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  • Kasganj heavy rain: कासगंज में बारिश का कहर: अंडरपास में भरा पानी, इलेक्ट्रिक पोल गिरा, रेल यातायात ठप

    Kasganj heavy rain: कासगंज में बारिश का कहर: अंडरपास में भरा पानी, इलेक्ट्रिक पोल गिरा, रेल यातायात ठप

    Kasganj heavy rain: लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने कासगंज जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार को भारी बारिश के चलते कासगंज जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास नवनिर्माणाधीन अंडरपास में पानी भर गया, जिससे एक रेलवे इलेक्ट्रिक पोल गिर पड़ा। इस हादसे के चलते रेलवे लाइन पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई और ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। बीते तीन घंटे से रेल यातायात पूरी तरह से रुका हुआ है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारी जलभराव के चलते अंडरपास में जमा पानी ने पोल की नींव को कमजोर कर दिया, जिससे वह ढह गया। इस पोल के क्षतिग्रस्त होने से ट्रेनों की बिजली सप्लाई बाधित हो गई और ट्रैक के दोनों ओर की ट्रेनें रोक दी गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।

    क्या हुआ घटनास्थल पर?

    यह घटना कासगंज जंक्शन रेलवे स्टेशन के समीप घटी, जहां अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा था। भारी बारिश के कारण यह इलाका तालाब में तब्दील हो गया। रेलवे लाइन के ऊपर स्थापित इलेक्ट्रिक पोल इस जलभराव की चपेट में आ गया और अंततः गिर पड़ा। सुरक्षा कारणों से रेलवे प्रशासन ने कासगंज से गुजरने वाली ट्रेनों को स्टेशन से पहले ही रोक दिया।

    Kasganj heavy rain

    रेलवे कर्मचारियों की एक टीम पिछले तीन घंटे से ट्रैक की मरम्मत और पोल को हटाने के प्रयास में जुटी हुई है। हालाँकि अभी तक कोई हताहत की सूचना नहीं मिली है, लेकिन इस घटना ने रेलवे की कार्यप्रणाली और अंडरपास निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Kasganj heavy rain

     Kasganj heavy rain

    प्रभावित ट्रेनों की सूची और यात्रियों की परेशानी:

    कई ट्रेनें जैसे लखनऊ-पटना एक्सप्रेस, आगरा-कासगंज पैसेंजर और कानपुर-बरेली इंटरसिटी को कासगंज जंक्शन से पहले रोक दिया गया है। इन ट्रेनों में सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन की धीमी कार्यवाही की शिकायत की है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया- Kasganj heavy rain

    रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और कहा गया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल्द ही रेल यातायात बहाल किए जाने का दावा किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने नगर पालिका को भी अलर्ट कर दिया है ताकि जलभराव की समस्या से जल्द निपटा जा सके।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/kanpur-dehat/kanpur-dehat-government-doctor-reel-with-liquor-viral-video/
  • Kanpur Dehat News: सरकारी डॉक्टर ने शराब की बोतल के साथ बनाई रील, CHC अधीक्षक की वीडियो वायरल

    Kanpur Dehat News: सरकारी डॉक्टर ने शराब की बोतल के साथ बनाई रील, CHC अधीक्षक की वीडियो वायरल

    Kanpur Dehat News: सरकारी सेवाओं में अनुशासन और मर्यादा की उम्मीद की जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी इन दिनों सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गए हैं।

    शराब को ग्लैमराइज करते सरकारी डॉक्टर– Kanpur Dehat News

    एक वायरल वीडियो में डॉ. पीयूष त्रिपाठी शराब की बोतल के साथ रील बनाते हुए नजर आ रहे हैं, जिसमें वो शराब को ग्लैमराइज करते हुए बॉलीवुड गानों पर एक्टिंग करते हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में लोकप्रिय डायलॉग्स हैं, जैसे – “मज़ा न आये तो पैसे सुख से ले ले” और “इस दिल में क्या रखा है, तेरा ही दर्द छुपा रखा है”। Kanpur Dehat News

    Kanpur Dehat News

    विडंबना यह है कि वही डॉक्टर जो आम जनमानस को नशे से दूर रहने की सलाह देते हैं, अब खुद शराब की बोतल लेकर रील बना रहे हैं। यह वीडियो सरकारी ड्रेस में नहीं लेकिन सरकारी पद पर रहते हुए सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। Kanpur Dehat News

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/bareilly/bareilly-communal-violence-attempt-foiled-two-arrested/

    स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता बताया, जबकि अन्य ने सरकारी अधिकारी से अभद्र आचरण और मर्यादा उल्लंघन का आरोप लगाया।

    हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि क्या सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की सोशल मीडिया गतिविधियां स्वीकार्य हैं?

