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    ROHIT SHARMA MEETS CM FADNAVIS: क्या राजनीति में कदम रखने वाले हैं रोहित शर्मा? 11 महीने में दूसरी बार की CM फडणवीस से मुलाकात

    मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और देश के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रोहित शर्मा (ROHIT SHARMA MEETS CM FADNAVIS) ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी. उनके इस निर्णय के बाद क्रिकेट जगत से लेकर आम जनता तक, हर किसी ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. लेकिन अब संन्यास के कुछ ही दिनों बाद रोहित एक बार फिर सुर्खियों में हैं- और इस बार वजह है उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से दूसरी बार मुलाकात.

    यह मुलाकात केवल शिष्टाचार के दायरे में नहीं देखी जा रही है, बल्कि राजनीतिक हलकों में इसे संभावित राजनीतिक एंट्री के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. आइए जानें इस मुलाकात के मायने क्या हो सकते हैं, और क्या रोहित सचमुच राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं?

    मुख्यमंत्री से दूसरी बार ‘वर्षा’ में मुलाकात

    रोहित शर्मा ने मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की. इस बैठक की तस्वीरें खुद सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया पर साझा कीं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा—

    “भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा का मेरे निवास स्थान पर स्वागत करना मेरे लिए गर्व की बात है. मैंने उन्हें टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.”

    ROHIT SHARMA MEETS CM FADNAVIS
    रोहित शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस (PHOTO- Devendra Fadnvis X Account)

    ध्यान देने वाली बात यह है कि यह मुलाकात पिछले 11 महीनों में दूसरी बार हुई है. इससे पहले रोहित 29 जून 2024 को टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद 5 जुलाई 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी ‘वर्षा’ में मिले थे.

    क्या राजनीति में आने की तैयारी?

    ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी क्रिकेटर के राजनीति में प्रवेश को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. इससे पहले गौतम गंभीर, नवजोत सिंह सिद्धू, मोहम्मद अजहरुद्दीन, कीर्ति आज़ाद जैसे कई खिलाड़ी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं.

    अब जब रोहित शर्मा लगातार महाराष्ट्र के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो यह सवाल उठना लाजमी है—क्या रोहित राजनीति में आने की भूमिका तैयार कर रहे हैं?

    विशेषज्ञ मानते हैं कि महाराष्ट्र में रोहित की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा या अन्य दल उन्हें अपने पाले में लाना चाहेंगे. मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े रोहित को यदि राजनीति में उतारा जाए, तो वह एक मजबूत ‘सेलिब्रिटी फेस’ साबित हो सकते हैं.

    रोहित-फडणवीस मुलाकात की तस्वीरों ने बढ़ाई हलचल

    मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा साझा की गई तस्वीरों में दोनों नेता एक-दूसरे से मुस्कुराते हुए बात कर रहे हैं. रोहित फॉर्मल कपड़ों में नजर आए, जो मुलाकात को औपचारिक और गंभीर संकेत देती है.

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह की मुलाकातें सिर्फ औपचारिक नहीं होतीं. इनमें भविष्य की रणनीति, समाज सेवा के मार्ग, या पार्टी में भूमिका की संभावनाओं पर बातचीत संभव होती है. हालांकि, अब तक रोहित या उनके परिवार की ओर से राजनीति को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है.

    रोहित शर्मा का टेस्ट करियर – एक नजर

    रोहित शर्मा ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने अपने पहले ही दो टेस्ट मैचों में शतक जमाकर खुद को साबित किया. हालांकि विदेशी दौरों में उनका प्रदर्शन स्थिर नहीं रहा, जिसके कारण उन्हें कई बार टीम से अंदर-बाहर होना पड़ा.

    • कुल टेस्ट मैच: 67
    • कुल रन: 4301
    • शतक: 12
    • अर्धशतक: 18
    • उच्चतम स्कोर: 212

    टेस्ट के अलावा रोहित वनडे और टी20 में भी एक शानदार करियर के लिए जाने जाते हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीता था, जो उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है.

