Sonbhadra Sawan Kanwar Meeting: आगामी सावन माह और कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर जिला प्रशासन सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में 4 जुलाई को सोनभद्र कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के प्रमुख धर्मगुरुओं, विभिन्न संप्रदायों के प्रतिनिधियों, मंदिर प्रबंध समितियों और जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनभद्र 📍 सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन मुस्तैद ▪️ DM बी.एन. सिंह व SP अशोक मीणा ने की समन्वय बैठक ▪️ धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा की तैयारी ▪️ कांवड़ मार्गों पर CCTV, ड्रोन व पुलिस बल की तैनाती ▪️ डीजे पर अश्लील गाने बैन, केवल… pic.twitter.com/sTwLop9S0s
श्रद्धालुओं की भीड़ और तैयारियां– Sonbhadra Sawan Kanwar Meeting
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सावन माह में जनपद के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, और कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:-
प्रमुख धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई,
पेयजल व शौचालय,
स्वास्थ्य शिविर,
रैन बसेरा,
विद्युत आपूर्ति,
बैरिकेडिंग व साइनेज बोर्ड जैसी सुविधाएं समय पर पूरी कर ली जाएं।
पुलिस अधीक्षक की सुरक्षा पर विशेष योजना– Sonbhadra Sawan Kanwar Meeting
एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रा मार्गों की पहचान कर वहां विशेष पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त:
CCTV कैमरे,
ड्रोन से निगरानी,
यातायात नियंत्रण,
फायर ब्रिगेड व्यवस्था की भी पूरी योजना बनाई जा चुकी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे पर अश्लील गाने नहीं चलेंगे। केवल भजन, भक्ति गीत और धार्मिक संगीत ही प्रसारित किया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मार्ग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। Sonbhadra Sawan Kanwar Meeting
सोशल मीडिया पर सतर्कता– Sonbhadra Sawan Kanwar Meeting
एसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि यदि किसी आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन पूर्णतः वर्जित रहेगा।
बैठक में उपस्थित धर्मगुरुओं और समिति प्रतिनिधियों ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और सहयोग का आश्वासन दिया। सभी ने सामूहिक रूप से अनुशासन और शांति बनाए रखने पर सहमति जताई।
NNS IMPACT: उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से सामने आए एक पुलिसिया विवाद ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। मामला अयाना थाना क्षेत्र के वबाइन चौकी से जुड़ा है, जहां चौकी इंचार्ज दरोगा अवनीश कुमार द्वारा एक दुकानदार को थप्पड़ मारने की घटना CCTV में कैद हो गई। वीडियो वायरल होने के बाद NATION NOW समाचार ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया, जिसका असर तत्काल दिखाई दिया।
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | औरैया ▪️ वर्दी की आड़ में दबंगई! ▪️ वबाइन चौकी इंचार्ज ने दुकान में मचाया बवाल ▪️ सेंगनपुर निवासी दुकानदार हसमुल खां को मारा थप्पड़ ▪️ घटना CCTV में कैद, वीडियो हुआ वायरल ▪️ गाली-गलौज और धमकी के गंभीर आरोप ▪️ पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार… pic.twitter.com/rDM43obGAD
सेंगनपुर निवासी हसमुल खां नामक युवक अपनी इलेक्ट्रॉनिक दुकान के बाहर अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था। इसी दौरान वबाइन चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार अपने पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और युवक को बिना किसी कारण थप्पड़ मार दिया। घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ भी नहीं पाए। NNS IMPACT
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | औरैया ▪️ NATION NOW समाचार की खबर का बड़ा असर ▪️ थप्पड़कांड में चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार सस्पेंड ▪️ दुकानदार को दोस्तों के साथ खाना खाते वक्त मारा था थप्पड़ ▪️ घटना CCTV में कैद, वीडियो हुआ था वायरल ▪️ SP अभिजीत आर शंकर ने की त्वरित कार्रवाई ▪️ पुलिस की दबंगई… pic.twitter.com/7mAlu9zQGX
यह पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों में आक्रोश फैल गया। पीड़ित हसमुल खां ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। NNS IMPACT
NATION NOW समाचार द्वारा इस मामले को प्राथमिकता के साथ दिखाए जाने के कुछ ही घंटों में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने दरोगा अवनीश कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि वर्दी में रहते हुए ऐसा आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का रुख– NNS IMPACT
घटना के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां जनता का विश्वास कायम रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। लोगों का कहना है कि अगर मीडिया इस खबर को न उठाता, तो शायद मामला दबा दिया जाता।
क्या कहते हैं कानून के जानकार?
