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  • JAISHANKAR MUTTAQI TALKS: जयशंकर-मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई वार्ता, वीजा और रिश्तों पर चर्चा

    JAISHANKAR MUTTAQI TALKS: जयशंकर-मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई वार्ता, वीजा और रिश्तों पर चर्चा

    नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (JAISHANKAR MUTTAQI TALKS) और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी के बीच गुरुवार रात को ऐतिहासिक फोन कॉल ने भारत और तालिबान सरकार के बीच पहली आधिकारिक मंत्रीस्तरीय बातचीत का रास्ता खोला. इस वार्ता में भारत-अफगान रिश्तों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

    जयशंकर ने इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए अफगान सरकार का धन्यवाद किया. साथ ही उन्होंने उन पाकिस्तानी आरोपों को खारिज करने के लिए भी शुक्रिया कहा, जिसमें पाकिस्तान ने यह दावा किया था कि भारतीय मिसाइलों ने अफगान क्षेत्र को टारगेट किया था.

    अफगान सरकार की वीजा और कैदियों को लेकर मांग- JAISHANKAR MUTTAQI TALKS

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान सरकार ने भारत से अफगान व्यापारियों और मरीजों के लिए वीजा देने की सुविधा की मांग की है. इसके अलावा, भारत में बंद अफगान नागरिकों को रिहा कर स्वदेश वापस भेजने का अनुरोध भी किया गया है.

    गौरतलब है कि भारत ने 25 अगस्त 2021 से अफगानिस्तान के लिए वीजा सुविधा बंद कर दी थी, जब तालिबान ने देश की सत्ता अपने हाथों में ली थी। सुरक्षा कारणों के चलते भारत ने यह फैसला लिया था. जयशंकर ने मुत्ताकी को भरोसा दिलाया कि भारत इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेगा और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगा.

    पुराने संबंधों को दोहराने की कोशिश

    जयशंकर ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भारत और अफगान जनता के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से गहरे संबंध हैं. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत इन संबंधों को मजबूत करना चाहता है और अफगान जनता की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगा.

    बातचीत की शुरुआत: मिसरी और मुत्ताकी की मुलाकात

    भारत और तालिबान सरकार के बीच बातचीत की शुरुआत इस साल जनवरी में हुई थी, जब दुबई में भारत के पूर्व राजदूत विक्रम मिसरी और अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी की मुलाकात हुई थी. उस समय मुत्ताकी ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जताई थी.

    इसके बाद 28 अप्रैल को विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी आनंद प्रकाश ने मुत्ताकी से मुलाकात की थी, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग को लेकर विचार-विमर्श हुआ था. अब एस. जयशंकर और मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई सीधी बातचीत ने इन प्रयासों को एक नई दिशा दी है.

    भारत की स्थिति: अब तक कोई मान्यता नहीं

    भारत ने अभी तक तालिबान सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है. हालांकि भारत ने पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान को लगभग 25,000 करोड़ रुपये की मदद दी है.

    तालिबान सरकार ने पिछले साल नवंबर में मुंबई स्थित अफगान वाणिज्य दूतावास में अपना डिप्लोमैट नियुक्त किया था। भारत ने इस नियुक्ति को आधिकारिक मान्यता तो नहीं दी, लेकिन दूतावास को काम करने दिया गया है.

    विशेषज्ञों की राय: तालिबान को भारत की जरूरत

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और तालिबान के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे नजदीकी बढ़ रही है. भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञ राघव शर्मा के अनुसार, भारत तालिबान को अब पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि तालिबान अब पाकिस्तान पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहता और भारत जैसे देशों से संबंध बनाकर यह दिखाना चाहता है कि उनके पास और भी विकल्प हैं.

    आगे की राह

    हालांकि भारत ने अब तक तालिबान को मान्यता नहीं दी है, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण और व्यापारिक हितों के चलते दोनों देशों के बीच बातचीत की राह खुलती जा रही है. जयशंकर और मुत्ताकी की बातचीत इसका प्रमाण है. अब यह देखना होगा कि आने वाले महीनों में यह संवाद किस दिशा में बढ़ता है, और क्या भारत तालिबान को मान्यता देने की ओर कदम बढ़ाता है या अभी प्रतीक्षा की नीति अपनाए रखता है.

