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  • Chess Rapid Blitz 2025: डी गुकेश से हारकर मैग्नस कार्लसन बोले- ‘अब शतरंज में मजा नहीं आ रहा’

    Chess Rapid Blitz 2025: डी गुकेश से हारकर मैग्नस कार्लसन बोले- ‘अब शतरंज में मजा नहीं आ रहा’

    नई दिल्ली | स्पोर्ट्स डेस्क
    Chess Rapid Blitz 2025: भारतीय शतरंज प्रेमियों के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण तब सामने आया, जब ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश ने एक बार फिर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हरा दिया। यह जीत सुपर यूनाइटेड रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट के रैपिड वर्ग में आई है, जहां गुकेश लगातार अपने शानदार प्रदर्शन से सबको चौंका रहे हैं।

    छठे राउंड में गुकेश ने काले मोहरों से खेलते हुए कार्लसन को शिकस्त दी। यह उनकी कार्लसन पर लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले, उन्होंने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के क्लासिकल प्रारूप में भी कार्लसन को पराजित किया था। Chess Rapid Blitz 2025

    🔸 टूर्नामेंट में शानदार बढ़त- Chess Rapid Blitz 2025

    गुकेश की यह जीत इस टूर्नामेंट में उनकी लगातार पांचवीं जीत है और अब उनके कुल 12 में से 10 अंक हो चुके हैं। वह पोलैंड के खिलाड़ी डुडा जान क्रिस्टोफ से दो अंक आगे चल रहे हैं। रैपिड वर्ग में अब सिर्फ तीन मुकाबले शेष हैं, ऐसे में गुकेश खिताब के प्रबल दावेदार बन चुके हैं। Chess Rapid Blitz 2025

    🔸 कार्लसन की निराशा छलकी- Chess Rapid Blitz 2025

    हार के बाद मैग्नस कार्लसन काफी निराश नजर आए। उन्होंने कहा,

    "ईमानदारी से कहूं तो मुझे अब शतरंज खेलने में मजा नहीं आ रहा है। जब मैं खेल रहा हूं, तो प्रवाह महसूस नहीं हो रहा। मेरा खेल लगातार बिगड़ता जा रहा है।"

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गुकेश का खेल शानदार है और लगातार पांच जीत दर्ज करना आसान नहीं होता। यह बयान इस बात का संकेत है कि कार्लसन का आत्मविश्वास डगमगा गया हैChess Rapid Blitz 2025

    🔸 गुकेश की उपलब्धियां- Chess Rapid Blitz 2025

    गुकेश ने हाल ही में विश्व शतरंज चैंपियनशिप के लिए उम्मीदवार बनने का गौरव भी हासिल किया था। वह इस समय भारतीय शतरंज का नया चेहरा बनते जा रहे हैं। कार्लसन जैसे खिलाड़ी को हराकर उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत में शतरंज की नई पीढ़ी तैयार है, जो दुनिया को चुनौती देने में सक्षम है।

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  • IND vs ENG 2025: लीड्स टेस्ट में भारत की हार, शुभमन गिल की कप्तानी पर उठे सवाल

    IND vs ENG 2025: लीड्स टेस्ट में भारत की हार, शुभमन गिल की कप्तानी पर उठे सवाल

    IND vs ENG 2025: भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला भारत आसानी से जीत सकता था, लेकिन खराब फील्डिंग, अति उत्साह, औसत कप्तानी और निचले क्रम के बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन ने टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस हार के साथ भारत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पीछे हो गया है। अब सभी की निगाहें 2 जुलाई से एजबेस्टन में होने वाले अगले मुकाबले पर टिकी हैं। आइए, इस हार के कारणों और इससे निकलने वाली पांच मुख्य बातों पर नजर डालते हैं।

    रोहित-कोहली की अनुपस्थिति का असर- IND vs ENG 2025

    यह भारत का पहला टेस्ट था, जब रोहित शर्मा और विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे। बल्लेबाजी में उनकी कमी शायद उतनी नहीं खली, लेकिन फील्डिंग में खासकर कोहली की गैरमौजूदगी साफ दिखी। कोहली की स्लिप में चुस्ती और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने की क्षमता भारतीय टीम को बहुत याद आई। नए कप्तान शुभमन गिल के लिए यह पहला टेस्ट था, और अनुभव की कमी ने उनकी कप्तानी को प्रभावित किया। IND vs ENG 2025

    1. बुमराह पर अत्यधिक निर्भरता- IND vs ENG 2025

    जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय गेंदबाजी के रीढ़ हैं। पहली पारी में उनके पांच विकेट ने भारत को 6 रनों की मामूली बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरी पारी में बुमराह का जादू नहीं चला, और बाकी गेंदबाज दबाव नहीं बना सके। यह हार दर्शाती है कि भारत की जीत की उम्मीदें काफी हद तक बुमराह पर टिकी थीं। यह रणनीति लंबे समय तक कारगर नहीं हो सकती। अन्य गेंदबाजों, जैसे मोहम्मद सिराज और शार्दूल ठाकुर, को भी जिम्मेदारी उठानी होगी। IND vs ENG 2025

    2. शुभमन गिल की औसत कप्तानी- IND vs ENG 2025

    शुभमन गिल ने बल्ले से शानदार शतक जड़ा, लेकिन कप्तान के तौर पर वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। नाजुक मौकों पर उनकी रणनीति में स्पष्टता की कमी दिखी। गेंदबाजों का रोटेशन सही नहीं था, और फील्ड प्लेसमेंट भी रक्षात्मक रही। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने आखिरी दिन तेजी से रन बनाए, लेकिन गिल उन्हें रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना सके। अनुभव के साथ उनकी कप्तानी में सुधार की उम्मीद है।

    3. शतकों का ढेर, फिर भी हार- IND vs ENG 2025

    भारतीय बल्लेबाजों ने इस मैच में पांच शतक जड़े। ऋषभ पंत ने दोनों पारियों में शतक ठोके, जबकि शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, और केएल राहुल ने भी सैकड़े बनाए। व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना अच्छा है, लेकिन जब टीम हार जाए तो इनका महत्व फीका पड़ जाता है। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने निराश किया, जिसके कारण भारत दूसरी पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना सका।

