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  • सौरभ हत्याकांड: जेल में पहली बार साहिल से मिला उसका भाई, मीडिया से रहा दूर- MEERUT SAURABH HATYAKAND

    सौरभ हत्याकांड: जेल में पहली बार साहिल से मिला उसका भाई, मीडिया से रहा दूर- MEERUT SAURABH HATYAKAND

    मेरठ: चर्चित सौरभ हत्याकांड (MEERUT SAURABH HATYAKAND) में बंद साहिल शुक्ला से शनिवार को पहली बार उसका भाई मिलने जेल पहुंचा. चौधरी चरण सिंह जिला जेल में 19 मार्च से बंद साहिल से अब तक केवल उसकी नानी ही मिलने आती थीं, लेकिन आज पहली बार साहिल का भाई दिव्यांश उससे मिलने पहुंचा, जो मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रहा.

    10 मिनट की मुलाकात, कोई बातचीत नहीं

    जेल सूत्रों के अनुसार, दिव्यांश ने जेल के अंदर साहिल से करीब 10 मिनट तक मुलाकात की. मुलाकात के बाद जब वह बाहर आया, तो मीडिया कर्मियों ने सवाल करने की कोशिश की लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उसने केवल इतना कहा कि वह कुछ खाने-पीने की चीजें लेकर आया था.

    बाल कटवाने के बाद बदल गया लुक

    जेल में दाखिल होने से पहले साहिल की जटाएं थीं, लेकिन जेल में दाखिल होने के दूसरे ही दिन उसके ढाई फुट लंबे बाल काट दिए गए. यह बदलाव भी इस केस को लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

    प्रेमिका के साथ हत्या का आरोप

    साहिल पर आरोप है कि उसने अपनी प्रेमिका मुस्कान रस्तोगी के साथ मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की. हत्या की साजिश रचने, सौरभ को नशीली दवा देकर मारने और शव के टुकड़े-टुकड़े करके ड्रम में छिपाने का आरोप है. दोनों आरोपित हत्या के बाद हिमाचल प्रदेश भाग गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

    मीडिया से बचता रहा परिवार

    साहिल के भाई दिव्यांश की मीडिया से दूरी यह संकेत देती है कि परिवार अब इस संवेदनशील मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं देना चाहता. हालांकि इससे पहले साहिल की नानी नियमित रूप से उससे मिलने जेल आती रही हैं.

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  • भारत का पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार, कई मायनों में ऐतिहासिक रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’- OPERATION SINDOOR

    भारत का पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार, कई मायनों में ऐतिहासिक रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’- OPERATION SINDOOR

    नई दिल्ली: भारत ने 7 मई को आतंकवाद के खिलाफ इतिहास रचते हुए पाकिस्तान के (OPERATION SINDOOR) अंदर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे गहरा सैन्य प्रहार किया. इस साहसिक और सटीक अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो केवल एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक सोच, तकनीकी ताकत और त्रिस्तरीय सैन्य समन्वय का प्रतीक बन गया.

    पहलगाम हमले का प्रतिशोध था OPERATION SINDOOR

    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 1 नेपाली नागरिक भी शामिल था, जबकि 17 लोग घायल हुए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी समय देश से वादा किया था कि इस हमले के दोषियों को दंड मिलेगा. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसी वादे को निभाने का निर्णायक प्रमाण बन गया.

    थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई

    1971 के बाद पहली बार भारत की तीनों सेनाओं—थलसेना, वायुसेना और नौसेना—ने मिलकर पाकिस्तान के भीतर गहराई तक एक साथ सैन्य कार्रवाई की. यह एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने भारतीय सेना की एकजुटता, रणनीतिक सोच और तकनीकी दक्षता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया.

    बहावलपुर और मुरिदके के आतंकी अड्डे तबाह

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुरिदके, बहावलपुर, और सियालकोट जैसे आतंकी गढ़ों को निशाना बनाया गया. यहां मौजूद जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के प्रशिक्षण शिविरों, मुख्यालयों और लॉजिस्टिक सपोर्ट ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए. इस कार्रवाई में 9 बड़े आतंकी अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया.

    अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग

    भारत ने इस ऑपरेशन में पहली बार अपने आधुनिकतम हथियारों का खुला प्रयोग किया. इसमें शामिल थे:

    • SCALP क्रूज मिसाइलें
    • HAMMER स्मार्ट बम
    • लॉइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन

    इन हथियारों ने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को अप्रभावी बना दिया और लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया.

