Nation Now Samachar

Category: Top News

  • UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: कानपुर देहात में वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ, मंत्री राकेश सचान बोले– “संरक्षण ही असली सेवा”

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: कानपुर देहात में वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ, मंत्री राकेश सचान बोले– “संरक्षण ही असली सेवा”

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का स्वरूप देने के लिए आज कानपुर देहात में एक विशेष पहल की शुरुआत की गई। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, माती में आयोजित हुए वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने विधिवत रूप से किया।

    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान, जिलाधिकारी आलोक सिंह, और डीएफओ एके पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    🌳 “एक वृक्ष मां के नाम” ने दिया भावनात्मक स्पर्श– UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार की भावनात्मक थीम “एक वृक्ष मां के नाम” के अंतर्गत की गई, जिससे पूरे आयोजन को एक आत्मीय और संवेदनशील स्वरूप मिला। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    🌿 त्रिवेणी वृक्षारोपण से शुरू हुआ अभियान– UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    मंत्री राकेश सचान ने पीपल, बरगद और नीम के पौधों के त्रिवेणी वृक्षारोपण से इस महाअभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:

    "केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण करना ही असली सेवा है।"

    उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    📊 कानपुर देहात में लगेंगे 59.56 लाख पौधे

    मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में आज कुल 37 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे, जिनमें से कानपुर देहात जनपद में 59,56,400 पौधे लगाए जाएंगे।
    इसमें से अकेले वन विभाग 32,81,400 पौधे लगाएगा और शेष पौधारोपण अन्य विभागों द्वारा विभिन्न स्थलों पर किया जाएगा।

    लगाए जाने वाले पौधों में नीम, शीशम, सहजन, बेल, अर्जुन, आम, जामुन, आंवला और अमरूद जैसी प्रजातियां शामिल हैं।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    🤝 शपथ ने बढ़ाया जनसंकल्प का भाव

    कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह था जब सभी अतिथियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने वृक्षारोपण शपथ ली:

    “हम पौधे लगाएंगे, उन्हें संरक्षण देंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।”

    इस शपथ के साथ सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी साझा करने का संकल्प लिया।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    🌱 विद्यार्थियों ने लगाए पौधे, संरक्षण की जिम्मेदारी ली

    विद्यालय के छात्रों ने भी पौधे लगाए और उनकी देखरेख का संकल्प लिया। छात्रों की भागीदारी ने इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनांदोलन का रूप दे दिया।

    विद्यालय प्राचार्य एएच अंसारी ने बताया कि प्रत्येक छात्र कम से कम एक पौधे की देखरेख करेगा, जिससे संरक्षण सतत बना रहे।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    📢 जिलाधिकारी ने की सक्रिय सहभागिता की अपील

    जिलाधिकारी आलोक सिंह ने भी वृक्षारोपण किया और जनता से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा:

    "बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हर नागरिक को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए।"

    🧭 वन विभाग ने बताई योजना

    कार्यक्रम में डीएफओ एके पांडेय ने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी वृक्षारोपण अभियान सफल नहीं हो सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली में शामिल करें।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/hamirpur/hamirpur-school-without-building-primary-school-without-building-hamirpur/
  • Hamirpur School Without Building: हमीरपुर में बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़, बिना भवन के चल रहा प्राथमिक विद्यालय

    Hamirpur School Without Building: हमीरपुर में बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़, बिना भवन के चल रहा प्राथमिक विद्यालय

    Hamirpur School Without Building: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार भले ही “सब पढ़ें, सब बढ़ें” और “डिजिटल इंडिया” जैसे अभियान चला रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।

    विकास खंड मुस्करा के पहाड़ी भिटारी गांव का प्राथमिक विद्यालय सरकार की शिक्षा नीति पर एक गहरा सवाल खड़ा करता है। यहां वर्ष 2024 की शुरुआत में भवन को जर्जर घोषित कर ढहा दिया गया, लेकिन उसके बाद न तो नया भवन बना और न ही बच्चों को पढ़ाई के लिए कोई वैकल्पिक स्थान मिला।

    आज भी दर्जनों बच्चे गर्मी, बरसात और सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।

    20 फीसदी स्कूलों के पास नहीं है अपना भवन– Hamirpur School Without Building

    हमीरपुर जनपद के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जिले के लगभग 20 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों के लिए पढ़ने की इमारत ही नहीं है। कहीं किचन को ऑफिस बना दिया गया है, तो कहीं स्टोररूम में मिड-डे मील पकाया जा रहा है।

    यह बदहाली शिक्षा के उस स्तर को दर्शाती है जहां न तो बच्चे सुरक्षित हैं और न ही शिक्षक। अभिभावकों का कहना है कि सरकार से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। Hamirpur School Without Building