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  • MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE : मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने आत्महत्या से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

    MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE : मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने आत्महत्या से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

    मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भावनपुर थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर (MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE) आसिम अब्बासी, ने पारिवारिक संपत्ति विवाद से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. आसिम ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने भाइयों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद, उसने अपनी पत्नी को संपत्ति के बंटवारे को लेकर मैसेज भेजा और चाचा के खाली मकान में जाकर खुद को गोली मार ली.

    घटना का विवरण- MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE

    आसिम अब्बासी और उसके दो भाई, आमिर और समद, के बीच 150 गज के मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. चार दिन पहले हुई मारपीट में आसिम ने अपने भाइयों पर गोली चला दी थी, जिसके बाद भाइयों ने थाना भावनपुर में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

    घटना के दिन, दोपहर 12 बजे, आसिम ने अपनी पत्नी दिलकशी को वापस आने की बात कहकर घर से निकला. उसने पत्नी को संपत्ति के बंटवारे को लेकर मैसेज भेजा और फिर चाचा फरजन के खाली मकान में जाकर बरामदे में खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर जब परिजन पहुंचे, तब तक आसिम की मौत हो चुकी थी.

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके से तमंचा, खाली कारतूस, दो मोबाइल और 117 रुपये बरामद किए हैं. मृतक के पीछे छह माह का बेटा है. उसकी मां महजबी और अन्य परिजन शोक में डूबे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और मोबाइल से भेजे गए मैसेज की भी जांच की जा रही है.

    पुलिस का बयान

    मेरठ के एसपी देहात, डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को सूचना पाकर मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुक्रवार सुबह मृतक का मौत से पहले बनाया वीडियो सामने आने पर हड़कंप मच गया है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं. आला अधिकारियों ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद कार्रवाई भी होगी.

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  • RAJNATH SLAMS PAKISTAN: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भुज में बोले रक्षामंत्री राजनाथ, ’23 मिनट में निपटा दिए दुश्मन”

    RAJNATH SLAMS PAKISTAN: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भुज में बोले रक्षामंत्री राजनाथ, ’23 मिनट में निपटा दिए दुश्मन”

    नई दिल्ली/भुज: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज एयर फोर्स स्टेशन (RAJNATH SLAMS PAKISTAN) का दौरा कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए वायुसेना के जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन में आतंकवाद के खिलाफ इतनी तेजी और सटीकता से कार्रवाई की कि जितनी देर में आम आदमी नाश्ता करता है, उतनी ही देर में दुश्मन को ध्वस्त कर दिया गया.

    “23 मिनट में दुश्मन खत्म” – राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को खुली चेतावनी

    रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे।” उन्होंने आगे कहा, “जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.”

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया. साथ ही, पाकिस्तान की कई प्रमुख सैन्य सुविधाओं को भी गंभीर क्षति पहुंचाई गई.

    वायुसेना बनी ‘स्काइफोर्स’, छू ली आसमान की नई ऊंचाई

    राजनाथ सिंह ने वायुसेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, “आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया, बल्कि उसे पूरी तरह से डेसीमेट भी किया.” उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अब एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ बन गई है जो शौर्य, पराक्रम और तकनीकी क्षमता में विश्व में अग्रणी मानी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब केवल आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ शस्त्रों और तकनीकों से सुसज्जित हो चुका है.

    ब्रह्मोस की मार से अंधेरे में दिखा दिन का उजाला

    रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल की चर्चा करते हुए कहा, “भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया.” उन्होंने कहा कि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम में DRDO द्वारा विकसित ‘आकाश’ मिसाइल और राडार प्रणाली की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. यह पहली बार है जब भारत ने बिना सीमा पार किए, लॉन्ग रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक से पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया है.

    बदल रही है भारत की युद्ध नीति और तकनीक

    राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत की युद्ध नीति और टेक्नोलॉजी दोनों में आमूलचूल परिवर्तन आ चुका है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब भारत मूल रूप से तैयार हथियारों और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के दम पर दुश्मन को मात दे सकता है.

    इस ऑपरेशन के दौरान, हाईपरसोनिक ड्रोन्स, स्टील्थ फाइटर जेट्स, और AI-नियंत्रित मिशन मैपिंग सिस्टम का उपयोग किया गया, जिसने पूरे मिशन को विश्व स्तर पर उल्लेखनीय बना दिया.

