Delhi Ramleela 2025दिल्ली दिल्ली की लव-कुश रामलीला में पूनम पांडेय को प्रदर्शन से हटाने का फैसला लिया गया है। यह फैसला मुख्य रूप से हिंदू संगठनों और स्थानीय समुदाय द्वारा किए गए विरोध के बाद लिया गया। रामलीला आयोजकों ने स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और धार्मिक भावना के अनुरूप हो।
बीजेपी और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे रामलीला के पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व की रक्षा के रूप में देखा। आयोजकों का कहना है कि रामलीला न केवल एक नाटकीय प्रस्तुति है, बल्कि धार्मिक आस्था और संस्कृति का प्रतीक भी है, इसलिए किसी भी विवादित स्थिति से बचना जरूरी था।
पूनम पांडेय के हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ आईं। कुछ लोगों ने निर्णय का समर्थन किया, वहीं कुछ ने इसे विवादास्पद बताया। रामलीला का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रस्तुत करना है, और आयोजकों ने सुनिश्चित किया कि यह भावना बनी रहे। इस फैसले ने दिल्ली की रामलीला में संतुलन बनाए रखने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान उनके कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक है। दोनों नेताओं की इस मुलाकात का उद्देश्य व्यापार, निवेश, संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे। इसके तहत सड़क सुधार, जल प्रबंधन और शहर की ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण से जुड़े कार्यों का जायजा लिया जाएगा। वाराणसी का यह दौरा न केवल स्थानीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और दोस्ताना संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में विशेष रूप से व्यापारिक साझेदारी, निवेश आकर्षण और पर्यटन सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। दोनों देश अपने आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और मॉरीशस के पीएम के बीच होने वाली बातचीत में डिजिटल अर्थव्यवस्था, शिक्षा और युवा परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। साथ ही वाराणसी में स्थानीय समुदाय के विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी पहल पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस दौरे से वाराणसी और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही यह भारत और मॉरीशस के मित्रवत संबंधों और आपसी सहयोग का प्रतीक भी माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी दौरे से न केवल शहर में विकास की गति बढ़ेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की दोस्ताना छवि को भी बल मिलेगा।
नई दिल्ली। डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी ज़िंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यदि अचानक इंटरनेट स्पीड धीमी पड़ जाए तो रोज़मर्रा का कामकाज, बिज़नेस और ऑनलाइन कम्युनिकेशन सब ठप पड़ जाता है। हाल ही में ऐसी ही स्थिति तब बनी जब लाल सागर (Red Sea) के नीचे बिछी एक बड़ी इंटरनेट केबल क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना ने भारत से लेकर पाकिस्तान, सऊदी अरब और पूर्वी अफ्रीका तक के देशों को प्रभावित किया है।
क्या है मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल सागर के नीचे बिछी सबमरीन फाइबर ऑप्टिक केबल अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। ये केबल एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच डेटा ट्रांसफर की अहम कड़ी है। जैसे ही यह केबल टूटी, कई देशों में इंटरनेट की स्पीड अचानक गिर गई। भारत और पाकिस्तान के बड़े शहरों में लोगों ने सोशल मीडिया पर धीमी इंटरनेट स्पीड की शिकायतें कीं। कई जगह वीडियो कॉल, ऑनलाइन क्लासेस और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर असर देखने को मिला।
क्यों होती है ऐसी दिक्कत?
समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल्स ही अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट ट्रैफिक का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा संभालती हैं। अगर इनमें से कोई केबल टूट जाए तो वैकल्पिक रूट पर दबाव बढ़ जाता है। इसी कारण से यूजर्स को स्लो इंटरनेट और नेटवर्क फेलियर की समस्या झेलनी पड़ती है।
किन देशों पर असर?