    4. जीत की भूख का अभाव- IND vs ENG 2025

    मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड ने तेजी से रन बनाकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में निराशा और थकान साफ दिखी। फील्डिंग में सुस्ती, रणनीति में भ्रम, और जीत की चाह का अभाव भारत की हार का प्रमुख कारण बना। कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी होते तो शायद टीम में जोश और जुनून देखने को मिलता।

    5. संतुलित टीम की जरूरत- IND vs ENG 2025

    लीड्स टेस्ट ने दिखाया कि टैलेंट के साथ-साथ अनुभव और मानसिक मजबूती भी जरूरी है। भारत को अगले मुकाबले के लिए गेम प्लान और टीम चयन पर ध्यान देना होगा। अर्शदीप सिंह को बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के तौर पर मौका देना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही, कुलदीप यादव जैसे चाइनामैन गेंदबाज को शामिल करने पर विचार करना चाहिए, जो किसी भी पिच पर प्रभावी हो सकते हैं।

    यह हार भारतीय टीम के लिए एक सबक है। एजबेस्टन टेस्ट में भारत को अपनी गलतियों से सीखकर वापसी करनी होगी। शुभमन गिल को कप्तानी में सुधार करना होगा, और बाकी खिलाड़ियों को सामूहिक जिम्मेदारी लेनी होगी। बुमराह के साथ-साथ अन्य गेंदबाजों को भी आगे आना होगा। फील्डिंग में सुधार और निचले क्रम की बल्लेबाजी को मजबूत करना जरूरी है।

    लीड्स टेस्ट में भारत की हार ने कई सवाल खड़े किए हैं। शुभमन गिल की कप्तानी, खराब फील्डिंग, और रणनीति की कमी इस हार के प्रमुख कारण रहे। हालांकि, यह सीरीज का पहला मुकाबला था, और भारत के पास वापसी का मौका है। युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों की कमी को पूरा करना होगा। क्या भारत एजबेस्टन में जोरदार वापसी करेगा? यह देखना रोमांचक होगा। IND vs ENG 2025

    SOURCE- TIMES OF INDIA

  • ICC New Boundary Catch Rule: बाउंड्री पर कैच का नियम बदला, जानिए कितनी बार हवा में उछाल सकेंगे बॉल

    ICC New Boundary Catch Rule: बाउंड्री पर कैच का नियम बदला, जानिए कितनी बार हवा में उछाल सकेंगे बॉल

    ICC New Boundary Catch Rule: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच को लेकर है। अब फील्डर अगर बाउंड्री के बाहर जाकर गेंद को हवा में उछालकर कैच पूरा करता है, तो वह नियमों के अनुसार आउट नहीं माना जाएगा। यह फैसला 2023 में बिग बैश लीग (BBL) के एक विवादित कैच के बाद लिया गया, जहां माइकल नेसेर के कैच पर सवाल उठे थे।

    यह नियम मेलबर्न क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा अक्टूबर 2026 में अपनाया जाएगा, लेकिन ICC ने इसे पहले ही लागू करने का निर्णय लिया है। 17 जून 2025 से श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में ये नियम प्रभावी हो जाएंगे।

    Cricket rule updates 2025

    ⚖️ क्या है नया बाउंड्री कैच नियम?

    नए नियम के अनुसार, अब दो विशेष स्थितियों में बाउंड्री कैच मान्य या अमान्य माने जाएंगे:

    1. खुद को गेंद से इन-आउट करने वाला फील्डर:– Cricket rule updates 2025

    अगर कोई खिलाड़ी बाउंड्री के अंदर रहते हुए हवा में गेंद को उछालता है और फिर बाउंड्री पार करके उसे दोबारा हवा में उछालता है तथा अंत में बाउंड्री के अंदर आकर कैच पूरा करता है — तो अब ऐसा कैच अमान्य होगा। बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा, और उसे रन मिलेगा।

    2. दो फील्डरों के बीच कैच:– Cricket rule updates 2025

    अगर एक फील्डर बाउंड्री के बाहर जाकर गेंद को हवा में अंदर की ओर फेंकता है और दूसरा फील्डर कैच लेता है — तो यह तभी वैध माना जाएगा, जब पहला फील्डर गेंद छोड़ते समय भी बाउंड्री के अंदर मौजूद हो। Cricket rule updates 2025

    BBL के दो चर्चित मामले, जिसने नियम बदलवा दिए

    1. माइकल नेसेर का बाउंड्री कैच (2023):

    BBL 2023 में माइकल नेसेर ने एक ऐसा कैच पकड़ा था, जिसमें उन्होंने गेंद को कई बार हवा में उछालते हुए कैच को पूरा किया। तकनीकी रूप से यह नियमों के अनुरूप था, लेकिन MCC ने माना कि यह क्रिकेट की “भावना” के खिलाफ था।

    2. मैथ्यू वेड का कैच (2020):

    2020 में मैट रैनशॉ ने बाउंड्री के बाहर से गेंद को अंदर फेंका और टॉम बंटन ने कैच पूरा किया। वेड आउट करार दिए गए, लेकिन इस कैच को लेकर भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी असंतोष देखने को मिला।

    अन्य बदलाव जो लागू होंगे

    1. वनडे में दो नई गेंदों का प्रयोग:

    ICC ने वनडे फॉर्मेट में दो नई गेंदों के इस्तेमाल को लेकर भी नया नियम लागू किया है।

    • पहले 34 ओवर तक दोनों छोर से दो अलग-अलग गेंदों का प्रयोग होगा।
    • 35वें ओवर से 50वें ओवर तक सिर्फ एक ही गेंद का प्रयोग होगा।
    • बारिश या अन्य कारणों से 25 ओवर से कम का खेल होने पर दोनों पारियों में सिर्फ एक-एक गेंद का प्रयोग होगा।

    2. कन्कशन रिप्लेसमेंट नियम में बदलाव:

    अब टीमें मैच से पहले ही पांच संभावित कन्कशन सब्स्टीट्यूट के नाम रेफरी को देंगी। ये खिलाड़ी होंगे — एक बल्लेबाज, एक तेज गेंदबाज, एक स्पिनर, एक ऑलराउंडर और एक विकेटकीपर। इससे चोट लगने पर तुरंत विकल्प उपलब्ध रहेगा।

    ये भी पढ़ें- Middle East crisis update: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

    सोर्स- BHASKAR

  • Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest: गौतम गंभीर की मां को कार्डियक अरेस्ट: इंग्लैंड सीरीज से पहले भारत लौटे कोच

    Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest: गौतम गंभीर की मां को कार्डियक अरेस्ट: इंग्लैंड सीरीज से पहले भारत लौटे कोच

    Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest: भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए दुखद खबर है। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को अपनी मां सीमा गंभीर के स्वास्थ्य के कारण इंग्लैंड से भारत वापस लौटना पड़ा। सीमा गंभीर को 11 जून, 2025 की रात कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती किया गया। इस खबर ने न केवल क्रिकेट प्रशंसकों को चिंतित किया, बल्कि गंभीर के लिए महत्वपूर्ण इंग्लैंड टेस्ट सीरीज की तैयारियों पर भी असर डाला। Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर, जो हाल ही में इंग्लैंड पहुंचे थे, को इस आपात स्थिति की जानकारी मिलते ही तुरंत भारत के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, उनकी मां की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। गंभीर 17 जून को इंग्लैंड वापस लौटकर भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे, जो 20 जून से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए तैयारियां कर रही है। Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर का दूसरा आपातकालीन वापसी- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    यह पहला मौका नहीं है जब गंभीर को पारिवारिक आपातकाल के कारण विदेशी दौरे को बीच में छोड़ना पड़ा। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भी वह एक पारिवारिक आपात स्थिति के कारण भारत लौटे थे। उस समय भी उनकी अनुपस्थिति में सहायक कोचों ने जिम्मेदारी संभाली थी। इस बार, गंभीर की गैरमौजूदगी में सहायक कोच रेयान टेन डोएशे 13 जून से शुरू होने वाले भारत और भारत-ए के बीच चार दिवसीय अभ्यास मैच की कमान संभालेंगे। उन्हें गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक का साथ मिलेगा।

    गंभीर के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-3 की हार और ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी न जीत पाने के बाद उनकी कोचिंग की आलोचना हुई थी। इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए एक मौका है कि वह अपनी रणनीति और नेतृत्व को साबित कर सकें।

    गंभीर का क्रिकेट करियर- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टीम के हेड कोच का पद संभाला। इससे पहले, उन्होंने 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। गंभीर का क्रिकेट करियर शानदार रहा। उन्होंने 58 टेस्ट मैचों में 41.95 की औसत से 4154 रन बनाए, जिसमें 9 शतक शामिल हैं। उनका आखिरी टेस्ट 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में था।

    वनडे क्रिकेट में गंभीर का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने 147 वनडे में 39.68 की औसत से 5238 रन बनाए, जिसमें 11 शतक शामिल हैं। 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उनकी 97 रनों की पारी ने भारत को दूसरा वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने 37 मैचों में 27.41 की औसत से 932 रन बनाए, जिसमें 7 अर्धशतक शामिल हैं।

    आईपीएल में गंभीर ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को दो बार (2012 और 2014) चैंपियन बनाया। 2024 में केकेआर के मेंटर के रूप में उन्होंने तीसरी बार खिताब जीता। उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच ने उन्हें कोच के रूप में भी लोकप्रिय बनाया।

    भारत बनाम इंग्लैंड: ऐतिहासिक टक्कर- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास रोमांचक रहा है। दोनों टीमों ने अब तक 136 टेस्ट खेले हैं, जिसमें इंग्लैंड ने 51 और भारत ने 35 जीते हैं, जबकि 50 ड्रॉ रहे। इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड कमजोर रहा है। 67 टेस्ट में भारत ने केवल 9 जीते, जबकि इंग्लैंड ने 36 में जीत हासिल की। भारत में खेले गए 69 टेस्ट में भारत ने 26 और इंग्लैंड ने 15 जीते।

    आखिरी बार भारत ने 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी। 2021 में भारत 2-1 से आगे था, लेकिन कोविड-19 के कारण आखिरी टेस्ट रद्द हो गया। इस बार शुभमन गिल की कप्तानी में भारत नया इतिहास रचने की कोशिश करेगा।

    टेस्ट सीरीज का शेड्यूल और टीमें-

    पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स
    दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम
    तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन
    चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर
    पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन

    भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव।

    इंग्लैंड टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स।

    गंभीर की अनुपस्थिति का प्रभाव- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर की अनुपस्थिति में भारतीय टीम की तैयारियों पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन सहायक कोचों की मौजूदगी इसे कम करने में मदद करेगी। गंभीर ने पहले ही करुण नायर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को मौका देने की वकालत की है, जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में उपयोगी हो सकते हैं। उनकी रणनीति में तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह पर खास ध्यान है।

    प्रशंसकों की शुभकामनाएं- Gautam Gambhir Mother Cardiac arrest

    गंभीर की मां के स्वास्थ्य के लिए क्रिकेट प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी हैं। एक प्रशंसक ने लिखा, “गौतम गंभीर की मां के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। परिवार पहले है।” एक अन्य ने कहा, “गंभीर के लिए यह मुश्किल समय है, लेकिन वह मजबूत हैं। इंग्लैंड में शानदार वापसी करेंगे।”

  • Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

    Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

    नई दिल्ली: 4 जून 2025 की शाम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर एक पर मची भगदड़ (Chinnaswamy Stadium Stampede) में 11 लोगों की जान चली गई और 33 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब RCB की टीम कर्नाटक विधानसभा भवन में सम्मान समारोह में हिस्सा ले रही थी। इस त्रासदी ने न केवल बेंगलुरु को झकझोर दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए। आखिर इस भगदड़ का जिम्मेदार कौन है? क्या इस हादसे को रोका जा सकता था? आइए, इस हादसे की तह तक जाते हैं और उन कारणों को समझते हैं, जिन्होंने एक खुशी के मौके को मातम में बदल दिया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    क्या हुआ उस दिन?