    आतंकी नेटवर्क की कमर टूटी

    इस ऑपरेशन के तहत दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इनमें वे आतंकी भी शामिल हैं जो 2001 संसद हमला, 26/11 मुंबई हमला और 2025 पहलगाम हमले में शामिल रहे हैं. भारत ने पहली बार केवल ढांचे को नहीं, बल्कि लीडरशिप टारगेटिंग की रणनीति अपनाई, जिसमें आतंकी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को समाप्त करना प्राथमिकता रही.

    आतंकियों के संरक्षकों को खुली चेतावनी

    ऑपरेशन सिंदूर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति के साथ आतंक के स्रोत पर सर्जिकल प्रहार करेगा—चाहे वह दुश्मन की जमीन पर कितनी भी गहराई में हो. यह पहली बार है जब किसी देश ने एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के भीतर खुले रूप में इतनी गहराई तक सफल सैन्य कार्रवाई की.

    प्रधानमंत्री मोदी का वादा निभा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद देशवासियों से जो वादा किया था, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने उसे बखूबी निभाया. यह केवल एक जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, रणनीतिक आत्मनिर्भरता और सशक्त सैन्य दृष्टिकोण की घोषणा बन गया है.

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    SOURCE- NDTV INDIA, DAINIK BHASKAR

  • औरैया में गूंजा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जयघोष: पूर्व सैनिकों ने कहा- पाकिस्तान-चीन मिल जाएं तब भी नहीं झुकेगा भारत- AURAIYA NEWS

    औरैया में गूंजा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जयघोष: पूर्व सैनिकों ने कहा- पाकिस्तान-चीन मिल जाएं तब भी नहीं झुकेगा भारत- AURAIYA NEWS

    औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पूर्व सैनिकों और कवियों ने (AURAIYA NEWS) एकजुट होकर भारत की सैन्य कार्रवाई को सराहा और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए. शहीद पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में सेना के समर्थन में आवाज बुलंद की गई और यह संदेश दिया गया कि चाहे पाकिस्तान हो या चीन, भारत का झुकना अब असंभव है.

    ऑपरेशन सिंदूर’ ने बढ़ाया देश का गौरव– AURAIYA NEWS

    कार्यक्रम का आयोजन उस समय हुआ जब भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी शिविरों पर मिसाइल हमले कर कई ठिकानों को नष्ट कर दिया. यह ऑपरेशन पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई वीभत्स घटनाओं, जिनमें महिलाओं के सिंदूर उजाड़े गए थे, के जवाब में किया गया.

    पूर्व सैनिकों का संकल्प: “जरूरत पड़ी तो सीमा पर जाएंगे फिर से लड़ने”

    पूर्व सैनिक और भारत प्रेरणा मंच के अध्यक्ष अविनाश अग्निहोत्री ने कहा कि देश के लिए उन्होंने पहले भी सीमा पर लड़ा है और यदि जरूरत पड़ी तो फिर से लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की नींव हिल चुकी है. अब वह भयभीत है और उसे भयभीत होना भी चाहिए. इस बार उसका सफाया तय है.” (AURAIYA NEWS)

    Auraiya News
    औरैया में पूर्व सैनिकों और कवियों ने भरी हुंकार (Photo- Nation Now Samachar)

    वीर रस की कविताओं से गूंजा शहीद पार्क

    कवि अजय शुक्ला ‘अंजाम’ ने कहा कि यह आतंकवाद पाकिस्तान प्रायोजित है और भारत ने अब तक सहन किया है, लेकिन अब जवाब देने का वक्त है. उन्होंने कहा, “पहले हमने क्षमा की, पर इस बार हमारी बहनों के सामने उनके सुहाग उजाड़े गए. अब देश ने ठान लिया है कि जवाब ऐसा होगा जो सदियों तक याद रखा जाएगा.”

    “पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त आ गया है”

    कार्यक्रम में भारत की रणनीति की भी सराहना की गई. अजय शुक्ला ने कहा, “12 दिन की तैयारी के बाद जो हमला हुआ, उससे लाहौर, कराची, रावलपिंडी और इस्लामाबाद सब दहल गए हैं. अब पाकिस्तान को महसूस हो रहा है कि उसने किस दुश्मन से पंगा लिया है.”