    Hamirpur School Without Building

    बरसात में झाड़ियों और विषैले जीवों का डर – Hamirpur School Without Building

    गांव में स्थित विद्यालय भवन के स्थान पर अब केवल टूटी हुई दीवारें और झाड़ियां हैं। बरसात के मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीवों का खतरा बच्चों की जान पर बना रहता है। न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही छत की सुरक्षा।

    Hamirpur School Without Building

    प्रधानाध्यापक सुविधा, सहायक अध्यापक मूलचंद, और ग्रामीण पुष्पेंद्र ने इस हालात पर चिंता जताई और बताया कि वे कई बार विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। Hamirpur School Without Building

    बेसिक शिक्षा अधिकारी का जवाब– Hamirpur School Without Building

    हमीरपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है और शीघ्र ही विद्यालय के भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि जब जनवरी 2024 में भवन तोड़ा गया था, तब से अब तक छह महीने क्यों बीत गए?

    Hamirpur School Without Building

    बच्चों का भविष्य खतरे में

    विद्यालय की इस बदहाली के कारण बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी खतरे में है। शिक्षा विभाग की यह लापरवाही भविष्य में इन बच्चों के जीवन को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है।

    यदि अब भी सरकार और विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाया, तो यह सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के भविष्य से धोखा होगा।

    https://nationnowsamachar.com/politics/bharat-bandh-live-updates-rahul-tejashwi-ec-march-chakka-jam-2025/
  • Bareilly BJP controversy: भाजपा युवा मोर्चा में अनुशासन की दरार, वायरल ऑडियो से खुली सत्ता-प्रशासन की साजिश, जिम्मेदार चुप

    Bareilly BJP controversy: भाजपा युवा मोर्चा में अनुशासन की दरार, वायरल ऑडियो से खुली सत्ता-प्रशासन की साजिश, जिम्मेदार चुप

    Bareilly BJP controversy: भारतीय जनता पार्टी को हमेशा उसकी संगठित कार्यप्रणाली, अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन बरेली जिले के फरीदपुर में युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव से जुड़ा एक मामला इन तमाम दावों पर सवालिया निशान खड़े करता है।

    वायरल ऑडियो और सत्ता-प्रशासन की सांठगांठ– Bareilly BJP controversy

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें प्रदीप यादव कहते सुने जा रहे हैं—

    “अध्यक्ष जी, विधायक जी, सीओ, पुलिस अफसर सबको एक-एक लाख देने होंगे।”

    इस क्लिप ने सत्ता और प्रशासनिक तंत्र की संभावित सांठगांठ को बेनकाब कर दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की आवाज नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना है जहां राजनीतिक रसूख, पैसे और दबाव की त्रिकोणीय ताकत लोकतंत्र की नींव को खोखला कर रही है।- Bareilly BJP controversy

    अनुशासनहीनता पर संगठन की सख्ती, लेकिन सवाल बाकी

    भाजपा आंवला के जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने इस प्रकरण के बाद तत्काल प्रभाव से प्रदीप यादव को पद से हटाने की घोषणा की। यह कदम प्रशंसनीय है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसे व्यक्ति को संगठन में पद क्यों और कैसे मिला? क्या यह चयन प्रक्रिया की चूक थी या फिर जानबूझकर की गई अनदेखी?

    पीड़िता के आरोपों से और गहराया मामला– Bareilly BJP controversy

    इस मामले में सबसे चिंता का विषय पीड़िता नीतू यादव के गंभीर आरोप हैं, जिनमें अपहरण, मारपीट और यौन उत्पीड़न के प्रयास का उल्लेख है। लेकिन दर्ज की गई एफआईआर में इन धाराओं का उल्लेख नहीं है। उलटे पीड़िता को लगातार धमकियाँ मिलती रहीं और आरोपी राजनीतिक रसूख का खुलेआम प्रदर्शन करता रहा।

    यह दर्शाता है कि प्रशासन कितना निष्क्रिय या दबाव में है। क्या यह केवल एक व्यक्ति की मनमानी थी, या फिर पूरी व्यवस्था की मौन सहमति?

    मीडिया पर भी हमलावर हुआ आरोपी– Bareilly BJP controversy

    प्रदीप यादव ने वायरल ऑडियो में पत्रकारों को लेकर अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है। यह न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के उस स्तंभ की अवमानना है जो सत्ता को जवाबदेह बनाने का कार्य करता है।

    पत्रकार किसी दल या विचारधारा के नहीं, समाज के प्रहरी होते हैं। यदि उन्हें डराने और धमकाने की भाषा में बात की जाती है, तो यह संविधान और सामाजिक चेतना दोनों के लिए खतरे की घंटी है।

    भाजपा और प्रशासन की चुप्पी – रणनीति या सहमति?