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

    सोशल मीडिया पर रोहित की इस मुलाकात को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है:

    • एक यूज़र ने लिखा, “अब रोहित मैदान से संसद की पिच पर नजर आएंगे?”
    • दूसरे ने लिखा, “फडणवीस से मुलाकात राजनीति की नई शुरुआत हो सकती है.”
    • वहीं कुछ फैंस चाहते हैं कि रोहित अभी क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास न लें.

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    SOURCE- HINDUSTAN TIMES

  • BIRD FLU ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, गोरखपुर में बाघिन की मौत से हड़कंप, 4 चिड़ियाघर बंद

    BIRD FLU ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, गोरखपुर में बाघिन की मौत से हड़कंप, 4 चिड़ियाघर बंद

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा (BIRD FLU ALERT IN UP) लगातार गहराता जा रहा है. गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में एक दो वर्षीय बाघिन ‘शक्ति’ की रहस्यमय मौत के बाद जब रिपोर्ट सामने आई, तो हड़कंप मच गया. राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल से आई रिपोर्ट में बाघिन की मौत का कारण एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू (H5N1) पाया गया. इसके साथ ही उसमें ‘वाइब्रियो’ नामक दुर्लभ बैक्टीरियल संक्रमण भी मिला है, जो आमतौर पर समुद्री जीवन में देखा जाता है.

    इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य के वन एवं स्वास्थ्य विभाग को तुरंत और व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने न सिर्फ गोरखपुर, बल्कि कानपुर, लखनऊ और इटावा के चिड़ियाघरों तथा इटावा लायन सफारी को भी अगले सात दिनों के लिए बंद कर दिया है. साथ ही राज्य के सभी टाइगर रिजर्व और संरक्षित वन क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

    BIRD FLU ALERT IN UP- बर्ड फ्लू: एक जानलेवा वायरस

    बर्ड फ्लू एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जिसे H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है. यह वायरस मुख्यतः पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी फैल सकता है. यह बीमारी तेज़ी से फैलती है और यदि समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो घातक साबित हो सकती है.

    भारत में पहले भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी बाघ की मौत से इसकी पुष्टि हुई है. इससे यह स्पष्ट है कि वायरस अब वन्यजीवों तक भी पहुंच गया है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.

    सतर्कता के निर्देश: चार चिड़ियाघर और एक सफारी बंद

    बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर के चिड़ियाघर और इटावा लायन सफारी को सात दिनों के लिए बंद कर दिया है. सभी संरक्षित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी टाइगर रिजर्व जैसे दुधवा (लखीमपुर खीरी), पिलीभीत, अमानगढ़ (बिजनौर), रानीपुर (चित्रकूट) और सुहेलवा (बलरामपुर) को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं. कर्मचारियों को प्रतिदिन हर जानवर की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है.

    रोकथाम के उपाय: पीपीई किट, स्क्रीनिंग और निगरानी

    सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी कर्मचारियों को पीपीई किट पहनकर ड्यूटी करनी होगी. चिड़ियाघर परिसरों में ब्लो टॉर्चिंग, सैनेटाइजेशन और सभी पक्षियों तथा जानवरों की स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है.

    पोल्ट्री फार्मों की भी सघन निगरानी की जा रही है. पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वायरस अन्य इलाकों में न फैले. साथ ही स्वास्थ्य विभाग को इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षणों की जांच और रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

    चिंता की एक और वजह: बीमार बाघ ‘पटौदी’ की शिफ्टिंग

    बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद एक और चिंता की वजह तब सामने आई जब एक बीमार बाघ ‘पटौदी’ को कानपुर चिड़ियाघर में स्थानांतरित किया गया. अधिकारियों को आशंका है कि यदि यह बाघ भी संक्रमित हुआ, तो वहां भी वायरस फैल सकता है. इसलिए कानपुर चिड़ियाघर को भी बंद कर सभी जानवरों की निगरानी शुरू कर दी गई है.

