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  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में तबाही, यूसुफ अजहर समेत पांच टॉप आतंकी ढेर- JeM LeT TERRORISTS KILLED

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में तबाही, यूसुफ अजहर समेत पांच टॉप आतंकी ढेर- JeM LeT TERRORISTS KILLED

    नई दिल्ली: भारतीय सेना ने 7 मई को सुबह 1:30 बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत (JeM LeT TERRORISTS KILLED) पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर एक साथ हमला किया. यह कार्रवाई हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई थी और इसमें लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के कई शीर्ष आतंकी मारे गए. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन में करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की संभावना है.

    हमले में मारे गए पांच खतरनाक आतंकी (JeM LeT TERRORISTS KILLED)

    1- मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल
    मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान खास पाकिस्तान के लिए विशेष महत्व रखता था. उसकी मौत के बाद पाकिस्तानी सेना ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया और नमाज एक सरकारी स्कूल में पढ़ी गई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी शामिल हुए. यह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकियों को खुलेआम सम्मान देती है.

    2- हाफिज मुहम्मद जमील
    जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हाफिज मुहम्मद जमील, मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला था. वह बहावलपुर में स्थित मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी था. वह युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें फिदायीन बनाता और संगठन के लिए फंड जुटाता था. भारतीय सेना ने उसके ठिकाने को ऑपरेशन सिंदूर में पूरी तरह तबाह कर दिया.

    3- मोहम्मद यूसुफ अजहर
    यूसुफ अजहर, जिसे उस्ताद जी और मोहम्मद सलीम के नाम से भी जाना जाता था, IC-814 विमान अपहरण कांड में भारत का वांछित आतंकवादी था. वह जैश के लिए हथियार प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालता था और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना बनाता था. उसकी मौत से जैश को गहरा झटका लगा है.

    4- खालिद उर्फ अबू अकाशा
    लश्कर का यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में संलिप्त रहा था और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी भूमिका निभाता था. उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए.

    5- मोहम्मद हसन खान
    जैश का यह ऑपरेशनल कमांडर, मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था. वह पीओके से भारत में हमलों के समन्वयन में सक्रिय भूमिका निभाता था. उसकी मौत जैश की कमांड संरचना के लिए बड़ा झटका है.

    एयर स्ट्राइक के निशाने पर कौन-कौन से आतंकी ठिकाने थे?

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने कुल 9 लोकेशन पर 24 से अधिक हमले किए. इनमें चार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में और पांच पीओके में स्थित थे.

    पाकिस्तान में निशाने पर रहे स्थान:

    • बहावलपुर का जैश मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह
    • मुरीदके का लश्कर मुख्यालय मरकज तैयबा
    • सियालकोट का जैश कैंप सरजल
    • हिजबुल का महमूना कैंप

    पीओके में नष्ट किए गए शिविर:

    • कोटली का बॉम्बर कैंप
    • गुलपुर कैंप
    • मुजफ्फराबाद का सवाई कैंप
    • जैश का बिलाल कैंप
    • भीमबेर का बरनाला टेरर कैंप

    पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिस तरह से पाकिस्तान के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मारे गए आतंकियों के जनाजों में शामिल हुए, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान का दावा कि वह आतंक का समर्थन नहीं करता—पूरी तरह से झूठा है. यह कार्रवाई भारत के लिए सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक जीत भी है.

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  • ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

    ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में भड़का दुश्मन, पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए DDC राज कुमार थापा- OPERATION SINDOOR INDIA

    लखनऊ/राजौरी: भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में पाकिस्तान की तरफ से की गई कायराना गोलाबारी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक बड़ा प्रशासनिक नुकसान (OPERATION SINDOOR INDIA) पहुंचाया है. इस हमले में जिले के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (ADC) डॉ. राजकुमार थापा शहीद हो गए. वह जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारी थे और इससे पहले डॉक्टर भी रह चुके थे.