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी को और बढ़ाती हैं। वर्दी पहनने का मतलब कानून का रक्षक होना है, न कि उसका दुरुपयोग करना। दरोगा द्वारा इस प्रकार की हरकत न केवल विभाग की छवि को धूमिल करती है बल्कि समाज में भय का वातावरण भी उत्पन्न करती है।
अब आगे क्या?
हालांकि दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन मामले की जांच जारी है। पुलिस विभाग इस बात की तह तक जाएगा कि दरोगा द्वारा ऐसा आचरण क्यों किया गया। क्या यह अकेली घटना थी या इसके पीछे कोई लंबी पृष्ठभूमि है।
Etah girl murder: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सकरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत बारा समसपुर गांव में 20 वर्षीय युवती का खून से लथपथ शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके कमरे में बेड पर पाया गया। मृतका की हाल ही में सगाई हुई थी और कुछ ही दिनों में उसकी बारात आने वाली थी। ऐसे में उसकी मौत ने परिवार के साथ पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
कमरे में अकेली थी युवती- Etah girl murde
स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती अपने कमरे में अकेली थी और अचानक घर में चीख-पुकार सुनाई दी। जब परिवार के सदस्य कमरे में पहुंचे, तो युवती का शव खून से सना हुआ बेड पर पड़ा था। यह नजारा देख सभी सन्न रह गए। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी जलेसर, थाना सकरौली पुलिस और अन्य दो थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने भी पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर बारीकी से जांच की।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला निर्मम हत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों और गांव वालों से पूछताछ जारी है और हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। युवती की हाल ही में हुई सगाई और शादी की तैयारियों के बीच इस घटना ने पूरे माहौल को गमगीन बना दिया है।
गांव में मातम का माहौल है और परिजन पूरी तरह से टूट चुके हैं। शादी की तैयारियों में जुटा परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
यह मामला न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि पुलिस प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता की भी परीक्षा है।
F-35B fighter breakdown: केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ब्रिटिश रॉयल नेवी के अत्याधुनिक F-35B फाइटर जेट की 14 जून को आपातकालीन लैंडिंग हुई थी। लैंडिंग के 19 दिन बाद भी जेट को फिर से उड़ान भरने लायक नहीं बनाया जा सका है। अब ब्रिटिश नौसेना इस फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ जेट को टुकड़ों में खोलकर सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से वापस ले जाने की योजना पर काम कर रही है। F-35B fighter breakdown
Lightning ⚡ Fast Facts: The F-35B is a Short Takeoff & Vertical Landing (STOVL) Fifth-Generation Fighter Jet pic.twitter.com/aAUm5XMXmZ
— F-35 Lightning II Joint Program Office (@theF35JPO) May 12, 2022
🔧 तकनीकी खराबी बनी मुश्किल, उड़ान की उम्मीद टूटी– F-35B fighter breakdown
ब्रिटेन की एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा यह F-35B विमान केरल के तट से करीब 100 समुद्री मील दूर ऑपरेशन कर रहा था, जब अचानक खराब मौसम और ईंधन की कमी के चलते उसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।
विमान की लैंडिंग के बाद जब उसे एयरक्राफ्ट कैरियर पर लौटाने की तैयारी हो रही थी, हाइड्रोलिक सिस्टम फेलियर सामने आया। इस तरह की खराबी बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि यह फाइटर जेट की टेकऑफ और लैंडिंग क्षमता को सीधे प्रभावित करती है।
🧑🔧 रॉयल नेवी की टीम भी रही असफल– F-35B fighter breakdown
शुरुआत में तीन टेक्नीशियन की रॉयल नेवी टीम ने विमान की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन खराबी इतनी गंभीर थी कि वह इसे ठीक नहीं कर सके। 19 दिन बीत जाने के बाद भी यूके से इंजीनियरों की मुख्य टीम भारत नहीं पहुंच सकी, जिससे अब इसकी वापसी को लेकर वैकल्पिक योजना बनाई जा रही है।
🛫 अब टुकड़ों में ले जाया जाएगा F-35B
जानकारी के मुताबिक, जेट को आंशिक रूप से डिसमेंटल (टुकड़ों में विभाजित) कर, उसके कलपुर्जों को सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के ज़रिए ब्रिटेन भेजा जाएगा। इससे पहले इस तरह की स्थिति बहुत ही कम देखने को मिली है, जब एक ऑपरेशनल फाइटर जेट को उड़ाने की बजाय वापस ले जाना पड़े। F-35B fighter breakdown
🛬 भारतीय वायुसेना और CISF की भूमिका सराहनीय
आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की तत्परता से F-35B की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी। इसके बाद CISF ने जेट को एयरपोर्ट के बे-4 में सुरक्षा प्रदान की। शुरुआत में ब्रिटिश टीम ने एयर इंडिया के हैंगर में विमान रखने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में लगातार बारिश के कारण उन्होंने अपनी सहमति दी।
🔍 फाइटर जेट के लिए हैंगर में स्थानांतरण की स्वीकृति
केरल में मॉनसून की तेज बारिश और उपकरणों की सुरक्षा के मद्देनज़र, एयरपोर्ट प्रशासन और एयर इंडिया ने रॉयल नेवी को जेट को हैंगर में रखने का प्रस्ताव दिया था। पहले तो इसे ठुकरा दिया गया, लेकिन बाद में रॉयल नेवी को जेट को हैंगर में ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
BANDA CONGRESS PROTEST: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में 5000 प्राइमरी विद्यालय बंद करने के आदेश के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने इस फैसले को “शिक्षा विरोधी नीति” बताते हुए जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। बांदा जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और इसे संविधान व बच्चों के भविष्य के खिलाफ बताया।
ब्रेकिंग न्यूज बांदा | यूपी में स्कूल बंद करने पर कांग्रेस का प्रदर्शन 🔹 भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नीति का विरोध 🔹 स्कूल बंद, शराब के ठेके बढ़ाने का आरोप 🔹 बांदा में कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन 🔹 कांग्रेस बोली- शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है#UPPolitics… pic.twitter.com/KuFJqK0scF
🔴 कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप– BANDA CONGRESS PROTEST
बांदा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब, वंचित और मजलूम तबके के बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है, लेकिन सरकार विद्यालयों को बंद करके उस अधिकार का उल्लंघन कर रही है।
राजेश दीक्षित का आरोप है कि,
"जहां एक ओर सरकार बच्चों की शिक्षा के द्वार बंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर शराब के ठेकों की संख्या में इजाफा कर रही है। यह नीति नवनिहाल पीढ़ी को गर्त में ले जाने वाली है।"
📌 ‘शिक्षा नहीं, शराब नीति’ का विरोध– BANDA CONGRESS PROTEST
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार शिक्षा पर ध्यान देने के बजाय राजस्व बढ़ाने के लिए शराब की दुकानों को बढ़ावा दे रही है। यह फैसला खासतौर पर गांवों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब बच्चों के खिलाफ है, जिनकी शिक्षा का एकमात्र सहारा ये प्राइमरी स्कूल थे। BANDA CONGRESS PROTEST
🏫 कांग्रेस की पुरानी नीति का हवाला
कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि जब उनकी सरकार थी, तो उन्होंने शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और स्कूलों की संख्या बढ़ाने का काम किया था। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शिक्षा सुविधाएं नहीं थीं। अब भाजपा सरकार वही स्कूल बंद करके शिक्षा को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
🔖 बाइट:–
राजेश दीक्षित, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस, बांदा
"सरकार शिक्षा को नजरअंदाज कर रही है और शराब को बढ़ावा दे रही है। ये संविधान और समाज दोनों के खिलाफ है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।"
UP CABINET MEETING: उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में 30 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिनमें सबसे प्रमुख रोजगार प्रोत्साहन नीति और यूपी रोजगार मिशन की मंजूरी रही। यह पहली बार है जब राज्य सरकार विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने की पहल करने जा रही है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे, महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास, डिजिटल फाइनेंस और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। UP CABINET MEETING
🔹 अब विदेशों में भी मिलेगा रोजगार, बनेगा नया रोजगार मिशन- UP CABINET MEETING
यूपी की योगी सरकार ने अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्रम और सेवायोजन विभाग के प्रस्तावों के अंतर्गत ‘यूपी रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है, जिसके तहत हर साल 30-35 हजार बेरोजगारों को विदेशों में और करीब 1 लाख युवाओं को भारत में रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह पहली बार है जब राज्य सरकार विदेश में नौकरी दिलाने की ज़िम्मेदारी निभाएगी। अब तक यह सुविधा केवल निजी एजेंसियों के माध्यम से ही संभव थी। UP CABINET MEETING