    जनता के लिए जरूरी हिदायतें

    वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक वे किसी भी चिड़ियाघर, बर्ड सैंक्चुअरी या टाइगर रिजर्व में न जाएं. यदि उन्हें किसी मृत पक्षी या जानवर की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें. अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

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    SOURCE- BBC HINDI, AAJTAK

  • CM YOGI ACTION: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    CM YOGI ACTION: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ACTION) ने प्रदेश में बढ़ती मिलावटखोरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब जो लोग खाद्य पदार्थों और दवाओं में मिलावट करेंगे, उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों पर लगाई जाएंगी. यह फैसला ना सिर्फ अपराधियों में भय पैदा करेगा, बल्कि जनता को जागरूक करने का भी काम करेगा.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मिलावटखोरी सिर्फ एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि यह समाज पर एक कलंक है.” उन्होंने इसे “सामाजिक अपराध” बताते हुए साफ कर दिया कि अब किसी भी सूरत में मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा.

    CM YOGI ACTION- मिलावट पर लगेगा ब्रेक, बनेंगी डेडिकेटेड टीमें

    CM योगी ने राज्य भर में नकली और मिलावटी उत्पादों की जांच के लिए डेडिकेटेड टीमें बनाने का निर्देश दिया है. इन टीमों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे दूध, घी, तेल, पनीर, मसाले और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की सघन जांच करें.

    इसके साथ ही, हर मंडल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी. 12 मंडलों में FSDA लैब्स और 3 माइक्रोबायोलॉजी लैब्स जल्द शुरू की जाएंगी, जहां खाद्य और औषधि के नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जा सकेगी.

    नकली दवाएं बनाने वालों पर भी चलेगा कानून का डंडा

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि नकली दवाएं बनाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी केस दर्ज किए जा सकते हैं. इसके अलावा, “पेशेवर रक्तदाताओं” की पहचान करके उन पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे ब्लड बैंकों की विश्वसनीयता बनी रहे और कोई भी मरीज खतरे में न आए.

    चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    सीएम योगी के निर्देश के मुताबिक अब जो व्यक्ति मिलावटखोरी में पकड़े जाएंगे, उनकी तस्वीरें प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, खासकर शहरों और कस्बों के चौराहों पर लगाई जाएंगी. इसका मकसद है जनता को ऐसे अपराधियों के बारे में जागरूक करना और मिलावट करने वालों को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना. इस तरह की कार्रवाई राज्य में पहले भी अपराधियों और दुष्कर्मियों के खिलाफ की जा चुकी है, और उसका अच्छा असर देखने को मिला था.

    बनेगा कॉर्पस फंड

    मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरी पर रोक लगाने और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के लिए “कॉर्पस फंड” बनाए जाने की घोषणा की है. यह फंड लैब्स के उपकरणों, जांच टीमों के खर्च, प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियानों में खर्च किया जाएगा.

    सरकार की रणनीति: चौतरफा प्रहार

    सरकार ने मिलावट पर रोक के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है जिसमें शामिल हैं:

    • उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच
    • डिस्ट्रीब्यूटर और खुदरा विक्रेताओं की निगरानी
    • गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी
    • जनजागरूकता अभियान

    जनता का सहयोग भी ज़रूरी

    सीएम योगी ने कहा कि सरकार के प्रयास तब और प्रभावी होंगे जब आम जनता भी इसमें भागीदारी निभाए. यदि किसी को मिलावट की सूचना मिलती है, तो वह संबंधित प्रशासन या FSDA को तुरंत सूचना दे सकता है. सरकार ऐसे लोगों की पहचान गोपनीय रखेगी.

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  • BSF JAWAN RETURN: भारत की सख्ती पर झुका पाकिस्तान, 20 दिन बाद लौटाया BSF जवान पूर्णम कुमार

    BSF JAWAN RETURN: भारत की सख्ती पर झुका पाकिस्तान, 20 दिन बाद लौटाया BSF जवान पूर्णम कुमार

    नई दिल्ली: भारत की दृढ़ता रंग लाई और पाकिस्तान ने 20 दिन बाद आखिरकार बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार (BSF JAWAN RETURN) को भारत को सौंप दिया. अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे जवान का देशभर में स्वागत हुआ. यह घटना भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच राहत देने वाली खबर बनकर सामने आई है.