  • Bareilly Tazia fire: बरेली में प्रशासन की लापरवाही से ताजिए में लगी आग, उपनिरीक्षक निलंबित

    Bareilly Tazia fire: बरेली में प्रशासन की लापरवाही से ताजिए में लगी आग, उपनिरीक्षक निलंबित

    Bareilly Tazia fire: मोहर्रम के अवसर पर जहां पूरे देश में अमन और शांति के साथ ताजिया जुलूस निकाले जा रहे थे, वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र के गौसगंज गांव में एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। प्रशासन की ओर से सत्यापन के दौरान ताजिया की ऊंचाई को जानबूझकर कम दर्शाया गया, जिसका खामियाजा समुदाय को आगजनी और तनाव के रूप में भुगतना पड़ा।

    25 फीट ताजिया ने पकड़ी आग, मचा हड़कंप

    ग्राम गौसगंज में निकाले जा रहे ताजिया जुलूस में शामिल एक ताजिया, जिसकी वास्तविक ऊंचाई 25 फीट थी, वह बिजली के हाई टेंशन तार से टकरा गया। टकराते ही उसमें आग लग गई और कुछ ही क्षणों में वह पूरी तरह जलने लगा। आग की चपेट में ताजिए की झोपड़ी भी आ गई, जिससे भीड़ में अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

    स्थानीय लोगों और आयोजकों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करते हुए ताजिया को गौसगंज सराय से हाईवे मार्ग होते हुए कर्बला तक ले जाकर दफनाया, लेकिन तब तक इलाके में तनाव फैल चुका था।

    Bareilly Tazia fire

    सत्यापन रिपोर्ट में खेल, अधिकारी निलंबित

    इस घटना की जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि संबंधित ताजिया की ऊंचाई वास्तविक रूप से 25 फीट थी, जबकि पुलिस के सत्यापन प्रपत्र में इसे मात्र 10 फीट दर्शाया गया था। यह फर्जी जानकारी किसी हादसे की बड़ी वजह बन सकती थी।

    जांच में यह पाया गया कि थाना फरीदपुर के उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने जानबूझकर सत्यापन रिपोर्ट में गलत आंकड़ा लिखा था। इस भारी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    स्थानीय लोगों का गुस्सा, प्रशासन की किरकिरी

    स्थानीय नागरिकों और ताजियेदारों का कहना है कि मोहर्रम जैसे संवेदनशील त्योहार में प्रशासन से सावधानी और पारदर्शिता की उम्मीद होती है। अगर आग लगने से कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो सांप्रदायिक तनाव फैल सकता था।

    घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर बिजली विभाग और पुलिस दोनों विभागों ने सही डाटा पर काम किया होता, तो यह घटना रोकी जा सकती थी।

    प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश

    वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने ताजियेदारों से भी अपील की है कि वे भी बिना सत्यापन और प्रशासनिक अनुमति के मानक से बड़ा ताजिया न निकालें। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि त्योहारों के समय निरीक्षण और रिपोर्टिंग में पूरी ईमानदारी बरती जाए।

    Bareilly communal violence: बरेली में सांप्रदायिक हिंसा की साजिश नाकाम; “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे, महिला समेत दो गिरफ्तार

  • Bareilly communal violence: बरेली में सांप्रदायिक हिंसा की साजिश नाकाम; “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे, महिला समेत दो गिरफ्तार

    Bareilly communal violence: बरेली में सांप्रदायिक हिंसा की साजिश नाकाम; “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे, महिला समेत दो गिरफ्तार