    एक स्वर में बोले सैनिक और नागरिक: “हिंदुस्तान जिंदाबाद”

    कार्यक्रम के दौरान ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे भी लगे. जनमानस में जोश इस बात का संकेत था कि भारत अब कमजोर नहीं, बल्कि आक्रामक और निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार राष्ट्र है.

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  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में तबाही, यूसुफ अजहर समेत पांच टॉप आतंकी ढेर- JeM LeT TERRORISTS KILLED

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में तबाही, यूसुफ अजहर समेत पांच टॉप आतंकी ढेर- JeM LeT TERRORISTS KILLED

    नई दिल्ली: भारतीय सेना ने 7 मई को सुबह 1:30 बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत (JeM LeT TERRORISTS KILLED) पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर एक साथ हमला किया. यह कार्रवाई हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई थी और इसमें लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के कई शीर्ष आतंकी मारे गए. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन में करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की संभावना है.

    हमले में मारे गए पांच खतरनाक आतंकी (JeM LeT TERRORISTS KILLED)

    1- मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल
    मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान खास पाकिस्तान के लिए विशेष महत्व रखता था. उसकी मौत के बाद पाकिस्तानी सेना ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया और नमाज एक सरकारी स्कूल में पढ़ी गई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी शामिल हुए. यह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकियों को खुलेआम सम्मान देती है.

    2- हाफिज मुहम्मद जमील
    जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हाफिज मुहम्मद जमील, मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था. वह बहावलपुर में स्थित मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी था. वह युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें फिदायीन बनाता और संगठन के लिए फंड जुटाता था. भारतीय सेना ने उसके ठिकाने को ऑपरेशन सिंदूर में पूरी तरह तबाह कर दिया.

    3- मोहम्मद यूसुफ अजहर
    यूसुफ अजहर, जिसे उस्ताद जी और मोहम्मद सलीम के नाम से भी जाना जाता था, IC-814 विमान अपहरण कांड में भारत का वांछित आतंकवादी था. वह जैश के लिए हथियार प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालता था और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना बनाता था. उसकी मौत से जैश को गहरा झटका लगा है.

    4- खालिद उर्फ अबू अकाशा
    लश्कर का यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में संलिप्त रहा था और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी भूमिका निभाता था. उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए.

    5- मोहम्मद हसन खान
    जैश का यह ऑपरेशनल कमांडर, मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था. वह पीओके से भारत में हमलों के समन्वयन में सक्रिय भूमिका निभाता था. उसकी मौत जैश की कमांड संरचना के लिए बड़ा झटका है.

    एयर स्ट्राइक के निशाने पर कौन-कौन से आतंकी ठिकाने थे?

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने कुल 9 लोकेशन पर 24 से अधिक हमले किए. इनमें चार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में और पांच पीओके में स्थित थे.

    पाकिस्तान में निशाने पर रहे स्थान:

    • बहावलपुर का जैश मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह
    • मुरीदके का लश्कर मुख्यालय मरकज तैयबा
    • सियालकोट का जैश कैंप सरजल
    • हिजबुल का महमूना कैंप

    पीओके में नष्ट किए गए शिविर:

    • कोटली का बॉम्बर कैंप
    • गुलपुर कैंप
    • मुजफ्फराबाद का सवाई कैंप
    • जैश का बिलाल कैंप
    • भीमबेर का बरनाला टेरर कैंप

    पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिस तरह से पाकिस्तान के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मारे गए आतंकियों के जनाजों में शामिल हुए, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान का दावा कि वह आतंक का समर्थन नहीं करता—पूरी तरह से झूठा है. यह कार्रवाई भारत के लिए सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक जीत भी है.

    ये भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

  • ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

    ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

    लखनऊ/राजौरी: भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में पाकिस्तान की तरफ से की गई कायराना गोलाबारी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक बड़ा प्रशासनिक नुकसान (OPERATION SINDOOR INDIA) पहुंचाया है. इस हमले में जिले के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (ADC) डॉ. राजकुमार थापा शहीद हो गए. वह जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारी थे और इससे पहले डॉक्टर भी रह चुके थे.