    कैसे पहुंचे पाकिस्तान?

    बीएसएफ के कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ, जो कि पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे, गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान में घुस गए थे. पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें 20 दिन पहले हिरासत में लिया था. इस बीच भारत-पाक संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए, विशेषकर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद.

    22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में एक भयावह आतंकी हमला हुआ, जिसमें नागरिकों और पर्यटकों को निशाना बनाया गया. भारत सरकार ने इसे मुंबई हमले के बाद सबसे घातक हमला माना और तुरंत कड़ी कार्रवाई की घोषणा की.

    ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि

    7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने एक साथ मिलकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. इस ऑपरेशन का उद्देश्य स्पष्ट था — आतंकी गतिविधियों का समूल नाश.

    पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई और सीमा पर तनाव

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात को भारत के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की कोशिश की. लक्ष्य थे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र. लेकिन भारतीय सेना के सतर्क और समन्वित प्रयासों से ये हमले विफल कर दिए गए.

    भारतीय नौसेना ने अपने Carrier Battle Group के माध्यम से समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तान की हवाई घुसपैठ की योजना को पूरी तरह नाकाम कर दिया. वहीं, भारतीय वायुसेना और थलसेना ने भी संयुक्त संचालन करते हुए भारत की सुरक्षा को सुनिश्चित किया.

    पूर्णम कुमार की वापसी: भारतीय प्रयासों का नतीजा

    जब पूर्णम कुमार पाकिस्तान में थे, तब उनके परिवार और खासकर पत्नी राजनी की चिंता लगातार बढ़ रही थी. राजनी ने मीडिया से बात करते हुए उम्मीद जताई थी कि डीजीएमओ (DGMO) स्तर की बातचीत में उनके पति का मुद्दा उठाया जाएगा.

    राजनी ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें फोन कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने उनके ससुराल वालों को स्वास्थ्य सेवा देने की बात भी कही.

    भारतीय सेना द्वारा 3 मई को एक पाकिस्तानी रेंजर को राजस्थान सीमा से हिरासत में लिए जाने के बाद उम्मीद जगी कि शायद उसके बदले पूर्णम को भी रिहा किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हालांकि भारत के निरंतर कूटनीतिक और सैन्य प्रयासों के चलते अंततः 13 मई को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान ने पूर्णम कुमार को भारत को सौंप दिया.

    देशभर में राहत और खुशी की लहर

    पूर्णम कुमार की वापसी के बाद सोशल मीडिया से लेकर संसद तक हर जगह इस फैसले की सराहना हुई. एक ओर जहां भारत की सख्त और निर्णायक नीति की तारीफ हुई, वहीं दूसरी ओर जवानों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल भी खड़े हुए हैं.

    रक्षा विश्लेषकों की राय

    रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्णम कुमार की वापसी केवल मानवीय मामला नहीं था, बल्कि यह भारत की कूटनीतिक और सैन्य दृढ़ता का भी परिणाम है. अगर भारत ने आतंकी हमलों पर जवाब नहीं दिया होता, तो शायद पाकिस्तान भी इस तरह झुकने को मजबूर नहीं होता.

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    KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर (KANPUR FIRE) के सबसे बड़े और ऐतिहासिक बाज़ारों में से एक कलेक्टरगंज बाजार में मंगलवार दोपहर भयंकर आग लग गई. इस घटना ने पूरे शहर को दहला दिया. कानपुर सीएफओ के मुताबिक यह आग केमिकल से भरे ड्रमों के सिलसिलेवार फटने के कारण लगी, जिससे पहले धमाके हुए और फिर तेजी से आग फैल गई. आग की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यह लपटें 15-20 फीट ऊंचाई से कई किलोमीटर दूर तक दिखीं.