    शनिवार तड़के पाकिस्तान ने राजौरी सहित कई सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल अटैक किए. राजौरी में तैनात डॉ. राजकुमार थापा अपने घर में मौजूद थे, तभी एक गोला उनके घर पर गिरा. शुरुआती धमाके के बाद वे बाहर निकले, फिर लौटकर अपने कमरे में गए, तभी दूसरा गोला सीधे उनके कमरे पर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

    OPERATION SINDOOR INDIA- कौन थे डॉ. राजकुमार थापा?

    डॉ. राजकुमार थापा का जन्म 28 अप्रैल 1971 को हुआ था. उनके पिता का नाम दुर्गा दास है. थापा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी और उसके बाद 2001 में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए. 2010 में वे IAS स्तर पर पदोन्नत हुए और वर्तमान में वे राजौरी में ADC के रूप में कार्यरत थे. उनका प्रशासनिक और चिकित्सा सेवा का अनुभव उन्हें एक उत्कृष्ट अधिकारी बनाता था.

    सीएम उमर अब्दुल्ला ने दी श्रद्धांजलि

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थापा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और स्वयं उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “डॉ. राजकुमार थापा (JKAS, ADC राजौरी) के परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है. उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा. सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है.”

    घायल हुए अन्य कर्मचारी

    इस हमले में थापा के साथ दो और कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. अस्पताल में उनका इलाज जारी है. सरकार ने उनके उपचार की पूरी व्यवस्था की है.

    इलाके में शोक की लहर

    राजौरी जिले में थापा की शहादत के बाद से शोक की लहर है. स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और सोशल मीडिया पर उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं. उनका योगदान न केवल प्रशासनिक क्षेत्र में, बल्कि मानवीय सेवा के क्षेत्र में भी अनुकरणीय था.

    सरकार ने की निंदा

    केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन ने पाकिस्तान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है. इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताते हुए कहा गया कि भारत ऐसी किसी भी कार्रवाई का करारा जवाब देगा.

    ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
    गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे. इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला गया है और सीमाओं पर तनाव बढ़ गया है.

    ये भी पढ़ें- भारत का रुख संतुलित और जिम्मेदाराना: जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से की चर्चा- INDIA US FOREIGN TALKS

  • भारत का रुख संतुलित और जिम्मेदाराना: जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से की चर्चा- INDIA US FOREIGN TALKS

    भारत का रुख संतुलित और जिम्मेदाराना: जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से की चर्चा- INDIA US FOREIGN TALKS

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (INDIA US FOREIGN TALKS) से टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात, क्षेत्रीय स्थिरता और आगे के संवाद के विकल्पों पर विचार साझा किया.

    जयशंकर ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया, “आज सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बातचीत हुई. भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही संतुलित और जिम्मेदाराना रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा.”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और अधिक गहरा हो गया है. भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले और पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों की नाकाम कोशिशों ने इस स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है.

    अमेरिका की भूमिका और रुख- INDIA US FOREIGN TALKS

    अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि रुबियो ने दोनों देशों से अपील की है कि वे तनाव को कम करें और गलतफहमियों से बचने के लिए प्रत्यक्ष संवाद की दिशा में ठोस कदम उठाएं. उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत को समर्थन देने के लिए तैयार है.

    ब्रूस ने यह भी जोड़ा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की टकराव की स्थिति से बचने के लिए आपसी संवाद और रणनीतिक स्थिरता आवश्यक है. यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने भारत-पाक संकट के समय मध्यस्थता या समर्थन की पेशकश की है, लेकिन भारत का हमेशा स्पष्ट रुख रहा है कि यह द्विपक्षीय मुद्दा है और समाधान भी द्विपक्षीय स्तर पर ही निकलना चाहिए.

    भारत की संतुलित रणनीति– INDIA US FOREIGN TALKS

    जयशंकर का बयान भारत की पारंपरिक विदेश नीति की पुष्टि करता है, जो संयम, संतुलन और ज़िम्मेदारी पर आधारित रही है. भारत ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उसकी प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों के अनुरूप हो. भारत किसी भी प्रकार की आक्रामकता में नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के अधिकार में विश्वास करता है.