    शनिवार तड़के पाकिस्तान ने राजौरी सहित कई सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल अटैक किए. राजौरी में तैनात डॉ. राजकुमार थापा अपने घर में मौजूद थे, तभी एक गोला उनके घर पर गिरा. शुरुआती धमाके के बाद वे बाहर निकले, फिर लौटकर अपने कमरे में गए, तभी दूसरा गोला सीधे उनके कमरे पर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

    OPERATION SINDOOR INDIA- कौन थे डॉ. राजकुमार थापा?

    डॉ. राजकुमार थापा का जन्म 28 अप्रैल 1971 को हुआ था. उनके पिता का नाम दुर्गा दास है. थापा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी और उसके बाद 2001 में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए. 2010 में वे IAS स्तर पर पदोन्नत हुए और वर्तमान में वे राजौरी में ADC के रूप में कार्यरत थे. उनका प्रशासनिक और चिकित्सा सेवा का अनुभव उन्हें एक उत्कृष्ट अधिकारी बनाता था.

    सीएम उमर अब्दुल्ला ने दी श्रद्धांजलि

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थापा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और स्वयं उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “डॉ. राजकुमार थापा (JKAS, ADC राजौरी) के परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है. उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा. सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है.”

    घायल हुए अन्य कर्मचारी

    इस हमले में थापा के साथ दो और कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. अस्पताल में उनका इलाज जारी है. सरकार ने उनके उपचार की पूरी व्यवस्था की है.

    इलाके में शोक की लहर

    राजौरी जिले में थापा की शहादत के बाद से शोक की लहर है. स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और सोशल मीडिया पर उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं. उनका योगदान न केवल प्रशासनिक क्षेत्र में, बल्कि मानवीय सेवा के क्षेत्र में भी अनुकरणीय था.

    सरकार ने की निंदा

    केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन ने पाकिस्तान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है. इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताते हुए कहा गया कि भारत ऐसी किसी भी कार्रवाई का करारा जवाब देगा.

    ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
    गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे. इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला गया है और सीमाओं पर तनाव बढ़ गया है.

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    भारत का रुख संतुलित और जिम्मेदाराना: जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से की चर्चा- INDIA US FOREIGN TALKS

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (INDIA US FOREIGN TALKS) से टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात, क्षेत्रीय स्थिरता और आगे के संवाद के विकल्पों पर विचार साझा किया.

    जयशंकर ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया, “आज सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बातचीत हुई. भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही संतुलित और जिम्मेदाराना रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा.”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और अधिक गहरा हो गया है. भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले और पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों की नाकाम कोशिशों ने इस स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है.

    अमेरिका की भूमिका और रुख- INDIA US FOREIGN TALKS

    अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि रुबियो ने दोनों देशों से अपील की है कि वे तनाव को कम करें और गलतफहमियों से बचने के लिए प्रत्यक्ष संवाद की दिशा में ठोस कदम उठाएं. उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत को समर्थन देने के लिए तैयार है.

    ब्रूस ने यह भी जोड़ा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की टकराव की स्थिति से बचने के लिए आपसी संवाद और रणनीतिक स्थिरता आवश्यक है. यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने भारत-पाक संकट के समय मध्यस्थता या समर्थन की पेशकश की है, लेकिन भारत का हमेशा स्पष्ट रुख रहा है कि यह द्विपक्षीय मुद्दा है और समाधान भी द्विपक्षीय स्तर पर ही निकलना चाहिए.

    भारत की संतुलित रणनीति– INDIA US FOREIGN TALKS

    जयशंकर का बयान भारत की पारंपरिक विदेश नीति की पुष्टि करता है, जो संयम, संतुलन और ज़िम्मेदारी पर आधारित रही है. भारत ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उसकी प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों के अनुरूप हो. भारत किसी भी प्रकार की आक्रामकता में नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के अधिकार में विश्वास करता है.

    भारत ने अमेरिका सहित सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को भरोसे में लेते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है. यह बताता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक उत्तरदायी और विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अपनी भूमिका को निभा रहा है. पाकिस्तान के साथ मौजूदा तनाव के बावजूद भारत अंतरराष्ट्रीय संवाद, राजनयिक चैनलों और कूटनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दे रहा है.

    भारत के आम नागरिकों और रक्षा विशेषज्ञों ने जयशंकर के रुख का स्वागत किया है. उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थिति में जब तनाव अपने चरम पर है, ऐसे समय में भारत का संयम और संतुलन ही इसकी असली शक्ति है. सोशल मीडिया पर भी जयशंकर के बयान को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं.

