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  • IND vs ENG 4th Test: बैकफुट पर भारत, लेकिन बारिश बनी उम्मीद की किरण

    IND vs ENG 4th Test: बैकफुट पर भारत, लेकिन बारिश बनी उम्मीद की किरण

    स्पोर्ट्स डेस्क: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। आज मैच का चौथा दिन है और टीम इंडिया पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है। लेकिन इसी बीच इंद्र देवता ने भारत की संभावनाओं को थोड़ी राहत दी है।

    बारिश ने रोका इंग्लैंड का पलड़ा भारी बनता खेल IND vs ENG 4th Test

    चौथे दिन के खेल की शुरुआत से पहले ही बारिश ने दस्तक दी, जिससे खेल में देरी हुई और आसमान में घने बादल छा गए। ऐसे में अगर बारिश रुक-रुक कर होती रही तो यह भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    तीसरे दिन का हाल: IND vs ENG 4th Test

    • इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल 7 विकेट पर 544 रन पर खत्म किया।
    • उसे भारत पर 186 रनों की बढ़त मिल चुकी है।
    • भारत ने पहली पारी में सिर्फ 358 रन बनाए थे।
    • बेन स्टोक्स 77 रन बनाकर नाबाद हैं और इंग्लैंड का स्कोर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    भारत की मुश्किलें IND vs ENG 4th Test

    • गेंदबाजों की लगातार पिटाई
    • इंग्लैंड की बढ़ती लीड ने भारत की वापसी को किया मुश्किल
    • मौसम ही एकमात्र सहारा

    क्या कहता है मौसम? IND vs ENG 4th Test

    • मौसम विभाग की मानें तो पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
    • इससे मैच के ओवर कम हो सकते हैं और भारत को ड्रॉ की दिशा में जाने का मौका मिल सकता है।
    • भारत इस समय परेशानी के दौर में है, लेकिन मौसम का रुख उसे बचाव का मौका दे सकता है।
    • अब देखना होगा कि बारिश कितनी देर तक खेल रोकती है और क्या भारत इसका फायदा उठा पाता है या नहीं।
  • सद्भावना पुल पर अचानक रुकी डीएम की गाड़ी, कांवरियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी!

    सद्भावना पुल पर अचानक रुकी डीएम की गाड़ी, कांवरियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी!

    जौनपुर- सावन के पवित्र महीने में नगर के सद्भावना पुल पर  रास्ते में अचानक डीएम की गाड़ी रूकते ही कांवरियां के बीच पहुंच गये। जब जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र स्वयं कांवड़ियों के स्वागत के लिए पहुँचे। हाथ मे कांवर लेकर शिव के भक्तों के हौसलों को बढ़ाया। उन्होंने न केवल श्रद्धालु कांवड़ियों के बीच फल वितरण किया, बल्कि बाल कांवड़ियों से बातचीत करके डीएम ने उत्साहवर्धन किया।

    जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने इस दौरान कहा कि कांवड़ यात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। खासकर उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शिव भक्ति, आस्था और सनातन परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में जनपद में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।

    “कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन सतत निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी ने बाल कांवड़ियों के साथ कुछ दूर तक कांवड़ उठाकर यात्रा में भाग भी लिया, जिससे वहां उपस्थित लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। उन्होंने सभी कांवड़ियों को शिवभक्ति के इस पवित्र पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए संयम और डीजे के निर्धारित साउंड मानक के नियम का पालन करने की अपील किया है।

  • संपूर्ण समाधान दिवस में दिखा प्रशासनिक संवेदनहीनता का चेहरा,पीड़िता ने टेबल पर पटका सिर पढ़िये क्या वजह

    संपूर्ण समाधान दिवस में दिखा प्रशासनिक संवेदनहीनता का चेहरा,पीड़िता ने टेबल पर पटका सिर पढ़िये क्या वजह

    फरीदपुर (बरेली): राज्य सरकार द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु शुरू की गई संपूर्ण समाधान दिवस की सार्थकता उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई जब तहसील फरीदपुर में आयोजित कार्यक्रम में एक पीड़िता को अपनी बात तक कहने का मौका नहीं दिया गया, और उसने निराशा में टेबल पर सिर पटक दिया

    मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में करीब 200 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकतर मामले राजस्व, ब्लॉक, पूर्ति विभाग और पुलिस से संबंधित थे। मात्र 10 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।लेकिन व्यवस्था पर असली सवाल उस वक्त खड़ा हुआ जब शिकायतकर्ता पुष्पा (पुत्री भजनलाल) अपनी शिकायत लेकर मंच पर पहुंचीं। जैसे ही पुष्पा ने अधिकारियों के सामने कदम रखा, वहां मौजूद कोतवाल राधेश्याम, एसडीएम मल्लिका नयन, तहसीलदार सुरभि राय और संबंधित लेखपाल एक स्वर में अपनी सफाई देने लगे, मानो वे पहले से जानते हों कि सवाल क्या आने वाला है।

    इस बीच, पीड़िता को मुख्य विकास अधिकारी के सामने अपनी बात रखने तक नहीं दिया गया, जिससे आहत और असहाय होकर उसने सार्वजनिक रूप से टेबल पर सिर पटक दिया। इस दृश्य को देखकर अधिकारियों के साथ-साथ ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए।ग्रामीणों ने स्पष्ट तौर पर कहा —“जब अफसर ही जवाबदेही से भागते नजर आएं और पीड़ित को बोलने तक न दिया जाए, तो ऐसे आयोजन ‘समाधान’ नहीं बल्कि ‘दबाव और डर’ के मंच बन जाते हैं।”

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संपूर्ण समाधान दिवस, यदि सही भावना और पारदर्शिता से न चलाया जाए, तो यह राजनीतिक औपचारिकता और प्रशासनिक दिखावा भर बनकर रह जाता है।यदि पीड़ितों की आवाज को दबाया जाएगा और अधिकारी खुद कठघरे में खड़े न होकर दबंगों की भाषा बोलने लगेंगे, तो जनता का प्रशासन और न्याय प्रणाली से भरोसा उठना तय है।

    राज्य सरकार को चाहिए कि ऐसे जनसुनवाई कार्यक्रमों की न सिर्फ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे, बल्कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करे। वरना “समाधान दिवस” जल्द ही जनता के लिए “समस्या दिवस” बन सकता है।

  • Video: लखनऊ एक्सप्रेस में टपकती छत, भीगते रहे यात्री  वीडियो वायरल

    Video: लखनऊ एक्सप्रेस में टपकती छत, भीगते रहे यात्री वीडियो वायरल

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मॉनसून की बारिश जोर पकड़ रही है। एक ओर जहां शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, वहीं अब रेलवे की लापरवाही का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 12429 लखनऊ एक्सप्रेस के कोच की छत से लगातार पानी टपक रहा है। यात्रियों के बैग, सीटें और फर्श पूरी तरह भीग चुके हैं। इस स्थिति से परेशान यात्रियों ने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

    यात्रियों की शिकायतें

    यात्रियों ने आरोप लगाया है कि ट्रेन में कोई रेलवे अधिकारी मौजूद नहीं था जो स्थिति को संभाल सके। कई यात्रियों के सामान भीग गए, और सीटों पर बैठना तक मुश्किल हो गया।

    रेलवे पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि जब राजधानी जैसे रूट पर चल रही ट्रेनों में ये हाल है, तो अन्य जगहों की क्या स्थिति होगी?

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

    वीडियो वायरल होते ही लोगों ने ट्विटर और फेसबुक पर रेलवे प्रशासन से जवाब मांगा है। कई यूज़र्स ने रेल मंत्री को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

  • Auraiya Bus Axle Breaks: गुड़गांव जा रही प्राइवेट बस का एक्सल टूटा, गड्ढे में फंसी, 50 यात्रियों की जान बची

    Auraiya Bus Axle Breaks: गुड़गांव जा रही प्राइवेट बस का एक्सल टूटा, गड्ढे में फंसी, 50 यात्रियों की जान बची

    औरैया– उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एरवाकटरा थाना क्षेत्र में बिधूना-किशनी मार्ग पर एक प्राइवेट सवारी बस का एक्सल टूट जाने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यह बस कानपुर देहात के रसूलाबाद से चलकर हरियाणा के गुड़गांव जा रही थी। हादसे के समय बस में 40 से 50 यात्री सवार थे।

    कैसे हुआ हादसा?

    शाम लगभग 6 बजे, जब बस गांव दिवहरा के पास पहुंची, तभी अचानक अगले पहिए का एक्सल टूट गया। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में फंस गई। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ

    यात्रियों की ज़ुबानी

    “बस में अचानक झटका लगा और सब घबरा गए। हमने जल्दी से उतरकर अपना सामान निकाला। अब दूसरी बस का इंतजार कर रहे हैं।”
    — एक यात्री

    राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्रियों की मदद की। सभी सवारियों को बस से सुरक्षित निकाला गया और वे सड़क किनारे खड़े होकर दूसरी बस का इंतजार करते रहे।

    सवाल खड़े करती यह लापरवाही

    इस घटना ने एक बार फिर प्राइवेट बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर बस की स्पीड ज़्यादा होती या सामने से कोई वाहन आ रहा होता, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

    प्रमुख बिंदु:

    • रसूलाबाद से गुड़गांव जा रही थी प्राइवेट सवारी बस
    • दिवहरा गांव के पास टूटा एक्सल, बस गड्ढे में जा फंसी
    • 50 यात्रियों की जान बची, कोई घायल नहीं
    • राहगीरों ने यात्रियों की मदद की
    • निजी बसों की तकनीकी जांच पर उठे सवाल
  • Banda Flood News Live-बारिश होने के दौरान गिरा कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबने से दो बच्चों की मौत

    Banda Flood News Live-बारिश होने के दौरान गिरा कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबने से दो बच्चों की मौत


    Banda Flood News Live– बारिश होने के दौरान गिरा कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबने से दो बच्चों की मौत उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते जहां एक तरफ गर्मी से राहत लेकर आयी हैं वहीं दूसरी तरफ कई लोगों के लिये मुस्बित बन चुकी हैं.बरसात के चलते कई मकान ढह रहे हैं तो दीवारें भी अपनी जगह छोड़ रही है. यूपी के कई जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है. कई जिले में हो रही लगातार बारिश की वजह से भारी परेशानी भी हो रही है. यूपी के बांदा से खबरे आई हैं जिनमें दो बच्चों की मौत घर का मलबा गिरने हो गई तो कई लोगों के घायल होने की खबर है.

    आइए जानते हैं पूरा मामला…

    बांदा में भारी बारिश के चलते कच्चा मकान गिरा गया और मकान के मलबे में एक परिवार के 9 लोग दब गए जिसके बाद पुलिस ने लोगों की मदद से रेस्क्यू करके 9 लोगों को मलबे से बाहर निकलवाया और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जहा 2 बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है और 7 लोगों का इलाज चल रहा है।

    वही घटना के बाद जिले के अधिकारी मौके पर पहुँचकर परिवार का हाल चाल जान रहे है।घटना लगातार 24 घंटे से हो रही बारिश के चलते हुई है जब पूरा परिवार सो रहा था तभी सुबह समय अचानक कच्चा मकान गिर गया और मलबे में सभी लोग दब गए।यह घटना बाँदा जिले के बिसंडा थाना क्षेत्र के पिपरीखेरवा ओरन की है।

    https://youtu.be/7ObFS7i3LT4?si=XbIE_KuOJ3jl1Dbe

  • Modinagar Kanwar Camp: मोदीनगर में कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, हाईवे पर वन-वे ट्रैफिक और 32 CCTV से निगरानी

    Modinagar Kanwar Camp: मोदीनगर में कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, हाईवे पर वन-वे ट्रैफिक और 32 CCTV से निगरानी

    Modinagar Kanwar Camp: कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को सुचारू और सुरक्षित सुविधा देने के लिए नगर पालिका परिषद मोदीनगर द्वारा आयोजित कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी शिवभक्तों की यात्रा को सुखद, शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहने की कामना की।

    कार्यक्रम में विधायक डॉ. मंजू शिवाच, पालिका चेयरमैन विनोद वैशाली सहित प्रशासन के कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा यात्रा मार्ग पर सफाई, अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम और प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था की गई है। Modinagar Kanwar Camp

    Modinagar Kanwar Camp

    सेवा शिविरों से बढ़ी सहूलियत- Modinagar Kanwar Camp

    नगर के मुख्य राज चौराहे पर प्रमुख शिविर स्थापित किया गया है, जहां पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, दवाइयां और जलपान व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

    👮‍♂️ वन-वे ट्रैफिक और बैरिकेडिंग- Modinagar Kanwar Camp

    एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि हरिद्वार से लौट रहे शिवभक्तों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली-मेरठ हाईवे को सोमवार से वन-वे कर दिया गया है।

    • कादराबाद से सीकरी कलां तक के सभी छोटे-बड़े कट बंद कर दिए गए हैं।
    • केवल मुख्य मार्ग स्थानीय निवासियों के लिए खुले हैं।
    • दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को रूट में बदलाव से थोड़ी असुविधा हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी है।

    📹 निगरानी के लिए 32 CCTV कैमरे- Modinagar Kanwar Camp

    यात्रा की सुरक्षा और निगरानी के लिए 32 CCTV कैमरे जगह-जगह लगाए गए हैं।
    कादराबाद चौकी और मुख्य राज चौराहे पर बने कंट्रोल रूम से इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।

    प्रशासन की सतर्कता, समाज की भागीदारी

    नगर पालिका, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाजसेवी संगठनों के सामूहिक प्रयासों से यात्रा मार्ग पर हर प्रकार की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। यह सेवा शिविर केवल धार्मिक भावना का नहीं, बल्कि प्रशासनिक समर्पण और जन-भागीदारी का प्रतीक है।

    https://nationnowsamachar.com/national/supreme-court-glass-wall-removed-rs-2-68-crore-wasted/
  • NNS Exclusive:सुप्रीम कोर्ट में ₹2.68 करोड़ में बनी कांच की दीवार एक साल में ही हटी, गिराने में आया इतना खर्च- Supreme Court Glass Wall

    NNS Exclusive:सुप्रीम कोर्ट में ₹2.68 करोड़ में बनी कांच की दीवार एक साल में ही हटी, गिराने में आया इतना खर्च- Supreme Court Glass Wall

    NNS Exclusive: देश की सर्वोच्च न्यायपालिका, सुप्रीम कोर्ट, इन दिनों एक फैसले को लेकर सुर्खियों में है—और यह कोई कानूनी फैसला नहीं बल्कि एक भौतिक बदलाव है, जो अब चर्चा और सवालों के घेरे में आ गया है।

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट परिसर में वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के निर्देश पर पांच ऐतिहासिक अदालतों के बाहर कांच की दीवारें लगाई गई थीं। दावा था कि यह आधुनिकीकरण और एयर कंडीशनिंग के लिए आवश्यक है। लेकिन यह दीवारें न तो विचारधारा में फिट बैठीं और न ही व्यवहार में। नतीजा—सालभर बाद ही इन्हें हटाने का फैसला ले लिया गया, और इस पूरी कवायद में करोड़ों रुपये खर्च हो गए। Supreme Court Glass Wall

    Supreme Court Glass Wall

    💰 कांच लगाने और फिर हटाने में खर्च हुए 2.68 करोड़ रुपये- Supreme Court Glass Wall

    RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, इन कांच की दीवारों को लगाने में कुल ₹2.59 करोड़ का खर्च आया। यह कार्य M/s बीएम गुप्ता एंड सन्स द्वारा CPWD के ई-टेंडर के माध्यम से करवाया गया था। जब इन्हें हटाने की बारी आई तो उस पर ₹8.63 लाख का अतिरिक्त खर्च हुआ। इस प्रकार कुल ₹2.68 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि एक साल के भीतर ही पानी की तरह बहा दी गई।

    Supreme Court Glass Wall

    🛑 बार संघों का विरोध और बढ़ती अव्यवस्था

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने इस फैसले का खुला विरोध किया था। उनके अनुसार,

    • कांच की दीवारों से गलियारों की चौड़ाई घट गई।
    • वकीलों और आमजनों के लिए एक कोर्ट से दूसरी कोर्ट पहुंचना मुश्किल हो गया।
    • फैसले में कोई परामर्श नहीं लिया गया, जिससे न्यायिक भागीदारी पर भी सवाल खड़े हुए।

    🔁 बदलाव पलटा, पुरानी पहचान लौटी

    CJI डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के बाद, उनके उत्तराधिकारियों CJI संजीव खन्ना और वर्तमान CJI बीआर गवई के सामने बार एसोसिएशन ने दीवारें हटाने की मांग रखी।
    जून 2025 में फुल कोर्ट (सभी जजों की बैठक) ने सर्वसम्मति से तय किया कि कांच की दीवारें हटाई जाएं और सुप्रीम कोर्ट को उसके “मूल स्वरूप” में लौटाया जाए।

    🇮🇳 लोगो भी वापस पुराने स्वरूप में- Supreme Court Glass Wall

    सिर्फ दीवारें ही नहीं, पूर्व CJI चंद्रचूड़ द्वारा बदला गया सुप्रीम कोर्ट का लोगो भी पलटा गया है। अब फिर से केंद्र में भारत का राजचिह्न वाला पुराना लोगो बहाल कर दिया गया है।

    https://nationnowsamachar.com/national/shubhanshu-shukla-return-axiom4-return-earth/

    सोर्स- AAJ TAK

  • Kanwar Yatra Bareilly: कांवड़ियों की टोली पहुंची शिवधाम, जलाभिषेक से महक उठा हर मंदिर

    Kanwar Yatra Bareilly: कांवड़ियों की टोली पहुंची शिवधाम, जलाभिषेक से महक उठा हर मंदिर

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा
    Kanwar Yatra Bareilly: श्रावण मास का आगाज होते ही बरेली के फरीदपुर और आसपास के इलाकों में आस्था, भक्ति और समर्पण का अनूठा संगम बन गया है। सुबह की पहली किरण के साथ ही “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से समूचा वातावरण गूंज उठता है। मंदिरों के घंट-घड़ियाल, ढोल-नगाड़े और शिवभक्तों की टोलियों की हर दिशा में उपस्थिति ने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया।

    बीते रविवार की बात करें तो शाम के समय मोहल्ला परा स्थित साईं बाबा मंदिर से महंत राहुल पाठक के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। जत्था रामगंगा के कछला घाट पहुंचा, जहां से भक्तों ने पवित्र गंगाजल भरकर सोमवार भोर में वापसी की और सिमरा बोरीपुर के गोपाल सिद्ध मंदिर, पहलऊ शिव मंदिर व पचौमी पंचेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया।

    🙏 भक्ति, अनुशासन और सेवा का संगम- Kanwar Yatra Bareilly

    इस कांवड़ यात्रा में गौरव पांडे, अभिषेक, हर्षित, श्याम वंश, अनुराग पाठक, नितिन, विकास समेत दर्जनों युवाओं ने भाग लिया। इन शिवभक्तों के चेहरों पर तप और श्रद्धा की झलक स्पष्ट दिख रही थी। कांवड़ यात्रा महज एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि एक सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन बन गई जिसमें युवा वर्ग की ऊर्जा, अनुशासन और आस्था झलक रही थी।

    👮 प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा रही चाकचौबंद- Kanwar Yatra Bareilly

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय रहा। फरीदपुर सीओ संदीप सिंह स्वयं क्षेत्र में निरीक्षण करते नजर आए। कोतवाली प्रभारी राधेश्याम ने अपनी टीम के साथ विभिन्न मंदिरों और मार्गों पर निगरानी रखी। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों ने भी श्रद्धालुओं की सेवा में भरपूर योगदान दिया।

    🛕 शिवमंदिरों में उमड़ा जनसैलाब- Kanwar Yatra Bareilly

    नगर के प्रमुख शिवालयों—शिव मंदिर, महादेव मंदिर, मौनी महादेव मंदिर और पचौमी मंदिर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पहलऊ नाथ और बाबा भोलेनाथ मंदिरों पर भी सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने बिल्वपत्र, धतूरा, गंगाजल और भांग अर्पित कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया।

    🌸 समाजिक समरसता का प्रतीक

    श्रावण सोमवार की यह पावन शुरुआत केवल भक्ति का स्वरूप नहीं थी, बल्कि यह भारतीय समाज में समरसता, संयम और सेवा का आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही थी। युवा कांवड़ियों की भक्ति, प्रशासन का अनुशासन और समाज की सहभागिता ने फरीदपुर को श्रद्धा और प्रबंधन का उत्कृष्ट केंद्र बना दिया।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/etah/etah-jain-idol-discovery-asi-archaeological-findings/
  • Etah Jain idol discovery: 1000 साल पुरानी जैन मूर्ति मिलने से मचा एटा में हड़कंप, ASI को किया गया सुपुर्द

    Etah Jain idol discovery: 1000 साल पुरानी जैन मूर्ति मिलने से मचा एटा में हड़कंप, ASI को किया गया सुपुर्द

    Etah Jain Idol discovery: एटा जनपद के रिजोर गांव में जल निगम द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान एक दुर्लभ प्राचीन जैन मूर्ति मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। जून माह में ग्राम समाज की भूमि गाटा संख्या 479 ख पर ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए की जा रही खुदाई में यह मूर्ति मजदूरों को मिली। मूर्ति मिलने के बाद जैन और बौद्ध समुदायों में स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

    22 जून को कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इस मूर्ति को रिजोर थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया था। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) आगरा सर्किल की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और पुष्टि की कि यह मूर्ति जैन धर्म से संबंधित है तथा यह 10वीं से 11वीं शताब्दी ईस्वी की है। यह प्रतिमा अब “पुरावशेष” की श्रेणी में आती है।

    ASI की अधीक्षक पुरातत्वविद डॉ. स्मिता एस. कुमार को मूर्ति सौंप दी गई है, जो अब इसका संरक्षण करेंगी और ऐतिहासिक संदर्भ में इसका उपयोग सुनिश्चित करेंगी। Etah Jain Idol discovery

    जिला मजिस्ट्रेट प्रेम रंजन सिंह ने स्पष्ट किया कि मूर्ति ग्राम समाज की भूमि से प्राप्त हुई है, अतः किसी व्यक्ति द्वारा इसका निजी स्वामित्व दावा मान्य नहीं होगा। मूर्ति का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है, जिससे इस क्षेत्र की प्राचीन विरासत का नया अध्याय जुड़ गया है।

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