    पाकिस्तान को ‘शेर’ के जरिए चेताया

    अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने उर्दू शायर बशीर बद्र की एक प्रसिद्ध पंक्ति के जरिए पाकिस्तान को चेतावनी दी:

    “कागज़ का है लिबास, चराग़ों का शहर है;
    संभल-संभल के चलना, क्योंकि तुम नशे में हो.”

    यह शेर न केवल पाकिस्तान के खोखले आतंकी तंत्र पर चोट करता है, बल्कि भारत के बदले हुए रुख की झलक भी देता है.

    पाकिस्तान की जनता का टैक्स जा रहा आतंकवादियों की जेब में

    रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार आम नागरिकों से वसूले गए कर (टैक्स) का पैसा आतंकी संगठनों को दे रही है. उन्होंने बताया कि ‘जैश-ए-मुहम्मद’ के मुखिया मसूद अजहर, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी है, को पाकिस्तान सरकार द्वारा 14 करोड़ रुपए की मदद दी गई. उन्होंने कहा कि ये स्थिति बेहद चिंताजनक है और पाकिस्तान को अब यह समझना होगा कि आतंक का कोई भविष्य नहीं है.

    दोनों मोर्चों पर भारतीय फौज सजग

    राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में श्रीनगर में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और अब देश के पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना कर्मियों से संवाद कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को हर स्थिति में सुरक्षित रखेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि भारत न केवल जवाब दे, बल्कि ऐसा जवाब दे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बने.

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    SOURCE- BHASKAR, AMAR UJALA

  • HEATWAVE ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने जारी किया लू अलर्ट

    HEATWAVE ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने जारी किया लू अलर्ट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. प्रदेश के अधिकतर जिलों में (HEATWAVE ALERT IN UP) दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और कुछ क्षेत्रों में यह 45 डिग्री को भी पार कर गया है. राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में लू का कहर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है.

    आसमान से बरस रही आग- HEATWAVE ALERT IN UP

    राज्य के कई जिलों में आसमान से सीधे आग बरसती दिख रही है. दोपहर के समय चिलचिलाती धूप लोगों को घरों में कैद कर रही है. लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, और बरेली जैसे शहरों में तापमान लगातार 43-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है.

    प्रयागराज बना सबसे गर्म शहर

    गुरुवार को प्रयागराज सबसे गर्म जिला रहा जहां तापमान 44.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है. वहीं, बहराइच में न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 1 डिग्री कम था.

    जानवर भी बेहाल

    तेज़ गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेज़ुबान जानवरों पर भी दिख रहा है. पेड़-पौधों की छांव और पानी की तलाश में बेसहारा पशु इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. गांवों और शहरों में पशुओं को राहत देने के लिए प्रशासन को भी कदम उठाने की आवश्यकता है.

    IMD की चेतावनी: लू से रहें सतर्क

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बरेली, झांसी जैसे जिले शामिल हैं. इन क्षेत्रों में रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है, जिससे नींद में खलल और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है.

    यहां मिल सकती है राहत?

    तराई क्षेत्रों जैसे गोरखपुर, महाराजगंज, पीलीभीत, बस्ती आदि में शनिवार से बादलों की हल्की आवाजाही और बारिश की संभावना जताई गई है. इससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है लेकिन मध्य और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर बना रहेगा.

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

    मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ेगी जबकि पूर्वी यूपी में थोड़ी गिरावट के आसार हैं. न्यूनतम तापमान में भी मामूली वृद्धि होगी लेकिन कुल मिलाकर मौसम का मिजाज राहत देने वाला नहीं दिख रहा.

    सावधानियां ज़रूरी

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. शरीर को हाइड्रेट रखना, छायादार स्थानों में रहना और हल्के सूती कपड़े पहनना इस मौसम में आवश्यक हो गया है.

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  • ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN: जालौन में दिनदहाड़े ज्वैलरी शॉप पर हमला, दुकानदार की सूझबूझ से टली बड़ी लूट

    ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN: जालौन में दिनदहाड़े ज्वैलरी शॉप पर हमला, दुकानदार की सूझबूझ से टली बड़ी लूट

    जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कोंच कोतवाली क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले बाजार में (ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN) उस समय सनसनी फैल गई जब आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने एक ज्वैलरी शॉप पर दिनदहाड़े धावा बोल दिया. बदमाशों ने अवैध तमंचों से लैस होकर नवीन ज्वैलरी शॉप में घुसकर लूटपाट की कोशिश की। दुकान के मालिक संजीव कुमार की सूझबूझ से एक बड़ी वारदात टल गई.

    पूरा घटनाक्रम- ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN

    यह वारदात दोपहर के समय घटी जब बाजार में खासी भीड़ थी. संजीव कुमार, जो नवीन ज्वैलर्स के मालिक हैं, अपनी दुकान में मौजूद थे तभी छह नकाबपोश बदमाश अंदर घुसे. सभी हथियारों से लैस थे और सीधे लूट की मंशा से दुकान में घुसे. लेकिन संजीव कुमार ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत दुकान की शटर गिरा दिया और खुद को अंदर बंद कर लिया. हालांकि, दुकानदार जब तक किसी को खबर करता, तब तक सभी बदमाश मौका पाकर फरार हो गये.

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस-

    घटना की जानकारी मिलते ही कोंच क्षेत्राधिकारी और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने ज्वैलरी शॉप में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके. संजीव कुमार ने बताया, “मुझे अपनी जान बचानी थी, इसलिए सबसे पहले शटर गिराया. अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बदमाश क्या-क्या सामान ले गए हैं, जांच के बाद ही साफ होगा.”

    घटना के बाद एसपी जालौन ने जानकारी दी है कि पीड़ित दुकानदार ने पूछताछ में बताया है कि बदमाश कोई भी सामान नहीं ले जा पाए हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस कार्रवाई में जुटी है.

    सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
    इस घटना के बाद नगर में दहशत का माहौल है. आम जनता और व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है. आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं से यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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  • MEERUT OIL TANKER FIRE: मेरठ में ऑयल टैंकरों में लगी भीषण आग, 4 टैंकर जलकर खाक

    MEERUT OIL TANKER FIRE: मेरठ में ऑयल टैंकरों में लगी भीषण आग, 4 टैंकर जलकर खाक

    मेरठ: शहर के टीपी नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया (MEERUT OIL TANKER FIRE) जब एक ऑयल डिपो के पास खड़े टैंकर में अचानक आग लग गई. यह आग इतनी तेजी से फैली कि बगल में खड़े चार टैंकर उसकी चपेट में आ गए और धू-धू कर जल उठे. हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी टैंकर खाली थे और समय रहते दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लिया.

    कैसे लगी आग?

    घटना शाम करीब 6 बजे की है जब कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि पुट्ठा क्षेत्र में ऑयल टैंकरों में आग लग गई है. शुरुआती जांच के अनुसार, बिजली के टूटे तारों से निकली चिंगारी को इस आग का कारण माना जा रहा है. यह चिंगारी पहले एक टैंकर को लगी और देखते ही देखते चार टैंकर इसकी चपेट में आ गए.

    दमकल विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा

    आग की सूचना मिलते ही परतापुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां तुरंत रवाना की गईं. बाद में पुलिस लाइन फायर स्टेशन से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं. कुल सात से अधिक फायर टेंडर ने आग बुझाने के लिए घंटों मशक्कत की. तेज़ हवा और पास-पास खड़े टैंकरों के चलते आग तेजी से फैल रही थी लेकिन फायर टीम ने साहस और संयम से स्थिति पर काबू पाया.

    मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ऑपरेशन की निगरानी की. दमकल कर्मियों के साथ-साथ पुलिस टीम ने भी इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा सुनिश्चित की. यह एक भीषण अग्निकांड था लेकिन समय पर की गई कार्रवाई के चलते जनहानि नहीं हुई.

    कितना हुआ नुकसान?

    हालांकि, सभी ऑयल टैंकर खाली थे, लेकिन लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई. पार्किंग क्षेत्र में मौजूद कई वाहन आग की चपेट में आ सकते थे, लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. फिलहाल आग से जुड़े सटीक नुकसान का आंकलन किया जा रहा है.

    क्या बोले अधिकारी?

    दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग की शुरुआत संभवतः शॉर्ट सर्किट या बिजली के टूटे तारों से हुई स्पार्किंग से हुई है. हालांकि, आग की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी. फायर विभाग ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है.

    स्थानीय लोगों में दहशत

    घटना के वक्त इलाके में मौजूद लोगों ने बताया कि आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक नजर आ रही थीं. कुछ लोगों ने आग बुझाने की कोशिश भी की लेकिन जैसे ही आग ने विकराल रूप लिया, सब पीछे हट गए. पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.

    पुलिस और दमकल विभाग का कहना है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं है. आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

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  • UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक (UP CABINET DECISIONS) में राज्य के विकास को गति देने वाले 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन प्रस्तावों में कृषि, दुग्ध उत्पादन, औद्योगिक विकास, पंचायत सशक्तिकरण और नागरिक उड्डयन से जुड़े निर्णय शामिल हैं.

    कृषि और दुग्ध क्षेत्र में बड़े फैसले

    1. चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना:
    कैबिनेट ने लखनऊ के अटारी गांव में 130.63 एकड़ भूमि पर ₹251.70 करोड़ की लागत से चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना को मंजूरी दी है. यह पार्क उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी.

    2. दुग्ध नीति 2022 में संशोधन:
    उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 में संशोधन करते हुए, नई दुग्ध प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना पर पूंजीगत अनुदान को 35% तक बढ़ा दिया गया है. इससे डेयरी उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

    औद्योगिक विकास को बढ़ावा

    3. औद्योगिक इकाइयों को LOC की मंजूरी:
    कैबिनेट ने जेके सीमेंट प्रयागराज (₹450.92 करोड़), मून बेवरेज लिमिटेड हापुड़ (₹469.61 करोड़), सिल्वर पल्प एंड पेपर मिल मुजफ्फरनगर (₹403.88 करोड़), ग्लोबल स्पिलट्स लिमिटेड लखीमपुर (₹399.74 करोड़) और चांदपुर इंटरप्राइजेज (₹273.9 करोड़) को LOC जारी करने की मंजूरी दी है. इससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.

    4. मेसर्स RCCPL रायबरेली को सब्सिडी में सुधार:
    मेसर्स RCCPL रायबरेली को दी जाने वाली सब्सिडी में सुधार के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिससे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा.

    पंचायतों और ग्रामीण विकास के लिए पहल

    5. पंचायत उत्सव भवन की स्थापना:
    1500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में पंचायत उत्सव भवन की स्थापना के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है. पहले चरण में 71 भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

    6. ग्राम पंचायतों को आर्थिक प्रोत्साहन:
    राज्य सरकार ने एक लाख रुपये की आय करने वाली ग्राम पंचायतों को ₹5 लाख का अनुदान देने का निर्णय लिया है, जिससे पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

    नगर विकास और नागरिक उड्डयन में सुधार

    7. अमृत योजना में निकाय अंश में छूट:
    अमृत योजना के तहत 7 निकायों के ₹90 करोड़ के निकाय अंश को माफ करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है, जिससे शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी.

    8. नागरिक उड्डयन विभाग में वेतन पुनर्निधारण:
    नागरिक उड्डयन विभाग में संविदा पर कार्यरत पायलट, को-पायलट, इंजीनियर, एयरोनॉटिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के कार्मिकों और तकनीकी/गैर-तकनीकी स्टाफ को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने का निर्णय लिया गया है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा.

    🛡️ ऑपरेशन सिंदूर पर अभिनंदन प्रस्ताव

    9. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर अभिनंदन:
    कैबिनेट ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री और भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम के लिए अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल और बढ़ेगा.

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    SOURCE- HINDUSTAN

  • RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के कुछ ही दिन बाद, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT) का श्रीनगर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा. गुरुवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे राजनाथ सिंह का स्वागत जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया. यह दौरा तब हुआ है जब जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकी हमलों और सैन्य अभियानों के कारण सुर्खियों में है.