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  • डायबिटीज और किडनी रोगियों के लिए दिल का ख्याल रखना क्यों है जरूरी? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह- HEART HEALTH TIPS

    डायबिटीज और किडनी रोगियों के लिए दिल का ख्याल रखना क्यों है जरूरी? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह- HEART HEALTH TIPS

    • टाइप 2 डायबिटीज और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से (HEART HEALTH TIPS) हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है.
    • खानपान, फिजिकल एक्टिविटी और दवा के सेवन में लापरवाही न करें.
    • खानपान, फिजिकल एक्टिविटी और दवा के सेवन में लापरवाही न करें.

    🩺 HEART HEALTH TIPS- दिल का ख्याल रखना क्यों है ज़रूरी?

    आज के तेज़ रफ्तार जीवन में सेहत और खान-पान को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है. इसका असर न सिर्फ शरीर पर बल्कि मानसिक और दिल की सेहत पर भी पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज और किडनी की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को हार्ट हेल्थ पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि ये स्थितियाँ दिल की बीमारियों को न्योता देती हैं.

    दरअसल, टाइप 2 डायबिटीज (T2D), क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) और हार्ट डिजीज के कई सामान्य जोखिम कारक होते हैं – जैसे हाई ब्लड शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और शारीरिक गतिविधियों की कमी. टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में CKD और हृदय रोग होने की संभावना ज्यादा होती है. हाई ब्लड शुगर आपके दिल और किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे इन अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है.

    ❤️ दिल की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से उपाय करें?

    1. खान-पान में बदलाव लाएं
      आपकी डाइट हार्ट हेल्थ को सीधे प्रभावित करती है. विशेषज्ञ कहते हैं कि:
      सोडियम की मात्रा कम करें, ताकि ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन कंट्रोल में रहें.
      साबुत अनाज, फलियां, हरी सब्जियां और फाइबर रिच फूड्स को डाइट में शामिल करें.
      प्रोसेस्ड फूड और शुगर से भरपूर ड्रिंक्स से बचें.
      लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट जैसे एवोकाडो, ऑलिव ऑयल को शामिल करें.
    1. फिजिकल एक्टिविटी को प्राथमिकता दें
      रोजाना 30 मिनट की वॉक, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या साइकलिंग करने से दिल की धड़कनें सामान्य बनी रहती हैं.
      ध्यान और ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ ब्लड प्रेशर को स्थिर रखने और तनाव कम करने में सहायक हैं.
    1. किडनी की नियमित जांच कराएं
      डायबिटीज रोगियों को साल में एक बार किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए.
      क्रिएटिनिन, GFR और यूरिन एलब्यूमिन टेस्ट्स से शुरुआती स्तर पर किडनी डैमेज का पता लगाया जा सकता है.
      यह जांचें दिल से जुड़ी संभावित समस्याओं को भी समय रहते पहचानने में मदद करती हैं.
    1. दवा का समय पर सेवन करें
      डॉक्टर द्वारा दी गई ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने वाली दवाओं को नियमित लें.
      दवा न लेने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
    1. स्मोकिंग और शराब से बचें
      धूम्रपान और अल्कोहल हृदय रोग का बड़ा कारण बनते हैं.
      यह ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं और धमनियों को संकीर्ण कर देते हैं, जिससे दिल को अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ता है.
      डाइट हार्ट हेल्थ को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

    🧪 एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

    नेशनल किडनी फाउंडेशन (NKF) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) जैसे संस्थान सलाह देते हैं कि जो लोग डायबिटीज और किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें हार्ट हेल्थ को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए. उनका मानना है कि शुरुआती जीवनशैली में सुधार और नियमित चेकअप से 60% तक दिल की बीमारियों का जोखिम कम किया जा सकता है.

    नोट-

    (डिस्क्लेमर: इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई हैं. यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा को शुरू या बंद करने से पहले कृपया अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)

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  • IPL 2025 SUSPENDED: भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते IPL अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, फैंस और खिलाड़ी मायूस

    IPL 2025 SUSPENDED: भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते IPL अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, फैंस और खिलाड़ी मायूस

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के चलते इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (IPL 2025 SUSPENDED) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा हालात में टूर्नामेंट का आयोजन मुनासिब नहीं है. इस निर्णय से न केवल खिलाड़ियों, बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा झटका लगा है.