    प्रमोद शर्मा/फरीदपुर, बरेली
    Bareilly communal violence: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर कस्बे में शनिवार देर रात एक बड़ी सांप्रदायिक साजिश को पुलिस और प्रशासन ने समय रहते विफल कर दिया। यह घटना मोहल्ला साहूकारा के सर्राफा बाजार में करीब रात 3:35 बजे घटी, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने दीपक अग्रवाल की दुकान के बाहर बने चबूतरे को तोड़ा और शटर पर लाठी-डंडों और रॉड से हमला कर दिया।

    हमलावरों का उद्देश्य सिर्फ तोड़फोड़ नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर लूटपाट और साम्प्रदायिक तनाव फैलाना था। घटना की गंभीरता इस बात से स्पष्ट है कि हमलावरों ने मौके पर “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाए और वीडियो में साफ दिख रहा है कि वे शांति व्यवस्था को भंग करने की पूरी तैयारी में थे।

    सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

    घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी साफ-साफ देखे जा सकते हैं। अनस, अलतमस, सलीम सहित 4–5 अन्य युवकों की पहचान की गई है, जो घटना में शामिल थे। वे न सिर्फ तोड़फोड़ कर रहे थे, बल्कि मोहल्ले में डर और दहशत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे।

    महिला की धमकी से बढ़ा तनाव

    इस बीच विशेष समुदाय की महिला मोबिना खातून ने खुलेआम बाजार में लूट की धमकी दी। यह बयान बाजार में पहले से मौजूद लोगों के बीच तनाव का कारण बना। पुलिस ने मोबिना खातून को मौके से गिरफ्तार किया और शांति भंग करने, धमकी देने तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में केस दर्ज किया है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी संदीप सिंह, कोतवाल राधेश्याम और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। हालात को नियंत्रित करने के लिए बाजार में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें महिला मोबिना खातून भी शामिल है।

    प्रशासन ने दिया सख्त संदेश

    जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। एसपी सिटी अंशिका वर्मा, एसडीएम मल्लिका नयन, और तहसीलदार सुरभि राय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का साफ संदेश है कि शहर का अमन और शांति भंग करने की साजिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

    धारा और मुकदमे

    गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें:

    • 153A: धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर दुश्मनी फैलाना
    • 295A: धार्मिक भावनाओं को आहत करना
    • 506: जान से मारने की धमकी
    • 427: नुकसान पहुंचाना
    • 151 CrPC: शांति भंग की आशंका

    इलाके में पुलिस बल तैनात

    घटना के बाद पूरे मोहल्ले में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से हालात नियंत्रण में हैं। बाजार में अब सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो रही हैं।

    स्थानीय लोगों की मांग

    स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन पर सख्त कार्रवाई हो।

    बरेली के फरीदपुर में जो कुछ भी हुआ, वह महज एक अपराध नहीं, बल्कि साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की गहरी साजिश थी। मगर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। अब देखना है कि आगे की कार्रवाई कितनी कठोर होती है और क्या दोषियों को कड़ी सजा मिल पाती है।

  • Kanpur Dehat robbery news: कानपुर देहात में 24 घंटे में दो बड़ी वारदात, दो घरों से 60 लाख के जेवरात चोरी

    Kanpur Dehat robbery news: कानपुर देहात में 24 घंटे में दो बड़ी वारदात, दो घरों से 60 लाख के जेवरात चोरी

    Kanpur Dehat robbery news: उत्तर प्रदेश का कानपुर देहात जिला इन दिनों अपराधियों के निशाने पर है। बीते 24 घंटों में जिले के भोगनीपुर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग वारदातों ने न सिर्फ आम जनता को हिला दिया बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Kanpur Dehat robbery news

    एक ओर जहां व्यापारी के साथ लूटपाट की गई, वहीं दूसरी ओर मोहम्मदपुर गांव में चोरों ने दो घरों को निशाना बनाकर लाखों के जेवरात और नकदी चुरा ली। इन घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। Kanpur Dehat robbery news

    मोहम्मदपुर गांव में दो घरों को बनाया निशाना- Kanpur Dehat robbery news

    घटना मोहम्मदपुर गांव की है, जहां बीती रात करीब 2 बजे अज्ञात चोरों ने राजेंद्र यादव (घई) और कमल सिंह उर्फ नीतू यादव के घरों में सेंधमारी कर दी।