    3 जून 2025 को RCB ने IPL 2025 का खिताब जीतकर 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। बेंगलुरु में इस जीत का जश्न मनाने के लिए प्रशंसकों का उत्साह चरम पर था। RCB मैनेजमेंट ने 4 जून की सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक विक्ट्री परेड की घोषणा की, जो विधानसभा भवन से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जानी थी। दोपहर 3:15 बजे, उन्होंने एक्स पर परेड के टिकटों का विज्ञापन भी पोस्ट किया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    लेकिन इस घोषणा के साथ ही भ्रम की स्थिति शुरू हो गई। बेंगलुरु पुलिस ने दावा किया कि कोई ओपन-टॉप बस परेड नहीं होगी, बल्कि स्टेडियम के अंदर एक समारोह आयोजित किया जाएगा। फिर भी, लाखों प्रशंसक परेड की उम्मीद में स्टेडियम के आसपास जमा होने लगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बाद में बताया कि स्टेडियम के बाहर 2-3 लाख लोग जमा थे, जबकि इसकी क्षमता केवल 35-40 हजार है। Chinnaswamy Stadium Stampede

    शाम को, जब RCB की टीम विधानसभा में सम्मान समारोह में व्यस्त थी, चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर एक पर भीड़ बेकाबू हो गई। प्रशंसक बिना टिकट के स्टेडियम में घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान एक अस्थायी संरचना भीड़ के दबाव में ढह गई, जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिसने हालात को और बिगाड़ दिया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    लापरवाही के कई चेहरे

    इस हादसे ने पुलिस, प्रशासन, RCB मैनेजमेंट, और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आइए, इनकी भूमिका को समझते हैं:-

    1. पुलिस की नाकामी:
      बेंगलुरु सेंट्रल के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) शेखर एच. टेकान्नवर पर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, और रूट प्लानिंग की जिम्मेदारी थी। लेकिन, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या परेड को अनुमति दी गई थी। अगर अनुमति थी, तो इतनी बड़ी भीड़ को संभालने की क्या व्यवस्था थी? और अगर अनुमति नहीं थी, तो यह जानकारी प्रशंसकों तक क्यों नहीं पहुंचाई गई? स्टेडियम के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। न ही बैरिकेडिंग की गई और न ही ड्रोन या CCTV का उपयोग किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे भगदड़ और बिगड़ गई।
    2. RCB मैनेजमेंट की गलती:
      RCB ने सुबह परेड की घोषणा की, लेकिन दोपहर तक यह साफ नहीं हुआ कि परेड होगी या नहीं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स ने प्रशंसकों में उत्साह तो बढ़ाया, लेकिन भ्रम भी पैदा किया। अगर परेड रद्द हो चुकी थी, तो इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई? RCB ने बाद में हादसे पर दुख जताया, लेकिन उनकी खराब योजना ने इस त्रासदी को जन्म देने में अहम भूमिका निभाई।
    3. प्रशासन और KSCA की चूक:
      कर्नाटक सरकार और KSCA ने इस आयोजन को भव्य बनाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, RCB की जीत के बाद शहर में फैली दीवानगी को देखते हुए क्या इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता था? जिला सूचना विभाग ने परेड रद्द होने की जानकारी समय पर नहीं दी। अगर यह स्पष्ट कर दिया जाता कि परेड नहीं होगी, तो शायद लाखों लोग स्टेडियम के बाहर नहीं जमा होते।

    हादसे के कारण – Chinnaswamy Stadium Stampede

    इस त्रासदी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:-

    • सूचना का अभाव: परेड के बारे में बार-बार बदलती जानकारी ने प्रशंसकों में भ्रम पैदा किया।
    • भीड़ प्रबंधन की कमी: स्टेडियम की सीमित क्षमता के बावजूद लाखों लोगों को जमा होने दिया गया।
    • खराब योजना: RCB मैनेजमेंट और KSCA ने आयोजन का रूट मैप या समय सारिणी पहले से तैयार नहीं की।
    • पुलिस की गलतियां: लाठीचार्ज और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था ने स्थिति को और खराब किया।

    प्रशासन और RCB का रुख

    हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए, जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों में जमा करने को कहा गया है। Chinnaswamy Stadium Stampede

    भगदड़ के दौरान बेहोश बच्चे को उठाकर भीड़ से दूर ले जाता पुलिसकर्मी. (फोटो- सोशल मीडिया)

    RCB और KSCA ने संयुक्त बयान में हादसे पर दुख जताया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। RCB के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा, “यह हादसा बेहद दुखद है। मेरे पास शब्द नहीं हैं।” लेकिन, कई प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि जब बाहर भगदड़ में लोग मर रहे थे, तब स्टेडियम के अंदर समारोह क्यों जारी रहा?

    अनुत्तरित सवाल

    1. अनियंत्रित भीड़: जब स्टेडियम की क्षमता 35-40 हजार थी, तो 2-3 लाख लोगों को जमा होने की अनुमति कैसे दी गई?
    2. पूर्वानुमान की कमी: RCB की जीत के बाद प्रशंसकों का उत्साह देखते हुए भीड़ का अंदाजा क्यों नहीं लगाया गया?
    3. प्रबंधन की कमी: बैरिकेडिंग, ड्रोन, या CCTV का उपयोग क्यों नहीं किया गया?
    4. सूचना में देरी: परेड रद्द होने की जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई?

    क्या यह हादसा टाला जा सकता था?

    हां, यह हादसा टाला जा सकता था। अगर पुलिस, RCB मैनेजमेंट, और KSCA ने मिलकर एक ठोस योजना बनाई होती, तो यह त्रासदी शायद न होती। एक स्पष्ट रूट मैप, समय सारिणी, और भीड़ प्रबंधन की रणनीति तैयार की जा सकती थी। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर दी जा सकती थी।

  • IPL 2025 Final: क्रुणाल पंड्या की जादुई गेंदबाजी ने RCB को दिलाया पहला IPL खिताब, 18 साल का इंतजार खत्म!

    IPL 2025 Final: क्रुणाल पंड्या की जादुई गेंदबाजी ने RCB को दिलाया पहला IPL खिताब, 18 साल का इंतजार खत्म!