🔹 रोजगार प्रोत्साहन नीति: अलग-अलग उद्योगों को मिलेगी सब्सिडी- UP CABINET MEETING
कैबिनेट बैठक में रोजगार बढ़ाने की दृष्टि से नई नीति लागू की गई है। इसके तहत अलग-अलग उद्योगों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुछ बड़ी कंपनियों को विशेष रियायतें दी जाएंगी ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। UP CABINET MEETING
🔹 आगरा-लखनऊ को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा लिंक रोड
सरकार ने 4776 करोड़ रुपए की लागत से 50 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी दी है, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यातायात और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार और उद्योग को भी फायदा मिलेगा। UP CABINET MEETING
बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को मंजूरी दी है। इसके तहत एक रेग्युलेशन पॉलिसी बनाई गई है, जिससे वहां के संसाधनों का औद्योगिक रूप से बेहतर उपयोग हो सकेगा। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिलेंगे।
🔹 महिला श्रमिकों को मिला अधिकार, 29 फैक्ट्रियों से हटा प्रतिबंध
अब महिलाएं उन 29 प्रकार की फैक्ट्रियों में भी काम कर सकेंगी, जहां पहले उनके काम करने पर रोक थी। राज्य सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में केवल 5% महिलाएं ही कारखानों में काम कर रही हैं। यह संख्या अब बढ़ने की उम्मीद है।
🔹 NSG को दी जाएगी अयोध्या में भूमि- UP CABINET MEETING
कैबिनेट ने अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को 99 वर्षों की लीज पर भूमि देने की मंजूरी दी है। यह जमीन अयोध्या कैंट के पास नजूल भूमि के अंतर्गत आती है और इसका कुल क्षेत्रफल 8 एकड़ है।
🔹 JPNIC की जिम्मेदारी अब LDA के पास- UP CABINET MEETING
जेपी सेंटर (JPNIC) की जिम्मेदारी अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपी गई है। इसके संचालन और मरम्मत के लिए अगले 30 वर्षों में 821 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले इसकी जिम्मेदारी एक सोसायटी के पास थी, जिसे अब भंग कर दिया गया है।
🔹 यूपी बजट व्यवस्था अब डिजिटल- UP CABINET MEETING
उत्तर प्रदेश में अब पूरा बजट प्रबंधन सिस्टम ऑनलाइन किया जाएगा। इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के माध्यम से सरकार की वित्तीय पारदर्शिता और कार्यप्रणाली और मजबूत होगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए वन टाइम टैक्स (2.5%) की नई व्यवस्था लागू की गई है।
Pilibhit School Merger: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विद्यालय समायोजन अभियान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। जनपद के बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पस्तोर कुइया के मजरा फिरसाह में ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय के समायोजन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया Pilibhit School Merger
पीलीभीत में विद्यालय समायोजन का ग्रामीणों ने किया विरोध 🔹 40 बच्चों वाले स्कूल को किया जा रहा है समायोजित 🔹 ग्रामीणों ने कहा- बच्चों को नहीं भेजेंगे दूसरे गांव 🔹 जर्जर स्कूल में समायोजन पर उठाए सवाल 🔹 अधिकारी कैमरे पर बोलने से बचते दिखे#PilibhitNews#SchoolMergerProtest… pic.twitter.com/WPqMsKCkAK
ग्रामीणों का आरोप है कि फिरसाह गांव के विद्यालय में फिलहाल 40 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग ने स्कूल को पास के पस्तोर गांव में समायोजित करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां समायोजन किया जा रहा है, उस स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हालत में है और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। Pilibhit School Merger
बच्चों को स्कूल न भेजने की चेतावनी- Pilibhit School Merger
गांव वालों ने साफ कहा है कि वे अपने बच्चों को अन्य गांव के स्कूल में नहीं भेजेंगे। उन्होंने अपने बच्चों को फिलहाल घर पर ही बैठाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि अच्छी इमारत और सुविधा होने के बावजूद उनके स्कूल को बंद कर देना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप- Pilibhit School Merger
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सरकार पर शिक्षा विरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा गरीबों के बच्चों को पढ़ाई से दूर रखने की है। एक ग्रामीण का कहना था, “हमारे स्कूल की इमारत पक्की और सुरक्षित है, फिर भी बच्चों को जर्जर स्कूल में क्यों भेजा जा रहा है?”