    बादामी बाग छावनी में पाकिस्तान को चेतावनी- RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT

    रक्षा मंत्री ने बादामी बाग छावनी पहुंचकर हाल ही में गिराए गए पाकिस्तानी मोर्टार शेल का निरीक्षण किया. वहां उन्होंने शहीद हुए जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी. सिंह ने कहा, “मैं उन बहादुर सैनिकों को नमन करता हूं जो आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हो गए. मैं पहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

    उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों द्वारा पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ जताया गया आक्रोश एक प्रेरणा है. उन्होंने कहा. “आपने जो जोश और साहस दिखाया है, उससे दुश्मन बुरी तरह हिल गया है. पाकिस्तानी चौकियों को जिस तरह तबाह किया गया है, वह पाकिस्तान के लिए चेतावनी है,”

    पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे. इस घटना ने घाटी की स्थिति को अस्थिर कर दिया. इसके जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें सीमापार स्थित आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई की गई. इसके बाद घाटी में तनाव और भी बढ़ गया. रक्षा मंत्री का यह दौरा इन परिस्थितियों में सेना और आम जनता के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है.

    स्कूलों के फिर से खुलने की घोषणा

    संघर्षविराम के बाद एक सकारात्मक संकेत के रूप में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में 15 मई से स्कूल खोलने की घोषणा की गई है. यह निर्णय जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में लागू होगा, जहां हाल के तनाव के कारण स्कूल बंद कर दिए गए थे.

    स्कूलों के खुलने से न केवल शिक्षा की बहाली होगी, बल्कि आम जनजीवन में सामान्य स्थिति की वापसी भी देखी जाएगी. जिन क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे उनमें शामिल हैं:

    • जम्मू: चौकी चौरा, भलवाल, डंसाल, गांधी नगर
    • कठुआ: बरनोटी, लखनपुर, सलान, घगवाल
    • राजौरी: पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल, दरहल
    • पुंछ: सुरनकोट, बफलियाज़

    यह निर्णय दर्शाता है कि प्रशासन अब आम नागरिकों के जीवन को सामान्य करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है.

    हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर शुरू

    कटरा से श्री माता वैष्णो देवी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी एक सप्ताह के निलंबन के बाद फिर शुरू कर दी गई है. यह सेवा सुरक्षा कारणों से बंद की गई थी, जिससे तीर्थयात्रियों को असुविधा हो रही थी. अब सेवाएं बहाल होने से न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी बल्कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है.

    आतंकियों पर भारतीय सेना की सख्त कार्रवाई

    भारतीय सेना ने हाल के हमलों का जवाब देते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया है. मंगलवार को शोपियां जिले में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LET) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. इनमें से एक शाहिद कुट्टे था, जो 8 अप्रैल को श्रीनगर के डेनिश रिसॉर्ट पर हुए हमले में शामिल था. उस हमले में दो जर्मन पर्यटक और एक स्थानीय ड्राइवर घायल हो गए थे.

    सेना की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

    सरकार और सेना का साझा संकल्प

    राजनाथ सिंह का दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है. सेना, सरकार और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से घाटी में शांति की संभावना मजबूत हुई है.

    ऑपरेशन सद्भावना‘ जैसी पहलें भी राज्य में सामाजिक समरसता और विश्वास की भावना को प्रोत्साहित कर रही हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं धीरे-धीरे ज़मीन पर उतर रही हैं.

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    SOURCE- JAGRAN , NDTV INDIA

  • SC REPRIMANDS VIJAY SHAH: मंत्री होकर कैसी भाषा बोलते हो? कर्नल सोफिया पर टिप्पणी पर विजय शाह को फटकार

    SC REPRIMANDS VIJAY SHAH: मंत्री होकर कैसी भाषा बोलते हो? कर्नल सोफिया पर टिप्पणी पर विजय शाह को फटकार

    भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह (SC REPRIMANDS VIJAY SHAH) एक बार फिर विवादों में हैं. इस बार कारण है उनका कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिया गया बयान, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंत्री विजय शाह को फटकार लगाते हुए कहा, “आप मंत्री हैं, इस पद की गरिमा समझते हैं? ऐसी भाषा क्या शोभा देती है?”

    सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद टिप्पणी- SC REPRIMANDS VIJAY SHAH

    दरअसल, विजय शाह ने एक सार्वजनिक मंच से कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी आलोचना हुई. उनके बयान को लेकर महू तहसील स्थित मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की तीन धाराओं – 152, 196(1)(b) और 197(1)(c) के तहत दर्ज की गई.