    IPL 2025 पर लटका अनिश्चितता का साया

    18वें सीज़न के आयोजन पर पहले से ही संदेह की स्थिति बनी हुई थी. सुरक्षा एजेंसियों और सरकार की ओर से लगातार मिल रहे संकेतों के बीच आखिरकार बीसीसीआई को यह कठिन फैसला लेना पड़ा. इस सीज़न के तहत अब तक कुछ ही मुकाबले हुए थे, जबकि 12 लीग मैच, 4 नॉकआउट और एक फाइनल मुकाबला बाकी था.

    https://twitter.com/incricketteam/status/1920730116486762680

    IPL 2025 SUSPENDED- बीसीसीआई अधिकारी का बयान

    बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी बताया कि “इस स्थिति में टूर्नामेंट आयोजित करना समझदारी नहीं है. देखते हैं कि अगले कुछ दिनों में चीजें कैसे आगे बढ़ती हैं और फिर हम योजना बनाएंगे.” इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब किसी भी IPL 2025 मैच का आयोजन फिलहाल नहीं होगा.

    भारत-पाकिस्तान संघर्ष बना कारण

    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल और मिसाइल हमले किए. इसके बाद से ही देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    पंजाब और जम्मू में अलर्ट, स्टेडियम खाली कराए गए

    पंजाब के कई ज़िलों – पठानकोट, अमृतसर, मोहाली, जालंधर, होशियारपुर और चंडीगढ़ – में ब्लैकआउट और रेड अलर्ट की स्थिति देखी गई. जम्मू क्षेत्र में हवाई हमले की चेतावनी और धमाकों जैसी आवाजों की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया.

    IPL मैच रद्द, PSL यूएई शिफ्ट

    ऐसी स्थिति में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच प्रस्तावित मैच को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया और दर्शकों को स्टेडियम खाली करने के निर्देश दिए गए. इससे पहले दिन पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को UAE स्थानांतरित किया गया, क्योंकि रावलपिंडी स्टेडियम पर भारतीय मिसाइल हमले की रिपोर्ट सामने आई थी.

    विदेशी खिलाड़ियों की वापसी की तैयारी

    सूत्रों के अनुसार, मौजूदा सैन्य हालात के कारण विदेशी खिलाड़ियों में डर और चिंता का माहौल है. कई खिलाड़ी अगले कुछ दिनों में भारत छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. IPL 2025 में कुल 62 खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिन्हें 10 फ्रेंचाइजियों ने मेगा नीलामी में साइन किया था.

    टूर्नामेंट का भविष्य अनिश्चित

    खिलाड़ियों की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन पर खतरे को देखते हुए IPL का अगला चरण कब होगा, यह स्पष्ट नहीं है. बीसीसीआई किसी भी संभावित योजना को हालात सामान्य होने तक रोकना चाहती है.

    सोशल मीडिया पर फैंस की नाराज़गी और समर्थन

    टूर्नामेंट स्थगन के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने सरकार और BCCI के निर्णय का समर्थन करते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, तो कुछ ने मायूसी जताई कि क्रिकेट के सबसे बड़े फेस्टिवल पर संकट मंडरा गया है.

    राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि

    बीसीसीआई और केंद्र सरकार दोनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से बड़ा कोई आयोजन नहीं है. जब तक सीमाओं पर हालात नियंत्रण में नहीं आते, तब तक IPL 2025 के भविष्य पर विराम लगा रहेगा. ऐसे में तय गय हो गया है कि फिलहाल आईपीएल के मैच नहीं होंगे.

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    References: BBC NEWS INDIA PAK WAR PAGE NEWS INDIAN NEWS AGENCY

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  • INDIA ATTACKS PAKISTAN, भारतीय वीरों ने पाकिस्तान को किया बेदम, कई आतंकी ठिकाने तबाह, S-400 का शानदार प्रदर्शन-

    INDIA ATTACKS PAKISTAN, भारतीय वीरों ने पाकिस्तान को किया बेदम, कई आतंकी ठिकाने तबाह, S-400 का शानदार प्रदर्शन-

    नई दिल्ली: भारतीय सेना ने एक बार फिर अपने साहस और रणनीतिक कुशलता से पाकिस्तान की नापाक हरकतों को (INDIA ATTACKS PAKISTAN) पूरी तरह नाकाम कर दिया. गुरुवार रात को पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात की सीमाओं पर ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों से भारत पर हमला करने की कोशिश की. लेकिन भारतीय सेना के एयर डिफेंस सिस्टम और जवानों ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया और मुंहतोड़ जवाब भी दिया.