    भारत ने अमेरिका सहित सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को भरोसे में लेते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है. यह बताता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक उत्तरदायी और विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अपनी भूमिका को निभा रहा है. पाकिस्तान के साथ मौजूदा तनाव के बावजूद भारत अंतरराष्ट्रीय संवाद, राजनयिक चैनलों और कूटनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दे रहा है.

    भारत के आम नागरिकों और रक्षा विशेषज्ञों ने जयशंकर के रुख का स्वागत किया है. उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थिति में जब तनाव अपने चरम पर है, ऐसे समय में भारत का संयम और संतुलन ही इसकी असली शक्ति है. सोशल मीडिया पर भी जयशंकर के बयान को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं.

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  • लखनऊ: सीएम योगी ने CMS के मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित- CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    लखनऊ: सीएम योगी ने CMS के मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित- CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    लखनऊ: सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) द्वारा आयोजित ‘शिक्षक धन्यवाद समारोह’ में शुक्रवार को (CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया. लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन कैंपस ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जहां अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिब और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. विक्रम सिंह की विशेष उपस्थिति रही.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने CMS के उन 19 छात्रों को एक-एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने ICSE और ISC बोर्ड परीक्षाओं में 99.75% तक अंक प्राप्त कर लखनऊ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया. इसके अतिरिक्त, JEE Mains में 99.213 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले छात्र अपूर्व मिश्रा को भी नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

    कार्यक्रम में इस वर्ष UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले पांच पूर्व CMS छात्रों—अमन तिवारी, प्रशांत सिंह, देवांशी सक्सेना, रजत सिंह और अनुश्री सचान—को भी सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किया गया.

    शिक्षकों का योगदान सराहा गया, CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि CMS के शिक्षक छात्रों के सर्वांगीण विकास को समर्पित हैं. उन्होंने कहा, “शिक्षक सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि प्रेरणा और आत्मबल भी देते हैं. आनेवाली पीढ़ी को संवारने की असली जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही होती है.” मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके मार्गदर्शन में जीवन गढ़ने की अपील की.

    CMS students awards
    सीएम योगी ने सीएमएस के शिक्षकों व छात्रों का सम्मान किया.

    CMS की संस्थापिका और निदेशिका डॉ. भारती गांधी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि CMS शिक्षा के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है.

    विशिष्ट अतिथियों के प्रेरणादायक विचार

    विशेष अतिथि डॉ. विक्रम सिंह ने CMS की शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा, “यह संस्था सही मायनों में भावी पीढ़ी को जीवन निर्माण की शिक्षा दे रही है.” नासा के एक्सिओम-1 मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिब ने कहा, “CMS की उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं और इसकी प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली है.”

    CMS की प्रबंध निदेशक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में छात्रों को विश्व नागरिक बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ छात्रों के चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना होगा.

    शिक्षकों को भी मिला सम्मान

    कार्यक्रम में CMS शिक्षकों श्री अंकुर दुबे, श्री दीपक निगम और श्री अनुराग भूषण को विशेष नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. साथ ही CMS महानगर की वरिष्ठ प्रधानाचार्या डॉ. कल्पना त्रिपाठी और राजाजीपुरम प्रथम की प्रधानाचार्या श्रीमती निशा पांडे को भी सार्वजनिक रूप से सराहा गया.

    शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    समारोह की शुरुआत स्कूल प्रार्थना और वंदेमातरम् की सुमधुर प्रस्तुतियों से हुई. इसके अलावा सर्वधर्म प्रार्थना, विश्व एकता गीत, नृत्य और कोरियोग्राफ़ी जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. CMS के पूर्व छात्र व वैज्ञानिक डॉ. सुमित गलवानी ने “एआई एवं शिक्षा” विषय पर अपने विचार साझा किए.