    SC REPRIMANDS VIJAY SHAH- विजय शाह ने दी थी एफआईआर को चुनौती

    इस एफआईआर को चुनौती देने के लिए विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. उन्होंने कोर्ट से एफआईआर पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. सुनवाई के दौरान जब उनके वकील ने कहा कि मीडिया ने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया है और उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है, तो सीजेआई ने सख्ती से पूछा, “आप जानते हैं कि आप कौन हैं?”

    सीजेआई ने टिप्पणी की कि जब देश संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहा हो, तो जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों से मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है. “हम यह नहीं मान सकते कि मंत्री जैसे पद पर बैठे लोग इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना भाषा का प्रयोग करें,” – CJI बी आर गवई ने कहा.

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाएगा. कोर्ट ने कहा कि विजय शाह हाईकोर्ट में अपनी बात रख सकते हैं. “हम कल इस मामले में आगे सुनवाई करेंगे, लेकिन 24 घंटे में कोई आपात स्थिति नहीं बन रही,” – अदालत ने कहा.

    विजय शाह के बयान से सियासी पारा चढ़ा

    विजय शाह के विवादित बयान के बाद राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है. विपक्षी दलों ने मंत्री के बयान को शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री से उनकी बर्खास्तगी की मांग की है. वहीं, कई सैन्य पृष्ठभूमि के लोग भी इस टिप्पणी पर नाराज़गी जाहिर कर चुके हैं.

    कर्नल सोफिया कुरैशी, जो देश की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व किया, उनके सम्मान में पहले भी कई बार राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो चुकी है. विजय शाह द्वारा इस तरह की टिप्पणी ने न केवल सेना बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.

    हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद विजय शाह ने मीडिया से बातचीत करते हुए माफी मांगी. उन्होंने कहा, “मैं सपने में भी सोफिया बहन के बारे में गलत नहीं सोच सकता. उन्होंने देश की सेवा जाति और धर्म से ऊपर उठकर की है. अगर जोश में मुझसे कोई गलत बात निकल गई हो, तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं.”

    विजय शाह ने यह भी कहा कि उनका पारिवारिक बैकग्राउंड सेना से जुड़ा रहा है और उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था, बल्कि उन शहीद परिवारों की पीड़ा को सामने लाना था, जिनके परिवार के सदस्य आतंकियों के कारण मारे गए.

    हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्तियों के शब्दों की जिम्मेदारी होती है और उन्हें मर्यादित भाषा का ही उपयोग करना चाहिए. कोर्ट की टिप्पणी ने यह संकेत भी दिया है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को बयानबाजी से पहले कई बार सोचना चाहिए.

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    SOURCE- NDTV INDIA, ABP NEWS

  • LUCKNOW BUS FIRE: लखनऊ में डबल डेकर बस में भीषण आग, 2 बच्चों समेत 5 की दर्दनाक मौत, CM योगी ने जताया शोक

    LUCKNOW BUS FIRE: लखनऊ में डबल डेकर बस में भीषण आग, 2 बच्चों समेत 5 की दर्दनाक मौत, CM योगी ने जताया शोक

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना (LUCKNOW BUS FIRE) क्षेत्र के किसान पथ पर बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया. बिहार से दिल्ली जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई, जिससे दो बच्चों और दो महिलाओं समेत पांच लोगों की ज़िंदा जलकर मौत हो गई. हादसे के वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला.

    यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह करीब 5 बजे हुआ जब बस किसान पथ से गुजर रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में पहले धुआं भरने लगा और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया. बस में सवार कई यात्री नींद में थे, जिससे आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई.

    बताया जा रहा है कि बस का ड्राइवर और कंडक्टर आग लगने के बाद वाहन से कूदकर फरार हो गए. सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने बचाव का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और पीजीआई थाना पुलिस पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

    LUCKNOW BUS FIRE- मृतकों की पहचान और बचाव कार्य

    हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो मासूम बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं. आग बुझने के बाद पुलिस शवों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. कुछ घायल यात्रियों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है. अभी कई यात्री लापता बताए जा रहे हैं.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संज्ञान

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की.

    प्रशासन की तत्परता

    जैसे ही घटना की सूचना मिली, प्रशासन हरकत में आया और पुलिस बल के साथ दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है और ड्राइवर-कंडक्टर की तलाश जारी है. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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