    अब तक भाजपा के शीर्ष नेतृत्व या प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस बयान नहीं आया है। यह चुप्पी जनता के बीच अनेक संदेह खड़े कर रही है। क्या यह रणनीतिक चुप्पी है या फिर सत्ताधारी दल द्वारा अपने कार्यकर्ता को बचाने की कोशिश?

    जनता के विश्वास और लोकतंत्र की परीक्षा– Bareilly BJP controversy

    यह घटना महज एक अनुशासनहीन नेता का मामला नहीं, बल्कि एक महिला की अस्मिता, पत्रकारों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की गरिमा की परीक्षा है। भाजपा और प्रशासन के पास अब मौका है कि वे इसे व्यक्तिगत गलती न मानते हुए इसे एक संस्थागत संकट की तरह लें और पारदर्शी व कठोर कार्रवाई करें। Bareilly BJP controversy

    यदि ऐसा नहीं होता, तो यह केवल एक महिला या कुछ पत्रकारों का अपमान नहीं होगा, बल्कि पूरे समाज की चेतना और लोकतंत्र की आत्मा का अपहरण कहलाएगा।

  • Bharat Bandh Live Updates: बिहार में कई जगहों पर चक्का जाम, पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर तक राहुल-तेजस्वी का मोर्चा

    Bharat Bandh Live Updates: बिहार में कई जगहों पर चक्का जाम, पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर तक राहुल-तेजस्वी का मोर्चा

    Bharat Bandh Live Updates: भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों और श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत इस बंद में आज देशभर के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इस बंद का मुख्य विरोध चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (Voter List Revision) के खिलाफ है, जिसमें विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है।

    सड़कों पर राहुल-तेजस्वी – Bharat Bandh Live Updates

    भारत बंद का सबसे अधिक प्रभाव बिहार में देखा गया, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने पटना में मोर्चा संभाल लिया। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क से लेकर आयोग के दफ्तर तक पैदल मार्च किया।

    सैकड़ों कांग्रेस और महागठबंधन के कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए। पटना के डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, और कारगिल चौक पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।

    वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, EC पर विपक्षी हमलावर– Bharat Bandh Live Updates

    विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल के पक्ष में फर्जी नाम जोड़े गए हैं। राहुल गांधी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

    "यह लोकतंत्र की हत्या है। चुनाव आयोग को जवाब देना होगा कि किसके इशारे पर यह सब हो रहा है।"

    वहीं तेजस्वी यादव ने कहा,

    "हम बिहार की जनता का अपमान नहीं होने देंगे। यह बंद बिहारियों की आवाज़ है।"

    कई जिलों में चक्का जाम, रेल और सड़क सेवाएं प्रभावित– Bharat Bandh Live Updates

    बिहार के हाजीपुर, दानापुर, समस्तीपुर, दरभंगा, आरा, अररिया, छपरा और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सुबह से ही चक्का जाम किया गया। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर आवागमन रोक दिया। कुछ स्थानों पर ट्रेनों को भी रोका गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्कूल, बैंक, बीमा कार्यालय, और डाकघर जैसे कई संस्थान बंद रहे। कोयला खनन, निर्माण, और परिवहन सेवाओं में भी कामकाज ठप रहा।

    ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बंद का असर

    बिहार के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। कोलकाता, भुवनेश्वर, कटक और पुरुलिया में कई ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन किए।

    सरकार ने कहा – देश को रोकना गलत, विपक्ष का एजेंडा बेनकाब

    केंद्र सरकार ने भारत बंद को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन जनता को परेशान करना अनुचित है।
    सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बयान में कहा,

    "ये बंद जनता की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार चुनाव प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है।"

    भारत बंद का देशव्यापी असर- Bharat Bandh Live Updates

    भारत बंद का असर न केवल बिहार, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार की “श्रमिक विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों” के खिलाफ इस हड़ताल का आह्वान किया है। देशभर में बैंकिंग, बीमा, कोयला खनन, डाक सेवाएं, और निर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में सड़कों पर प्रदर्शनकारी उतरे, जबकि ओडिशा में कुछ स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ। श्रमिक संगठनों की मांगों में न्यूनतम वेतन, श्रम सुधार और निजीकरण के खिलाफ नीतियां शामिल हैं।

  • Bareilly Shiv Shobhayatra: श्रावण में सजी भक्ति की छटा, सैदापुर में निकली शिव परिवार की भव्य शोभायात्रा

    Bareilly Shiv Shobhayatra: श्रावण में सजी भक्ति की छटा, सैदापुर में निकली शिव परिवार की भव्य शोभायात्रा