    🔹 राजेंद्र यादव के घर से चोरी:-

    • 50 लाख रुपये तक के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी ले उड़े चोर
    • घटना के समय पूरा परिवार छत पर सो रहा था
    • सुबह उठने पर टूटी अलमारी और बिखरा सामान देख हड़कंप मच गया

    🔹 नीतू यादव के घर में सेंध:-

    • लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर और नकदी गायब
    • चोरों ने बड़ी सफाई से की वारदात, किसी को भनक तक नहीं लगी

    यह घटना गांव में अब तक की सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है, जिससे लोगों का पुलिस पर से विश्वास डगमगाने लगा है।

    पुलिस और डॉग स्क्वॉड मौके पर- Kanpur Dehat robbery news

    घटना की जानकारी मिलते ही भोगनीपुर पुलिस थाना की टीम के साथ डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक यूनिट मौके पर पहुंची। जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में न तो चौकीदार दिखता है और न ही रात में पुलिस की गश्त। कई बार शिकायत के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी।

    पीड़ितों की जुबानी- Kanpur Dehat robbery news

    राजेंद्र यादव ने बताया,

    “हम सब ऊपर छत पर सो रहे थे, सुबह 4 बजे उठे तो घर का सारा सामान बिखरा मिला। अलमारी टूटी थी और जेवर-नकदी गायब थी। ये हमारे गांव की सबसे बड़ी चोरी है।”

    गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पिछले एक महीने से क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं, लेकिन पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह है। Kanpur Dehat robbery news

    पुलिस के लिए खुली चुनौती

    इस घटना से पहले ही व्यापारी से लूट की घटना भोगनीपुर क्षेत्र में हो चुकी है। यानी 24 घंटे के भीतर दो बड़ी आपराधिक वारदातें जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/moradabad/moradabad-chadda-family-case-property-fraud-moradabad/
  • Moradabad Chadda family case: मुरादाबाद में चड्ढा परिवार पर धोखाधड़ी का मुकदमा, बहू और बेटे पर जमीन हड़पने का आरोप

    Moradabad Chadda family case: मुरादाबाद में चड्ढा परिवार पर धोखाधड़ी का मुकदमा, बहू और बेटे पर जमीन हड़पने का आरोप

    Moradabad Chadda family case: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में शराब कारोबार की दुनिया का चर्चित नाम हरभजन सिंह चड्ढा अब एक कानूनी विवाद के केंद्र में है। उनकी मौत के बाद उनकी संपत्ति को लेकर धोखाधड़ी और जालसाजी का गंभीर मामला सामने आया है। हरभजन चड्ढा के बेटे, पोते, पत्नी और बहू समेत कुल चार लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

    14 साल पुरानी पार्टनरशिप से शुरू हुआ विवाद- Moradabad Chadda family case

    एफआईआर में शिकायतकर्ता गोपाल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने हरवीर सिंह चड्ढा और उनके दादा हरभजन सिंह चड्ढा के साथ मिलकर 13 जुलाई 2010 को एक पार्टनरशिप फर्म मैसर्स चड्ढा डेवलपर्स बनाई थी। इसमें हिस्सेदारी का बंटवारा 37.5% हरभजन, 37.5% हरवीर और 25% गोपाल मिश्रा के नाम था। डीड में यह साफ लिखा गया था कि यदि किसी साझेदार की मृत्यु हो जाती है, तो यह पार्टनरशिप स्वतः समाप्त हो जाएगी। Moradabad Chadda family case

    हरभजन की मृत्यु के बाद डील को नजरअंदाज किया गया- Moradabad Chadda family case

    गोपाल मिश्रा के मुताबिक, हरभजन सिंह की 22 दिसंबर 2020 को मृत्यु हो गई, जिससे पार्टनरशिप डीड स्वतः खत्म हो गई। इसके बाद मिश्रा ने हरवीर और गुरजीत चड्ढा से संपर्क कर नई पार्टनरशिप डीड बनाने की कोशिश की। लेकिन दोनों टालते रहे और छुपकर फर्जी कागज़ात तैयार कर लिए

