बरेली: बारादरी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे (Bareilly Murder) शहर में सनसनी मचा दी। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों के शक में एक युवक की चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि शक और संदेह के कारण मानवीय रिश्तों के बिगड़ते स्वरूप पर भी सवाल उठाए हैं। Bareilly Murder
यह सनसनीखेज मामला 31 मई 2025 की दोपहर लगभग 2:30 बजे सामने आया, जब अरशद उर्फ गुड्डू को आमिर और उसके बेटे फरमान ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। Bareilly Murder
पत्नी के साथ संबंधों के शक में हत्या- Bareilly Murder
पुलिस पूछताछ में आरोपी आमिर ने स्वीकार किया कि उसे अरशद पर अपनी पत्नी के साथ नाजायज संबंधों का शक था। अरशद उसके घर के सामने कारखाने में काम करता था और अक्सर उसकी पत्नी से हँसी-मज़ाक करता दिखता था। कई बार मना करने के बावजूद अरशद नहीं रुका, जिससे मोहल्ले में बदनामी हो रही थी। इसी गुस्से में आकर आमिर ने उसकी हत्या की योजना बनाई। Bareilly Murder
मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी- Bareilly Murder
हत्या के बाद पुलिस ने बारादरी थाना प्रभारी धनंजय सिंह के नेतृत्व में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पीलीभीत बाईपास के पास आमिर को घेरा। खुद को फंसा देख आमिर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आमिर के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके से अवैध हथियार और चाकू बरामद- Bareilly Murder
पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और खून से सना चाकू बरामद किया। आमिर मूल रूप से ट्रक ड्राइवर रहा है और फिलहाल ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहा था। आरोपी के छह बच्चे हैं और वह खैराती मस्जिद के पास किराये के मकान में रहता है। Bareilly Murder
आरोपी पर दर्ज हुए दो केस
पुलिस ने आरोपी आमिर पर पहले से हत्या का मामला दर्ज किया था, अब मुठभेड़ के बाद आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा जोड़ा गया है। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य पहलुओं से भी पर्दा हटेगा। Bareilly Murder
बरेली: शहर की सड़कें अब पहले जैसी नहीं रहीं। कभी व्यवस्थित और सुगम मानी जाने वाली ये सड़कें अब अतिक्रमण (Bareilly Roads Encroachment) की चपेट में हैं, जो नगरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। फरीदपुर, बरेली के मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण का यह दंश अब इतना गहरा हो चुका है कि यह न केवल यातायात को प्रभावित कर रहा है, बल्कि आम लोगों का रोजमर्रा का जीवन भी दूभर कर रहा है। दुकानदारों द्वारा सड़कों पर सामान फैलाने, फल ठेलों की कतारों और टेंपो चालकों की मनमानी ने हालात को और बदतर बना दिया है। इस सबके बीच, नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता और ढुलमुल रवैया इस समस्या को और जटिल बना रहा है।
Bareilly Roads Encroachment- अतिक्रमण का बढ़ता दायरा
बरेली के मेंन बाजार से लेकर बीसलपुर मोड़ तक, सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। कामिल के बाग, स्टेशन रोड, बुखारा रोड, पडेरा रोड और बीसलपुर रोड जैसे प्रमुख मार्ग अब अतिक्रमण के कारण संकरे हो चुके हैं। दुकानदार अपने सामान को सड़क तक फैला रहे हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। फल और सब्जी के ठेले सड़कों पर अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं, जिसके कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “रोज़ाना सुबह और शाम को बाजार में इतना जाम लगता है कि घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा।” Bareilly Roads Encroachment
बरेली की सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण से जनता त्रस्त (फोटो- नेशन नाव समाचार )
नगर पालिका की निष्क्रियता- Bareilly Roads Encroachment
नगर पालिका प्रशासन हर साल अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने का दावा करता है। इन अभियानों की शुरुआत बड़े जोर-शोर से होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में न तो कोई स्थायी नीति अपनाई जाती है और न ही दीर्घकालिक योजना बनाई जाती है। एक दिन की औपचारिक कार्रवाई के बाद, अतिक्रमणकारी फिर से सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं। यह स्थिति प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठाती है। स्थानीय व्यापारी संगठन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, ने भी कई बार इस मुद्दे को उठाया है, लेकिन उनकी मांगें केवल कागजी कार्रवाइयों तक सीमित रह जाती हैं। Bareilly Roads Encroachment
यातायात व्यवस्था पर असर- Bareilly Roads Encroachment
अतिक्रमण के कारण सड़कों पर जाम की समस्या अब स्थायी हो चुकी है। खासकर, मेंन बाजार और बीसलपुर रोड जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति आम बात हो गई है। टेंपो और ऑटो चालकों द्वारा सड़क पर ही सवारी बैठाने की प्रथा ने यातायात व्यवस्था को और बिगाड़ दिया है। पैदल यात्रियों के लिए सड़कों पर जगह नहीं बची है, जिसके कारण लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है।
नागरिकों की बढ़ती परेशानी
अतिक्रमण का सबसे ज्यादा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। बाजार में खरीदारी करने वालों को न केवल जाम का सामना करना पड़ता है, बल्कि पैदल चलने की जगह न होने के कारण उन्हें सड़क पर वाहनों के बीच चलना पड़ता है। स्थानीय निवासी शालिनी वर्मा कहती हैं, “बाजार में पैदल चलना अब खतरे से खाली नहीं है। दुकानदारों ने सड़क पर इतना सामान फैला रखा है कि रास्ता ही नहीं मिलता। प्रशासन को इस पर सख्ती करनी चाहिए।”
क्या है समाधान?
