मेरठ: भारत में मॉकड्रिल और सुरक्षा तैयारियों की परंपरा कोई नई नहीं है. यह मॉकड्रिल (BLACKOUT MOCK DRILL IN UP) 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी देखने को मिली थी. उस वक्त ग्राम सभाओं की बैठकों में ग्रामीणों को ट्रेनिंग दी जाती थी कि युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में आम नागरिकों को क्या करना है और क्या नहीं? उस समय जब सायरन बजता था, तो पूरे गांव और शहर में ब्लैकआउट कर दिया जाता था. लोग बिजली की बत्तियां बंद कर शीशों और खिड़कियों को काले कपड़ों से ढक देते थे ताकि दुश्मन को रोशनी नजर न आए.
मेरठ की रहने वाली 85 वर्षीय विद्यावती ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि कैसे 1962 का समय भय और साहस दोनों का मिश्रण था. उन्होंने बताया कि, “उस समय गांवों में ग्राम सभा की बैठकें होती थीं और महिलाओं से लेकर बच्चों तक को मॉकड्रिल के जरिए यह सिखाया जाता था कि यदि युद्ध होता है, तो क्या करना है. जैसे ही सायरन बजता, पूरे इलाके में अंधेरा कर दिया जाता था. खिड़कियां, रोशनदान, शीशे — सब काले कर दिए जाते थे.”
विद्यावती बताती हैं कि सूचना का एकमात्र साधन हिंदी और उर्दू अखबार हुआ करते थे. लोग अखबारों से ही युद्ध की स्थिति और सेना की गतिविधियों की जानकारी पाते थे. उन्होंने बताया कि घर-घर में लोग देश के लिए प्रार्थना करते थे और हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में देशभक्ति से जुड़ा महसूस करता था.
विद्यावती के परिवार की तीन पीढ़ियां सेना में मेरठ की विद्यावती के परिवार में तीन पीढ़ियाँ भारतीय सेना को समर्पित रही हैं. उनके पिता ने 1962 के युद्ध में भाग लिया था, जबकि 1971 की लड़ाई में भी उनके परिवार के सदस्य सक्रिय रहे. आज भी उनके परिवार के कई सदस्य सेना में कार्यरत हैं. विद्यावती गर्व के साथ कहती हैं कि “हमारा खून देश की रक्षा के लिए ही बना है.”
आज भी हो रही मॉकड्रिल की परंपरा जारी आज जब भारत एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों से जूझ रहा है, तो मेरठ सहित देशभर में मॉकड्रिल का आयोजन किया जा रहा है ताकि आम जनता को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके. विद्यावती कहती हैं, “आज की पीढ़ी को भी यह सिखाना जरूरी है कि देश के प्रति क्या कर्तव्य हैं. मॉकड्रिल एक जागरूकता का माध्यम है, जिससे लोग समय रहते अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकें.”
उन्होंने आगे कहा कि “पाकिस्तान या कोई भी दुश्मन देश हो, उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें सिर्फ सेना नहीं, बल्कि एकजुट देशभक्ति की भावना भी चाहिए. हम सबको देश के लिए जागरूक और तैयार रहना चाहिए.”
मेरठ: पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) के बाद पूरे देश में जोश और उत्साह की लहर है. मेरठ में भी सेना की इस कार्रवाई पर लोगों ने जमकर खुशी जताई. शहर की सड़कों से लेकर मोहल्लों तक भारत माता की जय और मोदी जिंदाबाद के नारे गूंज उठे.
सेना की ओर से आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद मेरठ के लोगों ने मिठाइयां बांटी और पटाखे चलाकर खुशी जाहिर की. विशेष रूप से ई-रिक्शा चालक संघ के लोगों ने शहर के विभिन्न इलाकों में मिठाइयां बांटकर सेना को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सबसे पहले है और जो देश के दुश्मनों को पनाह देता है, उस पर कार्रवाई ज़रूरी थी.
भारतीय सेना पर गर्व स्थानीय लोगों का कहना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व है. मेरठ निवासी रामप्रकाश शर्मा ने कहा, “जब भी देश की रक्षा की बात आती है, हमारी सेना पीछे नहीं हटती. हमें ऐसे सटीक और कड़े एक्शन की जरूरत थी.”
पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश सेना की कार्रवाई के बाद लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भी देखने को मिला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को शरण देता आया है और अब उसे उसकी भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए.
ई-रिक्शा संचालकों ने बांटी मिठाई मेरठ के ई-रिक्शा चालक संघ के सदस्य राजू ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर यह तय किया कि सेना की इस बहादुरी पर मिठाइयां बांटी जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए कि देश की सुरक्षा के लिए सेना किस हद तक जाती है.