    चरित्र निर्माण मार्च
    CMS के हेड कम्युनिकेशन्स श्री ऋषि खन्ना ने जानकारी दी कि इस अवसर पर 3,000 से अधिक शिक्षकों ने विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ में भाग लिया, जिसमें नैतिक शिक्षा और भावी पीढ़ी के चारित्रिक उत्थान का संकल्प लिया गया.

    CMS विजन-2025 की झलकियां
    कार्यक्रम के अंत में ‘CMS विजन-2025’ की झलकियां प्रस्तुत की गईं, जिसमें संस्थान के आगामी शैक्षिक व नैतिक लक्ष्यों को दर्शाया गया.

    ये भी पढ़ें- भारत-पाक तनाव: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ब्लैकआउट, सुरक्षा अलर्ट, स्कूल तीन दिन के लिए बंद- INDIA PAKISTAN TENSION

  • भारत-पाक तनाव: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ब्लैकआउट, सुरक्षा अलर्ट, स्कूल तीन दिन के लिए बंद- INDIA PAKISTAN TENSION

    भारत-पाक तनाव: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ब्लैकआउट, सुरक्षा अलर्ट, स्कूल तीन दिन के लिए बंद- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली/चंडीगढ़: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों में (INDIA PAKISTAN TENSION) गुरुवार रात गंभीर सुरक्षा स्थिति पैदा कर दी. इसके चलते अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर और कपूरथला जैसे ज़िलों में ब्लैकआउट घोषित कर दिया गया. चंडीगढ़ समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी दो घंटे तक बिजली काट दी गई. नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने घरों में रहें और लाइटें बंद रखें.

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान ने जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की नाकाम कोशिश की. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत की वायु सुरक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया.

    INDIA PAKISTAN TENSION – ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश

    पाकिस्तान की ओर से 7-8 मई की रात को 15 स्थानों पर हमले की योजना बनाई गई थी. इनमें अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं. भारत की सतर्क रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम कर दिया. इसके बावजूद प्रशासन ने कोई रिस्क न लेते हुए एहतियाती कदम उठाए और ब्लैकआउट का निर्देश जारी किया.

    भारत का ऑपरेशन सिंदूर

    यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे. यह मिशन पूरी तरह सफल रहा और आतंकी लॉन्चपैड्स को ध्वस्त कर दिया गया.

    स्थानीय प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कड़े निर्देश

    पठानकोट में कुछ नागरिकों ने विस्फोट जैसी आवाजें सुनने का दावा किया. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. गुरुवार रात साढ़े आठ बजे के करीब ब्लैकआउट लागू किया गया और हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन सक्रिय किए गए. शुक्रवार सुबह तक हालात शांतिपूर्ण रहे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया. चंडीगढ़ में सुबह की सैर पर निकले बलदेव चंद नामक बुजुर्ग ने कहा, “रात में कुछ देर घबराहट हुई लेकिन सेना की तत्परता देख भरोसा बढ़ गया.”

    स्कूल बंद और नागरिक सुरक्षा पर जोर

    पंजाब सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों को अगले तीन दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है. चंडीगढ़ प्रशासन ने भी शनिवार तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का ऐलान किया है. पठानकोट के डीसी आदित्य उप्पल ने कहा, “सभी नागरिक ब्लैकआउट प्रोटोकॉल का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें. केवल अधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करें.”

    अन्य जिलों में भी एहतियाती कदम

    रूपनगर, फाजिल्का, संगरूर, बठिंडा, पटियाला और हरियाणा के पंचकूला में भी ब्लैकआउट किया गया. इन जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है.

    जनता का संयम और सरकार की तत्परता

    सरकार और सेना के त्वरित फैसलों के चलते संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सका. नागरिकों का संयम और सहयोग भी प्रशंसनीय रहा. प्रशासन ने दोहराया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरी तरह मजबूत हैं.