अतिक्रमण की इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की जरूरत है। कुछ संभावित समाधान इस प्रकार हो सकते हैं:- Bareilly Roads Encroachment
नियमित निगरानी और सख्ती: नगर पालिका को अतिक्रमण पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए, जो नियमित रूप से सड़कों की जांच करे और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।
वैकल्पिक व्यवस्था: फल और सब्जी ठेलों के लिए नगर में विशिष्ट बाजार क्षेत्र या हाट बनाए जा सकते हैं, ताकि सड़कों पर अतिक्रमण कम हो।
जागरूकता अभियान: दुकानदारों और नागरिकों को अतिक्रमण के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई: बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगे।
प्रशासन की जिम्मेदारी- Bareilly Roads Encroachment
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या के प्रति इतना उदासीन है। अतिक्रमण केवल सड़कों की समस्या नहीं है, बल्कि यह नगर की सुंदरता, व्यवस्था और सुरक्षा को भी प्रभावित कर रहा है। प्रशासन को केवल दिखावटी कार्रवाइयों से आगे बढ़कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह अतिक्रमण और भी विकराल रूप ले सकता है, जिसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ेगा।
मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक चौंकाने वाला मामला (Mainpuri News) सामने आया है, जिसने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में सियासी और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। शहर के एक मंडल की BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष के बेटे के 130 से अधिक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इन वीडियो में युवक एक अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है। यह घटना न केवल BJP की छवि पर सवाल उठा रही है, बल्कि नैतिकता और सामाजिक मूल्यों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है। Mainpuri News
Mainpuri News- क्या है पूरा मामला?
मैनपुरी के एक प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार के संचालक के छोटे भाई के बेटे और BJP महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष के पुत्र के ये वीडियो शहर के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट्स में बनाए गए हैं। बताया जा रहा है कि युवक पहले से शादीशुदा है, और वीडियो में दिख रही महिला भी शहर की निवासी है, जिसने अपने पति को छोड़ रखा है। इन वीडियो के वायरल होने के बाद से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। Mainpuri News
BJP महिला मोर्चा अध्यक्ष के बेटे का अश्लील वीडियो कांड (फोटो- नेशन नाव समाचार)
युवक की पत्नी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का कहना है कि उसके पति का एक अन्य महिला से अवैध संबंध है। वह इन अश्लील वीडियो को बनाकर उसे दिखाता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। पत्नी ने यह भी बताया कि युवक उसे धमकाता था कि उसकी मां BJP की प्रभावशाली नेता हैं, इसलिए वह कुछ नहीं कर सकती। इसके अलावा, पत्नी ने अपनी सास और ननद पर भी उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। Mainpuri News
पिछले विवादों की भी खुली परतें
यह पहली बार नहीं है जब युवक और उसकी पत्नी के बीच विवाद सुर्खियों में आया है। कुछ समय पहले, युवक ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को सिगरेट से दागा था, जिसके बाद पत्नी ने पुलिस को बुलाया था। हालांकि, परिवार के राजनीतिक रसूख के कारण मामला दबा दिया गया था। अब 130 वीडियो के एक साथ वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं कि ये वीडियो कैसे और किसके द्वारा सार्वजनिक किए गए। क्या यह किसी की साजिश है, या फिर निजी रंजिश का नतीजा? Mainpuri News
विपक्ष का BJP पर हमला
इस घटना ने विपक्षी दलों को BJP पर हमला करने का मौका दे दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा, “BJP नेताओं की असलियत अब जनता के सामने आ रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाएगी।” वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष सागर ने इस मामले को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए BJP से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “एक शादीशुदा पुरुष का इस तरह की हरकतें करना और अपनी पत्नी को प्रताड़ित करना निंदनीय है।” Mainpuri News
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर तंज कसा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मैनपुरी से 130 वीडियो का महाभंडाफोड़ BJP के कर्नाटक कांड से टक्कर ले रहा है। BJP की ‘बेटी बचाओ’ नीति की सच्चाई अब सामने आ रही है।” Mainpuri News
पूर्व सीएम अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट.