नारे और जोश से गूंजा मेरठ शहर के कई इलाकों में युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर रैलियां निकालीं और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘मोदी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए. इस दौरान लोगों ने एक स्वर में कहा कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए और सेना का मनोबल और ऊंचा किया जाना चाहिए.
मेरठ को युद्ध के दृष्टिकोण से हाई रिस्क जोन माना जाता है। क्योंकि यह देश की तीसरी सबसे बड़ी छावनी है। ऐसे में मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार होना पड़ेगा। पूर्व मेजर हिमांशु ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि मॉक ड्रिल और SOP लागू करना जरूरी है ।ताकि आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सके।
आपको बता दें पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है, जिससे युद्ध की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में एतियात के तौर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। ताकि जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सके।
वही पूर्व मेजर हिमांशु की माने तो देश की जनता का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से बड़ा खतरा है और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार रहना होगा और मॉक ड्रिल में भाग लेना होगा।
जहां मेरठ की जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जनता को आपात स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही SOP लागू करने से आपात स्थिति में जनता को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
मेरठ: शासन के निर्देशानुसार 7 मई को आयोजित होने वाली जनपद स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों के संबंध में आज मेरठ के कलेक्ट्रेट स्थित विकास भवन में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया।
वही इस बैठक में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और मॉक ड्रिल के सफल संचालन हेतु रूपरेखा तय की गई।
इस पूरे मामले में मेरठ के जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य आयोजन कल शाम 4:00 बजे सेंट जोसेफ स्कूल, मेरठ में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न विद्यालयों, अस्पतालों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की तैयारियों को परखना है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल को लेकर भ्रमित न हों और सहयोग प्रदान करें। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।
जिसके बाद सिविल डिफेंस की चीफ वार्डन संदीप गोयल ने बताया कि जिस प्रकार से भारत सरकार का आदेश है कल पूरे देश में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा l सिविल डिफेंस की कल शाम को टाउन हॉल में ब्लैक आउट कर के मॉक ड्रिल की जाएगी। मेरठ में भी सायरन बजाकर तैयारी की जा रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर देर रात तबादला एक्सप्रेस चलाई है. इस बार कुल 24 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है, जिसमें कई ज़िलों के एसएसपी और एसपी, आईजी व डीआईजी शामिल हैं. इस तबादले में वाराणसी परिक्षेत्र के आईजी मोहित गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिली है, उन्हें उत्तर प्रदेश शासन में सचिव गृह के पद पर नियुक्त किया गया है. (IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP)
योगी सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सहारनपुर के डीआईजी अजय कुमार साहनी को बरेली परिक्षेत्र का डीआईजी बनाया गया है, जबकि प्रयागराज में कुंभ मेले की सुरक्षा संभाल रहे वैभव कृष्ण को वाराणसी परिक्षेत्र का आईजी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक सिंह को सहारनपुर परिक्षेत्र का डीआईजी बना दिया गया है.
जिलों के एसएसपी में बड़े बदलाव अयोध्या के एसएसपी राजकरण नय्यर को गोरखपुर भेजा गया है, जबकि गोरखपुर के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर अब अयोध्या के नए एसएसपी होंगे. इटावा के एसएसपी संजय कुमार को मुजफ्फरनगर का जिम्मा सौंपा गया है और पीएसी लखनऊ के सेनानायक अनूप कुमार सिंह को फतेहपुर का नया एसपी बनाया गया है.
इसके अलावा कौशांबी के एसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव को इटावा का एसएसपी बनाया गया है और गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी राजेश कुमार द्वितीय को कौशांबी का एसपी बनाया गया है. फतेहपुर के एसपी धवल अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट में डीसीपी नियुक्त किया गया है. वहीं, संत कबीर नगर के एसपी सत्यजीत गुप्ता को कानपुर कमिश्नरेट में डीसीपी बनाया गया है.
रेलवे, भ्रष्टाचार निवारण और टेक्निकल सेवाओं में भी तबादले गोरखपुर रेलवे में तैनात एसपी संदीप कुमार मीना को संत कबीर नगर का नया एसपी बनाया गया है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुख्यालय लखनऊ में तैनात एसपी लक्ष्मीनिवास मिश्र को गोरखपुर रेलवे का नया एसपी बनाया गया है.
वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी अहम एडीजी स्तर के अफसरों में नीरा रावत को अब यूपी 112 की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ प्रशासन का प्रभार नहीं मिलेगा, वे सिर्फ यूपी 112 की जिम्मेदारी देखेंगी. प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी लखनऊ से हटाकर एडीजी प्रशासन, पुलिस मुख्यालय लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
सीआईएसएफ से लौटे केएस इमैनुएल को पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध संगठन, लखनऊ बनाया गया है. उपेंद्र कुमार अग्रवाल को आईजी सुरक्षा से हटाकर आईजी लखनऊ परिक्षेत्र नियुक्त किया गया है.
अन्य तबादले इस प्रकार हैं: रोहन पी कनय: आईजी टेक्निकल सर्विस से डीआईजी पीटीएस गोरखपुर राजीव नयन मिश्रा: डीआईजी पीएसी प्रयागराज से अपर पुलिस आयुक्त गौतम बुद्ध नगर शिवहरि मीणा: गौतम बुद्ध नगर से डीआईजी टेक्निकल सर्विस सत्येंद्र कुमार: डीआईजी प्रतीक्षारत से डीआईजी पीटीएस मेरठ राजेश कुमार सक्सेना: पीटीएस सुल्तानपुर से डीआईजी सुरक्षा मुख्यालय विकास कुमार वैद्य: डीआईजी स्थापना से उपनिदेशक, पुलिस अकादमी मुरादाबाद
लखनऊ/कानपुर देहात: यह सप्ताह उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत के लिए मौसम में बदलाव और राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ रहा है. कुछ राशियों को (WEEKLY HOROSCOPE) करियर में उन्नति, तो कुछ को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. प्रेम और पारिवारिक संबंधों में संतुलन ज़रूरी रहेगा. स्वास्थ्य और निवेश से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेने होंगे.
मेष (Aries) यह सप्ताह आपके लिए आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में किसी नए निवेश के लिए समय अनुकूल है, लेकिन सोच-समझकर ही निर्णय लें. परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है. छात्रों के लिए यह सप्ताह मेहनत का फल देने वाला रहेगा. मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और योग का सहारा लें. शुभ अंक: 9 शुभ रंग: लाल
वृषभ (Taurus) वृषभ राशि के जातकों को इस सप्ताह वित्तीय मामलों में सावधानी बरतनी होगी. कोई पुराना उधार सिरदर्द बन सकता है. परिवार का सहयोग मिलेगा लेकिन वैवाहिक जीवन में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है जो आपको नया अवसर दिला सकता है. संपत्ति से जुड़े विवादों का समाधान हो सकता है. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर खानपान पर विशेष ध्यान दें. शुभ अंक: 6 शुभ रंग: सफेद
मिथुन (Gemini) मिथुन राशि के लोगों को इस सप्ताह अपनी संचार शैली पर विशेष ध्यान देना होगा. ऑफिस में आप अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे. व्यापार में नए संपर्क लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं. घर में किसी धार्मिक आयोजन की संभावना है. संतान से संबंधित कोई शुभ समाचार मिल सकता है. यात्रा के योग हैं, लेकिन सतर्क रहें. प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें. शुभ अंक: 5 शुभ रंग: हरा
कर्क (Cancer) यह सप्ताह आपके लिए भावनात्मक रूप से उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है. किसी पुराने रिश्ते को लेकर मन में उलझन रह सकती है. कार्यस्थल पर मेहनत का उचित फल मिलेगा. पारिवारिक वातावरण अच्छा रहेगा लेकिन बुजुर्गों की सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा. आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, फिजूल खर्ची से बचें. छात्रों को मेहनत का परिणाम मिलेगा. शुभ अंक: 2 शुभ रंग: सफेद
सिंह (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आत्मविश्लेषण और सुधार का है. आप अपनी कार्यशैली में बदलाव कर सकते हैं. नौकरी में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं. धन आगमन होगा लेकिन साथ में खर्च भी बढ़ेगा. प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी. पारिवारिक मामलों में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. ध्यान और प्रकृति के संपर्क में रहना फायदेमंद होगा. शुभ अंक: 1 शुभ रंग: सुनहरा
कन्या (Virgo) कन्या राशि वालों को इस सप्ताह अपने कार्यों में अनुशासन और समयबद्धता बनाए रखनी होगी. करियर में कोई अच्छी खबर मिल सकती है. सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है. परिवार में खुशी का माहौल बना रहेगा. प्रेम संबंधों में दूरी महसूस हो सकती है, लेकिन बातचीत से सुलझेगा. सेहत अच्छी रहेगी लेकिन थकान से बचें. शुभ अंक: 4 शुभ रंग: नीला
तुला (Libra) इस सप्ताह तुला राशि वालों को संतुलन बनाए रखना होगा. करियर में सफलता मिलने की संभावना है, लेकिन सहयोगियों से मतभेद हो सकते हैं. व्यापार में पुराने निवेश से लाभ मिलेगा. जीवनसाथी के साथ समय बिताने से तनाव कम होगा. प्रेमीजन के साथ मनमुटाव दूर होंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा लेकिन आंखों की समस्या से सतर्क रहें. शुभ अंक: 7 शुभ रंग: गुलाबी