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा
    Bareilly Shiv Shobhayatra: श्रावण मास का आगमन होते ही देशभर में धार्मिक आयोजन आरंभ हो जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद अंतर्गत ग्राम सैदापुर में मंगलवार को श्रद्धा, उत्साह और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवनिर्मित शिवनाथ मंदिर से भगवान शिव परिवार की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग गई।

    Bareilly Shiv Shobhayatra

    शोभायात्रा बनी आस्था और एकता का प्रतीकBareilly Shiv Shobhayatra

    मंगलवार दोपहर 12 बजे महंत जगदीश गिरी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधियों के साथ शिव परिवार की प्रतिमाएं एक सुसज्जित थ्री-व्हीलर वाहन पर विराजमान की गईं। शोभायात्रा की शुरुआत ग्राम पचौमी स्थित विष्णु मंदिर से हुई और यह फुलवा गांव के प्राचीन शिव मंदिर व मां काली मंदिर होते हुए सैदापुर लौट आई। Bareilly Shiv Shobhayatra

    इस दौरान मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा की, पूजा-अर्चना की और प्रसाद वितरण किया। शोभायात्रा में सबसे आगे शिव-पार्वती की जीवंत झांकी रही, जो विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। डीजे पर बजते भजनों और श्रद्धालुओं के भक्ति-नृत्य से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। Bareilly Shiv Shobhayatra

    सैकड़ों भक्तों की भागीदारी ने बढ़ाया आयोजन का गौरवBareilly Shiv Shobhayatra

    ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से शोभायात्रा में हिस्सा लिया। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी पूरे उत्साह के साथ भक्ति में डूबे नजर आए। शाम 6 बजे जैसे ही शोभायात्रा वापस शिवनाथ मंदिर पहुंची, पूरे परिसर में ‘हर हर महादेव’ और ‘जय शिव शंकर’ के जयघोष गूंज उठे।

    प्रतिमाएं गर्भगृह में स्थापित, बुधवार को होगा विशाल भंडाराBareilly Shiv Shobhayatra

    शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को विधिपूर्वक मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर पूजा की और समाज कल्याण की कामना के साथ दान-पुण्य किया।

    महंत जगदीश गिरी ने बताया कि बुधवार शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक विशाल भंडारा आयोजित होगा, जिसमें सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इसमें भाग लेने की अपील की।

    धार्मिक समर्पण और संस्कृति का जीवंत उदाहरणBareilly Shiv Shobhayatra

    यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करता है, बल्कि ग्रामीण एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का उदाहरण भी बन गया है। श्रावण मास की इस शुरुआत ने श्रद्धा की ऐसी मिसाल कायम की है, जो वर्षों तक स्मरणीय रहेगी।

    https://nationnowsamachar.com/national/cm-nitish-cabinet-meeting-women-job-reservation/
  • Running in rain benefits: बारिश में दौड़ना सही या गलत? जानिए इसके फायदे, रिसर्च और सेफ्टी टिप्स

    Running in rain benefits: बारिश में दौड़ना सही या गलत? जानिए इसके फायदे, रिसर्च और सेफ्टी टिप्स

    Running in rain benefits: बारिश के मौसम में दौड़ना एक रोमांचक और सुकून देने वाला अनुभव हो सकता है, लेकिन क्या यह सुरक्षित है? फिटनेस के शौकीनों के बीच यह सवाल अक्सर उठता है कि मानसून में आउटडोर रनिंग की जाए या नहीं। आइए जानें विशेषज्ञों की राय, रिसर्च और कुछ जरूरी सुझाव जिनसे आप बारिश में भी सुरक्षित और प्रभावी रनिंग का आनंद ले सकते हैं।

    ☔ बारिश और रनिंग का विज्ञान- Running in rain benefits

    रनिंग एक सम्पूर्ण शरीर को सक्रिय करने वाली एक्सरसाइज है। यह हार्ट हेल्थ, स्टैमिना, वेट लॉस और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है। अब सवाल यह उठता है कि बारिश के मौसम में रनिंग करना फायदेमंद है या नहीं?

    लोयोला मैरीमाउंट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. हॉली अल्मस्टेड की एक रिसर्च बताती है कि बारिश में रनिंग करने से शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है क्योंकि उसे खुद को गर्म रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। नतीजतन, बढ़ी हुई कैलोरी बर्निंग होती है, लेकिन थकावट की संभावना भी अधिक हो जाती है। Running in rain benefits

    🔬 रिसर्च क्या कहती है?- Running in rain benefits

    Journal of Sports Medicine & Physical Fitness में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात सामने आई कि कम तापमान और वर्षा की स्थिति में दौड़ने वाले प्रतिभागियों ने अधिक ऊर्जा खर्च की। इसका मतलब है कि बारिश में दौड़ना ज्यादा मेहनत तो करवाता है, लेकिन इसका फिटनेस पर सकारात्मक असर हो सकता है।

