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  • कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बुधवार सुबह कानपुर के नरवल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने आसपास के कई गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। मॉर्निंग वॉक के दौरान उनका एक देसी और सरल अंदाज देखने को मिला, जिसकी अब क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

    किसान को दूध दुहते देख रुके सतीश महाना

    नरवल क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सतीश महाना की नजर किसान राम सिंह यादव पर पड़ी, जो अपनी भैंस का दूध दुह रहे थे। यह दृश्य देखकर विधानसभा अध्यक्ष खुद को रोक नहीं सके और मजाकिया अंदाज में बोले “लाओ, आज मैं दूध दुहता हूं।”उनकी यह बात सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और अधिकारी हंस पड़े।

    भैंस बिदकी, लेकिन महाना ने प्यार से दुहा दूध

    जब सतीश महाना बाल्टी लेकर दूध दुहने बैठे, तो भैंस थोड़ी बिदक गई। लेकिन उन्होंने उसे प्यार से पुचकारा और फिर आराम से दूध दुहा। इसके बाद उन्होंने उसी दूध को गिलास में लेकर खुद पीया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाईं और माहौल पूरी तरह आत्मीय हो गया।

    ग्रामीणों ने सराहा सादगी भरा अंदाज

    विधानसभा अध्यक्ष का यह सादगी भरा और जमीन से जुड़ा अंदाज ग्रामीणों को बेहद पसंद आया। लोगों ने कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद सतीश महाना का आम लोगों के बीच इस तरह घुलना-मिलना नेतृत्व की मिसाल है।

    कई गांवों का किया दौरा

    इस दौरान सतीश महाना ने सलेमपुर,मंगत खेड़ा,नारायणपुर,कोडर,गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं, साथ ही चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

    जनसंपर्क और जमीनी राजनीति की मिसाल

    सतीश महाना का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि यह जनसंपर्क, संवेदनशीलता और जमीनी राजनीति की एक सशक्त तस्वीर पेश करता है। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो सकता है।

  • कानपुर गैंगरेप केस: पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, DCP वेस्ट हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

    कानपुर गैंगरेप केस: पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, DCP वेस्ट हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

    KanpurGangrape: कानपुर में नाबालिग से गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कड़ा कदम उठाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है।मामले में लापरवाही और गंभीर आरोपों के बाद DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटाकर DCP हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया है, जबकि सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।

    पुलिस जांच में तेजी लाते हुए पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पत्रकार शिव बरन को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मामले का दूसरा आरोपी दारोगा अमित मौर्य अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    पीड़िता के परिवार को धमकी का आरोप

    पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वारदात के बाद उन्हें आरोपियों के परिजनों की ओर से जान से मारने की धमकी मिल रही है। पुलिस ने इस शिकायत को भी संज्ञान में लिया है और सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश

    पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि“दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा।”पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की मल्टी एंगल जांच की जा रही है और जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

  • कानपुर देहात: अकबरपुर में मिशन शक्ति केंद्र का भव्य उद्घाटन, महिलाओं को 17 स्कूटी दी गईं

    कानपुर देहात: अकबरपुर में मिशन शक्ति केंद्र का भव्य उद्घाटन, महिलाओं को 17 स्कूटी दी गईं

    कानपुर देहात। अकबरपुर थाना परिसर में सोमवार को मिशन शक्ति केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस मौके पर एडीजी कानपुर जोन विशेष रूप से उपस्थित रहे और केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

    इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी, सुरक्षा उपाय, और आपातकालीन सहायता तुरंत उपलब्ध होगी। मिशन शक्ति के तहत तैनात महिला पुलिसकर्मियों को केंद्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे महिलाओं को संवेदनशील मामलों में मार्गदर्शन दे सकें।

    उद्घाटन समारोह के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को 17 स्कूटी वितरित की गईं, जिससे उनका रोजमर्रा का सेवा कार्य और महिलाओं तक त्वरित पहुँच आसान हो सके। एडीजी कानपुर जोन ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र का संचालन प्रभावी ढंग से किया जाएगा और समय-समय पर केंद्र की गतिविधियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों और स्थानीय महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या असुरक्षा की स्थिति में केंद्र का उपयोग करें। पुलिस अधीक्षक ने भी केंद्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल कानपुर देहात में महिलाओं के लिए सुरक्षा की नई मिसाल स्थापित करेगी।

    कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने मिशन शक्ति केंद्र के संचालन, प्रशिक्षण और आपातकालीन सहायता के लिए आवश्यक संसाधनों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के साथ बैठक कर सुझाव भी लिए। इस पहल से महिलाओं को कानून और सुरक्षा से संबंधित मार्गदर्शन प्राप्त करने में आसानी होगी।

    स्थानीय लोगों और महिलाओं ने इस केंद्र की स्थापना पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब किसी भी महिला को किसी भी असुरक्षा की स्थिति में मदद लेने के लिए एक विश्वसनीय और त्वरित माध्यम मिलेगा। स्कूटी वितरण के साथ महिला पुलिसकर्मी अधिक तेजी से अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग और सुरक्षा जांच कर पाएंगी।मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य न केवल महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। इस केंद्र के जरिए महिलाओं के प्रति जागरूकता फैलाना, शिकायत निवारण करना और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य रहेगा।

  • यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    लखनऊ | उत्तर प्रदेश नए साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब राज्य में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा। इसके तहत जहां पहले स्मार्ट मीटर के लिए 2800 रुपये चुकाने पड़ते थे, अब उपभोक्ताओं को केवल 1900 रुपये देने होंगे।

    थ्री फेज मीटर पर भी मिलेगा लाभ

    सिर्फ स्मार्ट मीटर ही नहीं, बल्कि4100 रुपये की कीमत वाले थ्री फेज मीटर पर भी 900 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगीयह राहत केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत दी जा रही है।

    बिजली अधिनियम 2003 का हवाला

    उपभोक्ता परिषद के अनुसार, बिजली अधिनियम 2003 में स्पष्ट प्रावधान है किसरकार से मिलने वाली सब्सिडी का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए।इसी आधार पर स्मार्ट मीटर पर मिलने वाली केंद्रीय सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।

    RDSS की अवधि बढ़ी

    कंज्यूमर काउंसिल के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि RDSS योजना पहले 31 दिसंबर 2026 तक लागू थीअब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हर स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर 900 रुपये का अनुदान दे रही है।

    स्लैब सिस्टम से मिलेगा छुटकारा

    अवधेश वर्मा के अनुसार,40 मीटर से कम दूरी पर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को पहले स्लैब सिस्टम के कारण नुकसान हो रहा था अब इस व्यवस्था में बदलाव से छोटे उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है।

  • Baba Vanga Predictions 2026: क्या दुनिया एक और महायुद्ध की ओर बढ़ रही है? जानिए डराने वाली भविष्यवाणियां

    Baba Vanga Predictions 2026: क्या दुनिया एक और महायुद्ध की ओर बढ़ रही है? जानिए डराने वाली भविष्यवाणियां

    Baba Vanga Predictions 2026: बाबा वेंगा (Baba Vanga) का नाम आते ही दुनिया भर में चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ जाती हैं। साल 2026 को लेकर उनकी कथित भविष्यवाणियां एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। समर्थकों का दावा है कि यह वर्ष राजनीति, पर्यावरण और तकनीक तीनों मोर्चों पर भारी उथल-पुथल लेकर आ सकता है। कई रिपोर्ट्स इस दौर को अस्थिरता, संघर्ष और अनिश्चितता से जोड़कर देख रही हैं।

    कौन थीं बाबा वेंगा?

    बाबा वेंगा बुल्गारिया की एक दृष्टिहीन भविष्यवक्ता थीं, जिनका असली नाम वांगेलिया पांडेवा गुश्तेरोवा था। माना जाता है कि बचपन में एक हादसे के बाद उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी, लेकिन इसके बाद उनमें भविष्य देखने की शक्ति आ गई। उनके अनुयायी दावा करते हैं कि उन्होंने 9/11 हमले, सोवियत संघ का पतन और कई प्राकृतिक आपदाओं की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।इसी वजह से हर नए साल में बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों पर बहस तेज हो जाती है और 2026 को लेकर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।


    तीसरे विश्व युद्ध की आशंका

    2026 से जुड़ी सबसे डरावनी भविष्यवाणी तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) को लेकर मानी जा रही है। कहा जाता है कि इस वर्ष बड़ी वैश्विक शक्तियां आमने-सामने आ सकती हैं। यह संघर्ष सिर्फ सीमित देशों तक नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर कई महाद्वीपों तक फैल सकता है।विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा वैश्विक हालात रूस-यूक्रेन युद्ध मिडिल ईस्ट में तनाव चीन और पश्चिमी देशों के बीच टकराव इन दावों को और गंभीर बना देते हैं। हालांकि, इन भविष्यवाणियों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।