    18 साल का लंबा इंतजार, अनगिनत निराशाएं, और प्रशंसकों की अनथक उम्मीदें (IPL 2025 Final) आखिरकार 3 जून 2025 को उस समय पूरी हुईं, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने पंजाब किंग्स (PBKS) को एक रोमांचक IPL 2025 फाइनल मुकाबले में 6 रन से हराकर अपनी पहली IPL ट्रॉफी उठाई। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल में RCB की जीत के सबसे बड़े नायक रहे क्रुणाल पंड्या, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से न केवल मैच का रुख पलटा बल्कि प्रशंसकों के दिलों में भी जगह बना ली। यह लेख उस यादगार मुकाबले की कहानी और क्रुणाल के जादुई प्रदर्शन की पूरी डिटेल्स लेकर आया है। IPL 2025 Final

    टॉस और RCB की बल्लेबाजी: एक ठोस लेकिन चुनौतीपूर्ण स्कोर

    अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। RCB की शुरुआत सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और विराट कोहली ने की। सॉल्ट ने तेजी से 18 रन बनाए, लेकिन जल्दी आउट हो गए। कोहली ने 35 गेंदों पर 43 रन की सधी हुई पारी खेली, लेकिन उनकी धीमी गति ने प्रशंसकों को थोड़ा चिंतित कर दिया। मयंक अग्रवाल ने 24 और कप्तान रजत पाटीदार ने 26 रनों की छोटी पारियां खेलीं, लेकिन कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका।

    लियाम लिविंगस्टोन ने 25 रन बनाकर कुछ आक्रामक शॉट्स खेले, लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर RCB को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। काइल जेमिसन ने अपनी तेज गेंदबाजी से 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसमें सॉल्ट और पाटीदार के विकेट शामिल थे। आखिरी ओवर में अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, जिसके चलते RCB 20 ओवर में 190/9 का स्कोर ही बना सकी। यह स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए इसे आसान माना जा रहा था।

    पंजाब की शुरुआत: तेज लेकिन अस्थिर

    191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने पावरप्ले में शानदार शुरुआत की। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने पहले 6 ओवरों में 52 रन जोड़े, जिसने पंजाब को ड्राइविंग सीट पर ला दिया। लेकिन इसके बाद RCB के गेंदबाजों ने वापसी की, और इस वापसी का सबसे बड़ा नायक रहा क्रुणाल पंड्या।

    क्रुणाल पंड्या का जादुई स्पेल

    क्रुणाल पंड्या को सातवें ओवर में गेंदबाजी के लिए बुलाया गया, और उन्होंने अपने पहले ओवर में सिर्फ 3 रन देकर पंजाब की रन गति पर ब्रेक लगाया। उनकी धीमी गेंदें और सटीक लाइन-लेंथ पंजाब के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बन गई। अगले ओवर में सुयश शर्मा पर प्रभसिमरन और जोश इंग्लिस ने 15 रन बटोरे, लेकिन क्रुणाल ने अपने दूसरे ओवर में वापसी की और प्रभसिमरन सिंह (26) को आउट कर पंजाब को पहला बड़ा झटका दिया।

    इसके बाद रोमारियो शेपर्ड ने कप्तान श्रेयस अय्यर को सस्ते में पवेलियन भेजकर पंजाब को और दबाव में डाल दिया। क्रुणाल ने अपने तीसरे ओवर में केवल 7 रन दिए, जिसमें जोश इंग्लिस का एक छक्का शामिल था। लेकिन उनके चौथे ओवर में असली जादू देखने को मिला। क्रुणाल ने जोश इंग्लिस (जो तेजी से रन बना रहे थे) को लियाम लिविंगस्टोन के हाथों कैच आउट करवाया। क्रुणाल ने अपने 4 ओवरों में सिर्फ 17 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसने पंजाब की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया।

    शशांक सिंह की तूफानी पारी, लेकिन नाकाफी

    पंजाब की ओर से शशांक सिंह ने आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। उन्होंने 30 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें कई शानदार छक्के शामिल थे। खास तौर पर आखिरी ओवर में भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ लगाए गए तीन छक्कों ने पंजाब की उम्मीदें जगा दीं। लेकिन आखिरी ओवर में 29 रनों के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं था। जोश हेजलवुड ने शुरुआती दो गेंदों पर कोई रन नहीं दिया, जिसके चलते पंजाब 184/7 पर थम गया और 6 रन से हार गया।

    हेजलवुड ने भी इस मैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने प्रियांश आर्य का शानदार कैच फिल सॉल्ट के हाथों करवाया और आखिरी ओवर में कसी हुई गेंदबाजी कर RCB की जीत सुनिश्चित की।

    क्रुणाल पंड्या: फाइनल के असली सितारे

    क्रुणाल पंड्या इस फाइनल के बिना शक सबसे बड़े हीरो थे। उनकी गेंदबाजी ने न केवल पंजाब की रन गति को रोका बल्कि महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर RCB को जीत की राह दिखाई। उनकी धीमी गेंदों और विविधताओं ने पंजाब के बल्लेबाजों को पूरी तरह से उलझा दिया। क्रुणाल को उनके 4 ओवर में 17 रन देकर 2 विकेट के प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह दूसरा मौका था जब क्रुणाल ने IPL फाइनल में यह पुरस्कार जीता, इससे पहले 2017 में मुंबई इंडियंस के लिए उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था।

    मैच के बाद क्रुणाल ने कहा, “पिच पर धीमी गेंदें काम कर रही थीं, और मैंने उसी रणनीति को अपनाया। RCB के लिए खेलना और ट्रॉफी जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। यह जीत हमारे प्रशंसकों की मेहनत और समर्पण का नतीजा है।”

    RCB की जीत का भावनात्मक महत्व

    RCB की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि 18 साल की मेहनत, विश्वास, और प्रशंसकों की उम्मीदों का फल थी। विराट कोहली, जो इस फ्रैंचाइजी के साथ अपने करियर की शुरुआत से जुड़े हैं, मैदान पर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह जीत मेरे लिए और प्रशंसकों के लिए बहुत मायने रखती है। हमने हर साल कोशिश की, और आज का दिन हमारे लिए सपने जैसा है।”

    कप्तान रजत पाटीदार ने भी गेंदबाजों की तारीफ की और कहा कि क्रुणाल की गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पंजाब की हार: कहां रह गई कमी?

    पंजाब किंग्स ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में उनकी रणनीति में कुछ कमियां नजर आईं। मिडिल ओवरों में रन गति को बनाए रखने में उनकी नाकामी और इम्पैक्ट प्लेयर के गलत इस्तेमाल ने उन्हें महंगा पड़ा। शशांक सिंह की पारी शानदार थी, लेकिन वह अकेले दम पर मैच नहीं जिता सके।

  • IPL 2025 Final: विराट कोहली की अग्निपरीक्षा, क्या RCB या PBKS बनेगी नई चैंपियन?

    IPL 2025 Final: विराट कोहली की अग्निपरीक्षा, क्या RCB या PBKS बनेगी नई चैंपियन?