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    SOURCE: NDTV INDIA ,

  • INDIA PAKISTAN CEASEFIRE: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध समाप्त, दोनों देशों ने शांति बहाली पर जताई सहमति

    INDIA PAKISTAN CEASEFIRE: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध समाप्त, दोनों देशों ने शांति बहाली पर जताई सहमति

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य तनाव पर अब विराम लग गया है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच आज दोपहर 3:35 बजे बातचीत हुई. इस बातचीत के बाद निर्णय लिया गया कि आज शाम 5 बजे से दोनों देशों के बीच आकाश, जल और थल पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई नहीं होगी.

    सीज़फ़ायर पर बनी सहमति, वार्ता जारी रहेगी
    विदेश सचिव के अनुसार, यह निर्णय आपसी सहमति से लिया गया है और दोनों पक्ष युद्धविराम का कड़ाई से पालन करेंगे. सीमा पर सैनिकों को अलर्ट मोड से हटाया जाएगा और हालात सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

    12 मई को फिर बातचीत
    मिसरी ने बताया कि आगामी 12 मई को दोनों देशों के अधिकारी एक बार फिर वार्ता के लिए बैठेंगे. इस बैठक में भविष्य की रणनीति, सीमाओं की निगरानी और विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा की जाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

    तनाव के बीच यह एक सकारात्मक पहल
    पिछले कुछ दिनों से भारत-पाकिस्तान सीमा पर भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले देखने को मिले थे. दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर थीं. लेकिन आज की बातचीत और सहमति ने एक बार फिर शांति की उम्मीद जगा दी है.

  • भारत-पाकिस्तान युद्ध LIVE UPDATES: पाकिस्तान ने उरी में फिर शुरू की भारी गोलाबारी

    भारत-पाकिस्तान युद्ध LIVE UPDATES: पाकिस्तान ने उरी में फिर शुरू की भारी गोलाबारी

    नई दिल्ली: भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार रात उत्तरी और पश्चिमी भारत में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की. पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली S-400 ने समय रहते विफल कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने यह हमला तब किया जब भारत ने पीओके और पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे. इन हमलों में आतंकियों के कई ठिकाने पूरी तरह तबाह कर दिए गए.

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  • IPL 2025 SUSPENDED: भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते IPL अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, फैंस और खिलाड़ी मायूस

    IPL 2025 SUSPENDED: भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते IPL अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, फैंस और खिलाड़ी मायूस

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के चलते इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (IPL 2025 SUSPENDED) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा हालात में टूर्नामेंट का आयोजन मुनासिब नहीं है. इस निर्णय से न केवल खिलाड़ियों, बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा झटका लगा है.

    IPL 2025 पर लटका अनिश्चितता का साया

    18वें सीज़न के आयोजन पर पहले से ही संदेह की स्थिति बनी हुई थी. सुरक्षा एजेंसियों और सरकार की ओर से लगातार मिल रहे संकेतों के बीच आखिरकार बीसीसीआई को यह कठिन फैसला लेना पड़ा. इस सीज़न के तहत अब तक कुछ ही मुकाबले हुए थे, जबकि 12 लीग मैच, 4 नॉकआउट और एक फाइनल मुकाबला बाकी था.

    https://twitter.com/incricketteam/status/1920730116486762680

    IPL 2025 SUSPENDED- बीसीसीआई अधिकारी का बयान

    बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी बताया कि “इस स्थिति में टूर्नामेंट आयोजित करना समझदारी नहीं है. देखते हैं कि अगले कुछ दिनों में चीजें कैसे आगे बढ़ती हैं और फिर हम योजना बनाएंगे.” इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब किसी भी IPL 2025 मैच का आयोजन फिलहाल नहीं होगा.