BJP की चुप्पी, नेता ने बंद किया फोन
इस पूरे मामले में BJP ने चुप्पी साध रखी है। न तो महिला मोर्चा की अध्यक्ष और न ही जिला संगठन की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। सूत्रों के अनुसार, BJP नेत्री ने अपने फोन तक बंद कर लिए हैं और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बच रही हैं। यह चुप्पी विपक्ष के लिए और हमलावर होने का मौका दे रही है।
सामाजिक और कानूनी सवाल इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में वीडियो का एक साथ वायरल होना संदेह पैदा करता है। क्या यह ब्लैकमेलिंग का हिस्सा है, या किसी ने जानबूझकर इन वीडियो को लीक किया? पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक जांच की घोषणा नहीं की है, जिससे अफवाहों का बाजार गर्म है।
कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक दिल दहला देने वाली (KANPUR DEHAT NEWS) घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। अकबरपुर के जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवजात की डस्टबिन में गिरने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संसाधनों की कमी को भी सामने लाया। “नेशन नाव समाचार” ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी स्टाफ नर्स को बर्खास्त और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को निलंबित कर दिया। KANPUR DEHAT NEWS
घटना का विवरण
रूरा क्षेत्र के कारी कलवारी गांव निवासी सुनील कुमार ने अपनी 26 वर्षीय गर्भवती पत्नी सरिता देवी को प्रसव पीड़ा के चलते बुधवार रात करीब 1:30 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सुबह 3:30 बजे सरिता ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन लेबर रूम में स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण नवजात डिलीवरी टेबल से फिसलकर नीचे रखी डस्टबिन में जा गिरा। इस हादसे में नवजात को गंभीर चोटें आईं, विशेष रूप से चेहरे पर, जिसके कारण उसे तत्काल सिक न्यू बार्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती किया गया। दुर्भाग्यवश, सुबह 10:30 बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। KANPUR DEHAT NEWS
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय लेबर रूम में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही स्टाफ नर्स। सरिता की सास ने बताया कि तेज प्रसव पीड़ा के दौरान वह स्टाफ को बुलाने गईं, लेकिन कोई नहीं मिला। इस बीच, सरिता ने अकेले ही बच्चे को जन्म दे दिया, और नवजात की जान लापरवाही की भेंट चढ़ गई। KANPUR DEHAT NEWS
परिजनों का आक्रोश और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता
नवजात की मौत की खबर मिलते ही सुनील और उनके परिवार ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि अगर समय पर चिकित्सा सहायता मिलती, तो शायद उनके बच्चे की जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने नवजात के शव का जल्दी अंतिम संस्कार करने के लिए उन पर दबाव डाला। लेकिन सुनील ने हार नहीं मानी और लिखित शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। KANPUR DEHAT NEWS
🔴 कानपुर देहात महिला अस्पताल से बड़ी लापरवाही 📷 सरकारी अस्पताल में शर्मनाक लापरवाही से नवजात की मौत 📷 डस्टबिन में गिरने से नवजात को गंभीर चोटें, मौके पर ही मौत 📷 रूरा निवासी सुनील ने पत्नी सरिता को कराया था भर्ती 📷 बेड के नीचे रखी थी डस्टबिन, स्टाफ की लापरवाही से गई जान 📷… pic.twitter.com/ZwZ5X2wySE
शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अस्पताल प्रशासन इस मामले पर टालमटोल करते रहे। मीडिया में खबरें आने से पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सरकारी अस्पतालों में बढ़ती लापरवाही और जवाबदेही की कमी साफ झलकती है।
KANPUR DEHAT NEWS- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का सख्त रुख
जैसे ही यह मामला मीडिया में उजागर हुआ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें मामले की गहन जांच की गई। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि प्रसव के समय स्टाफ नर्स प्रियंका सचान और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रश्मि पाल लेबर रूम में मौजूद नहीं थे।
जांच समिति की सिफारिश पर स्टाफ नर्स प्रियंका सचान को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि डॉ. रश्मि पाल को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने डॉ. रश्मि पाल की सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश की। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना सिंह से भी अधीनस्थ स्टाफ पर नियंत्रण न रख पाने के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बृजेश पाठक ने कहा, “इस तरह की लापरवाही से न केवल स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई है, बल्कि चिकित्सा पेशे की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली- KANPUR DEHAT NEWS
यह घटना उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक और उदाहरण है। स्टाफ की कमी, अपर्याप्त संसाधन, और प्रशासनिक लापरवाही जैसी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। कई सरकारी अस्पतालों में लेबर रूम में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, और कर्मचारियों की अनुपस्थिति मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। KANPUR DEHAT NEWSकानपुर देहात के इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि आखिर कब तक मासूम जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी? सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