    18 साल का लंबा इंतजार, अनगिनत सपने, टूटती उम्मीदें, और फिर से (IPL 2025 Final) जागता भरोसा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की दुनिया में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) जैसी टीमें इन भावनाओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दोनों टीमें सालों से उस एक ट्रॉफी की तलाश में हैं, जो उनकी किस्मत को बदल दे। मंगलवार, 3 जून 2025 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले IPL 2025 फाइनल में यह सपना हकीकत में बदलने वाला है। सवाल यह है कि क्या यह खिताब RCB के लिए विराट कोहली का तमगा बनेगा, या फिर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में PBKS इतिहास रचेगी? IPL 2025 Final

    विराट कोहली: एक ट्रॉफी का अधूरा सपना

    विराट कोहली, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में ‘किंग कोहली’ के नाम से जाना जाता है, ने अपने करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 2008 में अंडर-19 विश्व कप, 2011 में वनडे विश्व कप, 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी, और 2024 में टी20 विश्व कप—कोहली ने हर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। लेकिन IPL का खिताब उनके लिए अब तक एक अधूरी कहानी रहा है। RCB ने 2009, 2011 और 2016 में फाइनल खेला, लेकिन हर बार जीत से चूक गई। इस बार कोहली के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि 18 साल की तपस्या को पूरा करने का मौका है। IPL 2025 Final

    कोहली इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। 614 रन के साथ वे RCB के सबसे बड़े रन-स्कोरर हैं, और उनकी मैदान पर मौजूदगी पूरी टीम के लिए प्रेरणा का काम करती है। क्वालिफायर 1 में PBKS के खिलाफ उनकी 73 रनों की नाबाद पारी ने दिखाया कि बड़े मैचों में वे कितने खतरनाक हो सकते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी स्टेडियम की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर क्या कोहली वह कमाल कर पाएंगे, जो RCB को पहला खिताब दिलाए? IPL 2025 Final

    श्रेयस अय्यर: शांत लेकिन घातक कप्तान

    पंजाब किंग्स की कमान संभाल रहे श्रेयस अय्यर ने इस सीजन में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है। 603 रन और 175 की स्ट्राइक रेट के साथ वे PBKS की बैटिंग की रीढ़ रहे हैं। क्वालिफायर 2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ उनकी नाबाद 87 रनों की पारी ने PBKS को फाइनल में पहुंचाया। श्रेयस की खासियत उनकी शांतचित्त मानसिकता है। जहां कोहली मैदान पर भावनाओं का तूफान लाते हैं, वहीं श्रेयस ठंडे दिमाग से रणनीति बनाते हैं। IPL 2025 Final

    श्रेयस पहले भी दिल्ली कैपिटल्स (2020) और कोलकाता नाइट राइडर्स (2024) को फाइनल में ले जा चुके हैं, और KKR के साथ खिताब भी जीता। अब PBKS के साथ वे एक नया इतिहास लिखना चाहते हैं। मेगा ऑक्शन में 26.75 करोड़ रुपये में खरीदे गए श्रेयस पर भरोसा दिखाता है कि PBKS उनमें कितना विश्वास रखती है। लेकिन RCB के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण, खासकर जोश हेजलवुड और सुयश प्रभुदेसाई के सामने उनकी परीक्षा होगी। IPL 2025 Final

    रजत पाटीदार: RCB की नई उम्मीद

    RCB की कप्तानी इस बार रजत पाटीदार के हाथों में है, और यह उनका पहला सीजन है। क्वालिफायर 1 में उन्होंने अपनी रणनीतिक समझ से PBKS को 101 रनों पर समेट दिया था। रजत ने अपनी कप्तानी में RCB को एक नया जोश दिया है। उनकी सादगी और ‘कंट्रोल द कंट्रोलेबल्स’ का मंत्र RCB को इस फाइनल में ले आया है। अगर RCB यह खिताब जीतती है, तो रजत वह कर दिखाएंगे, जो पिछले कई कप्तानों के लिए असंभव रहा।

    दोनों टीमों की ताकत और कमजोरियां

    RCB की ताकत उनकी गहरी बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी इकाई है। फिल सॉल्ट, मयंक अग्रवाल, और जितेश शर्मा जैसे बल्लेबाज कोहली के साथ मिलकर किसी भी स्कोर का पीछा कर सकते हैं। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड (21 विकेट) और सुयश शर्मा की स्पिन ने इस सीजन में कमाल किया है। लेकिन उनकी कमजोरी यह है कि वे कभी-कभी दबाव में बिखर जाते हैं, जैसा कि लखनऊ में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय हुआ था।

    वहीं, PBKS की ताकत उनकी विस्फोटक शुरुआत है। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा बल्लेबाज पावरप्ले में तेजी से रन बना सकते हैं। अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी भी उनकी ताकत है। लेकिन क्वालिफायर 1 में उनकी बल्लेबाजी का ढहना दिखाता है कि दबाव में उनकी रणनीति कभी-कभी गड़बड़ा जाती है।

    नरेंद्र मोदी स्टेडियम: बल्लेबाजों का स्वर्ग

    अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम अपनी सपाट पिचों के लिए जाना जाता है, जो बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। लेकिन मौसम विभाग ने 3 जून को हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। अगर बारिश खेल बिगाड़ती है और मैच रद्द होता है, तो लीग स्टेज में टॉप पर रहने वाली PBKS को विजेता घोषित किया जाएगा। यह RCB के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि वे इस सीजन में इस मैदान पर नहीं खेले हैं, जबकि PBKS ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है।

    फैन्स का जोश और सोशल मीडिया का माहौल

    सोशल मीडिया पर RCB और PBKS के फैन्स के बीच जंग छिड़ी हुई है। स्टार स्पोर्ट्स के एक सर्वे के मुताबिक, 51% फैन्स PBKS का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 49% RCB के साथ हैं। कोहली के फैन्स चाहते हैं कि उनका ‘किंग’ इस बार ट्रॉफी उठाए, वहीं कई लोग श्रेयस को BCCI के इंग्लैंड दौरे से बाहर करने के फैसले का जवाब खिताब के रूप में देना चाहते हैं। RCB के फैन्स का जोश तो देखते ही बनता है, खासकर तब जब कोहली मैदान पर उतरते हैं। उनकी ऊर्जा और जुनून हर बार स्टेडियम में एक अलग माहौल बनाते हैं।

    क्या होगा इस फाइनल का नतीजा?