    धमाकों के साथ फैली आग- KANPUR FIRE

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रम फटने के साथ तेज़ धमाके हुए, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई दुकानों में रखा सामान चंद मिनटों में जलकर राख हो गया. एक कारोबारी ने दावा किया कि आगजनी में 100 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

    KANPUR FIRE- 10 घंटे तक सुलगती रही आग

    दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन संकरी गलियों और अव्यवस्थित रास्तों के कारण उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. आग करीब 10 घंटे तक सुलगती रही. बाजार में आग बुझाने के पर्याप्त इंतज़ाम न होने से मुश्किलें और बढ़ गईं.

    अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट की आशंका

    हालांकि, आग का मुख्य कारण केमिकल ड्रम फटना बताया गया है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों ने एक और बड़ी चूक की ओर इशारा किया है. अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट से शॉर्ट सर्किट को भी एक संभावित वजह माना जा रहा है. मामले की जांच सीएफओ की टीम बुधवार से शुरू करेगी.

    100 साल पुराना बाजार, पहली बार इतनी बड़ी घटना

    कानपुर के एक व्यापारी नेता ने बताया कि कलेक्टरगंज बाजार की स्थापना 100 साल से भी अधिक पहले हुई थी, और यह पहली बार है जब इतनी भीषण आगजनी की घटना सामने आई है. यहां रोज़ाना हजारों की संख्या में व्यापारी और श्रमिक काम करते हैं, और देश के कई हिस्सों में यहां से उत्पाद भेजे जाते हैं. यदि आग और फैल जाती, तो यह हादसा और भयावह हो सकता था.

    लगातार हो रही हैं अग्निकांड की घटनाएं

    कलेक्टरगंज की घटना से पहले भी पिछले दो वर्षों में कानपुर में कई बड़ी आग की घटनाएं हो चुकी हैं.

    • 16 दिसंबर 2022: फजलगंज में फैक्ट्री में आग, तीन मजदूरों की मौत.
    • 31 मार्च 2023: बांसमंडी रेडीमेड मार्केट में आग, हजारों दुकानें खाक.
    • 12 जून 2023: डिप्टी पड़ाव सरकारी मिल में तीन दिन तक आग सुलगती रही.
    • 12 नवंबर 2023: बर्रा इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में भीषण आग.
    • 2 नवंबर 2024: सीसामऊ फर्नीचर शोरूम में भीषण आग.

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  • UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया पुलिस महानिदेशक (UTTAR PRADESH NEW DGP) मिलने वाला है. वर्तमान डीजीपी प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनके कार्यकाल के विस्तार की संभावना बेहद कम है, इसलिए सरकार जल्द ही नए डीजीपी की नियुक्ति की तैयारी कर रही है. इस रेस में राज्य और केंद्र सरकार की अहम इकाइयों में सेवाएं दे रहे कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं.

    UTTAR PRADESH NEW DGP- राजीव कृष्ण: सबसे मजबूत दावेदार

    1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष और विजिलेंस के महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी सेवा में अभी लगभग चार वर्ष का समय शेष है, जो उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है.

    दलजीत सिंह चौधरी: बीएसएफ डीजी से यूपी डीजीपी तक?

    वर्तमान में बीएसएफ के डीजी के रूप में कार्यरत 1990 बैच के आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी भी रेस में माने जा रहे हैं. उनकी सेवानिवृत्ति में लगभग छह महीने से अधिक का समय बचा है. केंद्र में सफल कार्यकाल के कारण उनकी छवि प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ है.

    आलोक शर्मा: एसपीजी से यूपी वापसी की तैयारी

    आलोक शर्मा, जो वर्तमान में एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की कमान संभाल रहे हैं, का नाम भी चर्चा में है. उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक फैसलों में विशेष अनुभव है. उनके पास भी लगभग छह महीने की सेवा अवधि शेष है.

    तिलोत्तमा वर्मा: यूपी को मिल सकती है पहली महिला डीजीपी

    एक और प्रमुख नाम तिलोत्तमा वर्मा का है. वे वर्तमान में डीजी प्रशिक्षण के पद पर हैं और यदि उन्हें मौका मिलता है तो वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं. उन्होंने सीबीआई में लंबा कार्यकाल बिताया है और जांच एवं प्रशासन दोनों क्षेत्रों में दक्ष हैं.

    अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी रेस में

    एमके बसाल, आदित्य मिश्रा, रेणुका मिश्रा और संदीप तलुके जैसे अधिकारी भी वरिष्ठता सूची में स्थान रखते हैं और संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं.

    सरकार की रणनीति और चयन प्रक्रिया

    उत्तर प्रदेश सरकार अब कई पहलुओं को ध्यान में रखकर नए डीजीपी की नियुक्ति करेगी, जैसे कि प्रशासनिक अनुभव, सेवा अवधि, नेतृत्व क्षमता, राजनीतिक संतुलन और कार्य निष्पादन. चूंकि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा विशेष सतर्कता रखी जाती है, इसलिए यह चयन अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है.

    नवीन डीजीपी की घोषणा जल्द

    सरकार मई के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी की घोषणा कर सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी को प्रशासनिक अनुभव में निपुण और जन-हितैषी पुलिस प्रमुख के रूप में कौन मिलता है.

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    FARRUKHABAD PROTEST: भगवान परशुराम पर अभद्र टिप्पणी से सनातन धर्मियों का फूटा गुस्सा

    फर्रुखाबाद: यूपी के जनपद फर्रुखाबाद (FARRUKHABAD PROTEST) में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार द्वारा भगवान परशुराम पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद विवाद गहराता जा रहा है. समाजवादी पार्टी के एक धरना-प्रदर्शन के दौरान दिए गए इस बयान से सनातन धर्मावलंबी और ब्राह्मण समाज आहत हैं. उन्होंने इस बयान को सनातन पर हमला बताते हुए ज़िला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

    क्या है मामला?

    जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के नेता जवाहर सिंह गंगवार ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान परशुराम के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन का हिस्सा था. उनकी इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज और सनातन धर्मियों में भारी नाराजगी देखी गई. समाज के लोगों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए ज़िला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था और 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की थी.

    12 दिन बीते, कार्रवाई नहीं हुई

    ज्ञापन दिए 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. इससे नाराज होकर मंगलवार को ब्राह्मण समाज और सनातन धर्मियों ने फतेहगढ़ के कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने ज़िला अधिकारी को दोबारा ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

    प्रदर्शनकारियों की चेतावनी

    धरना दे रहे ब्राह्मण नेताओं और धर्मगुरुओं ने कहा कि अगर दो दिन के भीतर आरोपी पर एफआईआर नहीं दर्ज की गई, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार आंदोलन सिर्फ फर्रुखाबाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलेगा.

    क्यों है मामला संवेदनशील?

    भगवान परशुराम हिंदू धर्म में ब्राह्मणों के प्रतिनिधि देवता माने जाते हैं. उनकी छवि एक योद्धा और धर्मरक्षक की रही है. ऐसे में उनके बारे में की गई किसी भी टिप्पणी को समाज बहुत गंभीरता से लेता है. इससे पहले भी देश के कई हिस्सों में परशुराम जी पर टिप्पणी करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके हैं.

    प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला सामने आया है तो प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

    कौन हैं जवाहर सिंह गंगवार?

    जवाहर सिंह गंगवार फर्रुखाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. फिलहाल वे समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और राजनीतिक मंचों पर अक्सर सक्रिय रहते हैं.

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  • PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE: PM मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात, बढ़ाया हौसला

    PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE: PM मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात, बढ़ाया हौसला

    जालंधर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह पंजाब के आदमपुर एयरबेस (PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE) का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के जवानों से मुलाकात की. यह दौरा न केवल एक साधारण औपचारिकता था, बल्कि पाकिस्तान के उस दावे का करारा जवाब भी था जिसमें उसने भारत के आदमपुर एयरबेस को ‘हमले में तबाह करने’ का झूठा प्रचार किया था.

    पीएम मोदी सुबह 7 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से रवाना हुए और जालंधर के पास स्थित आदमपुर एयरबेस पर सफलतापूर्वक उतरे. वह वहां लगभग 1 घंटे तक रहे और एयरफोर्स के अधिकारियों तथा जवानों के साथ बातचीत की. इस दौरान प्रधानमंत्री जवानों का उत्साह बढ़ाते नजर आए.