    पर्यावरणीय संकट भी बन सकता है बड़ी चुनौती

    बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणियों में 2026 को पर्यावरण के लिए भी खतरनाक वर्ष बताया गया है। समर्थकों का दावा है कि इस दौरान भीषण गर्मी जल संकट प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन पहले ही पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है और 2026 में इसके प्रभाव और गहरे हो सकते हैं।

    तकनीक में बड़ा बदलाव

    2026 को लेकर यह भी कहा जाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन मानव जीवन को पूरी तरह बदल सकते हैं। कई नौकरियां खत्म हो सकती हैं, जबकि नई तकनीकों से समाज में असंतुलन भी पैदा हो सकता है।

    भविष्यवाणियों पर कितना भरोसा?

    यह साफ है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित नहीं हैं। ये दावे मुख्य रूप से लोककथाओं, अनुयायियों और मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य डर से नहीं, बल्कि सही निर्णय और वैश्विक सहयोग से तय होता है। 2026 को लेकर बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां डर जरूर पैदा करती हैं, लेकिन इन्हें अंतिम सच मानना सही नहीं। इतिहास गवाह है कि मानवता ने हर संकट से निकलने का रास्ता खोजा है। आने वाला समय चुनौतियों के साथ-साथ नए अवसर भी ला सकता है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि शिव भक्त पूरे वर्ष Pradosh Vrat 2026 Date And Time जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

    प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों की प्रार्थना सुनते हैं। इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। प्रदोष व्रत रखने से स्वास्थ्य, धन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही यह व्रत पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

    साल 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ेगा?

    नीचे जनवरी और फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत की तिथियां दी गई हैं जनवरी 2026 के प्रदोष व्रत 02 जनवरी 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत 16 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत,30 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत

    फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत

    • 14 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत
    • 28 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत

    हर प्रदोष व्रत का अलग-अलग फल बताया गया है। जैसे गुरु प्रदोष व्रत से ज्ञान और करियर में उन्नति होती है, शुक्र प्रदोष व्रत वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों को मजबूत करता है, जबकि शनि प्रदोष व्रत शनि दोष और आर्थिक परेशानियों से राहत दिलाता है।

    प्रदोष व्रत की पूजा विधि

    प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। अंत में आरती कर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।

    प्रदोष व्रत रखने से होने वाले लाभ

    • मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
    • धन, नौकरी और व्यापार में उन्नति
    • वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति
    • रोग, दोष और बाधाओं का नाश
  • Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में शीतलहर के साथ घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। विश्व धरोहर ताजमहल भी इस समय कोहरे की मोटी चादर में ढका नजर आ रहा है। ताज व्यू पॉइंट से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कोहरे के कारण ताजमहल धुंधला दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यटकों को इसकी पूरी खूबसूरती देखने में परेशानी हो रही है।

    पिछले कुछ दिनों से आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शीतलहर के चलते सुबह और देर रात ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं दृश्यता (विजिबिलिटी) कई इलाकों में 50 से 100 मीटर तक सिमट गई है।घना कोहरा न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। सुबह के समय सड़कें, हाईवे और रेलवे ट्रैक कोहरे की वजह से दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कई ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है।

    ताजमहल देखने पहुंचे देशी और विदेशी पर्यटकों का कहना है कि ठंड और कोहरे के बावजूद ताजमहल का आकर्षण कम नहीं होता। हालांकि, कोहरे के कारण स्मारक का पूरा दृश्य साफ नजर नहीं आ पा रहा है। कई पर्यटकों को फोटो और वीडियो लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रभाव बढ़ा है। आने वाले कुछ दिनों तक आगरा और आसपास के इलाकों में घना कोहरा बने रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही ठंड से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।

    प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए घर से बाहर कम निकलने की अपील की गई है। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और गति नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं।ठंड बढ़ने के कारण शहर में अलाव जलाने की संख्या भी बढ़ा दी गई है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें प्रमुख चौराहों और रैन बसेरों पर अलाव की व्यवस्था कर रही हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।

    ताजमहल पर छाया कोहरा एक ओर जहां सर्द मौसम की गंभीरता को दर्शा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह दृश्य पर्यटकों के लिए एक अलग ही अनुभव भी बन रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां जरूर अपनाएं।