अधिकारी कैमरे पर खामोश- Pilibhit School Merger
मामले में बिलसंडा के खंड शिक्षा अधिकारी शिव शंकर मौर्य ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं शिक्षा विभाग का आदेश है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का निकटतम स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। बिलसंडा ब्लॉक में कुल 220 विद्यालय हैं, जिनमें से कई की छात्र संख्या कम है।
Meerut to Kashi Vande Bharat: मेरठ और वाराणसी (काशी) के यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात सामने आई है। रेलवे ने इन दोनों शहरों के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की घोषणा कर दी है। 813 किमी की यह दूरी अब बिना किसी ट्रांसफर के तय की जा सकेगी। मेरठ से वाराणसी तक सीधी वंदे भारत ट्रेन का संचालन 28 अगस्त से शुरू होगा।
इस महत्वपूर्ण पहल का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। मेरठ के सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन धार्मिक नगरी मेरठ और काशी को जोड़ने के साथ-साथ पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को भी नजदीक लाएगी। Meerut to Kashi Vande Bharat
सांसद अरुण गोविल का बयान- Meerut to Kashi Vande Bharat
सांसद अरुण गोविल ने बताया कि यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया था। “काशी और मेरठ दोनों धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण शहर हैं। इनका वंदे भारत ट्रेन से सीधा जुड़ना आम यात्रियों के लिए बहुत बड़ी राहत है,” उन्होंने कहा।
कितना समय लेगी वंदे भारत ट्रेन?- Meerut to Kashi Vande Bharat
मेरठ और काशी के बीच 813 किमी की दूरी तय करने में यह ट्रेन लगभग 11.55 घंटे का समय लेगी। मौजूदा समय में यात्रियों को इस दूरी को तय करने में 15 से 17 घंटे लग जाते हैं। वंदे भारत के शुरू होने से यात्रियों का न केवल समय बचेगा, बल्कि सफर भी आरामदायक हो जाएगा।
कब और कहां से चलेगी ट्रेन? Meerut to Kashi Vande Bharat
रेलवे द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार:
जाने का समय:
मेरठ सिटी स्टेशन से सुबह 6:35 बजे रवाना
मुरादाबाद – 8:40 बजे
बरेली – 10:11 बजे
लखनऊ – 1:55 बजे
अयोध्या – 3:55 बजे
वाराणसी कैंट – शाम 6:25 बजे
वापसी का समय:
वाराणसी कैंट से सुबह 9:10 बजे
अयोध्या – 11:40 बजे
लखनऊ – 1:30 बजे
बरेली – 5:15 बजे
मुरादाबाद – 6:50 बजे
मेरठ – रात 9:05 बजे
पहले लखनऊ तक ही थी सेवा
बता दें कि मेरठ से लखनऊ तक वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 31 अगस्त 2023 को हुई थी। इस ट्रेन का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से किया था। अब इसका विस्तार वाराणसी तक कर दिया गया है। Meerut to Kashi Vande Bharat
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
इस ट्रेन में अत्याधुनिक कोच, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, आरामदायक सीटें और ऑन-बोर्ड कैटरिंग जैसी सुविधाएं होंगी। इसका फायदा छात्रों, व्यापारियों, धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा।
Bihar Assembly Election 2025: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन इससे पहले INDIA ब्लॉक के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है। झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कड़े तेवर अपनाए हैं। JMM ने साफ कर दिया है कि वह इस बार बिहार में ‘मेहमान’ की भूमिका में नहीं, बल्कि एक मजबूत ‘भागीदार’ के रूप में उतरना चाहती है। पार्टी ने INDIA ब्लॉक से बिहार में कम से कम 12-13 सीटों की मांग की है, लेकिन गठबंधन के नेतृत्व, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस, ने अभी तक इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया है। इससे JMM के नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नाराज हैं, जिसने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी: बिहार में ‘सम्मान’ की मांग- Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी का कारण सिर्फ सीटों की संख्या नहीं, बल्कि INDIA ब्लॉक की ‘एकतरफा’ कार्यशैली भी है। JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने स्पष्ट कहा, “हम किसी के मोहताज नहीं हैं। अगर गठबंधन हमें सम्मानजनक स्थान नहीं देता, तो हम बिहार में अकेले चुनाव लड़ने को तैयार हैं।” JMM का मानना है कि बिहार के झारखंड से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों, जैसे झाझा, चकाई, कटोरिया, और बनमनखी में उसका जनाधार है। इन क्षेत्रों में आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के मतदाता JMM के लिए संभावनाएं बढ़ाते हैं। पार्टी ने इन सीटों पर बूथ मैनेजमेंट और उम्मीदवारों की स्क्रूटनी भी शुरू कर दी है, जो उसकी गंभीरता को दर्शाता है।