    ✅ बारिश में दौड़ने के फायदे

    1. कैलोरी बर्निंग अधिक होती है
    2. मानसिक सुकून और स्ट्रेस रिलीफ
    3. हृदय स्वास्थ्य में सुधार
    4. सहनशक्ति और इम्यूनिटी में वृद्धि

    ⚠️ बारिश में दौड़ने से पहले ध्यान रखें ये बातें- Running in rain benefits

    1. वार्मअप अनिवार्य है: ठंडे वातावरण में दौड़ने से पहले मांसपेशियों को एक्टिव करना ज़रूरी है।
    2. सही कपड़े पहनें: वाटरप्रूफ जैकेट और जल्दी सूखने वाले कपड़े पहनें ताकि शरीर गर्म रहे।
    3. जूतों की ग्रिप हो मजबूत: फिसलन से बचने के लिए ऐसे जूते पहनें जिनकी सोल ग्रिप अच्छी हो।
    4. हाइड्रेशन का ध्यान रखें: बारिश में पसीना कम दिखता है लेकिन शरीर पानी खोता है, इसलिए पानी पीते रहें।
    5. बीमारियों से बचाव करें: भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें और स्नान कर लें ताकि वायरल संक्रमण से बचा जा सके।
    https://nationnowsamachar.com/international/india-greece-missile-deal-india-lr-lacm-missile/

    ❓ क्या बारिश में दौड़ना सभी के लिए सुरक्षित है?- Running in rain benefits

    यदि आप अस्थमा, दिल की बीमारी या जॉइंट पेन जैसी कोई स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो बारिश में दौड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। बुज़ुर्ग और बच्चों को भी बारिश में रनिंग से परहेज़ करना चाहिए।

    📋 आउटडोर vs इनडोर रनिंग: क्या चुनें?

    पहलूआउटडोर रनिंगइनडोर रनिंग
    ताजगी और खुलापन✔️
    सेफ्टी (मानसून में)✔️
    मौसम की निर्भरता✔️
    ज्वाइंट इम्पैक्टथोड़ा अधिककम

    अगर आप फिसलन, इंफेक्शन और हाइपोथर्मिया जैसे जोखिम से बचना चाहते हैं, तो ट्रेडमिल पर रनिंग बेहतर विकल्प हो सकता है।

    बारिश में दौड़ना रोमांचक और सेहतमंद हो सकता है, यदि सही सावधानियों के साथ किया जाए। यह आपके शरीर को चुनौती देने और नई ऊर्जा देने का तरीका बन सकता है, लेकिन सावधानी न बरतने पर यह खतरे का कारण भी बन सकता है। इसलिए, खुद को सुरक्षित रखते हुए, बारिश का आनंद लेते हुए फिट रहिए।

    https://nationnowsamachar.com/entertainment/panchayat-rinki-kiss-scene-controversy-jeetendra-reaction/
  • Panchayat Rinki Kiss Scene: ‘पंचायत’ की रिंकी ने क्यों किया किस सीन से इनकार? सचिव जी बोले- सहमति ज़रूरी थी

    Panchayat Rinki Kiss Scene: ‘पंचायत’ की रिंकी ने क्यों किया किस सीन से इनकार? सचिव जी बोले- सहमति ज़रूरी थी

    Panchayat Rinki Kiss Scene: ‘पंचायत’ वेब सीरीज की ‘रिंकी’ यानी सांविका के एक बयान ने हाल ही में सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में हलचल मचा दी। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने सीरीज में किसिंग सीन करने से इनकार कर दिया था। सांविका का कहना था कि वह इस सीन को करने में असहज थीं और ऑडियंस, खासकर फैमिली दर्शकों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। Panchayat Rinki Kiss Scene

    Panchayat Rinki Kiss Scene

    🤔 क्यों किया सांविका ने इनकार?- Panchayat Rinki Kiss Scene

    सांविका के मुताबिक, सीरीज के एक सीन में सचिव जी और रिंकी के बीच किसिंग सीक्वेंस प्लान किया गया था। लेकिन जब उन्हें इसकी जानकारी दी गई, तो उन्होंने डायरेक्टर से दो दिन का समय मांगा। उन्होंने बताया कि ‘पंचायत’ की ऑडियंस हर उम्र और वर्ग की है, और यह शो पारिवारिक दर्शकों में बेहद लोकप्रिय है। ऐसे में किसिंग सीन उन्हें असहज लगा।

