ (Taurus)
    (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

    आर्थिक मामलों में सुधार की संभावना है, रुके हुए पैसे मिल सकते हैं। घर में कोई मांगलिक कार्य या आयोजन संभव है। कार्यक्षेत्र में आपके सुझावों को सराहा जाएगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी, पर जल्दबाजी से बचें। शत्रु पक्ष कमजोर रहेगा, आप मजबूत स्थिति में रहेंगे। वाहन चलाते समय सावधानी आवश्यक है।
    शुभ अंक: 6
    शुभ रंग: सफेद

    ♊ मिथुन (Gemini)
    (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

    इस सप्ताह मानसिक शांति बनी रहेगी, और रचनात्मक विचारों में वृद्धि होगी। कामकाज में नई योजना का शुभारंभ हो सकता है। भाई-बहनों से सहयोग प्राप्त होगा। छात्रों के लिए समय चुनौतिपूर्ण हो सकता है, फोकस बनाएं रखें। यात्राएं लाभदायक रहेंगी, खासकर व्यावसायिक। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी लापरवाही नुकसान पहुँचा सकती है।
    शुभ अंक: 5
    शुभ रंग: हरा

    ♋ कर्क (Cancer)
    (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

    आर्थिक रूप से सप्ताह अच्छा रहेगा, आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने रिश्तों में फिर से संवाद की संभावना है। परिवार में किसी की तबीयत को लेकर चिंता हो सकती है। सरकारी कार्यों में रुकावट आ सकती है, धैर्य रखें। बच्चों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। भावनाओं में बहने से बचें, ठोस निर्णय लें।
    शुभ अंक: 2
    शुभ रंग: सिल्वर

    ♌ सिंह (Leo)
    (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

    नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं, जो आगे सफलता दिलाएंगी। साहस और आत्मविश्वास के बल पर लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक मामलों में समझदारी से काम लें। प्रेमीजन से मुलाकात हो सकती है, पर भावनात्मक असंतुलन से बचें। व्यर्थ के विवादों से दूरी बनाना बेहतर रहेगा। वाहन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में दिक्कत आ सकती है।
    शुभ अंक: 1
    शुभ रंग: सुनहरा

    ♍ कन्या (Virgo)
    (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

    सप्ताह की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है लेकिन धीरे-धीरे प्रगति दिखेगी। आर्थिक मामलों में सतर्कता आवश्यक है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी से मान-सम्मान बढ़ेगा। संतान से जुड़ी कोई चिंता मन को विचलित कर सकती है। कार्यक्षेत्र में ईमानदारी का फल मिलेगा। पुराने रोग उभर सकते हैं, चिकित्सा में लापरवाही न करें।
    शुभ अंक: 7
    शुभ रंग: हरा

    ♎ तुला (Libra)
    (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
    इस सप्ताह व्यापारिक मामलों में लाभ की स्थिति बन सकती है। वैवाहिक जीवन में तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। कोई पुराना विवाद निपट सकता है जिससे मानसिक राहत मिलेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी होगी। मित्रों से सहयोग मिलेगा। हड्डियों या जोड़ों में परेशानी हो सकती है।
    शुभ अंक: 6
    शुभ रंग: क्रीम

    ♏ वृश्चिक (Scorpio)
    (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

    सप्ताह उत्साह और उमंग से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और सहयोगियों का समर्थन मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम संबंधों में नयापन आएगा। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में प्रगति होगी। शत्रु सक्रिय रह सकते हैं, सतर्क रहें।
    शुभ अंक: 8
    शुभ रंग: लाल

    ♐ धनु (Sagittarius)
    (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)

    आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा, जिससे हर काम में सफलता मिलेगी। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। छात्रों को परीक्षा में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। जीवनसाथी से भावनात्मक सहयोग मिलेगा। सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
    शुभ अंक: 3
    शुभ रंग: पीला

    ♑ मकर (Capricorn)
    (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

    नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई भूमिका मिल सकती है। घर में किसी धार्मिक आयोजन की संभावना है। धन की स्थिति सामान्य रहेगी, फालतू खर्च से बचें। बच्चों की प्रगति से प्रसन्नता होगी। निजी रिश्तों में पारदर्शिता जरूरी होगी। थकान या रक्तचाप की समस्या हो सकती है।
    शुभ अंक: 4
    शुभ रंग: नीला

    ♒ कुम्भ (Aquarius)
    (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

    इस सप्ताह नई योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। प्रोफेशनल मामलों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ संबंधों में सुधार आएगा। किसी पुराने मित्र से सहयोग मिल सकता है। बुजुर्गों की सेहत पर ध्यान देना होगा। मन कभी-कभी विचलित रहेगा, ध्यान या योग लाभकारी रहेगा।
    शुभ अंक: 8
    शुभ रंग: बैंगनी

    ♓ मीन (Pisces)
    (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

    इस सप्ताह पारिवारिक और व्यक्तिगत दोनों ही क्षेत्रों में संतुलन बना रहेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं, धन लाभ के योग हैं। विद्यार्थियों को विदेश से संबंधित अवसर मिल सकते हैं। रचनात्मक कामों में मन लगेगा। संतान पक्ष से सुख मिलेगा। मौसम के अनुसार स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा।
    शुभ अंक: 2
    शुभ रंग: गुलाबी