    बिना जानकारी के संपत्ति का सौदा, 50 लाख का भुगतान- Moradabad Chadda family case

    गोपाल मिश्रा का आरोप है कि चड्ढा परिवार ने उनकी सहमति और जानकारी के बिना फर्म के नाम पर एक इकरारनामा तैयार कर लिया, जिसमें फर्म के खाते से 50 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। गोपाल ने दावा किया कि यह फर्म पहले ही भंग हो चुकी थी और फिर भी उसे इस्तेमाल किया गया।

    आरोपी कौन-कौन?- Moradabad Chadda family case

    एफआईआर में नामजद आरोपियों में शामिल हैं:

    • हरवीर सिंह चड्ढा (पोते)
    • गुरजीत सिंह चड्ढा (पुत्र)
    • जसप्रीत कौर (पत्नी, स्व. हरभजन सिंह चड्ढा)
    • तमन्ना चड्ढा (पत्नी, हरवीर सिंह चड्ढा)

    इन सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। साथ ही कुछ अज्ञात व्यक्ति भी इस घोटाले में शामिल हो सकते हैं, जिन्हें बाद में जांच के दौरान जोड़ा जाएगा।

    एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विवेचना शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेज़ों की फॉरेंसिक जांच और वित्तीय लेन-देन की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/mirzapur-vindhyachal-temple-violence-garbha-grih-violence-case/
  • Vindhyachal temple violence: विंध्याचल मंदिर के गर्भगृह में पुजारी से मारपीट और लूट! सोने की चेन और रुद्राक्ष की माला छीन ले गए हमलावर

    Vindhyachal temple violence: विंध्याचल मंदिर के गर्भगृह में पुजारी से मारपीट और लूट! सोने की चेन और रुद्राक्ष की माला छीन ले गए हमलावर

    Vindhyachal temple violence: उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद स्थित श्रद्धा के प्रमुख केंद्र विंध्याचल धाम में स्थित माँ विंध्यवासिनी मंदिर के पवित्र गर्भगृह में बीती रात जो कुछ हुआ, उसने आस्था को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी विश्वमोहन मिश्र उर्फ बड़े श्रृंगारिया और उनके पुत्र शिवांजू मिश्र के साथ गर्भगृह में मारपीट और लूटपाट की गई। यह पूरी घटना उस वक्त घटी जब माँ का शयन श्रृंगार किया जा रहा था।

    🔴 कैसे हुआ हमला?- Vindhyachal temple violence

    घटना रात करीब 11:55 बजे की है जब मंदिर का पट बंद हो चुका था और पुजारी अपने बेटे के साथ गर्भगृह में माँ विंध्यवासिनी का श्रृंगार कर रहे थे। तभी अमित पांडेय (पुत्र रामजी पांडेय), उनके भाई सुमित पांडेय, नवनीत पांडेय और कुछ अन्य लोग जबरन गर्भगृह में घुस आए।

    उन्होंने पुजारी को पूजा न करने की धमकी दी और विरोध करने पर गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। शिवांजू मिश्र को पीटा गया और उनका सोने की चेन तथा चांदी जड़ी रुद्राक्ष की माला छीन ली गई।

    श्रद्धालुओं में भगदड़ और अफरा-तफरी- Vindhyachal temple violence

    घटना के दौरान गर्भगृह में भगदड़ मच गई। श्रद्धालु दहशत में इधर-उधर भागने लगे। सुरक्षा व्यवस्था कुछ देर के लिए चरमरा गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।

    FIR दर्ज, आरोपी अब भी बाहर- Vindhyachal temple violence

    पुजारी विश्वमोहन मिश्र की तहरीर पर विंध्याचल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

    एसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में जुटी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

    आरोपी पर पहले से हैं गंभीर मुकदमे- Vindhyachal temple violence

    विंध्याचल धाम के प्रधान श्रृंगारिया शिव जी महाराज ने इस घटना पर रोष जताते हुए बताया कि मुख्य आरोपी अमित पांडेय पर पहले से 25 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    उनमें एक केस एसआई को मारने का भी है, जिसमें वह जमानत पर बाहर है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति का मंदिर परिसर में खुलेआम घूमना चिंताजनक है।

    योगी सरकार से कार्रवाई की मांग- Vindhyachal temple violence

    शिव जी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि विंध्याचल धाम की शांति और सुरक्षा बनी रहे।

    आस्था पर हमला या प्रशासनिक लापरवाही?