भारत – खासकर मुंबई, दिल्ली और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इंटरनेट स्पीड धीमी रही।
पाकिस्तान – कराची और लाहौर में ऑनलाइन सेवाओं पर भारी असर।
सऊदी अरब और यमन – कई जगह कनेक्टिविटी पूरी तरह बाधित हुई।
अफ्रीका का हिस्सा – पूर्वी अफ्रीका के कुछ देशों में नेटवर्क डाउन रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के नीचे टूटी केबल को ठीक करना आसान नहीं होता। इसके लिए स्पेशल शिप्स और अंडरवॉटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना पड़ता है। कई बार मरम्मत में कई हफ्तों तक का समय लग जाता है।
नीम करौली बाबा – देश भर में नीम करौली बाबा, जिन्हें भक्त “महाराज जी” के नाम से भी जानते हैं, 20वीं सदी के सबसे प्रसिद्ध संतों में से एक थे। उनका आश्रम उत्तराखंड के कैंची धाम में स्थित है, जहां आज भी लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। माना जाता है कि बाबा का जीवन चमत्कारों और आध्यात्मिक घटनाओं से भरा हुआ था।गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज, स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग जैसे कई बड़े नाम बाबा की प्रेरणा से जुड़े रहे हैं। यही कारण है कि बाबा की ख्याति न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में है।
नीम करौली बाबा और हनुमान भक्ति
नीम करौली बाबा का जीवन हनुमान जी की भक्ति में समर्पित था। वे अपने शिष्यों को हमेशा हनुमान चालीसा पढ़ने और भक्ति में लीन रहने की प्रेरणा देते थे।कैंची धाम सहित उनके अन्य आश्रमों में हनुमान जी की मूर्तियां और मंदिर बने हुए हैं। बाबा के अनुयायी मानते हैं कि जब भी वे बाबा का नाम लेते हैं, तो उन्हें हनुमान जी की कृपा का आशीर्वाद मिलता है।
बाबा के चमत्कार और श्रद्धालुओं की आस्था
नीम करौली बाबा के जीवन से जुड़े कई चमत्कार आज भी चर्चा में रहते हैं। कहा जाता है कि उन्होंने बीमारों को ठीक किया, भूखों को भोजन दिया और भक्तों की कठिनाइयों को बिना कहे समझ लिया।यही कारण है कि बाबा को लोग केवल संत ही नहीं बल्कि “चमत्कारी पुरुष” मानते हैं। कई श्रद्धालु यह मानते हैं कि ऐसे चमत्कार हनुमान जी के अवतार में ही संभव हो सकते हैं।
नीम करौली बाबा ने अपने अनुयायियों को हमेशा सरल जीवन जीने और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास रखने की सीख दी। उनके मुख्य संदेश थे:
सभी प्राणियों के प्रति प्रेम और करुणा रखें।
सेवा का मार्ग अपनाएँ और दूसरों की मदद करें।
भगवान के नाम का स्मरण और भक्ति जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है।
बाबा का हनुमान भक्ति में गहरा विश्वास था। उनके आश्रम में हनुमान जी के मंदिर प्रमुख रूप से बने हैं और बाबा हमेशा शिष्यों को हनुमान चालीसा का पाठ करने और भक्ति में लीन रहने की प्रेरणा देते थे।
नीम करौली बाबा के चमत्कार
बाबा के जीवन में कई अद्भुत और चमत्कारिक घटनाएँ हुईं, जो उनकी दिव्यता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रमाण हैं।
बीमारों को ठीक करना – बाबा अपने भक्तों और आसपास के लोगों की बीमारी का तुरंत समाधान करते थे। कहा जाता है कि उनकी एक झलक से रोगी स्वस्थ हो जाते थे।
भूखों और गरीबों की मदद – बाबा के आश्रम में हमेशा भोजन और जरूरत की वस्तुएँ उपलब्ध रहती थीं। वे खुद गरीबों और यात्रियों को खाना खिलाते और उनकी हर समस्या सुनते थे।
भक्तों की कठिनाइयों का समाधान – बाबा अपने भक्तों की मानसिक और भौतिक कठिनाइयों को समझते और उन्हें सही दिशा दिखाते थे। कई लोग मानते हैं कि बाबा की सलाह और आशीर्वाद से उनके जीवन में बड़े बदलाव आए।
प्रकृति और चमत्कार – कहा जाता है कि बाबा ने कई बार प्राकृतिक आपदाओं और संकटों में चमत्कारिक रूप से लोगों की रक्षा की।