    यह फाइनल सिर्फ दो टीमों के बीच का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह कोहली की भावनाओं बनाम श्रेयस की शांति, रजत की नई कप्तानी बनाम PBKS की युवा ऊर्जा का टकराव है। RCB के पास अनुभव है, PBKS के पास जोश है। दोनों टीमें पहली बार खिताब जीतने की कगार पर हैं, और यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

    क्या विराट कोहली अपनी 18 साल की तपस्या को पूरा करेंगे? क्या श्रेयस अय्यर एक बार फिर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाएंगे? या फिर रजत पाटीदार एक नई कहानी लिखेंगे? जवाब 3 जून की रात को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिलेगा। लेकिन एक बात तय है—यह फाइनल हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक यादगार लम्हा होगा।

    अब तक की विजेता टीमें

    सीजनविजेताउपविजेताजीत का अंतर
    2008राजस्थान रॉयल्सचेन्नई सुपर किंग्स3 विकेट से
    2009डेक्कन चार्जर्सरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु6 रनों से
    2010चेन्नई सुपर किंग्समुंबई इंडियंस22 रनों से
    2011चेन्नई सुपर किंग्सरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु58 रनों से
    2012कोलकाता नाइट राइडर्सचेन्नई सुपर किंग्स5 विकेट से
    2013मुंबई इंडियंसचेन्नई सुपर किंग्स23 रनों से
    2014कोलकाता नाइट राइडर्सपंजाब किंग्स3 विकेट से
    2015मुंबई इंडियंसचेन्नई सुपर किंग्स41 रनों से
    2016सनराइजर्स हैदराबादरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु8 रनों से
    2017मुंबई इंडियंसराइजिंग पुणे सुपरजायंट्स1 रन से
    2018चेन्नई सुपर किंग्ससनराइजर्स हैदराबाद8 विकेट से
    2019मुंबई इंडियंसचेन्नई सुपर किंग्स1 रन से
    2020मुंबई इंडियंसदिल्ली कैपिटल्स5 विकेट से
    2021चेन्नई सुपर किंग्सकोलकाता नाइट राइडर्स27 रनों से
    2022गुजरात टाइटन्सराजस्थान रॉयल्स7 विकेट से
    2023चेन्नई सुपर किंग्सगुजरात टाइटन्स5 विकेट से
    2024कोलकाता नाइट राइडर्ससनराइजर्स हैदराबाद8 विकेट से

  • DHONI RETIREMENT DECISION: CSK की विदाई जीत पर बोले धोनी; कहा- अभी समय है!

    DHONI RETIREMENT DECISION: CSK की विदाई जीत पर बोले धोनी; कहा- अभी समय है!

    मुंबई: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में अपने (DHONI RETIREMENT DECISION) आखिरी मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की, लेकिन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपने भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है. रविवार को गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 83 रन की शानदार जीत के बाद धोनी ने कहा कि वे अपने भविष्य को लेकर जल्दबाज़ी में कोई फैसला नहीं करेंगे.

    धोनी ने मैच के बाद कहा, “मेरे पास फैसला करने के लिए 4-5 महीने हैं. कोई जल्दी नहीं है. हर साल शरीर को फिट रखने के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है. यह क्रिकेट का उच्चतम स्तर है. जरूरी है कि आपके अंदर भूख हो, आप टीम के लिए कितना योगदान दे सकते हैं और टीम को आपकी ज़रूरत है या नहीं.”

    धोनी ने यह भी कहा कि वे फिलहाल रांची जाएंगे और कुछ समय परिवार और बाइक राइड्स के साथ बिताएंगे. इसके बाद दो-तीन महीने में फैसला लेंगे कि वे अगले सीज़न खेलेंगे या नहीं.

    CSK ने जीता आखिरी मुकाबला, फिर भी IPL 2025 से विदाई

    चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2025 के मैच नंबर-67 में गुजरात टाइटन्स को 231 रन का विशाल लक्ष्य दिया. जवाब में GT की टीम 18.3 ओवर में 147 रन पर ढेर हो गई. यह चेन्नई के लिए सीजन का आखिरी मुकाबला था. उन्होंने 14 में से सिर्फ 4 मैच जीते और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें स्थान पर रहे.

    दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स की यह 5वीं हार रही. GT फिलहाल 18 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बनी हुई है. हालांकि, टॉप-2 की स्थिति आने वाले लीग मैच तय करेंगे.

    धोनी का यह बयान उनके प्रशंसकों के लिए उम्मीद की किरण है कि वे शायद अगला सीजन फिर से मैदान पर देखें. लेकिन क्या वह वापसी करेंगे या यह अंतिम विदाई थी, इसका जवाब आने वाले महीनों में मिलेगा.

  • Preity Zinta Post on umpire: तीसरे अंपायर की गलती पर भड़कीं प्रीति जिंटा, कहा- “ऐसी गलतियां स्वीकार्य नहीं हैं”

    Preity Zinta Post on umpire: तीसरे अंपायर की गलती पर भड़कीं प्रीति जिंटा, कहा- “ऐसी गलतियां स्वीकार्य नहीं हैं”

    मुंबई: IPL 2025 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में शनिवार को खेले गए पंजाब किंग्स (PBKS) और (Preity Zinta Post on umpire) दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच हुए विवादित फैसले ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. PBKS की सह-मालकिन और अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने तीसरे अंपायर के एक फैसले पर गुस्सा जाहिर करते हुए उसे “अस्वीकार्य” करार दिया है.

    मैच के दौरान, PBKS के बल्लेबाज शशांक सिंह ने 14वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक बड़ा शॉट खेला, जिसे DC के फील्डर करुण नायर ने बाउंड्री पर रोका. ऑन-फील्ड अंपायर ने निर्णय को तीसरे अंपायर के पास भेजा. लेकिन तीसरे अंपायर ने इसे छक्का मानने से इनकार कर दिया और सिर्फ एक रन दिया गया. Preity Zinta Post on umpire

    प्रीति जिंटा का बयान

    प्रीति जिंटा ने मैच के बाद अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इस फैसले पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा:

    “इतने हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, जहां तीसरे अंपायर के पास इतनी तकनीक उपलब्ध है, ऐसी गलतियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। मैंने मैच के बाद करुण से बात की और उसने कहा कि वो DEFINITELY एक छक्का था। मैं अब और कुछ नहीं कहूंगी।” Preity Zinta Post on umpire

    क्या था पूरा मामला?