वृश्चिक (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों को इस सप्ताह अपने क्रोध और आवेग पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. धन संबंधी मामलों में सुधार होगा. अचानक कोई शुभ समाचार मिल सकता है. पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. दोस्तों का सहयोग मिलेगा. नौकरी में स्थानांतरण के योग हैं. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें, खासकर रक्तचाप से पीड़ित लोग सावधान रहें. शुभ अंक: 8 शुभ रंग: लाल
धनु (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह नई योजनाओं को शुरू करने के लिए अनुकूल है. करियर में तरक्की के योग हैं. आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति रहेगी. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी. पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा. विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई के लिए अत्यंत उपयुक्त है. यात्रा के योग भी बन रहे हैं. शुभ अंक: 3 शुभ रंग: पीला
मकर (Capricorn) इस सप्ताह मकर राशि के लोग भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देंगे. नौकरी में बदलाव का विचार कर सकते हैं. पुराने अधूरे काम पूरे होंगे. धन संबंधित मामलों में कोई शुभ समाचार मिल सकता है. पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे. कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा. शत्रु सक्रिय रह सकते हैं, सावधानी रखें. स्वास्थ्य ठीक रहेगा लेकिन व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें. शुभ अंक: 8 शुभ रंग: भूरा
कुंभ (Aquarius) कुंभ राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह सोच-समझकर निर्णय लेने का है. कार्यक्षेत्र में व्यस्तता रहेगी लेकिन परिश्रम सफल होगा. धन संबंधित मामलों में लाभ मिलने की संभावना है. पारिवारिक जीवन में कोई शुभ कार्य हो सकता है. मित्रों से लाभ होगा. प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखें. त्वचा और आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है. शुभ अंक: 6 शुभ रंग: नीला
मीन (Pisces) मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह भावनात्मक और रचनात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा. करियर में प्रगति के नए अवसर मिल सकते हैं. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. आर्थिक मामलों में सुधार होगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है. दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी. सेहत के लिहाज से यह सप्ताह ठीक रहेगा. यात्रा से लाभ मिलेगा. शुभ अंक: 3 शुभ रंग: हल्का हरा
अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक बार फिर ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन (RAM MANDIR AYODHYA) की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं. राम मंदिर के पहले तल पर 14 मंदिरों में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी योजना तैयार कर ली है. यह आयोजन 3 जून से 5 जून तक गंगा दशहरा के दिन संपन्न होगा और इसे “दूसरा प्राण प्रतिष्ठा उत्सव” कहा जा रहा है.
एक साथ 14 मंदिरों में होगी प्राण प्रतिष्ठा राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थित राम दरबार सहित अन्य 13 मंदिरों में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस पावन अनुष्ठान में 101 वैदिक आचार्य और 14 यजमान भाग लेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए अयोध्या और काशी के विद्वानों की एक संयोजक समिति बनाई है, जिसमें ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा, पंडित रघुनाथ शास्त्री और राकेश तिवारी शामिल हैं.
धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत रूपरेखा 3 जून से शुरू होने वाले इस धार्मिक आयोजन में तीन दिन तक धार्मिक अनुष्ठान चलेंगे. इनमें मूर्तियों का जलवास, अन्नवास, सैयावास और अन्य वैदिक विधियों द्वारा पूजन किया जाएगा. 5 जून को गंगा दशहरा के दिन अभिजीत मुहूर्त में सभी मूर्तियों की प्रतिष्ठा विधिवत रूप से संपन्न कराई जाएगी. ट्रस्ट द्वारा तय किए गए मुहूर्तों को लेकर ज्योतिषाचार्यों की अंतिम बैठक हो चुकी है और रिपोर्ट सौंप दी गई है. (RAM MANDIR AYODHYA)
कौन-कौन सी मूर्तियों की होगी प्राण प्रतिष्ठा? प्रथम तल पर राम दरबार की प्रतिष्ठा के अलावा अन्य मंदिरों में प्रतिष्ठित की जाने वाली प्रमुख मूर्तियाँ:
गणपति जी – परकोटा के अग्नि कोण पर,
गणपति जी – परकोटा के अग्नि कोण पर,
हनुमान जी – दक्षिणी भुजा के मध्य मंदिर में,
सूर्य देव – नैऋत्य कोण में स्थित मंदिर में,
भगवती (मां दुर्गा) – वायव्य कोण मंदिर में,
अन्नपूर्णा माता – उत्तरी भुजा के मध्य मंदिर में,
शिवलिंग – ईशान कोण स्थित मंदिर में,
इनके अलावा परिसर में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी और देवी अहिल्या की प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठित की जाएंगी.