    Panchayat Rinki Kiss Scene

    🎤 सचिव जी यानी जितेंद्र कुमार का रिएक्शन- Panchayat Rinki Kiss Scene

    अब इस पर सचिव जी का किरदार निभाने वाले जितेंद्र कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “सांविका की बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है। जब सीन की बात हुई, मैंने खुद कहा था कि पहले उनकी सहमति ली जाए।” जितेंद्र ने यह भी जोड़ा कि वो किसिंग सीन से असहज नहीं होते, बशर्ते वह कहानी में फिट हो। Panchayat Rinki Kiss Scene

    Panchayat Rinki Kiss Scene

    उन्होंने आगे कहा, “मैंने आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म ‘शुभ मंगल ज़्यादा सावधान’ में भी ऑनस्क्रीन किस किया है। लेकिन यहां मसला यह था कि दर्शकों से जुड़ाव बना रहे और सीन को लेकर कोई विवाद न हो। इसलिए हमने इसे बाद में एक मजेदार मोड़ दिया, जहां लाइट चली जाती है और सीन अधूरा रह जाता है।”

    🎬 किसिंग सीन को ऐसे बदला गया- Panchayat Rinki Kiss Scene:

    डायरेक्टर ने बाद में उस सीन को बदल दिया और मजाकिया तरीके से शूट किया, जिसमें जैसे ही दोनों करीब आते हैं, बिजली चली जाती है। यह न सिर्फ दर्शकों के लिए मनोरंजक रहा बल्कि कहानी की मर्यादा भी बनी रही। Panchayat Rinki Kiss Scene

    📢 पंचायती पॉपुलैरिटी और आगे की योजना

    ‘पंचायत’ सीरीज की पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ती जा रही है। सीजन 4 की बड़ी सफलता के बाद मेकर्स ने सीजन 5 की घोषणा भी कर दी है, जो 2026 में रिलीज होगा। फैंस रिंकी और सचिव जी की केमिस्ट्री को लेकर खासे उत्साहित हैं। Panchayat Rinki Kiss Scene

    📌 सामाजिक पहलू और सहमति की अहमियत

    इस पूरे मामले में एक बात साफ है—ऑनस्क्रीन इंटिमेट सीन में सहमति सबसे जरूरी है। चाहे कलाकार पुरुष हो या महिला, कोई भी सीन बिना सहमति के नहीं किया जाना चाहिए। जितेंद्र कुमार का यह स्टैंड वाकई सराहनीय है जो आने वाले एक्टर्स के लिए एक मिसाल बन सकता है।

    🔴 एक्स पोस्ट के लिए बुलेट ब्रेकिंग:

    🔹 पंचायत की रिंकी ने किस सीन से किया इनकार
    🔹 सांविका ने कहा- ऑडियंस को ध्यान में रखकर लिया फैसला
    🔹 सचिव जी बोले- उनकी सहमति जरूरी थी
    🔹 सीरीज में किस सीन को मजेदार अंदाज में बदला गया

  • India Greece missile deal: ग्रीस भारत से चाहता है LR-LACM मिसाइल, परमाणु अटैक में सक्षम, जानिए अन्य खूबियां

    India Greece missile deal: ग्रीस भारत से चाहता है LR-LACM मिसाइल, परमाणु अटैक में सक्षम, जानिए अन्य खूबियां

    India Greece missile deal: भारत ने हाल ही में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए अपनी अत्याधुनिक लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LR-LACM) ग्रीस को निर्यात करने की पेशकश की है। यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है जब तुर्की और पाकिस्तान के रिश्तों में नजदीकी देखी गई है। तुर्की द्वारा हाल में पाकिस्तान के ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन करना भारत को नागवार गुज़रा और इसका जवाब अब एक डिप्लोमैटिक स्ट्राइक के रूप में सामने आया है।

    LR-LACM मिसाइल की रेंज, सटीकता और रडार से बचने की क्षमता इसे न केवल तुर्की बल्कि नाटो देशों के लिए भी एक जियो-पॉलिटिकल चिंता का कारण बना रही है। ग्रीस के लिए यह मिसाइल न केवल सैन्य शक्ति में वृद्धि है, बल्कि तुर्की के खिलाफ एक रणनीतिक संतुलन भी स्थापित कर सकती है। India Greece missile deal

    🔍 LR-LACM क्या है?– India Greece missile deal

    लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LR-LACM) को DRDO द्वारा विकसित किया गया है और यह भारत की सबसे एडवांस सबसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इसकी पहली सफल परीक्षण उड़ान 12 नवंबर 2024 को ओडिशा के चांदीपुर से की गई थी।

    ⚙️ मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं– India Greece missile deal

    विशेषताविवरण
    रेंज (जमीन से)1500 किलोमीटर
    रेंज (समुद्र से)1000 किलोमीटर
    गति864 से 1111 किमी/घंटा
    वॉरहेडपारंपरिक और परमाणु दोनों
    इंजनस्वदेशी “मनिक” टर्बोफैन इंजन
    लॉन्च प्लेटफॉर्मज़मीन, समुद्र, और एयर लॉन्च