    रक्षा मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने 8 और 9 मई की रात को एक संगठित योजना के तहत भारतीय सीमाओं पर हमला करने की कोशिश की. आतंक के खिलाफ भारत की कार्रवाइयों से बौखलाए पाकिस्तान ने करीब 15 भारतीय शहरों को निशाना बनाना चाहा, लेकिन भारतीय सेना ने चौकसी और तकनीक के माध्यम से इन प्रयासों को पूरी तरह नाकाम कर दिया.

    ड्रोन और मिसाइल हमलों को किया नष्ट , INDIA ATTACKS PAKISTAN

    पाकिस्तान ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए जम्मू-कश्मीर के नियंत्रण रेखा (LoC), राजस्थान के जैसलमेर, पंजाब के फिरोजपुर और गुजरात के कच्छ इलाकों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की साजिश रची. लेकिन भारतीय सेना के एयर डिफेंस सिस्टम और सतर्क जवानों ने एक-एक कर सभी ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया. सेना द्वारा जारी किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे दुश्मन के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया गया.

    जवाबी हमले में पाकिस्तान के कई ठिकाने तबाह, INDIA ATTACKS PAKISTAN

    भारतीय सेना ने हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कराची, लाहौर, सियालकोट और पेशावर जैसे शहरों में स्थित आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों और हथियार डिपो को निशाना बनाया. इस दौरान थल सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ने समन्वित हमला कर दुश्मन को बड़ा नुकसान पहुँचाया. सूत्रों के अनुसार, इन हमलों से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया और कई आतंकी ठिकाने पूरी तरह से नष्ट हो गए.

    https://twitter.com/MyGovHindi/status/1920660532648194264

    “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत बड़ी कार्रवाई

    भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर” एक पूर्व नियोजित सैन्य अभियान था, जिसे सीमाओं की रक्षा और आतंकी गतिविधियों का जवाब देने के लिए तैयार किया गया था. इसके तहत भारतीय सेना ने न केवल सभी ड्रोन और मिसाइल हमलों को नष्ट किया, बल्कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी का भी करारा जवाब दिया. “हम राष्ट्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. पाकिस्तान की कोई भी नापाक हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर जवाब ताकत के साथ दिया जाएगा.”

    सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, मिसाइल हमलों को किया नष्ट, INDIA ATTACKS PAKISTAN,

    घटना के बाद गृह मंत्रालय ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है. सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियों को सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय प्रशासन को नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा गया है.

    विशेषज्ञों की राय, भारत का करारा जवाब


    रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अब केवल सहन नहीं करेगा, बल्कि हर हमले का जवाब उसी भाषा में देगा. पूर्व सेना अधिकारी जनरल डी.एस. हुड्डा ने कहा, “भारतीय सेना की रणनीति और तकनीक दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ है. यह ऑपरेशन उस परिवर्तन का परिणाम है.”

    अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों ने चिंता व्यक्त की,


    भारत की इस कार्रवाई पर अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों ने चिंता व्यक्त करते हुए पाकिस्तान से शांति बनाए रखने की अपील की है. हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता रहेगा, तब तक उसे सख्त जवाब मिलता रहेगा.

    References: BBC NEWS INDIA PAK WAR PAGE NEWS , INDIAN NEWS AGENCY

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  • भारत के ‘सुदर्शन कवच’ ने पाकिस्तान के हमलों को किया नाकाम, 15 शहरों पर हमले का था प्लान- OPERATION SINDOOR UPDATES

    भारत के ‘सुदर्शन कवच’ ने पाकिस्तान के हमलों को किया नाकाम, 15 शहरों पर हमले का था प्लान- OPERATION SINDOOR UPDATES

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ रची गई एक बड़ी साजिश को भारतीय वायुसेना ने हाईटेक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ‘सुदर्शन कवच’ (OPERATION SINDOOR UPDATES) की मदद से नाकाम कर दिया है. पड़ोसी मुल्क ने भारत के 15 प्रमुख शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय वायुसेना की मुस्तैदी और तकनीकी ताकत के आगे उसकी हर चाल नाकाम हो गई.