आयोजन की भव्यता इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक विशेष आगंतुकों की सूची तैयार की जा रही है. इसमें संत-महात्माओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया जा सकता है. ट्रस्ट पूरे कार्यक्रम को अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न कराने को लेकर प्रतिबद्ध है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अयोध्या के लिए ऐतिहासिक होगा. राम मंदिर निर्माण के हर चरण को भक्तों से जोड़ा जा रहा है, ताकि यह केवल एक वास्तु निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र की आस्था का केंद्र बने.
चमोली/उत्तराखंड़: चारधामों में से एक भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम के कपाट (CHARDHAM YATRA 2025) आज प्रातः 6 बजे विधिपूर्वक आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. कपाट खुलते ही बदरीनाथ धाम की यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया. वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और आर्मी बैंड की मधुर धुनों के बीच मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा. बदरीनाथ मंदिर को करीब 15 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे इसकी दिव्यता और भव्यता और भी निखर उठी. कपाट खुलने के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिसने इस क्षण को और भी ऐतिहासिक और अद्भुत बना दिया.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले कपाट सुबह शुभ मुहूर्त में तीर्थ पुरोहितों द्वारा वेद मंत्रों के साथ बदरीनाथ मंदिर के कपाट (CHARDHAM YATRA 2025) खोले गए. इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल), धर्माधिकारी, वेदपाठी और अन्य धार्मिक आचार्यों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई. श्रद्धालु “जय बदरी विशाल” और “बदरीनाथ भगवान की जय” के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर रहे थे.
चारधाम यात्रा में आस्था-उमंग का संगम, पुष्पवर्षा से हो रहा भक्तों का अभिनंदन…
विधिविधान से माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकालकर परिक्रमा के पश्चात लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया. इसके पश्चात भगवान कुबेर और उद्धव जी को श्री बदरी विशाल मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया. शुभ घड़ी में भगवान विष्णु की चतुर्भुज मूर्ति को घृत कंबल से हटाकर उनका विधिवत अभिषेक (स्नान) किया गया और श्रृंगार के साथ दर्शन हेतु प्रस्तुत किया गया.
श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा (फोटो- Nation Now Samachar)
अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के साथ-साथ उद्धव, कुबेर, नारद और नर-नारायण के दिव्य दर्शन कर सकेंगे. इसके साथ ही मुख्य मंदिर के साथ गणेश मंदिर, घंटाकर्ण मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस शुभ अवसर का हिस्सा बनने पहुंचे. तीर्थ यात्रियों ने मंदिर की दिव्यता और सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात किया.
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय (TRANSGENDER COMMUNITY) के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. योगी सरकार अब एक विशेष अभियान के तहत ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड प्रदान करेगी, जिससे उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. यह कदम उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है जो अभी तक राशन कार्ड से वंचित थे और खाद्य सुरक्षा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे. खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा.
इस अभियान का उद्देश्य उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (TRANSGENDER COMMUNITY) की पहचान करना है, जो किसी कारणवश अभी तक राशन कार्ड से वंचित हैं. सरकार के इस कदम से उन नागरिकों को राहत मिलेगी जो आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं और सामाजिक असमानताओं के कारण बुनियादी सरकारी सुविधाओं से भी वंचित रहे हैं. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिकों को स्थायी रोजगार और सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था. इस दिशा में यूपी ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को जानकारी दी थी और अब इस समुदाय के वंचित नागरिकों को राशन कार्ड जारी कर उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
हर जिले में चलेगा विशेष अभियान खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र व्यक्तियों की पहचान करें और तुरंत प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें. विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने का निर्देश दिया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे. पात्रता की पुष्टि के बाद इन व्यक्तियों को “पात्र गृहस्थी” श्रेणी में शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ मिलेगा.
वृद्धाश्रम और छात्रवृत्ति से आत्मसम्मान इसके अलावा, राज्य सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा भी शुरू की है. उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी. इसके अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. इसके साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है.