    🛰️ टेरेन-हगिंग और रडार से बचने की क्षमता– India Greece missile deal

    LR-LACM मिसाइल टेरेन-हगिंग तकनीक पर आधारित है, जिससे यह दुश्मन की रडार से छिपकर कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है। यह तकनीक अमेरिका की टॉमहॉक और रूस की कैलिबर मिसाइलों की तर्ज पर विकसित की गई है।

    🎯 सटीकता और सुरक्षा प्रणाली से बचाव– India Greece missile deal

    यह मिसाइल पिनपॉइंट एक्यूरेसी के साथ लक्ष्य को भेदने में सक्षम है और अत्याधुनिक युद्धाभ्यास (maneuvers) कर सकती है। इसकी यह क्षमता तुर्की की S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।

    🚢 लॉन्च प्लेटफॉर्म और उपयोग

    LR-LACM को ज़मीन पर मोबाइल लॉन्चर और भारतीय नौसेना के 30 से अधिक युद्धपोतों पर यूनिवर्सल वर्टिकल लॉन्च मॉड्यूल (UVLM) से तैनात किया जा सकता है। भविष्य में इसे वायुसेना के फाइटर जेट्स से लॉन्च करने पर भी काम हो रहा है।

    🌐 भारत का रणनीतिक संदेश

    यह मिसाइल डील केवल आयुध निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत का एक स्पष्ट संदेश है कि वह अब रणनीतिक भागीदारी और वैश्विक रक्षा बाज़ार में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। तुर्की, जो पाकिस्तान का घनिष्ठ सहयोगी रहा है, के लिए यह डील कूटनीतिक और सैन्य चुनौती बन सकती है।

    ग्रीस को क्या फायदा?– India Greece missile deal

    ग्रीस और तुर्की के बीच लगातार तनाव चल रहा है, खासकर समुद्री सीमाओं और रक्षा नीति को लेकर। ऐसे में भारत की ओर से यह मिसाइल ऑफर ग्रीस के लिए एक स्ट्रैटजिक एसेट बन सकता है, जो उसे तुर्की के खिलाफ सैन्य संतुलन प्रदान करेगा।

    https://nationnowsamachar.com/national/cm-nitish-cabinet-meeting-women-job-reservation/
  • CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 35% आरक्षण, नीतीश कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

    CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 35% आरक्षण, नीतीश कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

    CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसमें कुल 43 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस फैसले को महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। CM Nitish Cabinet Meeting

    इससे पहले भी बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा था, लेकिन वह सभी महिलाओं के लिए था—चाहे वे राज्य की निवासी हों या बाहर की। अब केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा।

    💬 राजनीतिक पृष्ठभूमि और तेजस्वी की मांगCM Nitish Cabinet Meeting

    विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार बिहार की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण की मांग करते रहे हैं। इस मांग को नीतीश सरकार ने अब पूरा करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यह आरक्षण केवल स्थानीय महिलाओं के लिए होगा। यह निर्णय प्रदेश की बेटियों को नौकरी में प्राथमिकता देगा और बाहरी प्रतिस्पर्धा से राहत मिलेगी। CM Nitish Cabinet Meeting

    📜 अन्य महत्वपूर्ण फैसले जो कैबिनेट में हुए पासCM Nitish Cabinet Meeting

    1. डीजल अनुदान योजना पर 100 करोड़ की मंजूरी:
    कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2025-26 के लिए डीजल अनुदान योजना को 100 करोड़ रुपये की आर्थिक स्वीकृति दी गई है। इससे सूखा प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी।

    2. गेहूं बीज योजना में वृद्धि:
    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है ताकि गेहूं बीज विस्थापन दर में सुधार किया जा सके।

    3. दिव्यांग छात्रों को मुख्य परीक्षा के लिए प्रोत्साहन:
    मुख्यमंत्री दिव्यांग सशक्तिकरण योजना के तहत बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफल दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50,000 से 1 लाख रुपए तक की राशि मिलेगी।

    4. युवा आयोग की स्थापना:
    राज्य में युवा आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। यह आयोग 45 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शामिल करेगा।

    5. सैनिक स्कूलों के लिए सहायता:
    नालंदा और गोपालगंज के सैनिक स्कूलों में पोषाहार की व्यवस्था और नए सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    👩‍💼 महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    यह फैसला बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। नीतीश कुमार की सरकार ने पहले भी महिलाओं को पंचायती राज में 50% आरक्षण दिया था और अब सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण की पुष्टि से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार बेटियों को बराबरी का मंच देना चाहती है।

    🧑‍🏫 क्या बदलेगा इस फैसले से?

    रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी

    • स्थानीय महिलाओं को अधिक अवसर मिलेंगे
    • बेरोजगारी दर में कमी आ सकती है
    • नौकरी में बाहरी प्रतिस्पर्धा से राहत
    • महिला सशक्तिकरण को वास्तविक धरातल पर मजबूती
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/pilibhit/pilibhit-sdrf-mock-drill-flood-preparation-devha-river/
  • Bareilly Crime News: बरेली में महिला ड्रग माफियाओं का हाईटेक सिंडिकेट ध्वस्त, हेरोइन-क्रिप्टो और हथियार बरामद

    Bareilly Crime News: बरेली में महिला ड्रग माफियाओं का हाईटेक सिंडिकेट ध्वस्त, हेरोइन-क्रिप्टो और हथियार बरामद

    Bareilly Crime News: उत्तर प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा चलाई जा रही मुहिम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बरेली यूनिट ने एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की दो महिला सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में हेरोइन, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन डिवाइस, हथियार, और अत्याधुनिक गैजेट्स बरामद किए हैं। यह कार्रवाई सिर्फ तस्करी रोकने का उदाहरण नहीं, बल्कि यह एक चेतावनी है कि अब ड्रग तस्करी तकनीकी उन्नति और संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। Bareilly Crime News

    📍 गिरफ्तार महिलाएं: तस्करी का नया चेहरा- Bareilly Crime News

    गिरफ्तार की गई मुख्य अभियुक्ता प्रियंका दास असम के कार्बी आंगलोंग जिले की रहने वाली है, जो पूर्वोत्तर भारत में ड्रग्स के प्रमुख रूट्स में से एक माना जाता है। प्रियंका को बरेली यूनिवर्सिटी रोड पर स्थित 99 बीघा के पास भारी मात्रा में हेरोइन के साथ पकड़ा गया
    वहीं दूसरी गिरफ्तारी सिमरन कौर, निवासी संजयनगर, बरेली से हुई, जिसके घर पर छापेमारी के दौरान आईपैड, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक तुला, हाईड्रोक्लोरिक एसिड, क्रिप्टो सर्वर और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई। Bareilly Crime News

    Bareilly Crime News

    ⚠️ तकनीक और रसायन की खतरनाक साझेदारी

    इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ड्रग सिंडिकेट अब केवल सप्लाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रोसेसिंग और फाइनेंसिंग में भी तकनीकी रूप से मजबूत हो चुका है।

    • हाईड्रोक्लोरिक एसिड की बरामदगी से संकेत मिला कि स्थानीय स्तर पर ही हेरोइन को प्रोसेस या रिफाइंड किया जा रहा था।
    • क्रिप्टो करेंसी सर्वर ने यह साबित किया कि नकदी के बजाय डिजिटल ट्रांजैक्शन का उपयोग किया जा रहा था जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।

    👩‍💻 महिला तस्कर: सामाजिक और साइकोलॉजिकल परतें

    महिलाओं की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि अब तस्कर पारंपरिक प्रोफाइल से बाहर निकलकर अधिक स्मार्ट और अप्रत्याशित रणनीतियों अपना रहे हैं।
    महिलाओं को इस काम में इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि उन पर संदेह की संभावना कम होती है, लेकिन एएनटीएफ ने इस भ्रम को भी तोड़ दिया।

    🕵️‍♂️ ANTF टीम की रणनीतिक सफलताइस ऑपरेशन को बरेली एएनटीएफ यूनिट ने बेहद सटीकता और समन्वय के साथ अंजाम दिया। टीम में शामिल अधिकारी:

    • प्रभारी उप निरीक्षक विकास यादव
    • हेड कांस्टेबल दिनेश यादव
    • कांस्टेबल सौरभ चौधरी, अंकित यादव, कश कुमार

    इन अधिकारियों ने मिलकर पूरे नेटवर्क को लॉजिस्टिक, फाइनेंसिंग और सप्लाई स्तर पर तोड़ा।

    ⚖️ कानूनी धाराएं और आगामी जांच- Bareilly Crime News

    दोनों आरोपियों पर NDPS एक्ट की धाराएं 8/18/21/29/60 तथा आर्म्स एक्ट 3/25 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
    प्रारंभिक पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आए हैं जिन पर गहन जांच चल रही है।

    🚨 संदेश साफ है: अब जंग डिजिटल और रसायन प्रयोगशालाओं में

    यह कार्रवाई केवल एक गिरोह का भंडाफोड़ नहीं, बल्कि यह चेतावनी है कि

    "अब तस्करी की जंग गलियों में नहीं, डिजिटल व लैबोरेट्री के अंदर लड़ी जा रही है।"

    हर गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरे तंत्र की एक परत को बेनकाब करती है।