आगे की कार्रवाई और उम्मीदें
इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक ने उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी को पत्र लिखकर एथिक्स कमेटी से विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की है। जांच एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों में स्टाफ की उपस्थिति और सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत है।
परिजनों को उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और भविष्य में कोई अन्य परिवार इस तरह के दर्द से नहीं गुजरेगा। सुनील ने कहा, “हमने अपने बच्चे के लिए कई सपने देखे थे, लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया। हम चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले ताकि फिर कोई मासूम की जान न जाए।”
बरेली: पुलिस लाइन बरेली में शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने साप्ताहिक परेड का (Bareilly News) औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों की फिटनेस, टर्नआउट और अनुशासन की बारीकी से जांच की। परेड का संचालन क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय/लाइन्स अजय कुमार ने किया।
एसएसपी ने परेड में शामिल पुलिसकर्मियों से दौड़ और ड्रिल करवाई, ताकि उन्हें शारीरिक रूप से फिट रहने और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा सके। परेड की निगरानी इस बार ड्रोन कैमरे की सहायता से की गई, जिससे इसकी गुणवत्ता का सटीक मूल्यांकन किया गया।
बरेली एसएसपी अनुराग आर्य (फोटो- नेशन नाव समाचार)
निरीक्षण के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस लाइन परिसर का गहन निरीक्षण भी किया। उन्होंने कैश कार्यालय, परिवहन शाखा और पेशी कार्यालय में जाकर रजिस्टरों की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
शस्त्रागार में उन्होंने आगामी भर्ती के लिए आवश्यक शस्त्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की जांच की। उन्होंने शस्त्रों की नियमित सफाई और उचित रखरखाव के निर्देश भी दिए ताकि प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
अंत में अर्दली रूम में 17 कर्मचारियों का ओआर (ऑर्डरली रूम) लिया गया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक और अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। एसएसपी ने इस निरीक्षण के दौरान कर्तव्य के प्रति सजगता, अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को एक बार फिर (Operation Sindoor) अपनी सैन्य ताकत और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाने का मौका दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को अपनी रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया. इस अभियान में भारतीय नौसेना, थल सेना, और वायुसेना ने मिलकर अभूतपूर्व समन्वय दिखाया. इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत का दौरा किया और नौसेना के जवानों का उत्साह बढ़ाया. यह लेख ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, INS विक्रांत की विशेषताओं, और भारत की समुद्री शक्ति पर प्रकाश डालता है. Operation Sindoor
भारत की शान INS विक्रांत पर आदरणीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी का स्वागत,
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना था. भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के साथ सटीक हमले किए, जिससे आतंकी ढांचे तबाह हो गए. दूसरी ओर, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी रणनीतिक तैनाती से पाकिस्तानी नौसेना को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभियान को भारत की सैन्य रणनीति का मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा, “हमने आतंकियों और उनके समर्थकों को साफ संदेश दिया कि भारत अब चुप नहीं रहता, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करता है.” नौसेना ने अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ समुद्र में पूर्ण वर्चस्व स्थापित किया, जिससे पाकिस्तान की नौसैन्य गतिविधियाँ बंदरगाहों तक सीमित हो गईं.
#WATCH INS विक्रांत पर के दौरे पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "…पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद, जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, तो हमारी सशस्त्र बल ने जिस गति, गहराई और स्पष्टता के साथ कार्रवाई की, वह अद्भुत था। उसने न केवल आतंकवादियों को, बल्कि… pic.twitter.com/4D6Q47ZVot
INS विक्रांत: भारत का स्वदेशी गौरव- Operation Sindoor
INS विक्रांत, भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, भारतीय नौसेना की ताकत का प्रतीक है. कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित, यह युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का जीवंत उदाहरण है. इसमें 70% से अधिक स्वदेशी तकनीक और सामग्री का उपयोग हुआ है. यह 262 मीटर लंबा, 62 मीटर चौड़ा, और 59 मीटर ऊँचा है, जो इसे एक विशाल समुद्री किला बनाता है.