    भारत-पाकिस्तान संघर्ष बना कारण

    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल और मिसाइल हमले किए. इसके बाद से ही देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    पंजाब और जम्मू में अलर्ट, स्टेडियम खाली कराए गए

    पंजाब के कई ज़िलों – पठानकोट, अमृतसर, मोहाली, जालंधर, होशियारपुर और चंडीगढ़ – में ब्लैकआउट और रेड अलर्ट की स्थिति देखी गई. जम्मू क्षेत्र में हवाई हमले की चेतावनी और धमाकों जैसी आवाजों की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया.

    IPL मैच रद्द, PSL यूएई शिफ्ट

    ऐसी स्थिति में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच प्रस्तावित मैच को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया और दर्शकों को स्टेडियम खाली करने के निर्देश दिए गए. इससे पहले दिन पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को UAE स्थानांतरित किया गया, क्योंकि रावलपिंडी स्टेडियम पर भारतीय मिसाइल हमले की रिपोर्ट सामने आई थी.

    विदेशी खिलाड़ियों की वापसी की तैयारी

    सूत्रों के अनुसार, मौजूदा सैन्य हालात के कारण विदेशी खिलाड़ियों में डर और चिंता का माहौल है. कई खिलाड़ी अगले कुछ दिनों में भारत छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. IPL 2025 में कुल 62 खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिन्हें 10 फ्रेंचाइजियों ने मेगा नीलामी में साइन किया था.

    टूर्नामेंट का भविष्य अनिश्चित

    खिलाड़ियों की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन पर खतरे को देखते हुए IPL का अगला चरण कब होगा, यह स्पष्ट नहीं है. बीसीसीआई किसी भी संभावित योजना को हालात सामान्य होने तक रोकना चाहती है.

    सोशल मीडिया पर फैंस की नाराज़गी और समर्थन

    टूर्नामेंट स्थगन के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने सरकार और BCCI के निर्णय का समर्थन करते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, तो कुछ ने मायूसी जताई कि क्रिकेट के सबसे बड़े फेस्टिवल पर संकट मंडरा गया है.

    राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि

    बीसीसीआई और केंद्र सरकार दोनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से बड़ा कोई आयोजन नहीं है. जब तक सीमाओं पर हालात नियंत्रण में नहीं आते, तब तक IPL 2025 के भविष्य पर विराम लगा रहेगा. ऐसे में तय गय हो गया है कि फिलहाल आईपीएल के मैच नहीं होंगे.

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    References: BBC NEWS INDIA PAK WAR PAGE NEWS INDIAN NEWS AGENCY

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  • इटावा: शहीद सूरज सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई: राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार-ETAWAH MARTYR SURAJ SINGH

    इटावा: शहीद सूरज सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई: राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार-ETAWAH MARTYR SURAJ SINGH

    इटावा: जम्मू-कश्मीर में सैन्य ड्यूटी के दौरान शहीद हुए इटावा जनपद के वीर सपूत हवलदार सूरज सिंह यादव (ETAWAH MARTYR SURAJ SINGH) को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव प्रेम का पुरा (तहसील सैफई) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. जैसे ही तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हर आंख नम हो गई और पूरा गांव शोक में डूब गया.

    सूरज सिंह का अंतिम संस्कार सैन्य परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ, जहां उनके परिजनों ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, सेना के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद सूरज सिंह अमर रहें’ के नारों से गांव का वातावरण गूंज उठा. (ETAWAH MARTYR SURAJ SINGH)

    जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
    यह दुखद हादसा 6 मई को जम्मू-कश्मीर में उस समय हुआ जब सेना का वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया. इस दुर्घटना में हवलदार सूरज सिंह यादव समेत पाँच सैनिक शहीद हो गए. सूरज सिंह यादव पिछले 18 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे और अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और साहस के लिए पहचाने जाते थे.

    गांव और जिले में शोक की लहर, पर गर्व भी
    उनकी शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. अंतिम संस्कार में दूर-दूर से लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. लोगों की आंखों में आंसू थे, लेकिन साथ ही गर्व भी था कि उनके गांव का लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ. अंतिम विदाई के समय वातावरण पूरी तरह देशभक्ति में डूबा हुआ था.