    • शशांक सिंह का शॉट बाउंड्री के करीब करुण नायर ने पकड़ा.
    • बाउंड्री के बेहद नजदीक होने के कारण शक की स्थिति बनी.
    • तीसरे अंपायर ने कई बार वीडियो देखकर फैसला किया कि करुण का पैर बाउंड्री से नहीं टच हुआ, इसलिए रन नहीं दिया गया.
    • लेकिन करुण नायर ने मैच के बाद खुद प्रीति जिंटा से कहा कि वह शॉट छक्का था.

    सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे. क्रिकेट फैंस ने अंपायरिंग स्टैंडर्ड, VAR तकनीक, और फेयर प्ले को लेकर आलोचना की. कई फैंस ने प्रीति के बयान का समर्थन किया.

    दिल्ली की शानदार जीत

    मैच में दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज समीर रिजवी ने 25 गेंदों में 58 रनों की नाबाद तूफानी पारी खेलते हुए टीम को 207 रनों के लक्ष्य तक 19.3 ओवर में पहुंचाया. उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे.

    प्लेऑफ में पहुंची पंजाब

    हालांकि यह हार पंजाब के लिए खास नुकसानदायक नहीं रही, क्योंकि टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और 17 अंकों के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है.

    प्रीति का दो टूक संदेश

    प्रीति जिंटा का यह बयान दर्शाता है कि वे सिर्फ टीम की मालकिन नहीं, बल्कि एक सजग क्रिकेट प्रेमी भी हैं जो खेल की निष्पक्षता में विश्वास रखती हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि IPL जैसे टूर्नामेंट में अंपायरिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाना जरूरी है.

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  • Shubman Gill Test Captain!: 20 जून से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज; गिल, बुमराह, पंत या राहुल- किसे मिलेगी कमान?

    Shubman Gill Test Captain!: 20 जून से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज; गिल, बुमराह, पंत या राहुल- किसे मिलेगी कमान?

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद अब इस फॉर्मेट में नए लीडर की तलाश तेज हो गई है. ऐसे में सबसे प्रबल दावेदार के रूप में शुभमन गिल (Shubman Gill Test Captain) का नाम सामने आया है. सूत्रों की मानें तो गिल को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है. गिल के अलावा जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल और ऋषभ पंत के नाम भी इस रेस में हैं लेकिन गिल का नाम सबसे ऊपर चल रहा है.

    शुभमन गिल क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?- Shubman Gill Test Captain

    शुभमन गिल 25 साल के हैं और वे पहले भी वनडे और टी20 में भारत की कप्तानी कर चुके हैं. ऐसे में उनके पास लीडरशिप का अनुभव है. मौजूदा समय में यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे युवाओं के साथ गिल भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य की रीढ़ माने जा रहे हैं. Shubman Gill Test Captain

    गिल ने पिछले 5 सालों में टेस्ट क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है और 5 शतक भी लगाए हैं, जो यह दर्शाता है कि वे सिर्फ युवा नहीं बल्कि अनुभव और संयम का भी मेल हैं. उनकी नेतृत्व क्षमता और तकनीक इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए उपयोगी हो सकती है. Shubman Gill Test Captain

    बुमराह का अनुभव, लेकिन फिटनेस है चिंता

    जसप्रीत बुमराह ने भी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए टेस्ट कप्तानी की है. उन्होंने पर्थ में टीम को जीत दिलाई, लेकिन सिडनी टेस्ट में उनकी पीठ में चोट आ गई, जिससे वे गेंदबाज़ी नहीं कर सके और भारत मैच हार गया.

    उनकी फिटनेस एक बड़ा सवाल है. लंबे फॉर्मेट में निरंतर खेलना और कप्तानी करना दोनों जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता. इसीलिए, चयनकर्ता उनकी कप्तानी को लेकर थोड़े सतर्क हैं. Shubman Gill Test Captain

    ऋषभ पंत: टीम इंडिया का भरोसेमंद नाम

    ऋषभ पंत मौजूदा समय में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट शतक लगाए हैं. विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में वे मैच जिताने की क्षमता रखते हैं.

    हालांकि वे फिलहाल कप्तानी की रेस में उतने आगे नहीं हैं, लेकिन अगर कप्तान नहीं बनाए जाते तो उन्हें उप कप्तान की जिम्मेदारी दी जा सकती है. यह उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की योजना का हिस्सा हो सकता है.

    केएल राहुल: विदेशी धरती पर भरोसे का नाम

    केएल राहुल भी एक सशक्त उम्मीदवार हैं. उन्होंने विदेशी पिचों पर कई बार भारत को शुरुआत दी है. साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में उनके नाम टेस्ट शतक हैं.

    राहुल के नेतृत्व में शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं. वे स्वाभाविक नेता नहीं माने जाते, लेकिन अनुभव और शांत स्वभाव उन्हें लीडरशिप ग्रुप में फिट बनाता है.

    चयन कमेटी की बैठक और इंग्लैंड दौरा

    भारतीय चयन समिति की बैठक 24 मई को प्रस्तावित है. इस दिन इंग्लैंड दौरे के लिए टीम की घोषणा की जा सकती है. भारत को इंग्लैंड में 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक 5 टेस्ट मैच खेलने हैं. पहला मुकाबला हेडिंग्ले, लीड्स में खेला जाएगा. इसी दौरे पर टीम इंडिया को नया कप्तान मिल सकता है, और शुभमन गिल को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

    विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास का असर

    विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों के टेस्ट से संन्यास लेने से भारतीय टीम में एक शून्य पैदा हो गया है. कोहली के संन्यास के साथ ही टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश है, जो मनोबल, बल्लेबाज़ी और कप्तानी तीनों स्तरों पर टीम को दिशा दे सके.

    शुभमन गिल, पंत और राहुल तीनों ही इस ज़िम्मेदारी के लिए संभावित हैं, लेकिन चयनकर्ताओं की नजर भविष्य को तैयार करने पर है, जहां गिल सबसे फिट बैठते हैं.

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    सोर्स- BHASKAR