INS विक्रांत की प्रमुख विशेषताएँ:-
विस्थापन: 45,000 टन, जो इसे समुद्र में अभेद्य शक्ति प्रदान करता है।
विमान क्षमता: 30 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर, जैसे MiG-29K, कामोव Ka-31, और स्वदेशी ALH ध्रुव। जल्द ही राफेल M भी शामिल होगा।
हथियार प्रणाली: 64 बराक-8 मिसाइलें (हवा में मार करने वाली), 16 ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें (400 किमी रेंज), और टॉरपीडो लॉन्चर।
इंजन: जनरल इलेक्ट्रिक टर्बाइन, जो 1.10 लाख हॉर्सपावर की शक्ति देता है और 56 किमी/घंटा की गति प्रदान करता है।
INS विक्रांत का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, जिसमें विध्वंसक, फ्रिगेट्स, और पनडुब्बी रोधी पोत शामिल हैं, एक शक्तिशाली इकाई है। यह समूह हवाई, सतह, और पनडुब्बी हमलों से रक्षा करने के साथ-साथ खोज-बचाव और समुद्री निगरानी में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर में इस ग्रुप ने पाकिस्तानी नौसेना को तटों तक सीमित कर भारत की सामरिक श्रेष्ठता साबित की।
रक्षा मंत्री का INS विक्रांत दौरा
30 मई 2025 को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरब सागर में तैनात INS विक्रांत का दौरा किया। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की, उनकी बहादुरी की सराहना की, और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “INS विक्रांत पर खड़े होकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। आपकी दृढ़ता और साहस भारत की असली ताकत है।”
उन्होंने नौसेना की आक्रामक रणनीति और समुद्री निगरानी की तारीफ की, जिसने पाकिस्तानी नौसेना को कोई मौका नहीं दिया। 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उस समय हमने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बाँट दिया था। इस बार अगर नौसेना पूरे जोश में उतरती, तो शायद पाकिस्तान के कई टुकड़े हो जाते।”
ब्रह्मोस मिसाइल: भारत की सटीक ताकत
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई। भारत और रूस के संयुक्त उद्यम से निर्मित यह मिसाइल अपनी गति (ध्वनि की गति से 3 गुना) और सटीकता के लिए जानी जाती है। इसकी विशेषताएँ हैं:
रेंज: 400 किमी तक, जिसे जल्द ही 800 किमी तक बढ़ाया जाएगा।
लॉन्च मोड: जमीन, समुद्र, और हवा से प्रक्षेपण की क्षमता।
सटीकता: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से पिनपॉइंट सटीकता।
इस अभियान में 12 से अधिक ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को नष्ट किया। इसकी सफलता ने भारत की रक्षा तकनीक को वैश्विक मंच पर चमकाया और कई देशों को इस मिसाइल की खरीद के लिए प्रेरित किया।
आत्मनिर्भर भारत: रक्षा क्षेत्र में नया दौर
INS विक्रांत और ब्रह्मोस मिसाइल भारत की आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं। पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात 30 गुना से अधिक बढ़ा है, जो 20,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुँच गया है। स्वदेशी हथियार जैसे आकाश मिसाइल, तेजस विमान, और ATAGS तोप ने भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत स्थान दिलाया है।
रक्षा मंत्री ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य भारत को रक्षा उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है।” यह इकाई न केवल भारत की रक्षा क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार सृजन में भी योगदान देगी।
भविष्य की चुनौतियाँ और नौसेना की तैयारियाँ
राजनाथ सिंह ने नौसेना को आगाह किया कि भविष्य में चुनौतियाँ और जटिल होंगी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि आतंकवाद का समय अब खत्म हो चुका है। अगर वह दोबारा कोई गलती करता है, तो हमारी नौसेना पूरी ताकत से जवाब देगी।”
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक और आर्थिक महत्व को देखते हुए, भारतीय नौसेना अपनी क्षमताओं को और मजबूत कर रही है। INS विक्रांत, INS विक्रमादित्य, और अन्य आधुनिक युद्धपोत भारत को समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दोपहर पटना से सीधे कानपुर (PM MODI KANPUR VISIT) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की 47,600 करोड़ रुपये की 15 प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “भारत माता की जय” के उद्घोष से की, जिससे पूरा पंडाल देशभक्ति से गूंज उठा। PM MODI KANPUR VISIT
[envira-gallery id=”1740″]
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ ही वहां उपस्थित जनता का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मंच के पास कुछ लोग खास पेंटिंग बनाकर लाए थे, जिसे देख प्रधानमंत्री ने एसपीजी से उन्हें मंगवाने को कहा और जनता से आग्रह किया कि “जो भी पेंटिंग लाए हैं, अपना पता लिख दें, मैं चट्टी जरूर भेजूंगा।” PM MODI KANPUR VISIT
मोदी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की गति की सराहना की और कहा कि यूपी अब नए भारत के इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सशक्त होगी। PM MODI KANPUR VISIT
इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि “ये विकास परियोजनाएं न सिर्फ कानपुर बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा बदलेंगी।” उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। PM MODI KANPUR VISIT
कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में (PM MODI WEST BENGAL VISIT) एक जनसभा को संबोधित किया। करीब 32 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बात की, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान का आतंकवाद, TMC सरकार का भ्रष्टाचार, और केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल में फैली हिंसा, बेरोजगारी, और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर भी तीखा हमला बोला। आइए, पीएम मोदी के भाषण की 6 प्रमुख बातों और उनके दौरे के महत्व को विस्तार से समझते हैं।
1. ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत का नया संकल्प
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई बर्बरता के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। पीएम ने कहा, “पाकिस्तान समझ ले, हमने तीन बार घर में घुसकर मारा है। हम शक्ति को पूजने वाले लोग हैं। बंगाल टाइगर की धरती से मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से कहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।” PM MODI WEST BENGAL VISIT
उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पोषित करने का आरोप लगाया और कहा कि 1947 के बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। बांग्लादेश में भी उसने हिंसा और अत्याचार किए, जिसे कोई नहीं भूल सकता। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकी हमलों का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।
2. TMC सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप- PM MODI WEST BENGAL VISIT
मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं, जैसे कि गरीबों के लिए पक्के मकान, बंगाल में लागू नहीं हो पा रही हैं क्योंकि TMC के लोग “कट और कमीशन” की मांग करते हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि TMC ने हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया और पूरे शिक्षा तंत्र को खोखला कर दिया।PM MODI WEST BENGAL VISIT
3. बंगाल के पांच संकट- PM MODI WEST BENGAL VISIT
प्रधानमंत्री ने बंगाल में मौजूद पांच प्रमुख संकटों का उल्लेख किया:
हिंसा और अराजकता: बंगाल में गुंडागर्दी को खुली छूट दी गई है।
महिलाओं की असुरक्षा: माताओं-बहनों पर हो रहे जघन्य अपराध चिंता का विषय हैं।
बेरोजगारी: नौजवानों को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
भ्रष्टाचार: TMC सरकार के घोटाले गरीबों और युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
गरीबों का हक छीना जाना: केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
4. केंद्र की योजनाओं पर बंगाल सरकार का रवैया- PM MODI WEST BENGAL VISIT
मोदी ने TMC सरकार पर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि बंगाल के लोग इस स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे क्योंकि TMC ने इसे लागू नहीं होने दिया। इसी तरह, विश्वकर्मा योजना के तहत आठ लाख से ज्यादा आवेदन बंगाल में अटके पड़े हैं। पीएम जनमन योजना, जो आदिवासी समुदाय के लिए बनाई गई है, को भी TMC ने लागू नहीं किया।
मोदी ने यह भी कहा कि जब NDA ने आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो TMC ने इसका विरोध किया, जो उनके आदिवासी सम्मान के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। PM MODI WEST BENGAL VISIT
5. मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंसा
प्रधानमंत्री ने मुर्शिदाबाद और मालदा में हाल की हिंसक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में गरीबों की संपत्ति को राख कर दिया गया और तुष्टिकरण के नाम पर गुंडों को खुली छूट दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सरकारें जनता के हित में काम कर सकती हैं, जो हिंसा को बढ़ावा देती हैं और पुलिस को तमाशबीन बनाती हैं। PM MODI WEST BENGAL VISIT
6. बिहार और सिक्किम के दौरे
पीएम मोदी का गुरुवार को तीन राज्यों का दौरा निर्धारित था। सिक्किम का दौरा रद्द होने के बाद वे अलीपुरद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। इसके बाद, वे बिहार के लिए रवाना हुए, जहां शाम 5:45 बजे पटना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। रात में वे राजभवन में रुके। PM MODI WEST BENGAL VISIT
मोदी के दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है, बल्कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का भी प्रयास है। बंगाल में TMC के खिलाफ तीखा हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलना दर्शाता है कि BJP राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।
बंगाल की जनता से अपील
मोदी ने अपने भाषण में बंगाल की जनता से अपील की कि वे ऐसी सरकार को न चुनें जो हिंसा, भ्रष्टाचार, और तुष्टिकरण को बढ़ावा देती हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। PM MODI WEST BENGAL VISIT
ये भी पढ़ें- Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण
नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 भारत फिर से लोगों के बीच चिंता का कारण (COVID 19 NEW WAVE) बन रहा है। हाल के दिनों में देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी देखी जा रही है। वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 1326 तक पहुंच चुकी है, और कुल 14 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है, जिनमें से 6 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। इस लेख में हम नए कोविड वैरिएंट, उनके लक्षण, और कोरोना से बचाव के उपायों पर विस्तार से बात करेंगे। यह जानकारी आपको सतर्क और सुरक्षित रहने में मदद करेगी।
भारत में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति- COVID 19 NEW WAVE