    नेताओं और समाजसेवियों ने दी श्रद्धांजलि
    शहीद सूरज सिंह के अंतिम दर्शन के लिए जिले भर से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी पहुंचे. सभी ने एक स्वर में उनके बलिदान को नमन करते हुए परिवार को सांत्वना दी और सरकार से शहीद परिवार को उचित सहायता व सम्मान देने की मांग की.

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  • लखनऊ: सीएम योगी का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, बोले- अब अपने वजूद के लिए जूझ रहा है पाक- CM YOGI SLAMS PAKISTAN

    लखनऊ: सीएम योगी का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, बोले- अब अपने वजूद के लिए जूझ रहा है पाक- CM YOGI SLAMS PAKISTAN

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI SLAMS PAKISTAN) ने शुक्रवार को महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रनायकों महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का पोषक देश करार दिया.

    महाराणा प्रताप की जयंती
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने इतनी बड़ी हिमाकत कर दी है कि अब वह अपने अस्तित्व के लिए जूझता नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का असली आतंकवादी चेहरा अब दुनिया के सामने उजागर हो चुका है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुका है. (CM YOGI SLAMS PAKISTAN)

    योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में पहलगाम की उस घटना का जिक्र किया जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला किया था. उन्होंने कहा कि इस घटना ने हर भारतवासी के मन में आक्रोश पैदा कर दिया. उन्होंने कहा “हर भारतीय ने यह ठान लिया था कि पाकिस्तान को सबक सिखाना ही होगा. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है,”

    मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की बेशर्मी और आतंकवाद के प्रति उसकी शह को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों के जनाजों में सेना और राजनेताओं की उपस्थिति देखी गई, वह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान सीधे तौर पर आतंकवाद में शामिल है. “अब पाकिस्तान अपने वजूद के लिए लड़ रहा है और पूरी दुनिया के सामने कराहता नजर आ रहा है,” मुख्यमंत्री ने दोहराया.

    जनता से की अपील: अफवाहों से बचें
    मुख्यमंत्री योगी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहें और भारतीय सेनाओं का मनोबल बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि यह समय देश के प्रति एकजुट होकर कार्य करने का है और हमें अपने वीर जवानों के साथ खड़ा होना चाहिए. सीएम ने कहा “भारत हर हाल में विजयी रहा है और रहेगा. हमारी सेनाएं सक्षम हैं और देश की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी,”

    महाराणा प्रताप की वीरता को दी श्रद्धांजलि
    मुख्यमंत्री योगी ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी वीरता आज के समय में भी प्रेरणा देती है. उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार महाराणा प्रताप ने गिरिवासियों और वनवासियों की सेना के साथ मुगलों की विशाल सेना को चुनौती दी थी. योगी ने कहा “उनकी जयंती हमें यह सिखाती है कि राष्ट्र की रक्षा के लिए बलिदान और साहस सर्वोच्च गुण हैं.”

    ऐतिहासिक चौराहे का नामकरण
    कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में एक चौराहे को “महाराणा प्रताप सिंह चौराहा” नाम देने की घोषणा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि 1998 में उन्होंने ही इस चौराहे पर महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव दिया था. इस कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य राकेश सिंह और मानवेंद्र सिंह को चौराहे के सुंदरीकरण के लिए बधाई दी गई. उन्होंने कहा कि लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज में स्थापित महाराणा प्रताप की मूर्तियां आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती रहेंगी.

    प्रमुख अतिथि और प्रतिनिधि रहे मौजूद
    इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, राकेश सचान, दयाशंकर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. कार्यक्रम के संयोजक राकेश सिंह, मानवेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, कौशल किशोर और दारा सिंह चौहान समेत अन्य लोगों ने भी भाग लिया. मुख्यमंत्री के संबोधन से न केवल उपस्थित जनसमूह प्रेरित हुआ, बल्कि यह संदेश भी गया कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में किसी भी स्तर तक जाने के लिए तैयार है.

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