इन चमत्कारों और भक्ति के कारण बाबा को न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी श्रद्धालु मानते हैं। उनके आश्रम में स्टीव जॉब्स, लैरी पेज और मार्क जुकरबर्ग जैसे विश्व प्रसिद्ध लोगों ने बाबा से प्रेरणा ली।भक्तों के बीच यह मान्यता है कि बाबा हनुमान जी के अनन्य भक्त थे। उनके जीवन में हनुमान भक्ति स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। हालांकि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने स्पष्ट किया कि बाबा को हनुमान जी का सीधा अवतार कहना शास्त्रानुसार उचित नहीं है। फिर भी, बाबा की शक्ति, करुणा और भक्तों के प्रति उनकी भक्ति उन्हें हनुमान जी का जीवंत रूप मानने का अधिकार देती है।कैंची धाम, बाबा का प्रमुख आश्रम है, जो उत्तराखंड में स्थित है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। बाबा ने अपने अनुयायियों को जीवन में सेवा, भक्ति और प्रेम के महत्व को समझाया।उनकी शिक्षाएँ आज भी उनके आश्रम और शिष्यों के माध्यम से लोगों तक पहुँच रही हैं। बाबा का जीवन यह सिखाता है कि भक्ति और सेवा से व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से समृद्ध हो सकता है।
New GST slab 2025– देश में GST सुधारों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने 56वें GST काउंसिल की बैठक में अब तक की सबसे बड़ी GST सुधार पैकेज की घोषणा की है। जिसे 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाले इस बदलाव में चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) को सिर्फ दो मुख्य स्लैब—5% और 18%—में समाहित कर दिया गया है, आपको बता दें लग्जरी और ‘सिन’ वस्तुओं पर नई 40% स्लैब लागू की गई है। यह आठ साल बाद पहली बार ऐसा व्यापक पुनर्गठन है, और इसका असर घरेलू बजट से लेकर वैश्विक व्यापार संबंधों तक फैला है।
GST में क्या-क्या हुए बदलाव और नई दरें और वर्गीकरण
दो मुख्य स्लैब 5% और 18%
दैनिक उपयोग की वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, लोबान, और पैकेज्ड फूड अब 5% पर आएँगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स (TVs, ACs, वॉशिंग मशीनें), छोटे वाहन और अन्य मानक सामान अब 18% पर टैक्स होंगे।
नई 40% स्लैब लग्जरी और सिन उत्पाद
महंगी कारें, तंबाकू उत्पाद, पैनेल्टी कार जैसे लग्जरी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुएँ अब 40% टैक्स के दायरे में आ गयी हैं।
2017 में GST शुरू हुआ था, और यह सबसे बड़ा स्लैब सुधार है जिसे पिछले आठ वर्षों में देखा गया है।
इस कदम का उद्देश्य कर ढाँचे को सादा बनाएँ, अनुपालन बढ़ाएँ, और मध्यम वर्ग व किसानों को राहत मिले।
घरेलू लाभ में क्या मिला जनता को
आर्थिक हलचल में सुधार
यह सुधार उपभोक्ता खर्च बढ़ाने और महंगाई को लगभग 1.1% तक कम करने में मदद करेगा।
SBI के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांत घोष का कहना है कि GST सुधार से GDP में 60 bps तक इजाफा हो सकता है, जबकि अमेरिकी टैरिफ का गिरावट पर असर नगण्य रहेगा।
New GST slab 2025; विभिन्न शहरों पर दिखा असर
गुजरात के उद्योगों में विशेषकर वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो, पैकेज्ड फूड—सभी में मांग में बढ़ोतरी और लागत में कमी की उम्मीद है।
फसल मशीनरी, कृषि उपकरण पर 12% से 5% की कटौती किसानों के लिए राहत लेकर आएगी।
Tata Motors ने वाहन कीमतों में ₹1.55 लाख तक की कटौती की घोषणा की है, जिससे लाई-फेस्टिवल-सीजन में बिक्री बढ़ने की आशा है।
विपक्ष और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
कांग्रेस ने कहा कि यह बदलाव “8 साल बहुत देर से” आया है, जबकि सरकार ने इसे चुनाव से जोड़ने के आरोपों से इनकार किया।
पंजाब के BJP अध्यक्ष ने इसे किसानों और आम जनता के लिए “उपहार” बताया।
New GST slab 2025; अमेरिका पर प्रभाव — व्यापार नीति पर GST का दबाव?