    तस्वीरों में दिखा आत्मविश्वास

    जवानों के साथ पीएम मोदी की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें वह बेहद आत्मविश्वास से भरे और मुस्कुराते नजर आए. यह सिर्फ एक साधारण दौरा नहीं था बल्कि एक संदेश था—देश की सुरक्षा अडिग है और पाकिस्तान की दुष्प्रचार नीति का कोई असर नहीं पड़ता.

    पाकिस्तान का झूठा प्रचार उजागर

    हाल ही में पाकिस्तान की ओर से यह झूठा दावा किया गया था कि उन्होंने भारत के आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है. इस दावे के तुरंत बाद जब प्रधानमंत्री का विमान उसी एयरबेस पर सफलतापूर्वक लैंड हुआ, तो पाकिस्तान की कहानी झूठ साबित हो गई. पीएम मोदी का वहां पहुंचना यह सिद्ध करता है कि भारत का सैन्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है.

    सैनिकों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश

    पीएम मोदी अक्सर अवसर मिलने पर जवानों से मिलते रहे हैं. चाहे वह सियाचिन हो या अरुणाचल, प्रधानमंत्री हमेशा सेना के मनोबल को ऊंचा रखने के प्रयास करते आए हैं. इस दौरे में भी वह जवानों के साथ बातचीत करते हुए नजर आए और उनकी बहादुरी व समर्पण की सराहना की.

    सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है आदमपुर एयरबेस

    आदमपुर एयरबेस भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह न केवल पंजाब बल्कि पूरे उत्तरी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा की दृष्टि से अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में यहां प्रधानमंत्री का दौरा, भारत की सैन्य शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है.

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  • CBSE 12TH RESULT 2025 जारी: 88.39% छात्र पास, नई ग्रेडिंग प्रणाली लागू

    CBSE 12TH RESULT 2025 जारी: 88.39% छात्र पास, नई ग्रेडिंग प्रणाली लागू

    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2025 के परिणाम (CBSE 12TH RESULT 2025) आज घोषित कर दिए हैं. इस वर्ष कुल 88.39 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, जो कि एक उल्लेखनीय प्रदर्शन है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें थोड़ी कमी देखी गई है. छात्र अपने परिणाम cbse.gov.in, cbseresults.nic.in और results.cbse.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं.

    इस बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 44 लाख से अधिक थी, जिनमें से कक्षा 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की गई थी. इस बार छात्राओं ने एक बार फिर से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों का प्रदर्शन भी शहरों से कम नहीं रहा.

    CBSE 12TH RESULT 2025- लड़कियों ने मारी बाजी

    CBSE 12वीं के परिणाम में इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारी है. उनका पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में अधिक रहा है. CBSE ने यह भी बताया कि केरल, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे राज्यों के छात्र पूरे देश में अव्वल रहे हैं.

    नया बदलाव: ‘Relative Grading’ प्रणाली लागू

    CBSE ने इस वर्ष से एक नया कदम उठाया है- Relative Grading System. अब छात्रों को फिक्स ग्रेडिंग (जैसे 91–100 अंक = A1) की बजाय, उनके सहपाठियों के औसत प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड दिए जाएंगे. इस बदलाव का उद्देश्य शैक्षणिक दबाव कम करना और प्रतिस्पर्धा को संतुलित बनाना है.

    यह नई प्रणाली छात्रों को बेहतर समझ और संतुलित मूल्यांकन प्रदान करती है. CBSE का मानना है कि यह बदलाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालेगा.

    डिजिलॉकर और SMS से भी मिलेगा रिजल्ट

    CBSE ने छात्रों के लिए रिजल्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है. छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट और प्रमाणपत्र DigiLocker ऐप से भी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए बोर्ड द्वारा छात्र के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर DigiLocker लॉगिन ID और एक्सेस कोड भेजा जाएगा. छात्र UMANG ऐप और SMS सेवा के माध्यम से भी परिणाम देख सकते हैं.