    यह घटना सिर्फ एक मारपीट नहीं, श्रद्धा और पवित्रता पर सीधा हमला है। मंदिर जैसे धर्मस्थल में इस प्रकार की घटना प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है।

    श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और मांग है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए।

    माँ विंध्यवासिनी मंदिर में हुई यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह बताती है कि आस्था के केंद्र भी अब सुरक्षित नहीं रहे। ऐसे मामलों में शीघ्र और कठोर कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनी रहे।

  • Maintain Glucose Level: बारिश का मजा या शुगर का खतरा? मानसून में डायबिटीज कंट्रोल के ये 5 रामबाण उपाय!

    Maintain Glucose Level: बारिश का मजा या शुगर का खतरा? मानसून में डायबिटीज कंट्रोल के ये 5 रामबाण उपाय!

    Maintain Glucose Level: मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और ताजगी लाता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह मौसम कुछ अतिरिक्त सावधानियों की मांग करता है। बदलता तापमान, नमी और संक्रमण का खतरा शुगर के स्तर को अस्थिर बना सकता है। ऐसे में जरूरी है कि डायबिटीज पीड़ित लोग अपनी दिनचर्या, खानपान और मेडिकल टूल्स के इस्तेमाल में समझदारी दिखाएं।

    विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक मानसून में इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे पानी और हवा से फैलने वाले संक्रमण डायबिटीज मरीजों को अधिक प्रभावित करते हैं। आइए जानते हैं कैसे कुछ आसान उपाय अपनाकर आप इस मौसम को भी सुरक्षित तरीके से एन्जॉय कर सकते हैं। Maintain Glucose Level

    ✅ 1. स्मार्ट खानपान से बढ़ाएं इम्युनिटी- Maintain Glucose Level

    डायबिटिक रोगियों को बारिश में स्ट्रीट फूड से दूर रहना चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा रहता है। इसके बजाय घर का बना, गर्म और पोषण से भरपूर खाना खाएं।

    • विटामिन C, D और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर फल-सब्ज़ियां लें।
    • हरी पत्तेदार सब्जियां, अंकुरित अनाज, हल्दी वाला दूध फायदेमंद है।
    • अधपका या कच्चा खाना खाने से बचें।

    ✅ 2. पैरों की देखभाल सबसे जरूरी- Maintain Glucose Level

    बारिश में गीले जूते-मोजे, कीचड़ और गंदे पानी में चलना संक्रमण को न्योता दे सकता है। डायबिटिक फुट इंफेक्शन गंभीर समस्या बन सकता है।

    • बारिश के बाद पैरों को अच्छे से सुखाएं।
    • एंटीसेप्टिक से धोकर मॉइस्चराइज़र लगाएं।
    • गीले जूते-मोजे तुरंत बदलें और नंगे पांव न चलें।

    ✅ 3. ब्लड शुगर की नियमित निगरानी- Maintain Glucose Level

    मानसून की नमी और तापमान इंसुलिन की क्रिया पर असर डालते हैं, जिससे ग्लूकोज लेवल में उतार-चढ़ाव होता है। ऐसे में नियमित शुगर मॉनिटरिंग जरूरी है।

    Continuous Glucose Monitoring (CGM) डिवाइस जैसे FreeStyle Libre या Dexcom जैसी तकनीकें घर बैठे शुगर लेवल की निगरानी आसान बनाती हैं। Maintain Glucose Level

    • उंगली चुभोने की जरूरत नहीं
    • 24×7 रियल टाइम रिपोर्ट
    • बारिश में डॉक्टर तक न पहुंच पाने की स्थिति में बेहद मददगार

    ✅ 4. घर के अंदर करें व्यायाम- Maintain Glucose Level

    मानसून में बाहर जाना या पार्क में वॉक करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन घर के अंदर भी एक्टिव रहना जरूरी है।