अमेरिकी टैरिफ और घरेलू संरक्षण
अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने से घरेलू उपभोक्ता खपत में रुचि बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह GST सुधार अमेरिकी टैरिफ के असर को काफी हद तक जूस कर सकता है, जिससे GDP में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
आत्मनिर्भरता और आर्थिक पुनरुद्धार
इस रणनीति से घरेलू खपत को बढ़ावा मिलता है, जिससे निर्यात निर्भर अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत अधिक लचीला दिखता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “दिवाली बोनस” बताया, जो राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण लाभ है।
पहलु
विवरण
स्लैब बदलाव
5%, 18%, 40%
ऐन कार्यान्वयन तारीख
22 सितंबर 2025 — नवरात्रि की शुरुआत से प्रभावी
घरेलू प्रभाव
महंगाई में कमी, उपभोक्ता खर्च में वृद्धि, कृषि और MSME को राहत
अमेरिका पर प्रभाव
टैरिफ के असर को कम करने में घरेलू मांग की भूमिका
New GST slab 2025; नई GST स्लैब 2025 एक ऐतिहासिक सुधार है — चार दरों से सिर्फ दो मुख्य स्लैब तक बदलाव, लग्जरी वस्तुओं पर 40%, और घरेलू मांग को तब तक बढ़ावा देना जब वैश्विक टैरिफ बाधाएँ बढ़ रही हों। यह कदम न केवल कर संरचना को सरल करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता, उपभोक्ता विश्वास, और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है। अब समय है—आप अपनी राय साझा कीजिए: यह GST सुधार आपके जीवन या व्यापार को कैसे प्रभावित कर सकता है?
Bihar band aaj NDA ; 4 सितंबर 2025 को बिहार में एनडीए (NDA) ने पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया। यह विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता के खिलाफ महागठबंधन के किसी मंच पर कही गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ था। इस बंद का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा और एनडीए की अन्य समर्थक महिलाओं ने किया। इसमें मुख्य भूमिका भाजपा नेता एवं केंद्रीय सांसद रविशंकर प्रसाद ने निभाई, जिन्होंने प्रतिरोध के स्वर में तीखी टिप्पणियाँ कीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे—बंद का असर, प्रशासनिक प्रतिबिंब, रविशंकर प्रसाद का बयान, और राजनीतिक पटल पर इसकी गूंज।
1. बंद का ऐलान और उद्देश्य
एनडीए ने 4 सितंबर 2025, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक का बिहार बंद बुलाया। इसका उद्देश्य था—प्रमोद की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर विरोध जताना।
बंद के नेतृत्व में शामिल थे—भाजपा महिला मोर्चा, जदयू महिला मोर्चा, लोजपा (रा.), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा की महिलाएं।
2. बंद के दौरान क्या खुला और बंद रहा
आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाएं नियमित रहीं; परंतु स्कूल, कार्यालय और परिवहन सेवाओं में व्यापक व्यवधान रहा।
3. बंद का प्रभाव और प्रदर्शन
“बिहार बंद आज NDA ;
पटना, गया जैसे प्रमुख शहरों में सड़क जाम और प्रदर्शन देखे गए। कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई, शॉपिंग और सार्वजनिक गतिविधियाँ ठप रहीं।
दानापुर में आगजनी की घटनाएं हुईं; बाजार और चौराहों पर उसका असर रहा।
4. रविशंकर प्रसाद का तीखा बयान
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस बंद के माध्यम से विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है।
उनका सवाल था—“जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब विपक्ष क्यों प्रदर्शन कर रहा है? क्या उनका उद्देश्य अवैध मतदाताओं को वोटर लिस्ट में बनाए रखना है?”
उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता की बात की और कहा कि अधिकांश लोग स्वयं मतदाता सूची में अपना विवरण अपडेट कर चुके हैं।
एक अन्य मौके पर उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि क्या वे चाहते हैं “घुसपैठिए” मतदाता सूची में बने रहें—जिससे यह सवाल राजनीति निर्माण का हिस्सा है।
5. प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया और बयानबाजी
तेजस्वी यादव ने इस घटना की निंदा की, कहा कि मां के खिलाफ अपमान अस्वीकार्य है और व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक परिधि पर हावी नहीं होने चाहिए।
हालांकि उनका बयान सीधे इस बंद के संदर्भ में नहीं था, लेकिन भावनात्मक और राजनीतिक प्रतिवाद का हिस्सा बना।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
बंद का महत्व:
लोकतांत्रिक चेतना और सम्मान की राजनीति;
मुखर विरोध का प्रदर्शन: महिलाएं प्रमुख भूमिका में;
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के प्रक्षेपवक्र पर असर।
प्रशासनिक चुनौतियां:
स्कूल, कार्यालय और परिवहन बाधित;
लेकिन सेवाओं में चुस्त कार्यक्रम को रक्षा मिली।
राजनीतिक संदेश:
रविशंकर प्रसाद का बयान सुप्रीम कोर्ट और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के संदेह को रेखांकित करता है;
बंद ने विपक्ष के राजनीतिक रणनीतियों पर सवाल खड़े किए।
निष्कर्ष
आज का बिहार बंद एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश था—यह मजबूत, सुनियोजित और NDA का विपक्ष विरोधी प्रदर्शन था। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दा विचाराधीन होने के बावजूद सड़क राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने विरोध को असंवेदनशील और अपमानजनक घटना के खिलाफ मानवीय और संवैधानिक प्रतिक्रिया बताया।
भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को कैसे प्रभावित करती है—क्या यह NDA को गति देगी, या विपक्ष के लिए प्रतिक्रिया का मंच बनेगी? आपकी राय या प्रतिक्रिया इस विषय पर क्या है? कृपया नीचे टिप्पणी करके साझा करें।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सम्मानित किया और उनके नाम पर छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की घोषणा की। यह छात्रवृत्ति उन छात्रों को मिलेगी जो भविष्य में स्पेस टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष विज्ञान में उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। शुभांशु शुक्ला छात्रवृत्ति योजना
सीएम योगी ने शुभांशु शुक्ला को श्रीराम की प्रतिमा और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और कहा कि “शुभांशु प्रदेश के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं, हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।” शुभांशु शुक्ला छात्रवृत्ति योजना
#UPCM@myogiadityanath ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नाम पर स्कॉलरशिप शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस स्कॉलरशिप से स्पेस टेक्नालॉजी और अन्य उच्च अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चार दशक बाद भारत को अंतरिक्ष यात्रा का अवसर मिला और लखनऊ से निकले शुभांशु ने 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा में पृथ्वी की 300 से अधिक परिक्रमा की। उन्होंने इसे भारत की वैज्ञानिक परंपरा और विरासत से जुड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि शुभांशु के अनुभव 2027 के अगले मिशन में नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन बनेंगे। सीएम ने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश के कई तकनीकी विश्वविद्यालयों में स्पेस साइंस के डिग्री प्रोग्राम शुरू हो चुके हैं, जो युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान की नई दिशा देंगे।शुभांशु शुक्ला छात्रवृत्ति योजना
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, इसरो चेयरमैन वी. नारायणन, विज्ञान मंत्री अनिल कुमार, सांसद, विधायक, वैज्ञानिक और छात्र मौजूद रहे। शुभांशु के परिवार को भी सम्मानित किया गया।इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि “2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अंतरिक्ष मिशनों की बड़ी भूमिका होगी और शुभांशु की उपलब्धियों में उत्तर प्रदेश की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।” शुभांशु शुक्ला छात्रवृत्ति योजना