    ऐसे देखें अपना रिजल्ट (Steps to Check)

    Step 1: आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in या cbse.gov.in पर जाएं.
    Step 2: “CBSE 12th Result 2025 Direct Link” पर क्लिक करें.
    Step 3: अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें.
    Step 4: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.
    Step 5: भविष्य के लिए डिजिटल कॉपी सेव कर लें.

  • PM MODI ADDRESS TO NATION: ऑपरेशन सिंदूर को भारत की हर बेटी, बहन, मां के नाम- पीएम मोदी

    PM MODI ADDRESS TO NATION: ऑपरेशन सिंदूर को भारत की हर बेटी, बहन, मां के नाम- पीएम मोदी

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच 7 मई से 10 मई तक चले तनावपूर्ण हालातों के बाद अब दोनों देशों के बीच (PM MODI ADDRESS TO NATION) युद्धविराम की स्थिति बनी है. यह युद्धविराम ऐसे समय आया है जब भारत ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्र को संबोधित किया और भारतीय सेना के पराक्रम और संयम की भूरी-भूरी प्रशंसा की.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन

    ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा: “हम सभी ने बीते दिनों में देश का सामर्थ्य और उसका संयम दोनों देखा. हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया है. मैं उनकी वीरता, उनके साहस, उनके पराक्रम को आज हमारे देश की हर माता, बहन और बेटी को समर्पित करता हूं.”

    उन्होंने इस ऑपरेशन को देश की सामूहिक भावना, न्याय की प्रतिज्ञा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि 6 मई की रात और 7 मई की सुबह को पूरी दुनिया ने देखा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किस स्तर तक जा सकता है.

    आतंकी हमले का जवाब: पूर्ण अधिकार के साथ

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से झकझोर कर रख दिया. उन्होंने बताया कि कैसे निर्दोष पर्यटकों को धार्मिक आधार पर पहचान कर उनके परिवार के सामने मार डाला गया। यह आतंक का वीभत्स चेहरा था, जो भारत के सद्भाव को चोट पहुँचाने की कोशिश कर रहा था.

    प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि “भारतीय सशस्त्र बलों को पूर्ण अधिकार दिए गए हैं. जो भी भारत की बेटियों की गरिमा और गौरव को ठेस पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे इसका परिणाम भुगतना होगा.”

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है. अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा की श्रेणी में रखते हुए भारत के संयम की सराहना की है. वहीं, पाकिस्तान में अंदरूनी राजनीतिक हलचल और सेना पर बढ़ता दबाव देखने को मिल रहा है.

    एक राष्ट्र, एक स्वर

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि इस आतंकी हमले के बाद पूरा राष्ट्र एक स्वर में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो गया. चाहे राजनीतिक दल हों या सामाजिक संगठन, हर किसी ने कठोर जवाब की मांग की थी, जिसे सेना ने पूरी ईमानदारी और बहादुरी से अंजाम दिया.

    भारत की नई सैन्य नीति का संकेत

    ऑपरेशन सिंदूर एक बार फिर इस बात को स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं बल्कि निर्णायक और रणनीतिक सैन्य दृष्टिकोण अपनाता है. यह कार्रवाई भारत की New Rules of Engagement का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें सीमित समय में, सटीक हमला और आतंक के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की नीति प्रमुख है.

    जन भावना से जुड़ा अभियान

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं है, ये देश की करोड़ों जनता की भावना है. यह एक न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है, जिसे हर भारतवासी ने महसूस किया है.’ उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन हमारी बेटियों, माताओं और बहनों की रक्षा के लिए था.

    ऑपरेशन सिंदूर: आतंक पर करारा वार

    7 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के भीतर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाकर “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के ज़रिए 9 प्रमुख आतंकी अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इसमें 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है.

    इनमें से कई ठिकाने बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाकों में स्थित थे, जो लंबे समय से आतंकवाद का वैश्विक गढ़ माने जाते हैं। यह पहली बार नहीं है जब भारत ने सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के माध्यम से जवाब दिया हो, लेकिन इस बार की कार्रवाई और रणनीति कहीं अधिक व्यापक, तीव्र और सफल रही.

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