    • सुबह-शाम हल्की स्ट्रेचिंग या योग करें।
    • घर की सफाई, सीढ़ियों पर चढ़ना भी हल्का व्यायाम हो सकता है।
    • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्टिविटी जरूरी है।

    ✅ 5. खुद को रखें हाइड्रेटेड

    बारिश के मौसम में पसीना कम आता है जिससे लोग कम पानी पीते हैं। लेकिन यह गलती ग्लूकोज मैनेजमेंट पर बुरा असर डाल सकती है।

    • दिनभर में कम से कम 2.5-3 लीटर पानी पिएं।
    • नारियल पानी, नींबू पानी और हर्बल टी लें।
    • कैफीन और शक्कर वाले ड्रिंक्स से बचें।

    ⚠️ अन्य जरूरी सुझाव:- Maintain Glucose Level

    बाहर निकलते समय रेनकोट या छतरी साथ रखें

    • बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
    • हाइपरग्लाइसीमिया या हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण जैसे पसीना, चक्कर, थकान आदि को नजरअंदाज न करें

    📱 तकनीक का करें स्मार्ट इस्तेमाल:

    • स्मार्टफोन एप्स से शुगर मॉनिटरिंग
    • रिमाइंडर लगाकर दवा और जांच समय पर लें
    • अपने डॉक्टर से टेली-कंसल्टेशन करें

    डायबिटीज एक जीवनशैली जनित रोग है, जिसे सही दिनचर्या, तकनीकी मदद और सतर्कता से किसी भी मौसम में नियंत्रित रखा जा सकता है। खासतौर पर मानसून में जब संक्रमण और नमी का स्तर बढ़ता है, डायबिटीज रोगियों को खुद पर खास ध्यान देना चाहिए। यदि ऊपर बताए गए सुझावों को अपनाया जाए, तो न केवल ग्लूकोज स्तर कंट्रोल में रहेगा, बल्कि आप मानसून का आनंद भी बिना तनाव के उठा सकेंगे।

    SOURCE- TV9 HINDI

  • Ghaziabad Crime news: गाजियाबाद: किशोरी ने होटल जाने से मना किया तो डंडे से सिर फोड़ा, आरोपी गिरफ्तार

    Ghaziabad Crime news: गाजियाबाद: किशोरी ने होटल जाने से मना किया तो डंडे से सिर फोड़ा, आरोपी गिरफ्तार

    Ghaziabad Crime news: गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। एक 17 वर्षीय किशोरी को होटल जाने से मना करने पर एक युवक ने डंडे से सिर पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना 22 जून 2025 को हुई, जिसके बाद किशोरी दस दिन तक कोमा में रही। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी, असद, को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा कर दिया, और हिन्दू युवा वाहिनी ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    मंदिर में हुई थी मुलाकात, धीरे-धीरे बनाया दबाव- Ghaziabad Crime news

    17 वर्षीय किशोरी स्थानीय इंटर कॉलेज की छात्रा है। परिजनों को दिए बयान के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपी असद से एक मंदिर में हुई थी। शुरुआती दोस्ती धीरे-धीरे नजदीकियों में बदली और फिर असद ने एक दिन बहला-फुसलाकर किशोरी को होटल ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी के अनुसार, इसके बाद से आरोपी लगातार तीन वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी देता रहा।

    होटल जाने से मना करने पर हुआ हमला- Ghaziabad Crime news

    22 जून को असद ने किशोरी को फिर मिलने के लिए बुलाया और होटल चलने का दबाव बनाया। जब किशोरी ने इनकार किया, तो उसने डंडे से उसके सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से किशोरी मौके पर ही बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसे खुद ही अस्पताल में भर्ती कराया और वहां से चुपचाप फरार हो गया।

    10 दिन तक कोमा में रही किशोरी, अब किया खुलासा

    घटना के बाद किशोरी को हालत गंभीर होने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। करीब 10 दिन तक पीड़िता कोमा में रही। होश में आने के बाद जब उसने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, तो परिजनों ने थाने में तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को 3 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया है।

    दो समुदायों से जुड़ा मामला, तनाव का माहौल

    घटना के बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बन गया। हिन्दू युवा वाहिनी के नेता नीरज शर्मा ने थाने पर पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    अब उठ रहे ये सवाल

    तीन साल तक शोषण होने के बाद भी मामला उजागर क्यों नहीं हो पाया?

    • आरोपी को अस्पताल में भर्ती कर भागने के बाद भी पहचानने में कितनी देरी हुई?
    • क्या स्थानीय प्रशासन और स्कूलों को ऐसे मामलों की निगरानी नहीं करनी चाहिए?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है और कोर्ट से फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग की जाएगी।

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  • Raj Thackeray Uddhav Rally: ‘जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिखाया’ दो दशक बाद एक मंच पर ठाकरे बंधु

    Raj Thackeray Uddhav Rally: ‘जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिखाया’ दो दशक बाद एक मंच पर ठाकरे बंधु

    Raj Thackeray Uddhav Rally: महाराष्ट्र की राजनीति ने शनिवार को एक ऐतिहासिक मोड़ लिया, जब दो दशक बाद ठाकरे परिवार के दो चचेरे भाई—राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे—एक साथ एक ही मंच पर नजर आए‘आवाज मराठीचा’ नामक यह महारैली मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मराठी अस्मिता, भाषा और संस्कृति की एकता को सशक्त बनाना था।

    ‘मराठी एकता की जीत’ बनी सरकार की यू-टर्न नीति

    इस रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि,

    “सरकार द्वारा थोपे जा रहे त्रिभाषा फॉर्मूले को वापस लेना मराठी अस्मिता की जीत है, और इसका श्रेय मराठी एकता को जाता है।”

    उन्होंने मंच से मराठी स्वाभिमान की हुंकार भरते हुए कहा कि भाषा कोई बाधा नहीं, बल्कि पहचान है, और उसे किसी सरकारी एजेंडे के तहत दबाया नहीं जा सकता।

    “महाराष्ट्र राजनीति से बड़ा है” – राज ठाकरे

    राज ठाकरे ने अपने भाषण में इस रैली को भावनात्मक और वैचारिक एकता का प्रतीक बताया।
    उन्होंने कहा,

    “मैंने पहले ही कहा था कि मेरा महाराष्ट्र किसी भी राजनीतिक लड़ाई से बड़ा है। और आज, 20 साल बाद मैं और उद्धव साथ खड़े हैं।”

    राज ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा,

    “जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया – हम दोनों भाइयों को एक साथ लाकर।”

    इस बात पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा और मराठी मानुष में उम्मीद की एक नई लहर दिखाई दी।

    “मुंबई पर हाथ डाला तो देखो मराठी मानुष का बल”

    राज ठाकरे ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि

    “मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होगी। अगर किसी ने ऐसा करने की कोशिश की, तो मराठी समाज उसका जवाब देगा।”

    उन्होंने मराठी भाषा को दबाने की कोशिशों पर सवाल उठाए और कहा कि हिंदी थोपने की नीति नहीं चलेगी

    “ये एजेंडा है, प्रेम नहीं” – हिंदी पर टिप्पणी

    राज ठाकरे ने कहा कि

    “अचानक हिंदी को क्यों इतना बढ़ावा दिया जा रहा है? ये भाषा प्रेम नहीं, बल्कि एक एजेंडा है। हम पर हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है।”

    उन्होंने दोगली राजनीति पर भी हमला बोला,

    “जब हमारे बच्चे इंग्लिश मीडियम में पढ़ते हैं, तो मराठी संस्कृति पर सवाल उठाए जाते हैं। लेकिन जिन बीजेपी नेताओं ने मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई की, उनके हिंदुत्व पर कोई सवाल नहीं उठा। ये दोहरा रवैया अब नहीं चलेगा।”

    क्या बदलेगी ठाकरे भाइयों की ये एकता?

    विश्लेषकों के अनुसार, यह मंच केवल सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक नहीं बल्कि मुंबई की आगामी बीएमसी चुनावों में भी एक बड़ा संकेत है। सवाल यह है कि क्या यह एकता सिर्फ एक रैली तक सीमित रहेगी या आने वाले समय में यह एक नया राजनीतिक मोर्चा बन सकती है?

    SOURCE- NDTV INDIA