    S-400: भारत का “सुदर्शन कवच”
    S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भारत ने रूस से खरीदा है और इसे ‘सुदर्शन कवच’ की संज्ञा दी जा रही है — भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र की तरह अजेय और सटीक. इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 400 किमी की दूरी तक किसी भी दुश्मन के ड्रोन, मिसाइल या फाइटर जेट को आसमान में ही नष्ट कर सकता है. इस प्रणाली की सटीकता और शक्ति ने यह साबित कर दिया कि भारत की हवाई सुरक्षा अब अपराजेय बन चुकी है.

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट
    भारतीय वायुसेना द्वारा हाल ही में किए गए “ऑपरेशन सिंदूर-1” में पाकिस्तान और PoK में स्थित कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया. इस हमले के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई, जिसमें उसने जम्मू-कश्मीर, पंजाब और गुजरात के 15 शहरों को टारगेट किया. लेकिन भारतीय वायुसेना की सतर्कता और S-400 के सक्रिय होते ही पाकिस्तान की यह चाल हवा में ही नष्ट हो गई. पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल जैसे ही भारतीय सीमा में दाखिल हुए, उन्हें निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया गया.

    भारत को कैसे मिला S-400?
    भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ पांच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता किया था, जिसकी कुल लागत 5.43 अरब डॉलर (करीब 40,000 करोड़ रुपये) से अधिक थी. अमेरिका ने इस डील का विरोध किया और भारत को CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) के तहत प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी थी. CAATSA अमेरिकी कानून है जो रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से सैन्य समझौते करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाता है. इससे पहले अमेरिका ने तुर्की पर S-400 खरीदने को लेकर प्रतिबंध भी लगाए थे.

    भारत पर नहीं लगा प्रतिबंध
    हालांकि, भारत के कूटनीतिक प्रयास रंग लाए और अमेरिका के कुछ सांसदों ने भारत को इस कानून से छूट देने की मांग की. जुलाई 2022 में अमेरिका की हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स ने संशोधन पारित कर भारत को छूट दी. इसके बाद भारत को बिना किसी प्रतिबंध के S-400 की पहली तीन यूनिट मिल चुकी हैं. बाकी दो यूनिट रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण विलंबित हैं, जिन्हें 2025 तक भारत को मिल जाने की संभावना है.

    S-400 बनाम HQ-9
    पाकिस्तान के पास चीन निर्मित HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम है, लेकिन इसकी तकनीकी क्षमता S-400 से काफी कम है. HQ-9 की अधिकतम रेंज 300 किलोमीटर है जबकि S-400 की अधिकतम रेंज 400 किलोमीटर है. S-400 एक साथ 80 लक्ष्यों को निशाना बना सकता है और हर लक्ष्य पर दो मिसाइलें दाग सकता है.

    गति की बात करें तो S-400 की मिसाइलें 17,000+ किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से उड़ सकती हैं, जबकि HQ-9 की गति इससे काफी कम है. ऊंचाई की बात करें तो S-400 की मिसाइलें 60 किलोमीटर तक ऊपर जाकर दुश्मन के हथियारों को खत्म कर सकती हैं, जो HQ-9 के मुकाबले दुगुना है.

    क्यों है S-400 इतना खास?

    • एक साथ कई लक्ष्यों को मार गिराने में सक्षम
    • हाइपरसोनिक गति और उच्च-सटीकता
    • 360 डिग्री कवरेज
    • कम समय में तैनाती और संचालन
    • फाइटर जेट्स, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और हेलीकॉप्टर को भी रोकने में सक्षम

    एक्सपर्ट की राय
    पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल कक्कड़ ने कहा, “S-400 भारतीय हवाई रक्षा में एक क्रांतिकारी बदलाव है. पाकिस्तान जैसी सीमित क्षमताओं वाले देश के लिए यह डिफेंस सिस्टम एक बड़ी चुनौती है.

    पाकिस्तान की स्थिति
    पाकिस्तान आज भी अमेरिका और IMF के कर्ज के बोझ तले दबा है. उसकी सैन्य क्षमता की तुलना में भारत का डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर कहीं अधिक मजबूत और आधुनिक है. भारत की सैन्य तैयारी और रणनीतिक बढ़त ने पाकिस्तान को हताशा की स्थिति में ला दिया है.

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