झारखंड में गठबंधन, बिहार में उपेक्षा?- Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी की एक बड़ी वजह यह है कि झारखंड में उसने RJD और कांग्रेस को सम्मानजनक सीटें दी थीं। 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM ने 34 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 16 और RJD ने 4 सीटें हासिल की थीं। झारखंड के संथाल परगना और कोल्हान जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में INDIA ब्लॉक ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें संथाल की 18 में से 17 सीटें गठबंधन के खाते में गईं। लेकिन बिहार में JMM को गठबंधन की बैठकों में शामिल नहीं किया गया, जिसे पार्टी ‘अपमान’ के रूप में देख रही है।
JMM को यह भी शिकायत है कि कांग्रेस ने झारखंड में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। संथाल और कोल्हान में कांग्रेस की पदयात्राएं और पंचायत सम्मेलन JMM को यह संदेश दे रहे हैं कि सहयोगी दल उसकी जमीन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। JMM को डर है कि यह रणनीति बिहार की तरह झारखंड में भी सीटों की मांग को बढ़ा सकती है।
RJD की अगुवाई और सीट बंटवारे की चुनौती- Bihar Assembly Election 2025
बिहार में INDIA ब्लॉक की अगुवाई RJD कर रही है, जो गठबंधन के सबसे बड़े दल के रूप में 144 सीटों पर अपनी दावेदारी रख चुकी है। कांग्रेस ने 70 सीटों की मांग की है, जबकि वाम दलों ने 30 और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने 18 सीटों का दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक, अगर पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) गठबंधन में शामिल होती है, तो उसे 3 सीटें दी जा सकती हैं। इस फॉर्मूले में JMM के लिए कोई जगह नहीं दिख रही, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया है। Bihar Assembly Election 2025
RJD ने अब तक चार बार सीट बंटवारे पर बैठकें की हैं, लेकिन JMM को इनमें शामिल नहीं किया गया। 5 जुलाई 2025 को RJD का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसके बाद सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला संभव है। लेकिन RJD के झारखंड महासचिव कैलाश यादव ने JMM को नसीहत दी है कि वह ‘अहंकार’ में न बोले और सही मंच पर अपनी बात रखे। उन्होंने तेजस्वी यादव की लोकप्रियता का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में RJD का ‘तूफान’ है, जिसे कोई कम नहीं आंक सकता।
कांग्रेस की कूटनीति और तटस्थ रुख- Bihar Assembly Election 2025
कांग्रेस इस विवाद में कूटनीति का रास्ता अपना रही है। झारखंड कांग्रेस के नेता केशव महतो कमलेश ने कहा, “जैसे झारखंड में हमने आपसी सहमति से फैसला लिया, वैसे ही बिहार में भी सहयोगी दल मिलकर समाधान निकालेंगे।” लेकिन कांग्रेस की यह नरम भाषा JMM की नाराजगी को शांत करने में कितनी कारगर होगी, यह देखना बाकी है। कांग्रेस ने बिहार में 40-50 सीटों की मांग की है, लेकिन 2020 में 70 सीटों पर केवल 19 जीतने के कारण RJD उसकी मांग को कम करने पर विचार कर रही है।
JMM का बिहार में प्रदर्शन: अतीत और संभावनाएं- Bihar Assembly Election 2025
JMM का बिहार में चुनावी इतिहास मिला-जुला रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में JMM ने 5 सीटों पर चुनाव लड़ा और 25,213 वोट हासिल किए। 2015 में उसने 32 सीटों पर 1,03,940 वोट और 2010 में 41 सीटों पर 1,76,400 वोट प्राप्त किए थे। साल 2000 में JMM ने 85 सीटों पर चुनाव लड़ा और 13,06,152 वोट हासिल किए, जो उसका अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में JMM ने बिहार में उम्मीदवार नहीं उतारे और INDIA ब्लॉक का समर्थन किया था।
JMM का मानना है कि झारखंड से सटे बिहार के क्षेत्रों में उसका प्रभाव है, खासकर आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के बीच। पार्टी ने झाझा, चकाई, कटोरिया, धमदाहा, और पीरपैंती जैसी सीटों पर दावेदारी ठोकी है। अगर गठबंधन में जगह नहीं मिली, तो JMM इन सीटों पर अकेले उतरने की तैयारी कर रही है, जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है।
BJP का तंज और संभावित प्रभाव- Bihar Assembly Election 2025
बीजेपी इस विवाद को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। बीजेपी नेता आदित्य साहू ने कहा, “RJD और कांग्रेस कभी JMM को तवज्जो नहीं देंगे। वे झारखंड की सत्ता का इस्तेमाल कर रहे हैं।” बीजेपी का दावा है कि गठबंधन की यह अंतर्कलह NDA को फायदा पहुंचाएगी, जो पहले से ही बिहार में अपनी रणनीति को मजबूत कर रहा है।
झारखंड सरकार पर खतरे के बादल?- Bihar Assembly Election 2025
JMM की नाराजगी का असर सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रह सकता। झारखंड में JMM के 34 विधायकों के साथ सरकार चल रही है, लेकिन बहुमत के लिए 41 विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के 16 और RJD के 4 विधायक गठबंधन का हिस्सा हैं। अगर JMM की नाराजगी बढ़ती है, तो झारखंड में गठबंधन की एकता पर सवाल उठ सकते हैं, जिसका असर सरकार की स्थिरता पर पड़ सकता है। Bihar Assembly Election 2025
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन INDIA ब्लॉक के भीतर सीट बंटवारे का विवाद गठबंधन की राह में रोड़ा बन रहा है। JMM की 12-13 सीटों की मांग और हेमंत सोरेन की नाराजगी ने RJD और कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। 5 जुलाई को RJD के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अगर JMM अकेले चुनाव लड़ती है, तो कई सीटों पर वोटों का बंटवारा NDA को फायदा पहुंचा सकता है। दूसरी ओर, अगर गठबंधन में सहमति बनती है, तो INDIA ब्लॉक NDA को कड़ी टक्कर दे सकता है। फिलहाल, सियासी गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि क्या JMM बिहार में अपनी जमीन मजबूत कर पाएगी, या गठबंधन की खींचतान उसकी राह में बाधा बनेगी?
Kanwar Yatra Bareilly: सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और साथ ही शुरू हो गई है शिवभक्तों की कांवर यात्रा। लेकिन बरेली में यह आस्था की यात्रा जानलेवा साबित हो सकती है। टूटी-फूटी सड़कें और जगह-जगह गड्ढों ने यात्रा मार्ग को अत्यंत जोखिमपूर्ण बना दिया है। आए दिन हो रहे छोटे-बड़े हादसों ने कांवरियों की चिंता बढ़ा दी है। Kanwar Yatra Bareilly 2025
🔴 ब्रेकिंग | बरेली | कांवर यात्रा मार्ग बने खतरा, प्रशासन सख्त ▪️ बरेली में कांवर यात्रा मार्ग पर गड्ढों और टूटी सड़कों से खतरा बढ़ा ▪️ जिलाधिकारी व SSP ने तत्काल सुधार के दिए आदेश ▪️ मांस की दुकानों पर रोक, साफ-सफाई के विशेष निर्देश ▪️ हाई अलर्ट घोषित, मार्गों पर पुलिस बल तैनात… pic.twitter.com/jrQJwqQuMH
जिलाधिकारी और एसएसपी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सुधार कार्यों का आदेश दिया है। यात्रा मार्गों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने के लिए अधिकारियों को अल्टीमेटम जारी किया गया है।
प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:– Kanwar Yatra Bareilly
कांवर यात्रा मार्ग की तत्काल मरम्मत की जाए
गड्ढों और खराब सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए
साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए जाएं
कांवर यात्रा के दौरान मांस की सभी दुकानों को पूर्णतः बंद रखा जाए
किसी भी तरह की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई होगी
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम– Kanwar Yatra Bareilly
प्रशासन ने कांवर मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और पूरे मार्ग पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। CCTV कैमरे, मेडिकल कैंप और आपातकालीन सहायता केंद्र भी जगह-जगह लगाए जा रहे हैं। Kanwar Yatra Bareilly
शिवभक्तों से की गई अपील– Kanwar Yatra Bareilly
प्रशासन ने कांवरियों से नियमों का पालन करने और सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, अधिकारियों ने कहा है कि श्रद्धालुओं का सहयोग इस यात्रा को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।