नई दिल्ली। भारत में सोने की खपत दुनिया में सबसे ज्यादा होती है। हर साल त्योहारों और शादियों के सीजन में गोल्ड की डिमांड बढ़ जाती है। इसी बीच सरकार द्वारा GST रिफॉर्म्स पर चर्चा ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।जानकारी के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और GST काउंसिल सोने पर टैक्स ढांचे को सरल बनाने पर विचार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि गोल्ड पर GST स्ट्रक्चर में बदलाव से आम ग्राहकों और ज्वैलरी इंडस्ट्री को राहत मिल सकती है।GST Reforms on Gold
वर्तमान में सोने पर 3% GST और 5% मेकिंग चार्जेज पर GST लागू होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार इस टैक्स स्लैब को कम करती है तो सोने की कीमतों में कमी आ सकती है।ज्वैलरी कारोबारियों का कहना है कि टैक्स स्लैब घटने से न केवल सोने की डिमांड बढ़ेगी बल्कि काले बाजार और अवैध आयात पर भी रोक लगेगी। वहीं निवेशक वर्ग इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।GST Reforms on Gold
हालांकि, सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है। लेकिन यदि आने वाले दिनों में GST रिफॉर्म्स लागू होते हैं तो गोल्ड मार्केट में कीमतों में गिरावट और पारदर्शिता दोनों देखने को मिल सकती हैं।GST Reforms on Gold
दिल्ली – स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षाओं को लेकर इन दिनों अभ्यर्थियों में असमंजस और विरोध की स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लगातार आवाज उठ रही है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और छात्रों को बहकाया जा रहा है।कई छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षा परिणाम और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ तथाकथित कोचिंग संस्थान और सोशल मीडिया हैंडल छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें आंदोलनों की ओर धकेल रहे हैं। SSC परीक्षा विवाद
दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारी चयन (SSC) हजारों अभ्यर्थी इकट्ठा हुए थे। यह सभी अभ्यर्थी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में धरने पर बैठे थे। वहीं इन्हें हटाने के लिए पुलिस जब पहुंची तो इनकी बहस हो गई। रविवार शाम दिल्ली के रामलीला मैदान में भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। SSC परीक्षा विवाद
विश्वगुरु बनने की तरफ तेज़ी से अग्रसर होते सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में बेरोजगार युवाओं को नौकरी के बदले लाठी मिलने का चलन तेज़ी से बढ़ता जा रहा है…!!
पढ़ना लिखना मानों अपराध है क्योंकि नौकरी मांगने पर लाठी देगी सरकार…चाहें राज्य हो या केन्द्र…
अधिकारियों ने बताया कि 15,000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी जमा हुए थे, जिनमें से लगभग 100 ने दिन भर के लिए रैली खत्म करने से इनकार कर दिया। इसके कारण SSC उम्मीदवारों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके कारण लगभग 44 छात्रों को हिरासत में लिया गया। इस बीच पुलिस ने कथित तौर पर छात्रों से शुरू में तय समय के बाद विरोध प्रदर्शन रोकने का अनुरोध किया।SSC परीक्षा विवाद
वहीं, दूसरी तरफ आयोग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सभी चयन नियमों के तहत ही किए जा रहे हैं। आयोग का दावा है कि अभ्यर्थियों को अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचना चाहिए। SSC परीक्षा विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय सबसे ज़रूरी है कि SSC पारदर्शी ढंग से हर चरण की जानकारी अभ्यर्थियों तक पहुंचाए, ताकि छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति न बने।SSC परीक्षा विवाद
कानपुर देहात (भोगनीपुर): जिले की ट्रक एसोसिएशन ने भोगनीपुर पुलिस पर अवैध वसूले का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी शिकायत डीएम कार्यालय में सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि पुलिस द्वारा उनके आरोपों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो एसोसिएशन बड़े आंदोलन की चेतावनी देने को मजबूर है। कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा
ट्रक व्यवसायियों का कहना है कि अवैध वसूला और अन्य बाधाओं के चलते उनका काम प्रभावित हो रहा है, और प्रशासन से मांग है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा