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  • Shubhanshu Shukla Return: शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा, Axiom-4 मिशन से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी, यहां देखें लाइव वीडियो

    Shubhanshu Shukla Return: शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा, Axiom-4 मिशन से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी, यहां देखें लाइव वीडियो

    Shubhanshu Shukla Return: भारत के लिए 15 जुलाई 2025 का दिन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की। Axiom-4 मिशन के तहत यह यात्रा न केवल भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत भी बन गया है। शुभांशु शुक्ला, जो भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने ISS पर कदम रखा, ने 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए और कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। उनकी इस उपलब्धि ने भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की नींव को और मजबूत किया है।

    Shubhanshu Shukla Return

    Axiom-4 मिशन: भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय- Shubhanshu Shukla Return

    Axiom-4 मिशन एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जिसे अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स और Axiom Space ने संयुक्त रूप से संचालित किया। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जिनमें शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट की भूमिका में थे। उनके साथ थे कमांडर पैगी व्हिटसन (अमेरिका), मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की (पोलैंड), और टिबोर कापु (हंगरी)। यह मिशन भारत, पोलैंड, और हंगरी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि इन देशों ने चार दशकों बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपनी उपस्थिति दर्ज की।

    25 जून 2025 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च हुआ ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट 26 जून को ISS के हार्मनी मॉड्यूल से जुड़ा। इस मिशन के दौरान शुभांशु और उनकी टीम ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें भारत के सात प्रयोग शामिल थे। इन प्रयोगों में माइक्रोग्रैविटी में मेथी और मूंग के बीज उगाने से लेकर सूक्ष्म शैवाल (माइक्रोएल्गी) पर शोध शामिल था, जो भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए खाद्य स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण हो सकता है।

    Shubhanshu Shukla Return

    पृथ्वी पर वापसी: एक रोमांचक यात्रा- Shubhanshu Shukla Return

    14 जुलाई 2025 को, भारतीय समयानुसार दोपहर 2:50 बजे, ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट का हैच बंद हुआ, और शाम 4:45 बजे यह ISS से अनडॉक हुआ। लगभग 22.5 घंटे की यात्रा के बाद, 15 जुलाई को दोपहर 3:02 बजे, स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन किया। इस प्रक्रिया में 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर ड्रोग पैराशूट और 2 किलोमीटर की ऊंचाई पर मेन पैराशूट्स ने स्पेसक्राफ्ट को सुरक्षित रूप से समुद्र में उतारा। Shubhanshu Shukla Return

    वापसी की प्रक्रिया अत्यंत जटिल थी। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कई डिपार्चर बर्न्स किए, जिससे इसकी कक्षा को धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर समायोजित किया गया। डी-ऑर्बिट बर्न ने स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के लिए तैयार किया, और हीट शील्ड ने हजारों डिग्री के तापमान को सहन करते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखा। स्प्लैशडाउन के बाद, सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों को रिकवरी टीम ने सुरक्षित निकाला, और उन्हें सात से दस दिनों के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर में भेजा गया, ताकि वे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में फिर से ढल सकें। Shubhanshu Shukla Return

    शुभांशु शुक्ला: भारत का गर्व- Shubhanshu Shukla Return

    लखनऊ में जन्मे 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी टेस्ट पायलट हैं। वे ISRO के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार गगनयात्रियों में से एक हैं। उनकी इस उपलब्धि ने 1984 में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा के बाद भारत को फिर से वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर स्थापित किया। ISS पर अपने प्रवास के दौरान, शुभांशु ने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में प्रयोग किए, जैसे कि पानी के व्यवहार का अध्ययन और शून्य-गुरुत्वाकर्षण में भौतिकी के प्रभावों का प्रदर्शन।

    उन्होंने अपने पहले संदेश में कहा, “नमस्कार दोस्तों, मैं अंतरिक्ष से बोल रहा हूँ। अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे कंधे पर तिरंगा है, जो मुझे याद दिलाता है कि मैं अकेला नहीं हूँ, बल्कि पूरे भारत के साथ हूँ।” उनकी यह बात देशवासियों के दिलों को छू गई। Shubhanshu Shukla Return

    भारत के लिए महत्व- Shubhanshu Shukla Return

    Axiom-4 मिशन न केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी क्षमता का प्रतीक भी है। इस मिशन में NASA, ISRO, और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग देखने को मिला। शुभांशु की यात्रा ने भारत के गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किया, जो 2027 में लॉन्च होने की संभावना है। यह मिशन भारत को स्वदेशी तकनीक से अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश बना सकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु की वापसी पर उन्हें बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि हमारे गगनयान मिशन की दिशा में एक और मील का पत्थर है। शुभांशु ने अपने साहस और समर्पण से अरबों सपनों को प्रेरित किया है।” उनकी इस यात्रा ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को प्रेरित किया, बल्कि देश के युवाओं को यह विश्वास दिलाया कि मेहनत और लगन से कोई भी सपना असंभव नहीं है।

    वापसी की टाइमलाइन (सारणी)

    तारीखसमय (IST)इवेंट
    14 जुलाई 20252:50 PMड्रैगन हैच बंद हुआ
    14 जुलाई 20254:45 PMISS से स्वचालित अनडॉकिंग
    14 जुलाई 20254:40 PMडिपार्चर बर्न 1
    14 जुलाई 20255:28 PMडिपार्चर बर्न 2
    14 जुलाई 20256:15 PMडिपार्चर बर्न 3
    15 जुलाई 20252:07 PMडी-ऑर्बिट बर्न
    15 जुलाई 20252:57 PMड्रोग पैराशूट डिप्लॉय
    15 जुलाई 20252:58 PMमेन पैराशूट डिप्लॉय
    15 जुलाई 20253:02 PMसैन डिएगो तट पर स्प्लैशडाउन

    भविष्य की संभावनाएँ

    शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए एक नया द्वार खोलती है। उनके द्वारा किए गए प्रयोग, जैसे माइक्रोएल्गी पर शोध, भविष्य में चंद्रमा या मंगल की यात्राओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, इस मिशन ने निजी अंतरिक्ष यात्रा को बढ़ावा देने में भी योगदान दिया है। Axiom Space की योजना भविष्य में एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की है, जिसमें भारत जैसे देशों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।

  • Rudrabhishek by CM Yogi: श्रावण मास की शुरुआत पर CM योगी ने किया रुद्राभिषेक, गूंजे हर हर महादेव के स्वर

    Rudrabhishek by CM Yogi: श्रावण मास की शुरुआत पर CM योगी ने किया रुद्राभिषेक, गूंजे हर हर महादेव के स्वर

    Rudrabhishek by CM Yogi: उत्तर प्रदेश में श्रावण मास की शुरुआत आध्यात्मिक आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ हो चुकी है। श्रावण के पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में विधिवत रुद्राभिषेक और हवन कर सावन की आधिकारिक शुरुआत की। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही पूरे प्रदेश में शिवभक्ति का माहौल और अधिक प्रबल हो गया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल प्रदेश के मुखिया हैं, बल्कि गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। उन्होंने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने बेलपत्र, मदार पत्र, दूर्वा, कमल पुष्प, गंगाजल, दूध और विभिन्न ऋतुफलों के रस से अभिषेक किया। Rudrabhishek by CM Yogi

    राज्य सरकार द्वारा जारी बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से चराचर जगत के कल्याण और समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। हवन के दौरान वे स्वयं आचार्यगणों और पुरोहितों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार करते नजर आए।

    मुख्यमंत्री योगी ने इस शुभ अवसर पर सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

    "देवाधिदेव महादेव के प्रिय श्रावण मास के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर आज गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।"

    🛕 गोरखनाथ मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वRudrabhishek by CM Yogi

    गोरखनाथ मंदिर केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण उत्तर भारत के प्रमुख शिव धामों में से एक है। श्रावण मास में इस मंदिर की महत्ता और भी अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि यहां हर सोमवार विशेष पूजा, अभिषेक और हवन का आयोजन किया जाता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक करते हैं। Rudrabhishek by CM Yogi

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की धार्मिक आस्था और उनका संत परंपरा से जुड़ा होना इस पूरे आयोजन को विशेष बना देता है। वह हर साल सावन मास के पहले सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। यह परंपरा न केवल उनके व्यक्तिगत आस्था का परिचायक है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। Rudrabhishek by CM Yogi

    🙏 श्रावण मास में शिवभक्ति की धाराRudrabhishek by CM Yogi

    श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। इस पूरे महीने विशेष रूप से सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित कर श्रद्धालु भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। इस माह में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप का विशेष महत्व होता है।

    प्रदेश के कोने-कोने में श्रद्धालुओं ने सावन के पहले दिन शिव मंदिरों में दर्शन और अभिषेक कर धार्मिक रस्में निभाईं। वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, मिर्जापुर, और चित्रकूट जैसे धार्मिक शहरों में भी सावन का स्वागत विशेष आयोजनों से किया गया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रुद्राभिषेक के माध्यम से श्रावण मास की शुरुआत करना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देती है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/lucknow/up-weather-alert-july-2025-heavy-rain-in-42-districts/
  • AURAIYA LAND FRAUD: विरासत के नाम पर दिव्यांग से जमीन का फर्जी बैनामा, अब दे रहे जान से मारने की धमकी

    AURAIYA LAND FRAUD: विरासत के नाम पर दिव्यांग से जमीन का फर्जी बैनामा, अब दे रहे जान से मारने की धमकी

    AURAIYA LAND FRAUD: जनपद औरैया के ऐरवा कटरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुचैला में जमीन की विरासत दर्ज कराने के नाम पर दिव्यांग युवक से फर्जी बैनामा कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित दीप सिंह ने गांव के ही शिवपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। AURAIYA LAND FRAUD

    दीप सिंह ने बताया कि उनके पिता ऊदल सिंह का 11 महीने पूर्व निधन हो गया था। वे अपने छोटे भाई अखिलेश कुमार के साथ रहते हैं, जो 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं। कुछ दिन पहले अखिलेश अपनी बहन के घर गए थे। उसी दौरान गांव के ही शिवपाल सिंह ने अखिलेश को बहला-फुसलाकर बिधूना तहसील ले जाकर उसके हिस्से की भूमि का फर्जी बैनामा करा लिया। AURAIYA LAND FRAUD

    आरोप है कि शिवपाल ने अखिलेश को यह कहकर साथ चलने को कहा कि घर वाले विरासत में नाम नहीं चढ़वाएंगे, जबकि वह दिव्यांग है और उसके लिए यह ज़रूरी है। विश्वास में आकर अखिलेश उसके साथ चला गया और धोखे से उसकी जमीन किसी और के नाम रजिस्ट्री करा दी गई। AURAIYA LAND FRAUD

    पीड़ित को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब वह स्वयं अपनी भूमि की विरासत दर्ज कराने तहसील गया। जब दीप सिंह ने इस मामले में शिवपाल से जवाब मांगा तो उसने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने ऐरवा कटरा थाने और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।

    दीप सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान किसी भी प्रकार की बैंकिंग प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, न चेक द्वारा और न ही अकाउंट ट्रांसफर के माध्यम से कोई भुगतान हुआ, जो साफ तौर पर जालसाजी को दर्शाता है।

    अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और दिव्यांग को न्याय कब तक मिलता है।

  • Hamirpur murder case: हमीरपुर में खौफनाक वारदात; जूती कारीगर की डंडों से पीट-पीटकर हत्या, इलाके में दहशत

    Hamirpur murder case: हमीरपुर में खौफनाक वारदात; जूती कारीगर की डंडों से पीट-पीटकर हत्या, इलाके में दहशत

    Hamirpur murder case: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक खौफनाक तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर 3 अंबेडकर नगर में देर रात एक जूती कारीगर की डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान शिवपूजन के चाचा के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से इलाके में जूती बनाने का कार्य कर रहे थे।

    घटना की सूचना मिलते ही मोहल्ले में सनसनी फैल गई। लोग भयभीत होकर अपने घरों में कैद हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, CO सदर, ASP और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि घटना की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

    बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में एक व्यक्ति की डंडों से पीटकर हत्या की जा चुकी है, जिससे यह आशंका और गहरा रही है कि मामला किसी आपसी रंजिश या संगठित साजिश का हो सकता है।

    Hamirpur murder case

    मृतक के भतीजे शिवपूजन ने बताया कि उनके चाचा का किसी से कोई विवाद नहीं था। वो शांत स्वभाव के थे और पूरे मोहल्ले में सभी से अच्छे संबंध रखते थे। एएसपी मनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जांच तेज़ कर दी गई है और हर एंगल से केस को खंगाला जा रहा है।

    Hamirpur murder case

    इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। लोग दहशत में हैं और प्रशासन से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।

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  • UP weather alert July 2025: सावन से पहले बारिश का तांडव; यूपी के 42 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

    UP weather alert July 2025: सावन से पहले बारिश का तांडव; यूपी के 42 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

    UP weather alert July 2025: उत्तर प्रदेश में सावन के आगमन से ठीक एक दिन पहले मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। 11 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के पहले ही पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के 42 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिले गंभीर स्थिति में हैं।

    🌧️ कहाँ-कहाँ जारी हुआ है भारी वर्षा का अलर्ट?UP weather alert July 2025

    मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा और आस-पास के इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इन जिलों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।

    मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनीUP weather alert July 2025

    वज्रपात और मेघगर्जन की संभावना वाले जिलों में शामिल हैं:
    वाराणसी, संत रविदास नगर, कानपुर देहात, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, बरेली, संभल, बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, और आसपास के क्षेत्र।

    इन क्षेत्रों में बिजली गिरने से हताहत होने की संभावना के चलते लोगों को खुले मैदानों से दूर रहने, मोबाइल उपयोग में सावधानी बरतने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।

    🌦️ लखनऊ में बूंदाबांदी और तापमान में गिरावटUP weather alert July 2025

    राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही घने बादलों का डेरा रहा और हल्की बारिश दर्ज की गई। हवाएं 15 से 20 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

    • अधिकतम तापमान: 32°C (6°C की गिरावट)
    • न्यूनतम तापमान: 28°C

    गुरुवार को भी हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

    📊 बारिश के आंकड़े: सामान्य से ज्यादा वर्षाUP weather alert July 2025

    उत्तर प्रदेश में 1 जून से 9 जुलाई तक कुल बारिश 163.4 मिमी रिकॉर्ड की गई, जो कि अनुमानित 160.8 मिमी से 2% अधिक है। वहीं पिछले 24 घंटे में 9.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 9% अधिक है। यह आंकड़े मानसून की सक्रियता की पुष्टि करते हैं।

    🌊 ललितपुर में हालात बाढ़ जैसे, रोहाणी नदी उफान परUP weather alert July 2025

    ललितपुर में मूसलाधार बारिश से गली-मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं।

    • रोहाणी नदी उफान पर है
    • दोपहर से शुरू बारिश ने चार घंटे में तबाही मचाई
    • एक खेत में काम कर रही सास-बहू आकाशीय बिजली की चपेट में आईं, लेकिन खतरे से बाहर हैं।

    🧠 क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार,

    “अगले पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। तापमान में खास बदलाव नहीं होगा। गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश संभव है।”

    🔒 सावधानी ही सुरक्षा है

    • मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे
    • प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें
    • गैरजरूरी बाहर निकलने से बचें
    • बिजली गिरने के दौरान खुले में मोबाइल का प्रयोग न करें
    • सुरक्षित स्थानों पर शरण लें
    https://nationnowsamachar.com/national/guru-purnima-2025-buck-moon-full-moon-visible-on-july-10/
  • GURU PURNIMA 2025: गुरु पूर्णिमा पर चमकेगा बक मून; 10 जुलाई को रात आसमान में दिखेगा बड़ा और चमकीला चंद्रमा

    GURU PURNIMA 2025: गुरु पूर्णिमा पर चमकेगा बक मून; 10 जुलाई को रात आसमान में दिखेगा बड़ा और चमकीला चंद्रमा

    GURU PURNIMA 2025: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज रात आसमान एक विशेष खगोलीय घटना का गवाह बनेगा। यह घटना है — ‘बक मून’, यानी जुलाई माह की पूर्णिमा को दिखाई देने वाला विशेष और बड़ा चंद्रमा, जो आम दिनों की तुलना में अधिक चमकीला और विशाल नजर आता है। GURU PURNIMA 2025

    🌌 क्या है बक मून?– GURU PURNIMA 2025

    वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर के खगोल वैज्ञानिक अमर पाल सिंह के अनुसार, जुलाई महीने में दिखाई देने वाले इस पूर्ण चंद्रमा को ‘बक मून’ कहा जाता है। यह नाम नेटिव अमेरिकन परंपरा से लिया गया है, जहां ‘बक’ शब्द का अर्थ है नर हिरण। यह वह समय होता है जब नर हिरणों की नई सींगें पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं, और इस प्राकृतिक घटना से जुड़ाव के चलते इस चंद्रमा को बक मून कहा जाता है।

    GURU PURNIMA 2025:

    🌠 गुरु पूर्णिमा पर खगोलीय संयोग– GURU PURNIMA 2025

    इस वर्ष, बक मून का उदय 10 जुलाई की रात को होगा और यह पूरी रात आसमान में अपनी अद्भुत छटा बिखेरता रहेगा। भारतीय समयानुसार, यह चंद्रमा 11 जुलाई की सुबह 2:08 AM IST पर अपने चरम बिंदु पर होगा।

    खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा क्षितिज के करीब रहेगा, जिससे उसका आकार काफी बड़ा नजर आएगा। स्पष्ट आसमान और कम रोशनी वाले क्षेत्रों से इसे नंगी आंखों से ही देखा जा सकता है। GURU PURNIMA 2025

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    🌍 सांस्कृतिक विविधता में बक मून– GURU PURNIMA 2025

    अमर पाल सिंह के अनुसार, बक मून को विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है।

    • भारत में यह दिन गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जो गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है।
    • अमेरिका में कुछ जनजातियां इसे Thunder Moon (तूफानी चंद्रमा) कहती हैं क्योंकि जुलाई में बड़े तूफानों की संभावना अधिक होती है।
    • अन्य नामों में Salmon Moon, Raspberry Moon, Mead Moon, Hay Moon और Herb Moon भी शामिल हैं।

    इस नामकरण की जानकारी प्राचीन अमेरिकी पत्रिका Old Farmer’s Almanac में भी दर्ज है, जो बताता है कि यह नाम अमेरिकी मूल जनजातियों की परंपराओं से आया है।

    🔭 कैसे देखें बक मून?– GURU PURNIMA 2025

    बक मून को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है।
    खगोलविदों की सलाह:

    • आकाश स्पष्ट और बादल रहित हो
    • प्रकाश प्रदूषण कम हो
    • खुले मैदान या ऊंचे स्थान से देखना बेहतर
    • इसे साधारण आंखों से सीधे देखा जा सकता है

    भारत के हर हिस्से से यह खगोलीय दृश्य पूरी रात स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

    बक मून का प्रतीकात्मक महत्व– GURU PURNIMA 2025

    बक मून को सिर्फ खगोलीय नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास माना जाता है। कई लोग इसे

    • नए संकल्पों की शुरुआत
    • के प्रतीक के रूप में मानते हैं।
    • नवीनता
    • शक्ति और ऊर्जा का संचार
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/hamirpur/hamirpur-heavy-rain-destroys-houses-in-harsudi-village/
  • Bareilly Illegal land encroachment: सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा, 10 माह से प्रशासन मौन; ग्राम प्रधान की गुहार अब भी अनसुनी

    Bareilly Illegal land encroachment: सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा, 10 माह से प्रशासन मौन; ग्राम प्रधान की गुहार अब भी अनसुनी

    बरेली | प्रमोद शर्मा
    Bareilly Illegal land encroachment: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की फरीदपुर तहसील स्थित ग्राम गौसगंज सराय में सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्ज़े का मामला अब प्रशासनिक निष्क्रियता का प्रतीक बन गया है। ग्राम प्रधान यासीन खाँ द्वारा लगभग 10 महीने पूर्व की गई स्पष्ट शिकायत आज भी केवल फाइलों में सजी धरी है, जबकि सरकारी ज़मीन पर अवैध निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ चुका है। Bareilly Illegal land encroachment

    🧾 तहसील समाधान दिवस में उठी थी आवाज– Bareilly Illegal land encroachment

    ग्राम प्रधान ने यह मामला तहसील समाधान दिवस में गंभीरता से उठाया था। तत्कालीन तहसीलदार द्वारा निर्माण कार्य रुकवाया गया और कागज़ी कार्यवाही भी की गई। लेकिन इसके बाद की कहानी प्रशासन की विलंबशीलता और टालमटोल का उदाहरण बनकर रह गई।

    📉 10 महीने में सिर्फ “पैमाइश का आदेश” Bareilly Illegal land encroachment

    यह विडंबना ही है कि 10 महीनों में कार्यवाही के नाम पर प्रशासन ने केवल यह कहने तक खुद को सीमित रखा कि “पैमाइश का आदेश दे दिया गया है“। न पैमाइश हुई, न ज़मीन मुक्त हुई और न ही दोषियों पर कोई दंडात्मक कार्यवाही की गई। यह लचर रवैया प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Bareilly Illegal land encroachment

    🧱 कॉलोनाइज़र का अड़ियल जवाब और चेतावनी– Bareilly Illegal land encroachment

    जब प्रशासन ने कब्जेदार कॉलोनाइज़र को नोटिस भेजा तो उन्होंने न केवल उल्टा जवाब भेजा बल्कि प्रशासन को छवि खराब करने की चेतावनी भी दे डाली। कॉलोनाइज़र का यह रुख बताता है कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है।

    उनका तर्क था कि यदि जमीन वाकई सरकारी है तो पहले उसकी पुख्ता पैमाइश करवाई जाए, फिर कार्यवाही हो। लेकिन प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता ने इस तर्क को और भी साहसिक बना दिया।

    ⚠️ प्रशासन की भूमिका पर उठते सवाल– Bareilly Illegal land encroachment

    जब शिकायतकर्ता स्वयं निर्वाचित ग्राम प्रधान हों, तो उनकी शिकायत को महीनों तक लटकाना एक गहरा संदेह पैदा करता है। क्या तहसील प्रशासन किसी राजनीतिक या आर्थिक दबाव में है? या फिर कहीं भूमाफियाओं से अंदरूनी सांठगांठ तो नहीं?

    📣 SDM का एक ही उत्तर: “पैमाइश का आदेश दिया गया है”

    फरीदपुर की एसडीएम मल्लिका नयन से जब पत्रकारों ने लगातार इस विषय में जानकारी चाही, तो उनका उत्तर बार-बार यही रहा — “हमने पैमाइश का आदेश दे दिया है।” लेकिन यह आदेश एक माह पहले का है, जबकि आज तक कोई सर्वे या कार्रवाई नहीं हुई। Bareilly Illegal land encroachment

    🚨 क्या चल रहा है फरीदपुर में ज़मीन के नाम पर कोई ‘खेल’?

    यह सवाल अब केवल पत्रकारिता का नहीं, जनचेतना का प्रश्न बन चुका है। जब अवैध कब्ज़े का मामला स्पष्ट हो, शिकायतकर्ता की पहचान निर्वाचित प्रतिनिधि हो, और फिर भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठे, तो यह स्थिति संविधानिक व्यवस्था के मूलभूत सिद्धांतों पर ही सवाल बन जाती है।

    जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और कार्रवाई

    अब जनता को चाहिए—

    पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सार्वजनिक हो

    तत्काल पैमाइश कर वास्तविक स्थिति उजागर की जाए

    कब्जेदारों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए

    दोषी अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/bareilly/bareilly-ramleela-ground-encroachment-threatens-cultural-heritage/
  • Bareilly Ramleela Ground: धरोहर पर दस्तक देता अतिक्रमण; क्या हम रामलीला मैदान को भी खो देंगे?

    Bareilly Ramleela Ground: धरोहर पर दस्तक देता अतिक्रमण; क्या हम रामलीला मैदान को भी खो देंगे?

    Bareilly Ramleela Ground: बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन श्री रामलीला मैदान न केवल एक ऐतिहासिक स्थल है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का भी केंद्र रहा है। बीते दो सौ वर्षों से यह मैदान हर वर्ष रामायण के अद्भुत मंचन का गवाह बनता आया है। लेकिन वर्तमान में यह भूमि नाले के निर्माण, जलभराव, प्रशासनिक उपेक्षा और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही है।

    क्या यह कल्पना भी विचलित नहीं करती कि जहां कभी श्रीराम और रावण के युद्ध का मंचन होता था, वहां अब कीचड़ और बदबू फैली है? क्या इस आस्था स्थल की कीमत इतनी कम हो गई है कि उसे विकास के नाम पर मिटा दिया जाए? Bareilly Ramleela Ground

    🧱 तीन एकड़ की जमीन या आस्था का गढ़?– Bareilly Ramleela Ground

    श्रीरामलीला मैदान केवल एक भूखंड नहीं, हजारों लोगों की भावनाओं और परंपराओं का जीवित प्रतीक है। यहां रामलीला सिर्फ नाटक नहीं, एक जीवन दर्शन बनकर प्रस्तुत होती है। यह वह स्थल है जहां धार्मिकता, कला और लोक परंपराएं एक साथ जीवित होती हैं। लेकिन अफसोस, आज वह अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।

    ⚠️ नाले का निर्माण या सांस्कृतिक हत्या?– Bareilly Ramleela Ground

    स्थानीय समिति का आरोप है कि ग्राम पंचायत और निर्माण एजेंसी ने बिना सांस्कृतिक और सामाजिक अध्ययन के नाले का निर्माण प्रारंभ कर दिया। अवैध अतिक्रमण और जलनिकासी की अव्यवस्था ने पूरे मैदान को कीचड़ का ढेर बना दिया है। यदि यह कार्य बिना विवेक के जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में रामलीला का मंचन असंभव हो जाएगा।

    📩 प्रशासन को चेतावनी या पुकार?

    समिति द्वारा जिलाधिकारी को भेजा गया पत्र केवल सूचना नहीं, एक चेतावनी और सामाजिक पुकार है। यह मैदान बरेली की पहचान का प्रतीक है, और उसकी उपेक्षा केवल एक स्थल की उपेक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति की अनदेखी है।

    https://nationnowsamachar.com/international/india-greece-missile-deal-india-lr-lacm-missile/

    🏗️ योजनागत विफलता और प्रशासनिक असंवेदनशीलता– Bareilly Ramleela Ground

    यदि कोई निर्माण योजना किसी भी क्षेत्र में हो रही है, तो यह आवश्यक है कि उसमें उस क्षेत्र की सांस्कृतिक महत्ता का भी मूल्यांकन किया जाए। दुर्भाग्यवश, यहां ऐसा नहीं हुआ। यह दर्शाता है कि योजनाओं में धरातल की समझ की कमी है और जनता की भावनाओं की कद्र नहीं की जा रही।

    🛑 आज रामलीला मैदान, कल कोई मंदिर या गुरुद्वारा?– Bareilly Ramleela Ground

    यदि रामलीला मैदान पर अतिक्रमण हो सकता है, तो कोई मंदिर, मस्जिद, मजार या गिरजाघर भी सुरक्षित नहीं रहेगा। यही समय है जब समाज को जागना चाहिए और प्रशासन को भी यह समझना चाहिए कि धरोहरों को सिर्फ भूमि नहीं, भावनाओं का प्रतीक मानकर ही योजनाएं बनाई जानी चाहिए। Bareilly Ramleela Ground

    📢 समाधान की मांग: सीमांकन, सौंदर्यीकरण और संरक्षण

    समिति और स्थानीय लोगों की मांग है कि—

    • मैदान का पुनः सीमांकन किया जाए
    • नाले की दिशा बदली जाए
    • सौंदर्यीकरण और समतलीकरण की कार्यवाही हो
    • जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वयं निरीक्षण करें
    • निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी तय हो

    यह केवल मांग नहीं, संस्कृति को बचाने का आह्वान है।

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    Hamirpur heavy rain: हमीरपुर में भीषण बारिश का कहर, गांव में भरा पानी, 4 घर जमींदोज

    Hamirpur heavy rain: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मूसलधार बारिश ने कहर बरपा दिया है। सरीला तहसील के हरसुडीं गांव में लगातार 4 घंटे तक हुई बारिश के चलते पूरा गांव जलमग्न हो गया। भारी जलभराव से लगभग चार कच्चे मकान धराशायी हो गए और कई अन्य घरों में रखा सामान भी नष्ट हो गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों का आर्थिक नुकसान भारी है। Hamirpur heavy rain

    🏠 पानी में डूबे घर, बहा जीवन का सामान– Hamirpur heavy rain

    हरसुडीं गांव के निवासियों ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी थी। गांव की मुख्य पुलिया जाम होने से पानी रुक गया और देखते ही देखते सड़कों से होते हुए घरों के भीतर तक घुस गया। चार कच्चे मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए और अन्य कई घरों में भी रखा हुआ राशन, कपड़े, बर्तन आदि जलभराव में बर्बाद हो गया।

    🛠️ प्रशासन पहुंचा मौके पर, SDM ने दिए कड़े निर्देश– Hamirpur heavy rain

    जैसे ही घटना की जानकारी मिली, सरीला उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार और राजस्व टीम को मौके पर भेजा। टीम ने बंद पुलिया की सफाई कराई और जलनिकासी का कार्य शुरू कराया।

    इसके साथ ही पीड़ितों को राशन, तिरपाल, और अन्य जरूरी सहायता प्रदान की जा रही है।

    ⚠️ लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज– Hamirpur heavy rain

    एसडीएम बलराम गुप्ता ने गांव के सचिव और ग्राम प्रधान की लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गांवों की जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। Hamirpur heavy rain

    📣 ग्रामीणों की मांग: स्थायी समाधान हो– Hamirpur heavy rain

    गांववासियों का कहना है कि यह समस्या हर बारिश के मौसम में आती है, लेकिन इस बार हालात बेहद भयावह रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी जलनिकासी व्यवस्था और कच्चे मकानों के पुनर्निर्माण में सहयोग की मांग की है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/pilibhit/tree-plantation-pilibhit-3000-trees-under-ek-ped-maa-ke-naam-2-campaign/
  • Tree Plantation Pilibhit: पीलीभीत में पुलिस ने 3000 पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश

    Tree Plantation Pilibhit: पीलीभीत में पुलिस ने 3000 पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश

    Tree Plantation Pilibhit: जुलाई माह के “वन महोत्सव 2025” के तहत पीलीभीत पुलिस ने प्रकृति से अपने जुड़ाव और ज़िम्मेदारी का परिचय देते हुए “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत 3000 पौधों का वृक्षारोपण कर एक प्रेरणादायक पहल की। इस हरियाली अभियान का आयोजन पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के निर्देशन में पुलिस लाइन परिसर में किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    इस अभियान की विशेषता यह रही कि इसे सिर्फ औपचारिकता न मानते हुए, पुलिसकर्मियों ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल की शपथ भी ली, जिससे भविष्य में लगाए गए पौधे वृक्ष बन सकें और पर्यावरण संतुलन में सहायक हों। Tree Plantation Pilibhit

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    🌱 अपर पुलिस अधीक्षक ने दिया संदेश– Tree Plantation Pilibhit

    इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने थाना गजरौला और मेडिकल कॉलेज परिसर में भी पौधारोपण किया और कहा,

    “बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे सशक्त उपाय है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान हमें न केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी की याद दिलाता है, बल्कि यह मानवीय मूल्यों और प्रकृति से प्रेम को भी बढ़ावा देता है।”

    🌳 पुलिस लाइन में 3000 पौधों का रोपण– Tree Plantation Pilibhit

    पुलिस लाइन पीलीभीत में कुल 3000 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक (प्रशिक्षु) समेत अन्य अधिकारीगण और कर्मचारियों ने भी भाग लिया। उन्होंने पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।

    ree Plantation Pilibhit

    📣 जनजागरूकता की अपील– Tree Plantation Pilibhit

    इस पर्यावरणीय मुहिम के तहत जनसामान्य से भी आग्रह किया गया कि वे भी अपने स्तर पर वृक्षारोपण करें और इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाएं। प्रकृति से जुड़ाव और संरक्षण का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण प्रदान करेगा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/kanpur-dehat/up-tree-plantation-campaign-kanpur-dehat-minister-launch/

    🛡️ पर्यावरण सुरक्षा: पुलिस की नई सोच– Tree Plantation Pilibhit

    सामान्यतः पुलिस की छवि कानून-व्यवस्था से जुड़ी होती है, लेकिन इस अभियान के माध्यम से पीलीभीत पुलिस ने यह संदेश दिया कि वह समाज की सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक संरक्षण में भी बराबरी की भूमिका निभा रही है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/hamirpur/hamirpur-school-without-building-primary-school-without-building-hamirpur/