हाल के आंकड़ों के अनुसार, देश के कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दो नए मरीजों की पहचान हुई है, जो केरल के निवासी हैं और श्रीनगर के एक डेंटल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में एक 67 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हुई, जो उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे। उन्होंने कोविड वैक्सीन भी नहीं ली थी। COVID 19 NEW WAVE
चंडीगढ़ में उत्तर प्रदेश के एक 40 वर्षीय व्यक्ति की सांस लेने में तकलीफ के बाद मृत्यु हो गई। उनकी जांच में कोविड पॉजिटिव पाया गया था। राजस्थान के जयपुर में 26 मई को दो लोगों की मौत हुई। इनमें से एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन पर मृत पाया गया, और दूसरा 26 वर्षीय युवक था, जो पहले से टीबी की बीमारी से जूझ रहा था। कर्नाटक और केरल में भी कोविड से संबंधित कुछ मौतें दर्ज की गई हैं। COVID 19 NEW WAVE
कोविड-19 अपडेट्स: तालिका में एक नजर- COVID 19 NEW WAVE
नीचे दी गई तालिका में भारत में कोविड-19 की ताजा स्थिति को संक्षेप में दर्शाया गया है:
राज्य/क्षेत्र
नए मामले
मृत्यु
विवरण
जम्मू-कश्मीर
2
0
केरल के दो छात्र श्रीनगर में कोविड पॉजिटिव पाए गए
महाराष्ट्र
अज्ञात
6
ठाणे में 67 और 21 वर्षीय मरीजों की मृत्यु
चंडीगढ़
1
1
यूपी के 40 वर्षीय व्यक्ति की सांस की तकलीफ से मृत्यु
राजस्थान
2
2
जयपुर में एक रेलवे स्टेशन पर, दूसरा टीबी मरीज
कर्नाटक
अज्ञात
1
बेंगलुरु में 84 वर्षीय व्यक्ति की मल्टी-ऑर्गन फेल्योर से मृत्यु
केरल
अज्ञात
2
दो व्यक्तियों की कोविड से मृत्यु
नए कोविड वैरिएंट: क्या हैं ये?- COVID 19 NEW WAVE
भारत में हाल ही में चार नए कोविड वैरिएंट—LF.7, XFG, JN.1, और NB.1.8.1—की पहचान की गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, ये वैरिएंट मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत में फैल रहे हैं। इनमें से JN.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा पाया जा रहा है, जो टेस्टिंग में 50% से अधिक सैंपल में मौजूद है।
JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 स्ट्रेन का एक रूप है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। इसमें लगभग 30 म्यूटेशन्स हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे “वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट” की श्रेणी में रखा है, लेकिन इसे गंभीर खतरे के रूप में नहीं माना गया। NB.1.8.1 वैरिएंट में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन्स (A435S, V445H, T478I) इसे तेजी से फैलने में मदद करते हैं। COVID 19 NEW WAVE
विशेषज्ञों का क्या कहना है?- COVID 19 NEW WAVE
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि 2022 के बाद से कोविड के मामलों में उतार-चढ़ाव सामान्य रहा है, और इस बार भी स्थिति गंभीर होने की संभावना कम है। उनका मानना है कि घबराने की बजाय सतर्क रहना जरूरी है। दूसरी ओर, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने संभावना जताई है कि अगर कोविड की चौथी लहर आती है, तो यह 21 से 28 दिन तक प्रभावी रहेगी, लेकिन दूसरी लहर की तरह जानलेवा नहीं होगी।
प्रोफेसर चौबे ने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन करवाने वालों को भी कोरोना से बचाव के लिए सतर्क रहना चाहिए। नए वैरिएंट पर वैक्सीन का असर सीमित हो सकता है, लेकिन वैक्सीन से मिली प्रतिरक्षा अभी भी गंभीर बीमारी से बचाने में मददगार है।
कोविड लक्षण और लॉन्ग कोविड का जोखिम- COVID 19 NEW WAVE
कोविड लक्षण में बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, और कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई शामिल है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण सामान्य सर्दी जैसे हो सकते हैं, जो कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह “लॉन्ग कोविड” का संकेत हो सकता है। लॉन्ग कोविड में मरीज ठीक होने के बाद भी थकान, सांस की दिक्कत, और मानसिक अस्पष्टता का सामना कर सकते हैं। COVID 19 NEW WAVE
कोरोना से बचाव के उपाय
कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए, निम्नलिखित उपाय अपनाना जरूरी है:-
मास्क पहनें: भीड़-भाड़ वाली जगहों पर एन95 या सर्जिकल मास्क का उपयोग करें।
हाथों की सफाई: नियमित रूप से साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
दूरी बनाए रखें: सामाजिक दूरी का पालन करें और भीड़ से बचें।
वैक्सीनेशन: वैक्सीन और बूस्टर डोज लेना सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य जांच: लक्षण दिखने पर तुरंत कोविड टेस्ट करवाएं और चिकित्सक से संपर्क करें।
वैक्सीन की भूमिका और भविष्य की रणनीति
वैक्सीन प्रभावशीलता पर विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन नए वैरिएंट के खिलाफ पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकती, लेकिन यह गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करती है। नियमित बूस्टर डोज लेना महत्वपूर्ण है। ICMR और अन्य संस्थान नए वैरिएंट की निगरानी के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 भारत अब एक स्थानीय बीमारी के रूप में रह सकता है, जिसके मामले समय-समय पर बढ़ सकते हैं। हालांकि, दूसरी लहर जैसी स्थिति की संभावना कम है। फिर भी, सावधानी और जागरूकता जरूरी है।
सिक्किम: भारत के खूबसूरत हिमालयी राज्य सिक्किम ने 16 मई, 2025 को अपने गठन के 50 वर्ष (Sikkim Golden Jubilee) पूरे किए. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम की जनता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया. खराब मौसम के कारण उनकी सिक्किम यात्रा रद्द होने के बावजूद, पीएम मोदी ने उत्साह और गर्व के साथ सिक्किम की स्वर्ण जयंती को यादगार बनाया. उन्होंने इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया, जो सिक्किम के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे. Sikkim Golden Jubilee
सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरव- Sikkim Golden Jubilee
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा की सराहना की. उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पहले सिक्किम ने अपने लिए एक लोकतांत्रिक भविष्य चुना था, जो भारत की आत्मा और संस्कृति से गहराई से जुड़ा था. सिक्किम के लोगों ने विश्वास जताया कि लोकतंत्र के माध्यम से उनकी आवाज सुनी जाएगी और सभी को समान अवसर मिलेंगे. पीएम मोदी ने इस विश्वास को और मजबूत होने की बात कही और सिक्किम की प्रगति को देश के लिए गर्व का विषय बताया. Sikkim Golden Jubilee
उन्होंने कहा, “सिक्किम ने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित किया है, बल्कि यह विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक अनूठा उदाहरण भी बन गया है.” सिक्किम की उपलब्धियों में शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बनना, जैव-विविधता का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना शामिल है. Sikkim Golden Jubilee
#WATCH | सिक्किम में लगभग 400 किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में 100 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, अटल सेतु के माध्यम से सिक्किम और दार्जिलिंग के बीच कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार ,यह सभी बदलाव आम नागरिकों के जीवन को अधिक सहज, सुविधाजनक… pic.twitter.com/XgjXdYrq3B
प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम- Sikkim Golden Jubilee
सिक्किम ने पिछले 50 वर्षों में प्रकृति के साथ प्रगति का एक अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सिक्किम को जैव-विविधता का एक विशाल बागीचा बताया, जो पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास का प्रतीक है. सिक्किम की पहचान आज एक ऑर्गेनिक स्टेट के रूप में है, जो विश्व स्तर पर सराहा जाता है. इसके साथ ही, सिक्किम अपनी सांस्कृतिक धरोहर, बौद्ध मठों, और कंचनजंगा नेशनल पार्क जैसी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए भी जाना जाता है. Sikkim Golden Jubilee
इस स्वर्ण जयंती समारोह में सिक्किम के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ. इनमें नया स्काईवॉक, स्वर्ण जयंती प्रोजेक्ट्स, और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण शामिल है. ये परियोजनाएं सिक्किम के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी. Sikkim Golden Jubilee
कनेक्टिविटी में क्रांति: नॉर्थ ईस्ट का बदलता चेहरा- Sikkim Golden Jubilee
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नॉर्थ ईस्ट और विशेष रूप से सिक्किम में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आए बदलावों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट के बीच की दूरी विकास की राह में बाधा थी, लेकिन अब यही दूरी नए अवसरों के द्वार खोल रही है. सिक्किम में सड़क, रेल, और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार ने विकास को गति दी है.
“सिक्किम समेत पूरा नॉर्थ ईस्ट आज नए भारत की विकास गाथा का एक चमकता अध्याय बन रहा है. आप सभी ने अपनी आंखों से यह परिवर्तन देखा है,” पीएम ने कहा. उन्होंने सिक्किम के लोगों की मेहनत और सरकार के प्रयासों को इस प्रगति का आधार बताया.
सिक्किम की धरोहर: भारत का गर्व- Sikkim Golden Jubilee
सिक्किम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को पीएम मोदी ने भारत का गौरव बताया. उन्होंने कंचनजंगा नेशनल पार्क, बौद्ध मठों, और सिक्किम की शांत झीलों और झरनों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सिक्किम की यह धरोहर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
नए स्काईवॉक और अन्य परियोजनाओं के लोकार्पण को सिक्किम की नई उड़ान का प्रतीक बताते हुए पीएम ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स सिक्किम को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेंगे.
यात्रा रद्द होने का जिक्र- Sikkim Golden Jubilee
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिक्किम यात्रा रद्द होने के कारण का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से बागडोगरा तक तो पहुंच गए थे, लेकिन खराब मौसम ने उन्हें सिक्किम तक जाने से रोक दिया. “मैं आपके बीच आकर इस उत्सव का हिस्सा बनना चाहता था, लेकिन मौसम ने मुझे आपके दरवाजे तक तो पहुंचाया, पर आगे नहीं जाने दिया,” उन्होंने कहा. फिर भी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने सिक्किम के लोगों के उत्साह को महसूस किया और उनकी ऊर्जा की सराहना की.
सिक्किम का भविष्य: नई ऊंचाइयां- Sikkim Golden Jubilee
सिक्किम की स्वर्ण जयंती का यह समारोह केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं था, बल्कि यह भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक था. पीएम मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री और वहां की जनता की मेहनत को सराहा, जिन्होंने इस आयोजन को यादगार बनाया. उन्होंने विश्वास जताया कि सिक्किम आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति करेगा.
सिक्किम के विकास में पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती, और बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार सिक्किम के विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी और नॉर्थ ईस्ट को नए भारत का एक मजबूत आधार बनाएगी. Sikkim Golden Jubilee